देश-विदेश – SAMACHARPACHEESA.COM https://samacharpacheesa.com Mon, 24 Feb 2025 06:46:53 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.3 भारत से जलील होने के बाद आज न्यूजीलैंड की हार की दुआ करेगा पाकिस्तान, सेमीफाइनल का नया समीकरण https://samacharpacheesa.com/?p=15575 https://samacharpacheesa.com/?p=15575#respond Mon, 24 Feb 2025 06:46:53 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=15575 टूर्नामेंट के पहले मैच में न्यूजीलैंड से मुंह की खाने और दूसरे मुकाबले में भारत के हाथों जलील होने के बाद अब पाकिस्तान का चैंपियंस ट्रॉफी से बाहर होना तय है. पाकिस्तान के ताबूत पर आखिरी कील आज होने वाले मुकाबले के बाद पड़ सकती है. दरअसल, ग्रुप ए में आज न्यूजीलैंड और बांग्लादेश की टक्कर है, जिसमें न्यूजीलैंड के जीतते ही ग्रीन आर्मी का बोरिया बिस्तर बंध जाएगा.

न्यूजीलैंड की टीम ने अपने पहले मैच में मेजबान पाकिस्तान को 60 रन से हराकर अपने अभियान का शानदार आगाज किया था. इस बड़ी जीत से उसका नेट रन रेट भी अच्छा हुआ है. फिलहाल दो मैच में दो जीत और +0.647 के साथ भारत पहले पायदान पर है, लेकिन अगर न्यूजीलैंड आज जीत जाता है तो दो मैच में दो जीत के साथ वह पॉइंट्स टेबल पर सबसे ऊपर चला जाएगा क्योंकि उसका NRR फिलहाल +1.200 है.

बांग्लादेश को अपने पहले मैच में भारत के हाथों छह विकेट से करारी हार का सामना करना पड़ा था. -0.048 के साथ उसका नेट रन रेट भी खराब है. ऐसे में एक और हार उसे तो टूर्नामेंट से बाहर कर ही देगी साथ ही साथ मेजबान पाकिस्तान का भी खेल खत्म हो जाएगा. दो मैच में दो हार के साथ पाकिस्तान ग्रुप ए में सबसे आखिरी पोजिशन पर है. उसका नेट रन रेट -1.087 है.

न्यूजीलैंड ने पहले मैच में खेल के हर विभाग में अच्छा प्रदर्शन किया था. पाकिस्तान में त्रिकोणीय श्रृंखला खेलने से उसे परिस्थितियों से सामंजस्य बिठाने में मदद मिली. लेकिन बांग्लादेश के खिलाफ मैच से पहले उसे अपनी अंतिम एकादश का चयन करने के लिए थोड़ा माथापच्ची करनी होगी क्योंकि रचिन रविंद्र सिर की चोट से उबरकर वापसी करने के लिए तैयार हैं.

न्यूजीलैड का स्क्वॉड: मिशेल सेंटनर (कप्तान), माइकल ब्रेसवेल, मार्क चैपमैन, डेवोन कॉनवे, लॉकी फर्ग्यूसन, मैट हेनरी, टॉम लैथम, डेरिल मिशेल, विल ओ’रूर्के, ग्लेन फिलिप्स, रचिन रवींद्र, नाथन स्मिथ, केन विलियमसन, विल यंग, ​​जैकब डफी

बांग्लादेश का स्क्वॉड: नजमुल हुसैन शान्तो (कप्तान), सौम्या सरकार, तंजीद, हसन, तौहीद हृदोय, मुश्फिकुर रहीम, एमडी महमूद उल्लाह, जाकर अली अनिक, मेहदी हसन मिराज, रिशाद हुसैन, तस्कीन अहमद, मुस्तफिजुर रहमान, परवेज हुसैन इमोन, नसुम अहमद, तंजीम हसन साकिब, नाहिद राणा

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15 दिन तक मिलिट्री एक्सरसाइज करेंगे भारत और जापान, सुनकर खड़े हो गए चीन-पाकिस्तान के कान https://samacharpacheesa.com/?p=15480 Sat, 22 Feb 2025 15:36:57 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=15480 भारत और जापान के बीच 15 दिन तक चलने वाला संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘धर्म गार्डियन’ 24 फरवरी से शुरू हो रहा है. यह युद्धाभ्यास 9 मार्च 2025 तक जापान के पूर्वी फूजी युद्धाभ्यास प्रशिक्षण क्षेत्र में चलेगा. इस एक्सरसाइज का मकसद दोनों सेनाओं के बीच तालमेल बढ़ाना और शहरी युद्ध तथा आतंकवाद रोधी अभियानों में सहयोग को मजबूत करना है. रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, यह अभ्यास क्षेत्रीय सुरक्षा, शांति और स्थिरता की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है. यह एक स्वतंत्र, खुले और समावेशी हिंद-प्रशांत क्षेत्र की रणनीति को भी आगे बढ़ाता है. भारतीय सेना की एक टुकड़ी इस अभ्यास में शामिल होने के लिए जापान रवाना हो चुकी है. इसमें मुख्य रूप से मद्रास रेजिमेंट की एक बटालियन के 120 सैनिक शामिल हैं. वहीं, जापान ग्राउंड सेल्फ डिफेंस फोर्स (JGSDF) की ओर से 34वीं इन्फैंट्री रेजिमेंट के 120 सैनिक भाग लेंगे.

क्या है ‘धर्म गार्डियन’?

‘धर्म गार्डियन’ एक सालाना अभ्यास है, जो भारत और जापान में बारी-बारी से आयोजित किया जाता है. पिछली बार यह युद्धाभ्यास फरवरी-मार्च 2024 में राजस्थान में हुआ था. इस बार जापान इसकी मेजबानी कर रहा है. रक्षा मंत्रालय के बयान के अनुसार, यह अभ्यास उच्च स्तर की शारीरिक फिटनेस, संयुक्त योजना और सामरिक रणनीति पर केंद्रित होगा. सैनिकों को शहरी युद्ध की चुनौतियों से निपटने और आतंकवाद विरोधी अभियानों को अंजाम देने की ट्रेनिंग दी जाएगी.

भारत और जापान का यह सैन्य सहयोग चीन और पाकिस्तान के लिए चिंता का विषय बन सकता है. हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत और जापान की बढ़ती साझेदारी से चीन की समुद्री गतिविधियों पर नजर रखने में मदद मिलेगी. कई रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह अभ्यास दोनों देशों की सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल बनाने में कारगर साबित होगा.

अक्टूबर 2024 में भारतीय सेना प्रमुख की जापान यात्रा के बाद दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति बनी थी. इसी कड़ी में ‘धर्म गार्डियन’ सैन्य अभ्यास भारत और जापान के बीच रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करेगा.

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भारत में वोटर टर्न-आउट बढ़ाने की टेंशन हम क्‍यों लें? ट्रंप ने लगातार तीसरे दिन दोहराई बात, कहां लगा रहे निशाना https://samacharpacheesa.com/?p=15478 Sat, 22 Feb 2025 15:33:24 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=15478 अमेरिका के राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्र्रंप के एक बयान के बाद इस वक्‍त भारत में कांग्रेस और भाजपा के बीच तलवारें खिची हुई हैं. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने लगातार तीसरे दिन इस बात पर जोर दिया कि भारत का चुनाव में वोटर टर्नआउट बढ़ाने की टेंशन अमेरिका क्‍यों लेगा. उन्‍होंने जो बाइडेन प्रशासन द्वारा इसके लिए दी गई 21 मिलियन डॉलर की रकम का जिक्र किया. ट्रंप ने यह दावा किया कि अमेरिका ने यह राशि भारत में मतदाता भागीदारी बढ़ाने के लिए साल 2022 में दी थी. भारतीय विदेश मंत्रालय ने इसपर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए इसे चिंताजनक करार दिया.

मीडिया रिपोर्ट सामने आने के बाद बीजेपी की तरफ से आरोप लगाए गए कि कांग्रेस ने भारत के चुनावों में विदेशी हस्तक्षेप के लिए पैसे लिए. हालां‍कि कांग्रेस ने आरोपों का खंडन किया. विदेश मंत्रालय ने इस पूरे प्रकरण पर कहा कि USAID भारत के कई मंत्रालयों के साथ मिलकर काम करता है लेकिन हम अपनी संप्रभुता व चुनावी प्रक्रिया में विदेशी मदद स्‍वीकार नहीं करेंगे. दरअसल, डोनाल्‍ड ट्रंप का मकसद जो बाइडेन सरकार को घेरना था लेकिन इसपर भारत में राजनीति तेज हो गई है. मौके का फायदा उठाते हुए भाजपा ने ट्रम्प के एक्स पर दिए गए बयान को साझा किया, जिसमें विपक्ष द्वारा उनके खिलाफ रिपोर्ट का उपयोग करने की आलोचना की गई. बीजेपी प्रवक्ता गौरव भाटिया ने ट्रंप के बयान पर रिएक्‍शन देते हुए कहा कि कांग्रेस शासन के दौरान भारत में अलग-अलग NGO को विदेशों से मिलने वाली फंडिंग बढ़ी है, ताकि राहुल गांधी को चुनावों में फायदा पहुंचाया जा सके.

अमित मालवीय ने उठाए सवाल
भाजपा के अमित मालवीय ने ट्वीट किया कि लगातार तीसरे दिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भारत में मतदान को बढ़ावा देने के लिए USAID के वित्तपोषण के प्रयासों के बारे में अपना दावा दोहराया. लेकिन उन्हें अपने देश के खर्च के बारे में क्या पता है? उन्‍होंने इसमें एक भारतीय अखबार की रिपोर्ट का भी नाम लिया.

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने रिपोर्ट पर सवाल किया कि क्या भाजपा का यह राष्ट्र-विरोध नहीं है कि वह तथ्यों की पुष्टि किए बिना विपक्षी दलों पर तुरंत उंगली उठा रही है. आरोप लगाया गया कि भाजपा सबसे लंबे समय तक विपक्ष में रही है और समय-समय पर सरकार को अस्थिर करने के लिए बाहरी ताकतों से प्रत्यक्ष और अनैतिक मदद लेती रही है.

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‘Political COVID’ से भारतीय लोकतंत्र पर खतरा, USAID वाले खुलासे पर VP जगदीप धनखड़ का बड़ा बयान https://samacharpacheesa.com/?p=15476 Sat, 22 Feb 2025 15:27:49 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=15476 उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने अमेरिकी राष्ट्रपति के चौंकाने वाले खुलासे पर तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि भारत की लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए विदेशी धन का इस्तेमाल किया गया, जो सीधे तौर पर हमारे लोकतंत्र पर हमला है. उन्होंने इसे ‘Political COVID’ करार दिया, जो समाज में घुसपैठ कर हमारे लोकतंत्र को नष्ट करने की कोशिश कर रहा है. धनखड़ ने कहा, “मैं दंग रह गया जब अमेरिका के राष्ट्रपति ने खुद स्वीकार किया कि भारत में चुनावी नतीजों को प्रभावित करने के लिए वित्तीय ताकत का उपयोग किया गया. किसी और को निर्वाचित कराने की साजिश रची गई. चुनाव का अधिकार केवल भारतीय जनता का है, कोई भी बाहरी ताकत इसमें हस्तक्षेप नहीं कर सकती.” उन्होंने सभी नागरिकों से आह्वान किया कि वे इस ‘Political COVID’ के खिलाफ एकजुट हों और जो भी इस साजिश में शामिल थे, उन्हें बेनकाब करें.

संस्थानों पर सुनियोजित हमले

उपराष्ट्रपति ने चिंता जताई कि भारत की संवैधानिक संस्थाओं पर व्यवस्थित तरीके से हमले हो रहे हैं. उन्होंने कहा, “राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री – ये सभी संवैधानिक पद हैं. लेकिन इनका मजाक उड़ाया जा रहा है. यह एक नई तरह की ‘वोकिज्म’ (Wokeism) है, जहां सम्मान की जगह अपमान को बढ़ावा दिया जा रहा है.”

धनखड़ ने अवैध घुसपैठ पर भी गंभीर चिंता जताई. उन्होंने कहा कि मिलियन में अवैध प्रवासी भारत में रह रहे हैं और हमारे संसाधनों पर बोझ डाल रहे हैं. “हमारे लोगों के लिए बनी योजनाओं पर ये घुसपैठिए हक जमा रहे हैं. पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना जैसी सुविधाओं का लाभ उठा रहे हैं. यह किसी आक्रमण से कम नहीं.” उन्होंने यूरोप के हालात का जिक्र करते हुए कहा, “यूरोप इस समस्या से जूझ रहा है. हम शांत दिख रहे हैं, लेकिन यह तूफान से पहले की शांति है. हमें इसे रोकना होगा.”

धनखड़ ने यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) को लेकर चल रही राजनीति पर भी सवाल उठाया. उन्होंने कहा, “संविधान के निर्माताओं ने इसे अनुच्छेद 44 के तहत निर्देशित सिद्धांतों में रखा था. इसमें गलत क्या है? यह कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं है, बल्कि संवैधानिक निर्देश है.” उन्होंने यह भी कहा कि देश के कुछ क्षेत्रों में चुनाव का महत्व समाप्त हो चुका है. यह भारत की सभ्यता के लिए एक गंभीर चुनौती है.

‘1200 साल पहले जो हुआ, वो नहीं दोहराने देंगे’

धनखड़ ने भारत पर ऐतिहासिक आक्रमणों का जिक्र करते हुए कहा कि “1200 साल पहले जब नालंदा ज्ञान और विद्या का केंद्र था, तब आक्रमणकारियों ने उसे नष्ट कर दिया. उन्होंने हमारी धार्मिक जगहों को तोड़कर अपने प्रतीक बना दिए.” उन्होंने कहा कि धैर्य और सहिष्णुता जरूरी हैं, लेकिन राष्ट्रवाद के साथ समझौता नहीं किया जा सकता.

धनखड़ ने सभी भारतीयों से आग्रह किया कि वे अपनी आवाज उठाएं और अपने लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करें. उन्होंने कहा, “हर भारतीय की जिम्मेदारी है कि वह जागरूक रहे, अपनी राय रखे और प्रशासन पर दबाव बनाए ताकि भारत की संप्रभुता से कोई समझौता न हो.”

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इधर कनाडा की पुलिस तलाश रही, उधर भारत में घर में आ धमकी ED की टीम, कांड ही कुछ ऐसा किया था https://samacharpacheesa.com/?p=15472 Sat, 22 Feb 2025 15:11:41 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=15472 कनाडा के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी गोल्ड चोरी में नया मोड़ आया है. पंजाब के मोहाली में कनाडा के हुई में 4 क्विंटल सोने की चोरी के मामले के मास्टरमाइंड सिमरनप्रीत पनेसर के घर ईडी ने शनिवार को रेड मारी है. आज सुबह से ईडी के 20 अधिकारी सेक्टर-79 स्थित उसके घर पर पहुंची. इसके बाद उससे पूछताछ कर रही है. 32 वर्षीय पूर्व एयर कनाडा मैनेजर सिमरनप्रीत पनेसर के घर ईडी की टीम पीएमएलए की धारा 2(1) (RA) के तहत यह कार्रवाई की है. इस धारा के तहत क्रॉस बॉर्डर मामलों से निपटा जाता है.

दरअसल, सिमरन पर फिल्मी स्टाइल में सोने और पैसों की चोरी के आरोप लगे हैं. टोरंटो के पियर्सन इंटरनेशनल एयरपोर्ट का कार्गो टर्मिनल से 400 किलोग्राम 6,600 सोने की छड़ें, और लगभग $2.5 मिलियन की फॉरेन करेंसी चोरी करने के आरोप लगे हैं. कनाडा की पुलिस ने इसे ‘प्रोजेक्ट 24 कैरेट’ प्रोजेक्ट नाम दिया है. कनाडाई पुलिस ने अपने आरोप पत्र में ‘कनाडा के इतिहास में सबसे बड़ी सोने की चोरी’ कहा है. अब इस केस में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का भी इंट्री हो चुका है. ईडी की जांच संदिग्ध खालिस्तानी लिंक और भारत में कथित मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क की जांच कर रही है.

सोने और हथियारों की तस्करी के मामलों में अमेरिका और कनाडा की पुलिस की चार्जशीट के आधार पर 17 फरवरी को ईडी ने प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट (ईसीआईआर) दर्ज की थी. एजेंसी ने हथियार तस्करी की जांच शुरू की है, जिसमें दोनों जांचों में कम से कम चार भारतीय मूल के संदिग्ध सामने आए हैं. इनका ‘खालिस्तानी आतंकवादियों’ के साथ संबंध होने का संदेह है क्योंकि गिरोह को यूएस-कनाडा सीमा पर अमेरिकी पुलिस ने रोका था. अमेरिकी पुलिस को उनके पास से 65 अवैध हथियार मिले थे.

ईडी ने शुक्रवार को चंडीगढ़ में इस मामले के संदिग्धों में से एक सिमरन प्रीत पनेसर की संपत्तियों और घरों पर छापा मारा था. टीम उसकी अवैध संपत्ति के बारे में भी जांच कर रही है. संदेह है कि भारत में डकैती की रकम को फर्जी कंपनियों और हवाला के जरिए भारत भेजा गया होगा. ईडी पनेसर और उसकी पत्नी को पूछताछ के लिए अपने क्षेत्रीय कार्यालय ले गई है.

आपको बता दे कि पनेसर की पत्नी प्रीति पनेसर भी पूर्व मिस इंडिया युगांडा रह चुकी है. साथ ही साथ वह पेशे से सिंगर और एक्ट्रेस भी हैं. ऐसा बताया जा रहा है कि पनेसर भारत में आम जिंदगी जी रहा है. वह फिलहाल अपनी पत्नी सिमरन काी करियर पर काम कर रहा है. वह पत्नी की सिंगिग और एक्टिंग करियर संभाल रहा है. अभी तक कोई भी जानकारी नहीं मिल पाई कि पूछताछ में क्या मिला.

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भारत में एंट्री के लिए तैयार है टेस्ला, पहले लॉन्‍च करेगी कौन सा मॉडल https://samacharpacheesa.com/?p=15419 https://samacharpacheesa.com/?p=15419#respond Fri, 21 Feb 2025 06:30:13 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=15419 अमेरिकी इलेक्ट्रिक कार निर्माता टेस्ला जल्द ही भारतीय बाजार में कदम रखने जा रही है. टेस्ला ने मुंबई, दिल्ली और बेंगलुरु में अपनी कारों की बिक्री शुरू करने की योजना बनाई है. कंपनी भारत में कौन-से मॉडल लाएगी और ये अमेरिका, चीन या जर्मनी की कौन-सी फैक्ट्री से सप्लाई होंगे, यह भारत सरकार द्वारा आयात शुल्क में दी जाने वाली छूट पर निर्भर करेगा.

कंपनी टॉप-डाउन अप्रोच अपनाते हुए पहले महंगे मॉडल लॉन्च करेगी और बाद में किफायती मॉडल पेश करेगी. ब्‍लूमबर्ग ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि टेस्ला की पहली खेप कुछ महीनों में मुंबई के पास स्थित बंदरगाह पर पहुंच सकती है. हालांकि, स्थानीय स्तर पर मैन्युफैक्चरिंग को लेकर अभी तक कोई संकेत नहीं मिले हैं.

भारत और अमेरिका के बीच हुए समझौतों के बाद कम टैरिफ (15%) के तहत आयात होने वाली कारों की संख्या 8,000 से बढ़ाकर 50,000 किए जाने की उम्मीद है. पहले, 40,000 डॉलर (करीब 35 लाख रुपये) से अधिक की कारों पर 110% बेसिक कस्टम ड्यूटी लगती थी, जिसे घटाकर 70% कर दिया गया है. यदि सरकार के साथ एमओयू होता है, तो 35,000 डॉलर (करीब 30 लाख रुपये) से अधिक की कारों पर 15% ड्यूटी लगेगी, बशर्ते कि 8,000 से कम ईवी आयात की जाएं.

पुणे से ऑपरेशन संभालेगा टेस्ला का भारतीय ऑफिस
टेस्ला ने भारत में कर्मचारियों की भर्ती शुरू कर दी है. जल्द ही, कंपनी ऑनलाइन बुकिंग पोर्टल भी लॉन्च करेगी. टेस्ला के वरिष्ठ अधिकारी रहे प्रशांत मेनन पुणे स्थित कार्यालय से कंपनी के भारतीय संचालन का नेतृत्व कर रहे हैं.

क्या भारत में निर्माण करेगी टेस्ला?
हालांकि, भारत में निर्माण को लेकर टेस्ला ने अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है. फिलहाल, कंपनी पूरी तरह से आयातित गाड़ियों की बिक्री पर फोकस कर रही है. लेकिन, यदि सरकार की ओर से आयात शुल्क में और राहत मिलती है तो भविष्य में स्थानीय उत्पादन की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता. अब देखना होगा कि टेस्ला भारतीय बाजार में कैसी प्रतिक्रिया पाती है और क्या कंपनी अपने प्लांट लगाने के लिए आगे बढ़ती है.

टेस्ला ने भारत में कर्मचारियों की भर्ती शुरू कर दी है. जल्द ही, कंपनी ऑनलाइन बुकिंग पोर्टल भी लॉन्च करेगी. टेस्ला के वरिष्ठ अधिकारी रहे प्रशांत मेनन पुणे स्थित कार्यालय से कंपनी के भारतीय संचालन का नेतृत्व कर रहे हैं.हालांकि, भारत में निर्माण को लेकर टेस्ला ने अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है. फिलहाल, कंपनी पूरी तरह से आयातित गाड़ियों की बिक्री पर फोकस कर रही है. लेकिन, यदि सरकार की ओर से आयात शुल्क में और राहत मिलती है तो भविष्य में स्थानीय उत्पादन की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता. अब देखना होगा कि टेस्ला भारतीय बाजार में कैसी प्रतिक्रिया पाती है और क्या कंपनी अपने प्लांट लगाने के लिए आगे बढ़ती है.
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अमेरिका हर वक्त बदलता है पाला, ट्रंप के झांसे से बचना है…जयशंकर ने दिखाया कहां है अपना असली यार https://samacharpacheesa.com/?p=15417 https://samacharpacheesa.com/?p=15417#respond Fri, 21 Feb 2025 06:23:19 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=15417 अमेरिका का कोई भरोसा नहीं. वह कब किससे दोस्ती और कब दुश्मनी कर ले, कोई नहीं जानता. चीन और रूस से उसकी अदावत पुरानी है. पर ट्रंप अब पुतिन और चीन से यारी बढ़ा रहे हैं. मकसद तो वह खुद ही जानते होंगे. ट्रंप राज में अमेरिका और भारत की दोस्ती भी किसी से छिपी नहीं है. ट्रंप ने पहले कार्यकाल में भारत से अच्छी दोस्ती निभाई. इस बार भी वह दावा तो ऐसा ही कर रहे हैं. पर उनका एक्शन में यह दिख नहीं रहा. अमेरिका की भारत से यारी दिखावा दिख रहा है. वजह है टैरिफ. जी हां, एक ओर वह भारत को अच्छा दोस्त बताते हैं, दूसरी ओर वह भारत पर टैरिफ की धमकी देते हैं. ऐसे ही मौकों पर हमें समझ आता है कि हमारा पक्का यार तो रूस ही है. रूस ही हमारा ऐसा पकिया यार है जो हर वक्त भारत के साथ खड़ा रहता है. भारत भी उसके मुश्किल घड़ी में खड़ा रहा है. चाहे वह अमेरिका का प्रतिबंध का वक्त हो या यूक्रेन संग जंग.

इसमें कोई दो राय नहीं है कि भारत का अगर कोई पक्का वाला दोस्त है तो वह है रूस. उधर यूक्रेन जंग पर पुतिन को ट्रंप झांसे में लेने की कोशिश में जुटे हैं. इधर होली से पहले भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर रूस से अपनी दोस्ती का रंग और गाढ़ा करने में जुटे हैं. जी हां, गुरुवार को साउथ अफ्रीका के जोहान्सबर्ग में विदेश मंत्री एस जयशंकर और रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के बीच मुलाकात हुई. इस दौरान दोनों नेताओं ने भारत-रूस द्विपक्षीय सहयोग की प्रगति पर चर्चा की.

रूस और यूक्रेन का युद्ध कैसे खत्म हो, इस पर भी दोनों देशों के विदेशमंत्री के बीच बातचीत हुई. विदेश मंत्री एस जयशंकर ने रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म करने के उपाय सुझाए. जयशंकर दो दिन के दौरे पर दक्षिण अफ्रीका गए हैं. उन्हें G20 देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेना है.

रूसी विदेश मंत्री लावरोव संग मुलाकात वाली तस्वीरें एस जयशंकर ने अपने एक्स हैंडल पर शेयर किया है. उन्होंने एक्स पर लिखा, ‘जोहान्सबर्ग में रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से मिलकर खुशी हुई.’ दोनों के बीच क्या-क्या बातची हुई, इसका विवरण भी दिया. उन दोनों ने भारत-रूस द्विपक्षीय सहयोग की प्रगति की समीक्षा की. यानी दोनों देश एक-दूसरे के सहयोग से कैसे और आगे बढ़ सकते हैं, इस पर बात हुई.

इतना ही नहीं, जयशंकर और लावरोव ने यूक्रेनजंग से जुड़े हालिया घटनाक्रम पर चर्चा की, जिसमें रियाद बैठक भी शामिल है. रियाद में पुतिन और ट्रंप के प्रतिनिधि मिले थे और यूक्रेन जंग पर शांति की कवायद पर बातचीत हुई है. सोशल मीडिया पर कई वीडियो में जयशंकर और लावरोव हाथ मिलाते हुए देखे गए.

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भारत से लौटते ही प्रबोवो सुबिआंतो के साथ क्या हुआ? इंडोनेशिया में क्यों शुरू हो गया प्रोटेस्ट https://samacharpacheesa.com/?p=15413 https://samacharpacheesa.com/?p=15413#respond Fri, 21 Feb 2025 06:12:09 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=15413 इंडोनेशिया में एक नया बवाल खड़ा हो गया है. राष्ट्रपति प्रबोवो सुबिआंतो भारत से इंगडोनेशिया लौटने के बाद संकट में आ गए हैं. वह 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के मौके पर अतिथि के रूप में भारत आए थे. अब उनकी सरकार संकट में घिर गई है. दरअसल हजारों छात्रों ने गुरुवार को देश भर के शहरों में बजट कटौती और राष्ट्रपति प्रबोवो सुबिआंतो की अन्य नीतियों के खिलाफ ‘डार्क इंडोनेशिया’ विरोध प्रदर्शन किया. छात्रों को डर है कि सुबिआंतो की नीतियों सामाजिक सहायता प्रणाली और उनका भविष्य कमजोर हो जाएगा.

काले वस्त्र पहने लगभग एक हजार छात्र-छात्राओं ने हाथों में तख्तियां लिए हुए मार्च किया. छात्रों ने प्रमुख शहर योग्याकार्टा में व्यस्त मार्ग से मार्च निकाला तथा परिवर्तन की मांग करते हुए नारे लगाए. यह कदम प्रबोवो के भारी चुनाव जीत के बाद पदभार ग्रहण करने के चार महीने बाद उठाया गया है.

राजधानी जकार्ता और सुमात्रा द्वीप के मेदान समेत अन्य शहरों में भी विरोध प्रदर्शन हुए. कटौती के बारे में चिंताओं को दर्शाने के लिए सोशल मीडिया पर ‘डार्क इंडोनेशिया’ ने खूब चर्चा बटोरी. एक और लोकप्रिय ट्रेंड, ‘जस्ट एस्केप फर्स्ट’ में लोगों को यह सलाह देते हुए देखा गया कि कैसे काम करने और विदेश में रहने के लिए भागना है. जकार्ता में एक छात्र नेता हेरिएंटो ने कहा कि छात्र शिक्षा क्षेत्र में कटौती का विरोध कर रहे हैं, क्योंकि प्रबोवो ने लगभग 19 बिलियन डॉलर मुक्त करने के लिए लागत-कटौती अभियान का आदेश दिया था. जिसका उपयोग स्कूल लंच योजना सहित उनकी नीतियों को निधि देने के लिए किया जा सकता है.

जकार्ता में विरोध प्रदर्शन में बोलते हुए, राज्य सचिवालय मंत्री प्रसेत्यो हादी ने कहा कि सरकार को छात्रों की माँगें मिल गई हैं और वह उनका अध्ययन करेगी. प्रबोवो के कार्यालय ने कहा है कि फंडिंग में बदलाव से शिक्षा क्षेत्र और शिक्षक कल्याण पर कोई असर नहीं पड़ेगा, लेकिन मंत्रालयों द्वारा खर्च की एक विस्तृत श्रृंखला में कटौती करने से चिंता है कि इससे सरकारी सेवाएँ बाधित हो सकती हैं.

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PNS गाजी जैसा हश्र होगा चीन-पाक सबमरीन का, घात लगाए बैठे तो खैर नहीं https://samacharpacheesa.com/?p=15397 https://samacharpacheesa.com/?p=15397#respond Thu, 20 Feb 2025 13:52:47 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=15397 पाकिस्तानी सबमरीन पीएनएस गाजी विशाखापत्तनम के करीब भारतीय एयरक्राफ्ट कैरियर INS विक्रांत को निशाना बनाने के लिए इंतेजार कर रही थी. नौसेना के वॉरशिप INS राजपूत ने तो उसे हमेशा के लिए समंदर की गहराई में सुला दिया था. लेकिन खतरा तो हमेशा बना ही रहता है. समंदर के नीचे दुश्मन क्या हरकत कर रहा है? भविष्य में ऐसा फिर से ना हो, इस लिए नौसेना ने एंटी सबमरीन वॉफेयर शैलो वॉटर क्राफ्ट को शामिल करने के बड़े प्लान को आगे बढ़ा चुकी है. साल 2025 में भारतीय नौसेना को 2 ASW शैलो वॉटर क्राफ्ट को मिल जाएंगे.

बेहद खास है यह क्राफ्ट
ASW शैलो वॉटर क्राफ्ट की खासियत है तट से 100 से 150 नॉटिकल मील दूरी के घात लगाए बैठे दुश्मन के सबमरीन के ठिकाने लगा सकती है. सबमरीन का इस्तेमाल डिफेंसिव और ऑफेंसिव ऑपरेशन के लिए किया जाता है. वह आसानी से 30-40 मीटर की गहराई वाले इलाको में ऑपरेट कर सकती है. दुश्मन के सबमरीन अगर तट के पास ही भारतीय जंगी जहाज को निशाना बनाने की फिराक में हुई तो शौलो वॉटर क्राफ्ट उसका पता लगाएगी, फिल हमेशा के लिए उसे ठिकाने लगा देगी. यह वॉरशिप नेवल हार्बर से मूव करने वाले बड़े वॉरशिप के लिए यह रूट को क्लियर करता है.

ताकत है भरपूर
इसकी ताकत की बात करे तो इसमें एंटी संबमरीन रॉकेट लॉन्चर, लाइट वेट टॉरपीडो, 30 mm नेवल गन के साथ साथ पानी के भीतर सबमरीन का पता लगाने के लिए ASW कॉंबेट सूट, हल माउंटेड सोनार और लो फ्रीक्वेंसी वेरियेबल डेप्थ सोनार से लेस है. 25 नॉटिकल मील प्रतिघंटे की रफ्तार से यह मूव कर सकता है. एक बारी में यह 3300 किलोमीटर से सेल कर सकता है.

साल 2013 में रक्षामंत्रालय की रक्षा खरीद परिषद (DAC) ने भारतीय नौसेना के लिए कुल 16 ASW शैलो वॉटर क्राफ्ट खरीद की मंजूरी दी थी. जून 2014 में बाए एंड मेक इंडिया के तहत टेंडर जारी किया गया था. 2019 में कांट्रैक्ट पर दस्तखत हुए. 16 में से 8 कोचिन शिपयार्ड में और 8 GRSE शिपयार्ड को निर्माण के किए जा रहे हैं. भारतीय नौसेना को सौंपे जाने की डेडलाइन 2026 तक की है. इस प्रोजेक्ट की कुल लागत 13,500 करोड़ रुपये के करीब है. नए आधुनिक ASW शैलो वॉटर क्राफ्ट पुराने हो चले अभय क्लास कोर्वेट को रिप्लेस करेंगे. 16 में से 10 ASW शैलो वॉटर क्राफ्ट पानी में लांच हो चुके है. जबकि 6 का अभी निर्माण जारी है.

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USAID की फंडिंग से भारत में क्या-क्या साजिश रची गई,सरकार ने बैठाई जांच, कांग्रेस अलग परेशान https://samacharpacheesa.com/?p=15393 https://samacharpacheesa.com/?p=15393#respond Thu, 20 Feb 2025 13:39:04 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=15393 सरकार ने ‘भारत की संप्रभुता से समझौता करने या आंतरिक प्रक्रियाओं में हस्तक्षेप’ करने वालों के खिलाफ जांच शुरू कर दी है. सूत्रों के अनुसार, अमेरिका और भारत ने एक विस्तृत सूची का आदान-प्रदान किया है. इस सूची में एनजीओ, प्रभावशाली व्यक्तियों, पत्रकारों, विद्वानों और थिंक टैंकों के नाम शामिल हैं. दोनों देशों की सरकारें इस सूची की समीक्षा कर रही हैं और लेन-देन के विवरणों पर कार्रवाई करेंगी. सूत्रों ने बताया कि यह सूची अमेरिकी और भारतीय प्रशासन के पास उपलब्ध है और जांच का आधार बनेगी. फिलहाल, सरकार ने USAID से धन प्राप्त करने वाले कुछ व्यक्तियों को प्रश्नावली भेजनी शुरू कर दी है. विदेशी यात्राओं के विवरण भी मांगे जा रहे हैं. कुछ ‘अस्वाभाविक’ लेन-देन भी देखे गए हैं, जिनकी विस्तृत जांच की जाएगी.

किस बात की जांच करेगी सरकार?

तत्काल चिंता का विषय यह है कि क्या 2024 के लोकसभा चुनावों में हस्तक्षेप या प्रभाव डालने का प्रयास किया गया था. अमेरिकी सरकारी दक्षता विभाग (DOGE), जो एलन मस्क के नेतृत्व में है, ने पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन के प्रशासन के तहत भारत में ‘मतदाता टर्नआउट को प्रभावित’ करने के लिए निर्धारित $21 मिलियन अमेरिकी करदाता- वित्त पोषित अनुदान को रद्द कर दिया है. DOGE ने अपने घोषणा में बताया कि यह $21 मिलियन ‘कंसोर्टियम फॉर इलेक्शंस एंड पॉलिटिकल प्रोसेस स्ट्रेंथनिंग’ के लिए आवंटित $486 मिलियन के बड़े बजट का हिस्सा था.

सरकार ने ‘भारत की चुनावी प्रक्रिया को बाहरी सहायता और शक्तियों के लिए खोलने’ को गंभीरता से लिया है, जबकि यह केवल चुनाव आयोग का क्षेत्र है कि वह स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करे. 2024 में, कर्नाटक के चिक्कबल्लापुर में एक रैली में, प्रधानमंत्री ने कहा, “दुनिया और भारत में कई शक्तियां हैं जो मोदी को हराने के लिए एकजुट हो गई हैं.” सरकारी सूत्रों ने बताया कि रिपोर्ट और सूची कई पृष्ठों में फैली हुई है और केंद्र जल्दबाजी नहीं करना चाहता. मोदी और ट्रंप प्रशासन दोनों ने इन घटनाक्रमों को गंभीरता से लिया है और इन्हें पूरा करना चाहते हैं.

हालांकि, विपक्ष इससे प्रभावित नहीं हुआ है. कांग्रेस के मीडिया और प्रचार विभाग के अध्यक्ष पवन खेड़ा ने सोशल मीडिया साइट X पर पोस्ट किया, पूछते हुए कि विपक्ष 2024 में खुद को हराने के लिए पैसे क्यों लेगा. लेकिन सरकारी सूत्रों ने कहा कि प्रचार की शैली से पता चलता है कि विपक्ष यह धारणा बनाना चाहता था कि लोकतंत्र और संविधान संकट में हैं, जिससे उन्हें राजनीतिक लाभ मिलेगा. लेकिन ऐसा नहीं हुआ.

कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य जयराम रमेश ने कहा, “USAID इन दिनों बहुत चर्चा में है. यह 3 नवंबर, 1961 को स्थापित किया गया था. अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा किए गए दावे कम से कम कहने के लिए बेतुके हैं. फिर भी, भारत सरकार को जल्द से जल्द एक श्वेत पत्र जारी करना चाहिए, जिसमें USAID के दशकों से भारत में सरकारी और गैर-सरकारी संस्थानों को दिए गए समर्थन का विवरण हो.”

इस बीच, जॉर्ज सोरोस का नाम भी चर्चा में है. कांग्रेस पार्टी ने अपने आधिकारिक फेसबुक पेज पर एक वीडियो साझा किया है, जिसमें नरेंद्र मोदी और जॉर्ज सोरोस के बीच संबंधों पर प्रकाश डाला गया है. इस वीडियो में बताया गया है कि कैसे सोरोस ने भारत सरकार को अस्थिर करने की साजिश रची.

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