अर्थव्यवस्था – SAMACHARPACHEESA.COM https://samacharpacheesa.com Tue, 31 Jan 2023 06:58:25 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.3 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबोधन, वैश्विक अनिश्चितता के बीच भारत के बजट पर दुनिया की नजर https://samacharpacheesa.com/?p=5979 Tue, 31 Jan 2023 06:58:25 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=5979 नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि वैश्विक अनिश्चितता के बीच दुनिया की नजर भारत के बजट पर है। पीएम मोदी इस साल के बजट सत्र से पहले मीडिया को संबोधित कर रहे थे। पीएम ने कहा, ‘आज के वैश्विक हालात में भारत ही नहीं, पूरी दुनिया भारत के बजट की ओर देख रही है। हमारी वित्त मंत्री भी एक महिला हैं। वह कल देश के सामने एक और बजट पेश करेंगी। आज की वैश्विक परिस्थितियों में भारत ही नहीं पूरी दुनिया की नजर भारत के बजट पर है।
संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के पहले संबोधन से कुछ समय पहले पीएम ने मीडिया को संबोधित करके हुए अपना बड़ान दिया है। इस बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण मंगलवार को संसद में आर्थिक सर्वेक्षण 2022-23 पेश करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। यह सर्वे हर साल बजट से ठीक एक दिन पहले पेश किया जाता है। इस वर्ष, मुख्य आर्थिक सलाहकार वी अनंत नागेश्वरन की देखरेख में वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग के आर्थिक प्रभाग द्वारा सर्वेक्षण तैयार किया गया था।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा Budget Session आज शुरू हो रहा है। अर्थव्यवस्था की दुनिया से विश्वसनीय आवाज़ें, एक सकारात्मक संदेश, आशा की किरण और उत्साह की शुरुआत लेकर आई हैं। आज का दिन अहम, पहली बार संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करेंगे राष्ट्रपति। संसद के संयुक्त सत्र में राष्ट्रपति का पहला अभिभाषण हमारे संविधान और विशेषकर महिलाओं के सम्मान के लिए गर्व का विषय है। पूरी दुनिया की नजर भारत पर है।
संसद सत्र की शुरु होने से पहले पीएम मोदी ने कहा कि ‘भारत पहले, नागरिक पहले’ की सोच को लेकर हम संसद के इस बजट सत्र को आगे बढ़ाएंगे। मुझे उम्मीद है कि विपक्षी नेता संसद के समक्ष अपने विचार रखेंगे। अस्थिर वैश्विक आर्थिक स्थिति के बीच, भारत का बजट आम नागरिकों की आशाओं और आकांक्षाओं को पूरा करने का प्रयास करेगा, दुनिया को जो आशा की किरण दिख रही है, वह और तेज होगी- इसके लिए मुझे दृढ़ विश्वास है कि निर्मला सीतारमण उन आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए सभी प्रयास करेंगी।

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जेब में पैसा और शराब की बिक्री https://samacharpacheesa.com/?p=5795 Thu, 19 Jan 2023 05:48:28 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=5795 प्रदेश में कांग्रेस सरकार को चार साल पूरे हो गए है लेकिन 2018 चुनाव के पहले कांग्रेस द्वारा जारी किए जनघोषणा पत्र के कई महत्वपूर्ण वादे पूरे नहीं हुए। इनमें शराबबंदी प्रमुख है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल बार-बार यह कहते है कि धान की अच्छी कीमत देकर वे किसानों की जेब में पैसा डाल रहे है। यह बात सही भी है क्योंकि समर्थन मूल्य से लगभग प्रति क्विंटल 600 रुपए अधिक किसानों को मिल रहा है। लेकिन क्या जेब में पैसा डालने वाले नारे से सरकार का उद्देश्य पूरा हो जाता है। अर्थव्यवस्था का एक सिद्धांत है कि लोगों की जेब में जब पैसा आता है तो वस्तुएं की कीमतें बढ़ जाती है। यह तो अर्थशास्त्रियों के लिए शोध का विषय है कि किसानों की जेब में पैसा डालने का महंगाई पर कितना असर पड़ा। यह भी शोध होना चाहिए कि 4 वर्षों में 25 सौ रुपए प्रति क्विंटल की दर से जो कीमत किसानों को मिल रही है उससे किसान समुदाय और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में कितना विकास हुआ। एक बात जो तय है कि जब जनता के हाथ में पैसा आता है तो उसका दुरुपयोग भी करते है। प्रदेश में शराब की बढ़ती खपत और सरकार को उत्पाद शुल्क से मिलने वाले राजस्व में उत्तरोतर बढ़ोत्तरी इस बात को साबित करती है। वर्ष 2006-07 में राज्य के उत्पाद शुल्क से 706 करोड़ रुपए की आय होती थी जिसमें 256 करोड़ देशी शराब और 243 करोड़ विदेशी शराब की बिक्री से मिलते थे। जब 1 रुपए किलो चावल की योजना चली उसके बाद से 2017-18 तक शराब की बिक्री से सरकार को होने वाली आय 4 हजार 53 करोड़ हो गई। इसमें देशी शराब लगभग 2 हजार करोड़ रुपए और विदेशी शराब से 1हजार 26 करोड़ रुपए की आय बढ़ी। इसका मतलब है कि 1 रुपए किलो चावल से जो आर्थिक लाभ हुआ उससे देशी शराब की बिक्री 10-11 वर्षों में 9 गुना हो गई। अब जब किसानों को धान की अच्छी कीमत मिल रही है तो राज्य में उत्पाद शुल्क से आय 6 हजार करोड़ के आसपास पहुंच गई है। 2020-21 में यह 4 हजार 635 करोड़ रुपए थी। रोचक बात यह है कि देशी शराब से आय 2017-18 की तुलना में कम होकर 15 सौ 74 करोड़ हो गई। जबकि विदेशी शराब से प्रदेश की आय 2017-18 की तुलना में 6 सौ करोड़ रुपए से अधिक बढ़ गई। इसका मतलब है कि लोग अब विदेशी शराब ज्यादा पी रहे है। अब सरकार शराबबंदी कर देती तो संभव है गांव की समृद्धि और अधिक दिखाई देती। शराब के बढ़ते कारोबार से महिलाएं परेशान है, अपराध बढ़ रहे है। किसानों की जेब में पैसा डालने के इस दुष्प्रभाव पर सरकार को चिंतन करना चाहिए।

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हमारे लिए पूरा संसार ही स्वदेश है : मोदी https://samacharpacheesa.com/?p=5668 Mon, 09 Jan 2023 11:57:37 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=5668 इंदौर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज इंदौर में आयोजित प्रवासी भारतीय सम्मेलन 2023 को संबोधित किया। इस सम्मेलन में 70 देशों के 3800 से ज्यादा भारतीय प्रवासी शामिल हुए हैं। इस दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रवासी भारत के राष्ट्र दूत हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि विश्व की उभरती अर्थव्यवस्था भारत बन रहा है। टॉप 5 इकोनामी में भारत शामिल हो गया है। दुनिया में भारत को लेकर उत्सुकता है। भारत की विकास की गति असाधारण है। उन्होंने कहा कि प्रवासी भारतीय अपनी माटी को नमन करने आए हैं। हमारे लिए पूरा संसार ही स्वदेश है। भारतीयों ने जो ठाना है वह करके दिखाया है। भारत में कोरोना महामारी के काल में वैक्सीनेशन का रिकॉर्ड बनाया है। मोदी ने कहा कि करीब 4 वर्षों बाद प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन एक फिर से अपने मूल्य स्वरूप में हो रहा है। ये सम्मेलन मध्य प्रदेश के उस धरती पर हो रहा है जिसे देश का हृदय क्षेत्र कहा जाता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि लोग कहते हैं कि इंदौर एक शहर है लेकिन मैं कहता हूं कि इंदौर एक दौर है। ये वो दौर है जो समय से आगे चलता है फिर भी विरासत को समेटे रहता है। इंदौर ने स्वच्छता के क्षेत्र में एक अलग पहचान स्थापित की है। उन्होंने कहा कि हाल ही में, हमने भगवान महाकाल के मंदिर में पुनर्विकास का उद्घाटन किया है, और मैं आप में से हर एक से अपेक्षा करता हूं कि आप मंदिर की यात्रा करें और महादेव से आशीर्वाद लें। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि यह प्रवासी भारतीय दिवस कई मायनों में खास है। अभी कुछ महीने पहले ही हमने भारत की आजादी के 75 साल मनाए हैं। यहां स्वतंत्रता संग्राम की प्रदर्शनी लगाई गई है। देश अमृत काल में प्रवेश कर चुका है। भारत की वैश्विक दृष्टि को मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि ‘स्वदेशो भुवनत्रयम्’ अर्थात हमारे लिए पूरा संसार ही हमारा स्वदेश है, मनुष्य मात्र ही हमारा बंधु-बांधव है। इसी वैचारिक बुनियाद पर हमारे पूर्वजों ने भारत के सांस्कृतिक विस्तार को आकार दिया था।
प्रधानमंत्री ने कहा कि हमने सदियों पहले वैश्विक व्यापार की असाधारण परंपरा शुरू की थी। हम असीम लगने वाले समंदरों के पार गए। अलग-अलग देशों, अलग-अलग सभ्यताओं के बीच व्यावसायिक संबंध कैसे साझी समृद्धि के रास्ते खोल सकती है, भारत ने करके दिखाया। उन्होंने कहा कि राष्ट्र अगले 25 वर्षों के ‘अमृत काल’ में प्रवेश कर चुका है और हमारे प्रवासी भारतीय समुदाय को वैश्विक स्तर पर भारत की भूमिका को और ऊपर उठाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभानी है। उन्होंने प्रवासियों से कहा कि दोस्तों, भारत के ब्रांड एंबेसडर के रूप में आपकी भूमिकाएं विविध हैं। आप सभी ‘मेक इन इंडिया’, योग, कुटीर उद्योग, हस्तशिल्प के साथ-साथ भारतीय बाजरा के ब्रांड एंबेसडर हैं। मोदी ने कहा कि आज भारत को आशा और जिज्ञासा की दृष्टि से देखा जा रहा है। वैश्विक मंच पर भारत की आवाज सुनी जा रही है… भारत इस साल के जी20 का मेजबान भी है। हम इसे केवल एक कूटनीतिक घटना नहीं बनाना चाहते, बल्कि लोगों की भागीदारी का कार्यक्रम बनाना चाहते हैं।
PM मोदी ने कहा कि दुनिया के अलग-अलग देशों में जब भारत के लोग एक कॉमन फैक्टर की तरह दिखते हैं, तो ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ की भावना के साक्षात् दर्शन होते हैं। दुनिया के किसी एक देश में जब भारत के अलग-अलग प्रान्तों और अलग-अलग क्षेत्रों के लोग मिलते हैं, तो ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ का सुखद अहसास होता है। उन्होंने कहा कि दुनिया के अलग-अलग देशों में जब सबसे शांतिप्रिय, लोकतांत्रिक और अनुशासित नागरिकों की चर्चा होती है, तो Mother of Democracy होने का भारतीय गौरव और बढ़ जाता है। हमारे इन प्रवासी भारतीयों के योगदान का विश्व आकलन करता है, तो उसे ‘सशक्त और समर्थ भारत’ की आवाज़ भी सुनाई देती है।

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