राज्यों से – SAMACHARPACHEESA.COM https://samacharpacheesa.com Wed, 05 Feb 2025 08:07:22 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.3 महाकुंभ में बिछड़े लोगो को मिला रही है लेडी IPS अनुकृति शर्मा https://samacharpacheesa.com/?p=14834 Wed, 05 Feb 2025 08:07:22 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=14834 वेब-डेस्क :– जैसे की आप जानते है प्रयागराज महाकुम्भ में भगदड़ की वजह से बहुत सी घटनाएं घट चुकी है। कुछ लोगो ने अपनों को खो दिया तो कुछ लोगो ने अपनी जान गवा दी है। ऐसे में लेडी IPS महाकुंभ से 580 किमी दूर रहकर भी बिछड़ों को मिला रहीं है। संभल में बतौर एडिशनल SP तैनात इस युवा अफसर का प्रयास ही हैं जो देश के विभिन्न राज्यों का ही नहीं बल्कि नेपाल का एक श्रद्धालु भी सुरक्षित अपने घर पहुंच चुका है।
आईपीएस अनुकृति शर्मा महाकुंभ क्षेत्र से 580 किमी दूर रहकर भी मेले में बिछड़े लोगों को अपनों से मिलाने का काम कर रहीं आईपीएस अनुकृति शर्मा पर यह पंक्तियां सटीक बैठती हैं। ‘सीख ले फूलों से गाफिल मुद्दआ-ए-जिंदगी, खुद महकना ही नहीं गुलशन को महकाना भी है।’ अनुकृति मौनी अमावस्या के बाद से लगातार महाकुंभ में अपनों से बिछड़े लोगों को उनके घरवालों से मिलाने के लिए प्रयास कर रही हैं। वह अपने निजी प्रयासों से अब तक एक दर्जन लोगों को उनके परिवारवालों तक पहुंचा चुकी हैं। महाकुंभ में बिछड़े बच्चे को अपनों से मिलाने के लिए सोशल मीडिया पर प्रयास कर रही है। उन्होंने अपने निजी हैंडल से ऐसे लोगों की तस्वीरें साझा करनी शुरू कीं, जो की मेले में अपनों से बिछड़ गए थे। इनमें से कई ऐसे लोग भी थे जो बिछड़ने के बाद महाकुंभ मेले के खोया पाया केंद्रों पर पहुंचे थे और उनके अपनों को इसकी जानकारी ही नहीं थी। उन्होंने अपने फॉलोअरों के साथ-साथ देशभर में फैले अपने बैचमेट के साथ भी उन्होंने इन जानकारियों को साझा किया। इसी का नतीजा रहा कि अपनों से न मिलने का दर्द लेकर भटकने वाले कई चेहरों की मुस्कान उनके प्रयासों से लौट आई है। IPS अनुकृति कहती हैं कि “कुंभ में करोड़ों लोग आ रहे हैं और मेला प्रशासन व पुलिस ने बहुत से बिछड़े लोगों को अपनों से मिलाया है। ऐसे में उन्हें लगा कि अगर अपने प्रयास से वह ऐसे लोगों के लिए कुछ कर सकें तो इससे अच्छा भला क्या ही होगा। अनुकृति रह चुकी है प्रशंसित अफसर अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर नासा की वैज्ञानिक से आईपीएस अफसर बनने तक का सफर तय करने वाली अनुकृति 2020 बैच की अफसर हैं। बेहतर पुलिसिंग के साथ सामाजिक सरोकारों के प्रति चलाए गए अभियानों के लिए वह पहले भी चर्चा में रह चुकी हैं। आपको वता दे की बुलंदशहर में तैनाती के दौरान वर्षों से अंधेरे में रहने वाली बुजुर्ग महिला के घर बिजली पहुंचाने के उनके प्रयास की देश भर में सराहना हुई थी। इस घटना से संबंधित वीडियो को दो लाख व्यू मिले थे। पहली ही पोस्टिंग में उनकी ओर से चलाए गए ‘पुलिस माई फ्रेंड’ अभियान को भी जमकर प्रशंसा मिली थी।
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बुलेट ट्रेन बनी भजनलाल सरकार की तबादला एक्सप्रेस, एक ही रात में 83 RAS, 45 ASP और 155 DSP बदल डाले https://samacharpacheesa.com/?p=10501 Tue, 08 Oct 2024 04:42:58 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=10501 जयपुर. राजस्थान की भजनलाल सरकार की तबादला एक्सप्रेस बुलेट ट्रेन बन गई है. वह लगातार तेज गति से दौड़ रही है. राजस्थान सरकार ने सोमवार रात को ताबड़तोड़ तबादला सूचियां जारी कर एक ही झटके में 83 आरएएस, 45 एएसपी और 155 डीएसपी बदल डाले. एक के बाद एक आई इन सूचियों में राज्य स्तरीय 283 पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को इधर-उधर कर दिया गया. इससे पहले सरकार ने आईएएस और आरपीएस समेत अन्य अधिकारियों को बदलकर बड़ी प्रशासनिक सर्जरी की थी.

भजनलाल सरकार ने फिर बड़ी संख्या में राजस्थान प्रशासनिक और पुलिस सेवा के अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं. इसके तहत बीजेपी सरकार ने 83 आरएएस और 200 आरपीएस अधिकारी बदल डाले. इन 200 आरपीएस में 45 अतिरिक्ति पुलिस अधीक्षक और 155 पुलिस उपाधीक्षकों के तबादले कर दिए गए हैं. वहीं 83 आरएएस अधिकारियों की तबादला सूची में दर्जनों एसडीएम को इधर-उधर कर दिया गया है.

कई जिलों के अतिरिक्त जिला कलेक्टर्स बदले
इनमें सबसे पहले कार्मिक विभाग की ओर से 83 आरएएस अधिकारियों की सूची जारी की गई. इस सूची में कई उपखंडों के एसडीएम बदल दिए गए. वहीं कई जिलों के अतिरिक्त जिला कलेक्टर्स के तबादले किए गए हैं. कई अधिकारियों को रिक्त पदों पर तैनाती दी गई है. उसके बाद गृह विभाग की ओर से 45 वरिष्ठ आरपीएस अधिकारियों की सूची जारी की गई. इस सूची में 45 अतिरिक्त पुलिस अधीक्षकों के तबादले कर दिए गए.

10 एडिशनल एसपी के तबादले निरस्त किए
इस सूची में पूर्व में किए गए 10 एडिशनल एसपी के तबादले निरस्त किए गए हैं. तबादले निरस्त होने वाले अधिकारियों में एडिशनल एसपी राजेश मील, डॉक्टर तेजपाल सिंह, शालिनी राज, प्रियंका रघुवंशी और श्री मनलाल मीणा समेत अन्य अधिकारी शामिल हैं. अधिकारी इन सूचियों को देख ही रहे थे कि फिर देर रात पुलिस महानिदेशक उत्कल रंजन साहू ने 155 आरपीएस अधिकारियों की तबादला सूची जारी कर दी. इनमें कई सर्किल के डीएसपी बदल दिए गए हैं.

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भाजपा के खिलाफ ‘‘वोटों की सुनामी’’ आएगी, लोग हिंसा से परेशान: कांग्रेस https://samacharpacheesa.com/?p=6202 Fri, 10 Feb 2023 07:56:28 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=6202 अगरतला। त्रिपुरा में विधानसभा चुनाव लड़ रहे कांग्रेस-वाम गठबंधन का मानना है कि सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खिलाफ ‘‘वोटों की सुनामी’’ आएगी क्योंकि लोग सीमावर्ती राज्य में पांच साल से जारी ‘‘राजनीतिक हिंसा’’ से ‘‘निराश’’ हैं। कांग्रेस की त्रिपुरा इकाई के नेता सुदीप राय बर्मन ने ‘पीटीआई-भाषा’ को दिए वीडियो साक्षात्कार में कहा कि गठबंधन प्रस्तावित ‘ग्रेटर टिपरालैंड’ राज्य की मांग का समर्थन नहीं करता। उन्होंने कहा कि उनको लगता है कि चुनाव के बाद के परिदृश्य में टिपरा मोथा का एक ‘‘व्यावहारिक दृष्टिकोण’’ होगा। उन्होंने कहा, ‘‘ भाजपा के खिलाफ वोटों की सुनामी आएगी। लोग निरंतर हिंसा से तंग आ चुके हैं, जिसकी आड़ में सत्ताधारी पार्टी द्वारा किए गए कोई भी विकास कार्य नजर नहीं आते।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ भाजपा सरकार ने हमें जंगलराज की तरह पेश किया, विपक्ष की आवाज का गला घोंटा,कानून का कोई शासन नहीं है… मेरी भविष्यवाणी है कि कांग्रेस-वाम गठबंधन चुनाव में जीत हासिल करेगा।’’ पांच बार के विधायक एवं राज्य के एक लोकप्रिय पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे बर्मन 2016 में छह कांग्रेस विधायकों के साथ तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए थे। हालांकि ममत बनर्जी नीत पार्टी के राज्य पर अधिक ध्यान न देने का हवाला देते हुए वह एक साल बाद ही भाजपा में शामिल हो गए। ऐसा माना जाता है कि उनके समर्थकों के साथ उनके दलबदल ने 2018 विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। राय राज्य में भाजपा नीत सरकार में स्वास्थ्य मंत्री भी रह चुके हैं। पिछले साल फरवरी में वह कांग्रेस में शामिल हो गए थे।
उन्होंने कहा, ‘‘ हमारा मानना है कि इतनी अधिक संख्या में वोट हमारे पक्ष में पड़ेंगे कि अगर चुनाव में धांधली की कोशिश भी की जाए, तो भी कोई फायदा नहीं होगा। यहां तक कि अगर वे (भाजपा) किसी पार्टी (के विधायकों को) को तोड़ने में कामयाब भी हो जाते हैं, तो भी कोई फायदा नहीं होगा क्योंकि उनके पास संख्याबल होने की संभावना नहीं है… खरीद-फरोख्त यहां मुश्किल होगी, यहां के लोग राजनीतिक रूप से बहुत जागरूक हैं। ’’ त्रिपुरा के पूर्व शाही परिवार के वारिस द्वारा एक साल पहले शुरू की गई टिपरा मोथा पार्टी की ‘ग्रेटर टिपरालैंड’ की मांग पर बर्मन ने कहा, ‘‘ यह एक व्यावहारिक मांग नहीं है क्योंकि त्रिपुरा की सीमा तीन ओर से बांग्लादेश से लगती हैं, हम इस मांग का समर्थन नहीं करते हैं।’’ प्रस्तावित ‘ग्रेटर टिपरालैंड’ राज्य में विभिन्न राज्यों के हिस्से और यहां तक कि बांग्लादेश का एक हिस्सा भी शामिल है।
बर्मन ने कहा कि स्वदेशी समुदाय के नेतृत्व को मांग करने का अधिकार है, हालांकि आदिवासी क्षेत्रों में अधिक विकास की मांग पूरी करने के कई तरीके हैं। उन्होंने कहा, ‘‘ हमारे स्वदेशी लोगों में उन क्षेत्रों में विकास की रफ्तार को लेकर नाराजगी है जहां वे रहते हैं … हमें लगता है कि संवैधानिक परिवर्तनों की जरूरत है।’’ बर्मन ने कहा कि संसद में लंबित 125वें संशोधन विधेयक के पारित होने से इस दिशा में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा, ‘‘ इसके पारित होने का मतलब त्रिपुरा जनजातीय क्षेत्र स्वायत्त जिला परिषद (टीटीएएडीसी) को अधिक धन मिलेगा, त्रि-स्तरीय पंचायत प्रणाली, अधिक कार्यकारी शक्तियां सुनिश्चित होंगी और हम उन उपायों का समर्थन करने के लिए तैयार हैं।’’ राय प्रतिष्ठित अगरतला निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे हैं। त्रिपुरा की 60 सदस्यीय विधानसभा के लिए 16 फरवरी को मतदान होगा और मतगणना दो मार्च को होगी। राज्य में कांग्रेस और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने मिलकर विधानसभा चुनाव लड़ने का फैसला किया है।

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सीएम केजरीवाल के घर के बाहर भाजपा का प्रदर्शन https://samacharpacheesa.com/?p=6184 Thu, 09 Feb 2023 07:21:22 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=6184 नई दिल्ली। फीडबैक यूनिट (एफबीयू) को लेकर भाजपा गुरुवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के घर के बाहर प्रदर्शन कर रही है। प्रदर्शन के दौरान भाजपा ने दिल्ली सरकार पर जमकर निशाना साधा। प्रदेश भाजपा कार्यकारी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि दिल्ली सरकार राजनीतिक विरोधियों के प्रति दुर्भावना से काम करती है, उनके दमन में विश्वास करती है।
दमन के उद्देश्य से ही 1 फरवरी 2016 को केजरीवाल सरकार ने एफबीयू का गठन किया, ताकि राजनीतिक विरोधियों, केंद्रीय मंत्रियों, सांसदों, उपराज्यपाल कार्यालय, मीडिया हाउस, प्रमुख व्यापारियों ही नहीं न्यायाधीशों तक पर नजर रखी जा सके। उपराज्यपाल अविलंब इस संदर्भ में सीबीआई को प्राथमिकी दर्ज करने की अनुमति दें।
सचदेवा ने कहा कि अराजक परिपाटी के कारण केजरीवाल सरकार ने एफबीयू की स्थापना अपने कैबिनेट की स्वीकृति के आधार पर कर दी जिसमें बिहार पुलिस से लाए गए 17 पुलिसकर्मी व अन्य कर्मचारी रखे गए।
इनका मुखिया सेवानिवृत्त सीआईएसएफ के डीआईजी को बनाया गया। एफबीयू को एक करोड़ रुपये का स्थापना फंड दिया गया, जिसे सीक्रेट सर्विस फंड का नाम दिया गया। करोड़ों का फंड निजी जांच एजेंसियों को देकर मुखबिर खड़े किए गए।

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