अविश्वास प्रस्ताव – SAMACHARPACHEESA.COM https://samacharpacheesa.com Fri, 11 Aug 2023 06:52:46 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.3 एक सुनार की सौ लुहार की https://samacharpacheesa.com/?p=7791 Fri, 11 Aug 2023 06:52:45 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=7791 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देते हुए जिस तरह से राहुल गांधी और विपक्ष पर हमला बोला, उससे एक पुरानी कहावत बदलती नजर आई। सही कहावत तो यह है कि सौ सुनार की, एक लुहार की, मगर पीएम मोदी ने जिस तरीके से विपक्ष को जवाब दिया, उससे यह कहावत एक सुनार की, सौ लुहार की में बदलती नजर आई। राहुल गांधी ने बुधवार को अविश्वास प्रस्ताव पर बोलते हुए एक लुहार की, कुछ ऐसे अंदाज में केंद्र सरकार पर हमला बोला था। उन्होंने कहा था, मणिपुर में हिन्दुस्तान का मर्डर किया गया है। भारत एक आवाज है। उस आवाज की हत्या मणिपुर में की गई है। भारत माता को मणिपुर में मारा गया है। पीएम मोदी ने इस मुद्दे पर बोला तो उन्होंने सौ लुहार की, इस अंदाज में विपक्ष को करारा जवाब दे दिया। पीएम ने अप्रत्यक्ष तौर से राहुल और विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। विपक्षी दल, प्रमुख तौर पर मणिपुर की घटना को लेकर अविश्वास प्रस्ताव लेकर आए थे। कांग्रेस पार्टी सहित दूसरे दलों का आरोप था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मणिपुर पर चुप हैं। उन्हें सदन में मणिपुर की स्थिति पर बोलना चाहिए। हालांकि, बुधवार शाम को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मणिपुर पर खुलकर विपक्ष को जवाब दिया। लोकसभा सदस्यता बहाल होने के बाद राहुल गांधी ने अविश्वास प्रस्ताव पर बोलते हुए मोदी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने भाजपा के नरेटिव पर हमला कर दिया। राहुल ने कहा, मणिपुर में हिन्दुस्तान का मर्डर किया गया है। भारत माता को मणिपुर में मारा गया है। प्रधानमंत्री मणिपुर में नहीं जा रहे। उन्होंने भाजपा को भारत माता की हत्या के बयान पर ही घेरने की कोशिश की। इसके बाद भाजपा की तरफ से राहुल गांधी की कड़ी आलोचना की गई। ये अलग बात रही कि इंडिया गठबंधन के सहयोगी दलों ने सदन में राहुल गांधी का भरपूर सहयोग किया। उस वक्त लग रहा था कि राहुल गांधी ने मणिपुर में भारत माता की हत्या की बात कह कर एक लुहार की, कहावत को चरितार्थ करने का प्रयास किया। मीडिया में भी राहुल गांधी का यह बयान खूब चलाया गया। पीएम मोदी ने जब अविश्वास प्रस्ताव पर जवाब देना शुरु किया तो उन्होंने भी एक लुहार की, सौ सुनार की कहावत को बदलने का प्रयास किया। मोदी, जिस तरह से विपक्ष पर एक के बाद एक हमला बोले जा रहे थे, उससे वह कहावत सौ लुहार की के अंदाज में आ गई। मोदी ने विपक्षी दलों पर जमकर हमला बोलते हुए कहा, विपक्ष का इरादा मणिपुर पर कुछ भी गंभीरता से सुनने का नहीं था। उनके पेट में पाप था, दर्द था। नतीजा, वे अपना सिर फोड़ रहे थे। अमित शाह ने राजनीति से परे हटकर मणिपुर से जुड़े सारे विषय को समझाया। उन्होंने जनता को जागरूक करने का संदेश भी दिया। समस्या के रास्ते खोजने का प्रयास किया, मगर विपक्ष उन्हें सुनने के लिए तैयार नहीं हुआ।

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विपक्ष के नेताओं को खुद पर ही विश्वास नजर नहीं आ रहा है? https://samacharpacheesa.com/?p=7733 Tue, 08 Aug 2023 06:44:01 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=7733 अब सबकी निगाहें 8 अगस्त को चर्चा की शुरुआत होने से ज्यादा इस बात पर टिकी होंगी कि सरकार के विरोध में सदन के अंदर तीखे भाषण देने वाले ये विपक्षी दल 10 अगस्त को सदन में अपने ही द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग करवा कर अपनी ताकत दिखाएंगे या नहीं ? केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ लोकसभा में विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर सदन में मंगलवार से चर्चा शुरू होनी है। मंगलवार यानी 8 अगस्त से अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा की शुरुआत होगी। मंगलवार, बुधवार और गुरुवार यानी 10 अगस्त तक लोकसभा में सरकार के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा होगी। 10 अगस्त को ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अविश्वास प्रस्ताव पर हुई चर्चा का लोकसभा में जवाब देंगे। प्रधानमंत्री के जवाब के बाद अगर विपक्षी दल की तरफ से डिवीजन की मांग की जाएगी तो सदन में वोटिंग भी उसी दिन होगी। लोकसभा के सदस्य संख्या के आधार पर देखा जाए तो सरकार को विपक्ष द्वारा लाए गए इस अविश्वास प्रस्ताव के कारण फिलहाल कोई खतरा बिल्कुल नजर नहीं आ रहा है। लोकसभा में बीजेपी के पास अपने दम पर बहुमत है। भाजपा के पास 301 सांसद हैं जो विपक्षी दलों द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव को गिराने के लिए काफी हैं। अगर इसमें एनडीए के सहयोगी दलों के सांसदों का आंकड़ा जोड़ दिया जाए तो यह आंकड़ा 331 को भी पार कर जाता है। जैसा कि आप जानते हैं कि बीजू जनता दल और वाईएसआर कांग्रेस- इन दोनों राजनीतिक दलों ने भी विपक्षी द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव के खिलाफ मोदी सरकार का साथ देने का फैसला किया है। लोकसभा में बीजू जनता दल के फिलहाल 12 सांसद हैं वहीं वाईएसआर कांग्रेस के सांसदों की संख्या 22 है। बीजू जनता दल और वाईएसआर कांग्रेस के सांसदों की संख्या मिलाने के बाद सरकार के समर्थक सांसदों का आंकड़ा बढ़कर 365 तक पहुंच जाता है और यह विपक्षी दलों की गोलबंदी की तुलना में कहीं ज्यादा है। ऐसे में पहला सवाल तो यही खड़ा हो रहा है की आंकड़ा पक्ष में नहीं होने के बावजूद विपक्षी दल मोदी सरकार के खिलाफ यह अविश्वास प्रस्ताव क्यों लेकर आए हैं ? विपक्षी दल एकजुट होकर आईएनडीआईए नाम से गठबंधन तो बना चुके हैं लेकिन नंबर के आधार पर जब इस गठबंधन की ताकत को दिखाने का असली समय आया तो विपक्षी दलों ने वोटिंग करवाने की बजाय वॉकआउट करना ज्यादा बेहतर समझा। दिल्ली सरकार के अधिकार को लेकर लोक सभा में बिल पास होने के दौरान विपक्षी दल चाहते तो डिवीजऩ की मांग कर सदन में वोटिंग करवा कर अपनी ताकत दिखा सकते थे लेकिन उन्होंने उस समय ऐसा नहीं किया।

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अविश्वास प्रस्ताव पर भाजपा का ईरानी दांव https://samacharpacheesa.com/?p=7557 Thu, 27 Jul 2023 06:53:00 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=7557 मणिपुर हिंसा को लेकर लोकसभा में सरकार के खिलाफ विपक्ष द्वारा अविश्वास प्रस्ताव लाए जाने को मंजूरी मिल गई है। सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों खेमे इसे अपने-अपने नजरिए से देख रहे हैं। यूं भी कह सकते हैं कि एनडीए और इंडिया, दोनों को इसमें अपना सियासी फायदा नजर आ रहा है। अविश्वास प्रस्ताव पर भाजपा को मोदी के ईरानी दांव पर भरोसा है, तो वहीं विपक्ष इस हार के सौदे में अपनी जीत मानकर चल रहा है। मणिपुर हिंसा पर, विपक्षी दल लंबे समय से प्रधानमंत्री द्वारा बयान देने की मांग कर रहे थे। सत्ता पक्ष ने प्रधानमंत्री की जगह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से बयान दिलाने की बात कही, जिसके लिए विपक्ष तैयार नहीं हुआ। अविश्वास प्रस्ताव लाने वाले कांग्रेस पार्टी के सांसद गौरव गोगोई कहते हैं, देखिये, ये हार जीत का सवाल नहीं है। यह विपक्ष का संवैधानिक दायित्व है। ये इंसाफ की लड़ाई है। विपक्षी दलों का गठबंधन इंडिया चाहता है लोकतंत्र जीवित रहे। दरअसल, मणिपुर को लेकर अविश्वास प्रस्ताव की स्क्रिप्ट कई दिनों से लिखी जा रही थी। सत्ताधारी पार्टी यह बात जानती थी कि विपक्ष, सदन में प्रधानमंत्री से बयान दिलवाने की जिद से पीछे नहीं हटेगा। मंगलवार को प्रधानमंत्री मोदी ने भाजपा संसदीय बोर्ड की बैठक में मणिपुर को लेकर बहुत कुछ क्लीयर कर दिया था। उसमें भाजपा सांसदों को यह संदेश दिया गया था कि वे मणिपुर हिंसा पर विपक्ष को करारा जवाब दें। उसी बैठक में पीएम की तरफ से ऐसा इशारा भी हुआ था कि जल्द ही विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव को मंजूरी मिल सकती है। भाजपा सांसदों से कहा गया कि अपने अपने क्षेत्रों में लोगों को मणिपुर का सच बताएं। बैठक में मौजूद हरियाणा के एक सांसद का कहना था। अविश्वास प्रस्ताव से भाजपा को डरने की कोई जरूरत नहीं है। पहलवानी में कई तरह के दांव होते हैं। उसमें से एक ईरानी दांव भी होता है, जिसमें बड़े कद काठी वाले पहलवान को फायदा मिलता है। वजह, बड़े कद वाला पहलवान, हल्के पहलवान को आसानी से उठा सकता है। अगर सामने वाले पहलवान का वजन भी कुछ कम है, तो उसे उठाकर पीठ के बल पटका जा सकता है। इससे बड़े कद वाला पहलवान जीत जाता है। पीएम मोदी के साथ भी कुछ वैसा ही है। अविश्वास प्रस्ताव पर हार से विपक्ष के दो मकसद पूरे होंगे। एक तो इंडिया की एकता का टेस्ट होगा और दूसरा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मणिपुर हिंसा पर बोलने के लिए बाध्य करने के बाद लोगों को बताया जाएगा कि ये विपक्षी दलों की जीत है। अविश्वास प्रस्ताव की चर्चा में पीएम मोदी भाग लेते हैं तो इसे विपक्षी खेमा अपने लिए एक मजबूत कदम के तौर पर देख रहा है। दूसरा, विपक्षी दलों को यह शिकायत रही है कि उन्हें सदन में बोलने का पर्याप्त समय नहीं मिलता।

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विधानसभा में विपक्ष द्वारा प्रस्तुत अविश्वास प्रस्ताव ध्वनिमत से अस्वीकृत https://samacharpacheesa.com/?p=7478 Sat, 22 Jul 2023 07:36:29 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=7478 रायपुर।  छत्तीसगढ़ विधानसभा में राज्य सरकार के खिलाफ विपक्ष की ओर से प्रस्तुत अविश्वास प्रस्ताव ध्वनिमत से अस्वीकृत कर दिया गया। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने अविश्वास प्रस्ताव के विरोध में चर्चा के दौरान जवाब में कहा कि जब हमारी सरकार बनी तो हमने ‘गढ़बो नवा छत्तीसगढ़Ó की बात की और इसे साकार करने की दिशा में हमारी सरकार निरंतर कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा में कहा कि विपक्ष द्वारा प्रस्तुत अविश्वास प्रस्ताव के मुद्दों में कोई तथ्य नहीं है। प्रजातंत्र में विपक्ष का अधिकार होता है कि वे अविश्वास करे। सत्ता पक्ष के पास भी मौका होता है कि अपनी बात रखें। इन्होंने 109 आरोप लगाए पर कोई तथ्य नहीं दिए। पहले जब अविश्वास प्रस्ताव आता था तब नक्सली समस्या पर पहले बात होती थी। इस बार सदस्यों ने नही की। ये हमारी उपलब्धि है।
आप इंद्रावती के उस पार गए क्या ये संभव था। ये इसलिए हुआ कि इस समस्या पर काम हुआ। अभी भेंट मुलाकात में बस्तर में रात रुका, सभी से मिला। जो सबसे बड़ा कमेंट मिला जिसने मेरे दिल को छू लिया। जैन समाज के लोगों से मैंने पूछा कि इन चार सालों में क्या फर्क आया। उन्होंने कहा कि रिश्ता करने में बस्तर में अब दिक्कत नहीं होती है। आसानी से लोग रिश्ता दे देते हैं क्योंकि बस्तर बदल गया है। पहले बस्तर में सड़कें काट दी जाती थी आज सड़के काटी नहीं जाती, ये परिवर्तन बस्तर में देखने को मिला है। पिछली सरकार ने जो स्कूल बंद करा दिए थे, उसे हमने आरम्भ कर दिया। राशन पहुंचाना भी पहले टेढ़ी खीर थी। अब कितना आसान हो गया है। ये बदलाव आया है। जब हमारी सरकार बनी तो हमने गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ की बात की। उन महापुरुषों को, कलाकारों और राजनीतिक दलों के लोगों को नमन करता हूँ जिन्होंने छत्तीसगढ़ निर्माण में अपना योगदान दिया। परिवर्तन केवल सत्ता के लिए नहीं होना चाहिए। यह लोगों के जीवन मे होना चाहिए इसलिए परिवर्तन की मशाल लेकर हमारे नेता परिवर्तन यात्रा में निकले थे। आज हमने किसानों की जिंदगी बदली है। बस्तर, सरगुजा में परिवर्तन हुआ है। महिलाओं के जीवन मे बदलाव आया है। जब बच्चे फर्राटेदार इंग्लिश में बोलते हैं तब संतोष होता है। आरडी तिवारी स्कूल में पहले 56 बच्चे पढ़ रहे थे। अब हजार बच्चे पढ़ रहे हैं। अब ऐसे स्कूल नहीं चल रहे जो गुणवत्ता नही देते, लोग स्वामी आत्मानंद स्कूल में अपने बच्चों को प्रवेश दिला रहे हैं। बस्तर के बच्चों को शिक्षित कर दीजिए, सुपोषित कर दीजिए, वे अपनी जिंदगी स्वयं संवार लेंगे। 20 हजार करोड़ रुपये की इनपुट सब्सिडी हमने किसानों को दी। हमारे प्रदेश का किसान आज बहुत खुशहाल है।
मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि अब मैं डीएमएफ के बारे में जानकारी देता हूं। मुख्यमंत्री बनने के बाद मैंने मीटिंग ली। सभी खदान आदिवासी अंचल में थी। मैंने पूछा कि आदिवासियों के जीवन मे क्या परिवर्तन आया। उन्होंने कहा कि नहीं आया। हमने कहा कि यह होना चाहिए। हमने कहा कि इससे स्कूल बनाओ, सड़क बनाओ। डीएमएफ का तभी सही उपयोग होगा। मलेरिया में हमने बड़ा काम किया और यह काफी घट गया। उल्टी दस्त का एक भी प्रश्न विधानसभा में बस्तर से नहीं लगा। बस्तर में आज डॉक्टर है, नर्स हैं। ब्लड बैंक बनवाये गए हैं।
मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ का संकल्प लेकर जब हम निकले, कितनी बाधा आई। कोरोना आया। सबकी मदद से हमने अपना संकल्प पूरा किया। सबने इसके लिए सहयोग किया। पांच साल में आये परिवर्तन के बारे में उन्होंने बताया। आज जिले 33 हो गए। तहसील भी बढ़ गए। प्रति व्यक्ति आय बढ़ गई। धान खरीदी 56 लाख से 110 लाख मीट्रिक टन हो गई। रकबा भी बढ़ गया। धान खरीदी केंद्र 2400 हो गए। राजीव गांधी न्याय योजना, भूमिहीन ग्रामीण श्रमिक योजना, गोधन न्याय योजना हमने आरम्भ की। 10 हजार से अधिक गौठान बनाये। उर्जिकृत पंप 4 लाख हो गए। एकल बत्ती कनेक्शन 15 लाख से 17 लाख हो गए। आपके समय तो 105 करोड रुपए का ऋण माफ हुआ था, हमने तो 9500 सौ करोड़ का ऋण माफ किया है। केसीसी आपके समय में 14 लाख दिए गए। वह अब बढ़कर 21 लाख हो गए हैं। 245 करोड़ का गोबर खरीदा और 291 करोड़ की सामग्री बेचा, यह घाटे का सौदा नहीं है। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि यह कबीर की भूमि है। बाबा गुरु घासीदास की भूमि है। शांति का टापू है। अपनी संस्कृति के लिए हम काम कर रहे हैं।

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मानसून सत्र का आज आखिरी दिन, अविश्वास प्रस्ताव पर सदन में होगी चर्चा https://samacharpacheesa.com/?p=7457 Fri, 21 Jul 2023 08:23:21 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=7457 रायपुर। छत्तीसगढ़ की भूपेश सरकार के वर्तमान कार्यकाल का आखिरी सत्र आज पूरा होगा। मानसून सत्र के अंतिम दिन सारे सरकारी काम-काज पूरे किए जाएंगे। सत्र के चौथे दिन शुक्रवार को विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव पर सदन में चर्चा होगी। इससे पहले तीसरे दिन विपक्षी भाजपा विधायकों की ओर से लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर गुरुवार को चर्चा नहीं हो सकी। आज 32 ध्यानाकर्षण लगे हैं वहीं प्रश्नकाल के दौरान रेडी-टू-ईट फूड, आदिवासियों के रीति-रिवाजों के संरक्षण, गौठान और शिक्षा जैसे विषयों पर चर्चा होगी।

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विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव पर आज चर्चा होगी https://samacharpacheesa.com/?p=7435 Thu, 20 Jul 2023 07:39:04 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=7435 रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन गुरुवार को विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा होगी। विधानसभा अध्यक्ष डा. चरणदास महंत ने विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के लिए 20 जुलाई को शासकीय कार्य खत्म होने के बाद शाम 5.30 बजे तक और 21 जुलाई को शासकीय कार्य खत्म होने के बाद शाम 5.30 बजे तक समय निर्धारित की है।
उन्होंने बताया कि सदन को मंत्रिमंडल के प्रति दो अविश्वास प्रस्ताव की सूचनाएं प्राप्त हुई हैं। इनमें पहली सूचना नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल व अन्य सदस्यों की है। दूसरी सूचना सदस्य धर्मजीत सिंह व प्रमोद कुमार शर्मा से प्राप्त हुई है। पहली सूचना में दशांश सदस्य खड़े होने की स्थित में दूसरी सूचना नहीं ली जाएगी।

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विधानसभा का मानसून सत्र आज से, 3 हजार करोड़ का अनुपूरक बजट लाएगी सरकार https://samacharpacheesa.com/?p=7392 Tue, 18 Jul 2023 07:51:27 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=7392 रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र आज से शुरू हो रहा है। पांचवीं विधानसभा का आखिरी सत्र 18 से 21 जुलाई तक चलेगा। इस दौरान विपक्ष सत्तापक्ष से सवाल कर उन्हें घेरने का काम करेगा। इस सत्र में राज्य सरकार 3 हजार करोड़ का अनुपूरक बजट लाएगी। सदन के पहले पहले दिन बीजेपी विधायक विद्यारतन भसीन और अविभाजित मध्य प्रदेश के पूर्व मंत्री भानुप्रताप सिंह को श्रद्धांजलि दी जाएगी। इसके बाद सदन की कार्यवाही बुधवार तक के लिए स्थगित रहेगी। इसके बाद तीन दिन हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही चलेगी।
सत्र के अंतिम दिन सरकार को विपक्ष के अविश्वास का सामना करना पड़ेगा। इस बार का सत्र काफी हंगामेदार होने वाला है। क्योंकि महालेखाकार की रिपोर्ट पेश किए जाने पर हंगामा होना तय माना जा रहा है। दूसरी ओर टीएस सिंहदेव के डिप्टी सीएम और पूर्व पीसीसी चीफ मोहन मरकाम के मंत्री बनाए जाने से सदन में बैठक व्यवस्था में भी बदलाव देखने को मिलेगी। टीएस बाबा सीएम भूपेश बघेल के नजदीक ही बैठ सकते हैं। वहीं मरकाम को विधायक वाली बैठक व्यवस्था से अलग हटकर मंत्रियों के बीच दिखेंगे। बता दें कि पूर्व मंत्री प्रेमसाय सिंह टेकाम के इस्तीफे के बाद उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया गया है, लेकिन उनकी बैठक व्यवस्था में भी बदलाव देखने को मिलेगा। वहीं बीजेपी विधायक विद्यारतन भसीन के निधन के बाद विपक्ष की बैठक व्यवस्था में भी बदलाव दिखेगा।
550 सवालों का सामना करेगा कैबिनेट
इस सत्र में विधायकों ने 550 सवाल लगाए हैं। इन सवालों का सामना कैबिनेट को करना पड़ेगा। वहीं सरकार की ओर से 2022-23 के लिए महालेखाकार की रिपोर्ट पेश किए जाने की जानकारी है। बात विधेयकों की करें, तो छत्तीसगढ़ मंडी शुल्क संशोधन, निजी विश्वविद्यालय स्थापना, भारतीय स्टाम्प अधिनियम संशोधन विधेयक और विधानसभा सदस्यता संशोधन विधेयक शामिल हैं। इसमें लाभ के दो पद संबंधी एक संशोधन का प्रस्ताव भी है, जिसमें राज्य योजना मंडल की जगह आयोग प्रतिस्थापित किया जाना है।
अविश्वास प्रस्ताव लाएगी बीजेपी
सत्र में विपक्ष की ओर से सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की सूचना दी जाएगी। इस पर 21 जुलाई को आधी रात तक चर्चा चलने के संकेत हैं। पांचवीं विधानसभा के कार्यकाल में दूसरी बार ये प्रस्ताव लाया जाएगी। हालांकि बीजेपी के 13 विधायकों के होने से इसमें विपक्ष की हार तय मानी जा रही है, फिर भी बीजेपी राज्य सरकार की कमियों और घोटालों के आरोपों को लेकर घेरने का काम करेगी।

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