अरविंद केजरीवाल – SAMACHARPACHEESA.COM https://samacharpacheesa.com Wed, 07 Jun 2023 08:04:39 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.3 बंटा हुआ विपक्ष और आम आदमी पार्टी https://samacharpacheesa.com/?p=7042 Wed, 07 Jun 2023 08:04:38 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=7042 आम आदमी पार्टी (आप) के मुखिया अरविंद केजरीवाल 26 क्षेत्रीय दलों को जोडऩे की कवायद में लगे हैं। छह दिनों में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के साथ छह राज्यों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने बड़े नेताओं के साथ मुलाकात की और दिल्ली अध्यादेश (दिल्ली सरकार बनाम उपराज्यपाल) को राज्यसभा में रोकने को लेकर चर्चा की। कांग्रेस के कुछ नेताओं ने मजाक में टिप्पणी करते हुए कहा कि पंजाब और दिल्ली के मुख्यमंत्री डबल इंजन हैं और वे दोनों पंजाब के एक ही विमान में यात्रा करते हैं। हालांकि अरविंद केजरीवाल अपने 60 करोड़ के शानदार घर के बारे में एक निजी टीवी चैनल के सवाल पर चुप हो गए। अध्यादेश के खिलाफ इस लड़ाई में मूल मुद्दा उसी शीशमहल से बनी नकारात्मक छवि को दूर करना है। यही नहीं, इस मुद्दे पर पंजाब में एक महिला पत्रकार को गिरफ्तार भी किया गया। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपने तमिलनाडु के समकक्ष एमके स्टालिन से मुलाकात की और केंद्र सरकार के विवादास्पद अध्यादेश के खिलाफ अपने अभियान में समर्थन मांगा, जिसका उद्देश्य राष्ट्रीय राजधानी में प्रशासनिक सेवाओं पर नियंत्रण पाना है। लेकिन द्रमुक ने आप को इल्लै (तमिल में इल्लै का अर्थ नहीं होता है) का संकेत दिया है। इसकी वजह साफ है कि द्रमुक की आप के साथ कोई प्रतिबद्धता नहीं है। कांग्रेस को अभी अपने यूपीए सहयोगियों से इस पर बात करनी है और यह भी विश्लेषण करना है कि द्रमुक को राज्यसभा में आप का समर्थन क्यों करना चाहिए। क्या यह तमिलनाडु की राजनीति में एक तमाशा नहीं बनाएगा? कांग्रेस पार्टी ने अभी तक राज्यसभा में दिल्ली अध्यादेश पर अपने रुख की पुष्टि नहीं की है। आप के शीर्ष नेताओं के अनुसार, पार्टी दो तरह की बातें करेगी। कांग्रेस राज्यसभा में इसका विरोध करेगी, लेकिन सुविधाजनक तरीके से बहिर्गमन करेगी या तटस्थ रहेगी। अनिर्णय की ऐसी स्थिति आखिरकार भाजपा को ही फायदा पहुंचाएगी और अध्यादेश पारित हो जाएगा। असल में, दिल्ली में अजय माकन और पंजाब में प्रताप सिंह बाजवा द्वारा संभावित विद्रोह को रोकने के लिए पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को उन्हें साथ लेकर चलना ही होगा। केजरीवाल का उद्देश्य विपक्षी दलों को अध्यादेश के खिलाफ एकजुट करना और संसद के उच्च सदन में उसे रोकना है, जहां विपक्ष के पास भाजपा और उसके सहयोगियों की तुलना में अधिक सीटें हैं। पर केजरीवाल ने महसूस किया है कि कांग्रेस के मजबूत समर्थन के बिना कांग्रेस से निकले ये क्षेत्रीय संगठन खरगे के इशारे पर चलेंगे और आप के दावे को झुठला देंगे। वास्तव में कांग्रेस का असली रंग अब सामने आ गया है, जिसे आप नेता भी महसूस कर रहे हैं। दक्षिण भारत की सियासत की चर्चा तेलुगू देशम पार्टी का जिक्र किए बिना पूरी नहीं हो सकती है। आंध्र प्रदेश में पुनर्गठबंधन की राजनीतिक चर्चाओं के बीच तेलुगू देशम पार्टी के नेता चंद्रबाबू नायडू ने नई दिल्ली में केंद्रीय गृहमंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता अमित शाह से मुलाकात की। बैठक में माना जाता है कि इन नेताओं ने आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में एक साथ चुनाव लडऩे पर चर्चा की। तेदेपा का वोट बैंक सिकुड़ गया है। उस खालीपन मशहूर उभरते नायक पवन कल्याण ने भरा है। उनकी पार्टी का नाम जन सेना पार्टी है। वह भी एनडीए के साथ गठबंधन करना चाहते हैं।

]]>
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को मिली जान से मारने की धमकी, आरोपी गिरफ्तार https://samacharpacheesa.com/?p=5983 Tue, 31 Jan 2023 07:21:46 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=5983 नईदिल्ली। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को सोमवार देर रात जान से मारने की धमकी मिली। आरोपी ने सोमवार की रात 12.05 बजे पीसीआर कॉल कर अरविंद केजरीवाल को जान से मारने की धमकी दी। कॉल के बाद दिल्ली पुलिस हरकत में आई और उसकी शिनाख्त की। उसे कुछ ही समय में दबोच लिया गया।
पुलिस ने मंगलवार को कहा कि 38 वर्षीय मानसिक रूप से विक्षिप्त व्यक्ति ने कथित तौर पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को जान से मारने की धमकी दी। पुलिस को कथित तौर पर 12.05 बजे के आसपास धमकी के बारे में एक फोन आया। पुलिस ने कहा कि व्यक्ति को मानसिक रूप से विक्षिप्त होने के कारण गिरफ्तार नहीं किया गया है। पुलिस के मुताबिक, फोन करने वाला 38 वर्षीय मानसिक रूप से विक्षिप्त व्यक्ति था।आरोपी का इलाज दिल्ली के गुलाबी बाग में भी चल रहा है, जिसके चलते पुलिस ने उसे गिरफ्तार नहीं किया।

]]>
उपराज्यपाल होता कौन है, कहां से आया? वाले बयान पर आया वीके सक्सेना का जवाब https://samacharpacheesa.com/?p=5819 Fri, 20 Jan 2023 10:32:14 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=5819 नईदिल्ली। दिल्ली में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपराज्यपाल विनय सक्सेना के बीच चल रही अधिकार की लड़ाई लगातार तेज होती नजर आ रही है। दिल्ली सीएम के विधानसभा में दिए कौन हैं एलजी वाले बयान पर विनय सक्सेना का पलटवार सामने आया है। एलजी वीके सक्सेना ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को पत्र लिखकर उन पर भ्रामक और अपमानजनक टिप्पणी करने और स्तरहीन बातचीत करने का आरोप लगाया है। एलजी ने पत्र में कहा कि लिखकर कहा कि जब उन्होंने केजरीवाल और उनके डिप्टी मनीष सिसोदिया को बातचीत के लिए आमंत्रित किया, तो उन्होंने 80 लोगों के साथ आने का फैसला किया। एलजी सक्सेना ने कहा कि वास्तव में, सीएम केजरीवाल और डिप्टी सीएम सिसोदिया आएंगे तो दोनों नेताओं को “प्यार” करेंगे, और “दोपहर का भोजन भी परोसेंगे।
एलजी ने कहा कि एक साथ 70 से 80 लोगों के साथ बैठक करना संभव नहीं होता और न ही इससे कोई ठोस उद्देश्य पूरा होता। केजरीवाल पर लोगों को मिसलीड करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि राजनैतिक दिखावे के लिए आपने प्रचार किया कि एलजी ने मुझसे मिलने के इनकार कर दिया। दो दिन पहले विधानसभा में केजरीवाल द्वारा उन पर किए गए हमले का जिक्र करते हुए सक्सेना ने कहा कि ‘उपराज्यपाल कौन है’ और ‘वह कहां से आए’ का जवाब दिया जा सकता है, अगर आप सरसरी तौर पर भारत के संविधान का हवाला दें, अन्य उत्तर के पात्र नहीं हैं, क्योंकि वे स्पष्ट रूप से बहुत निम्न स्तर की बातें हैं। दिल्ली के मुख्यमंत्री को उनको हेडमास्टर कहने पर उन्होंने कहा कि मैं हेडमास्टर के रूप में कार्य नहीं कर रहा हूं। मैं लोगों की आवाज के रूप में काम कर रहा हूं।
इस बीच, केजरीवाल ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि एलजी शहर की कानून-व्यवस्था की स्थिति में सुधार के लिए कदम उठाने के बजाय गंदी राजनीति कर रहे हैं। केजरीवाल ने विधानसभा में कहा था कि केजरीवाल के एलजी हाउस मार्च करने, एलजी को विधानसभा में ‘कौन है एलजी’, ‘कहां से आ गया एलजी।

]]>
टीचर्स के दौरे को लेकर उपराज्यपाल पर भड़के केजरीवाल, कहा- कौन हैं ये, हमारे सिर पर आकर बैठ गए हैं https://samacharpacheesa.com/?p=5762 Tue, 17 Jan 2023 10:11:39 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=5762 नईदिल्ली। दिल्ली में अधिकारों को लेकर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपराज्यपाल विनय सक्सेना के बीच की तकरार थमने का नाम नहीं ले रही है। आज विधानसभा में अरविंद केजरीवाल ने एलजी पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि कौन हैं ये एलजी और कहां से आए हैं, हमारे सिर पर आकर बैठ गए हैं। हमारे लिए जनतंत्र, संविधान और क़ानून सर्वोपरि हैं। एलजी साहब को भी क़ानून, दिल्ली की जनता और उनके द्वारा चुनी विधानसभा का सम्मान करना चाहिए।
केजरीवाल ने कहा कि एलजी साहब को मैंने कहा कि आप मेरे हेडमास्टर थोड़े हो। मै अपने क्लास में वर्स्ट आया करता था। मैं बारहवीं तक फर्स्ट आया। एलजी साहब मेरा होमर्क चेक करते हैं, स्पेलिंग नहीं ठीक है, ये गलत है। मैंने कहा मैं एक चुना हुआ मुख्यमंत्री हूं। मेरे टीचरों ने मेरा होमवर्क नहीं चेक किया जैसे एलजी साहब करते हैं। मैंने उनसे पूछा आप कौन हैं, मेरे को तो जनता ने चुन कर भेजा। उन्होंने कहा कि मुझे राष्ट्रपति ने भेजा है। मैंने कहा कि वैसे ही जैसे अंग्रेज वायसराय को भेजा करते थे।

]]>