छत्तीसगढ़ – SAMACHARPACHEESA.COM https://samacharpacheesa.com Fri, 11 Sep 2026 16:37:31 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.3 प्रेस क्लब में विराजेंगे विघ्नहर्ता, हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष की थीम पर सजेगा प्रेस क्लब https://samacharpacheesa.com/?p=19491 Fri, 11 Sep 2026 16:37:31 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=19491 रायपुर। वर्ष 2026 हिंदी पत्रकारिता के इतिहास में विशेष महत्व रखता है। इस वर्ष हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूरे कर रहे हैं। इस ऐतिहासिक अवसर को रायपुर प्रेस क्लब द्वारा पूरे वर्ष विभिन्न आयोजनों और गतिविधियों के माध्यम से उत्सव के रूप में मनाया जा रहा है। इसी कड़ी में इस वर्ष का गणेशोत्सव भी हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्षों की गौरवशाली यात्रा को समर्पित होगा।
रायपुर प्रेस क्लब परिसर में भगवान श्रीगणेश की भव्य प्रतिमा स्थापित की जाएगी और पूरे परिसर को आकर्षक रूप से सजाया जाएगा। गणेश पंडाल की सजावट और प्रस्तुति में हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्षों की यात्रा को रचनात्मक ढंग से प्रदर्शित किया जाएगा। पत्रकारिता के आरंभिक दौर से लेकर प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और वर्तमान डिजिटल एवं न्यू मीडिया तक के सफर की झलक गणेश पंडाल में देखने को मिलेगी।
गणेशोत्सव की तैयारियों को लेकर रायपुर प्रेस क्लब की कार्यकारिणी की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में निर्णय लिया गया कि गणेशोत्सव को भव्य और गरिमापूर्ण स्वरूप दिया जाएगा। उत्सव के दौरान प्रेस क्लब परिसर में प्रतिदिन भक्तिमय वातावरण में भगवान गणेश की आराधना की जाएगी।
प्रेस क्लब के विभिन्न प्रकोष्ठों को अलग-अलग दिवस पर भगवान श्रीगणेश की सेवा, पूजा-अर्चना और आयोजन की जिम्मेदारी दी जाएगी। वहीं महिला पत्रकार साथियों की विशेष सहभागिता सुनिश्चित करते हुए एक विशेष दिन विशेष भोग एवं प्रसाद का आयोजन भी किया जाएगा।

रायपुर प्रेस क्लब अध्यक्ष मोहन तिवारी ने कहा कि वर्ष 2026 हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूरे होने का ऐतिहासिक अवसर है। रायपुर प्रेस क्लब इस गौरवशाली यात्रा को पूरे वर्ष अलग-अलग आयोजनों के माध्यम से सेलिब्रेट कर रहा है। गणेशोत्सव भी इसी श्रृंखला का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि भगवान गणेश बुद्धि, विवेक और शुभारंभ के प्रतीक हैं और पत्रकारिता भी समाज को जागरूक करने, सत्य को सामने लाने तथा लोकतंत्र को मजबूत करने का माध्यम है। इसलिए इस वर्ष गणेशोत्सव को पत्रकारिता की गौरवशाली विरासत से जोड़ते हुए प्रेस क्लब परिसर को विशेष रूप से सजाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल धार्मिक आस्था का उत्सव नहीं होगा, बल्कि प्रेस क्लब परिवार की एकजुटता, धार्मिक परंपरा, और पत्रकारिता की विरासत और नई पीढ़ी को पत्रकारिता के 200 वर्षों के सफर से परिचित कराने का अवसर भी बनेगा।

बैठक में प्रेस क्लब अध्यक्ष मोहन तिवारी, महासचिव गौरव शर्मा, उपाध्यक्ष दिलीप साहू, कोषाध्यक्ष दिनेश यदु, संयुक्त सचिव निवेदिता साहू एवं भूपेश जांगड़े सहित कार्यकारिणी सदस्य संदीप पुराणिक, अंशुमान शर्मा, जाकिर घुडसेना, चंदन साहू, संतोष साहू, नीरज मिश्रा और संजीव सिन्हा उपस्थित रहे।

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मुख्यमंत्री की संवेदनशील पहल- शशिकांत को एम्स रायपुर में कराया भर्ती https://samacharpacheesa.com/?p=19481 Thu, 10 Sep 2026 16:29:58 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=19481 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत

मुख्यमंत्री ने शशिकांत से दूरभाष पर बातचीत कर उनके स्वास्थ्य की ली जानकारी

रायपुर, 10 सितंबर 2026

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की संवेदनशील पहल से धमतरी जिले के ग्राम देवपुर निवासी 29 वर्षीय शशिकांत भरत को बेहतर इलाज की नई उम्मीद मिली है। सोशल मीडिया के माध्यम से शशिकांत की गंभीर स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी मिलने पर मुख्यमंत्री ने तुरंत संज्ञान लिया और उनसे दूरभाष पर बात कर कुशलक्षेम जाना।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शशिकांत को 9 सितंबर की शाम अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), रायपुर में भर्ती कराया, जहाँ विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज जारी है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने उनके उपचार के लिए 4 लाख रुपये की सहायता राशि भी स्वीकृत की है।

2016 में हुए हादसे के बाद से प्रभावित है स्वास्थ्य

वर्ष 2016 में एक सड़क दुर्घटना के दौरान शशिकांत को गंभीर चोटें आई थीं, जिसके कारण वे करीब 50 दिनों तक कोमा में रहे। दुर्घटना में सर्वाइकल की समस्या उत्पन्न होने से उनके हाथ-पांव की कार्यक्षमता प्रभावित हो गई थी। लंबे समय तक विभिन्न अस्पतालों में इलाज कराने के बावजूद स्थिति में सुधार नहीं हो पाया था।

शशिकांत ने जताया आभार

मुख्यमंत्री से बातचीत और तुरंत मिली चिकित्सकीय सहायता के बाद शशिकांत ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा स्वयं फोन कर हाल-चाल पूछना और एम्स में इलाज के साथ 4 लाख रुपये की सहायता देना उनके और उनके परिवार के लिए बहुत बड़ा संबल है।

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जल संरक्षण और हर घर तक स्वच्छ पेयजल हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय https://samacharpacheesa.com/?p=19477 Thu, 10 Sep 2026 16:09:32 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=19477 जल संरक्षण और हर घर तक स्वच्छ पेयजल हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

जल संचय और जल जीवन मिशन के कार्यों को मिशन मोड में करें पूरा – मुख्यमंत्री श्री साय

मार्च 2028 तक सभी जल संरचनाओं को पूर्ण करने के निर्देश, गुणवत्ता और समयबद्धता पर विशेष जोर

जल जीवन मिशन की जिलेवार नियमित समीक्षा करें कलेक्टर, बाधाओं का तत्काल करें समाधान

पूर्ण हो चुके कार्यों का समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश

कोरिया, धमतरी और राजनांदगांव सहित अन्य जिलों के बेहतर प्रदर्शन की मुख्यमंत्री ने की सराहना

रायपुर 10 सितंबर 2026

जल संचय और जल जीवन मिशन के कार्यों को मिशन मोड में करें पूरा - मुख्यमंत्री श्री साय

जल संरक्षण केवल वर्तमान की आवश्यकता नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य से जुड़ा विषय है। प्रदेश में जल की प्रत्येक बूंद का संरक्षण हो और प्रत्येक परिवार को स्वच्छ पेयजल की सुविधा मिले, इस लक्ष्य के साथ राज्य सरकार जल संचय और जल जीवन मिशन के कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में जल संसाधन विभाग और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए यह बात कही।

मुख्यमंत्री श्री साय ने जल संचय जन भागीदारी अभियान की जिलेवार प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल संरक्षण के कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग हो और निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति के साथ भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक जल सुरक्षा की दिशा में काम किया जाए।

जनभागीदारी से मजबूत होगा जल संरक्षण अभियान

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जल संरक्षण को केवल शासकीय कार्यक्रम तक सीमित न रखते हुए इसे जनभागीदारी का व्यापक अभियान बनाया जाना चाहिए। वर्ष 2025-26 में प्रदेश के अनेक जिलों ने जल संचय जन भागीदारी अभियान के अंतर्गत उल्लेखनीय कार्य किए हैं। अब सभी जिलों को अपने निर्धारित लक्ष्य से आगे बढ़कर बेहतर परिणाम के लिए प्रयास करना होगा।

मुख्यमंत्री ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से अभियान की जिलेवार प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने कोरिया, धमतरी राजनांदगांव सहित अन्य जिलों में जल संरक्षण की दिशा में किए गए कार्यों की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिलों के अनुभव और कार्यप्रणाली का लाभ अन्य जिलों को भी मिलना चाहिए, ताकि पूरे प्रदेश में जल संरक्षण के प्रयासों को समान गति मिल सके।

जल संसाधन विभाग के सचिव श्री राजेश कुमार टोप्पो ने बैठक में बताया कि जल संचय जन भागीदारी अभियान में छत्तीसगढ़ देश में अग्रणी है। उन्होंने बताया कि सभी जिलों को इस वर्ष निर्धारित लक्ष्य प्राप्त करने के साथ उससे बेहतर प्रदर्शन के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।

छत्तीसगढ़ के जल संरक्षण मॉडल को राष्ट्रीय मंच पर मिली पहचान

मुख्यमंत्री ने कहा कि जल संरक्षण के प्रयास तभी दीर्घकालिक परिणाम देंगे, जब शासन के साथ समाज की सक्रिय भागीदारी भी सुनिश्चित होगी। जनभागीदारी की इसी शक्ति के माध्यम से छत्तीसगढ़ को जल संरक्षण के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में स्थायी रूप से स्थापित करना है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जल संचय जन भागीदारी अभियान के अंतर्गत सभी जिलों के नोटिफाइड नक्शे तैयार करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाए। अभियान की मुख्य सचिव स्तर पर नियमित समीक्षा की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिले में जल संरक्षण से जुड़े कार्यों की सतत मॉनिटरिंग की जाए तथा जहां भी कमियां सामने आएं, उन्हें तत्काल दूर किया जाए। निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता न हो और सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरे हों।

हर घर तक नल से स्वच्छ जल पहुंचाना हमारा लक्ष्य

मुख्यमंत्री श्री साय ने बैठक में जल जीवन मिशन की प्रगति की भी विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जल जीवन मिशन का उद्देश्य प्रत्येक परिवार तक नल के माध्यम से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना है। प्रदेश के प्रत्येक घर तक पर्याप्त और स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करना राज्य सरकार की प्रमुख प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब जल जीवन मिशन के शेष कार्यों को मिशन मोड में आगे बढ़ाया जाए। सभी कलेक्टर अपने-अपने जिलों में इसकी नियमित समीक्षा करें और जहां भी प्रशासनिक, तकनीकी अथवा क्रियान्वयन संबंधी बाधाएं आ रही हैं, उनका तत्काल समाधान करते हुए कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा कराएं।
उन्होंने कहा कि केवल अधोसंरचना निर्माण ही लक्ष्य नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी आवश्यक है कि योजनाओं का वास्तविक लाभ परिवारों तक पहुंचे और लोगों को नियमित रूप से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो। इसके लिए जिला प्रशासन और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय के साथ कार्य किया जाए।

पूर्ण कार्यों के भुगतान में न हो अनावश्यक विलंब

मुख्यमंत्री श्री साय ने जल जीवन मिशन के अंतर्गत पूर्ण हो चुके कार्यों के भुगतान की स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन कार्यों को निर्धारित मापदंड और गुणवत्ता के अनुरूप पूर्ण किया जा चुका है, उनका भुगतान समय पर सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर मिशन की नियमित समीक्षा करते हुए प्रेजेंटेशन में सामने आई कमियों और समस्याओं का प्राथमिकता से निराकरण किया जाए। योजना से जुड़े सभी पक्षों के बीच बेहतर समन्वय से शेष कार्यों को गति दी जाए।

हर जिले की प्राथमिकता बने जल सुरक्षा

मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी कलेक्टरों को निर्देशित किया कि वे अपने जिलों में जल संरक्षण और हर घर तक नल से पेयजल पहुंचाने के लक्ष्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। स्थानीय परिस्थितियों और जल उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाए तथा जल संसाधन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी एवं अन्य संबंधित विभागों के बीच समन्वय सुनिश्चित किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जल संचय जन भागीदारी अभियान और जल जीवन मिशन सीधे आम नागरिकों के जीवन से जुड़े हैं। इन प्रयासों के प्रभावी क्रियान्वयन से जहां वर्तमान में लोगों को बेहतर पेयजल सुविधा मिलेगी, वहीं भविष्य की पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा की मजबूत नींव भी तैयार होगी।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के पास जल संरक्षण के क्षेत्र में देश के सामने एक उदाहरण प्रस्तुत करने का अवसर है। इसके लिए शासन-प्रशासन के साथ जनभागीदारी को और मजबूत करते हुए प्रत्येक जिले को अपनी पूरी क्षमता से कार्य करना होगा। हमारा लक्ष्य ऐसा छत्तीसगढ़ बनाना है, जहां जल का बेहतर संरक्षण हो, जल स्रोत सुरक्षित और समृद्ध हों तथा प्रत्येक परिवार को पर्याप्त और स्वच्छ पेयजल सहज रूप से उपलब्ध हो।

बैठक में मुख्य सचिव श्री विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद, जल संसाधन विभाग के सचिव श्री आर. एस. टोप्पो, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव श्री अब्दुल कैसर हक, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव श्री रजत बंसल, संयुक्त सचिव श्री प्रभात मलिक सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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राजनांदगांव में प्रस्तावित गैस आधारित फर्टिलाइजर प्लांट से औद्योगिक विकास और रोजगार को मिलेगी नई गति : मुख्यमंत्री श्री साय https://samacharpacheesa.com/?p=19465 Tue, 08 Sep 2026 16:40:11 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=19465 राजनांदगांव में प्रस्तावित गैस आधारित फर्टिलाइजर प्लांट से औद्योगिक विकास और रोजगार को मिलेगी नई गति : मुख्यमंत्री श्री साय

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह से की आत्मीय भेंट

इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर 2.0 सहित प्रदेश के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर हुई चर्चा

रायपुर 8 सितंबर 2026

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज विधानसभा अध्यक्ष  डॉ. रमन सिंह से उनके रायपुर स्थित निवास पर आत्मीय भेंट की। इस अवसर पर दोनों नेताओं के बीच राजनांदगांव में गेल (इंडिया) लिमिटेड के प्रस्तावित गैस आधारित फर्टिलाइजर प्लांट, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर 2.0 तथा प्रदेश के औद्योगिक और आर्थिक विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राजनांदगांव में गेल (इंडिया) लिमिटेड का प्रस्तावित गैस आधारित फर्टिलाइजर प्लांट क्षेत्र के औद्योगिक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण परियोजना साबित होगा। इस परियोजना से स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होने के साथ सहायक उद्योगों और व्यावसायिक गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने कहा कि इससे राजनांदगांव सहित आसपास के क्षेत्रों की आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने और निवेश को प्रोत्साहित करने की दिशा में राज्य सरकार लगातार कार्य कर रही है। प्रदेश में नई संभावनाओं वाले उद्योगों के विस्तार के साथ आधुनिक तकनीक और उच्च मूल्य आधारित विनिर्माण को बढ़ावा दिया जा रहा है। इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर 2.0 इसी दिशा में छत्तीसगढ़ को इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आधुनिक विनिर्माण के उभरते केंद्र के रूप में स्थापित करने की महत्वपूर्ण पहल है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से छत्तीसगढ़ में बड़ी औद्योगिक परियोजनाओं और निवेश के लिए नई संभावनाएं बनी हैं। हमारा प्रयास है कि प्रदेश में आने वाला निवेश स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार, क्षेत्रीय विकास और आर्थिक समृद्धि का माध्यम बने। राजनांदगांव की प्रस्तावित फर्टिलाइजर परियोजना भी इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगी।

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शहरों में नागरिक सुविधाओं और विकास कार्यों में लाएं तेजी : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय https://samacharpacheesa.com/?p=19463 Tue, 08 Sep 2026 13:47:54 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=19463 शहरों में नागरिक सुविधाओं और विकास कार्यों में लाएं तेजी : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

अमृत मिशन के कार्य मिशन मोड में पूरे कर शत-प्रतिशत पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश

नालंदा परिसरों के निर्माण में तेजी लाने और शहरों में स्वच्छता व्यवस्था को और बेहतर बनाने पर जोर

रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और कोरबा में चलेंगी 240 ई-बसें

800 करोड़ रुपये की लागत से 8 नगरीय निकायों में स्थापित किए जा रहे सीबीजी प्लांट

रायपुर 8 सितंबर 2026

शहरों में नागरिक सुविधाओं और विकास कार्यों में लाएं तेजी : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

शहरों का विकास केवल अधोसंरचना निर्माण तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि नागरिकों को स्वच्छता, शुद्ध पेयजल, बेहतर सड़क, प्रकाश व्यवस्था और सुगम सार्वजनिक परिवहन जैसी मूलभूत सुविधाएं गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध रूप से मिलनी चाहिए। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए यह बात कही।

शहरों में नागरिक सुविधाओं और विकास कार्यों में लाएं तेजी : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अधिकारियों को नगरीय निकायों में संचालित योजनाओं और विकास कार्यों की नियमित निगरानी करते हुए उन्हें निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।

उन्होंने विभाग की विभिन्न योजनाओं एवं निर्माण कार्यों की विस्तृत समीक्षा करते हुए कहा कि शासन द्वारा स्वीकृत विकास कार्यों का वास्तविक लाभ नागरिकों तक समय पर पहुंचे, यह अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। निर्माण कार्यों में अनावश्यक विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कार्यों में तेजी के साथ गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए।

38 नगरीय निकायों में नालंदा परिसर, 31 का निर्माण प्रगतिरत

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेश के नगरीय निकायों में युवाओं को अध्ययन के लिए आधुनिक और सुविधायुक्त वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनाए जा रहे सेंट्रल लाइब्रेरी सह रीडिंग जोन ‘नालंदा परिसर’ की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने निर्माणाधीन परिसरों के कार्यों में तेजी लाते हुए इन्हें शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए।

नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने बताया कि योजना के अंतर्गत तीन वित्तीय वर्षों में प्रदेश के 38 नगरीय निकायों में नालंदा परिसर निर्माण की स्वीकृति दी गई है, जिनमें 31 कार्य वर्तमान में प्रगतिरत हैं। मुख्यमंत्री ने इन परिसरों में प्रस्तावित सीटों की संख्या और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने रायपुर में निर्माणाधीन नालंदा परिसर की प्रगति की भी समीक्षा की।

सुनियोजित और नागरिक-केंद्रित हों प्रदेश के शहर

मुख्यमंत्री श्री साय ने नगरोत्थान योजना की समीक्षा करते हुए शहरों में भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर अधोसंरचना विकसित करने पर जोर दिया। बैठक में बताया गया कि प्रदेश के 14 नगर निगमों के लिए प्रारंभ की गई इस योजना के तहत मुख्य सड़कों का चौड़ीकरण, बाईपास, फ्लाईओवर, सर्विस लेन और अंडरपास सहित यातायात से संबंधित आवश्यक अधोसंरचना का विकास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने अपनी पूर्व घोषणाओं के अंतर्गत स्वीकृत नगरीय विकास कार्यों की प्रगति की जानकारी लेते हुए उन्हें समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए।

बैठक में बताया गया कि नगरीय निकायों के सतत, संगठित एवं नागरिक-केंद्रित विकास के लिए ‘आदर्श शहर समृद्धि योजना’ प्रारंभ की गई है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में योजना के लिए 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है और इसके अंतर्गत 32 नगरीय निकायों का चयन किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नगरीय निकायों में पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और साफ-सफाई जैसी बुनियादी सेवाओं के संचालन में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। नागरिकों से सीधे जुड़ी इन सेवाओं की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए।

स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में रायपुर के प्रदर्शन की मुख्यमंत्री ने की सराहना

बैठक में 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत भारत सरकार से प्राप्त अनटाइड एवं टाइड ग्रांट से किए जा रहे विकास कार्यों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि इसके माध्यम से सड़क, नाली, प्रकाश व्यवस्था, जल प्रदाय, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और वायु गुणवत्ता सुधार से संबंधित कार्य कराए जा रहे हैं।

अधिकारियों ने बताया कि रायपुर नगर निगम ने वायु प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में उल्लेखनीय सुधार किया है। स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 में 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की श्रेणी में रायपुर ने 189 अंक प्राप्त कर देश में छठा स्थान हासिल किया है। राज्य स्तरीय वार्ड रैंकिंग-2026 में रायपुर के वार्ड क्रमांक 46 ने 30 हजार से अधिक आबादी वाली श्रेणी तथा वार्ड क्रमांक 30 ने 10 हजार से 30 हजार आबादी वाली श्रेणी में स्थान प्राप्त किया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस उपलब्धि के लिए विभाग और नगर निगम की टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि स्वच्छ शहर के साथ स्वस्थ और बेहतर शहरी जीवन के लिए हरित क्षेत्र भी जरूरी हैं। उन्होंने वार्डों में उद्यान विकसित करने तथा जिन क्षेत्रों में वृक्षों की संख्या कम है, उनका चिन्हांकन कर व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने शहरी ठोस अपशिष्ट के वैज्ञानिक प्रबंधन पर जोर देते हुए प्रत्येक नगरीय निकाय में अपशिष्ट प्रसंस्करण के लिए प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित करने की दिशा में कार्य करने के निर्देश दिए।

प्रधानमंत्री आवास योजना के पात्र हितग्राहियों को शीघ्र मिले आवास

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 1.0 और 2.0 की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने स्वीकृत आवासों, निर्माण की स्थिति, आबंटन और व्यवस्थापन की विस्तृत जानकारी ली। मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों से कहा कि आवासों के आवंटन एवं व्यवस्थापन की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए, ताकि पात्र परिवारों को शीघ्र अपने पक्के आवास का लाभ मिल सके।

चार प्रमुख शहरों में 240 ई-बसों से मजबूत होगा सार्वजनिक परिवहन

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री ई-बस सेवा की तैयारियों की भी समीक्षा की। अधिकारियों ने बताया कि योजना के अंतर्गत रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और कोरबा में कुल 240 ई-बसों के संचालन की तैयारी की जा रही है। इसके लिए आवश्यक अधोसंरचना संबंधी कार्य मार्च 2027 से पहले पूर्ण कर ई-बसों का संचालन प्रारंभ करने का लक्ष्य है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने संबंधित सभी निर्माण एवं अधोसंरचना कार्यों को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ई-बस सेवा से नागरिकों को आधुनिक, सुविधाजनक और बेहतर सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध होने के साथ पर्यावरण-अनुकूल शहरी परिवहन व्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा।

नागरिकों की शिकायतों का हो त्वरित और प्रभावी समाधान

मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में नगरीय प्रशासन से संबंधित प्राप्त शिकायतों और उनके निराकरण की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को शिकायतों का संवेदनशीलता के साथ त्वरित और प्रभावी निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने प्रॉपर्टी टैक्स के पुनरीक्षण से संबंधित विषयों और नगरीय निकायों के विद्युत देयकों की भी जानकारी ली। उन्होंने नगरीय निकायों को विद्युत देयकों का नियमित रूप से प्रतिमाह भुगतान सुनिश्चित करने को कहा।

मुख्यमंत्री ने नगरीय निकायों को आर्थिक रूप से सुदृढ़ और आत्मनिर्भर बनाने के लिए राजस्व एवं कर संकलन बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कर संकलन में बेहतर प्रदर्शन करने वाले नगरीय निकायों को प्रोत्साहित एवं सम्मानित करने की व्यवस्था विकसित की जाए।

अमृत मिशन के कार्यों की धीमी प्रगति पर नाराजगी, मिशन मोड में काम करने के निर्देश

मुख्यमंत्री श्री साय ने अमृत मिशन 2.0 की समीक्षा के दौरान अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में शत-प्रतिशत पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करना प्राथमिकता का विषय है। अमृत मिशन के लंबित कार्यों को मिशन मोड में लेते हुए तेजी से पूरा किया जाए।

मुख्यमंत्री ने सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के निर्माण में उच्च गुणवत्ता और आधुनिक तकनीक के उपयोग पर विशेष जोर दिया। उन्होंने स्लम रिडेवलपमेंट और लैंड मोनेटाइजेशन की दिशा में भी योजनाबद्ध तरीके से आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

800 करोड़ रुपये की लागत से 8 नगरीय निकायों में सीबीजी प्लांट

बैठक में प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने भारत सरकार द्वारा परिवहन एवं औद्योगिक क्षेत्रों के लिए स्वच्छ एवं सतत ईंधन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित सतत योजना की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि योजना के अंतर्गत प्रदेश के 8 नगरीय निकायों में लगभग 800 करोड़ रुपये की लागत से कम्प्रेस्ड बायो गैस (सीबीजी) प्लांट स्थापित किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शहरी विकास से जुड़ी सभी योजनाओं में परिणाम स्पष्ट रूप से धरातल पर दिखाई देने चाहिए। उन्होंने योजनाओं और विकास कार्यों की नियमित समीक्षा, निर्माण की गुणवत्ता की सतत निगरानी तथा सभी स्वीकृत कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।

बैठक में उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के संचालक श्री नीलेश महादेव क्षीरसागर, मुख्यमंत्री के संयुक्त सचिव श्री प्रभात मलिक, सूडा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुमित अग्रवाल सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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अलीशा अंसारी का सेवा अभियान: ‘एक निवाला बेजुबान के नाम’ पहल के तहत बेसहारा कुत्तों को खिलाया भोजन https://samacharpacheesa.com/?p=19459 Tue, 08 Sep 2026 12:02:47 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=19459  

रायगढ़। समाजसेवा को निरंतरता और नए उद्देश्य के साथ आगे बढ़ाने के संकल्प के तहत रायगढ़ की युवा समाजसेविका एवं राष्ट्रपति अवॉर्डी सुश्री अलीशा अंसारी द्वारा चलाए जा रहे ‘30 दिन-30 सेवा अभियान’ के तीसरे दिन की सेवा बेजुबान जानवरों के नाम रही। अभियान के तहत ‘एक निवाला बेजुबान के नाम’ पहल शुरू की गई, जिसके माध्यम से अलीशा अंसारी ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में घूम-घूमकर बेसहारा कुत्तों को भोजन कराया।

इस दौरान उन्होंने कहा कि बेजुबान जानवर अपनी जरूरत और तकलीफ शब्दों में व्यक्त नहीं कर सकते, लेकिन उन्हें भी भूख-प्यास लगती है। उन्होंने कहा कि अक्सर समाज में इंसानों की मदद को प्राथमिकता दी जाती है, लेकिन बेजुबान जीवों की जरूरतों को नजरअंदाज कर दिया जाता है। ऐसे में प्रत्येक व्यक्ति यदि अपनी क्षमता के अनुसार थोड़ा सा भोजन किसी जरूरतमंद बेजुबान के लिए निकाल दे, तो उसके लिए यह बड़ी मदद हो सकती है।

अलीशा अंसारी ने शहरवासियों से अपील करते हुए कहा कि लोग अपने घरों के बाहर एक बर्तन में स्वच्छ पानी और अपनी क्षमता के अनुसार थोड़ा भोजन जरूर रखें, ताकि गर्मी, बारिश या किसी भी मौसम में बेसहारा जानवर भूखे-प्यासे न रहें।

जन्माष्टमी से शुरू हुआ 30 दिवसीय सेवा संकल्प
उल्लेखनीय है कि सुश्री अलीशा अंसारी ने जन्माष्टमी के अवसर से ‘30 दिन-30 अलग-अलग सामाजिक सेवा अभियान’ का संकल्प लिया है। अभियान के प्रत्येक दिन समाज के अलग-अलग वर्गों और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सेवा कार्य किए जा रहे हैं।

अभियान के Day-1 में वृद्धाश्रम में निःशुल्क फिजियोथेरेपी शिविर का आयोजन किया गया, जबकि Day-2 में शिक्षक दिवस के अवसर पर ‘शिक्षा मित्र’ कार्यक्रम को पूरे जिले में विस्तार देने की पहल की गई।

अब अभियान के तीसरे दिन ‘एक निवाला बेजुबान के नाम’ के माध्यम से बेसहारा कुत्तों को भोजन कराया गया। अभियान का समन्वय सुश्री आयला अंसारी द्वारा किया जा रहा है।

अभियान के आगामी दिनों में भी अलग-अलग सामाजिक सरोकारों से जुड़े सेवा कार्य किए जाने की जानकारी दी गई है।

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बीज राखियों से सजेगा रक्षाबंधन, स्नेह के साथ मिलेगा हरियाली का संदेश https://samacharpacheesa.com/?p=19409 Tue, 25 Aug 2026 11:01:14 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=19409
 बीज राखियों से सजेगा रक्षाबंधन, स्नेह के साथ मिलेगा हरियाली का संदेश

रायपुर, 25 अगस्त 2026

 बीज राखियों से सजेगा रक्षाबंधन, स्नेह के साथ मिलेगा हरियाली का संदेश

रायगढ़ जिले में इस बार रक्षाबंधन का पर्व भाई-बहन के स्नेह के साथ पर्यावरण संरक्षण और हरियाली का संदेश भी देगा। बिहान से जुड़ी स्व-सहायता समूह की महिलाएं धान, मक्का, बरबट्टी, लौकी, करेला, सेमी, कुम्हड़ा, भिंडी, उड़द, मसूर और मूंगफली सहित स्थानीय बीजों से आकर्षक बीज राखियां तैयार कर रही हैं। यह नवाचार महिलाओं के लिए अतिरिक्त आय और स्वरोजगार का नया अवसर भी बन रहा है।
बीज राखी निर्माण को प्रोत्साहित करने के लिए जिले के सातों विकासखंडों में प्रतियोगिता आयोजित कर उत्कृष्ट राखियां तैयार करने वाली महिलाओं का चयन किया गया। चयनित महिलाओं ने जिला कलेक्टोरेट पहुंचकर कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी सहित अधिकारियों को अपने हाथों से बनाई बीज राखियां पहनाईं। कलेक्टर ने महिलाओं को प्रशस्ति पत्र एवं उपहार देकर सम्मानित किया।
कलेक्टर ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशानुरूप स्व-सहायता समूह की महिलाओं को नवाचार, सशक्तिकरण और आजीविका से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। स्थानीय संसाधनों और हुनर से महिलाएं आय के नए साधन विकसित कर रही हैं।
बीज राखियों की विशेषता यह है कि उपयोग के बाद इन्हें मिट्टी में दबाने पर इनमें मौजूद बीज अंकुरित होकर पौधे का रूप ले सकते हैं। कम लागत, आकर्षक डिजाइन और पर्यावरण हितैषी स्वरूप के कारण इनकी मांग बढ़ रही है। इस तरह बीज राखी भाई-बहन के अटूट प्रेम के साथ प्रकृति संरक्षण और हरियाली का सुंदर संदेश भी जन-जन तक पहुंचाएगी।

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राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती विजया रहाटकर से राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू ने की सौजन्य भेंट https://samacharpacheesa.com/?p=19405 Tue, 25 Aug 2026 11:00:27 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=19405
राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती विजया रहाटकर से राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू ने की सौजन्य भेंट

महिला अधिकार, जागरूकता और सशक्तिकरण को लेकर प्रशिक्षण कार्यक्रम के सफल आयोजन पर हुई चर्चा

रायपुर, 25 अगस्त 2026

महिला अधिकारों के संरक्षण, महिलाओं में जागरूकता बढ़ाने और उन्हें सशक्त बनाने की दिशा में छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग द्वारा महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू ने नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय महिला आयोग के कार्यालय में राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती विजया रहाटकर से सौजन्य भेंट की।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ में प्रस्तावित प्रशिक्षण कार्यक्रम को लेकर विस्तार से महत्वपूर्ण चर्चा हुई। डॉ. ममता साहू ने प्रशिक्षण कार्यक्रम के सफल एवं प्रभावी आयोजन के लिए राष्ट्रीय महिला आयोग से आवश्यक मार्गदर्शन प्राप्त किया। कार्यक्रम के माध्यम से महिलाओं के अधिकारों, उनके संरक्षण से जुड़े प्रावधानों तथा उपलब्ध सहायता तंत्र की जानकारी अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचाने पर जोर दिया गया।
राष्ट्रीय महिला आयोग के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में प्रस्तावित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम महिला अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति सजग और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित होगा। प्रशिक्षण के माध्यम से महिला सशक्तिकरण से जुड़े विषयों पर व्यावहारिक जानकारी उपलब्ध कराने तथा जमीनी स्तर पर जागरूकता को और मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा।
डॉ. ममता साहू ने कहा कि महिलाओं को उनके अधिकारों और कानूनों की जानकारी देना सशक्तिकरण की पहली सीढ़ी है। राष्ट्रीय महिला आयोग के मार्गदर्शन से छत्तीसगढ़ में प्रस्तावित प्रशिक्षण कार्यक्रम को प्रभावी रूप से आयोजित कर महिलाओं तक अधिकार एवं सुरक्षा संबंधी जानकारी पहुंचाने के प्रयासों को नई गति मिलेगी।
छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग द्वारा महिला अधिकारों, सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण को केंद्र में रखते हुए जागरूकता एवं प्रशिक्षण गतिविधियों को निरंतर बढ़ावा दिया जा रहा है। राष्ट्रीय महिला आयोग के साथ समन्वय से प्रस्तावित यह कार्यक्रम प्रदेश में महिला सशक्तिकरण के प्रयासों को और अधिक व्यापक एवं प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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महतारी वंदन योजना से मिल रही आर्थिक मजबूती और आत्मविश्वास https://samacharpacheesa.com/?p=19394 Tue, 25 Aug 2026 10:58:59 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=19394
महतारी वंदन योजना से मिल रही आर्थिक मजबूती और आत्मविश्वास

रायपुर. 25 अगस्त 2026

शुकवारो बाई शासन की योजनाएं जब जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचती हैं, तो वे केवल आर्थिक सहायता का माध्यम नहीं रहतीं, बल्कि आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की नई राह भी खोलती हैं। ऐसी ही एक प्रेरक कहानी कोरबा के ग्राम सोनपुरी की रहने वाली शुकवारो बाई की है, जिनके जीवन में छत्तीसगढ़ शासन की महतारी वंदन योजना आर्थिक संबल का आधार बनी है।

शुकवारो बाई के बैंक खाते में महतारी वंदन योजना के तहत हर माह एक हजार रुपये की राशि नियमित रूप से पहुंच रही है। वे इस राशि को प्रतिमाह निकालने के बजाय सामान्यतः दो से तीन माह में एक साथ निकालती हैं और घर-परिवार की आवश्यकताओं में इसका उपयोग करती हैं। परिवार में उनके पति मजदूरी का कार्य करते हैं। सीमित आमदनी के बीच शासन से मिलने वाली यह नियमित सहायता परिवार के लिए अतिरिक्त आर्थिक सहारा बन गई है।

शुकवारो बाई बताती हैं कि पहले छोटी-छोटी घरेलू जरूरतों के लिए भी परिवार की आय पर निर्भर रहना पड़ता था। अब हर महीने खाते में आने वाली राशि से उन्हें अपने खर्चों को व्यवस्थित करने में सुविधा होती है। घर की जरूरत का सामान खरीदने से लेकर अन्य आवश्यक घरेलू खर्चों में वे इस राशि का उपयोग करती हैं। उनके लिए यह राशि केवल एक हजार रुपये नहीं, बल्कि अपने हाथ में मौजूद आर्थिक सुरक्षा और आत्मविश्वास का माध्यम है।

इस बार रक्षाबंधन का पर्व शुकवारो बाई के लिए कुछ खास होने वाला है। उन्होंने तय किया है कि महतारी वंदन योजना से बचाकर रखी गई राशि का उपयोग इस बार अपने लिए करेंगी। उनका कहना है कि आमतौर पर महिलाएं अपनी जरूरतों से पहले परिवार की जरूरतों को प्राथमिकता देती हैं, लेकिन इस बार वे शासन से मिली इस राशि से अपने लिए आवश्यक सामान खरीदेंगी और रक्षाबंधन का त्योहार अपने लिए भी खुशी के साथ मनाएंगी।

शुकवारो बाई महतारी वंदन योजना के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहती हैं कि सरकार द्वारा महिलाओं के खाते में हर माह राशि पहुंचाने से महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूती मिली है। वे मुख्यमंत्री श्री साय को स्नेहपूर्वक ‘भैया’ कहते हुए भावुक होकर कहती हैं कि उन्होंने अपनी बहनों का ख्याल रखा है। उनके अनुसार, नियमित रूप से खाते में राशि आने से महिलाओं को यह भरोसा मिला है कि वे अपनी छोटी-बड़ी जरूरतों के लिए किसी पर पूरी तरह निर्भर नहीं हैं।

शुकवारो बाई की कहानी यह बताती है कि किसी योजना की सफलता केवल आंकड़ों में नहीं, बल्कि उसके लाभ से जुड़े परिवारों के जीवन में आए बदलाव में दिखाई देती है। महतारी वंदन योजना के माध्यम से मिलने वाली नियमित आर्थिक सहायता ने उनके जैसे परिवारों की महिलाओं को आर्थिक निर्णय लेने, अपनी जरूरतों को पूरा करने और आत्मसम्मान के साथ जीवन जीने का अवसर दिया है।

रक्षाबंधन के अवसर पर अपने लिए कुछ खरीदने की शुकवारो बाई की छोटी-सी इच्छा दरअसल उस बड़े बदलाव की तस्वीर है, जिसमें शासन की सहायता से महिलाएं अपने जीवन में आर्थिक मजबूती और आत्मविश्वास महसूस कर रही हैं। उनके चेहरे की खुशी और शब्दों में मुख्यमंत्री के प्रति आभार इस बात की गवाही देता है कि महतारी वंदन योजना उनके लिए केवल मासिक आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि सम्मान, भरोसे और सशक्तिकरण का माध्यम बन चुकी है।

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हुनर से आत्मनिर्भरता की नई पहचान, धान-चावल से बनी राखियों ने बटोरी सराहना https://samacharpacheesa.com/?p=19391 Tue, 25 Aug 2026 10:58:22 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=19391
हुनर से आत्मनिर्भरता की नई पहचान, धान-चावल से बनी राखियों ने बटोरी सराहना

‘विष्णु भैया’ के लिए स्नेह की खास राखी, दीदियों ने रचनात्मकता से रचा आत्मीय उपहार

रायपुर. 25 अगस्त 2026

हुनर से आत्मनिर्भरता की नई पहचान, धान-चावल से बनी राखियों ने बटोरी सराहना

आत्मनिर्भरता तब और सार्थक हो जाती है, जब हुनर के साथ स्थानीय संसाधनों को भी नई पहचान मिले। कोरबा जिले की महिला स्वसहायता समूह की दीदियां अपने परिश्रम, रचनात्मकता और नवाचार से इसी सोच को साकार कर रही हैं। बेला कछार, दोन्द्रों पंचायत का प्रसन्न स्वसहायता समूह इसका प्रेरक उदाहरण है, जहां महिलाओं ने धान, चावल, बर्रे भाजी और साबूदाना जैसे स्थानीय संसाधनों से आकर्षक और अनूठी राखियां तैयार की हैं।

वर्ष 2018 से बिहान से जुड़ा यह 22 सदस्यीय समूह महिला सशक्तिकरण और आजीविका गतिविधियों को आगे बढ़ा रहा है। समूह की दीदियां बाती, अगरबत्ती, कॉस्मेटिक सामग्री और कपड़ों से जुड़े कार्यों के साथ समय और मांग के अनुसार नए उत्पाद भी तैयार करती हैं। रक्षाबंधन के अवसर पर उन्होंने पारंपरिक राखियों को स्थानीयता से जोड़ते हुए प्राकृतिक संसाधनों का रचनात्मक उपयोग किया है। समूह की दीदियों श्रीमती नीतू कर्ष एवं श्रीमती मीरा देवांगन शहर में राखियों का स्टॉल लगा कर आकर्षक राखियों से सबका ध्यान खींच रही है।

रक्षाबंधन पर दीदियों ने मुख्यमंत्री अपने ‘विष्णु भैया’ के लिए भी विशेष राखी तैयार की है। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना से मिल रहे सहयोग के लिए वे अपने ‘विष्णु भैया’ के प्रति आभार व्यक्त करती हैं।

प्रसन्न स्वसहायता समूह की यह पहल बताती है कि जब महिलाओं को अवसर, सहयोग और प्रोत्साहन मिलता है, तो उनका हुनर आजीविका और आत्मनिर्भरता का मजबूत माध्यम बन सकता है। स्थानीय संसाधनों से तैयार ये राखियां ग्रामीण महिलाओं की रचनात्मकता, मेहनत और आत्मनिर्भर बनने की भावना की खूबसूरत पहचान बनकर सामने आई हैं।

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