छत्तीसगढ़ – SAMACHARPACHEESA.COM https://samacharpacheesa.com Fri, 20 Mar 2026 09:49:24 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.3 छत्तीसगढ़ में अगले तीन दिन बारिश की संभावना, आंध्रप्रदेश के साइक्लोन का असर,सामान्य रहेगा तापमान https://samacharpacheesa.com/?p=18282 Fri, 20 Mar 2026 09:49:24 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=18282 रायपुर : छत्तीसगढ़ में मौसम एक बार फिर बदलता नजर आ रहा है. प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में द्रोणिका और साइक्लोन के प्रभाव से आने वाले 24 घंटों में बारिश और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है.

छत्तीसगढ़ में आंध्र के साइक्लोन का असर

मौसम वैज्ञानिक एसके अवस्थी के अनुसार 16 मार्च को उत्तर छत्तीसगढ़ में बनी द्रोणिका का असर अब समाप्त हो चुका है. वहीं, एक नई द्रोणिका झारखंड के ऊपर सक्रिय है, जिसका असर उत्तर छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में देखने को मिलेगा.इसके अलावा आंध्र तट पर एक साइक्लोन बना हुआ है, जिसका प्रभाव दक्षिण छत्तीसगढ़, खासकर बस्तर संभाग में पड़ेगा. यहां अगले 24 घंटों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ ओलावृष्टि होने की संभावना है। वहीं, मध्य और उत्तर छत्तीसगढ़ में भी एक-दो स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है.

तापमान की बात करें तो अगले 48 घंटों तक अधिकतम तापमान में खास बदलाव नहीं होगा, लेकिन इसके बाद तापमान में 3 से 5 डिग्री तक बढ़ोतरी हो सकती है.मौसम विभाग के मुताबिक, मार्च के आखिरी सप्ताह तक प्रदेश का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है- एसके अवस्थी, मौसम वैज्ञानिक

अगले तीन दिन बादल छाए रहने की संभावना

मौसम विभाग के अनुसार तापमान में इस तरह के उतार-चढ़ाव के चलते अचानक गर्मी बढ़ने से लू लगने का खतरा भी बढ़ सकता है. फिलहाल अगले तीन दिनों तक प्रदेश में बादल छाए रहने की संभावना है. वर्तमान में मध्य छत्तीसगढ़ में अधिकतम तापमान 34 से 36 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया है, जबकि उत्तर और दक्षिण छत्तीसगढ़ में यह 30 से 32 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है।

Impact of cyclone in Andhra Pradesh

छत्तीसगढ़ के प्रमुख शहरों का अधिकतम तापमानगुरुवार को प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान दुर्ग जिले में 36.4 डिग्री दर्ज किया गया था.

रायपुर का अधिकतम तापमान 33.9 डिग्रीमाना एयरपोर्ट पर अधिकतम तापमान 33.5 डिग्रीबिलासपुर का अधिकतम तापमान 35 डिग्रीपेंड्रारोड का अधिकतम तापमान 33.6 डिग्रीअंबिकापुर का अधिकतम तापमान 33.4 डिग्रीजगदलपुर का अधिकतम तापमान 32.3 डिग्रीराजनादगांव का अधिकतम तापमान 35 डिग्री


रायपुर में पिछले 5 सालों में मार्च के अंतिम सप्ताह में अधिकतम तापमान

  • साल 2021 में रायपुर में अधिकतम तापमान 41.2 डिग्री
  • साल 2022 में रायपुर में अधिकतम तापमान 41.6 डिग्री
  • साल 2023 में रायपुर में अधिकतम तापमान 37.6 डिग्री
  • साल 2024 में रायपुर में अधिकतम तापमान 40.8 डिग्री
  • साल 2025 में रायपुर में अधिकतम तापमान 40.8 डिग्री
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रायगढ़ के तमनार में अफीम की खेती, पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने कहा – BJP सरकार में गैरकानूनी गतिविधियों को मिल रहा बढ़ावा https://samacharpacheesa.com/?p=18279 Fri, 20 Mar 2026 08:48:23 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=18279

रायपुर। छत्तीसगढ़ में दुर्ग, बलरामपुर के बाद रायगढ़ के तमानार में अफीम की खेती पकड़ाई है। इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में गैरकानूनी गतिविधियों को बढ़ावा मिल रहा है। युवाओं को नशे की ओर धकेला जा रहा है।

नगरी-सिहावा क्षेत्र में भी अफीम की खेती का दावा
बघेल ने यह भी दावा किया कि उन्हें अपुष्ट जानकारी मिली है कि नगरी-सिहावा क्षेत्र में भी अफीम की खेती की जा रही है। एक भाजपा नेता के बड़े फार्महाउस में करीब 20 एकड़ जमीन के बीच अफीम उगाई जा रही थी। जैसे ही उन्होंने इस मामले को उठाया, संबंधित जगह पर अफीम की फसल को बुलडोजर से नष्ट कर दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा से जुड़े लोग पूरे प्रदेश को नशे में डुबाने की कोशिश कर रहे हैं।

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RKCH में 3 की मौत: पुलिस ने ठेकेदार के खिलाफ दर्ज की FIR, राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष ने घटना स्थल का किया निरीक्षण https://samacharpacheesa.com/?p=18272 Thu, 19 Mar 2026 07:56:27 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=18272 रायपुर। राजधानी के रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल में हुए दर्दनाक हादसे में तीन सफाई कर्मचारियों की मौत के मामले में पुलिस ने घटना के 24 घंटे बाद एफआईआर दर्ज की। टिकरापारा थाना क्षेत्र में दर्ज की गई FIR में सफाई ठेकेदार किशन सोनी के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की धारा के तहत मामला दर्ज किया गया है। इस बीच राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हरदीप सिंह गिल बीती रात रायपुर पहुंचे और आज सुबह उन्होंने पीड़ित परिजनों से मुलाकात की।

बता दें कि हरदीप सिंह गिल ने राजधानी रायपुर के संतोषी नगर स्थित BSUP कॉलोनी, सिमरन सिटी में मृतक कर्मचारियों के परिवारजनों से बातचीत की और घटना की पीड़ा को समझा। उन्होंने कहा, “परिवार के साथ आज मुलाकात की है। यह बहुत दुख की घड़ी है। मैंने उनकी पूरी बातें सुनी कि आखिर यह हादसा कैसे हुआ।”

घटना स्थल का भी जायजा लिया गया और अस्पताल के डॉक्टरों से मुलाकात कर आवश्यक जानकारी एकत्र की गई। हरदीप सिंह ने कहा, “घटना स्थल पर हमने जांच की और पाया कि वहां कई खामियां हैं। रात में अस्पताल ने सफाई की अनुमति क्यों दी, यह जांच का विषय है। यदि इन कर्मचारियों को काम करवाना था तो नगर निगम को सूचित किया जाना चाहिए था। जो भी इसमें दोषी ठहराया जाएगा, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”

हरदीप सिंह ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुसार, हादसे में मृत कर्मचारियों के परिवार को तुरंत 30 लाख रुपए का मुआवजा दिया गया है। इसके अलावा, मृतक कर्मचारियों की नौकरी और पुनर्वास के लिए जो भी सरकारी जिम्मेदारी होगी, उसे पूरी तरह निर्वहन किया जाएगा। हरदीप सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि इस मामले में और कोई शिकायत सामने आती है, तो राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग निष्पक्ष जांच और कार्रवाई करेगा।

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पुराना महापौर बंगला बनेगा ED का दफ्तर, नगर निगम की MIC बैठक में मंजूरी https://samacharpacheesa.com/?p=18266 Wed, 18 Mar 2026 09:30:13 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=18266 रायपुर. राजधानी रायपुर में अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) का पता बदलने वाला है। शहर के सुभाष स्टेडियम के पास स्थित पुराना महापौर बंगला अब ED का दफ्तर बनेगा। दरअसल ED ने अपने रीजनल ऑफिस के लिए करीब 4000 स्क्वायर फीट जगह मांगी थी। इसके बाद नगर निगम की MIC बैठक में खाली पड़े पुराने महापौर बंगले को ED को देने का फैसला लिया गया।

पुराना महापौर बंगला काफी समय से खाली पड़ा है, लेकिन अब इसमें रौनक लौटेगी। रायपुर पुलिस कमिश्नरेट के लिए भी एमआईसी की बैठक में बड़ा फैसला हुआ है। कोटा मुक्तिधाम के सामने बने सामुदायिक भवन को अस्थायी ऑफिस के तौर पर देने की मंजूरी दी गई है।

महापौर मीनल चौबे की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में शहर के प्रशासनिक कामकाज को और बेहतर बनाने के लिए कई अहम फैसले लिए गए। अब साफ है कि रायपुर में जांच एजेंसियों और प्रशासन की पकड़ और मजबूत होने जा रही है। इस मामले में नगर निगम आयुक्त विश्वदीप ने कहा कि MIC की बैठक में चर्चा हुई है। सुभाष स्टेडियम के पास स्थित पुराने महापौर बंगले को अब ED दफ्तर के लिए दिया जाएगा।

नया कार्यालय बनते तक दिया गया है बंगला : महापौर
महापौर मीनल चौबे ने lalluram.com से बातचीत करते हुए कहा कि ED का नया कार्यालय नया रायपुर में बन रहा है। सुभाष स्टेडियम के फर्स्ट फ्लोर में जो ED ऑफिस है वह छोटा हो रहा है, जिसके चलते पानी टंकी के नीचे वाला सरकारी मेयर हाउस कुछ दिन के लिए ED को दिया जा रहा है. जैसे ही नया रायपुर में ED का कार्यालय पूरी तरीके से तैयार हो जाएगा तब ED ऑफिस वहां शिफ्ट हो जाएगा. तब तक के लिए यह बंगला उन्हें दिया जा रहा है. MIC की बैठक में भी इसकी चर्चा हुई थी।

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सेंट्रल जेल से फरार आरोपी UP में गिरफ्तार, NDPS मामले में 15 साल की सुनाई गई थी सजा https://samacharpacheesa.com/?p=18260 Wed, 18 Mar 2026 07:58:57 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=18260

रायपुर. रायपुर सेंट्रल जेल से फरार आरोपी बंदी चंद्रवीर उर्फ पिंटू को उत्तर प्रदेश के आगरा से दबोचा गया. छत्तीसगढ़ पुलिस और उत्तर प्रदेश एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई में आरोपी को घेराबंदी कर गिरफ्तार किया गया. एनडीपीएस एक्ट के मामले में वर्ष 2022 में उसे 15 साल की सजा हुई थी. जेल से बाहर काम के सिलसिले में भेजने के दौरान वह जून 2025 से फरार था.

जानकारी के मुताबिक, आरोपी को एनडीपीएस मामले में पुलिस ने चंद्रवीर सिंह उर्फ पिंटू को गिरफ्तार किया था. कोर्ट ने उसे 25 जुलाई 2024 को 15 वर्ष कैद और 3 लाख रुपए के जुर्माने के साथ सजा सुनाई थी. वहीं अर्थदंड की राशि नहीं देने पर 6 साल अतिरिक्त जेल में रहने की भी सजा दी गई. जिसके बाद आरोपी को जेल से बाहर काम के सिलसिले में भेजा गया था. लेकिन आरोपी फरार हो गया और गिरफ्तारी से बचने की कोशिश करता रहा. पुलिस ने उसपर 5000 रुपए का ईनाम भी घोषित किया.

रायपुर एसीसीयू और गंज पुलिस लगातार आरोपी की तलाश कर रही थी, छत्तीसगढ़ पुलिस और यूपी एसटीएफ ने संयुक्त कार्यवाई करते हुए आगरा के कोतवाली थाना इलाके से दबोच लिया गया.

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सीवरेज टैंक में उतरे 3 मजदूरों की मौत, शवों के साथ अमानवीय व्यवहार https://samacharpacheesa.com/?p=18257 Wed, 18 Mar 2026 07:55:28 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=18257

रायपुर। राजधानी रायपुर के पचपेड़ी नाका स्थित रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल (Ramkrishna Care Hospital) में मंगलवार रात एक दर्दनाक हादसा हो गया। सीवरेज टैंक की सफाई के दौरान अंदर उतरे तीन मजदूर जहरीली गैस की चपेट में आ गए, जिससे उनकी मौत हो गई। घटना के बाद अस्पताल परिसर में परिजनों और स्थानीय लोगों ने जमकर हंगामा किया और पुलिस से झूमाझटकी भी हुई, जो देर रात तक जारी रही। इस बीच कुछ वीडियो भी सामने आए हैं, जो इंसानियत को शर्मसार करने वाले हैं। वीडियो में दिख रहा है कि अस्पताल प्रबंधन द्वारा कैसे मृतकों के शवों को चोरी-छिपे एम्बुलेंस में कचरे की तरह फेंककर दूसरी जगह शिफ्ट किया जा रहा है। हादसे को लेकर अस्पताल प्रबंधन ने दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि मजदूर कॉन्ट्रैक्ट एजेंसी के थे और मामले की जांच जारी है।

सफाई के दौरान जहरीली गैस से हुआ हादसा
मिली जानकारी के अनुसार, अस्पताल प्रबंधन द्वारा सीवरेज टैंक की सफाई के लिए तीन युवकों को बुलाया गया था। सफाई के दौरान टैंक के अंदर मौजूद जहरीली गैस के संपर्क में आने से तीनों बेहोश होकर गिर पड़े और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही रेस्क्यू टीम को बुलाया गया, जिसने कड़ी मशक्कत के बाद तीनों को बाहर निकाला गया।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक परिजन और स्थानीय लोग आक्रोशित हो चुके थे। गुस्साए लोगों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप लगाए और परिसर में जमकर हंगामा किया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करना पड़ा।

मृतकों की जानकारी
हादसे में जान गंवाने वाले मृतकों की पहचान गोविंद सेंद्रे, अनमोल मचकन और प्रशांत कुमार के रूप में हुई है, तीनों सिमरन सिटी निवासी हैं।

खर्च बचाने नियमों की अनदेखी का आरोप
परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बिना किसी सुरक्षा उपकरण के मजदूरों को सिवरेज टैंक में उतारा गया। अस्पताल प्रबंधन ने खर्च बचाने के लिए नियमों की अनदेखी की है। प्रशिक्षित कर्मचारियों की बजाय सामान्य मजदूरों से सफाई कराई गई। अगर सुरक्षा मानकों का पालन किया जाता तो यह हादसा टाला जा सकता था। इस मामले में परिजनों ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

शवों के साथ हुआ अमानवीय व्यवहार
घटना के बाद सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। इन वीडियो में दिख रहा है अस्पताल कर्मियों द्वारा शवों को जल्दबाजी में वाहन में कचरे की तरह रखकर अस्पताल से बाहर ले जाया गया। बताया जा रहा है कि देर रात शवों को चुपचाप अस्पताल से निकालकर मेकहारा (अंबेडकर अस्पताल) शिफ्ट किया गया।

अंबेडकर अस्पताल में पोस्टमार्टम की तैयारी
तीनों शवों को डॉ. भीमराव अंबेडकर अस्पताल लाया गया है, जहां पोस्टमार्टम की प्रक्रिया की जा रही है। मर्चुरी के बाहर परिजन मौजूद हैं और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। वहीं मामले में पुलिस परिजनों के बयान दर्ज कर रही है।

अस्पताल प्रबंधन का बयान
अस्पताल प्रबंधन ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए गहरा दुख जताया है। प्रबंधन के अनुसार, यह हादसा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) में मेंटेनेंस कार्य के दौरान हुआ, जिसमें तीन श्रमिक शामिल थे। ये श्रमिक एक बाहरी कॉन्ट्रैक्ट एजेंसी के माध्यम से तैनात थे और नियमित कार्य के तहत STP क्षेत्र में गए थे।

प्रबंधन ने बताया कि घटना के दौरान श्रमिकों को गंभीर आपात स्थिति का सामना करना पड़ा, जिससे श्रमिकों की मौत हो गई। मामले की जांच जारी है और संबंधित कॉन्ट्रैक्ट एजेंसी को नोटिस जारी कर आंतरिक जांच भी शुरू कर दी गई है। फिलहाल, घटना के सटीक कारणों की जांच जारी है।

साथ ही प्रबंधन ने कहा कि प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता दी जाएगी और सुरक्षा के उच्चतम मानकों का पालन करते हुए जांच के आधार पर पर सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

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रायपुर में तेज म्यूजिक बना विवाद की वजह: घर में घुसकर मारपीट और तोड़फोड़, तीन आरोपी गिरफ्तार https://samacharpacheesa.com/?p=18248 Tue, 17 Mar 2026 09:52:12 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=18248

रायपुर । रायपुर के डीडी नगर थाना क्षेत्र में तेज आवाज में गाना बजाने को लेकर शुरू हुआ विवाद मारपीट और तोड़फोड़ में बदल गया। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। घटना 15 मार्च की रात इंद्रप्रस्थ कॉलोनी की है। पीड़ित अपने भाई और दोस्तों के साथ घर में टीवी पर गाने सुन रहा था। इसी दौरान कुछ लोग दरवाजा पीटते हुए पहुंचे और तीसरी बार में दरवाजा लात मारकर घर के अंदर घुस गए।

घर में घुसते ही आरोपियों ने तेज आवाज में गाना चलाने को लेकर विवाद शुरू कर दिया। देखते ही देखते गाली-गलौज और मारपीट शुरू हो गई। आरोपियों ने घर में रखे टीवी को भी तोड़ दिया। मारपीट के दौरान एक आरोपी ने पीड़ित के भाई पर ब्लेड से हमला कर दिया, जिससे उसके कान के पास चोट आई। घायल को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया।

घटना के बाद डीडी नगर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। सीसीटीवी फुटेज और पूछताछ के आधार पर आरोपियों की पहचान की गई और दबिश देकर कुबेर प्रसाद वर्मा, चंदन गुप्ता और विष्णु प्रसाद वर्मा को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

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रात में घर के सामने से मिनी ट्रक पार, CCTV से सुराग मिला तो चोर चढ़ा पुलिस के हत्थे https://samacharpacheesa.com/?p=18245 Tue, 17 Mar 2026 09:50:04 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=18245

रायपुर । रायपुर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में घर के सामने खड़ी मिनी ट्रक चोरी करने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के कब्जे से चोरी किया गया वाहन भी बरामद कर लिया गया है।

मामला 13 मार्च की रात का है, जब प्रार्थी अमित साहू ने अपनी मिनी ट्रक घर के सामने खड़ी कर लॉक कर दी थी। अगले दिन सुबह जब वह बाहर निकले तो वाहन गायब मिला। आसपास तलाश करने के बावजूद कोई सुराग नहीं मिलने पर उन्होंने सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई।

मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने जांच शुरू की। टीम ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले और स्थानीय लोगों से पूछताछ की। साथ ही मुखबिर तंत्र भी सक्रिय किया गया। जांच के दौरान पुलिस को आरोपी सोनू साहू के बारे में जानकारी मिली। उसे पकड़कर पूछताछ की गई, जिसमें उसने चोरी की वारदात को अंजाम देना स्वीकार कर लिया।

पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी की गई अशोक लेलैंड डोस्ट प्लस मिनी ट्रक (CG 04 FH 4470) को जब्त कर लिया है। आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 303(2) के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

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रिटायर्ड IAS गणेश शंकर मिश्रा बनाए गए राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष, आदेश जारी… https://samacharpacheesa.com/?p=18144 Thu, 26 Feb 2026 09:43:04 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=18144

रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन ने सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी गणेश शंकर मिश्रा को राज्य नीति आयोग, छत्तीसगढ़ का उपाध्यक्ष नियुक्त किया है। इस संबंध में योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी तथा बीस सूत्रीय कार्यान्वयन विभाग ने आदेश जारी किया है। यह नियुक्ति उनके कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से आगामी आदेश तक प्रभावी रहेगी।

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Cg Election 2023 मुद्दा :- सड़कों के विकास ने बदल दी थी छत्तीसगढ़ की तस्वीर, पिछले 6 सालों में निर्माण की रफ्तार पर लगी ब्रेक, क्या हुआ सड़को का हाल देखें वीडियो https://samacharpacheesa.com/?p=8424 Mon, 30 Oct 2023 10:41:23 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=8424

रायपुर। छत्तीसगढ़ ने पिछले डेढ़ दशक में विकास के नये आयाम स्थापित कर विकसित राज्य की पहचान बनाई। राज्य में आए बदलाव से छत्तीसगढ़ बीमारू से विकसित प्रदेशों की पंक्ति में उदाहरण बन कर खड़ा हुआ। विकास की इस राह में सबसे ज्यादा योगदान प्रदेश की सड़कों और बीजेपी शासनकाल का रहा है। हालांकि जिस रफ्तार से पिछले डेढ़ दशकों में सड़कों का जाल बिछा, उस पर पिछले 5-6 सालों में उसकी गति पर ब्रेक लग गया। नए सड़कों के निर्माण की गति न सिर्फ कम हुई, बल्कि उसका मेंटनेंस नहीं होने के कारण वर्तमान में प्रदेश के सड़कों की स्थिति किसी से छिपी नहीं है। पिछले 6 सालों के दौरान प्रदेश में 11 साै किमी एनएच, 500 किमी राज्यमार्ग की सड़कें बनी 3 सौ किमी जिला मार्ग और 3 हजार किमी ग्रामीण की सड़कें बनाई गई है। जबकि पिछले डेढ़ दशक में इसकी रफ्तार काफी अधिक था।

1 नवंबर 2000 को जब मध्य प्रदेश का पुनर्गठन हुआ और छ्त्तीसगढ़ मध्य प्रदेश से अलग होकर भारत का 26वां राज्य बना तो प्रदेश में सड़कों की हालत बेहद ही बदहाल थी। सड़कें गड्डों में तब्दील हो चुकी थी। अच्छी सड़कें विकास की धुरी होती है। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में वर्ष 2000-01 में महज 35 हजार किलोमीटर सड़कें थीं, लेकिन पिछले डेढ़ दशक में छत्तीसगढ़ का परिदृश्य पूरी तरह से बदल गया।

इसमें भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्व अटल बिहारी वाजपेयी का भी बड़ा हाथ था।पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के समय देश को आधुनिक विकसित सड़कों से जोड़ने वाले युग का शुभारंभ हुआ। ग्रामीण अंचल में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़कों ने एक तरह से ग्रामों की अर्थ-व्यवस्था को पूरी तरह से बदल दिया। छत्तीसगढ़ में भी सड़कों के निर्माण, उनके सुदृढ़ीकरण पर राज्य सरकार ने विशेष ध्यान दिया। सड़कें विकास की संवाहक है। भाजपा सरकार द्वारा सड़कों के माध्यम से विकास के रथ को गांव-गांव तक पहुंचाने का काम व्यापक दूरदृष्टि के साथ लगातार किया गया। इसकी वजह से प्रदेश में सड़कों की लंबाई 35 हजार से 36 हजार किमी पहुंच गई थी। 2000-01 में लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत सड़काें की कुल लंबाई 35 हजार 388 किमी थी। जिसमें 1827 किमी राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच), 2073 किमी राज्य मार्ग, 3094 किमी मुख्य जिला मार्ग, 28 हजार 392 किमी ग्रामीण सड़क थे। बीजेपी ने पहले पांच साल के शासनकाल में इसे एनएच 2227 किमी, राज्य मार्ग 3213 किमी, जिला मार्ग 4814 और ग्रामीण सड़कों को 25811 किमी तक पहुंचाया। फिर लगातार 2007 से 2016 तक प्रदेश में सड़कों की कुल लंबाई 32 हजार 843 किमी पहुंचाया। जिनमें 3073 किमी एनएच, 4462 राज्यमार्ग, 11258 किमी जिला मार्ग और 14050 किमी ग्रामीण सड़कों का जाल बिछाया। 2018 में छत्तीसगढ़ में सत्ता परिवर्तन हुआ और सरकार कांग्रेस की आयी। वर्तमान में प्रदेश में सड़कों की स्थिति की बात करें तो कुल सड़कों की लंबाई 34765 किमी है। जिनमें 3526 किमी एनएच, 4137 किमी राज्य मार्ग, 11580 जिला मार्ग, 15522 किमी ग्रामीण सड़कें हैं। मतलब पिछले पांच सालों की बात करें तो केवल एनएच सड़कों का काम हुआ। 500 किमी राज्यमार्ग की सड़कें बनी 3 सौ किमी जिला मार्ग और 3 हजार किमी ग्रामीण की सड़कें बनाई गई है। बता दें कि राष्ट्रीय राजमार्ग बनाने का काम केंद्र सरकार का होता है। राज्य सरकार राज्य और ग्रामीण सड़कें बनवाती है। ग्रामीण सड़कें भी प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के जरिए केंद्र से ही पैसा मिलता है। बावजूद इसके पिछले पांच सालों में सड़कों को लेकर कोई उल्लेखनीय कार्य नहीं हुआ।

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