गुजरात – SAMACHARPACHEESA.COM https://samacharpacheesa.com Mon, 12 Dec 2022 08:20:38 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.3 हार्दिक पटेल को नहीं मिलेगा मंत्री पद ? https://samacharpacheesa.com/?p=5167 Mon, 12 Dec 2022 08:20:38 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=5167 अहमदाबाद । भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता भूपेंद्र पटेल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य गणमान्य लोगों की मौजूदगी में आज शपथ लेने वाले हैं. इससे पहले कई नाम ऐसे हैं जिनके कैबिनेट में जगह मिलने की चर्चा है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार हार्दिक पटेल को मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया जा सकता है.
इस खबर के बाद भाजपा के टिकट से जीतकर आये हार्दिक पटेल का बयान सामने आया है. उन्होंने कहा है कि मैं बहुत युवा विधायक हूं. मैं सिर्फ पार्टी के लिए काम करने में विश्वास रखता हूं. भाजपा तय करेगी कि वह किसे मंत्रिमंडल में शामिल करेगी और किसे नहीं…आगे उन्होंने कहा कि पार्टी मुझे जो भी जिम्मेदारी देगी, मैं उसे खुशी-खुशी स्वीकार करूंगा.
ये बन सकते हैं मंत्री
खबरों की मानें तो मंत्री पद के उम्मीदवारों को चुनने के लिए भाजपा में गहन विचार-विमर्श किया गया है. पार्टी को जाति और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व को संतुलित करने की मुश्किल राह पार करनी होगी. विधायक कनू देसाई, राघवजी पटेल, ऋषिकेश पटेल, हर्ष सांघवी, शंकर चौधरी, पूर्णेश मोदी, मनीषा वकील और रमन पाटकर वे नेता हैं, जिनके मंत्रिमंडल में शामिल होने की संभावना है.
किस पार्टी को कितनी सीट मिली
भूपेंद्र पटेल के साथ कुछ नये मंत्रियों के भी शपथ लेने की संभावना है. आपको बता दें कि गुजरात के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 182 में से रिकॉर्ड 156 सीट जीती है. यह गुजरात के विधानसभा चुनाव में भाजपा की लगातार सातवीं जीत है जिससे पार्टी के हौसले बुलंद हैं. इस चुनाव में कांग्रेस को 17 और आम आदमी पार्टी (आप) को पांच सीट पर जीत मिली है.
सबसे युवा विधायक
-अहमदाबाद के नारोदा से भाजपा उम्मीदवार पायल कुलकर्नी ने जीत दर्ज की है जो पेशे से डॉक्टर हैं और मात्र 29 साल की हैं.
-अहमदाबाद के वीरमगाम से भाजपा उम्मीदवार हार्दिक पटेल ने जीत दर्ज की है जो मात्र 29 साल के हैं. आपको बता दें कि चुनाव से कुछ महीने पहले ही पटेल ने कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थामना था. वे पार्टीदार आंदोलन का प्रमुख चेहरा थे.
-जामनगर नॉर्थ से क्रिकेटर रविंद्र जडेजा की पत्नी और भाजपा उम्मीदवार रिवाबा जडेजा ने जीत दर्ज की है जो 32 साल की हैं. आपको बता दें कि अपनी पत्नी को जीत दर्ज कराने के लिए रविंद्र जडेजा ने जमकर प्रचार किया था.
-कच्छ के गांधीधाम सीट (SC) से भाजपा ने जीत दर्ज की है. भाजपा प्रत्याशी मालती किशोर माहेश्वरी ने कांग्रेस प्रत्याशी को हराया है. मालती किशोर 34 साल की हैं.
-नर्मदा के डेडियापाड़ा विधानसभा सीट पर आम आदमी पार्टी ने कब्जा जमाया है. आप के उम्मीदवार चैतरभाई वसावा ने यहां से भाजपा उम्मीदवार को पराजित किया है. वसावा की उम्र महज 34 साल है.
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हार्दिक पटेल और अल्पेश ठाकोर का भाजपा कार्यालय में तिलक लगाकर स्वागत https://samacharpacheesa.com/?p=5143 Sat, 10 Dec 2022 07:31:27 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=5143 अहमदाबाद। गुजरात में भाजपा ने प्रचंड जीत हासिल की है जिसके बाद सरकार बनाने को लेकर कवायत तेज हो चली है। इस बीच शनिवार को नवनिर्वाचित भाजपा विधायक बैठक के लिए गांधीनगर स्थित पार्टी कार्यालय पहुंचे। यहां भाजपा के नवनिर्वाचित विधायकों का तिलक लगाकर और मिठाई खिलाकर स्वागत किया गया।
नवनिर्वाचित भाजपा विधायकों का गांधीनगर स्थित भाजपा पार्टी कार्यालय कमलम में स्वागत किया गया। पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी भी कार्यालय पहुंचे हैं। नवनिर्वाचित विधायक हार्दिक पटेल ने भाजपा कार्यालय पहुंचने के बाद कहा कि ये सभी गुजरातियों के लिए बड़ा दिन है कि एक बार फिर भाजपा की सरकार बनी है। विधायक दल की बैठक में पार्टी का जो भी फैसला होगा उसे सभी 157 विधायक स्वीकार करेंगे। हम सब ये ही मानते हैं कि पार्टी का नेतृत्व ही गुजरात को और मजबूती देगा।
अल्पेश ठाकोर भी पहुंचे बैठक में
भाजपा विधायक अल्पेश ठाकोर भी बैठक में हिस्सा लेने पहुंचे। उन्होंने भाजपा कार्यालय में पहुंचने के बाद कहा कि मैं नरेंद्र मोदी और अमित शाह के साथ-साथ भूपेंद्र पटेल और सीआर पाटिल को धन्यवाद देता हूं जिन्होंने मुझे गांधीनगर दक्षिण से उम्मीदवार के रूप में खड़ा किया। मुझे शानदार जीत दिलाने के लिए मैं लोगों का भी शुक्रिया अदा करता हूं। लोग विकास की राजनीति के लिए नरेंद्र मोदी पर भरोसा करते हैं, मैं उन्हें धन्यवाद देता हूं।
भूपेंद्र पटेल होंगे मुख्यमंत्री
आपको बता दें कि भाजपा ने पहले ही कह दिया था कि यदि वह सत्ता में आती है तो भूपेंद्र पटेल ही मुख्यमंत्री बनेंगे। इससे साफ है कि पटेल ही सूबे के सीएम हो सकते हैं जो 12 दिसंबर को शपथ लेंगे। शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत बीजेपी के कई दिग्गज नेता शामिल होंगे।
गुजरात कैबिनेट में किसे मिल सकती है जगह
भूपेंद्र पटेल के संभावित मंत्रिमंडल में सभी जातियों और सभी क्षेत्रों के प्रतिनिधियों को जगह देने के कयास लगाये जा रहे हैं। मंत्रिमंडल में नौजवान चेहरे भी देखने को मिल सकते हैं। वहीं कुछ पुराने अनुभवी लोगों को भी इसमें जगह मिल सकती है। मीडिया में जो खबरें चल रहीं हैं उसके अनुसार अल्पेश ठाकोर, हार्दिक पटेल, हर्ष संघवी, जीतू वाघानी, और पूर्णेश मोदी सहित कुल 10 से 11 कैबिनेट मंत्री बनाये जा सकते हैं। वहीं 12 से 14 लोगों को राज्य मंत्री का दर्जा मंत्रिमंडल में दिया जा सकता है। यहां चर्चा कर दें कि नियम के मुताबिक गुजरात में ज्यादा से ज्यादा 27 मंत्री ही हो सकते हैं।

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विधानसभा चुनाव में जीत-हार के मायने https://samacharpacheesa.com/?p=5083 Fri, 09 Dec 2022 06:14:21 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=5083 दो राज्यों में विधानसभा चुनाव के साथ छत्तीसगढ़ में भानुप्रतापपुर विधानसभा सीट के लिए उपचुनाव के परिणाम घोषित हो गए। गुजरात में भारतीय जनता पार्टी ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। हिमाचल प्रदेश में मतदाता हर पांच साल में सरकार बदल देती है। यह मानसिकता गुरुवार को घोषित परिणाम में देखने को मिली जब कांग्रेस पार्टी को स्पष्ट बहुमत मिला है। चुनाव में हार जीत राजनीतिक प्रक्रिया के दो पहलु है। यह न तो स्थायी है और न ही अनुमान लगाया जा सकता है। जनता ने अपना मत किस उम्मीदवार या किस पार्टी के नाम कर दिया है। यह तो इवीएम की पेटी खुलने के बाद ही पता चलता है। लेकिन चुनाव की घोषणा के बाद से मतदान होने तक राजनीतिक पार्टियां जिस तरह एक-एक सीट को जीतने के लिए अपना दमखम लगाती है, बहुमत प्राप्त करने के लिए योजनाएं और रणनीति बनायी जाती है। उसका लाभ भी चुनाव के परिणाम में मिलता है। अब गुजरात की बात करें तो 2017 के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस पार्टी के बीच एक कड़ी टक्कर देखी गई थी। भाजपा 100 का आंकड़ा भी नहीं छू पायी थी और कांग्रेस पार्टी ने 77 सीटों पर जीत हासिल की थी। भले ही भाजपा जीत गई, उसकी सरकार बन गई लेकिन कांग्रेस पार्टी ने जिस ताकत से चुनाव लड़ा उससे पूरे देश में एक संदेश गया। इसका मतलब है कि चुनाव में राजनीतिक पार्टियों के मेहनत और उसका परिणाम देश भर में एक संदेश देता है। इस बार गुजरात में कांग्रेस पार्टी ने चुनाव को गंभीरता से नहीं लिया। शायद आम आदमी पार्टी की सक्रियता के कारण पार्टी के नेताओं को लगा हो कि ज्यादा कुछ हासिल होने वाला नहीं है, इसलिए पूरी ताकत हिमाचल प्रदेश में क्यों न लगाई जाए? अगर यह रणनीति थी तो वह सही साबित हुए। हिमाचल प्रदेश में 68 में से 40 सीटें जीत कर कांग्रेस सफल हो गई। लेकिन गुजरात में 282 में से कांग्रेस केवल 17 सीटें ही जीत पायी। देश की सबसे पुरानी पार्टी का किसी बड़े राज्य में ऐसा प्रदर्शन पूरी राजनीति को प्रभावित करती है। लोकतंत्र में 2 मजबूत पार्टियों का होना आवश्यक है। एक तीसरा विकल्प भी होना चाहिए कि दोनों पार्टियों से जनता का मोह भंग हो जाए तो वह तीसरी को मौका दे। लोकतंत्र में अगर केवल सत्ता पक्ष ही मजबूत रहा और विपक्ष लगातार कमजोर होती जाए तो स्वस्थ लोकतंत्र की कल्पना नहीं की जा सकती। इसलिए कांग्रेस पार्टी के आला नेता के विचार जो भी हो लेकिन छोटे से छोटे चुनाव को भी पूरे दमखम के साथ लडऩा चाहिए। यह बात भारतीय जनता पार्टी से सीखी जा सकती है। नगर निगम के चुनाव भी पार्टी लोकसभा और विधानसभा के चुनाव की तरह लड़ती है। एक चुनाव खत्म होता है और दूसरे चुनाव की तैयारी शुरु हो जाती है। हार-जीत अपनी जगह है, लेकिन यह संदेश तो जाता है कि पार्टी हर चुनाव को गंभीरता से लेती है। हिमाचल प्रदेश में भाजपा भले ही हार गई हो लेकिन 25 सीटों पर जीत हासिल करके एक मजबूत विपक्ष के रुप में खड़ी हो गयी। इधर छत्तीसगढ़ के भानुप्रतापपुर सीट पर कांग्रेस पार्टी को जीत मिली है। पिछले 4 वर्षों में यह पांचवां उपचुनाव है और सभी में कांग्रेस पार्टी जीत कर आई है। 15 साल लगातार सत्ता में रहने के बाद 2018 में भाजपा को कांग्रेस के हाथों करारी हार मिली थी तब भाजपा के मात्र 15 विधायक चुनकर आए थे। भानुप्रतापपुर के उपचुनाव का अपना महत्व है। एक तो इस चुनाव के बाद केवल एक साल का समय है, जब विधानसभा के आम चुनाव होंगे। भाजपा लगातार संगठन को मजबूत और सक्रिय करने पार्टी के कार्यकर्ताओं में उत्साह जगाने के लिए कोशिश कर रही है। अगर यह उपचुनाव भाजपा के पक्ष में जाता तो पार्टी को संजीवनी मिल जाती है, लेकिन ऐसा हो सका। कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार सावित्री मंडावी ने भाजपा के उम्मीदवार ब्रह्मानंद नेताम को 21 हजार से अधिक मतों से पराजित कर दिया। इस चुनाव में सर्व आदिवासी समाज के उम्मीदवार अकबर कोर्राम ने भी 23 हजार से अधिक मत प्राप्त किए। स्वाभाविक है भाजपा खेमे में निराशा होगी और कांग्रेस का उत्साह चरम पर होगा। चुनाव घोषणा होने के बाद जिस तरह यह चुनाव संपन्न हुआ उससे कई सवाल उठते है। जिसकी चर्चा बाद में होगी।

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गुजरात में फिर चला मोदी मैजिक, भाजपा की आंधी में उड़ गये सभी पार्टियों के बड़े-बड़े दावे https://samacharpacheesa.com/?p=5075 Thu, 08 Dec 2022 08:43:36 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=5075 अहमदाबाद। गुजरात में मोदी मैजिक चल गया है और पिछली बार की 99 सीटों के मुकाबले इस बार भाजपा को 50 से ज्यादा सीटों का फायदा होता दिख रहा है। इस बीच भाजपा के दिल्ली स्थित केंद्रीय कार्यालय में तो ढोल नगाड़े बज ही रहे हैं साथ ही गुजरात में भाजपा मुख्यालय पर भी जश्न शुरू हो गया है। कार्यकर्ता नाचते गाते और मिठाइयां बांटते नजर आ रहे हैं। इसके अलावा भी भाजपा की विभिन्न प्रदेश इकाइयों के कार्यालयों पर जश्न का माहौल देखा जा रहा है। इस बीच, खबर है कि भाजपा की इस शानदार जीत का जश्न मना रहे कार्यकर्ताओं को संबोधित करने के लिए शाम छह बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पार्टी के मुख्यालय पर पहुँचेंगे जहां भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और अन्य वरिष्ठ नेता प्रधानमंत्री का स्वागत करेंगे। भाजपा के लिए यह जीत इसलिए भी बड़ी है क्योंकि उसने इस साल के शुरू में उत्तर प्रदेश, उत्तराखण्ड, गोवा और मणिपुर की सत्ता में वापसी की थी और साल 2022 के समापन पर वह गुजरात और हिमाचल प्रदेश की सत्ता में भी वापसी कर रही है।

गुजरात भगवामय रहेगा यह तो पहले से ही तय माना जा रहा था लेकिन इतनी प्रचंड विजय का अनुमान भाजपा ने भी नहीं लगाया होगा। भाजपा की आंधी इस तरह चली है कि पार्टी की सूची में शामिल अधिकांश उम्मदीवार चुनाव जीतते नजर आ रहे हैं। केंद्र की तरह गुजरात में भी विपक्ष का दर्जा हासिल करने लायक कोई पार्टी नजर नहीं आ रही है। यही नहीं, वोट प्रतिशत की बात हो, सबसे लंबे समय तक शासन करने की बात हो…भाजपा ने सभी रिकॉर्ड तोड़ कर मोदी है तो मुमकिन है का नारा सार्थक कर दिया है। भाजपा ने जिस तरह एक साल पहले पूरी सरकार में बदलाव किया था वह रणनीति भी सफल होती दिख रही है।

जहां तक प्रचार की बात है तो आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनाव घोषित होने के बाद गुजरात में 31 जनसभाएं और कई रोड शो किये थे। इनमें 50 किलोमीटर का अब तक का सबसे लंबा रोड शो भी शामिल था। इसके अलावा भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों, केंद्रीय मंत्रियों और विभिन्न प्रदेशों के सांसदों और विधायकों ने भी जमकर प्रचार किया था।

देखा जाये तो भाजपा ने राज्य में 27 साल के शासन के बाद सत्ता विरोधी भावनाओं से जूझते हुए यह चुनाव लड़ा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पार्टी के लिए ‘तुरुप का इक्का’ थे और सत्तारुढ़ दल ने सत्ता विरोधी लहर के मुकाबले के लिये ‘ब्रांड मोदी’ पर भरोसा किया। चुनावों में प्रमुख मुद्दों में बेरोजगारी, मूल्य वृद्धि, राज्य के कुछ हिस्सों में पानी नहीं पहुंचना, बड़ी परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण और किसानों को अत्यधिक बारिश के कारण फसल क्षति का उचित मुआवजा नहीं मिलना था। हम आपको यह भी बता दें कि इस बार मतदान प्रतिशत 2017 की तुलना में लगभग चार प्रतिशत कम हुआ था।

जहां तक उम्मीदवारों के आगे रहने या पिछड़ने की बात है तो आपको बता दें कि गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल घाटलोडिया के शहरी निर्वाचन क्षेत्र से लगातार दूसरी बार जीत की ओर बढ़ते दिख रहे हैं। गांधीनगर लोकसभा क्षेत्र के हिस्से और पाटीदार बहुल घाटलोडिया सीट ने गुजरात को दो मुख्यमंत्री दिए हैं- भूपेंद्र पटेल और आनंदीबेन पटेल। यह इलाका भाजपा का गढ़ है। हम आपको यह भी बता दें कि पाटीदार आरक्षण आंदोलन के बावजूद 2017 में भूपेंद्र पटेल ने यह सीट 1.17 लाख मतों के बड़े अंतर से जीती थी। भाजपा ने पहले ही यह घोषणा कर दी है कि इन चुनाव के बाद पटेल के हाथों में ही राज्य की कमान रहेगी।

वहीं, आम आदमी पार्टी के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार इसुदान गढ़वी खम्भालिया विधानसभा सीट से आगे चल रहे हैं। इसके अलावा भाजपा उम्मीदवार और पाटीदार नेता हार्दिक पटेल ने गुजरात के वीरमगाम विधानसभा सीट पर आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार अमरसिंह ठाकोर पर बढ़त बना ली है।

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