आतंकवाद – SAMACHARPACHEESA.COM https://samacharpacheesa.com Sat, 11 Feb 2023 08:26:46 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.3 एनडीए सरकार कश्मीर में आतंकवाद, पूर्वोत्तर में उग्रवाद, नक्सलवाद को नियंत्रित करने में सफल रही: अमित शाह https://samacharpacheesa.com/?p=6226 Sat, 11 Feb 2023 08:26:46 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=6226 हैदराबाद। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शनिवार को यहां कहा कि केंद्र में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत सरकार जम्मू कश्मीर में आतंकवादी घटनाओं, पूर्वोत्तर में उग्रवाद और वामपंथी नक्सलवाद को नियंत्रित करने में काफी हद तक सफल रही है। शाह ने यहां सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी (एसवीपीएनपीए) में भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के 74वें बैच के परिवीक्षाधीन अधिकारियों की दीक्षांत परेड को संबोधित करते हुए कहा कि भारत सरकार की एजेंसियों के नेतृत्व में पूरे देश में पुलिस बलों ने ‘पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) जैसे संगठन के खिलाफ एक ही दिन में एक सफल अभियान संचालित किया।
अमित शाह ने कहा, ”सरकार आठ साल बाद जम्मू कश्मीर में आतंकवादी घटनाओं, पूर्वोत्तर में उग्रवाद और वामपंथी नक्सलवाद को नियंत्रित करने में काफी हद तक सफल रही है। उन्होंने कहा, ”हाल में ‘पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया पर प्रतिबंध लगाकर हमने दुनिया के सामने एक सफल उदाहरण पेश किया है। शाह ने कहा, ”इससे पता चलता है कि लोकतंत्र के प्रति हमारी प्रतिबद्धता कितनी मजबूत हुई है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद को कतई बर्दाश्त नहीं करने की नीति, आतंकवाद विरोधी कानूनों के लिए मजबूत ढांचे, एजेंसियों को मजबूत किए जाने और दृढ़ राजनीतिक इच्छाशक्ति के कारण आतंकवाद संबंधी घटनाओं में कमी आई है।
शाह ने कहा कि पिछले सात दशकों के दौरान देश ने आंतरिक सुरक्षा में कई उतार-चढ़ाव और कई चुनौतीपूर्ण समय देखे हैं। उन्होंने कहा कि चुनौतीपूर्ण समय में 36,000 से अधिक पुलिसकर्मियों ने अपने प्राणों का बलिदान दिया। दीक्षांत परेड में 166 आईपीएस (भारतीय पुलिस सेवा)अधिकारी प्रशिक्षुओं और विदेशों से 29 अधिकारी प्रशिक्षुओं सहित कुल 195 अधिकारी प्रशिक्षुओं ने भाग लिया।

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जब फौजी ताकतवर बनता है तब देश की ताकत बढ़ती है : जेपी नड्डा https://samacharpacheesa.com/?p=5804 Fri, 20 Jan 2023 10:03:02 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=5804 लखनऊ। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा आज उत्तर प्रदेश में हैं। उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में उन्होंने पूर्व सैनिकों के साथ संवाद किया। अपने संवाद के दौरान जेपी नड्डा ने परमवीर चक्र विजेता अब्दुल हमीद की भूमि को नमन करते हुए कहा कि मैं खुद को सौभाग्यशाली मानता हूं कि मैं इस धरती पर आया। उन्होंने कहा कि आज हमारी सेना विश्व स्तर पर सबसे मजबूत में से एक है। कोई भी संकट हो, प्राकृतिक आपदा हो, या सीमाओं की सुरक्षा, आप सभी ने समर्पण के साथ देश की सेवा की है, जिसने सभी भारतीयों को सुरक्षा की भावना प्रदान की है। उन्होंने कहा कि मैं इस बात से गौरवान्वित होता हूं कि भारत की फौज दुनिया की सबसे ताकतवर फौज मानी जाती है। किसी भी प्रकार के संकट में भारतीय जवानों ने अपने जीवन को तत्परता से लगाया और हमारी तथा सीमा की सुरक्षा की है।
नड्डा ने कहा कि आज फौज और सीमा की दृष्टि से बदलता भारत है। आज वह भारत नहीं है जो आपने पहले देखा होगा और आज देश की सीमा वह नहीं है जो पहले थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कड़े फैसले लेकर देश की सुरक्षा की है। उन्होंने कहा कि सबसे बड़ा बदलाव जो मोदी सरकार में हुआ है। यह है कि हमारी विदेश नीति आज हमारे रक्षा बलों का समर्थन करती है। पीएम मोदी ने दुनिया को बता दिया है कि भारत न तो किसी तरह के आतंकवाद का समर्थन करता है और न ही इसे बर्दाश्त करेगा। उन्होंने दावा किया कि मोदी जी से पहले की सरकार में कोई खरीद नहीं हुई। हमारे फौजी भाई मुसीबत में पड़े रहे लेकिन कोई चिंता नहीं की गई। पनडुब्बी, हेलीकॉप्टर, फाइटर जेट और बुलेटप्रूफ जैकेट खरीद में घोटाला किया गया। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आने के बाद फौज को लैस किया गया।
भाजपा अद्यक्ष ने कहा कि युद्ध स्मारक वर्षों से लंबित था और हमने इसे बनाने के लिए पहले की सरकारों को नहीं रोका लेकिन उन्होंने इसके निर्माण के लिए कभी कोई कदम नहीं उठाया। आज दुनिया हमारे नायकों को याद कर रही है और पीएम मोदी की पहल पर युद्ध स्मारक बनकर तैयार हुआ। उन्होंने कहा कि अभी पिछले साल तक नेवी के झंडे में सेंट जॉर्ज का क्रॉस था अब उसकी जगह पर छत्रपति शिवाजी की मुहर है। आज डिफेंस का कॉरिडोर उत्तर प्रदेश में बन रहा है। ये सिर्फ डिफेंस कॉरिडोर नहीं होगा, ये उत्तर प्रदेश का पावर हाउस होगा। उन्होंने कहा कि पुंछ में अग्रिम मोर्चे पर तैनात हमारे सैनिकों को दुश्मन की गोली का जवाब देने से पहले आदेश का इंतजार करना पड़ता था क्योंकि वह नगरोटा, अंबाला और चंडी मंदिर के तीन रिपोर्टिंग स्टेशनों को पार कर दिल्ली पहुंचती थी।
जेपी नड्डा ने साफ तौर पर कहा कि मोदी के प्रधान मंत्री बनने के बाद सैनिकों को वास्तविक समय में दुश्मन की गोलियों का जवाब देने का अधिकार प्रदान किया गया। उन्होंने कहा कि आज पाकिस्तान अलग-थलग हो चुका है क्योंकि दुनिया को समझ आ गया है कि आतंकवाद की जननी कहां है। साथ ही दुनिया ये भी समझ चुकी है कि भारत ने किस तरह से आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई लड़ी है। प्रधानमंत्री मोदी का मानना है कि जब फौजी ताकतवर बनता है तब देश ताकतवर बनता है और देश की सुरक्षा होती है। उन्होंने सवाल किया कि कौन प्रधानमंत्री हैं, जिन्होंने सीमा पर जवानों के साथ दिवाली मनाई? ये संदेश है कि सीमा पर देश के जवान अकेले नहीं हैं, देश का प्रधानमंत्री और  130 करोड़ जनता आपके साथ खड़ी है।

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अच्छे- बुरे आतंकी ! https://samacharpacheesa.com/?p=5174 Tue, 13 Dec 2022 05:57:48 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=5174 संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में भारत ने आतंकवाद को लेकर अपनी गहरी चिंता जाहिर करने वाला है। 14-15 दिसंबर को भारत अपनी ओर से कुछ सुझाव प्रस्तुत करेगा कि आखिर आतंकवाद से कैसे निपटा जाए। भारत अपना जो पक्ष रखने वाला है, उसको लेकर उसने एक नोट भी परिषद को प्रेषित किया है, जिसमें उसने कहा है कि आतंकवाद को लेकर यह भेद नहीं किया जा सकता कि यह आतंकवाद बहुत अच्छा है या खराब है । आतंकवाद विशुद्ध रूप से आतंकवाद है और इस पर पूरी दुनिया को चिंता करनी चाहिए। भारत की इस बात में दम है और उम्मीद की जा सकती है कि सुरक्षा परिषद में शामिल देश इस मसले को गंभीरतापूर्वक विचार करेंगे और पूरी दुनिया कैसे आतंकवाद से मुक्त हो, इस पर कुछ ठोस सुझाव भी आएंगे ।मेरा अपना और लाखों-करोड़ों लोगों का भी यही मानना है कि आतंकवाद को किसी धर्म,मजहब, रिलीजऩ या जात-पात से नहीं जोडऩा चाहिए । आतंकवादी किसी भी धर्म का हो सकता है। वह किसी भी देश में आतंकवाद पनप सकता है। पाकिस्तान जैसे देश में आतंकवादियों को पनाह मिलती रही है। यह गंभीर चिंता का विषय है। अमेरिका जैसे देश ने कभी आतंकवाद का अनुभव नहीं किया था, लेकिन जब वहां आतंकवादियों ने ट्विन टॉवर को को ध्वस्त किया, तब अमेरिका भी आतंकवाद को लेकर गंभीर हुआ। भारत देश तो आजादी के बाद से लगातार आतंकवाद का शिकार होता रहा है। दुर्भाग्य की बात है कि पाकिस्तान इस बात को स्वीकार नहीं करता कि उसके यहां आतंकवाद की जबरदस्त खेती हो रही है। और कैसी विसंगति है कि खुद पाकिस्तान अपने देश में आतंकवाद को झेल रहा है। अनेक अवसरों पर वहां विभिन्न स्थलों में आतंकवादी विस्फोट करके लोगों की जान लेते रहे हैं। फिर भी वह इस मामले में पूरी तरह गंभीर नहीं दिखता। कुख्यात आतंकवादी उसी के यहां शरण लिए हुए हैं। कुछ का तो खात्मा अमेरिका ने वहाँ घुस कर किया है।
आतंकवाद, उग्रवाद जैसे शब्द पूरी दुनिया में इन दिनों गूँज रहे हैं। इसके विरुद्ध मिलजुल कर के लड़ाई लडऩे की जरूरत है। वैश्विक स्तर पर धर्म के नाम पर आतंकवाद फैला है तो अपने देश में विचारधारा के नाम पर नक्सलवाद जैसी बीमारी पनप चुकी है। इसके विरुद्ध भी एकजुट होकर लडऩे की जरूरत है। नक्सलवाद को लेकर भी दो तरह की विचारधारा सामने आती है। एक नक्सलवादियों को महिमामंडित करते हैं तो दूसरे इसकी निंदा करते हैं। नक्सलवाद के पक्ष में शहर के अनेक तथाकथित बुद्धिजीवी तर्क देते हैं ।यहां तक कि नक्सली अगर कोई बड़ी हिंसा करते हैं तो भी उसका महिमामंडन करने से फर्जी बुद्धिजीवी बाज़ नहीं आते। वैश्विक आतंकवाद के विरुद्ध इस चर्चा में मैंने नक्सलवाद को इसलिए भी शामिल किया है कि उसको हवा देने का काम कुछ विदेशी ताकतें भी कर रही हैं। यही कारण है कि नक्सलियों के साथ मुठभेड़ के बाद जब कुछ हथियार बरामद होते हैं, तो वे दपाकिस्तान और चीन के भी निकलते हैं। इसका मतलब साफ है इनको बाहरी मदद भी मिल रही है। आतंकवाद केवल बुरा हो सकता है। उसे किसी भी सूरत में अच्छा नहीं ठहराया जा सकता।

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