कर्नाटक – SAMACHARPACHEESA.COM https://samacharpacheesa.com Thu, 06 Jul 2023 06:52:38 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.3 कर्नाटक में महाराष्ट्र जैसा बदलाव https://samacharpacheesa.com/?p=7202 Thu, 06 Jul 2023 06:52:37 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=7202 महाराष्ट्र में एनसीपी पर कब्जे को लेकर शरद पवार और उनके भतीजे अजित पवार की लड़ाई जारी है। इस बीच, कर्नाटक में भी सियासी उठापटक के दावे होने लगे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री और जेडीएस नेता एचडी कुमारस्वामी ने दावा किया है कि एक महीने के अंदर महाराष्ट्र की तरह ही कर्नाटक में भी बड़ा उलटफेर होगा। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता बीएस येदियुरप्पा ने भी कहा है कि कर्नाटक में कुछ भी हो सकता है। इसमें अब ज्यादा समय नहीं लगेगा। कुमारस्वामी और येदियुरप्पा के इस बयान ने सियासी गलियारे में खलबली मचा दी है। सवाल उठ रहा है कि क्या सच में कर्नाटक में सरकार गिर सकती है? अगर हां तो ये कैसे होगा? 224 सदस्यों वाली कर्नाटक विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 113 का है। इस वक्त भाजपा के 66 और जेडीएस के 19 विधायक हैं। दोनों मिलकर भी कुल 85 के आंकड़े तक पहुंचेंगे। यह आंकड़ा 113 का काफी कम है। ऐसे में भाजपा और जेडीएस का गठबंधन होने कांग्रेस सरकार को कोई खास खतरा नहीं हैं। कुमारस्वामी और येदियुरप्पा दोनों ही महाराष्ट्र में एनसीपी की तरह कर्नाटक में कांग्रेस में फूट पडऩे का दावा कर रहे हैं। अगर ऐसा कुछ होता है तो सियासी उटलफेर संभव है। हालांकि, संख्याबल के लिहाज से ये महाराष्ट्र के मुकाबले कठिन होगा। कर्नाटक में कांग्रेस के पास 135 विधायक हैं। एक निर्दलीय विधायक ने भी अपना समर्थन दिया है। यहां सरकार बनाने के लिए किसी भी पार्टी के पास 113 विधायकों का समर्थन चाहिए होता है। मतलब कांग्रेस के पास अभी बहुमत के आंकड़े से 23 सीटें अधिक हैं। महाराष्ट्र में जिस तरह का बिखराव शिवसेना के साथ हुआ वैसी टूट के लिए कम से कम 90 विधायकों को बागी खेमे में आना होगा। तभी बागी गुट के विधायक दल-बदल कानून से बच पाएंगे। 2018 में हुए राज्य विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और जेडीएस गठबंधन की सरकार बनी थी। कुमारस्वामी राज्य के मुख्यमंत्री बने थे। एक साल बाद ही कांग्रेस और जेडीएस के कई विधायकों ने बगावत कर दी। बागी विधायकों के इस्तीफे की वजह से कुमारस्वामी सरकार अल्पमत में आ गई थी। इसके बाद कुमारस्वामी को इस्तीफा देना पड़ा। और राज्य में भाजपा की सरकार बनी। बागियों ने बाद में भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा। ज्यादातर को जीत मिली। साथ ही राज्य में भाजपा की सरकार बरकार रही। इस बार ऐसा कुछ होने के लिए बहुमत के आंकड़े को कम से कम 89 तक आना होगा। क्योंकि कांग्रेस के अलावा अन्य सभी दलों के विधायकों की संख्या 89 है। ऐसा तभी संभव है जब कांग्रेस के कम से कम 58 विधायक अफनी विधायकी से इस्तीफा दे दें।

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भाजपा के लिए सबक! https://samacharpacheesa.com/?p=6892 Tue, 16 May 2023 07:39:55 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=6892 कर्नाटक विधानसभा का चुनाव भाजपा बुरी तरह हारी। चुनाव के पहले उनके सारे बड़े नेता बहुमत से जीतने का दावा कर रहे थे। हालांकि कोई भी पार्टी ऐसे ही दावे करती है लेकिन भाजपा अति आत्म विश्वास में थी। वह भूल गई थी कि वह दक्षिण भारत से चुनाव लड़ रही है, जहां भाजपा का आधार अभी मजबूत नहीं हुआ। उत्तर प्रदेश की बात अलग है। जहां योगी जैसा मुख्यमंत्री विराजमान है, जिसने भ्रष्टाचार की सारी गुंजाइश ही खत्म कर दी है। हालत यह है कि अब मुसलमान भी भाजपा को वोट दे रहा है। क्योंकि भाजपा ने कुछ मुस्लिम प्रत्याशियों को मैदान में उतारा। नतीजा एक तरफ कर्नाटक में भाजपा बुरी तरह हारी, वही उत्तर प्रदेश के नगर निकाय चुनाव में उसने अपना परचम लहराया। सपा, कांग्रेस की बुरी हार हुई। दोनों राज्यों के नतीजे देखकर हम विश्वास के साथ कह सकते हैं कि जनता दृष्टिसंपन्न होती है। वह न केवल योग्य प्रत्याशियों को देखती है वरन पार्टी को भी देखती है। कर्नाटक में भारतीय जनता पार्टी की सरकार को लेकर छवि बहुत अच्छी नहीं थी। वहाँ तो हालत यह रही कि भाजपा छोड़कर के जो कांग्रेस में गया, वह प्रत्याशी भिवहार गया। सरकार में शामिल मंत्री भ्रष्टाचार कर रहे थे। चालीस प्रतिशत कमीशन का वैसे भी खूब प्रचार था। कांग्रेस ने इसे मुद्दा बनाया, फिर राहुल गांधी की भारत छोड़ो यात्रा का भी असर हुआ। कर्नाटक के नतीजे के बाद भाजपा को अब सावधान हो जाना चाहिए ।राहुल गांधी को भी हल्के से लेने की भूल नहीं करनी चाहिए। राहुल गांधी की पप्पू वाली छवि पुरानी बात हो गई है। पिछले एक डेढ़ वर्ष में राहुल में गंभीरता आई है। उस के कारण कांग्रेस का ग्राफ बढ़ा है। कांग्रेस में खरगे को अध्यक्ष बनाने के बाद कांग्रेस परिवारवाद से ऊपर उठती दिखाई दी है। इसमें सिर्फ कांग्रेस को कोसने से अब बात बनने वाली नहीं है। इस देश का मध्यम वर्गी समाज जिस तरह से महंगाई की मार झेल रहा है, इससे उसे उबारने की ज़रूरत है। रेलवे ने वरिष्ठ नागरिकों को मिलने वाली सुविधा खत्म कर दी। सर्वाधिक दुर्भाग्यपूर्ण यह है दे बैंकों में बचत वाली व्याज दर कम होती जा रही है। पोस्ट आफिस की ब्याज दरें भी काफी कम हो गई है। जो गरीब हैं,उनको तो आप खूब सुविधा दे रहे हैं ताकि वे खुश रहे और आपको वोट दें। लेकिन मध्यम वर्गीय समाज की चिंता केंद्र में बैठी भाजपानीत सरकार नहीं कर रही है। वह भूल रही है कि मध्यम वर्गीय आय वाला समाज भी उनका मतदाता है। छत्तीसगढ़, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकार आकर्षक योजनाएं लागू कर रही है, जिससे हम लोग खुश हैं। कर्नाटक का कांग्रेसी घोषणा पत्र भी काफी आकर्षक है। तात्पर्य यह है कि जो सरकार जनहित के कार्य करेगी, उस के प्रति आकर्षण बढ़ेगा। अब आप एयरपोर्ट में सुविधाएँ बढ़ा दें, फोरलेन सिक्स लेन सड़कें भी बनाएँ, वंदे भारत ट्रेन चला दें, इन सब से निम्न मध्यवर्ग के लोगों का भी कोई सरोकार नहीं । इन सारी सुविधाओं का लाभ अधिकतर आर्थिक दृष्टि से संपन्न लोग ही उठाते हैं। बेशक इन सब बातों पर ध्यान दिया जाना चाहिए। देश को आगे बढ़ाने के लिए यह सब बहुत जरूरी है। लेकिन यह भी जरूरी है कि पेट्रोल, डीज़ल सस्ता मिले। खाने के तेल के भाव कम हों। जीएसटी कम हो। कहाँ लगे, कहाँ न लगे,इसकी बुद्धि भी होनी चाहिए। भारतीय जनता पार्टी इस वक्त मध्य वर्गीय समाज पर ध्यान नहीं दे रही है। पूंजीपति या कहें कि उच्च वर्गीय लोगों की खूब तरक्की हो रही है, मगर गरीब और बदहाल हो रहा है। अत: अब अगर इस देश के आम आदमी के सरोकारों और समस्याओं पर भाजपा ने मंथन करना शुरू नहीं किया, तो सन 2024 का चुनाव उनके हाथ से फिसल भी सकता है। इस पर बेहद गम्भीर होने की आवश्यकता है।

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भाजपा की सोशल इंजीनियरिंग https://samacharpacheesa.com/?p=6780 Fri, 21 Apr 2023 08:21:09 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=6780 भाजपा ने कर्नाटक के लिए जारी अपनी 189 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट में ही ये संकेत दे दिए थे कि इस बार वह सत्ता में वापसी के लिए सोशल इंजीनियरिंग का दांव आजमाएगी। पार्टी के सभी 224 उम्मीदवारों की लिस्ट सामने आने के बाद यह और साफ हो गया है कि दिग्गज नेताओं की नाराजगी के बाद भी वह विभिन्न जातियों को साथ लेकर चलने की कोशिश करेगी और बड़ी जीत की राह तलाश करेगी। पार्टी ने 64 लिंगायत उम्मीदवारों को टिकट देकर उनकी नाराजगी दूर करने की कोशिश की है, तो 45 वोक्कालिगा उम्मीदवारों को टिकट देकर कुमारस्वामी के वोट बैंक में भी सेंधमारी करने की कोशिश की है। उसने ओबीसी, एससी और एसटी समुदाय को भी पर्याप्त भागीदारी देकर उन्हें अपने साथ जोडऩे की कोशिश कर एक संपूर्ण समाज समावेशी पार्टी होने का संदेश दिया है। उसे इसका लाभ मिल सकता है। लिंगायत समुदाय भाजपा के साथ पारंपरिक रूप से जुड़ा हुआ है और बीएस येदियुरप्पा जैसे दिग्गज लिंगायत नेताओं के साथ होने से पार्टी को अनुमान है कि यह वर्ग इस बार भी उसके साथ बना रहेगा। इसी वर्ग से आने वाले जगदीश शेट्टार और लक्ष्मण सावदी जैसे नेता अब कांग्रेस के टिकट पर अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। भाजपा ने इन दिग्गज नेताओं को टिकट देने से इनकार कर दिया था। इन बागियों के कारण पार्टी को नुकसान होने का अनुमान लगाया जा रहा है। लेकिन भाजपा नेताओं का दावा है कि लिंगायत समुदाय को पर्याप्त प्रतिनिधित्व दिए जाने के कारण बागी नेता बेअवसर हो जाएंगे और समुदाय का साथ उन्हें मिलता रहेगा। कर्नाटक में वोक्कालिगा दूसरा सबसे प्रभावी समुदाय माना जाता है। लगभग 15 फीसदी मतदाता वाला यह समुदाय अभी तक जेडीएस के साथ माना जाता है। लेकिन राज्य में अपने दम पर सत्ता में आने के लिए भाजपा इस वर्ग को अपने साथ जोडऩे की जीतोड़ कोशिश कर रही है। इसी रणनीति को ध्यान में रखते हुए भाजपा ने इस वर्ग के 45 उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है। यदि इस किसान-मजदूर वर्ग का एक हिस्सा उसके साथ आ जाता है तो भाजपा की सत्ता की राह आसान हो सकती है। भाजपा एक रणनीति के अंतर्गत ओबीसी-दलित समुदाय को अपने साथ जोडऩे की कोशिश कर रही है। उसकी यह कोशिश केंद्र सरकारों के साथ-साथ राज्य सरकारों और पार्टी संगठन के स्तर पर भी देखने को मिल रहा है। इसी रणनीति पर चलते हुए पार्टी ने कर्नाटक में 37 दलित उम्मीदवारों को टिकट थमाया है, तो ओबीसी समुदाय के 32 लोगों को टिकट दिया है। अनुसूचित जनजाति के लोगों को 18 टिकट देकर भाजपा ने उन्हें भी साधने की कोशिश की है। भाजपा ने कर्नाटक में केवल 10 ब्राह्मण उम्मीदवारों को टिकट दिया है। दक्षिण भारत की दलित-ओबीसी केंद्रित राजनीति में दूसरे दलों की ओर से उसके ब्राह्मण नेतृत्व को लेकर हमेशा प्रश्न खड़े किए जाते रहे हैं। लेकिन इस सूची में भाजपा ने पूरी तरह ब्राह्मणों को अपनी प्राथमिकता सूची से बाहर कर दिया है। दूसरे समुदायों में इसका बेहतर संदेश गया तो लंबी अवधि में यह भाजपा के पक्ष में जा सकता है। उसका यह रुख उसे तमिलनाडु जैसे राज्यों में भी ताकत प्रदान कर सकता है। भाजपा ने सबसे बड़ा दांव पुराने चेहरों को हटाकर नए चेहरों को अवसर देने के मामले में खेला है। पांच-छह बार विधायक रह चुके दिग्गज नेताओं की जगह नए चेहरों को मैदान में उतारा गया है। पार्टी को अनुमान है कि इन नए चेहरों के आगे एंटी इनकंबेंसी फैक्टर कमजोर हो सकता है, जिससे उसकी सत्ता में वापसी की राह आसान हो सकती है।

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जेपी नड्डा 20 फरवरी को कर्नाटक के उडुपी में पार्टी के 3 कार्यक्रमों में होंगे शामिल https://samacharpacheesa.com/?p=6327 Fri, 17 Feb 2023 10:27:30 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=6327 नईदिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा सोमवार को कर्नाटक के उडुपी में जिला स्तरीय बूथ समिति सम्मेलन और दो अन्य कार्यक्रमों में भाग लेने वाले हैं। सूत्रों के मुताबिक, नड्डा ब्यंदूर में मेगा व्हीकल जत्था में हिस्सा लेने के बाद मुल्लिकट्टे में जनसभा करेंगे। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष कर्नाटक के उडुपी जाएंगे। वह उडुपी में सुबह 10 बजे जिला स्तरीय बूथ समिति के सम्मेलन में भाग लेंगे और बाद में दोपहर 2 बजे बिंदूर में मेगा वाहन जत्थे में भाग लेंगे और दोपहर 2.30 बजे मुल्लिकत्ते में एक जनसभा करेंगे। आगे उन्होंने कहा कि उडुपी कार्यक्रम में 1,111 बूथ समितियों के सदस्य शामिल होंगे। जिले की 1,111 बूथ समितियों के सदस्य उडुपी में कार्यक्रम में शामिल होंगे और उनकी भागीदारी के लिए आवश्यक व्यवस्था की जाएगी।
विशेष रूप से, पार्टी के शीर्ष नेता अक्सर पार्टी कार्यकर्ताओं के विश्वास को बढ़ाने के लिए ऐसी बैठकों में भाग लेते हैं, क्योंकि उन्हें नड्डा के कार्यक्रम से पहले अपने कर्तव्यों को पूरा करने का निर्देश दिया गया है ताकि हर कोई उनके साथ बातचीत करने के लिए इसमें शामिल हो सके। विधान सभा के सभी 224 सदस्यों का चुनाव करने के लिए अप्रैल-मई में कर्नाटक विधानसभा चुनाव होने हैं। जुलाई 2018 में नेतृत्व परिवर्तन करके, कर्नाटक एकमात्र दक्षिणी राज्य है जहां भाजपा सत्ता में है। तत्कालीन मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा की जगह बसवराज बोम्मई को लाया गया।

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टीपू सुल्तान की नीतियों पर राजनीति करती है कांग्रेस https://samacharpacheesa.com/?p=6211 Fri, 10 Feb 2023 08:16:05 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=6211 बेंगलुरू। कर्नाटक विधानसभा चुनाव से पहले राज्य के भाजपा अध्यक्ष नलिन कुमार कटील ने एक और बयान देकर विवाद खड़ा कर दिया है। उन्होंने कहा है कि कर्नाटक में यह चुनाव टीपू सुल्तान बनाम सावरकर के बारे में है। उन्होंने कहा, राज्य में यह चुनाव कांग्रेस बनाम भाजपा नहीं, बल्कि सावरकर और टीपू की विचारधाराओं के बीच लड़ा जाएगा। इससे पहले कटील ने एक भाषण के दौरान विवादित बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि चुनाव को विकास बनाम लव जिहाद के नाम पर लड़ना चाहिए। उनके इस बयान को लेकर काफी हंगामा हुआ था।
सिद्धारमैया को दी चुनौती
कटील ने कहा, यह चुनाव टीपू और सावरकर के बीच है। मैं सिद्धारमैया को चुनौती देता हूं, आइए हम चर्चा करें कि इस देश को दोनों में से किस देशभक्त की आवश्यकता है। उन्होंने कहा, उन्हें टीपू जयंती मनाने की अनुमति है, जिसकी इस राज्य में आवश्यकता नहीं है।
टीपू की नीतियों पर राजनीति कर रही कांग्रेस 
कटील के बयान के बाद भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव सीटी रवि का भी बयान सामने आया है। उन्होंने कहा है कि कांग्रेस टीपू सुल्तान की नीतियों पर राजनीति कर रही है। हम नलवाड़ी कृष्णराज वाडियार की नीतियों पर राजनीति कर रहे हैं। उनमें बहुत बड़ा अंतर है। नलवाड़ी कृष्णराज वाडियार मतलब विकास।
देश को विभाजित कर रही भाजपा 
भाजपा नेताओं के इस बयान के बाद कांग्रेस की भी प्रतिक्रया सामने आई है। प्रदेश कांग्रेस प्रमुख डीके शिवकुमार ने कहा है कि भाजपा नेता ने यह बहुत ही गलत बयान दिया है। वह देश को विभाजित करने की कोशिश कर रहे हैं।

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कर्नाटक में चुनाव के लिए धर्मेद्र प्रधान बनाए गए राज्य प्रभारी, अन्नामलाई को भी अहम जिम्मेदारी https://samacharpacheesa.com/?p=6077 Sat, 04 Feb 2023 07:08:08 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=6077 नई दिल्ली। कर्नाटक में इस साल के मध्य में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने कमर कस ली है। पार्टी ने शनिवार को कर्नाटक में चुनाव प्रभारी के तौर पर केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को नियुक्त कर दिया। उनके साथ तमिलनाडु भाजपा के अध्यक्ष के अन्नामलाई को राज्य में सह-प्रभारी बनाया गया है।
गौरतलब है कि कर्नाटक में सत्तासीन भाजपा और विपक्षी दल कांग्रेस दोनों ने अप्रैल-मई में होने वाले इन चुनावों के लिए लोगों तक पहुंच बनाने की अपनी मुहिम जोर-शोर से शुरू कर दी है। प्रधान को पहले भी कई राज्यों में चुनावों का जिम्मा सौंपा जा चुका है। पार्टी की उम्मीद रहेगी कि वह एक कुशल नेता के रूप में राज्य में संगठन को संगठित करें और स्थानीय इकाई में आंतरिक समस्याओं को दूर करें, ताकि इस महत्वपूर्ण दक्षिणी राज्य में पार्टी सत्ता बरकरार रखने के अधिकतम प्रयास कर सके।
भाजपा ने सिक्किम में संगठन में किया बदलाव
इसके अलावा भाजपा ने सिक्किम में पार्टी संगठन में भी फेरबदल किए हैं। सिक्किम में पार्टी ने डीआर थापा को प्रदेशाध्यक्ष बनाया है। इसके अलावा पार्टी के विधायक एनके सुब्बा को विधायी पार्टी लीडर बनाया गया है। विधायक डीटी लेपचा को राष्ट्रीय कार्यकारिणी में विशेष आमंत्रित सदस्य के तौर पर शामिल किया गया है।

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अमित शाह आज कर्नाटक का दौरा करेंगे https://samacharpacheesa.com/?p=5923 Fri, 27 Jan 2023 07:19:52 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=5923 नईदिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता अमित शाह 28 जनवरी को कर्नाटक के हुबली-धारवाड़ और बेलागवी में विभिन्न कार्यक्रमों के साथ ही पार्टी द्वारा आयोजित एक रोड शो में भाग लेंगे। शाह का एक महीने के भीतर यह राज्य का दूसरा दौरा होगा। वह कित्तूर-कर्नाटक (मुंबई-कर्नाटक) क्षेत्र की यात्रा करेंगे। माना जाता है कि भाजपा इस क्षेत्र में मजबूत है। भाजपा की कर्नाटक इकाई को उम्मीद है कि इस दौरे और आने वाले दिनों में वरिष्ठ नेताओं के ऐसे और दौरों से पार्टी को अपना कैडर आधार बढ़ाने में मदद मिलेगी।
प्रदेश में मई में विधानसभा चुनाव होना है और पार्टी का ”मिशन कुल 224 सीट में से कम से कम 150 सीट जीतना है। पार्टी के प्रदेश महासचिव महेश तेंगिंकाई ने बताया कि अमित शाह 27 जनवरी को हुबली आएंगे और 28 जनवरी की सुबह दो कार्यक्रमों में शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि पहला कार्यक्रम बीवीबी कॉलेज की 75वीं वर्षगांठ और एक इनडोर स्टेडियम के उद्घाटन का होगा तथा इसके बाद वह धारवाड़ में फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला की नींव रखेंगे।
उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा कि इसके बाद शाह कुंडागोल में भाजपा के विजय संकल्प अभियान में शामिल होंगे। तेंगिंकाई ने कहा, वह कुंडागोल में करीब 300 साल पुराने शंबुलिंगेश्वर मंदिर में भी पूजा-अर्चना करेंगे, जिसके बाद वह कुंडागोल के वार्ड नंबर 7 और मतदान केंद्र संख्या 50 जाएंगे और वहां विजय संकल्प अभियान की शुरुआत करेंगे। वह वहां बसवन्ना देवरा मठ भी जाएंगे। पार्टी के अनुसार, शाह धारवाड़ ग्रामीण क्षेत्र के तहत आने वाले कुंडागोल विधानसभा क्षेत्र में रोड शो में भाग लेंगे।

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कर्नाटक में पीएसआई घोटाले को लेकर सुरजेवाला ने सीएम बोम्मई पर निशाना साधा https://samacharpacheesa.com/?p=5900 Wed, 25 Jan 2023 07:40:16 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=5900 बेंगलुरू । कांग्रेस के राज्यसभा सांसद रणदीप सुरजेवाला ने मंगलवार को बेंगलुरू में कहा कि सीएम की उपाधि ‘कॉनमैन’ के लिए है और सीएम बसवराज बोम्मई ने राज्य में युवाओं के लिए 1 लाख नौकरियों का वादा किया था, लेकिन देने में विफल रहे। सुरजेवाला ने कर्नाटक में एक रैली को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि राज्य में रोजगार के अवसरों की नीलामी की जा रही है। सुरेजवाला ने दावा किया कि सीएम का मतलब ‘कॉनमैन’ होता है। बोम्मई ने युवाओं को एक लाख नौकरी देने का वादा किया था। लेकिन, कर्नाटक में नौकरियां सबसे ऊंची बोली लगाने वाले को बेची जा रही हैं। यह नौकरियों की बिक्री के लिए एक मंडी है।
कांग्रेस सांसद ने कहा कि सबसे बड़ा था पुलिस सब इंस्पेक्टर की नौकरी का घोटाला. 54,000 उम्मीदवार परीक्षा में शामिल हुए थे। बीजेपी ने अपना क्लासिक जवाब देते हुए कहा कि कुछ नहीं हुआ, सब ठीक है। रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि यहां तक ​​कि बीजेपी नेता यतनाल ने कहा कि पीएसआई घोटाले में वरिष्ठ मंत्री सीधे तौर पर शामिल हैं। आरडी पाटिल ने लोकायुक्त को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि पीएसआई घोटाले की जांच कर रहे अधिकारी ने तीन करोड़ रुपये की रिश्वत मांगी थी। 70 लाख रुपये पहले ही वितरित किए जा चुके हैं।

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प्रधानमंत्री कर्नाटक में 10,800 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन, शिलान्यास करेंगे https://samacharpacheesa.com/?p=5781 Wed, 18 Jan 2023 11:05:38 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=5781 बेंगलुरु। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बृहस्पतिवार को कर्नाटक के यादगिर और कलबुर्गी जिलों का दौरा करेंगे तथा वह इस दौरान 10,800 करोड़ रुपये से अधिक राशि की विभिन्न योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। कर्नाटक में मोदी का इस महीने इस प्रकार का यह दूसरा दौरा होगा। इससे पहले वह राष्ट्रीय युवा महोत्सव के उद्घाटन के लिए हुब्बल्लि आए थे और उन्होंने इस दौरान एक रोड शो भी किया था। एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, प्रधानमंत्री दोपहर करीब 12 बजे यादगिर जिले के कोडेकल में सिंचाई, पेयजल और राष्ट्रीय राजमार्ग विकास परियोजना से संबंधित विभिन्न विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे व उनका उद्घाटन करेंगे।
इसके बाद प्रधानमंत्री अपराह्न करीब सवा दो बजे कलबुर्गी जिले के मालखेड पहुंचेंगे, जहां वह हाल में घोषित राजस्व गांवों के पात्र लाभार्थियों को मालिकाना हक (हक्कू पत्र) वितरित करेंगे और एक राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना की आधारशिला भी रखेंगे। सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कर्नाटक में मई में होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी है और उसने कुल 224 में से कम से कम 150 सीट जीतने का लक्ष्य रखा है। ऐसे में प्रधानमंत्री का यह दौरा महत्वपूर्ण है। मोदी सभी घरों में व्यक्तिगत घरेलू नल कनेक्शन के माध्यम से स्वच्छ और पर्याप्त पेयजल प्रदान करने के अपने दृष्टिकोण के अनुरूप जल जीवन मिशन के अंतर्गत यादगिर बहु-ग्राम पेयजल आपूर्ति योजना की आधारशिला रखेंगे। इस योजना के तहत 117 एमएलडी का जल शोधन संयंत्र बनाया जाएगा। करीब 2,050 करोड़ रुपये लागत वाली इस परियोजना से यादगिर जिले की 700 से अधिक ग्रामीण बस्तियों और तीन कस्बों के लगभग 2.3 लाख घरों को पीने योग्य पानी उपलब्ध होगा।
कार्यक्रम के दौरान, प्रधानमंत्री नारायणपुर लेफ्ट बैंक नहर-विस्तार नवीकरण और आधुनिकीकरण परियोजना (एनएलबीसी – ईआरएम) का भी उद्घाटन करेंगे। दस हजार क्यूसेक की नहर वहन क्षमता वाली इस परियोजना से 4.5 लाख हेक्टेयर कमांड क्षेत्र की सिंचाई की जा सकती है और इससे कलबुर्गी, यादगिर और विजयपुर जिलों के 560 गांवों के तीन लाख से अधिक किसान लाभान्वित होंगे। परियोजना की कुल लागत लगभग 4,700 करोड़ रुपये है। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राजमार्ग-150सी के 65.5 किलोमीटर खंड की आधारशिला भी रखेंगे। छह लेन की यह ग्रीनफील्ड सड़क परियोजना सूरत-चेन्नई एक्सप्रेसवे का हिस्सा है। इसे बनाने में करीब 2,000 करोड़ रुपये की लागत आ रही है। विज्ञप्ति में बताया गया है कि कलबुर्गी, यादगिर, रायचूर, बीदर और विजयपुरा जिलों में लगभग 1,475 गैर-पंजीकृत बस्तियों को नए राजस्व गांवों के रूप में घोषित किया गया है। प्रधानमंत्री कलबुर्गी जिले में सेदम तालुका के मलखेड गांव में इन नए घोषित राजस्व गांवों के पात्र लाभार्थियों को मालिकाना अधिकार पत्र (हक्कू पत्र) वितरित करेंगे।
पचास हजार से अधिक लाभार्थियों को मालिकाना अधिकार पत्र जारी किए जाएंगे।इनमें से बड़ी संख्या में लोग अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के हाशिए पर रह रहे और कमजोर समुदायों के हैं। इन लाभार्थियों को मालिकाना अधिकार पत्र देना उनकी भूमि को सरकार से औपचारिक मान्यता प्रदान करने की दिशा में एक कदम है, जो उन्हें पेयजल, बिजली, सड़क आदि जैसी सरकारी सेवाएं प्राप्त करने के लिए पात्र बना देगा। इस कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री एनएच-150सी के 71 किलोमीटर लंबे खंड का शिलान्यास भी करेंगे। यह छह लेन वाली ग्रीनफील्ड सड़क परियोजना भी सूरत-चेन्नई एक्सप्रेसवे का हिस्सा है। इसे 2,100 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बनाया जा रहा है। सूरत-चेन्नई एक्सप्रेसवे छह राज्यों- गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु से होकर गुजरेगा। यह मौजूदा मार्ग को 1,600 किलोमीटर से घटाकर 1,270 किलोमीटर कर देगा। मोदी कर्नाटक के दौरे के बाद मुंबई के लिए रवाना होंगे।

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बोम्मई ने बेंगलुरु में कांग्रेस के कार्यक्रम को लेकर प्रियंका गांधी वाद्रा का मजाक उड़ाया https://samacharpacheesa.com/?p=5739 Mon, 16 Jan 2023 11:53:19 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=5739 हुब्बल्लि। कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने सोमवार को बेंगलुरु में प्रियंका गांधी वाद्रा के कार्यक्रम “ना नायकी” (मैं महिला नेता हूं) का उपहास उड़ाते हुए कहा कि कांग्रेस महासचिव एक ऐसी स्थिति में पहुंच गई हैं जहां उन्हें खुद यह बताना पड़ रहा है कि वह एक नेता हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि चूंकि उनके पीछे कोई महिला नहीं खड़ी हो रही, गांधी को खुद “ना नायकी” की घोषणा करनी पड़ी। उन्होंने कहा कि कर्नाटक की महिलाएं उनके आह्वान को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं हैं। बोम्मई ने कहा, “उन्हें (प्रियंका को) आने दीजिए। बहुत से लोग बेंगलुरु आते हैं। मुझे आपत्ति नहीं है। यह आयोजन ठीक से हो, लेकिन एक बात जो मेरी समझ में नहीं आ रही है, वह है कार्यक्रम का शीर्षक ‘ना नायकी’।”
उन्होंने कहा, “आज लोगों को प्रियंका गांधी की फोटो रखकर ‘ना नायकी’ कहना पड़ रहा है। ऐसे हालात पैदा हो गए हैं कि प्रियंका गांधी को खुद को महिला नेता घोषित करना पड़ रहा है।” प्रियंका गांधी वाड्रा सोमवार को प्रदेश की राजधानी स्थित पैलेस ग्राउंड्स में कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) द्वारा आयोजित सम्मेलन में भाग लेने वाली हैं।कर्नाटक में मई तक विधानसभा चुनाव होने हैं और सत्तारूढ़ भाजपा और उसकी प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस दोनों चुनाव जीतने के लिए जी जान लड़ा रही हैं। कांग्रेस के सत्ता में आने पर महिला केंद्रित बजट पेश करने के प्रस्ताव पर बोम्मई ने कहा कि पार्टी को इसके लिए कभी मौका नहीं मिलेगा। उन्होंने कहा, “कांग्रेस के नेता जानते हैं कि वे सत्ता में नहीं आएंगे, इसलिए वे हर तरह का आश्वासन दे रहे हैं।

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