कार्यवाही – SAMACHARPACHEESA.COM https://samacharpacheesa.com Tue, 11 Jul 2023 09:18:49 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.3 सस्पेंड करा दूंगा, नौकरी नहीं मिलेगी : विधायक https://samacharpacheesa.com/?p=7259 Tue, 11 Jul 2023 09:18:49 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=7259 मनेंद्रगढ़-भरतपुर-चिरमिरी। छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिले में सोमवार को हुए पट्टा वितरण कार्यक्रम के दौरान विधायक विनय जायसवाल एक पटवारी पर भड़क गए। उन्होंने पटवारी को मंच पर बुलाया और जमकर फटकार लगाई। कहा कि 10 हजार मांगते हो, शर्म नहीं आती। यह भी कहा कि सस्पेंड करा दूंगा, 10 साल तक नौकरी नहीं मिलेगी। उन्होंने एसडीएम राजस्व को कार्यवाही करने के लिए भी कहा। इसके बाद पटवारी से बोले कि यहां से चले जाओ, दोबारा शक्ल मत दिखाना।
पट्टा वितरण कार्यक्रम में पहुंचे थे विधायक
दरअसल, मनेंद्रगढ़ विकासखंड के ग्राम खडग़वां के सामुदायिक भवन में सोमवार को पट्टा वितरण कार्यक्रम था। इसमें बड़ी संख्या में स्थानीय किसान और ग्रामीण पहुंचे थे। वहीं विधायक विनय जायसवाल भी शामिल हुए थे। इस दौरान मंगोरा. नारायणपुर, भौता, छिपछीपी, बंजी बुंदेली से आए ग्रामीणों ने पटवारी सुदामा साहू के खिलाफ विधायक विनय जायसवाल को लिखित शिकायत दी। आरोप लगाया कि राज्य सरकार की योजनाओं को जमीनी रूप देने में पटवारी हर काम की 10 हजार रुपये रिश्वत लेता है।
पूछा- मैडम ने कहा क्या पैसे लेने को
इसके बाद विधायक विनय जायसवाल ने मंच पर ही पटवारी सुदामा साहू को भी बुला लिया और भड़क गए। विधायक ने पटवारी को जमकर फटकार लगाई। कहा कि, तुम्हारी शिकायत आई है। शर्म आनी चाहिए तुमको। 10-10 हजार रुपये मांगते हो, ग्रामीणों से। क्या ग्रामीण झूठ बोल रहें। तुम इतने यंग हो, पटवारी हो। वेतन मिलता है। किसने कहा है, तुमसे पैसा लेने के लिए, मैडम ने कहा है, मैंने कहा है? फिर विधायक एसडीएम राजस्व नयन तारा सिंह तोमर की ओर पलटे और कहा कि इस पर तत्काल कार्यवाही करें।
पता चला कि घूस मांगते हो तो छोड़ूंगा नहीं
विधायक विनय जायसवाल ने पटवारी से कहा कि, ये सब किसान हैं, मेहनत करने वाले लोग हैं। इस पर पटवारी ने कहा कि, शिकायत झूठी है। इसके बाद विधायक और नाराज हो गए। कहा कि झूठा शिकायत कैसे करेंगे। मैं खुद मौके पर गया हूं। गरीब आदमी झूठी शिकायत करेगा। पटवारी हो, पटवारी की तरह रहो। एक-एक को बता रहा हूं कि पता चला कि घूस मांगते हो तो छोड़ूंगा नहीं किसी को। 10 हजार मांगते हो, शर्म आती है। कितना कमाते हैं, ये लोग। जाकर सबका पैसा वापस करना।

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केवल असहमति के आधार पर कार्यवाही बाधित करना लोकतंत्र, राज्य के हित में नहीं : मुख्यमंत्री आदित्यनाथ https://samacharpacheesa.com/?p=6353 Mon, 20 Feb 2023 08:15:14 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=6353 लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को कहा कि केवल असहमति के आधार पर विधानसभा की कार्यवाही को बाधित करना न तो लोकतंत्र के हित में है और ना ही राज्य के। राज्य विधानमंडल के बजट सत्र में शामिल होने के लिए विधानसभा जाते वक्त मुख्यमंत्री ने संवाददाताओं से कहा, ”सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच असहमति हो सकती है। सत्ता पक्ष जनहित से जुड़े मुद्दों पर जवाब देने से भाग नहीं सकता, लेकिन सदन की कार्यवाही को बाधित करना न तो राज्य के हित में है और ना ही लोकतंत्र के हित में। उन्होंने कहा कि विपक्ष को अपने मुद्दों को सदन में शालीनता से प्रभावी शब्दावली के साथ उठाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यपाल आनंदीबेन पटेल द्वारा विधानमंडल के संयुक्त सदन को संबोधित किए जाने के साथ बजट सत्र की कार्यवाही शुरू हो जाएगी और यह 10 मार्च तक चलेगी। उन्होंने कहा, ”राज्य के 25 करोड़ लोगों के लिए आगामी 22 फरवरी को वित्तीय वर्ष 2023-24 का बजट पेश किया जाएगा। अगर जरूरत पड़ी तो अन्य पार्टियों के नेताओं से विचार-विमर्श करके शनिवार को भी सदन की कार्यवाही संचालित कराई जाएगी।
आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार सदन में जनहित के सभी मुद्दों पर चर्चा करने और उनका जवाब देने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा, ”हमें सदन को शानदार तरीके से चलाने का उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए। हमारे पास सदन को अच्छी चर्चा का मंच बनाने का अवसर है।

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धर्मान्तरण को लेकर एकतरफा कार्यवाही https://samacharpacheesa.com/?p=5675 Tue, 10 Jan 2023 06:06:32 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=5675 छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में धर्मान्तर ण का मुद्दा उग्र रुप ले चुका है। ऐसा नहीं है कि यह अचानक प्रगट हुआ। पिछले 4 वर्षों से इसाई मिशनरियां के द्वारा धर्मान्तरण को प्रोत्साहित किया जा रहा है। समस्या तो तब हुई जब धर्मान्तरित हो चुके आदिवासी और मूल धर्म मानने वाले आदिवासियों के बीच में संस्कार को लेकर विवाद होने लगे। यह बात भी अचानक सामने नहीं आई, सुकमा जिले के पुलिस अधीक्षक ने तो 2019 की शुरुआत में ही ऐसी स्थिति निर्मित होने का आंकलन कर लिया था। भारतीय जनता पार्टी व अन्य संगठन भी बस्तर में हो रहे धर्मान्तरण और उसके जनजातीय समाज पर पडऩे वाले प्रभाव को लेकर सरकार से गुहार लगाई लेकिन इस मामले की गंभीरता को ताक पर रखकर सरकार ने राजनीतिक बयानबाजी शुरु कर दी। यह तर्क दिया गया कि भारतीय जनता पार्टी के 15 वर्ष के शासन में बड़ी संख्या में चर्च बने। अब इस तर्क का बस्तर में हो रहे विवाद से वैसे कोई संबंध नहीं है। यह भी सबको पता है कि संविधान में किसी भी धर्म को मानने की स्वतंत्रता है, इसलिए अगर इसाई मिशनरियां चर्च का निर्माण कर रही है तो संविधान के अनुसार उन्हें रोका नहीं जा सकता। भाजपा के शासनकाल में भी निर्माणाधीन चर्च को लेकर विरोध प्रदर्शन हुए, तोडफ़ोड़ भी की गई लेकिन शासन ने त्वरित कार्यवाही करते हुए दोषियों पर कार्यवाही की। अब पिछले 3 वर्षों से पनप रहे विवाद को शांत करने के लिए कोई कदम उठाने के बजाय थाने में धर्मान्तरण के मामले में दर्ज अपराध के नाम पर इस मामले को टाला गया। सभी जानते है कि मिशनरियां किस प्रकार धर्मान्तरण का खेल खेलती है। अब सवाल इन बातों पर चर्चा करने का नहीं बल्कि अब तो जो बस्तर इस मामले में धधक रहा है उसे लेकर सरकार का क्या रुख है, यह महत्वपूर्ण है। नारायणपुर जिले के गुर्रा गांव में जनजातियों पर इसाई मिशनरियों की ओर से हमला किया गया और दूसरे दिन की घटना इसकी प्रतिक्रिया ही थी। लेकिन देशभर में माहौल क्या बनाया जा रहा है यह देखने वाली बात है। राष्ट्रीय मीडिया और खासकर कुछ चिन्हित समूह इसाई मिशनरी और चर्च पर हुए हमले को लेकर मुखर है और इसका दोष भाजपा और हिन्दूवादी संगठनों को दिया जा रहा है। सही बात कहीं नहीं आ रही कि इस पूरे प्रकरण में इसाई मिशनरियों का दोष कितना है? प्रशासन ही आदिवासियों के खिलाफ कार्यवाही कर रही है और इस घटना की आड़ में आदिवासियों के हक में खड़े होने वाले संगठनों के खिलाफ कार्यवाही करने की योजना बना रहा है। इससे बात बनेगी नहीं और बिगड़ेगी

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