देश – SAMACHARPACHEESA.COM https://samacharpacheesa.com Tue, 25 Feb 2025 04:53:05 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.3 शांति हो, लेकिन यूक्रेन की हार मंजूर नहीं… ट्रंप को मैक्रों ने बता दी यूरोप के मन की बात, मानेगा अमेरिका https://samacharpacheesa.com/?p=15619 https://samacharpacheesa.com/?p=15619#respond Tue, 25 Feb 2025 04:53:05 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=15619 फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने सोमवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ मुलाकात की. इस मुलाकात में उन्होंने कहा कि यूक्रेन में किसी भी शांति समझौते में सुरक्षा गारंटी शामिल होनी चाहिए और चेतावनी दी कि शांति का मतलब यूक्रेन का ‘आत्मसमर्पण’ नहीं हो सकता. मैक्रों ने यह भी जोर दिया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ बातचीत ने एक रास्ता दिखाया है, भले ही ट्रांसअटलांटिक संबंधों में तनाव की आशंका हो. ट्रंप और मैक्रों ने रूस के आक्रमण की तीसरी वर्षगांठ पर व्हाइट हाउस में मुलाकात की. दोनों नेताओं ने यूक्रेन में शांति सैनिकों को भेजने के विचार पर प्रगति की बात कही, हालांकि मैक्रों ने यूक्रेन के लिए अमेरिका की ओर से मिलने वाली सुरक्षा गारंटियों की जरूरत पर जोर दिया.

मैक्रों ने ट्रंप के साथ एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा, ‘यह शांति यूक्रेन के आत्मसमर्पण का कारण नहीं हो सकती.’ यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कीव में यूरोपीय नेताओं से मुलाकात कर ‘इस साल’ शांति की अपील की. ट्रंप के रूस समर्थक रुख की ओर बढ़ने की आशंका बढ़ रही है. ट्रंप ने जेलेंस्की को ‘चुनावों के बिना तानाशाह’ भी कहा. फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने कहा कि वह ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टारमर के साथ एक प्रस्ताव पर काम करेंगे, जिसमें किसी समझौते की स्थिति में यूक्रेन में शांति सैनिकों को भेजने की बात होगी. ब्रिटिश प्रधानमंत्री भी जल्द ही अमेरिका की यात्रा पर होंगे और गुरुवार को व्हाइट हाउस में ट्रंप से मुलाकात करेंगे.

मैक्रों को युद्ध खत्म होने का विश्वास
मैक्रों ने कहा, ‘राष्ट्रपति ट्रंप से बात करने के बाद, मुझे पूरा विश्वास है कि एक रास्ता निकलेगा.’ फ्रांसीसी राष्ट्रपति वाशिंगटन की यात्रा पर हैं, जबकि अमेरिकी अधिकारियों ने यूक्रेन में चल रहे संघर्ष में शांति की तलाश के लिए सऊदी अरब में शीर्ष रूसी राजनयिकों से मुलाकात की. ये बातचीत यूक्रेन और यूरोप की भागीदारी के बिना हुई. ट्रंप ने दुनिया को तब चौंका दिया जब उन्होंने रूस के साथ कूटनीति फिर से शुरू करने की तत्परता जताई. अमेरिकी राष्ट्रपति ने सोमवार को कहा कि उन्हें युद्ध समाप्त करने का विश्वास है.

]]>
https://samacharpacheesa.com/?feed=rss2&p=15619 0
सिर्फ नौकरी वालों को नहीं, अब 60 की उम्र के बाद हर आदमी को मिलेगी पेंशन, मोदी सरकार की बड़ी तैयारी https://samacharpacheesa.com/?p=15617 https://samacharpacheesa.com/?p=15617#respond Tue, 25 Feb 2025 04:49:58 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=15617 हर व्यक्ति की चाह होती है कि उसे बुढ़ापे में पेंशन मिले, लेकिन यह सिर्फ सरकारी और प्राइवेट कर्मचारियों के लिए ही उपलब्ध है. हालांकि, अब सरकार एक ऐसी योजना पर काम कर रही है जिससे पेंशन को लेकर आम आदमी का सपना सच हो जाएगा. दरअसल, सरकार एक यूनिवर्सल पेंशन स्कीम (Universal Pension Scheme) पर विचार कर रही है, जो वॉलेंट्री (इच्छा से) और अंशदायी योजना होगी व इसका उद्देश्य सभी नागरिकों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना होगा.

ईटी की रिपोर्ट के अनुसार, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने अम्ब्रेला पेंशन स्कीम पर विचार-विमर्श शुरू कर दिया है. अधिकारियों ने इस बात की जानकारी दी है. एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने ईटी को बताया, “यह योजना स्वैच्छिक और अंशदायी होगी, रोजगार से जुड़ी नहीं होगी और इसलिए हर कोई इसमें योगदान कर सकता है और पेंशन कमा सकता है.”

मामले की जानकारी रखने वाले लोगों ने बताया कि कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के तहत योजना पर व्यापक स्तर पर काम किया जा रहा है. इस स्कीम का खाका तैयार होने के बाद, मंत्रालय योजना को अंतिम रूप देने के लिए हितधारकों से परामर्श करेगा.

यूनिवर्सल पेंशन स्कीम कार्यक्रम को और आकर्षक बनाने के लिए इसमें कुछ मौजूदा केंद्रीय योजनाओं को शामिल किया जाएगा, ताकि समाज के सभी वर्गों तक कवरेज बढ़ाते हुए प्रक्रिया को सुव्यवस्थित किया जा सके.

इस योजना का उद्देश्य असंगठित क्षेत्र के कामगारों, व्यापारियों और स्वरोजगार करने वाले व्यक्तियों तथा अंशदायी आयु वर्ग (18 वर्ष या उससे अधिक) के सभी लोगों को लाभ पहुंचाना है, जो 60 वर्ष के बाद पेंशन लाभ प्राप्त करना चाहते हैं.

स्कीम में इन योजनाओं का विलय संभव

कुछ मौजूदा सरकारी योजनाएँ जिन्हें इस अम्ब्रेला योजना के अंतर्गत विलय किया जा सकता है, उनमें प्रधानमंत्री-श्रम योगी मानधन योजना (पीएम-एसवाईएम) और व्यापारियों और स्वरोजगार करने वालों के लिए राष्ट्रीय पेंशन योजना (एनपीएस-ट्रेडर्स) शामिल हैं। दोनों ही स्वैच्छिक प्रकृति की हैं और नामांकन के समय आयु के आधार पर 55 से 200 रुपये तक के अंशदान पर ग्राहकों को 60 वर्ष की आयु के बाद 3,000 रुपये की मासिक पेंशन का अधिकार देती हैं, और सरकार से भी उतना ही अंशदान मिलता है

]]>
https://samacharpacheesa.com/?feed=rss2&p=15617 0
इस साल कितना बढ़ेगा भारत का शेयर बाजार? अमेरिका के दिग्गज ब्रोकरेज फर्म ने कर दी है भविष्यवाणी https://samacharpacheesa.com/?p=15615 https://samacharpacheesa.com/?p=15615#respond Tue, 25 Feb 2025 04:47:58 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=15615 भारतीय शेयर बाजार में बीते कुछ महीनों से भारी गिरावट देखी जा रही है. हालांकि, अब अच्छी खबर आ गई है. ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म सिटी भारतीय शेयर बाजार को लेकर बुलिश है. सिटी ने सोमवार को कहा कि उनको उम्मीद है कि निफ्टी 50 इंडेक्स इस साल दिसंबर तक 26,000 के लेवल को छू सकता है, जो कि मौजूदा लेवल से 15 फीसदी की तेजी को दर्शाता है.

ब्रोकरेज फर्म ने भारत पर अपने आउटलुक को अपग्रेड कर ‘न्यूट्रल’ से ‘ओवरवेट’ कर दिया गया. इसकी वजह भारतीय शेयर बाजार का आकर्षक वैल्यूएशन पर होना और खपत में सुधार होना है. सिटी ने भारतीय शेयर बाजार में तेजी आने के कई कारण गिनाए हैं.

रेपो रेट में हो सकती है और कटौती
ब्रोकरेज हाउस का कहना है कि वित्त वर्ष 2025-26 में आम बजट में इनकम टैक्स में कटौती से देश में खपत को बढ़ावा मिलेगा. वहीं, कैपिटल एक्सपेंडिचर में सुधार हो रहा है. आंकड़ों से पता चलता है कि सरकार ग्रोथ रेट को बढ़ने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर पर लगातार खर्च कर रही है. ब्रोकरेज हाउस ने आगे रिपोर्ट में बताया कि आरबीआई की ओर से इस महीने की शुरुआत में रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट्स की कटौती की जा चुकी है और हमें उम्मीद है कि आने वाले समय में और 50 बेसिस प्वाइंट्स की कटौती की जा सकती है

शेयर बाजार में बिकवाली के बाद भी ब्रोकरेज ने किया अपग्रेड
ब्रोकरेज हाउस का कहना है कि भारत की इकोनॉमी घरेलू फैक्टर्स से संचालित होती है जो इसे अमेरिकी टैरिफ पॉलिसी पर चिंताओं सहित ग्लोबल अनिश्चितताओं का सामना करने के लिए सक्षम बनाता है. यह अपग्रेड ऐसे समय पर आया पर जब भारतीय शेयर बाजार में लगातार बिकवाली देखने को मिल रही है.

]]>
https://samacharpacheesa.com/?feed=rss2&p=15615 0
‘विदेश मत चले जाइएगा…’ डॉक्टर्स से क्या बोलीं ममता बनर्जी? RG कर कांड की याद और लोहे की जंजीरों का दिखाया डर https://samacharpacheesa.com/?p=15613 https://samacharpacheesa.com/?p=15613#respond Tue, 25 Feb 2025 04:44:13 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=15613 पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सोमवार को 675 सीनियर और जूनियर डॉक्टरों के साथ बैठक की. इस बैठक को ‘डॉक्टरों का सम्मेलन’ और ‘चिकित्सा सेवा ही मानव सेवा है’ नाम दिया गया, जिसमें राज्य के मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों के डॉक्टर शामिल हुए. हालांकि इस दौरान उन्होंने डॉक्टरों से कुछ ऐसा कह दिया, जिससे विवाद हो गया.

ममता बनर्जी ने डॉक्टरों को संबोधित करते हुए कहा, ‘आप लोगों से कहूंगी कि विदेश मत चले जाइएगा. यहीं बंगाल में रहिये, देखिये ‘लोहे की जंजीरें’ (डिपोर्ट किए जाने वाले के साथ) क्या हो रहा है…

तृणमूल चीफ ने इसके साथ ही आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में लेडी डॉक्टर से बलात्कार के बाद उसकी हत्या के जिम्मेदार लोगों के लिए सोमवार को सख्त सजा की मांग की. उन्होंने जान गंवाने वाली लेडी डॉक्टर को अपनी ‘बहन’ बताया और पीड़िता के माता-पिता के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की. डॉक्टर की अस्पताल में बलात्कार के बाद हत्या कर दी गई थी.

धोनो धन्यो ऑडिटोरियम में सीनियर-जूनियर डॉक्टरों और मेडिकल छात्रों की एक विशेष सभा को संबोधित करते हुए ममता ने कहा, ‘मैं उस परिवार के लिए संवेदनशील हूं, मैं आरोपी की ज्यादा से ज्यादा सजा की मांग करती हूं. मैं अपने भाइयो को कहूंगी कि बहनों की रक्षा करो… और बहनों को भी भाइयों की रक्षा करनी चाहिए.’

इसके साथ ही उन्होंने कहा, ‘अगर पेशेंट यह देखता है कि डॉक्टर ने अच्छी ट्रीटमेंट की हैं, तो वे बड़े ही खुश होकर घर जाते हैं. हालांकि सोशल मीडिया पर कई बार डॉक्टर्स को लेकर काफी गलत कैंपेन चलाया जाता है. यह ठीक नहीं कि हर डॉक्टर ऐसे हैं. फेक वीडियो की तरह फेक मेडिसिन भी निकली हैं. अगर डॉक्टर्स एक साथ एकजुट होकर रहते हैं तो वह राजनीति से परे होंगे. डॉक्टरों का काम ही सेवा करना.’

न्याय सुनिश्चित करने के लिए अपनी सरकार के प्रयासों पर प्रकाश डाला और अपराजिता विधेयक पेश करने पर जोर दिया, जिसमें बलात्कार के दोषियों के लिए मृत्युदंड का प्रावधान किया गया है. उन्होंने कहा, ‘मैं भी इस घटना के विरोध में सड़कों पर उतरी थी. हमारी सरकार ने अपराजिता विधेयक पारित किया था, लेकिन यह अब भी (राष्ट्रपति के पास) लंबित है.’

]]>
https://samacharpacheesa.com/?feed=rss2&p=15613 0
तेलंगाना: सुरंग में 11KM तक भरा पानी, मजदूरों के बाहर निकलने का चांस कम, अब क्या होगा? https://samacharpacheesa.com/?p=15611 https://samacharpacheesa.com/?p=15611#respond Tue, 25 Feb 2025 04:37:50 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=15611 तेलंगाना में सुरंग का ए‍क हिस्सा ढहने से भीतर फंसे मजदूरों के बचने की संभावना कम है. हादसे में श्रीशैलम सुरंग नहर परियोजना के अंदर करीब 14 किलोमीटर दूर आठ मजदूर फंसे हैं. रेस्क्यू ऑपरेशन तेजी से चल रहा है, लेकिन पानी और मलबे की वजह से बचाव कार्य चुनौतीपूर्ण हो गया है. सुरंग में ऑक्सीजन और बिजली की सप्लाई बहाल कर दी गई है. पानी निकालने और मलबा हटाने का काम तेज किया जा रहा है. बचाव दल ने 13.5 किलोमीटर दूर से मजदूरों को आवाज दी, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला. अभी भी 200 मीटर का हिस्सा बचा है, जहां मजदूर हो सकते हैं. टीमों को उनके पास पहुंचने के बाद ही असल स्थिति का पता चलेगा. रेस्क्यू ऑपरेशन अभी भी जारी है. मजदूरों के परिवार और पूरे देश की निगाहें इस बचाव अभियान पर टिकी हुई हैं.

पानी बना सबसे बड़ी रुकावट

रेस्क्यू में शामिल सिंगरेनी कोलियरीज के जनरल मैनेजर श्रीनिवास रेड्डी ने बताया, “सुरंग में 11 किलोमीटर तक पानी भर गया है. मजदूरों के बाहर आने की संभावना बहुत कम है, लेकिन हम पूरी कोशिश कर रहे हैं.” रविवार को जिला कलेक्टर बी. संतोष ने जानकारी दी कि रेस्क्यू टीम सुरंग के उस हिस्से तक पहुंच गई है, जहां घटना के समय टीबीएम (टनेल बोरिंग मशीन) काम कर रही थी. हालांकि, गाद (sludge) के कारण आगे बढ़ना मुश्किल हो रहा है.

रेस्क्यू ऑपरेशन में लगीं कई टीमें

  • NDRF की 4 टीमें (एक हैदराबाद से, तीन विजयवाड़ा से) – कुल 138 सदस्य
  • भारतीय सेना के 24 जवान
  • SDRF और SCCL के 23 विशेषज्ञ कर्मी
  • भारी उपकरणों के साथ राहत कार्य जारी

अब तक कोई संपर्क नहीं

एनडीआरएफ अधिकारी ने बताया कि शनिवार रात को एक टीम सुरंग में गई थी. वहां बहुत सारा मलबा और पानी भरा हुआ था. टीबीएम क्षतिग्रस्त हो चुकी है और उसके टुकड़े बिखरे पड़े हैं. उन्होंने कहा, “13.5 किलोमीटर तक हमारी टीम पहुंच चुकी है, लेकिन वहां दो किलोमीटर पानी भरा है. भारी मशीनें अंतिम बिंदु तक नहीं पहुंच पा रही हैं. पानी निकालने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है.”

]]>
https://samacharpacheesa.com/?feed=rss2&p=15611 0
FD चुनें या स्मॉल सेविंग स्कीम? किसमें मिलेगा तगड़ा रिटर्न https://samacharpacheesa.com/?p=15596 Mon, 24 Feb 2025 14:18:23 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=15596 फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) बेहतर रहेगा या स्मॉल सेविंग स्कीम में न केवल गारंटीड रिटर्न मिलता है बल्कि पैसे भी सुरक्षित रहता है. अगर आप निवेश करना चाहते हैं तो सोच रहे होंगे कि फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) बेहतर रहेगा या स्मॉल सेविंग स्कीम? इसमें निवेश करने से पहले आपको रिटर्न और दूसरे फायदों की तुलना कर लेनी चाहिए.

आमतौर पर एफडी निवेशकों को सालाना 6.7 से 7 फीसदी तक का ब्याज देता है, जबकि अन्य टैक्स सेविंग स्कीम थोड़ी ज्यादा रिटर्न देती हैं. मौजूदा ब्याज दरों के अनुसार, पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) सालाना 7.1 फीसदी का रिटर्न देता है. सीनियर सिटिजन सेविंग्स स्कीम पर निवेशकों को सालाना 8.2 फीसदी का ब्याज मिलता है. सुकन्या समृद्धि अकाउंट पर सालाना 8.2 फीसदी तक का रिटर्न मिलता है. नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC) पर 7.7 फीसदी का रिटर्न है और किसान विकास पत्र (KVP) पर 7.5 फीसदी का रिटर्न मिलता है.

टैक्स सेविंग्स
एक बात निवेशकों को ध्यान में रखना चाहिए, वह यह है कि न्यू टैक्स रिजीम – जो अब डिफॉल्ट रिजीम भी है – में टैक्सपेयर्स को उनके निवेश पर छूट का दावा करने का अधिकार नहीं है. इसका मतलब है कि जब आप पीपीएफ और अन्य स्मॉल सेविंग स्कीम में निवेश करते हैं, तो निवेश की गई इनकम को कोई विशेष छूट नहीं मिलेगी और यह एक टर्म डिपॉजिट में निवेश की तरह ही टैक्सेबल होगी.

हालांकि, इन निवेशों से बाद के वर्षों में कमाई गई इनकम टैक्स फ्री होगी, जो कि फिक्स्ड डिपॉजिट के ब्याज पर लागू नहीं होती. अगर आप कम टैक्स ब्रैकेट या जीरो टैक्स ब्रैकेट में आते हैं, तो इससे ज्यादा फर्क नहीं पड़ता. लेकिन जो लोग 30 फीसदी इनकम टैक्स ब्रैकेट में आते हैं, वे फिक्स्ड डिपॉजिट में पैसा लॉक करने पर अपनी ब्याज आय का लगभग एक-तिहाई हिस्सा खो देते हैं. 20 फीसदी टैक्स ब्रैकेट में आने वाले लोग एफडी के मामले में अपनी आय का एक-पांचवां हिस्सा टैक्स के रूप में खो देंगे. मिंट के बात करते हुए अपना धन फाइनेंशियल सर्विसेज की फाउंडर प्रीति जेंडे ने कहा कि हर निवेश प्रोडक्ट की अपनी विशेषताएं और फायदे होते हैं और इन्हें उसी के अनुसार चुना जाना चाहिए.

]]>
कटे-फटे नोटों के बदले मिलेंगे करारे नोट व सिक्के, बैंक तक जाने जरूरत नहीं https://samacharpacheesa.com/?p=15594 Mon, 24 Feb 2025 14:11:11 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=15594 क्या आप जानते हैं देश में बैंक नोट मेले भी लगते हैं, जहां आरबीआई और अन्य बैंकों के अधिकारी लोगों को नोटों से जुड़ी कई सेवाएं देते हैं. दरअसल, बैंक नोट एक्सचेंज मेला एक ऐसा आयोजन है, जिसमें लोग गंदे या कटे-फटे नोटों को बदल सकते हैं और उनके स्थान पर नए नोटों या सिक्के प्राप्त कर सकते हैं. भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) वित्तीय साक्षरता और क्लीन नोट पॉलिसी को बढ़ावा देने के लिए इन आयोजनों का आयोजन करता है. रिजर्व बैंक समय-समय पर बैंक नोट एक्सचेंज मेला लगाए जाने की जानकारी मीडिया के जरिए देता है.

बैंक नोट मेले के साथ-साथ आरबीआई बैंक कॉइन मेले का आयोजन भी करता है. आइये आपको बताते हैं रिजर्व बैंक की ओर से आयोजित होने वाले इस मेले में क्या-क्या सुविधाएं मिलती हैं.

आरबीआई या बैंक ब्रांच, बैक नोट मेले जैसे आयोजन में एक स्टॉल लगाती हैं.

-इन स्टॉल पर विजिटर्स अपने कटे-फटे और गंदे नोटों को नए नोटों या सिक्कों से बदल सकते हैं.

-नोट बदलने के अलावा इस आयोजन में वित्तीय साक्षरता भी दी जाती है. साइबर व डिजिटल धोखाधड़ी के बारे में समझाया जाता है.

एचटी की रिपोर्ट के अनुसार, झारखंड के जमशेदपुर में स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया में नोट एक्सचेंज मेला आयोजित करेगा. यहां लोग पुराने नोटों के बदले नए नोट प्राप्त कर सकेंगे.

यहां भी बदले जा सकते हैं खराब नोट

-इसके अलावा, आप कटे-फटे व पुराने नोटों को बैंक और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के कार्यालयों में भी बदल सकते हैं.

-बैंक में आप रोजाना ₹5,000 मूल्य के 20 नोट तक निःशुल्क एक्सचेंज करा सकते हैं.

अगर आप एक दिन में 20 से ज्यादा नोट या ₹5,000 से अधिक कीमत के नोट बदलते हैं, तो बैंक उन्हें रसीद के आधार पर स्वीकार कर सकता है. इसके लिए बैंक सेवा शुल्क भी ले सकता है.

]]>
छिपाया मोबाइल, ChatGPT से निकाला जवाब, पकड़े जाने पर मिली सख्त सजा https://samacharpacheesa.com/?p=15592 Mon, 24 Feb 2025 13:59:33 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=15592 सीबीएसई बोर्ड परीक्षा 15 फरवरी 2025 से शुरू हुई थी. अभी तक जितने भी पेपर हुए हैं, उनमें 12वीं फिजिक्स का पेपर सबसे कठिन बताया जा रहा है. सीबीएसई बोर्ड पेपर लीक और परीक्षा के दौरान नकल या अफवाह फैलाने जैसे मामलों को लेकर काफी सख्त है. केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने सीबीएसई परीक्षा शुरू होने से पहले ही सख्त गाइडलाइंस जारी कर दी थीं. इसके बावजूद सूरत से बोर्ड परीक्षा में नकल का मामला सामने आया है.

बच्चे हों या बड़े, इन दिनों सभी चैटजीपीटी और अन्य एआई टूल्स का इस्तेमाल कर रहे हैं (ChatGPT). जहां बच्चे पढ़ाई करने या नोट्स बनाने के लिए चैटजीपीटी का यूज़ कर रहे थे, वहीं गुजरात के सूरत में 2 स्टूडेंट्स इससे नकल करते हुए पाए गए. सीबीएसई बोर्ड परीक्षा में चैट जीपीटी से नकल करने पर 2 छात्रों को दो साल के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया है. सूरत में यह वाकया शुक्रवार को CBSE बोर्ड 12वीं फिजिक्स परीक्षा के दौरान सामने आया है. दोनों परीक्षा केंद्रों पर सख्ती बढ़ा दी गई है.

सीबीएसई ने कसी नकेल
सूरत की लोकल मीडिया रिपोर्ट्स के अमुसार, 12वीं क्लास के दो छात्रों को ChatGPT का इस्तेमाल करके नकल करते हुए पकड़ा गया. ये दोनों छात्र 12वीं फिजिक्स की परीक्षा में चैटजीपीटी नाम के AI एप्लिकेशन से जवाब लिख रहे थे. इन दोनों को सीबीएसई के नए नियमों के तहत सज़ा दी गई है. ये छात्र अब 2025-26 और अगले सत्र यानी 2026-27 में बोर्ड परीक्षा नहीं दे पाएंगे. इनमें से एक छात्र लसकाना के स्वामीनारायण मिशन स्कूल में और दूसरा पिपलोद के माहेश्वरी विद्यापीठ स्कूल में पकड़ा गया.

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दोनों स्टूडेंट्स मोबाइल फोन छिपाकर लाए थे. वे बीच में वॉशरूम जाकर ChatGPT पर जवाब ढूंढ रहे थे. फिर क्लास में मोबाइल को पेपर के नीचे रखकर आंसर लिख रहे थे. लेकिन अचानक पर्यवेक्षक की नजर उन पर पड़ गई और उन्हें नकल करते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया गया. मोबाइल और चैट जीपीटी के सहारे नकल के खुलासे के बाद परीक्षा केंद्र पर सख्ती बढ़ाई गई है

]]>
बांग्लादेश में एयरफोर्स बेस पर बदमाशों का हमला, कट्टरपंथियों की गोद में बैठे मोहम्मद यूनुस को बड़ा झटका https://samacharpacheesa.com/?p=15590 Mon, 24 Feb 2025 13:30:17 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=15590 बांग्लादेश में एयरफोर्स स्टेशन पर हमला हुआ है. कॉक्स बाजार में समिति पारा के पास वायुसेना अड्डे पर अचानक कुछ बदमाशों ने हमला बोल दिया. बांग्लादेश की इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस यानी ISPR ने एक नोटिफिकेशन में इसकी जानकारी दी है. इस नोटिफिकेशन पर ISPR की सहायक निदेशक आयशा सिद्दीका ने हस्ताक्षर किए हैं. इसमें कहा गया है कि वायु सेना जवाब में आवश्यक कार्रवाई कर रही है. कार्रवाई में एक हमलावर की मौत हो गई है.

बांग्लादेश इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) के मुताबिक सोमवार यानी 24 फरवरी को कॉक्स बाजार में बने बांग्लादेश एयर फोर्स (BAF) के अड्डे पर कुछ बदमाशों ने अचानक हमला कर दिया. बदमाश समिति पारा क्षेत्र के थे. टीबीएस न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक कॉक्स बाजार के डिप्टी कमिश्नर मोहम्मद सलाहुद्दीन ने पुष्टि की कि दोपहर में स्थानीय लोगों और BAF कर्मियों के बीच झड़प हुई. सलाहुद्दीन ने आगे कहा कि इस झड़प के कारणों की जांच दोनों पक्षों से बातचीत के जरिए की जाएगी और आवश्यक कदम उठाए जाएंगे.

कॉक्स बाजार जिला अस्पताल के प्रभारी सैफुल इस्लाम ने बताया कि घटना दोपहर 12 बजे हुई. पुलिस के मुताबिक, झड़प के दौरान शिहाब कबीर को गोली लगी और बाद में उसकी मौत हो गई. शिहाब वार्ड नंबर 1 के समिति पारा के निवासी नासिर उद्दीन का बेटा है और एक स्थानीय व्यापारी है. रिपोर्ट्स के मुताबिक घटनास्थल पर पुलिस किसी को जाने नहीं दे रही है. पुलिस ने यह नहीं बताया कि आखिर झड़प कैसे शुरू हुई और हमला क्यों किया गया. क्षेत्र में सुरक्षा उपाय बढ़ा दिए गए हैं.

बांग्लादेश का यह एयरफोर्स बेस रणनीतिक लिहाज से उसके लिए बेहद खास है. एयरफोर्स बेस बांग्लादेश और म्यांमार सीमा के करीब है. इसके अलावा यहां से बांग्लादेश बंगाल की खाड़ी में नजर रख सकता है. यहां एक ही हवाई पट्टी है और आसपास आबादी बसी हुई है.

]]>
पाकिस्तानियों ने तोड़े TV, पर आतंकी भी बौखलाए, दुबई में हार के बाद क्या प्लान कर रहा ISIS? ट्रॉफी पर खतरा https://samacharpacheesa.com/?p=15588 Mon, 24 Feb 2025 13:15:47 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=15588 पाकिस्तान में चल रही चैंपियंस ट्रॉफी में पाकिस्तान की लगातार हार हो रही है. रविवार को भारत के साथ क्रिकेट मैच में वह हार गया. इसके चलते वहां मौजूद आतंकवादी संगठन इस ट्रॉफी के अन्य मैचों को निशाना बना सकते हैं. आतंकी अपहरण और हमले का प्लान कर रहे हैं. बताया जा रहा है कि आतंकवादी संगठन ISIS के प्रमुख ने 3 दिन पहले पाकिस्तान की यात्रा की थी. इस यात्रा के तहत उसने बलूचिस्तान में आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट खुरासन प्रोविंस (IS-KP) के आतंकवादियों से मुलाकात भी की थी. दिलचस्प है कि कुख्यात आतंकी सरगना अब्दुल कादिर पाकिस्तान आ रहा है इस बाबत पाकिस्तानी फौज और खुफिया एजेंसी को भी सूचना थी लेकिन उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई.

पाकिस्तान में चैंपियंस ट्रॉफी के तहत अभी लगभग 10 मैच होने हैं. बांग्लादेश समेत अन्य देशों की अनेक टीमें पाकिस्तान के इस्लामाबाद और कराची में मौजूद हैं. जो मैच अभी लंबित है उनमें से तीन मैच रावलपिंडी में, तीन मैच लाहौर में और दो मैच कराची में होंगे. बताया जा रहा है कि इनमें से आठ मैच सीधे तौर पर आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट के निशाने पर हैं. इस बाबत सोशल मीडिया पर एक पोस्ट भी आया है, जिसमें आतंकी संगठन को दिखाया गया है और अंग्रेजी में लिखा है कि चैंपियंस ट्रॉफी इस्लामिक स्टेट के निशाने पर हो सकती है. इस पोस्ट में एक कोने पर चैंपियंस ट्रॉफी 2025 का एक छोटा फोटो भी इंसर्ट किया गया है.

पहले आतंकियों ने किया है हमला
एक आतंकवादी संगठन से संबंध रखने वाली वेबसाइट ने भी इस हमले की बाबत जानकारी दी है. फिलहाल चैंपियंस ट्रॉफी पर आतंकवाद के मंडराते खतरे को देखते हुए पाकिस्तान फौज ने होने वाले मैच से पहले स्टेडियम के आसपास की सुरक्षा को और कड़ा कर दिया है. इससे पहले साल 2009 में आतंकवादी संगठन श्रीलंका की क्रिकेट टीम पर आत्मघाती हमला कर चुके हैं. फिलहाल इस खतरे को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसियों ने अन्य देशों के साथ भी साझा किया है.

]]>