गठबंधन – SAMACHARPACHEESA.COM https://samacharpacheesa.com Fri, 21 Jul 2023 07:14:04 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.3 क्या इंडिया नाम रखकर विपक्ष ने तोड़ा कानून https://samacharpacheesa.com/?p=7454 Fri, 21 Jul 2023 07:14:03 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=7454 विपक्षी दलों ने अपने गठबंधन को इंडिया नाम देकर एक नए विवाद को जन्म दे दिया है। इस नाम को भारत के आधिकारिक नाम का दुरुपयोग बताते हुए दिल्ली के बाराखंबा थाने में 26 विपक्षी दलों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। लेकिन कानूनविदों की राय है कि चूंकि इंडिया शब्द को किसी संस्था या राजनीतिक दल के आधिकारिक नाम के तौर पर उपयोग नहीं किया गया है, इससे कोई आर्थिक लाभ लेने की कोशिश नहीं की गई है, और इसका कहीं रजिस्ट्रेशन भी नहीं कराया जाना है, सर्वोच्च न्यायालय या चुनाव आयोग में इसे गैर कानूनी नहीं ठहराया जा सकता। हालांकि, यह किसी संस्था (यहां भारत देश) के नाम का उपयोग कर लोगों को भ्रम में डालने का मामला बन सकता है। भारतीय दंड संहिता के आधार पर यह गैरकानूनी और दंडात्मक है। इस मामले में इन राजनीतिक दलों पर कार्रवाई की जा सकती है। इन राजनीतिक दलों के द्वारा इंडिया की ओर से सोशल मीडिया में किए गए पोस्ट साक्ष्य के रूप में उपयोग किये जा सकते हैं। विपक्षी दलों के द्वारा इंडिया शब्द का उपयोग किसी भी तरह गैरकानूनी नहीं है। इस नाम का न तो कहीं रजिस्ट्रेशन कराया गया है, और न ही इससे कोई आर्थिक लाभ लेने की कोशिश की गई है, ऐसे में इसे अपराध नहीं कहा जा सकता। उन्होंने कहा कि लोग अपना या अपनी संस्था का नाम भारत या हिंदुस्तानी रख लेते हैं। लेकिन यह अपराध नहीं है। वहीं, सर्वोच्च न्यायालय के वकील संजीव उनियाल ने कहा कि एंब्लेम एक्ट में यह साफ कहा गया है कि राज्य के नाम या प्रतीकों का किसी व्यक्ति या निजी संस्था के द्वारा उपयोग नहीं किया जा सकता। ऐसे में विपक्षी दलों का इंडिया का नाम उपयोग करना गलत है। सर्वोच्च न्यायालय भी इस मामले को सही नहीं कह सकता। भारतीय दंड संहिता में किसी व्यक्ति या संस्था के द्वारा किसी दूसरे व्यक्ति या संस्था का नाम का छद्म रूप से उपयोग करना दंडनीय अपराध है। इससे लोगों को भ्रम हो सकता है और वे किसी बहकावे में आ सकते हैं। ऐसे में इसे अपराध माना गया है। जिस तरह किसी भी व्यक्ति के द्वारा अपना या अपनी संस्था का नाम सर्वोच्च न्यायालय, चुनाव आयोग या नीति आयोग रखने की छूट नहीं मिल सकती क्योंकि इससे लोगों को भ्रम हो सकता है, और इसका दुरुपयोग हो सकता है, उसी प्रकार इंडिया या भारत रखने की अनुमति नहीं दी जा सकती। हालांकि, इस संदर्भ में इंडिया की हर स्पेलिंग के बाद पूर्ण विराम का उपयोग किया गया है, इसे पूरी तरह इंडिया के नाम का दुरुपयोग नहीं कहा जा सकता। इसका एक संस्था या राजनीतिक दल के रूप में पंजीकृत न कराना भी इसके बचाव का एक कारण हो सकता है। लेकिन इस मामले में छद्म नाम का उपयोग कर लोगों को भ्रमित करने का मामला बन सकता है और इस कारण विपक्षी दलों की परेशानी बढ़ सकती है।

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पार्टी बदली, गठबंधन बदला, नाम- नारा बदला https://samacharpacheesa.com/?p=7432 Thu, 20 Jul 2023 07:06:25 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=7432 लोकसभा चुनाव 2024 के लिए तैयारियों का बिगुल बज गया है। नेताओं ने पार्टियां बदलना शुरू कर दिया है, पार्टियों ने गठबंधन बदलना शुरू कर दिया है और गठबंधनों ने नाम और नारे बदलना शुरू कर दिया है। हम आपको बता दें कि कांग्रेस ने 2004 में जिस संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन यानि यूपीए की स्थापना की थी उसका नाम बदल कर इंडिया कर दिया गया है। इस इंडिया नामक विपक्षी गठबंधन में कांग्रेस विरोधी आम आदमी पार्टी और तृणमूल कांग्रेस भी शामिल हो गयी हैं। एक तरफ विपक्षी गठबंधन में शामिल दलों की संख्या 26 तक पहुँच गयी है तो दूसरी और देश में पहली बार गठबंधन सरकार के प्रयोग को सफल बनाने वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन में शामिल दलों की संख्या 39 तक पहुँच गयी है। अब, आगामी लोकसभा चुनावों को एनडीए बनाम इंडिया करार दिया जा रहा है। इंडिया गठबंधन वाले टैगलाइन दे रहे हैं- जीतेगा भारत तो दूसरी ओर एनडीए कह रहा है कि आजादी के शताब्दी वर्ष तक हमें विकसित, आत्मनिर्भर और मजबूत भारत बनाना है। यानि एक तरफ सिर्फ इंडिया है तो दूसरी ओर विकसित और आत्मनिर्भर भारत। आप जरा गौर करेंगे तो यह भी पाएंगे कि इस समय नेताओं, राजनीतिक पार्टियों और गठबंधनों की जोरदार तरीके से रि-ब्रांडिंग हो रही है, यानि आपको नये कलेवर में पुराना माल ही परोसा जा रहा है। जमाना बदला है तो राजनीतिक दलों ने भी अपना अंदाज बदला है इसीलिए आपको आजकल नेता बाइक ठीक करते, खेत में धान रोपते, गली के बच्चों के साथ क्रिकेट खेलते, गरीब के बच्चों को गोद में उठाते, ढाबे पर खाना खाते और मेट्रो ट्रेन या अन्य सार्वजनिक परिवहन के साधनों में आम यात्रियों के साथ यात्रा करते हुए दिख जाएंगे। आलीशान जिंदगी जीने वाले सभी नेताओं का प्रयास है कि अपने को गरीब और वंचितों के बीच का ही दिखाया जाये ताकि चुनावों के समय मतदाता ध्यान रखे कि अमुक नेता तो हमारे जैसा ही है इसलिए यदि उसे सत्ता मिली तो वह हमारा ध्यान रखेगा। जरा बेंगलुरु में हुई विपक्ष की बैठक को देखिये। उस बैठक में देश के गरीबों, वंचितों और शोषितों के हित में मिलकर काम करने का निर्णय लिया गया। लेकिन गरीबों, वंचितों, शोषितों के बारे में चिंता करने के लिए बेंगलुरु आने के लिए सभी नेताओं ने चार्टर्ड प्लेन का इस्तेमाल किया। एनडीए की बैठक को देखेंगे तो यह भी राष्ट्रीय राजधानी के एक बड़े पांच सितारा होटल में हुई। इन बैठकों का खर्च भी लाखों रुपए में आया होगा। बात यदि पार्टियों और गठबंधनों के नये रंग-रूप की करें तो इससे भले इन नेताओं, पार्टियों और गठबंधनों को लाभ हो जाये लेकिन जनता के लिए कुछ नहीं बदलने वाला है। क्योंकि पार्टी या गठबंधन का नाम भले बदल जाये नेता तो वही रहेंगे। और जब नेता वही रहेंगे तो उनकी नीयत भी वही रहेगी। जब नीयत वही रहेगी तो देश की नियति भी वही रहेगी।

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ठाकरे-आंबेडकर गठबंधन में हुई अनबन https://samacharpacheesa.com/?p=5946 Sat, 28 Jan 2023 07:49:44 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=5946 मुंबई। शिवसेना (उद्धव गुट) और वंचित विकास आघाड़ी के नेता प्रकाश आंबेडकर के साथ गठबंधन की घोषणा के चार दिन भी पूरे नहीं हुए और अनबन शुरू हो गई। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के प्रवक्ता व सांसद संजय राउत ने आंबेडकर को जुबान संभालकर बोलने की नसीहत दे दी है। वहीं, आंबेडकर ने पलटवार किया कि कौन संजय राउत। मैं उन्हें नहीं जानता।
एक साक्षात्कार में भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर के पौत्र प्रकाश आंबेडकर ने विपक्ष के नेता अजीत पवार के एक बयान का हवाला देते हुए शरद पवार को भाजपा का सहयोगी बता दिया हैं। उन्होंने दावा किया कि यह बात सबको जल्दी समझ में आ जाएगी।
आंबेडकर ने कहा कि साल 2019 के विधानसभा चुनाव के बाद शरद पवार के भतीजे अजीत पवार ने देवेंद्र फडणवीस के साथ तड़के राजभवन में उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। हालांकि बाद में उन्होंने यू टर्न ले लिया था। इसके बाद आलोचनाओं के जवाब में अजीत पवार ने कहा था कि उन्हें क्यों घेरा जा रहा है। यह तो हमारी पार्टी ने पहले से ही तय कर रखा था कि एनसीपी को भाजपा के साथ जाना है। मैंने तो केवल पहल की थी।

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देश के लिए काम नहीं करती भाजपा, इसीलिए हमारी पार्टी ने उनसे तोड़ा गठबंधन : नीतीश कुमार https://samacharpacheesa.com/?p=5611 Tue, 03 Jan 2023 11:22:56 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=5611 पटना। बिहार में भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए राज्य की महागठबंधन पर जबरदस्त तरीके से निशाना साधा। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने भाजपा से गठबंधन तोड़ कर जनादेश का अपमान किया है। वक्त आने पर प्रजातांत्रिक तरीके से इसका जवाब दिया जाएगा। भाजपा अध्यक्ष के इसी बयान पर नीतीश कुमार ने पलटवार किया है। नीतीश कुमार ने साफ तौर पर भाजपा पर खुद के लिए काम करने का आरोप लगाया। अपने बयान में नीतीश कुमार ने कहा कि सभी दलों को यात्रा करने का अधिकार है, वे (बीजेपी) देश के लिए काम नहीं करते हैं, वे अपने लिए काम करते हैं और इसीलिए हमारी पार्टी ने उनसे गठबंधन तोड़ा।
दूसरी ओर बिहार दौरे पर गए जेपी नड्डा ने कहा कि आज हजारों करोड़ रुपये के पुल बिहार में बन रहे हैं… ये बिहार की तस्वीर और तकदीर, दोनों को बदल डालेंगे। ये सब काम शुरू हुए मोदी जी के नेतृत्व में… लेकिन अब एक समस्या है, हम ऊपर से तो लक्ष्मी भेज देंगे लेकिन अगर नीचे जंगलराज हो तो काम नहीं हो पाता। विकास थम जाता है। नड्डा ने नीतीश कुमार पर हमला करते हुए कहा कि उन्होंने जो फैसला लिया वो उनको मुबारक, लेकिन उन्होंने बिहार की जनता को धोखा दिया है, जनादेश का अनादर किया है। उनको प्रजातांत्रिक तरीके से इसका जवाब दिया जाएगा। हम कुर्सी पर बैठने के लिए नहीं, बिहार का विकास करने के लिए सत्ता में थे।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मजाक उड़ा रहे थे कि देश का प्रधानमंत्री लाल किले से शौचालय की बात कर रहा है। कांग्रेसी इसलिए मजाक उड़ा रहे थे क्योंकि उन्होंने गरीबी देखी ही नहीं थी। आज 12 करोड़ बहनों को इज्जत घर नरेंद्र मोदी ने दिया है। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रचार में मैंने आगाह किया था तेजस्वी की सरकार आ जाएगी तो जंगलराज आ जाएगा। आज मैं कह सकता हूँ कि बिहार में जंगलराज आ चुका है। अगस्त महीने में ही कितनी हत्याएं हुई। लोग बंधक बनाए गए, महिलाओं के साथ अत्याचार बढ़ गए हैं। कानून व्यवस्था ध्वस्त हो चुका है।

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