चर्चा – SAMACHARPACHEESA.COM https://samacharpacheesa.com Wed, 02 Aug 2023 09:52:48 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.3 दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की विभिन्न मांगों को लेकर साव मिले केंद्रीय रेल मंत्री से, रेल सुविधाओं को लेकर की चर्चा https://samacharpacheesa.com/?p=7656 Wed, 02 Aug 2023 09:52:48 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=7656 रायपुर। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व बिलासपुर सांसद अरुण साव ने सोमवार को केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात की। मुलाकात में बिलासपुर जोन के रेल सुविधाओं को लेकर चर्चा की। साव ने प्रदेशवासियों की मांग और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए केंद्रीय रेलमंत्री से भेंट कर बताया कि दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के विभिन्न रेलवे स्टेशनों में कई ट्रेनों का ठहराव बंद कर दिया गया है। छत्तीसगढ़ वनांचल तथा जनजातीय बाहुल्य क्षेत्र है। जहां आवागमन की सुविधा के लिए ट्रेन मुख्य साधन है। ट्रेनों का ठहराव बंद होने से क्षेत्र के निवासियों को अत्यधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। श्री साव ने जनहित को ध्यान में रखते हुए ट्रेनों का ठहराव फिर से शुरू करने के लिए यथाशीघ्र कार्यवाही करने का निवेदन केंद्रीय रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव से किया है। साथ ही श्री साव ने क्षेत्र में विलंब से चल रही ट्रेनों का समय पर परिचालन सुनिश्चित करने का भी आग्रह किया है।
अरुण साव ने जानकारी देते हुए बताया कि भारतीय रेलवे ने अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत देश के 508 स्टेशनों का अपग्रेडेशन और नवीनीकरण करने का फैसला किया है, जिसका आगामी 6 अगस्त को भारत के यशस्वी प्रधान मंत्री माननीय नरेंद्र मोदी जी द्वारा आधारशिला रखी जाएगी । इस योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ के रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, भिलाई पावर हाउस, महासमुंद तिल्दा-नेवरा और अकलतरा स्टेशन का चयन किया गया है। इस योजना के माध्यम से केंद्र द्वारा छत्तीसगढ़ को ?1,459.6 करोड़ की सौगात प्राप्त हो रही है। जिसके लिए अरुण साव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार जताया है।
साव ने कहा कि इस योजना के माध्यम से छत्तीसगढ़ के रेलवे स्टेशनों के लिए मास्टर प्लान तैयार किया गया है और न्यूनतम आवश्यक सुविधाओं (एमईए) सहित अन्य सुविधाओं को बढ़ाने के लिए विभिन्न चरणों में कार्य का क्रियान्वयन किया जाएगा। लंबी अवधि के समय में स्टेशन पर रूफ प्लाजा और शहर के केंद्रों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है। छत्तीसगढ़ के सात स्टेशनों को इस योजना में शामिल किया गया है। यह हमारे लिए एक बड़ी उपलब्धि है। साव ने कहा कि छत्तीसगढ़ में रेल सुविधाओं में बढ़ोतरी के लिए केंद्र सरकार प्रतिबद्ध है एवं अनेक परियोजनाओं का काम प्रगति पर है।

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मानसून सत्र का आज आखिरी दिन, अविश्वास प्रस्ताव पर सदन में होगी चर्चा https://samacharpacheesa.com/?p=7457 Fri, 21 Jul 2023 08:23:21 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=7457 रायपुर। छत्तीसगढ़ की भूपेश सरकार के वर्तमान कार्यकाल का आखिरी सत्र आज पूरा होगा। मानसून सत्र के अंतिम दिन सारे सरकारी काम-काज पूरे किए जाएंगे। सत्र के चौथे दिन शुक्रवार को विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव पर सदन में चर्चा होगी। इससे पहले तीसरे दिन विपक्षी भाजपा विधायकों की ओर से लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर गुरुवार को चर्चा नहीं हो सकी। आज 32 ध्यानाकर्षण लगे हैं वहीं प्रश्नकाल के दौरान रेडी-टू-ईट फूड, आदिवासियों के रीति-रिवाजों के संरक्षण, गौठान और शिक्षा जैसे विषयों पर चर्चा होगी।

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विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव पर आज चर्चा होगी https://samacharpacheesa.com/?p=7435 Thu, 20 Jul 2023 07:39:04 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=7435 रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन गुरुवार को विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा होगी। विधानसभा अध्यक्ष डा. चरणदास महंत ने विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के लिए 20 जुलाई को शासकीय कार्य खत्म होने के बाद शाम 5.30 बजे तक और 21 जुलाई को शासकीय कार्य खत्म होने के बाद शाम 5.30 बजे तक समय निर्धारित की है।
उन्होंने बताया कि सदन को मंत्रिमंडल के प्रति दो अविश्वास प्रस्ताव की सूचनाएं प्राप्त हुई हैं। इनमें पहली सूचना नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल व अन्य सदस्यों की है। दूसरी सूचना सदस्य धर्मजीत सिंह व प्रमोद कुमार शर्मा से प्राप्त हुई है। पहली सूचना में दशांश सदस्य खड़े होने की स्थित में दूसरी सूचना नहीं ली जाएगी।

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चीन मुद्दे पर कम नहीं हो रही तकरार, सरकार पर हमलावर कांग्रेस, संसद में चर्चा की मांग https://samacharpacheesa.com/?p=5355 Wed, 21 Dec 2022 08:28:43 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=5355 नईदिल्ली। अरुणाचल प्रदेश के तवांग में 9 दिसंबर को भारत और चीन के सैनिकों के बीच झड़प हो गई थी। इसको लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने संसद में बयान भी दे दिया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने साफ तौर पर कहा है कि चीनी सैनिकों ने एलएसी पर एकतरफा यथास्थिति को बदलने की कोशिश कर रहा था। हमारे सैनिकों की ओर से पलटवार किया गया और उन्हें खदेड़ भेजा गया। लेकिन इसको लेकर जबरदस्त तरीके से राजनीति हो रही है।
बुधवार को भी सदन में जबरदस्त तरीके से हंगामा देखने को मिला। इसके बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सभी पार्टियों की बैठक बुलाई थी। लोकसभा अध्यक्ष की बैठक में सभी नेताओं ने सदन चलाने में सहयोग करने की बात कही है। दूसरी ओर कांग्रेस के नेता जबरदस्त तरीके से सरकार पर हमलावर हैं। वह लगातार चर्चा की मांग कर रहे हैं।
इतना ही नहीं, विपक्ष का दावा है कि सरकार इस मुद्दे पर संसद में चर्चा को भी तैयार नहीं है। इन सब के बीच बुधवार को कांग्रेस संसदीय दल की बैठक हुई। यह बैठक सोनिया गांधी की अध्यक्षता में हुई। इस बैठक में सोनिया गांधी ने सीमा पर चीन के अतिक्रमण पर अपनी चिंता व्यक्त की और साथ ही कहा कि इस महत्वपूर्ण विषय पर सरकार द्वारा संसद में चर्चा कराने से इनकार करना लोकतंत्र का अनादर है तथा इससे उसकी नियत का भी पता चलता है।
सोनिया गांधी की बैठक में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े, लोकसभा में पार्टी के नेता अधीर रंजन चौधरी और अन्य कांग्रेस सांसद शामिल हुए। सोनिया गांधी ने कहा कि पूरा देश भारतीय जवानों के साथ खड़ा है। लेकिन सरकार के रुख के कारण राजनीतिक दलों और जनता को वास्तविक स्थिति के बारे में जानकारी नहीं मिल पा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि चीन का हमारे सीमा पर लगातार अतिक्रमण करना गंभीर चिंता का विषय है। पूरा भारत जवानों के साथ खड़ा है जिन्होंने चीन के हमलों को विफल किया। लेकिन सरकार संसद में चर्चा से इनकार कर रही है। यही कारण है कि राजनीतिक दल और देश की जनता वास्तविक जमीनी स्थिति को लेकर अनभिज्ञ हैं। सोनिया ने साफ तौर पर कहा कि जब राष्ट्रीय चुनाव की आती है तो संसद को विश्वास में लेने की परंपरा रही है। लेकिन फिलहाल ऐसा होता दिखाई नहीं दे रहा है।
इन सब के बीच कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े ने कहा कि हम सदन में भारत-चीन के मुद्दे को लेकर चर्चा चाहते हैं, चर्चा अगर नहीं हुई और एकतरफा उत्तर हुआ तो उसका क्या मतलब है? उन्होंने कहा कि हम मांग करते हैं कि सदन में चर्चा हो। सदन को चीनी अतिक्रमण की जानकारी दी जानी चाहिए ताकि देश के लोगों को इसकी सूचना दी जा सके। पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने कहा कि हम चीन पर चर्चा चाहते हैं, हम सैन्य रहस्य नहीं मांग रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि चीन को भारत में घुसपैठ करने का साहस क्या देता है जबकि हमारी प्रतिक्रिया पूरी तरह प्रतिक्रियात्मक है? घुसपैठ क्यों नहीं रोकी जा रही। वहीं, कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा है कि विपक्ष संसद में भारत-चीन सीमा विवाद पर बातचीत की मांग कर रहा है। सरकार लोगों के लिए जवाबदेह है, हम सब देश की रक्षा के लिए खड़े हैं। सीमा पर क्या स्थिति है, जून 2020 में हमारे 20 जवान क्यों मारे गए थे? ये पता होना चाहिए।
मोदी के मंत्री का पलटवार
कांग्रेस के आरोपों का मोदी सरकार के मंत्रियों की ओर से पलटवार किया जा रहा है। संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि नकली कांग्रेस को बीच-बीच में महात्मा गांधी याद आते हैं ये अच्छी बात है। मैं उन्हें याद दिलाना चाहता हूं कि उनके कार्यकाल में क्या हुआ था, हमने क्या खोया था? उन्होंने कहा कि नेहरू जी के कारण कितनी जमीन हमने खोई थी, कितना पाया था, उन्हें इसकी जानकारी निकाल लेनी चाहिए।

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कांग्रेस ने तवांग की झड़प पर लोकसभा में चर्चा की मांग की https://samacharpacheesa.com/?p=5211 Wed, 14 Dec 2022 08:22:44 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=5211 नयी दिल्ली। लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने अरुणाचल प्रदेश में भारत और चीन के सैनिकों के बीच झड़प के मुद्दे पर बुधवार को सदन में चर्चा की मांग की। उन्होंने शून्यकाल के दौरान इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि सदन में चर्चा होनी चाहिए। चौधरी ने कहा, ‘‘1962 में युद्ध के समय संसद में चर्चा हुई थी। तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू जी ने 165 सांसदों को बोलने का मौका दिया था। हम चाहते हैं कि (तवांग में झड़प पर) यहां चर्चा हो।’’ इसके बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि इस विषय पर कार्य मंत्रणा समिति (बीएसी) की बैठक में फैसला होगा।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को लोकसभा को बताया था कि चीन के सैनिकों ने नौ दिसंबर को तवांग सेक्टर में यांग्त्से क्षेत्र में यथास्थिति बदलने का एकतरफा प्रयास किया जिसका भारत के जवानों ने दृढ़ता से जवाब दिया और उन्हें लौटने के लिए मजबूर किया। रक्षा मंत्री ने यह भी सूचना दी थी कि इस झड़प में किसी भी सैनिक की मृत्यु नहीं हुई है और न ही कोई गंभीर रूप से घायल हुआ है। उन्होंने कहा था कि इस मुद्दे को चीनी पक्ष के साथ कूटनीतिक स्तर पर भी उठाया गया है और इस तरह की कार्रवाई के लिये मना किया गया है।
उल्लेखनीय है कि भारतीय सेना ने सोमवार को बताया था कि भारतीय और चीनी सैनिकों की तवांग सेक्टर में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के निकट एक स्थान पर नौ दिसंबर को झड़प हुई, जिसमें ‘‘दोनों पक्षों के कुछ जवान मामूली रूप से घायल हो गए।’’ पूर्वी लद्दाख में दोनों पक्षों के बीच 30 महीने से अधिक समय से जारी सीमा गतिरोध के बीच गत शुक्रवार को इस संवेदनशील सेक्टर (तवांग) में एलएसी पर यांग्त्से के पास झड़प हुई।

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