एसआईटी – SAMACHARPACHEESA.COM https://samacharpacheesa.com Sat, 20 May 2023 07:40:55 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.3 गोल गोल रानी इत्ता इत्ता पानी https://samacharpacheesa.com/?p=6949 Sat, 20 May 2023 07:40:54 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=6949 बच्चों का खेल है, जिसमें एक पंक्ति दोहराई जाती है, गोल गोल रानी इत्ता इत्ता पानी। दरअसल इस खेल में बच्चे एक दूसरे का हाथ पकड़कर गोल घेरा बना कर ले में गाते हुए घूमते हैं, बीच में दाम देने वाला खिलाड़ी हाथ की बेदी तोड़कर भागने की कोशिश करता है। एक मजेदार खेल है। लेकिन रायपुर के महापौर एजाज धेबर ने गोल गोल रानी पंक्ति का प्रयोग नगर निगम रायपुर में यूनीपोल घोटाले की जानकारी देने में अधिकारियों के घुमाए जाने को लेकर दिया है। वैसे सही भी है, जब से कांग्रेस की सरकार बनी है तब से गोल गोल रानी इत्ता इत्ता पानी, का खेल चल रहा है। भाजपा की सरकार की हार के बाद भ्रष्टाचार के दोषियों। को कटघरे में खड़ा करने कई एसआईटी का गठन किया गया। चार साल से ज्यादा का समय बीत गया लेकिन किसी एसआईटी की कोई रिपोर्ट नहीं आई है। कुल मिलाकर गोल गोल रानी इत्ता इत्ता पानी वाला मामला है। राजधानी में पैदल चलने वालों के लिए स्काईवॉक बनाने का काम शुरू हुआ था, कांग्रेस विपक्ष में रहते हुए इसका विरोध किया, कहा इसकी शहर को जरूरत नहीं है। सरकार बनी तो स्काईवॉक के काम को रुकवा दिया गया। करोड़ों रुपए खर्च करने के बाद अब तक इस पर कोई निर्णय नहीं लिया जा सका है। एक समिति बना दी गई थी, जो चार साल तक गोल गोल रानी करती रही और आखिर में निर्णय दिया कि स्काईवॉक का निर्माण होना चाहिए। अब जो निर्माण हुआ ढांचा था वह धूप और बरसात में बिना उपयोग के जर्जर हो चुका है। ऊपर से निर्माण की लागत भी बढ़ गई है। इसका मतलब है अब न तो स्काईवॉक बनेगा और न ही टूटेगा। करोड़ों रुपए में गोल गोल रानी इत्ता इत्ता पानी का खेल हो गया। यही हाल डी के सुपरस्पेशलिटी अस्पताल को लेकर हुआ, जांच के लिए समिति बनी लेकिन गोल गोल चलती रही। अभी ईडी के मामले में यही हाल है। यूनीपोल लगाने में गड़बड़ी से निगम को 50 करोड़ की चपत लगी है, महापौर कह रहे कि इसकी उनको जानकारी नहीं थी मतलब अधिकारियों ने नियम बदल कर 50 करोड़ रुपए की बंदरबांट कर लिया। अभी पीएससी का मामला उछला है, पिछले चार बरस से लगातार प्रतियोगी परीक्षा के उम्मीदवार आयोग के नियम में गड़बड़ी के चलते न्यायालय की शरण में जाते रहे हैं। अब तो परिणाम में ही गोलमाल है। कुल मिलाकर हर जगह गोल गोल रानी इत्ता इत्ता पानी का खेल चल रहा है। ज्यादा गोल गोल घुमाने से चक्कर भी आता है। इस घनचक्कर का असर जनता पर होंगया तो चुनाव वे अपना चक्कर चलाएंगे।

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सुप्रीम कोर्ट पहुंचा बिहार की जहरीली शराब का मामला, एसआईटी से जांच कराने की मांग https://samacharpacheesa.com/?p=5263 Fri, 16 Dec 2022 07:56:06 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=5263 नई दिल्ली। बिहार में सारण के मशरक के आधा दर्जन गांवों में जहरीली शराब की वजह से मचे हाहाकार के बीच सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका लगाई गई है। याचिका में मामले की जांच एसआईटी से करवाने की मांग की गई है। याचिकाकर्ता ने मांग की है कि मामले की स्वतंत्र जांच की जाए।
इसके साथ ही याचिका में अवैध शराब के निर्माण, व्यापार और बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए एक्शन प्लान तैयार करने की मांग की गई है। जनहित याचिका में पीडि़तों के परिवार को मुआवजा देने की भी मांग की गई है।
क्या है मामला?
दरअसल, सारण के मशरक के आधा दर्जन गांवों में मंगलवार से शुरू हुआ मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार सुबह तक यहां जान गंवाने वालों का आंकड़ा 60 तक पहुंच गया है। इस बीच खबर है कि सीवान में भगवानपुर प्रखंड के सोधनी और ब्रह्मा स्थान गांव में जहरीली शराब पीने से चार लोगों की मौत हो गई है।
नीतीश कुमार ने कही थी यह बात
इससे पहले बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जहरीली शराब से मौतों पर प्रतिक्रिया देते हुए गुरुवार को कहा था कि जो पीएगा वो मरेगा। बिहार में शराब के सेवन पर रोक है। लोगों को समझाने की जरूरत है। उन्होंने कहा था कि जो गड़बड़ कर रहा, उसे पकडि़ए। उसे अच्छा काम करने के लिए प्रेरित करिए। हम तो बापू और बिहार की महिलाओं की इच्छा से शराबबंदी लागू किए हैं।
भाजपा ने मांगा इस्तीफा
वहीं, केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने नीतीश पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से आज बिहार में जहरीली शराब से मौतें हो रही हैं, ये चिंता का विषय है। हमारे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आपा खो कर जनता पर बरस रहे हैं और कह रहे हैं कि जो पिएगा वो तो मरेगा ही। ऐसे लोगों पर स्नढ्ढक्र होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार की सरकार बेअसरदार है। कोई पीछे से सरकार चला रहा है। नीतीश कुमार का अब साया समाप्त हो गया। नीतीश बाबू आप इस्तीफा दो। शराबबंदी के पीछे पूरा भ्रष्टाचार का बाजार गर्म है। आपके आसपास शराबियों की भरमार है।

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