क्रांइम – SAMACHARPACHEESA.COM https://samacharpacheesa.com Fri, 31 Jan 2025 05:37:24 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.3 CBI का कमाल, दो भगोड़े को लाया भारत, लोगों को करोड़ों रुपये का लगाया चूना, दोनों के खिलाफ था रेड कॉर्नर नोटिस https://samacharpacheesa.com/?p=14650 Fri, 31 Jan 2025 05:37:24 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=14650 फाइनेंशियल फ्रॉड को रोकने के लिए सरकार और अन्‍य एजेंसियों की ओर से लगातार जागरुकता अभियान चलाया जाता है. इसके बावजूद फ्रॉड करने वाले लोगों को अपना शिकार बना ही लेते हैं. ऐसे ही दो मामले में CBI को बड़ी कामयाबी हासिल हुई है. दोनों आरोपियों के खिलाफ इंटरपोल की तरफ से रेड कॉर्नर नोटिस जारी करवाया गया था. अब इन दोनों आरोपियों को वापस भारत लाने में कामयाबी हासिल हुई है. जनार्दनन सुंदरम को तमिलनाडु और वीरेंद्रभाई मणिभाई पटेल को गुजरात पुलिस के हवाले कर दिया गया. इन दोनों पर करोड़ों रुपये का भ्रष्‍टाचार करने का आरोप है.

फाइनेंशियल फ्रॉड मामले में वॉन्‍टेड और इंटरपोल की ओर से रेड कॉर्नर जारी भगोड़े को भारत लाने में कामयाबी मिली है. सीबीआई ने तमिलनाडु पुलिस द्वारा वॉन्‍टेड जनार्दनन सुंदरम को बैंकॉक से इंडिया लाया है. सुंदरम के कोलकाता एयरपोर्ट पर लैंड करते ही उसे गिरफ्तार कर किया गया और तमिलनाडु पुलिस के हवाले कर दिया गया. इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (ईओडब्ल्यू) चेन्नई (तमिलनाडु) ने साल 2022 में सुंदरम के खिलाफ मामला दर्ज किया था. आरोपी पर धोखाधड़ी समेत अन्‍य गंभीर आरोप थे. सुंदरम पर सुंदरम 87,50,73,778 रुपये का फ्रॉड करने का आरोप है. अब उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा जाएगी.

रेड कॉर्नर नोटिस
तमिलनाडु पुलिस के अनुरोध पर सीबीआई ने साल 2023 में इंटरपोल से को-ऑर्डिनेट किया और पूरे मामले की जानकारी देकर रेड कॉर्नर नोटिस इश्‍यू करवाया था. वॉन्‍टेड क्रिमिनल पर नजर रखने के लिए डिटेल विश्व स्तर पर सभी एजेंसियों को भेजा भी गया था.28 जनवरी 2025 को बैंकॉक की यात्रा करने वाले सुंदरम को रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर एंट्री से रोक दिया गया. साथ उसे बैंकॉक से भारत भेज दिया गया. सुंदरम 29 जनवरी 2025 को बैंकॉक से कोलकाता एयरपोर्ट पर लैंड किया. इंडिया पहुंचते ही उसे गिरफ्तार कर लिया गया. बाद में उसे तमिलनाडु पुलिस टीम को सौंप दिया गया.

अमेरिका से आया आरोपी एयरपोर्ट पर गिरफ्तार
धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश के एक अन्‍य मामले में इंटरपोल की ओर से रेड कॉर्नर नोटिस वॉन्‍टेड वीरेंद्रभाई मणिभाई पटेल को अहमदाबाद एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया. सीबीआई ने वीरेंद्रभाई के खिलाफ नोटिस जारी करवाया था. फ्रॉड के एक मामले में गुजरात पुलिस के अनुरोध पर आरोपी के खिलाफ नोटिस जारी किया गया था. गुजरात पुलिस ने साल 2002 में आपराधिक साजिश, दस्तावेजों की जालसाजी, जाली दस्तावेज़ का उपयोग, धोखाधड़ी और बेईमानी से संपत्ति की डिलीवरी के मामलों में केस दर्ज किया गया था. वीरेंद्रभाई पटेल पर 77 करोड़ रुपये का घपला करने का आरोप है.

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मोतीलाल ओसवाल को झटका, SEBI ने लगाया ₹7 लाख का जुर्माना https://samacharpacheesa.com/?p=14648 Fri, 31 Jan 2025 05:36:01 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=14648 ब्रोकिंग फर्म मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड (MOFSL) को बड़ा झटका लगा है. दरअसल, मार्केट रेगुलेटर सिक्योरिटी एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) ने गुरुवार (30 जनवरी) को स्टॉक ब्रोकर और डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट्स नियमों के उल्लंघन के लिए मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड पर 7 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है. सेबी के आदेश के मुताबिक, कंपनी को 45 दिन के भीतर जुर्माना भरने का निर्देश दिया गया है.

सेबी ने शेयर ब्रोकर और डिपॉजिटरी भागीदार मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड का अप्रैल, 2021 से जून, 2022 तक की अवधि के लिए शेयर बाजारों और डिपॉजिटरी के साथ संयुक्त रूप से जांच की. इसके बाद सेबी 4 जुलाई 2024 को ब्रोकिंग फर्म को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया.

ये हैं आरोप
सेबी के नोटिस में मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज पर जो मुख्य आरोप लगाए गए, उनमें गलत रिपोर्टिंग और मार्जिन की कम वसूली, कैश और कैश इक्विवेलेंट बैलेंस का गलत डेटा (57 मामलों में), सिक्योरिटीज बिजनेस के अलावा अन्य कार्यों में शामिल होना (जिससे पर्सनल फाइनेंशियल लायबिलिटी पैदा हुई) और मार्जिन ट्रेडिंग फंडिंग पर गलत रिपोर्टिंग शामिल हैं. मार्केट रेगुलेटर के नोटिस में आरोप लगाया गया कि SCORES प्लेटफॉर्म और एक्सचेंजों से प्राप्त 300 से ज्यादा (334) शिकायतें 30 दिनों से ज्यादा समय से पेंडिंग थीं. इसके अलावा मार्केट इंटरमीडियरी ने अकाउंट्स को सही तरीके से मेंटेन नहीं किया.

मोतीलाल ओसवाल ने आरोपों पर दी सफाई
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज ने नोटिस के जवाब में कहा कि कुछ उल्लंघन पूरी तरह से अनजाने में हुए और जानबूझकर की गई गलत रिपोर्टिंग नहीं थे. इसमें आगे कहा गया है कि कुछ टेक्निकल इश्यू भी थे, जिनके चलते उल्लंघन हुए और उन्हें पहले ही ठीक कर लिया गया है.

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लड़की का आया फोन, बोली-……जगाया ऐसा अरमान आधी रात को… https://samacharpacheesa.com/?p=12678 Thu, 12 Dec 2024 05:49:03 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=12678 इन दिनों ऑनलाइन लड़कियों से दोस्ती करने का चलन काफी बढ़ गया है. इसके कारण ठगी का मामला भी बढ़ता जा रहा है. अहमदाबाद से एक ऐसा ही ठगी का मामला सामने आया है. चांदखेड़ा में रहने वाला 45 साल का शख्स एक इंश्योरेंस कंपनी में एरिया मैनेजर है. उनके पिता रेलवे यातायात विभाग से सेवानिवृत्त हैं. युवक दो महीने पहले दोस्त बनाने, शादी और सामाजिक गतिविधियों की जानकारी देने वाले ‘क्वेक क्वेक’ ऐप से जुड़ा था.

जिसमें उसकी पहचान जिया पटेल नाम की लड़की से हुई थी. जिया ने खुद को मोरबी का बताया और भोपाल के एक ब्यूटी पार्लर में काम करने वाली बताया बाद में उसने युवक से मिलने की मीठी-मीठी बातें कीं. जब युवक उससे मिलने भोपाल गया तो जिया ने बहाना बनाकर उससे मिलना टाल दिया. बाद में नलसरोवर लंबी ड्राइव पर गए और शारीरिक संबंध बनाने का मीठा प्रलोभन दिया.

कई जिलों में कांड कर चुकी है महिला
22 नवंबर को युवक और जिया की मुलाकात हुई. जिया ने युवक को नालासरोवर रोड पर एक सुनसान जगह पर ले जाने को कहा और युवक उसे वहां ले गया. लड़की के दोस्त वहां आ गए और उसे पीटने लगे और धमकी देने लगे. बाद में आरोपी ने नकली पुलिस बनकर लड़की से बात कर कानून का डर दिखाया. बाद में आरोपियों ने युवक का क्रेडिट और डेबिट कार्ड लूट लिया. जिससे उसे नकदी मिली और उसने आभूषण खरीदे. इस मामले में नालासरोवर पुलिस ने केस दर्ज किया. जांच के बाद ग्रामीण एलसीबी, एसओजी, नालासरोवर पुलिस सहित टीमों ने गिरोह के चार आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ की है. फिर पुलिस ने इस संदेह पर जांच तेज कर दी है कि इस गिरोह के लोगों ने अन्य शहरों या जिलों में और भी वारदातें की हैं.
ये गिरोह के सदस्य पकड़े गए

जानकी कनकभाई के ऊपर (शेष. ध्रोल, जामनगर)
नासिर जसराया (शेष. ध्रोल, जामनगर)

कौसर उर्फ ​​जिया उर्फ ​​खुशी पिंजारा (निवासी धरोल, जामनगर)

साहिल वाघेला (शेष. ध्रोल, राजकोट)

राज कोटाई (शेष धरोल, जामनगर)

शहर में एक लड़की ने भी अपराध किया है. पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी जानकी, नसीर, कौसर, साहिल और राज एक ही गांव में रहते हैं और आपस में दोस्त हैं. पैसा कमाने के लालच में उन्होंने इस एप्लीकेशन के जरिए कई लोगों को अपना शिकार बनाया है. कौसर इस गैंग का मास्टरमाइंड है और उसने सूरतनगर में भी एक शख्स को हनीट्रैप में फंसाया था. होटल में प्रवेश पर रोक लगाने वाले इस गिरोह के सदस्य पहले से ही योजना बना रहे थे. कौसर किसी भी टारगेट को फंसा लेता था. मिलने की बात तय होने पर जब कौसर को एक होटल में ले जाने की पेशकश की गई तो उसने इनकार कर दिया. यह कहते हुए कि हाईवे के होटल खतरनाक हैं, वह एक सुनसान जगह पर मिलने का फैसला करता था और अपने गिरोह के सदस्यों को डकैती करने के लिए वहां बुलाता था.

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गाजियाबाद….आर्मी जैकेट में थाने पहुंचा युवक, कहा- 31 साल पहले हुआ था अपहरण, मां-बाप को ढूंढ़ दो, फिर… https://samacharpacheesa.com/?p=12272 Thu, 28 Nov 2024 04:28:09 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=12272 गाजियाबाद कमिश्‍नरेट और नोएडा से जुड़े खोड़ा थाने में पुलिस कर्मी सामान्‍य रूप से काम कर रहे थे. फरियादी अपनी शिकायत लेकर पहुंचे थे, कुछ बाहर धूप में बैठे रहे थे तो कुछ अंदर जा रहे थे. वहीं इंस्‍पेक्‍टर से लेकर एसएसआई शिकायतों के समाधान में लगे थे. तभी आर्मी की जैकेट पहने एक युवक अंदर आया. पुलिस कर्मियों ने कारण पूछा तो बताया कि 31 पहले उसका अपहरण हुआ था, उसके मां-बाप को ढूंढ़ दो. यह सुनकर कर्मियों के कान खड़े हो गए, सारा काम रोकर उसे बैठाया और पूरी कहानी सुनी. फिर पुलिस ने ऐसी तरकीब निकाली, जिससे उसका परिवार मिल गया.

गाजियाबाद कमिश्‍नरेट के सहायक पुलिस आयुक्‍त रजनीश उपाध्‍याय ने बताया खोड़ा थाने में एक युवक पहुंचा और उसने अपना नाम राजू बताया और कहा कि दिल्‍ली-नोएडा के आसपास किसी जगह का रहने वाला है. 31 साल पहले उसका अपहरण हुआ था.

9 साल की उम्र में हुआ था अपहरण

उस समय उकी उम्र केवल नौ साल थी. उसकी चार बहन हैं और अकेला भाई है. एक दिन बड़ी बहन के साथ स्‍कूल से लौट रहा था. किसी बात को लेकर बहन से झगड़ा हो गया, वो आगे आगे चलने लगा और पास में खड़े एक टेंपो में बैठ गया. उसमें कुछ लोग बैठे थे, बातचीत की, उसने झगड़े की बात बताई. इसके बाद वे कुछ दूर तक टेंपो से ले गए. इसके बाद ट्रक से राजस्‍थान के किसी शहर में ले गए. बाद उसे पता चला कि जहां पर रखा गया है, वो जैसलमेर जिले में आता है.

दिनभर काम कराते और रात में बांध देते थे

वहां उससे दिनभर भेड़ बकरियां चराने का काम कराया जाता था और रात में बांध दिया जाता है. इस तरह उसके 31 साल गुजर रहे. उसके साथ इसी के और भी कई बच्‍चे थे. पूछताछ में उसने बातया कि गांव इतने बीहड़ में था, जहां से रोड तक जाने में दो दिन लगते थे. इस वजह से वो कभी भागने की हिम्‍मत नहीं करा पाया.

सरदार जी तरस खाकर दिल्‍ली छोड़ गए

राजू ने बताया कि हाल फिलहाल में एक सरदार जी भेड़ बकरी खरीदने आए थे. राजू की बढ़ी दाढ़ी बाल और नाखून देखकर तरस आ गया. उन्‍होंने राजू के परिवार के संबंध में पूछ तो उसने बताया कि दिल्‍ली नोएडा के करीब है. वो किसी तरह उसको दिल्‍ली लेकर आए. यहां पर बाल दाढ़ी कटवाई. कपड़े खरीदवाए और कुछ रुपये दे दिए. उसे यहीं छोड़ वापस चले गए.

नोएडा, स्‍कूल और मंदिर ही याद था

उसे दिल्‍ली-नोएडा का नाम याद था, स्‍कूल जानें में मंदिर पड़ता था. लेकिन 31 साल में पूरा बदल गया. पहले जंगल होता था, लेकिन अब बदल गया है, इसलिए पहचान नहीं पा रहा था. नोएडा के पास खोड़ा था पड़ता है इसलिए लोगों ने उसे सलाह दी कि खोड़ा थाने में संपर्क करे. यहां पर पहुंचकर उसने आपबी‍ती बताई. उसकी कहानी सुनकर पुलिसकर्मी तरस आया और उन्‍होंने अपने तरीके से पता लगाना शुरू किया. साथ ही मीडिया और सोशल मीडिया में भी खबरें चलवाईं.

थाने पहुंचने लगे कई परिवार

खबर पढ़ते ही वो सभी लोग थाने पहुंचने लगे, जिनके बच्‍चों का अपहरण या गायब 1993 में हुए थे. राजू को भी स्‍वयं कुछ भी याद नहीं था. इसी बीच साहिबाबाद थाने के शहीदनगर में रहने वाले तुलाराम पत्‍नी के साथ पहुंचे. उन्‍होंने बताया कि उनका बेटा भी 1993 में स्‍कूल से लौटते समय गायब हो गया था. पुलिस साहिबाबाद थाने के रिकार्ड खंगलाए तो तुलाराम की ओर से मामला दर्ज है. इसके बाद शरीर में कुछ निशान बताए, जो राजू के शरीर में मिले. तुलाराम के घर से स्‍कूल जाने में रास्‍ते में मंदिर पड़ता है. इस तरह तय हुआ कि वो तुलाराम का बेटा है. जिसका असली नाम भीम सिंह है. राजू नाम जैसलमेर में रखा गया था. पुलिस ने कागजी कार्रवाई करके परिजनों को सौंप दिया है.

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मुंबई क्राइम ब्रांच से बोल रहा हूं… RBI अफसर बनकर कर कास्मेटिक कारोबारी के साथ किया कांड https://samacharpacheesa.com/?p=11672 Mon, 11 Nov 2024 04:51:00 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=11672 गोपालगंज. बिहार के गोपालगंज जिले में फर्जी क्राइम ब्रांच और आरबीआई के अफसर बनकर साइबर अपराधियों ने बड़ा कांड किया है. साइबर अपराधियों ने कास्मेटिक के एक कारोबारी को कॉल करके साइबर फ्रॉड का शिकार बनाया. साइबर अपराधियों ने खुद को क्राइम ब्रांच मुंबइ और आरबीआइ का ऑफिसर बताकर मुंबई में अलग-अलग 17 एफआइआर दर्ज होने और मनी लाउंड्री का केस होने की बात कहकर डराया और धमकाया, उसके बाद दो अलग-अलग खातों में एक लाख 83 हजार रुपये मंगाकर ठगी का शिकार बना लिया.

कटेया थाने के गौरा बाजार के रहनेवाले पीड़ित कारोबारी अरुण कुमार पटवा ने इस मामले को लेकर साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी है. पीड़ित कारोबारी ने पुलिस को बताया कि कास्मेटिक सामान खरीदने के सिलसिले में सितंबर महीने में मुंबई गया हुआ था. मुंबई से लौटने पर बीते 25 अक्तूबर को कॉल आया और खुद को टेलिकॉम ऑफिस बताया़ कॉल करनेवाले जोया प्रवीन ने कहा कि उसके आधार कार्ड से एक सिमकार्ड निकला हुआ है और कुछ ही सेकेंड में उसने कॉल दूसरे जगह ट्रांसफर कर दिया.

जानकारी के अनुसार वहां बात करनेवाले साइबर अपराधी ने खुद को मुंबइ क्राइम बांच का अधिकारी बताया और कारोबारी के ऊपर 17 एफआइआर दर्ज होने का झांसा देकर 99 हजार रुपये बैंक खाते में मंगा लिया़ इसके बाद आरबीआइ का अधिकारी बनकर तीसरा साइबर अपराधी ने कॉल किया और मनी लाउंड्री का केस दर्ज होने की बात कहकर 84 हजार रुपये खाते में मंगा लिया.

वहीं ठगी का शिकार होने के बाद कारोबारी ने मामले को गंभीरता से लिया और इसकी शिकायत साइबर हेल्पलाइन नंबर पर दर्ज कराते हुउ साइबर थाने में की. साइबर थाने की पुलिस इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच पड़ताल करने में जुटी हुई है.

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पैसे के लिए देश बेचने वाले क्रिकेटर… 5 कप्तान भी शामिल, पाकिस्तानी अव्वल, भारतीय भी नहीं रहे पीछे https://samacharpacheesa.com/?p=11329 Tue, 29 Oct 2024 06:39:53 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=11329 किसी भी क्रिकेटर का सपना अपने देश के लिए खेलना होता है. भारत जैसे देश में तो करोड़ों क्रिकेटरों में किसी एक का यह सपना सच होता है. इसके बावजूद कई क्रिकेटर अपने इस सपने को ही बेच देते हैं. जी हां, भारत समेत दुनिया में ऐसे कई क्रिकेटर हैं, जिन्होंने मैच फिक्सिंग की या कहें कि पैसे के लिए अपना देश बेच दिया. उन्होंने मैच हारने के लिए पैसे लिए और अपने देश को नीचा दिखाया.

मौजूदा समय में दुनिया में 30 से ज्यादा ऐसे क्रिकेटर हैं, जिन पर कभी ना कभी मैच फिक्सिंग का आरोप लगा. पाकिस्तान के पूर्व कप्तान सलीम मलिक दुनिया के पहले क्रिकेटर थे, जिन पर मैच फिक्सिंग का आरोप साबित हुआ और उन पर आजीवन प्रतिबंध लगा. सलीम मलिक पर सिर्फ बैन ही नहीं लगा, बल्कि उन्हें जेल की हवा भी खानी पड़ी. पाकिस्तान के ही अता उर रहमान पर मैच फिक्सिंग के लिए आजीवन बैन लगा.

अजहर-जडेजा-मनोज प्रभाकर…
भारतीय क्रिकेटरों पर भी मैच फिक्सिंग के आरोप लगे और उन्हें सजा भी हुई. साल 2000 में दक्षिण अफ्रीकी कप्तान हैंसी क्रोन्ये ने दावा किया कि मोहम्मद अजहरुद्दीन ने उन्हें बुकी से मिलवाया और मैच फिक्स करने का ऑफर किया. मैच फिक्सिंग के इन आरोपों से क्रिकेट वर्ल्ड हिल गया. जांच के बाद बीसीसीआई ने कप्तान रहे अजहरुद्दीन, अजय जडेजा, अजय शर्मा पर आजीवन बैन लगा और मनोज प्रभाकर को 5 साल के लिए प्रतिबंधित किया गया. हालांकि, कोर्ट ने इन चारों पर लगा प्रतिबंध हटा दिया.

क्रोन्ये के खुलासे से मचा बवाल
हैंसी क्रोन्ये के खुलासे ने सिर्फ भारतीय क्रिकेट को नहीं डसा. दक्षिण अफ्रीका के क्रिकेटर भी इसकी चपेट में आए. हैंसी क्रोन्ये तो आजीवन प्रतिबंधित किए ही गए. हर्शेल गिब्स, हेनरी विलियम्स पर भी छह-छह महीने का बैन लगा. केन्या के मॉरिस ओडुम्बे और वेस्टइंडीज के मर्लोन सैमुअल्स पर भी अलग-अलग मामलों में क्रमश: 5 और 3 साल के लिए प्रतिबंधित किए गए.

2010 में आया सबसे बड़ा तूफान
साल 2010 में फिक्सिंग का बड़ा तूफान आया, जब स्टिंग ऑपरेशन में पाकिस्तान के मोहम्मद आमिर, मोहम्मद आसिफ और तत्कालीन कप्ताान सलमान बट पैसे के बदले अपना खेल बेचते नजर आए. हालांकि, यह मैच फिक्सिंग की बजाय स्पॉट फिक्सिंग का मामला ज्यादा था. पाकिस्तान के इन क्रिकेटरों पर इंग्लैंड में केस चला और सजा भी हुई. सलमान बट को 30 महीने, आसिफ को 12 महीने और आमिर को 6 महीने की जेल हुई.

दानिश कनेरिया पर आजीवन बैन
यूट्यूब पर खूब एक्टिव रहने वाले पाकिस्तानी क्रिकेटर दानिश कनेरिया भी आजीवन प्रतिबंधित हैं. कनेरिया ने इंग्लैंड में काउंटी क्रिकेट में स्पॉट फिक्सिंग की थी. पाकिस्तान के उमर अकमल, शर्जील खान, बांग्लादेश के पूर्व कप्तान मोहम्मद अशरफुल, शरीफ उल हक, न्यूजीलैंड के ल्यू विंसेट, पाकिस्तान के लोनावाबो सोत्सोबे, अलवीरो पीटरसन भी फिक्सिंग के अलग-अलग मामलों में प्रतिबंध झेल चुके हैं.

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KBC16: ‘कौन बनेगा करोड़पति’ के नाम पर ठगे लाखों, पीएम मोदी की तस्वीर का भी किया यूज, सीबीआई ने दर्ज की FIR https://samacharpacheesa.com/?p=11224 Sun, 27 Oct 2024 07:30:41 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=11224 ‘कौन बनेगा करोड़पति 16’ को हमेशा की तरह अमिताभ बच्चन होस्ट कर रहे हैं. इस सीजन में कई बेहतरीन कंटेस्टेंट्स आए जिन्होंने न सिर्फ अमिताभ को बल्कि ऑडियंस को प्रभावित किया. शो की पॉपुलैरिटी के बीच एक शख्स ने दावा किया कि करोड़पति में पार्टिसिपेट करवाने और 5.6 करोड़ रुपए की कंफर्म जीत का दावा एक महिला ने उनसे 3 लाख रुपए ठग लिए. महिला ने खुद को सीबीआई का ऑफिसर बताया था. इसके साथ ही फर्जी महिला ऑफिसर ने पीड़ित शख्स को पीएम नरेंद्र मोदी के साथ वाली तस्वीर भी दिखाई थी.

एक शिकायतकर्ता ने दावा किया था कि हिट टीवी शो कौन बनेगा करोड़पति में 5.6 करोड़ रुपये का पुरस्कार जीतने का झूठा वादा करके उससे लगभग 3 लाख रुपये की ठगी की गई. जिसके बाद सीबीआई ने धोखाधड़ी, जालसाजी और आईटी एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है.

पीएमओ की शिकायत पर सीबीआई ने दर्ज की एफआईआर

सीबीआई ने अज्ञात अरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है. इस एफआईआर में कहा गया है कि एक महिला ने खुद को एक सीनियर सीबीआई अधिकारी बताकर पीड़ित को धोखा देने के लिए पीएम की तस्वीर का इस्तेमाल किया. पीएमओ ने सीबीआई में शिकायत दर्ज कराई जिसके बाद सीबीआई ने केस दर्ज किया.

Fake CBI Officer

फेक सीबीआई ऑफिसर का आईडी कार्ड.

केबीसी के कथित दो ऑफिस से पीड़ित को कॉल किया

सीबीआई की एफआईआर में कहा गया है कि शिकायतकर्ता को सोशल मीडिया पर दो फर्जी संस्थाओं से सूचनाएं मिलीं, जिन्होंने अपनी पहचान केबीसी मुंबई और केबीसी कोलकाता के रूप में बताई. सीबीआई की एफआईआर में कहा गया, “केबीसी मुंबई ने कहा कि शिकायतकर्ता ने 25 लाख रुपये जीते हैं, जिसे बढ़ाकर 5.6 करोड़ रुपये कर दिया गया है. इसी तरह केबीसी कोलकाता ने कहा कि उन्होंने 75 लाख रुपये जीते, फिर इसे बढ़ाकर 2.75 करोड़ रुपये कर दिया.”

पीड़ित शख्स पर नकली सीबीआई ऑफिसर बन दवाब डाला

शिकायतकर्ता को पुरस्कार राशि के रूप में करोड़ों जीतने के लिए केवल 2.91 लाख रुपए जमा करने होंगे. बाद में एक महिला ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर अवॉर्ड मनी लेने के लिए पैसे देने के लिए दबाव डाला.

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ऑनलाइन ट्रेडिंग और मुनाफे का लालच ले डूबा, डिजिटल अरेस्ट से हो गई 50 लाख की ठगी https://samacharpacheesa.com/?p=11051 Tue, 22 Oct 2024 03:31:11 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=11051 हिमाचल प्रदेश में भी डिजिटल ठगी और डिजिटल फ्रॉड के मामले सामने आ रहे हैं. इसमें फंसकर लोग न केवल अपना धन बल्कि जान भी गंवा रहे हैं. जिला कांगड़ा में भी ऐसे कई मामले सामने आ रहे हैं, लेकिन अगर बात करें रजिस्टर मामलों की, तो अभी तक एक मामला ही रजिस्टर हुआ है. ऑनलाइन ट्रेडिंग में सात गुना मुनाफा कमाने के चक्कर में बैजनाथ के एक युवक ने 50.15 लाख रुपये ठगों के हाथों लुटा दिए. युवक एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर है और पहले भी ऑनलाइन ट्रेडिंग करता रहा है.

शेयर खरीदने का दिया झांसा 
व्हाट्सएप ग्रुप में युवक को ठगों ने ऐसे शेयर खरीदने का झांसा दिया, जो उससे न खरीदे जाने वाले थे. इसमें युवक ने इस साल अगस्त से करीब 10 ट्रांजैक्शन में 50.15 लाख रुपये की राशि ठगों के हाथों लूट दी. ठगी का शिकार होने का एहसास होने पर युवक ने साइबर थाना धर्मशाला में मामले की शिकायत की है. जानकारी के अनुसार, कुछ माह पूर्व शिकायतकर्ता के मोबाइल पर एक नंबर से व्हाट्सएप मैसेज आया, जिससे मिले लिंक से वह एक ग्रुप में जुड़ गया.

ठगी के तरीके
वहां उसे शेयर मार्केट में ऑनलाइन ट्रेडिंग के लिए झांसा दिया गया. उन्होंने युवक से कहा कि ट्रेडिंग के बदले उसे लगाए गए रुपये के सात गुने रुपये दिए जाएंगे. इसके बाद युवक ने विभिन्न तिथियों में 10 से अधिक बार लगाते हुए अलग-अलग खातों में 50.15 लाख रुपये डाल दिए. शुरू में रिफंड मिलता दिखाया गया, लेकिन रुपये निकालने का प्रयास करने पर और पैसे की मांग की गई. एएसपी नॉर्थ जोन साइबर थाना धर्मशाला प्रवीण धीमान ने बताया कि मामले में केस दर्ज कर जांच-पड़ताल शुरू कर दी गई है.

एसपी का बयान
एडीशनल एसपी साइबर थाना कांगड़ा प्रवीण धीमान ने लोकल 18 को बताया कि जल्दी और आसानी से धन कमाने के लालच की वजह से लोग इस धोखाधड़ी में फंस रहे हैं. उन्होंने कहा कि पिछले साल 2 मामले जिला कांगड़ा में आए थे, जिनमें 1 करोड़ की ठगी हुई थी, जबकि इस साल 50 लाख की ठगी का एक मामला दर्ज किया गया है.

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मनी लॉन्ड्रिंग ने बढ़ाई तमन्ना भाटिया की मुश्किलें…..कैसे होती पैसों की हेराफेरी https://samacharpacheesa.com/?p=10923 Sat, 19 Oct 2024 06:24:34 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=10923 बॉलीवुड एक्ट्रेस तमन्ना भाटिया मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े एक मामले में फंस गई हैं. प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुवाहाटी में ‘HPZ टोकन’ मोबाइल ऐप से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच को लेकर पूछताछ की, जिसमें बिटकॉइन और कुछ अन्य क्रिप्टोकरेंसी के बहाने कई निवेशकों को कथित तौर पर धोखा दिया गया. आधिकारिक सूत्रों ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को यह जानकारी दी. प्रवर्तन निदेशालय ने कहा कि भाटिया का बयान यहां एजेंसी के क्षेत्रीय कार्यालय में धन शोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के तहत दर्ज किया गया. सूत्रों ने बताया कि भाटिया को ऐप कंपनी के एक कार्यक्रम में ‘‘सेलिब्रिटी के रूप में शामिल होने’’ के लिए कुछ धनराशि मिली थी और उनपर मामले में उनकी संलिप्तता होने का कोई आरोप नहीं है.

क्या है मामला

‘APZ टोकन’ मोबाइल ऐप से जुड़े इस ठगी के मामले में मार्च में ईडी द्वारा दाखिल चार्जशीट में कुल 299 इकाइयों को आरोपी बनाया गया है, जिनमें 76 चीन नियंत्रित यूनिट्स हैं, जिनमें 10 निदेशक चीनी मूल के हैं जबकि दो इकाइयां अन्य विदेशी नागरिकों द्वारा नियंत्रित हैं. इन लोगों को इस साल मार्च में दाखिल ईडी के आरोपपत्र में नामजद आरोपी बनाया गया है. इस केस में विभिन्न आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है. इन आरोपियों पर बिटकॉइन और अन्य क्रिप्टोकरेंसी के रूप में अत्यधिक रिटर्न दिलाने का वादा करके भोले-भाले निवेशकों से ठगी करने का आरोप है.

क्या होती है मनी लॉन्ड्रिंग

मनी लॉन्ड्रिंग, ऐसी धोखाधड़ी है जिसमें अपराधी अपनी सम्पत्ति के अवैध स्रोत को छुपाते हैं. ‘HPZ टोकन’ मोबाइल फोन एप्लीकेशन केस में भी ऐसा ही किया गया. जांच एजेंसी ने कहा कि अपराध से हासिल धन को छिपाने के उद्देश्य से फर्जी निदेशकों वाली विभिन्न फर्जी कंपनियों द्वारा बैंक खाते और मर्चेंट आईडी खोले गए थे. इसने दावा किया कि ये धन अवैध ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी तथा बिटकॉइन बनाने के लिए निवेश के वास्ते ‘‘धोखाधड़ी’’ कर प्राप्त किए गए थे.

ईडी ने कहा कि 57,000 रुपये के निवेश पर तीन महीने तक प्रतिदिन 4,000 रुपये का रिटर्न देने का वादा किया गया था, लेकिन केवल एक बार ही पैसे का भुगतान किया गया. ईडी ने कहा कि इस मामले में देश भर में छापेमारी की गई, जिसके परिणामस्वरूप 455 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति और बैंक में जमा राशि जब्त की गई.

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स्टार हेल्थ के 3 करोड़ ग्राहकों का डाटा लीक……हैकर ने कहा- कीमत चुकाओ और ले जाओ सब https://samacharpacheesa.com/?p=10611 Thu, 10 Oct 2024 05:29:53 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=10611 स्टार हेल्थ एंड एलाइड इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड ने बुधवार, 9 अक्टूबर को पुष्टि की कि कंपनी को एक साइबर हमले का शिकार बनाया गया है. इस हमले के तहत कुछ संवेदनशील डेटा तक अनधिकृत और अवैध पहुंच प्राप्त की गई. कंपनी ने अपने आधिकारिक बयान में कहा, “हम इस बात को स्वीकार करते हैं कि हम एक लक्षित साइबर हमले के शिकार हुए हैं, जिससे कुछ डेटा तक अवैध पहुंच प्राप्त की गई. लेकिन हम स्पष्ट रूप से यह बताना चाहते हैं कि हमारे ऑपरेशंस पर इसका कोई असर नहीं पड़ा है और सभी सेवाएं बिना किसी बाधा के जारी हैं.”

कोर्ट की कार्रवाई और अगला कदम
स्टार हेल्थ ने मद्रास हाई कोर्ट का रुख किया और कोर्ट ने सभी तीसरे पक्ष को इस संवेदनशील जानकारी तक पहुंच बंद करने का आदेश दिया. कंपनी के बयान के अनुसार, “हम कोर्ट के आदेश को लागू करने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं.”

साइबर सुरक्षा और संवेदनशील डेटा की सुरक्षा
स्टार हेल्थ के चीफ इंफॉर्मेशन सिक्योरिटी ऑफिसर (CISO) अमरजीत खनुजा ने जांच में सहयोग दिया है, और अब तक उनके खिलाफ कोई गलत काम का आरोप नहीं लगा है. कंपनी ने यह भी कहा कि किसी भी ग्राहक डेटा की अनधिकृत प्राप्ति, धारण, या प्रसार अवैध है, और सभी प्लेटफार्मों से अनुरोध किया कि वे इस तरह की गतिविधियों को रोकें और हाई कोर्ट के आदेश का पालन करें.

सितंबर 20, 2024 को रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, स्टार हेल्थ का ग्राहक डेटा टेलीग्राम पर चैटबॉट्स के माध्यम से सार्वजनिक रूप से उपलब्ध था. कंपनी ने अपने पहले बयान में कहा था कि कोई व्यापक डेटा समझौता नहीं हुआ और संवेदनशील ग्राहक डेटा सुरक्षित था. हालांकि, अब स्थिति चिंताजनक हो गई है क्योंकि हैकर ने डेटा बेचने की योजना बनाई है.

स्टार हेल्थ ने यह भी जानकारी दी कि एक स्वतंत्र साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों द्वारा मामले की जांच की जा रही है, और कंपनी सरकार और नियामक अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रही है. कंपनी ने इस साइबर हमले की सूचना भारतीय बीमा और साइबर सुरक्षा अधिकारियों को दी है और इस संबंध में एक आपराधिक शिकायत भी दर्ज करवाई है.

डेटा चोरी और हैकर का दावा
हाल ही में खबर सामने आई कि एक हैकर ने स्टार हेल्थ के 31 मिलियन से अधिक ग्राहकों का डेटा लीक करने का दावा किया है. इस डेटा में पैन कार्ड डिटेल्स, घर का पता और अन्य व्यक्तिगत जानकारी शामिल है. वेबसाइट, जिसे एक हैकर ने ‘xenZen’ के नाम से बनाई है, ने दावा किया है कि यह डेटा $150,000 (1.25 करोड़ रुपये) में बिक्री के लिए उपलब्ध है. हैकर ने यह भी आरोप लगाया है कि उसे यह डेटा सीधे स्टार हेल्थ से प्राप्त हुआ है.

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