एफआईआर – SAMACHARPACHEESA.COM https://samacharpacheesa.com Mon, 31 Jul 2023 09:25:28 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.3 शराब घोटाला..पांच के खिलाफ दिल्ली एनसीआर के थाने में एफआईआर https://samacharpacheesa.com/?p=7621 Mon, 31 Jul 2023 09:25:27 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=7621 नई दिल्ली/रायपुर। शराब घोटाला के केस में ईडी ने दिल्ली एनसीआर के थाने में रविवार को रिपोर्ट दर्ज कराई है। इसमें छत्तीसगढ़ के तीन अफसरों, और ग्रेटर नोएडा की एक कंपनी के एमडी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराया गया है।
ईडी की ओर से एफआईआर में बताया गया कि शराब माफिया के साथ साठगांठ कर बड़े पैमाने पर देशी शराब की अवैध बिक्री कराई गई है। जिन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है उनमें एपी त्रिपाठी, निरंजन दास, अनिल टुटेजा, कंपनी के एमडी विधु गुप्ता, अनवर ढेबर हैं। इनके खिलाफ आईपीसी की धारा 120 बी, 420, 468, 471, 473 और धारा 484 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।

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कॉलोनाइजर डॉ. अशोक खेमका के खिलाफ एफआईआर https://samacharpacheesa.com/?p=7487 Sat, 22 Jul 2023 08:21:44 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=7487 रायपुर। नगर निवेश से पास लेआउट के विरुद्ध निर्माण तथा आम जनता को छलपूर्वक कूटरचित लेआउट दिखाकर कॉलोनी विकास की अनुमति हासिल कर शहरी गरीब आवास की भूमि को हड़पने के मामले में विधानसभा थाना पुलिस ने कॉलोनाइजर मेसर्स सूर्या लैंड डेवलपर्स डॉ. अशोक खेमका के खिलाफ धारा 420, 467, 468, 471 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है। मामला सड्डू में विकसित की गई राजधानी विहार नामक कॉलोनी का है।
पुलिस ने बताया कि एफआईआर नगर निगम के जोन क्रमांक 9 के प्रभारी सहायक अभियंता अंशुल शर्मा ने दर्ज कराई है। रिपोर्ट के अनुसार कॉलोनाइजर मेसर्स सूर्या लैंड डेवलपर्स द्वारा ग्राम सड्डू में विकसित की गई राजधानी विहार नामक कॉलोनी में तथ्यों को छिपाकर कूटरचित ढंग से अनुमति प्राप्त कर शासन की योजना के क्रियान्वयन में बाधा उत्पन्न की जा रही है। रिपोर्ट में उल्लेख है कि कॉलोनाइजर द्वारा रजिस्ट्री के लिए उपयोग में लाए जा रहे संयुक्त नक्शे को नगर तथा ग्राम निवेश विभाग द्वारा अनुमोदित नहीं किया गया है।
राजधानी विहार फेस-2 की जमीन का सीमांकन नहीं कराया गया है, किन्तु फेस-2 की डेवलेपमेंट परमिट में सीमांकन की शर्त सम्मिलित है। कॉलोनाइजर द्वारा कालोनीवासियों को जो नक्शा दिखाकर प्लाट विक्रय किए गए हैं उसमें दिखाए गए ओपन एरिया एवं आधे रोड के हिस्से को ईडब्ल्यूएस में शामिल किया गया है। ईडब्ल्यूएस के लिए आरक्षित भूमि में खसरा क्रमांक 548 को बिल्डर द्वारा मानचित्र में सम्मिलित किया गया है। उपलब्ध अभिलेख के आधार पर उक्त खसरा शासकीय है तथा पानी के नीचे की जमीन है। कॉलोनाइजर के उपरोक्त कृत्य से शहरी गरीब आवास जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हुए हैं तथा केन्द्र व राज्य शासन से मिली राशि का उपयोग पूर्ण रूप से नहीं किया जा सका है।
रिपोर्ट में उल्लेख है कि राजधानी विहार नामक कॉलोनी में तथ्यों को छिपाकर कूटरचित ढंग से अनुमति प्राप्त कर शासन की योजना के क्रियान्वयन में बाधा उत्पन्न की जा रही है। कॉलोनाइजर के ऐसा करने के कारण छत्तीसगढ़ शासन के खिलाफ विभिन्न याचिकाएं उच्च न्यायालय में दायर हुई है तथा अवमानना की स्थिति भी उत्पन्न हुई है।

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पहलवानों का दमन https://samacharpacheesa.com/?p=7004 Tue, 30 May 2023 08:27:36 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=7004 कल एक तरफ जब नए संसद भवन का उद्घाटन हो रहा था और प्रधानमंत्री भारत को मदर ऑफ डिमॉक्रेसी यानीलोकतंत्र की मां बता रहे थे, उसी समय प्रदर्शन कारियों के लिए निर्धारित स्थल जंतर मंतर में प्रदर्शन कर रहे पहलवानों का पुलिस दमन कर रही थी। पहलवानो के तंबू आदि हटा दिए गए। पहलवान जब संसद भवन की ओर मार्च निकाल रहे थे, तब पुलिस ने उनको बल पूर्वक रोका और गिरफ्तार किया। बाद में कुछ पहलवानों पर एफआईआर भी दर्ज कर लिया गया। पहलवान हाथों में तिरंगा ध्वज लेकर प्रदर्शन कर रहे थे । ध्वज नीचे गिर रहा था, यह कितने शर्म की बात है। यह वही तिरंगा ध्वज है, जो कभी अंतरराष्ट्रीय में खेलों में इन्हीं खिलाडिय़ों ने शान से थामा था। आज वही ध्वज नीचे गिर जाए, और उसकी पुलिस परवाह न करे, यह असहनीय है। जब कभी ऐसी नौबत आए तो पुलिस का दायित्व है कि वह सबसे पहले राष्ट्रध्वज के सम्मान की चिंता करे। वह किसी भी स्थिति में भूमि पर न गिरे। दुख की बात यह है कि प्रदर्शन में (गली मोहल्ले वाले पहलवान नहीं) ऐसे पहलवान शामिल हैं, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीत कर देश का गौरव बढ़ाया। इसमें महिला पहलवान भी हैं, जो न्याय के लिए संघर्ष करते हुए पुलिस के हाथों पीटी जा रही हैं। आश्चर्य है कि कुश्ती संघ के अध्यक्ष पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई,जब कि वह आए दिन महिलाओं के खिलाफ असम्मानजनक शब्दों का प्रयोग करता रहता है। कोई व्यक्ति कितना पॉवरफुल हो सकता है, उसे देखना हो तो हम बृजभूषण सिंह के रूप में देख सकते हैं। इसको कुश्ती संघ से न हटाकर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी छवि काफी धूमिल की है। पहलवान कल शांतिपूर्ण तरीके से अपना मार्च निकाल रहे थे। और जैसा कि अकसर देश भर में होता है, पुलिस प्रदर्शनकारियों को अनावश्यक रूप से रोक कर परेशान करती है तो वे उत्तेजित होकर आगे बढऩा चाहते है। बस पुलिस मौका मिलता है और वह उन पर टूट पड़ती है। अगर खिलाडी संसद भवन के पास तक जाकर प्रदर्शन करना चाहते थे, तो उनको प्रदर्शन करने देना चाहिए। ये किसी दूसरे देश के लोग नहीं हैं। अपने ही देश के सम्मानित खिलाड़ी हैं।वे अपनी पीड़ा को बताने के लिए अपने ही संसद भवन के पास जा कर प्रदर्शन करना चाहते थे, तो इस में कोई बुराई नहीं। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखते हुए खिलाडिय़ों को प्रदर्शन करने का अधिकार मिलना ही चाहिए था, लेकिन दुर्भाग्य की बात है एक तरफ हम लोकतंत्र की बात करते हैं, तो दूसरी तरफ लोक का ही दमन करते हैं। जंतर मंतर सरकार द्वारा निर्धारित धरना स्थल है। वहां से खिलाडिय़ों का तंबू हटा देना, तो दमन की पराकाष्ठा है। आखिर खिलाडी कहां जाकर प्रदर्शन करे? क्या सोशल मीडिया में अपनी भड़ास निकलता रहे? बयानबाज़ी करता रहे? जब इतने उग्र प्रदर्शन के बावजूद कुश्ती संघ के अध्यक्ष का बाल बांका नहीं हो रहा, तो क्या सिर्फ बयानबाजी से समस्या का हल होगा? उधर पुलिस की एक मुखिया शर्मनाक बयान दे रही थी कि हम ऐसे मामले से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। हमारे पास अतिरिक्त सुरक्षा बल है। कुल मिला कर जो कुछ भी हुआ, वह अलोकतांत्रिक हुआ। मामले का पटाक्षेप होना चाहिए । और जल्द से जल्द कुश्ती संघ के तथाकथित बाहुबली अध्यक्ष को हटाने की कार्रवाई की जानी चाहिए।

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सपा प्रवक्ता अनुराग भदौरिया के घर कुर्की का नोटिस चस्पा, एफआईआर दर्ज होने के बाद से हैं फरार https://samacharpacheesa.com/?p=5146 Sat, 10 Dec 2022 07:40:42 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=5146 लखनऊ। समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता अनुराग भदौरिया की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उनके गुरु महंत अवेद्यनाथ पर आपत्तिजनक टिप्पणी मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद से ही वह फरार हैं. पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है. लेकिन, अनुराग का कोई सुराग नहीं लग सका है.
इंदिरानगर के आवास पर नोटिस चस्पा
इसके बाद अब पुलिस ने उनके इंदिरानगर आवास पर कुर्की का नोटिस चस्पा किया है. नोटिस में कहा गया है कि पुलिस के सामने हाजिर नहीं होने पर कुर्की की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी.
कोर्ट से नहीं मिली राहत
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उनके गुरु के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी के मामले में अनुराग भदौरिया के खिलाफ हजरतगंज कोतवाली में एफआईआर दर्ज की गई है. अनुराग भदौरिया ने अपनी गिरफ्तारी पर रोक लगाने के लिए हाईकोर्ट की शरण ली थी. लेकिन, उन्हें कोई राहत नहीं मिली. हाईकोर्ट ने उनकी याचिका खारिज करते हुए कहा कि याची के पास अग्रिम जमानत लेने का विकल्प खुला है, लिहाजा गिरफ्तारी पर रोक का आदेश नहीं दे सकते.
पुलिस को लगातार दे रहे चकमा
कानूनी दांवपेंच के जरिए गिरफ्तारी से बचने का प्रयास कर रहे अनुराग भदौरिया पुलिस को लगातार चकमा दे रहे हैं. पुलिस संभावनाओं के आधार पर उनके कई ठिकानों पर दबिश दे चुकी है. लेकिन, अनुराग भदौरिया नहीं मिले. इसलिए उन पर कानूनी शिकंजा कसने के लिए आवास पर कुर्की की नोटिस चस्पा की गई है.
अज्ञात व्यक्ति ने नोटिस को फाड़ा
वहीं शुक्रवार देर रात किसी व्यक्ति ने इस नोटिस को फाड़ दिया. इसकी जानकारी शनिवार को हुई. अनुराग के मकान में रहने वाले लोगों के मुताबिक गेट बंद रहने की वजह से वह नहीं देख पाये कि नोटिस को किसने फाड़ा है.
ये है मामला
आरोप है कि अनुराग भदौरिया ने एक निजी चैनल की डिबेट के दौरान जानबूझकर सीएम योगी के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी की है. वहीं उनके गुरु ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ का भी नाम शरारत पूर्ण तरीके से जानबूझकर गलत उच्चारण करते हुए लिया. इसके बाद भाजपा प्रवक्ता हीरो बाजपेयी ने उनके खिलाफ हजरतगंज कोतवाली में एक एफआईआर दर्ज करवाई. अनुराग भदौरिया के खिलाफ पुलिस ने आईपीसी की धारा 153ए, 295ए, 298, 504 और 505 (2) के तहत मामला दर्ज किया गया है.

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