टीएस सिंहदेव – SAMACHARPACHEESA.COM https://samacharpacheesa.com Wed, 30 Aug 2023 06:52:04 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.3 कोई अपमान यूं ही नहीं भूल जाता, फिर ये तो बाबा हैं https://samacharpacheesa.com/?p=7914 Wed, 30 Aug 2023 06:52:03 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=7914 सरगुजा के पूर्व महाराजा व वर्तमान में छतीसगढ़ के उप मुख्यमन्त्री टीएस सिंहदेव (बाबा साहेब) की पहचान ही अपनी सच्चाई ,बेबाक विचार शैली,व सीधी सपाट बयानबाजी की है। वे कभी भी अपनी विवेक का इस्तेमाल करते हुए हमेशा दिल से बोलते हैं। दिल में कुछ और जबान पर कुछ और यह उनकी मर्यादा के खिलाफ है। राजनीति में जितनी , जब जरूरत हो उतनी ही राजनैतिक भाषा का इस्तेमाल करते हैं। सदैव सीधी सपाट बात कहने की कोशिश उनकी रहती है। उन्हें अपने अस्तित्व व मर्यादा का हमेशा ख्याल रहता है। उसके लिये वो कुछ भी कर सकते हैं। चंद मिनटों में वे राजनीति को भी छोड़ सकते हैं। पद तो अहम तो कभी उनको छू भी नहीं पाता। महाराजा वाली आन- बान- शान, वे प्रजातंत्रिक जीवन में भी बना कर रखते हैं। उससे कोई समझौता उनकी फितरत में नहीं है। इसी आन-बान-शान को खण्डित करने का प्रयास बृहस्पति सिंह ने विधानसभा और विधान सभा के बाहर शिद्दत के साथ सोच समझ कर किया। कह दिया महाराजा है , मुझे कभी भी मरवा सकते हैं। मेरी हत्या करवा सकते हैं। राजनीति में छोटे मोटे आरोपों को तो सहन पड़ता है। लेकिन इतने बड़े आरोप के साथ चरित्र पर लांछन लगना , कोई मर्यादाशील व्यक्ति जो कभी एक महत्वपूर्ण स्टेट का महाराज रहा हो ,कैसे बर्दाश्त कर सकता है। इस आरोप की चर्चा विधान सभा में पहुंची और कांग्रेस के सदस्यों ने इस पर चुप्पी साधी तो इस प्रजातांत्रिक महाराजा को भी दिल पर ठेस पहुंची। बर्दाश्त नहीं हुआ। विधानसभा से यह कह कर उठ कर चले गए कि इस विधान सभा में इतने बड़े आरोप लगने के और माफी ना मांगने के बाद मेरे विधान सभा में बैठने का औचित्य ही क्या है। तत्काल निर्णय लेकर जो व्यक्ति विधानसभा का त्याग करने की सोच सकता है, वह उस घटना को इतनी जल्दी कैसे भूल सकता है। हालांकि गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने इस घटना के लिए विधानसभा में खेद व्यक्त जरूर किया लेकिन बृहस्पत सिंग पर कोई कार्यवाही की बात नहीं हुई। चोट पर चोट महाराजा बर्दाश्त नहीं कर पाए। बावजूद इसके शालीनता से पार्टी से जुड़े रहे। यह जरूर कि समय समय पर पत्रकारों द्वारा पूछे गए राजनैतिक सवालों के जवाब में यदा कदा उनका दर्द लोगों ने उनके शब्दों में महसूस जरूर किया। पहले ढाई-ढाई साल का नाटकिया अपमान,फिर आरोप प्रत्यारोप का दंश लंबे समय तक बर्दाश्त कर रहे महाराजा साहेब को उपमुख्यमंत्री का पद जब हाई कमान ने नवाजा,तब महाराजा को अपने दर्द का अहसास तेजी से हुआ। किसी पत्रकार ने पूछा तो उनका वह दर्द शब्दों के रूप में बाहर आ ही गया। उन्होंने कहा दिया कि 90 विधानसभाओं में एक विधानसभा ऐसी है जिसकी जिम्मेदारी मेरी नहीं होगी। यह बयान बृहस्पति सिंह के लिए बड़ा संकेत दे रहा है। इसीलिए तो बाबा ने ऐसा इशारा करते बयान दिया है, जिससे बृहस्पति सिंह की नींद उड़ी हुई है। जिन्होंने उसे बाबा पर बयानबाजी करने को तब उकसाया होगा वो भी अब उपमुख्यमंत्री की मंशा के विपरीत जाकर बेवजह पंगा लेंगें इसकी भी आशंका नहीं है। सोचना तो तब था जब आप गड्डे में गिरने तैयार हुए थे। अब उससे बाहर निकालने वाला कोई नहीं है। इसे ही तो कहते हैं कुल्हाड़ी पर खुद पैर मारना। एक तो टिकट मिलेगी नहीं, मिल गई तो, जीतना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन हो जाएगा। पहले बाबा को ये प्रिय थे। अब वतर्मान परिस्तिथि में यही कह सकते हैं कि ना खुदा ही मिला ना विसाले सनम ना इधर के रहे ना उधर के हो पाये, सही भी है कि कोई सामान्य इंसान भी अपने बेवजह के अपमान को यूं ही तो नही भूल जायेगा। फिर ये तो सच के महाराजा है। जो होगा वो तो अब हो के रहेगा। इसके साथ ही कांग्रेस के अंदरखाने की एक नई तस्वीर भी लोग इसके आईने में देखने का प्रयास जरूर करेंगें। यह राजनीति है , इसमें जंग और प्रेम की तरह अब सब कुछ जायज माना जाने लगा है।

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मुख्यमंत्री व उप मुख्यमंत्री पहुंचे जगदलपुर, एयरपोर्ट में हुआ आत्मीय स्वागत https://samacharpacheesa.com/?p=7748 Tue, 08 Aug 2023 12:58:03 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=7748 जगदलपुर। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल अपने बस्तर प्रवास के लिए जगदलपुर स्थित मां दंतेश्वरी एयरपोर्ट नियमित विमान से पहुँचे। मुख्यमंत्री के साथ उप मुख्यमंत्री श्री टीएस सिंहदेव भी पहुँचे। उद्योग मंत्री व जिले  के प्रभारी मंत्री श्री कवासी लखमा, बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री लखेश्वर बघेल, उपाध्यक्ष श्री विक्रम मड़ावी के द्वारा अतिथियों का आत्मीय स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री ने आज जगदलपुर में आज विभिन्न कार्यक्रमों सहित 9 अगस्त को आयोजित विश्व आदिवासी दिवस कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस अवसर श्री संसदीय सचिव श्री रेखचन्द जैन, चित्रकोट विधायक श्री राजमन बेंजाम, महापौर श्रीमती सफीरा साहू, नगर निगम सभापति श्रीमती कविता साहू, अक्षय ऊर्जा अभिकरण के अध्यक्ष श्री मिथलेश स्वर्णकार, इन्द्रावती बेसिन विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष श्री राजीव शर्मा, सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे। इसके साथ प्रशासनिक अधिकारियों में कमिश्नर श्री श्याम धावड़े, आईजी श्री सुंदरराज पी., कलेक्टर श्री विजय दयाराम के., वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री जितेंद्र मीणा,कांगेर वैली राष्ट्रीय उद्यान के संचालक श्री धम्मशील गणवीर एवं अन्य अधिकारी उपस्थित ने भी स्वागत किया।

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कांग्रेस नेता ने क्यों की अमित शाह को प्रधानमंत्री बनाने की मांग? https://samacharpacheesa.com/?p=7561 Thu, 27 Jul 2023 09:57:59 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=7561 रायपुर। इस समय मणिपुर में हिंसा और वहां महिलाओं से हो रहे दुर्व्यवहार को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल रहा है। मणिपुर की परिस्थियों को लेकर पार्टियां एक दूसरे को कसूरवार ठहरा रही है। इन सब के बीच एक अजीब बयान छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव का आया है। वो कहते हैं कि देश का पीएम अमित शाह को बना देना चाहिए। ऐसा वो क्यों बोले ? इसके पीछे भी राजनीति है। हांलाकि इस पर छत्तीसगढ़ बीजेपी का बयान सामने नहीं आया है।
दरअसल सिंहदेव रायपुर में मणिपुर के हालातों पर पत्रकारों से बात कर रहे थे। पीएम मोदी के मणिपुर की घटना पर जिम्मेदारी नहीं लेने पर नाराजगी जताते हुए, वो बोले, कांग्रेस समेत विपक्ष इस मुद्दे पर गृह मंत्री के बजाय प्रधानमंत्री से जवाब चाहता है। मणिपुर में कई लोग अपनी जान गंवा रहे हैं। महिलाओं के साथ क्रूर और अमानवीय व्यवहार किया जा रहा है। अगर एफआईआर होने के 77 दिन बाद कार्रवाई शुरू की जाती है, तो जवाबदेह कौन है ? पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह दोनों को इसके बारे में पता होगा। देश प्रधानमंत्री से जवाब चाहता है और हर कोई मणिपुर की वास्तविक स्थिति जानना चाहता है। सिंहदेव की नाराजगी यहीं नहीं रूकी। उन्होंने कहा अगर प्रधानमंत्री मोदी मणिपुर घटना की जिम्मेदारी नहीं लेना चाहते हैं, तो अमित शाह को प्रधानमंत्री बना दें। फिर अमित शाह देश को जवाब दे सकते हैं।
सिंह देव के इस बयान ने बीजेपी क्या? कांग्रेस के नेताओं को भी चौंका दिया है। अपनी बात आगे बढाते हुए सिंह देव ने कहा कि मणिपुर की घटना बेहद संवेदनशील है। अमित शाह ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े और अन्य नेताओं को पत्र लिखा है। मणिपुर घटना पर संसद में चर्चा के लिए सहयोग मांगा है। कांग्रेस इस मुद्दे पर सहयोग कर रही है। मणिपुर अत्यधिक संवेदनशील भौगोलिक क्षेत्र में से एक है। जहां तनाव की स्थिति बनी हुई है।
पीएम मोदी ने मणिपुर हिंसा पर बयान दिया था। उन्होंने अपने बयान में छत्तीसगढ़ और राजस्थान का नाम लिया था। संसद में चर्चा के दौरान मंत्री पीयूष गोयल ने फिर छत्तीसगढ़ का नाम लिया। इसके बाद से ही छत्तीसगढ़ के नेता मोदी सरकार पर हमलावर हैं। सीएम भूपेश बघेल भी मणिपुर हिंसा पर केन्द्र सरकार को घेर चुके हैं।

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अगर कांग्रेस छत्तीसगढ़ में जीतती है, तो सीएम पद के लिए भूपेश बघेल पहली कतार में होंगे : टीएस सिंहदेव https://samacharpacheesa.com/?p=7497 Mon, 24 Jul 2023 09:02:13 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=7497 रायपुर। छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में विधानसभा चुनाव लड़ेगी और अगर पार्टी जीतती है, तो सीएम पद के लिए भूपेश बघेल का नाम पहली पंक्ति में होगा। टीएस सिंहदेव ने ये भी भविष्यवाणी की कि कांग्रेस को विधानसभा चुनाव में शानदार जनादेश मिलने की संभावना है। कुछ लोग पार्टी के लिए 75 से ज्यादा सीटों का अनुमान लगा रहे हैं, लेकिन उनका अनुमान 60 से 75 सीटों के बीच है। 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने 68 सीटें जीती थीं।सिंहदेव ने कहा कि अगर किसी मौजूदा मुख्यमंत्री को नहीं हटाया गया है, तो इसका मतलब है कि पार्टी उस व्यक्ति में अपना विश्वास बनाए रखती है जो टीम को जीत दिलाने में सक्षम है। और जीत के बाद कप्तान क्यों बदला जाना चाहिए।
कोई विश्वासघात नहीं यह एक निर्णय- यह पूछे जाने पर कि क्या पिछले महीने उप मुख्यमंत्री बनाए जाने के बाद बघेल और उनके बीच तनाव अतीत की बात है, सिंहदेव ने कहा, कोई वास्तविक कड़वाहट या दुश्मनी नहीं थी, हम (बघेल और वह) साथ मिलकर काम कर रहे थे। ढाई साल का समय साझा करने का मुद्दा था, मुझे लगता है कि यह हमारे दिमाग के साथ-साथ हम दोनों से जुड़े हर किसी के दिमाग पर असर कर रहा था। वह समय बीत चुका है। यहां तक ??कि जब उन मामलों पर चर्चा हो रही थी, तब भी हम अपनी क्षमता के अनुसार सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर रहे थे।यह पूछे जाने पर कि क्या उन्हें मुख्यमंत्री के रूप में ढाई साल नहीं मिलने पर विश्वासघात की भावना महसूस हुई, उन्होंने कहा, मैं इसे विश्वासघात के रूप में नहीं देखता हूं। मैं इसे एक निर्णय के रूप में देखता हूं जो आलाकमान लेता है, यह उनका फैसला है। मैं मुख्यमंत्री नहीं बन सकता, यह आलाकमान है, जो फीडबैक है, वह हम सभी को निर्देश देता है।
सिंहदेव ने कहा कि प्रोटोकॉल के तहत वह पहले से ही कैबिनेट में नंबर दो हैं। सीएम ने मुझे उनके बाद प्रोटोकॉल दिया था। वह नंबर एक थे और मैं नंबर 2 था और ताम्रध्वज साहू नंबर 3 थे। मुख्यमंत्री सहित हम में से 13 लोग थे। मैं अभी भी एक अतिरिक्त पदनाम के साथ नंबर 2 हूं। मैं डिप्टी सीएम हूं, इसलिए मुझे यकीन है कि बहुत से लोग इसे एक कदम के रूप में देख रहे होंगे।
नेता पहले भी एकजुट थे- कांग्रेस नेता ने कहा, ढाई साल का सीएम बनने का मुद्दा बार-बार प्रेस में आ रहा था, इसलिए निश्चित रूप से तनाव था। भूपेश भाई के लिए हर समय जवाब देना मुश्किल था। मेरे लिए मीडिया या हमारे सहयोगियों को जवाब देने की कोशिश करना बहुत मुश्किल था। इसलिए निश्चित रूप से इसका हम पर असर पड़ा। उन्होंने कहा कि अब ढाई साल नहीं हैं, चुनाव में केवल चार-पांच महीने बचे हैं और जो स्थिति पहले थी वह अब नहीं है।सिंहदेव ने कहा आलाकमान ने इस ढाई साल (कार्यकाल) के बारे में कभी कुछ नहीं कहा, इसलिए मैं कोई टिप्पणी करने की स्थिति में नहीं हूं। बंद दरवाजों के पीछे होने वाली चर्चाओं की गरिमा बनाए रखनी होगी। सिंहदेव ने कहा कि ऐसी कई चर्चाएं हैं जो बंद दरवाजों के पीछे होती हैं।
सामूहिक नेतृत्व पर चुनाव, भूपेश करेंगे नेतृत्व- सिंहदेव ने कहा कि 28 जून को जब राज्य के नेताओं ने यहां पार्टी के शीर्ष नेताओं से मुलाकात की थी, तब लिया गया निर्णय यह था कि चुनाव सामूहिक नेतृत्व पर लड़ा जाएगा, जिसका नेतृत्व भूपेश बघेल जी करेंगे। जाहिर तौर पर अगर हम इस स्थिति में जीतते हैं, तो भूपेश बघेल मुख्यमंत्री पद के लिए विचार किए जाने वाले पहले व्यक्ति होंगे।

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उप मुख्यमंत्री पद और टीएस सिंहदेव https://samacharpacheesa.com/?p=7169 Fri, 30 Jun 2023 07:08:39 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=7169 राजनीति में कब क्या होगा कहना सहज नहीं, यह जानते हुए अपनी जमीनी हकीकत को देर से ही सही, अब कांग्रेस नेतृत्व आलाकमान सच के करीब पहुंचती नजर आने लगी। प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर कई बार सरकार और संगठन ने बैठक की। इन बैठकों में बढ़-चढ़कर सरकार के कार्यों के बल पर पूर्व की 72 से भी अधिक सीटों की जीत जैसे दावों के साथ चुनाव में कांटे के संघर्ष की बात भी मैराथन बैठक में प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा के सामने आई। हाल ही में दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े व आलाकमान राहुल गांधी, कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल, प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा की उपस्थिति में प्रदेश सरकार व संगठन से जुड़े वरिष्ठ नेताओं की महत्वपूर्ण बैठक आगामी चुनाव की रूपरेखा तय करने के लिए आहूत की गई। इस बैठक में प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, विधानसभा अध्यक्ष चरणदास महंत, स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव सहित मंत्री मोहम्मद अकबर, ताम्रध्वज साहू, शिव डहरिया, कवासी लखमा, जयसिंह अग्रवाल के अतिरिक्त विजय जांगिड़, सप्तगिरि शंकर उल्का, चंदन यादव उपस्थित थे। इस मैराथन बैठक का जो परिणाम देर रात को आया वह अंत भला तो सब भला की तरह सत्ता, संगठन और पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से लेकर सभी को खुश करने जैसा था। बैठक में उद्घोषणा की गई कि प्रदेश के प्रथम डिप्टी सीएम (उपमुख्यमंत्री) पद पर टी एस सिंहदेव की नियुक्ति की जाती है। आगामी विधानसभा चुनाव में सामूहिक नेतृत्व आपसी मनमुटाव और सरकार तथा संगठन से लेकर वरिष्ठ मंत्रियों के बीच बढ़ती दूरियों को कम करने की दिशा में प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा के मार्गदर्शन में निश्चय ही यह सराहनीय कदम है। उनके इस निर्णय और आलाकमान की स्वीकृति देर आए दुरुस्त आए की तरह है। इसीलिए अपनी त्वरित टिप्पणी में हमारे इस आलेख का शीर्षक सच के करीब पहुंचती कांग्रेस है। रात गई बात गई की तर्ज पर सरकार से लेकर संगठन के लोगों ने’ दिल मिले या ना मिले हाथ मिलाये रहिए’ के साथ सामूहिक नेतृत्व में मतभेद भुलाकर आगामी विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी सहित सभी विपक्षियों के साथ इस कड़े मुकाबले में बहुमत से दूसरी बार सरकार बनाने का संकल्प लिया। जहां तक टीएस सिंह देव को लंबी प्रतीक्षा के बाद उपमुख्यमंत्री पद पर नवाजे जाने की बात है इसको लेकर मिश्रित प्रतिक्रिया सरगुजा संभाग से लेकर पूरे प्रदेश से आ रही है। सिंहदेव जी के लिए सरकार संगठन और पार्टी आलाकमान के इस आदेश को अनुशासित कांग्रेसी कार्यकर्ता की तरह स्वीकार कर लेने से निश्चय ही उनका कद बढ़ा है। वैसे उनके अधिकांश प्रशंसक और शुभचिंतक इतने विलंब से आलाकमान द्वारा लिए गए निर्णय को चुनावी लॉलीपॉप की संज्ञा देते हुए भी सुने जा रहे हैं। इधर समर्थकों का यह भी मानना है कि संभव है सभी तरह की सूचना मिलने के बाद आलाकमान को लगा कि सिंहदेव साहब की अनदेखी कर चुनाव जीतना आसान नहीं होगा।

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