मौसम – SAMACHARPACHEESA.COM https://samacharpacheesa.com Sun, 27 Oct 2024 07:24:12 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.3 साइक्लोन दाना का असर…..गिरने लगा पारा, IMD का किन राज्यों में बारिश का अलर्ट https://samacharpacheesa.com/?p=11220 Sun, 27 Oct 2024 07:24:12 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=11220 साइक्लोन दाना का प्रभाव काफी हद तक कम हो गया है. हालांकि, इसका ओडिशा, पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में प्रभाव अभी भी है. मौसम विभाग ने ओडिशा और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में रविवार को भी हल्की बारिश की संभावाना जताया है. इन क्षेत्रों साइक्लोन की वजह से तापमान में गिरावट दर्ज की गई. वही, दिल्ली में भी गुलाबी ठंड की आगमन हो चुकी है.

साइक्लोन दाना की वजह से पश्चिम बंगाल उड़ीसा सहित तटीय क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश हुई. हालांकि इससे जानमाल की ज्यादा क्षति नहीं हुई. झारखंड, बिहार, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, केरल और पश्चिम बंगाल में तूफान का असर देखा गया. चलिए जानते हैं देश भर में मौसम का हाल.

दिल्ली का मौसम
मौसम विभाग में बताया कि दिल्ली में गुलाबी ठंड का आगमन हो चुका है. इस हफ्ते के शुरुआत में दिल्ली की एक्यूआई गंभीर श्रेणी में पहुंच गई थी. इस हफ्ते के शुरुआत में एक्यूआई 400 पार कर चुका था. शनिवार को दिल्ली की वायु गुणवत्ता में सुधार दर्ज की गई. शनिवार को दिल्ली की वायु गुणवत्ता 274 दर्ज की गई. अगले दो से तीन दिनों तक एक्यूआई अनुकूल रहने की संभावना है. दीपावली के बाद वायु गुणवत्ता में भारी गिरावट दर्ज होती है. वहीं, दिल्ली का तापमान अभी भी समान्य बना हुआ है. सुबह के समय सिहरन महसूस हो रही है. शनिवार को उच्चतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस तो न्यूनतम 18.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज की गई. मौसम विभाग ने बताया कि दिन में आसमान साफ रहने के साथ-साथ धूप खिलने की भी संभावना है।

बिहार-झारखंड में कैसा रहेगा मौसम
साइक्लोन दाना के कारण पूर्वी तट पश्चिम बंगाल और ओडिशा में हल्के-फुल्के बारिश होने की संभावना है. इसका असर बिहार झारखंड पर भी हुआ है. लेकिन, अभी यहां बारिश की संभावना नहीं है. इन क्षेत्रों में रविवार को अधिकतम तापमान 30 डिग्री है सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है. वहीं, बारिश की वजह से झारखंड की राजधानी रांची का अधिकतम तापमान गिरकर 22.4 डिग्री पहुंच गया था. जो औसत से लगभग तीन डिग्री कम है.

बारिश अलर्ट
मौसम विभाग ने बताया कि आज देशभर में कही भी बारिश का अलर्ट नहीं है. आईएमडी के मुताबिक केरल, दक्षिणी तामिलनाडु और लक्षद्विप के छिटपुट जगहों पर बारिश हो सकती है. ओडिशा और पश्चिम बंगाल के कुछ इलाकों में हल्की बारिश की संभावना जताई गई है. वहीं, आपको बता दें कि शनिवार को ओडिशा के बालासोर में 240 मिलीमीटर, पश्चिम बंगाल के 24 परागना में 170 मिमी और झारखंड के पाकुड़ जिला में 80 मिमी बारिश दर्ज की गई.

]]>
तूफान की तबाही वाली रफ्तार… उड़ गए हजारों घर और मकान… 154 साल पहले बर्बाद हो गया था बंगाल https://samacharpacheesa.com/?p=10393 Sun, 06 Oct 2024 06:36:48 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=10393 कोलकाता: इन दिनों बंगाल की खाड़ी में चक्रवात तूफान का असर है. पश्चिम बंगाल में बारिश भी हो रही है, मौसम दुर्गा पूजा के उमंग पर पानी फेरते हुए दिख रहा है. लेकिन यह खबर अभी के मौसम के बारे में है. जब पश्चिम बंगाल में इसी अक्टूबर महीने में एक चक्रवात तूफान आया था और हजारों लोगों की जिंदगी तबाह कर गया. हम बात कर रहे हैं 5 अक्टूबर 1864 की. पूर्वी मेदिनीपुर में खेजुरी आयात और निर्यात के मुख्य केंद्रों में से एक था. लेकिन इस क्षेत्र को हमेशा समुद्री तूफ़ानों का सामना करना पड़ा.

160 साल पहले 5 अक्टूबर को बंगाल में तबाही मची थी. उस दिन आए चक्रवात से बंगाल का एक बड़ा इलाका तबाह हो गया था. उस दिन कोलकाता में भयानक स्थिति थी. कोलकाता में बाढ़ आ गई थी. एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि उस चक्रवात में करीब 60,000 लोगों की जान चली गई थी. बाढ़ का पानी कम होने के बाद भी, कई लोगों ने संक्रमण और बीमारी से अपनी जान गंवा दी थी.

बह गए थे हजारों घर
यह दिन इतिहास में एक काले दिन की तरह है. तूफ़ान में कई आम लोगों की मौत हो गई. उस दिन हाई कोर्ट, टेलीग्राफ दफ्तर बिल्डिंग, जेल समेत कई सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचा था. तूफान की तीव्रता के कारण जल स्तर 40 फीट तक बढ़ गया, उस दिन लगभग 100 फूस के घर और हजारों मिट्टी के घर पूरी तरह बह गए.

उस दिन आए तूफ़ान में पूरा खजूरी बंदरगाह समुद्र में डूब गया था. आधिकारिक दस्तावेज कहते हैं कि उस दिन 32 लोगों को डकैती के एक मामले में गवाही देने के लिए कोलकाता ले जाया जा रहा था. उन्होंने सड़क पर तूफान का सामना किया. बाद में 32 लोगों में से केवल 2 ही जीवित बचे. तूफान के दौरान करीब 600 मिलीमीटर बारिश हुई. खजूरी से महज 8 किमी दूर स्थित कौखली गांव में उस दिन 13 फीट के लाइट हाउस की ऊंचाई के बराबर पानी भर गया था.

]]>
बंगाल की खाड़ी में 3 ओर से उठ रहा है बवंडर, IMD का 11 राज्यों जल प्रलय का अलर्ट https://samacharpacheesa.com/?p=10322 Sat, 05 Oct 2024 04:54:56 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=10322 देश के लगभग सभी हिस्सों से मानसून की वापसी हो गई है लेकिन, प्रायद्वीपीय भारत और नॉर्थ ईस्ट भारत में अभी भी मूसलाधार बारिश का दौर जारी है. शुक्रवार को असम और आसपास के क्षेत्र में 240 मिलीमीटर से अधिक बारिश दर्ज कर की गई. मौसम विभाग (आईएमडी) ने बताया कि शुक्रवार को बिहार और उत्तर प्रदेश के आसपास के क्षेत्र में भी जमकर बारिश हुई. वहीं, दिल्ली में मानसून की विदाई के बाद लगातार तापमान बढ़ता जा रहा है. मौसम विभाग ने बताया कि शनिवार को दिल्ली एनसीआर में तापमान 36 डिग्री सेल्सियस के करीब रहने की संभावना है. लेकिन, आसमान में बादल भी छाए रहेगें.

मौसम विभाग ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में एक साथ तीन जगह साइक्लोनिक सर्कुलेशन और एक जगह लो प्रेशर बना रहे हैं. आईएमडी के मुताबिक बांग्लादेश-मेघालय की सीमा से लगा भाग, दक्षिण बंगाल की खाड़ी और लक्षद्वीप के पास एक साथ तीन साइक्लोनिक सर्कुलेशन बन रहे हैं. वहीं, पूर्वी बंगाल की खाड़ी में लोग प्रेशर क्रिएट हो रहा है. इनके वजह से प्रायद्वीपीय भारत के हिस्से तमिलनाडु, केरल, लक्षद्वीप, दक्षिणी आंध्र प्रदेश और दक्षिणी कर्नाटक में मूसलाधार बारिश की संभावना है. आपको बताते चलें कि रिट्रीटिंग मानसून का सबसे अंतिम बारिश की बूंद तमिलनाडु में ही गिरती है. मूसलाधार बारिश की वजह से जल प्रलय आ जाता है और आम जनजीवन को काफी नुकसान होता है.

मौसम विभाग ने बताया कि शनिवार 5 अक्टूबर को केरल, दक्षिणी आंध्र प्रदेश, दक्षिणी कर्नाटक और तमिलनाडु में मूसलाधार बारिश होगी. मौसम विभाग ने इसके लिए येलो अलर्ट जारी किया है. साथ ही मौसम विभाग ने पूर्वोत्तर के राज्यों असम, अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड. मणिपुर, त्रिपुरा, मिजोरम और मेघालय में मूसलाधार बारिश की संभावना जताई है. साथ ही बंगाल की खाड़ी के आसपास लगे क्षेत्रों में भी हल्की-फुल्की बारिश की संभावना है.

आपको बताते चलें कि दिल्ली में शुक्रवार को आसमान साफ ​​रहा और धूप खिली रही. वहीं, अधिकतम तापमान 36.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से 2.3 डिग्री अधिक है. दक्षिण-पश्चिम मानसून के आधिकारिक रूप से लौट जाने के बाद बुधवार को दिल्ली का दिन सबसे ज्यादा गर्म दर्ज किया गया. अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस रहा. यह पिछले वर्ष के 10 अक्टूबर के तापमान से अधिक है. मौसम विभाग ने दिल्ली में शनिवार को बादल छाए रहने तथा अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना जताई है. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, राजधानी में शाम चार बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 183 दर्ज किया गया.

]]>
नर्क बनी 5000 लोगों की जिंदगी….’कैसे हो, कोई पूछने तक न आया…’ घर में कमर तक पानी, डूबते-डूबते बच रहे बच्चे https://samacharpacheesa.com/?p=10304 Sat, 05 Oct 2024 04:29:58 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=10304 पूर्णिया. बिहार के पूर्णिया जिले में हर साल बाढ़ लोगों के जीवन में तबाही लेकर आती है. विशेष रूप से कोसी और सीमांचल के इलाके बाढ़ से अधिक प्रभावित होते हैं. इस साल भी कोसी, महानंदा, परमान, कनकई, और सौर नदियों में उफान के कारण जिले के डगरवा प्रखंड के बेलगाछी पंचायत के गांडवास गांव में बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है. कई घर नदी के कटाव में विलीन हो गए हैं, और कई घरों में अभी भी घुटनों तक पानी भरा हुआ है. इसके चलते लोग अपने घर छोड़कर सड़कों पर दिन-रात भूखे-प्यासे रहने को मजबूर हैं.

डगरुआ में बाढ़ का प्रलय
पूर्णिया जिले के डगरुआ प्रखंड में बाढ़ की स्थिति भयावह है. कोसी, सौर, महानंदा और परमान नदियों का पानी तेजी से बढ़ रहा है और लोगों के घरों में घुसने को तैयार है. इन नदियों के तेज कटाव के कारण लोगों में भय और दहशत का माहौल है. बाढ़ के हालात का जायजा लेने लोकल 18 की टीम डगरुआ प्रखंड के बेलगच्छी पंचायत के गांडवास गांव पहुंची, जहां बाढ़ पीड़ितों ने अपनी समस्याएं साझा कीं.

हर साल बाढ़ का कहर
गांडवास गांव के वार्ड नंबर 10, 11, 12, 13 और 14 के लोग हर साल बाढ़ की तबाही का सामना करते हैं. वार्ड 13 के बाढ़ पीड़ित मोहम्मद मंसूर, मोहम्मद आलम, मोहम्मद जहांगीर और मोहम्मद हुसैन ने बताया कि बाढ़ के कारण उनके घरों में कमर तक पानी भरा हुआ है. लोगों ने ऊंचे स्थानों पर शरण ले रखी है, लेकिन वहां भी डर बना हुआ है क्योंकि पानी में सांप, बिच्छू और मेंढक जैसे जीव होते हैं. महिलाएं बताती हैं कि उनके छोटे बच्चे कई बार पानी में डूबते-डूबते बचे हैं.

हजारों की आबादी परेशान
गांव की लगभग 5000 की आबादी बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित है. लोगों ने बताया कि पिछले 5-3 दिनों से वे भूखे-प्यासे हैं और अब तक सरकार या जिला प्रशासन की ओर से कोई मदद नहीं मिली है. सूखा राशन, कम्युनिटी किचन जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं कराई गई हैं. बाढ़ के पानी से घर-आंगन में पानी भरने के कारण लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हैं.

सरकार और प्रशासन से मदद की गुहार
डगरुआ प्रखंड के गांडवास गांव के वार्ड 10, 11, 12, और 13 के स्थानीय निवासियों ने लोकल 18 को बताया कि उन्होंने सरकार और जिला प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है. बाढ़ के कारण लोगों की मजदूरी छूट गई है और उन्हें खाने-पीने की समस्या का सामना करना पड़ रहा है. साथ ही, ऊंचे स्थानों पर रहने की जगह भी नहीं मिल रही है. लोग बाढ़ के पानी के घटने का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन तब तक उन्हें किसी प्रकार की सहायता की सख्त जरूरत है.

]]>
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग मानसून सक्रियता : दूध-दवाई से लेकर गैस सिलेंडर तक रख लें, बंगाल की खाड़ी से आया रेड सिग्‍नल, शनिवार तक भारी बारिश https://samacharpacheesa.com/?p=10242 Fri, 04 Oct 2024 05:00:15 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=10242 साउथ-वेस्‍ट मानसून की सक्रियता देशभर में कम हो गई है. देश के मैदानी हिस्‍सों में बारिश भी काफी कम हो चुकी है. अब भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने ताजा अलर्ट जारी किया है. इसके अनुसार, बंगाल की खाड़ी से लगते तटवर्ती इलाकों में भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है. IMD के विज्ञानियों ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में हलचल तेज हो गई है. कम दबाव का क्षेत्र बनने के चलते कई इलाकों में मूसलाधार बारिश होने की संभावना है. खासकर पश्चिम बंगाल और ओडिशा के इससे सबसे ज्‍यादा प्रभावित होने का पूर्वानुमान जताया गया है. ऐसे में जरूरी सामान पहले ही जुटाकर रखने में समझदारी है. ये दोनों राज्‍य बंगाल की खाड़ी से लगते हैं. साथ ही इसका असर झारखंड और बिहार पर भी देखा जा सकता है. बात दें कि बिहार के कई जिले इन दिनों भीषण बाढ़ की चपेट में हैं.

IMD गुरुवार को बताया कि बंगाल की खाड़ी के उत्‍तरी हिस्‍से में कम दबाव का क्षेत्र बनने की पूरी संभावना है. शुक्रवार (4 अक्‍टूबर 2024) को इसके मजबूत होने का पूर्वानुमान है. इससे पश्चिम बंगाल के विभिन्‍न हिस्‍सों में मूसलाधार बारिश होने की संभावना है. मौसम विज्ञानियों ने आगे बताया कि मौसम में उथल-पुथल की वजह से सब-हिमालयन क्षेत्र में आने वाले जिलों में बहुत भारी बारिश हो सकती है. शनिवार तक ऐसी ही स्थिति बनी रहने की संभावना है. IMD के अलर्ट के अनुसार, दक्षिण बंगाल में आने वाले जिलों में 4 अक्‍टूबर को मूसलाधार बारिश होने की बात कही गई है. बता दें कि पिछले कुछ दिनों से इस क्षेत्र में बारिश का चक्र थमा हुआ था, जिसके एक बार फिर से तेज होने के आसार बढ़ गए हैं.

लैंडस्‍लाइड का अलर्ट
पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्‍सों में लैंडस्‍लाइड को लेकर भी अलर्ट जारी किया गया है. IMD पर्वतीय जिलों को लेकर चेतावनी जारी की है. मौसम विज्ञानियों ने कहा कि पश्चिम बंगाल के हिली डिस्ट्रिक्‍ट्स दार्जीलिंग और कलिमपोंग में मूसलाधार बारिश के चलते लैंडस्‍लाइड या भूस्‍खलन भी हो सकता है. ऐसे में स्‍थानीय लोगों और टूरिस्‍ट्स को लेकर खास चेतावनी जारी की गई है, ताकि व्‍यापक नुकसान से बचा जा सके. IMD ने स्‍थानीय लोगों के साथ ही प्रशासन को भी अलर्ट रहने की सलाह दी है.
50 किलोमीटर की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
बंगाल की खाड़ी में हलचल बढ़ने के कारण हवा की रफ्तार सामान्‍य से तेज रहने के आसार हैं. IMD के पूर्वानुमान की मानें तो उत्‍तरी बंगाल की खाड़ी में 40 से 50 किलोमीटर की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. इससे पश्चिमी बंगाल और बांग्‍लादेश का तटीय इलाका खासतौर से प्रभावित हो सकता है. मौसमी दशाओं को देखते हुए मछुआरों को शनिवार तक समुद्र में न जाने की सलाह दी है.

]]>