जवानों – SAMACHARPACHEESA.COM https://samacharpacheesa.com Mon, 16 Jan 2023 12:02:38 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.3 अग्निवीरों को पीएम मोदी ने किया संबोधित, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी रहे मौजूद https://samacharpacheesa.com/?p=5742 Mon, 16 Jan 2023 12:02:38 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=5742 दिल्ली। पिछले साल सरकार की ओर से अग्निपथ योजना लेकर आया गया था। इस योजना के तहत सेना में काम करने वाले युवाओं को अग्निवीर कहा जा रहा है। आज अग्निपथ योजना के पहले बैच के जवानों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संबोधित किया। यह पूरा कार्यक्रम वर्चुअल हुआ। इस कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी मौजूद रहे। जानकारी के मुताबिक तीनों सेनाओं के पहले बैच के करीब 40,000 अग्निवीरों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुखातिब हुए तथा उन्हें भविष्य के लिए बधाइयां दी और उनके हौसले को भी सलाम किया। अग्निपथ योजना के तहत आर्मी, नेवी और एयरफोर्स में जवानों की भर्तियां होंगी। हर साल 40 से 45 हजार युवाओं को इसमें शामिल किया जाएगा।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अग्निवीरों के शुरुआती दलों के साथ संवाद में कहा कि अग्निपथ एक परिवर्तनकारी नीति है जो सशस्त्र बलों को भविष्य के लिए तैयार करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा किसशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण के प्रयास जारी हैं, उन्हें ‘‘आत्मनिर्भर’’ बनाएं। उन्होंने कहा कि अग्निपथ योजना महिलाओं को सशक्त बनाएगी और वह सशस्त्र बलों की तीनों शाखाओं में उन्हें देखने के लिए उत्सुक हैं। उन्होंने कहा कि युवा अग्निवीर सशस्त्र बलों को अधिक युवा और ‘‘टेक सेवी’’ (आधुनिक तकनीक व प्रौद्योगिकी के जानकार) बनाएंगे। मोदी ने कहा, ‘‘तकनीकी रूप से उन्नत सैनिक हमारे सशस्त्र बलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। युवाओं की वर्तमान पीढ़ी में विशेष रूप से यह क्षमता है। इसलिए अग्निवीर आने वाले समय में हमारे सशस्त्र बलों में अग्रणी भूमिका निभाएंगे।’’
यह योजना मौजूदा रैंक से बिल्कुल अलग होगा। हालांकि जब यह योजना लेकर आया गया था तो इसके खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी हुए थे। इस विरोध प्रदर्शन को देखते हुए 2022 में भर्ती के लिए ऊपरी आयु सीमा को 23 वर्ष कर दिया गया था। अग्निवीर 4 साल के लिए सीना में काम करेंगे। उन्हें पहले साल 30000 रुपये सैलरी मिलेगी। वही दूसरे साल यह 33000 रुपये हो जाएगी। पिछले साल 36500 जबकि चौथे साल 40000 हजार की सैलरी मिलेगी। इसमें से हर महीने 30 फीसद अमाउंट कटेगा। 4 साल के बाद रिटायरमेंट फंड के तौर पर एक मात्र 11,72,160 रुपए मिलेंगे।

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राजनीतिक आलोचना से कोई समस्या नहीं, हमारे जवानों का होना चाहिए सम्मान : एस. जयशंकर https://samacharpacheesa.com/?p=5310 Mon, 19 Dec 2022 11:35:20 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=5310 नईदिल्ली। अरुणाचल प्रदेश के तवांग में भारत और चीन के बीच 9 दिसंबर को झड़प की खबर आई थी। इस मामले को लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने संसद में बयान दे दिया था। लेकिन विपक्ष जबरदस्त तरीके से केंद्र के मोदी सरकार पर हमलावर है। इन सबके बीच राहुल गांधी ने एक बयान देते हुए कहा था कि सीमा पर हमारे जवान पीट रहे हैं और चीन युद्ध की तैयारी कर चुका है। पर हमारी सरकार सो रही है। इसी को लेकर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने संसद में बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि हमें राजनीतिक आलोचना से कोई समस्या नहीं है। लेकिन हमें अपने जवानों का अपमान नहीं करना चाहिए। वह विषम परिस्थितियों में भी बॉर्डर पर खड़े रहकर हमारी रखवाली करते हैं। इसलिए उनकी सराहना और उनका सम्मान सर्वोच्च होना चाहिए।
राहुल गांधी के बयान पर विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने कहा कि हमें राजनीतिक आलोचना से कोई समस्या नहीं है लेकिन हमें अपने जवानों का अपमान नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मैंने सुना है कि मेरी अपनी समझ को और गहरा करने की जरूरत है। जब मैं देखता हूं कि कौन सलाह दे रहा है तो मैं केवल झुक सकता हूं और सम्मान कर सकता हूं। उन्होंने साफ कहा कि हमारे जवानों के लिए ‘पिटाई’ शब्द का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने विपक्ष के सवालों का भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि अगर हम चीन के प्रति उदासीन थे तो भारतीय सेना को सीमा पर किसने भेजा। अगर हम चीन के प्रति उदासीन थे तो आज चीन पर डी-एस्केलेशन और डिसइंगेजमेंट के लिए दबाव क्यों बना रहे हैं? हम सार्वजनिक रूप से क्यों कह रहे हैं कि हमारे संबंध सामान्य नहीं हैं?
एस जयशंकर ने साफ तौर पर कहा कि हमें प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से अपने जवानों की आलोचना नहीं करनी चाहिए। हमारे जवान यांग्त्से में 13 हजार फीट की ऊंचाई पर खड़े होकर हमारी सीमा की रखवाली कर रहे हैं। उनका सम्मान और सराहना की जानी चाहिए। श्रीलंका के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि 2014 के बाद से श्रीलंका से रिहा किए गए भारतीय मछुआरों की संख्या 2,835 और मछुआरों की संख्या है। पीएम मोदी ने तमिल मछुआरों की समस्याओं पर ध्यान दिया है। विदेश मंत्री ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री ने बार-बार श्रीलंका के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से बात की है। अगर श्रीलंका में पकड़े गए मछुआरों को आज रिहा किया जाता है, तो इसलिए नहीं कि कोई चेन्नई में पत्र लिख रहा है, बल्कि इसलिए कि दिल्ली में कोई इस मामले को उठा रहा है।

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प्रधानमंत्री ने जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की, कहा देश उनका ऋणी रहेगा https://samacharpacheesa.com/?p=5257 Fri, 16 Dec 2022 07:26:13 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=5257 नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को विजय दिवस के अवसर पर 1971 के युद्ध में पाकिस्‍तान पर भारत की जीत सुनिश्चित करने में उल्लेखनीय भूमिका निभाने वाले सशस्त्र बल के कर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि देश सदैव उनका ऋणी रहेगा। मोदी ने एक ट्वीट में कहा, ‘‘विजय दिवस पर, मैं उन सभी बहादुर सशस्त्र बलों के कर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं जिन्होंने 1971 के युद्ध में भारत की एक असाधारण जीत सुनिश्चित की। देश को सुरक्षित रखने में सशस्त्र बलों की भूमिका के लिए देश उनका ऋणी रहेगा।’’
वर्ष 1971 में पाकिस्‍तान पर भारत की विजय की याद में आज के दिन विजय दिवस मनाया जाता है। इस दिन वर्ष 1971 में पाकिस्‍तानी सेनाध्‍यक्ष जनरल आमिर अब्‍दुल्‍ला खान नियाजी ने अपने 93 हजार सैनिकों के साथ बिना किसी शर्त के लेफ्टीनेंट जनरल जगजीत सिंह अरोड़ा के समक्ष युद्ध में आत्‍मसमर्पण किया था। अरोड़ा इस युद्ध में भारतीय सेना और मुक्ति वाहिनी के संयुक्‍त बल का नेतृत्‍व कर रहे थे। इसी युद्ध के परिणाम स्‍वरूप बांग्‍लादेश अस्तित्व में आया।

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