अपमान – SAMACHARPACHEESA.COM https://samacharpacheesa.com Mon, 24 Jul 2023 09:06:46 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.3 ननकीराम कंवर को भाजपा कार्यालय में नहीं घुसने देना आदिवासियों का अपमान: सीएम भूपेश बघेल https://samacharpacheesa.com/?p=7500 Mon, 24 Jul 2023 09:06:45 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=7500 दुर्ग। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल दुर्ग में खूबचंद बघेल जयंती के कार्यक्रम में शामिल हुए। सीएम ने उनके चित्र पर माल्यार्पण कर उनको नमन किया। भिलाई के सिविक सेंटर कला मंदिर में मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज की तरफ से इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री, गृहमंत्री समेत कांग्रेस के तमाम नेता, विधायक और कुर्मी समाज के तमाम पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
कार्यक्रम के समापन के बाद सीएम भूपेश बघेल ने मीडिया से चर्चा की। इस दौरान उन्होंने शनिवार रात पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर को पार्टी कार्यालय में प्रवेश नहीं देने को लेकर भाजपा पर बड़ा हमला बोला है। सीएम भूपेश ने इसे सीधे आदिवासियों का अपमान बताया है।
भूपेश बघेल ने कहा अमित शाह बार-बार छत्तीसगढ़ आ रहे है। इसका मतलब भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश के शीर्ष नेतृत्व में ,बकुछ ठीक नहीं है। अमित शाह रात को आते हैं और डंडा चलाकर चले जाते हैं। कल जिस तरह से पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर को भाजपा पार्टी कार्यालय में भी नहीं घुसने दिया गया, उन्हें वापस भेज दिया गया। यह तो आदिवासियों का अपमान है।
भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ के लिए किए संघर्षों के लिए खूबचंद बघेल को याद किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि, समाज की जड़ता को सुधारने के लिए कोई न कोई सामने आता है। जो काम करता है, समाज में उसको याद किया जाता है। डॉ खूबचन्द बघेल भी ऐसे व्यक्तिव में से एक है। उन्होंने छत्तीसगढिय़ा स्वाभिमान को जगाने का काम किया। छत्तीसगढ़ राज्य की सोच भी इसमें शामिल रहा। आज छत्तीगसढिय़ों को सही मायने में राज्य बनने का अहसास हो रहा है।
विजय बघेल ने नशाखोरी को लेकर कसा तंज- कार्यक्रम में भाजपा नेता और दुर्ग लोकसभा सांसद विजय बघेल भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि खूबचंद बघेल जैसे अनेक महापुरुष अलग प्रदेश के संघर्ष में साथ थे। उन्होंने सपना देखा था कि छत्तीसगढ़ में नशाखोरी, जुआखोरी, भ्रष्टाचार, अत्याचार ना हो। लेकिन आज छत्तीसगढ़ में यह सब होने लगा है। मनवा कुर्मी समाज के कार्यक्रम में नेत्र विशेषज्ञ और चिकित्सक डॉ लाखेशचंद्र मड़रिया को समाज की ओर से माटीपुत्र सम्मान से सम्मानित किया गया। साथ ही बीएसपी से सेवानिवृत्त अधिकारी, कर्मचारियों और समाज के प्रतिभावान छात्रों को सम्मानित किया गया।

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पिछड़े वर्ग के लोगों को गाली देने वाले के समर्थन में मौन सत्याग्रह कर रही कांग्रेस : साव https://samacharpacheesa.com/?p=7282 Wed, 12 Jul 2023 08:57:03 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=7282 रायपुर। पिछड़ा वर्ग को अपमानित करने वाले राहुल गांधी को न्यायालय द्वारा सजा मिलने के बाद राहुल गांधी के समर्थन में कांग्रेस के सत्याग्रह पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव ने कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि जिस व्यक्ति ने पिछड़े वर्ग को गाली दी ,उसका उपहास उड़ाया अपमान किया, न्यायालय ने जिसे ना सिर्फ दोषी ठहराया बल्कि सजा भी दी एवं दोबारा याचिका लगाने पर भी उसे रद्द किया ऐसे व्यक्ति के लिए मौन धारण कर प्रदर्शन करना व उसे सत्याग्रह का नाम देना पिछड़े वर्ग के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा कृत्य है कांग्रेस को पिछड़ा वर्ग इसके लिए कभी माफ नहीं करेगा। कांग्रेस पिछड़े वर्ग के साथ नहीं पिछड़े वर्ग को गाली देने वाले व्यक्ति के साथ खड़ी है।
श्री साव ने कहा कांग्रेस का जो रवैया है उससे यह पूर्णत: स्पष्ट है कि आज अगर केंद्र में कांग्रेस की सरकार रहती तो वह राहुल गांधी की चाटुकारिता के लिए शायद आपातकाल लगाने से भी नहीं चूकती जैसा कि इंदिरा गांधी के लिए लगाया गया था।कांग्रेस देश के संविधान और न्यायपालिका में विश्वास नही रखती वह केवल एक परिवार को ही सब कुछ मानती है देश की जनता भी इनकी प्राथमिकता में नही है। श्री साव ने कहा न्यायपालिका जिस पर सभी का भरोसा होता है आज कांग्रेस उसके खिलाफ, उसके फैसले के खिलाफ प्रदर्शन करने जा रही है यह देश के संविधान का मजाक उड़ाने जैसा है जनता अब यह मान रही है कि कांग्रेस गांधी परिवार के आगे देश के संविधान को भी नहीं मानती और न्यायपालिका की विश्वसनीयता को खंडित करने का कुंठित प्रयास करती है पूरे देश की जनता कांग्रेस का यह कृत्य देख रही है कांग्रेस को कभी माफ नहीं करेगी।

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नेता बताएं अप्रिय बयानबाजी से जनता का क्या भला ? https://samacharpacheesa.com/?p=5349 Wed, 21 Dec 2022 06:05:29 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=5349 राजनीतिक बयानबाजी में निरंतर गिरावट दर्ज हो रही है। ऊंचे पद व प्रतिष्ठा में बैठे बड़े नेता भी घटिया बयान से अपने आप को नहीं बचा पाए रहे हैं। कुत्ता,कुकुर,बघुवा,थूक दो तो बह जाए सरकार, गुंडा ,ऐसे ना जाने कितने गिरे गए बयान सामने आते हैं। जिसे सुनकर आम जनता भी अपमान महसूस करती है। प्रदेश के मुख्यमंत्री के लिए भाजपा के बड़े नेता ने कुकुर जैसा संबोधन करके अपनी अजीबो गरीब राजनीति का परिचय दिया था। प्रदेश ही नहीं देश के नेताओं के बीच भी इसी तरह की बयानबाजी आये दिन आने लगी है। मुद्दे व देश की बात से हट कर व्यक्तिगत भौडें आरोप व संबोधन दिए जाने लगे हैं। यही राजनीति की धारा देश के नेताओं की वर्तमान सोच को दर्शाती है। उनकी अपनी राजनैतिक समझ को जनता के सामने लाती है। जनता उनके बारे में अपने विचार बनाती है। यह उस नेता को क्यों नहीं समझ में आता कि उसके बयानों का असर जनता पर क्या पड़ेगा ? गैर जिम्मेदाराना बयानों में सिर्फ एक पार्टी या व्यक्ति का दोष नहीं है। सभी दलों के नेतागण आजकल कुछ भी बोले चले जा रहे हैं। देश की समस्याएं एक तरफ रह जाती हैं। देश की जनता इन लापरवाह बयानों में ही उलझ कर अपने भविष्य के बारे में सोचने लगती है। हमारे भाग्य विधाताओं को आखिर ये हो क्या गया है ? समस्याओं को सुलझाने की जगह उल जलूल बयानों के कारण बेवजह कटुता का माहौल बनाने में लगे हैं। एक बयान गलत आता है तो बयान के जवाब में दूसरा बयान सामने से उससे बुरा आ जाता है। आरोप प्रत्यारोपों के इन बयानों से ना प्रदेश का भला होता ना देश का ही भला होता है। देश के सामने महंगाई ,बेरोजगारी,पेट्रोल -डीजल, देश की सीमा की रक्षा, देश की गंगा जमुनी तहजीब व आपसी भाईचारे की रक्षा, गरीबी, भूखमरी, किसान की तकलीफ, शराबखोरी की बढ़ती आदतें, आतंकवाद,नक्सल समस्या, ऐसी ना जाने कितनी समस्याएं देश व राज्य में मौजूद हैं। इन समस्याओं से देश की जनता त्राहि त्राहि कर रही है। उसकी चर्चा से बच कर व्यक्तिगत आरोपों में जनता को भटकाने का प्रयास क्या जनहित की राजनीति कहला सकती है। कुत्ता- गुंडा-बघुवा-थूक- इन बातों से किसी को क्या मिलने जुलने वाला है। आजादी के बाद जिन भी नेताओं ने देश चलाया या देश को आगे बढऩे में मदद की उन लोगों ने इस तरह कभी मर्यादा छोड़ी हो यह उदाहरण देखने में नहीं आया। अधिकांशत: देश हित में पक्ष विपक्ष ,जाति- भेदभाव ,वर्ग भावना से दूर देशहित सर्वोपरि रहा है। नेहरू से लेकर इंदिरा युग आने के पहले तक कभी ऐसे भौंडी भाषा कभी सुनाई नहीं देते थे। पक्ष विपक्ष के नेता एक दूसरे का सम्मान करते थे। जरूरत पडऩे पर विपक्ष के साथियों का भी देशहित में उपयोग किया करते थे। किसी के अच्छे कामों की सराहना भी की जाती थी। देश पर संकट के समय एक स्वर व एक मंच पर सब बात करते थे। इसके एक नहीं अनेक उदाहरण तब की राजनीति में मौजूद हैं। आज स्थिति उसके विपरीत जाती दिखाई दे रही है। इंदिरा गांधी -राजीव गांधी-मोरारजी देसाई-नरसिम्हाराव-अटलबिहारी बाजपेयी-बीपी सिंह- गुजराल-चंद्रशेखर-देवेगौड़ा-मनमोहन सिंह-चरणसिंह के कार्यकाल को भी देखें तो राजनैतिक कटुताएँ भले ही दिखाई देती रहीं हैं। ऊलजलूल बयानबाजी अपवाद स्वरूप ही दिखाई पड़ती थी कुछ तो भाषा की मर्यादाएं थी। प्रदेश की बात करें तो हमारे प्रदेश में प्रारम्भिक उदयकाल में ही कड़े शब्दों वाली राजनीति शुरू हो गई उस परम्परा में शनै:शनै: इजाफा होता दिखाई दे रहा है। यह नहीं होना चाहिए। सभी को यह सोचना ही होगा कि इन भद्दे आरोपों व बयानों से जनता का आखिर क्या भला होगा। और यह भी कि जनता का भला होगा तो किस माध्यम से होगा और उसी राह पर अपने कदम बढ़ाना चाहिए। गंदे व निचले स्तर की भाषा का त्याग करना चाहिए। वर्तमान राजनीति की मांग भी यही है।

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राजनीतिक आलोचना से कोई समस्या नहीं, हमारे जवानों का होना चाहिए सम्मान : एस. जयशंकर https://samacharpacheesa.com/?p=5310 Mon, 19 Dec 2022 11:35:20 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=5310 नईदिल्ली। अरुणाचल प्रदेश के तवांग में भारत और चीन के बीच 9 दिसंबर को झड़प की खबर आई थी। इस मामले को लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने संसद में बयान दे दिया था। लेकिन विपक्ष जबरदस्त तरीके से केंद्र के मोदी सरकार पर हमलावर है। इन सबके बीच राहुल गांधी ने एक बयान देते हुए कहा था कि सीमा पर हमारे जवान पीट रहे हैं और चीन युद्ध की तैयारी कर चुका है। पर हमारी सरकार सो रही है। इसी को लेकर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने संसद में बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि हमें राजनीतिक आलोचना से कोई समस्या नहीं है। लेकिन हमें अपने जवानों का अपमान नहीं करना चाहिए। वह विषम परिस्थितियों में भी बॉर्डर पर खड़े रहकर हमारी रखवाली करते हैं। इसलिए उनकी सराहना और उनका सम्मान सर्वोच्च होना चाहिए।
राहुल गांधी के बयान पर विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने कहा कि हमें राजनीतिक आलोचना से कोई समस्या नहीं है लेकिन हमें अपने जवानों का अपमान नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मैंने सुना है कि मेरी अपनी समझ को और गहरा करने की जरूरत है। जब मैं देखता हूं कि कौन सलाह दे रहा है तो मैं केवल झुक सकता हूं और सम्मान कर सकता हूं। उन्होंने साफ कहा कि हमारे जवानों के लिए ‘पिटाई’ शब्द का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने विपक्ष के सवालों का भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि अगर हम चीन के प्रति उदासीन थे तो भारतीय सेना को सीमा पर किसने भेजा। अगर हम चीन के प्रति उदासीन थे तो आज चीन पर डी-एस्केलेशन और डिसइंगेजमेंट के लिए दबाव क्यों बना रहे हैं? हम सार्वजनिक रूप से क्यों कह रहे हैं कि हमारे संबंध सामान्य नहीं हैं?
एस जयशंकर ने साफ तौर पर कहा कि हमें प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से अपने जवानों की आलोचना नहीं करनी चाहिए। हमारे जवान यांग्त्से में 13 हजार फीट की ऊंचाई पर खड़े होकर हमारी सीमा की रखवाली कर रहे हैं। उनका सम्मान और सराहना की जानी चाहिए। श्रीलंका के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि 2014 के बाद से श्रीलंका से रिहा किए गए भारतीय मछुआरों की संख्या 2,835 और मछुआरों की संख्या है। पीएम मोदी ने तमिल मछुआरों की समस्याओं पर ध्यान दिया है। विदेश मंत्री ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री ने बार-बार श्रीलंका के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से बात की है। अगर श्रीलंका में पकड़े गए मछुआरों को आज रिहा किया जाता है, तो इसलिए नहीं कि कोई चेन्नई में पत्र लिख रहा है, बल्कि इसलिए कि दिल्ली में कोई इस मामले को उठा रहा है।

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