कोलकाता – SAMACHARPACHEESA.COM https://samacharpacheesa.com Sat, 07 Dec 2024 05:47:28 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.3 ममता का उत्तराधिकारी कौन, किसके पास होगी TMC की कमान https://samacharpacheesa.com/?p=12528 https://samacharpacheesa.com/?p=12528#respond Sat, 07 Dec 2024 05:47:28 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=12528 ममता बनर्जी का उत्तराधिकारी कौन होगा, फ्यूचर में टीएमसी की कमान किसके हाथ में होगी? पश्चिम बंगाल की सियासत में यह सवाल चर्चा का विषय है. टीएमसी के भीतर या बाहर, बार-बार यह सवाल उठ रहा है. अब खुद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने खुलासा कर दिया है. ममता बनर्जी ने शुक्रवार को न्यूज18 बंगला को इंटरव्यू दिया. इसमें उन्होंने साफ कर दिया कि तृणमूल कांग्रेस में उनका उत्तराधिकारी कौन होगा. उन्होंने साफ कहा कि फैसला जो भी होगा, मगर वह अकेली नहीं लेंगी.

दरअसल, न्यूज18 बंगला को दिए इंटरव्यू में ममता बनर्जी ने कहा उत्तराधिकारी कौन होगा, यह पार्टी तय करेगी. ममता बनर्जी ने कहा कि टीएमसी एक अनुशासित पार्टी है, जहां कोई भी अपनी शर्तें नहीं थोप सकता है और न ही किसी पर हावी हो सकता है. उन्होंने कहा, ‘पार्टी तय करेगी कि लोगों के लिए सबसे अच्छा क्या है. हमारे पास विधायक हैं, सांसद हैं, बूथ कार्यकर्ता हैं. यह एक संयुक्त प्रयास है. नई पीढ़ी को मौका देने की बात पर संतुलित रवैया अपनाते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि ‘सभी (पुरानी और नई पीढ़ी के नेता) महत्वपूर्ण हैं. आज का नवागंतुक कल का अनुभवी होगा.’

ममता बनर्जी ने आगे कहा कि खुद से काम नहीं चलेगा. पार्टी एकजुट थी, है और रहेगी. यहां अहंकार काम नहीं करेगा. पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के अंदरूनी कलह के बीच ममता बनर्जी का यह बयान आया है. पार्टी के भीतर पुराने और युवा नेताओं के बीच वर्चस्व की लड़ाई जारी है. ममता बनर्जी ने एकाधिकार की बातों को खारिज करते हुए कहा कि मैं पार्टी नहीं हूं. हम सब मिलकर पार्टी हैं. यह एक परिवार है और यहां फैसले सामूहिक रूप से लिए जाते हैं.

हालांकि टीएमसी ने अभी तक ममता बनर्जी के बाद किसी उत्तराधिकारी की घोषणा नहीं की है, लेकिन यह टिप्पणी पुराने नेताओं और अगली पीढ़ी के नेताओं के बीच चल रही बहस के बीच आई है. पुराने नेता ममता बनर्जी के प्रति वफादार माने जाते हैं, जबकि नई पीढ़ी के नेता अभिषेक बनर्जी के करीबी माने जाते हैं. तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी को बंगाल के युवाओं के बीच पार्टी के किसी भी दूसरे नेता से ज्यादा लोकप्रिय माना जाता है. खबरों के मुताबिक, पुराने नेता अक्सर पार्टी के भीतर दखलअंदाजी करने के लिए उनकी आलोचना करते हैं.

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जज साहब, मुझे कुछ कहना है… कोर्ट में संजय रॉय ने पहली बार खोला मुंह, सब रह गए सन्‍न https://samacharpacheesa.com/?p=10547 Tue, 08 Oct 2024 13:45:22 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=10547 कोलकाता. आरजी कर मेडिकल कॉलेज में ट्रेनी डॉक्‍टर के मर्डर केस के बाद देशभर में मेड‍िकल जगत के लोगों के साथ आम आदमी पर गुस्‍सा था. लोगों ने इस मामले के आरोपी संजय रॉय की ग‍िरफ्तारी के बाद लगातार प्रदर्शन जारी रखे और आरोपी को सख्‍त से सख्‍त सजा द‍िलाने की मांग की. इस मामले में कोलकाता पुल‍िस के बाद मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी गई थी. सीबीआई ने इस मामले में सोमवार को आरोप-पत्र दाख‍िल क‍िया.

कोलकाता रेप और मर्डर केस की सुनवाई के दौरान कोर्टरूम में चार्जशीट की एक कॉपी संजय रॉय को भी दी गई है. इसी बीच मुख्य आरोपी ने अपना मुंह खोल और कहा क‍ि जज साहब मुझे कुछ कहना है. आपको बता दें क‍ि आरजी कर मेडिकल कॉलेज में एक युवा डॉक्टर से बलात्कार और हत्या के मामले में उसे 10 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था. करीब दो महीने बाद मुख्य आरोपी संजय रॉय ने पहली बार अपना मुंह खोला. संजय के खिलाफ चार नवंबर को आरोप तय किये जाएंगे. सियालदह अदालत में उनके खिलाफ कार्यवाही पूरी तरह सुनवाई ‘इन-कैमरा’ होगी यानी कोर्ट में बंद कमरे में सुनवाई होगी.

जज से क्‍या बोला संजय रॉय?
सोमवार को आरजी कर बलात्कार और हत्या मामले में सीबीआई द्वारा अपना पहला आरोपपत्र दायर करने के एक दिन बाद मंगलवार को संजय रॉय ने अदालत से कहा क‍ि मुझे कुछ कहना है. अगर मुझे बोलने नहीं दिया गया तो सारा दोष मुझ पर मढ़ दिया जाएगा. मैंने कुछ नहीं किया. मैं निर्दोष हूं मुझे इस मामले के बारे में कुछ नहीं पता.

सीबीआई को संजय रॉय के ख‍िलाफ 11 सबूत म‍िले
हालांकि सीबीआई का दावा है कि संजय के खिलाफ 11 ‘सबूत’ मिले हैं. केंद्रीय जांच एजेंसी द्वारा दायर की गई चार्जशीट में कहा गया है कि सीसीटीवी फुटेज, संजय के शरीर पर चोट के निशान, डीएनए रिपोर्ट, मोबाइल फोन की लोकेशन, बाल, ब्लूटूथ ईयरफोन जैसे कई सबूत मिले हैं, जो साबित करते हैं कि कोलकाता पुलिस बलात्कार में शामिल थी और आरजी कार की हत्या का मामला शामिल था.

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अब संदीप घोष के करीबियों पर गिरी गाज, 10 डॉक्टरों को निकालने का फैसला https://samacharpacheesa.com/?p=10442 Mon, 07 Oct 2024 06:07:18 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=10442 कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के अधिकारियों ने एक अधिसूचना जारी करते हुए 10 डॉक्टरों को निष्कासित करने का फैसला लिया है. इसमें इंटर्न, हाउस स्टाफ और सीनियर रेजिडेंट शामिल है. सूत्रों ने बताया कि ये सभी आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के पूर्व और विवादास्पद प्रिंसिपल संदीप घोष के अत्यंत करीबी और विश्वासपात्र थे, जिनके खिलाफ सीबीआई दो मामले में जांच कर रही है. पहला मामला जूनियर डॉक्टर के साथ हुए बलात्कार और हत्या का है और दूसरा मामला गंभीर वित्तीय अनियमितताओं का है.

निष्कासित 10 लोगों में हाउस स्टाफ आशीष पांडे भी शामिल है, जो वित्तीय अनियमितताओं के मामले में कथित तौर पर संलिप्त होने के कारण सीबीआई हिरासत में है. आयुषी थापा, निष्कासित 10 डॉक्टरों की टीम में एकमात्र महिला डॉक्टर है. इसके अलावा सौरव पाल, अभिषेक सेन, निरजन बागची, सारिफ हसन, नीलाग्नि देबनाथ, अमरेंद्र सिंह, सतपाल सिंह और तनवीर अहमद काजी को निष्कासित किया गया है.

आईएएनएस के पास उपलब्ध अधिसूचना के अनुसार, निष्कासित किए गए लोगों पर गंभीर आरोप हैं, जिनमें दूसरों को परीक्षा में फेल करने या छात्रावास से निकाल देने की धमकी देना, जूनियर छात्रों को विशेष राजनीतिक दल में शामिल होने के लिए मजबूर करना, यौन उत्पीड़न और दुर्व्यवहार, जबरन धन वसूली, छात्रों के खिलाफ झूठी एफआईआर दर्ज करना और कुछ छात्रों को टारगेट कर शारीरिक हिंसा करना शामिल है. इन सभी को अधिसूचना जारी होने के 72 घंटे के भीतर मेडिकल कॉलेज छात्रावास खाली करने के लिए कहा गया है. इसके अलावा, इनके पंजीकरण के कागजात की जांच की जाएगी और फिर उचित कार्रवाई के लिए पश्चिम बंगाल मेडिकल काउंसिल को भेजा जाएगा.

महिला डॉक्टर से बलात्कार और हत्या मामले के खिलाफ आंदोलन की अगुवाई कर रहे छात्र संगठन, पश्चिम बंगाल जूनियर डॉक्टर्स फ्रंट (डब्ल्यूबीजेडीएफ) ने शनिवार शाम को अनोखे विरोध प्रदर्शन की घोषणा की, जिसके तहत वह मरीजों को चिकित्सा सेवाएं देंगे और समानांतर तरीके से आमरण अनशन भी करेंगे. विभिन्न मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के छह जूनियर छात्र ने स्वेच्छा से प्रक्रिया शुरू करने की पेशकश की है और वह सभी छह शनिवार शाम से भूख हड़ताल पर हैं.

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तूफान की तबाही वाली रफ्तार… उड़ गए हजारों घर और मकान… 154 साल पहले बर्बाद हो गया था बंगाल https://samacharpacheesa.com/?p=10393 Sun, 06 Oct 2024 06:36:48 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=10393 कोलकाता: इन दिनों बंगाल की खाड़ी में चक्रवात तूफान का असर है. पश्चिम बंगाल में बारिश भी हो रही है, मौसम दुर्गा पूजा के उमंग पर पानी फेरते हुए दिख रहा है. लेकिन यह खबर अभी के मौसम के बारे में है. जब पश्चिम बंगाल में इसी अक्टूबर महीने में एक चक्रवात तूफान आया था और हजारों लोगों की जिंदगी तबाह कर गया. हम बात कर रहे हैं 5 अक्टूबर 1864 की. पूर्वी मेदिनीपुर में खेजुरी आयात और निर्यात के मुख्य केंद्रों में से एक था. लेकिन इस क्षेत्र को हमेशा समुद्री तूफ़ानों का सामना करना पड़ा.

160 साल पहले 5 अक्टूबर को बंगाल में तबाही मची थी. उस दिन आए चक्रवात से बंगाल का एक बड़ा इलाका तबाह हो गया था. उस दिन कोलकाता में भयानक स्थिति थी. कोलकाता में बाढ़ आ गई थी. एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि उस चक्रवात में करीब 60,000 लोगों की जान चली गई थी. बाढ़ का पानी कम होने के बाद भी, कई लोगों ने संक्रमण और बीमारी से अपनी जान गंवा दी थी.

बह गए थे हजारों घर
यह दिन इतिहास में एक काले दिन की तरह है. तूफ़ान में कई आम लोगों की मौत हो गई. उस दिन हाई कोर्ट, टेलीग्राफ दफ्तर बिल्डिंग, जेल समेत कई सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचा था. तूफान की तीव्रता के कारण जल स्तर 40 फीट तक बढ़ गया, उस दिन लगभग 100 फूस के घर और हजारों मिट्टी के घर पूरी तरह बह गए.

उस दिन आए तूफ़ान में पूरा खजूरी बंदरगाह समुद्र में डूब गया था. आधिकारिक दस्तावेज कहते हैं कि उस दिन 32 लोगों को डकैती के एक मामले में गवाही देने के लिए कोलकाता ले जाया जा रहा था. उन्होंने सड़क पर तूफान का सामना किया. बाद में 32 लोगों में से केवल 2 ही जीवित बचे. तूफान के दौरान करीब 600 मिलीमीटर बारिश हुई. खजूरी से महज 8 किमी दूर स्थित कौखली गांव में उस दिन 13 फीट के लाइट हाउस की ऊंचाई के बराबर पानी भर गया था.

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