आई फ्लू – SAMACHARPACHEESA.COM https://samacharpacheesa.com Sat, 29 Jul 2023 10:05:04 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.3 आई फ्लू आंखों की बीमारी और मौसमी बीमारी के संबंध में संभागीय और जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश https://samacharpacheesa.com/?p=7606 Sat, 29 Jul 2023 10:05:03 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=7606 रायपुर। लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा सभी संयुक्त संचालक स्कूल शिक्षा और जिला शिक्षा अधिकारियों को आई फ्लू आंखों की बीमारी और मौसमी बीमारी के संबंध में निर्देश जारी किए गए हैं। जिन स्कूलों के बच्चों में आई फ्लू की समस्या है उनको स्कूल आने से मना करने एवं उन्हें घर में रहने की सलाह देने कहा गया है। साथ ही मौसमी बीमारी से बचाव के उपाय और उन्हें जागरूक करने के लिए सभी शासकीय और अशासकीय स्कूलों में जानकारी देने कहा गया है।
लोक शिक्षण संचालनालय से जारी पत्र में कहा गया है कि आई फ्लू आंखों की एक बीमारी है, जिसे आंख आना, आंखों का गुलाबी होना या पिंग आई भी कहते हैं। आई फ्लू बरसात के मौसम में आंखों का इंफेक्शन तेजी से फैल रहा है। आंखों के होने वाले इंफेक्शन को आई फ्लू या कंजक्टिवाइटिस कहते हैं, इसमें इंफेक्शन होने वाले बच्चों की आंखें लाल हो जाती है। इसके साथ ही आंखों से पानी निकलता रहता है और सूजन आ जाती है। जिस कारण आंखों से साफ नहीं दिखता।
आई फ्लू से बचने के उपाय- थोड़े-थोड़े समय पर अपने हाथों की सफाई करें, आंखों को बार-बार न छूए, अपने आसपास सफाई रखें, अपनी आंखों को समय-समय पर धोए, अगर बाहर जाना ज्यादा जरूरी है तो काला चश्मा पहनकर जाएं, पीडि़त व्यक्ति से आई कांटेक्ट बनाने से बचें, संक्रमित व्यक्ति के बेड, तौलिया या कपड़े का इस्तेमाल न करें तथा समस्या अधिक होने पर अपने नजदीकी अस्पताल जाकर डॉक्टर से ईलाज कराएं।
शासकीय और अशासकीय स्कूलों में यह सभी जानकारी संबंधित अधिकारियों को प्रेषित करने निर्देशित किया गया है। इस संबंध में संचालक, महामारी नियंत्रण ने अपने परिपत्र में कंजक्टिवाइटिस के लक्षणों, उपचार और इससे बचाव के बारे में भी जानकारी दी है। उन्होंने परिपत्र में कहा है कि कंजक्टिवाइटिस आंख की आम बीमारी है जिसे हम आँख आना भी कहते हैं। इस बीमारी में रोगी की आँख लाल हो जाती है, कीचड़ आता है, आँसू आते हैं, चुभन होती है तथा कभी-कभी सूजन भी आ जाती है।
कंजक्टिवाइटिस होने पर एंटीबायोटिक ड्रॉप जैसे जेंटामिसिन, सिप्रोफ्लॉक्सिन, मॉक्सीफ्लॉक्सिन आई ड्रॉप आँखों में छह बार एक-एक बूंद तीन दिनों के लिए मरीज को देना चाहिए। तीन दिनों में आराम न आने पर किसी अन्य बीमारी की संभावना हो सकती है। ऐसे में नेत्र विशेषज्ञ के पास दिखाना उचित होता है। अन्यथा गंभीर स्थिति निर्मित हो सकती है। कंजक्टिवाइटिस की जाँच एवं उपचार की सुविधा चिकित्सा महाविद्यालयों, जिला चिकित्सालयों, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में नि:शुल्क उपलब्ध है।
कंजक्टिवाइटिस संक्रामक बीमारी है जो सम्पर्क से फैलती है। अत: मरीज को अपनी आँखों को हाथ न लगाने की सलाह देनी चाहिए। रोगी से हाथ मिलाने से बचकर एवं उसकी उपयोग की चीजें अलग कर इस बीमारी के फैलाव को रोका जा सकता है। संक्रमित आँख को देखने से इस बीमारी के फैलने की धारणा केवल भ्रम है। यह बीमारी केवल सम्पर्क से ही फैलती है।

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छत्तीसगढ़ में तेजी से फैला रहा आई फ्लू, सीएम भूपेश ने बुलाई आपात बैठक https://samacharpacheesa.com/?p=7579 Fri, 28 Jul 2023 08:56:38 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=7579 रायपुर/कोरिया/राजनांदगांव: छत्तीसगढ़ में आई फ्लू तेजी से पैर पसार रहा है। पिछले एक सप्ताह में ही प्रदेशभर से आई प्लू के 19 हजार मरीज मिले हैं। इस संबंध में शासन स्तर पर भी अलर्ट जारी किया गया है। रायपुर सीएम निवास में आई फ्लू को लेकर आपात बैठक चल रही है। इस बैठक में स्वास्थ्य मंत्री और डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव भी मौजूद हैं। आई फ्लू को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने कमर कस ली है। मैदानी स्तर पर आई फ्लू से बचाव को लेकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
दुर्ग में आई फ्लू के 1353 मरीज मिले हैं। बस्तर में भी यह आंकड़ा 1200 के पार पहुंच चुका है। वहीं कवर्धा और बिलासपुर जिले में 500 से ज्यादा मरीज संक्रमित हैं। राजनांदगांव में आई फ्लू के मरीजों की संख्या 380 हो गई है। कांकेर जिले में 30 मरीज, सरगुजा में 120 मरीज पाए गए हैं। आई फ्लू से संक्रमित सभी मरीज बच्चे हैं। कवर्धा के पंडरिया में करीब 10 बच्चे आई फ्लू से प्रभावित हैं। कवर्धा के कोलेगांव में करीब 150 बच्चों को आई फ्लू का संक्रमण हुआ है। कोरिया जिले में आई फ्लू संक्रमितों की बात करें, तो अब तक टोटल 67 मरीज मिले हैं। जिसमें सोनहत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से 5, बैकुंठपुर जिला हॉस्पिटल से 45 और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पटना से 17 मरीजों की पुष्टि हुई है। सभी संक्रमितों का उपचार स्वास्थ्य विभाग की निगरानी में जारी है। प्रदेश के सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर आई फ्लू की एंटीबायोटिक दवा उपलब्ध कराई गई है।
स्वास्थ्य विभाग की तरफ से स्कूलों में भी बच्चों की आंखों की जांच की जा रही है। स्कूलों में डॉक्टरों द्वारा सभी बच्चों को आई फ्लू से बचाव के उपाय और इलाज के बरे में बताया जा रहा है।
आई फ्लू एक कंडक्टेड फ्लू है। यह एक तरह का वायरस है। इससे आंखें लाल हो जाती है और आंखों में जलन के साथ खुजली होने लगती है। इससे डरने की जरूरत नहीं है। इसका इलाज हो जाता है। अगर आपको लगता है कि आपकी आंखों में किसी प्रकार की जलन या खुजलाहट हो रही है। तो तुरंत नेत्र चिकित्सालय पहुंचकर डॉक्टर को दिखाएं और उसका इलाज कराएं। अब तक इस बीमारी से किसी प्रकार का किसी को कोई नुकसान नहीं हुआ है। जिनका जिनका इलाज हो रहा है, वह स्वस्थ हो जा रहे हैं।

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