तवांग – SAMACHARPACHEESA.COM https://samacharpacheesa.com Mon, 19 Dec 2022 08:41:14 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.3 राहुल गांधी पर हमलावर हुए अनुराग ठाकुर, कहा- तवांग पर हमसे सवाल करने से पहले उन्हें जवाब देना चाहिए https://samacharpacheesa.com/?p=5302 Mon, 19 Dec 2022 08:41:14 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=5302 नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि 2014 के बाद पूर्वोत्तर में शांति का दौर शुरू हुआ। उग्रवादी हिंसा में 80 फीसदी कमी, नागरिक मौतों में 89 फीसदी की कमी और 2014 के बाद 6000 उग्रवादियों ने आत्मसमर्पण किया। वामपंथी उग्रवाद में 265 फीसदी की कमी आई। उन्होंने पाकिस्तान पर परोक्ष हमला करते हुए कहा कि जहां भारत दुनिया को आतंकवाद के खिलाफ एकजुट कर रहा है, वहीं हमारे कुछ पड़ोसी देश आतंकवाद का समर्थन कर रहे हैं और जोर-शोर से इसके पक्ष में बोल रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इनका असली चेहरा सामने आ गया है।
अनुराग ठाकुर ने आगे कहा कि मोदी सरकार ने सामाजिक कल्याण के बहाने कट्टरपंथ को बढ़ावा देने वाले एक संगठन (पीएफआई) पर प्रतिबंध लगाने में संकोच नहीं किया, हमने संगठन के खिलाफ गहन जांच की और उसके सदस्यों को गिरफ्तार किया। कट्टरपंथी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। ठाकुर ने राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए कहा कि तवांग पर हमसे सवाल करने से पहले राहुल गांधी को जवाब देना चाहिए, क्या वह चीनी अधिकारियों के साथ थे, जबकि भारतीय सेना डोकलाम मुद्दे पर चीन के सैनिकों से लड़ रही थी?
ठाकुर ने आगे कहा कि क्या उन्होंने उस समय हमारी सेना पर सवाल उठाया था? क्या राजीव गांधी फाउंडेशन ने चीनी अधिकारियों से ली थी फंडिंग? उन्होंने ये भी कहा कि मोदी सरकार द्वारा अपनाया गया दृष्टिकोण आतंक के प्रति जीरो टॉलरेंस है। निर्णायक कार्रवाई ने हमें निश्चित परिणाम दिए हैं। यदि आप सर्जिकल स्ट्राइक और बालाकोट स्ट्राइक को देखें और आतंकवादियों के खिलाफ स्ट्राइक के बाद 2014 से जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद में 168 फीसदी की कमी आई है। अगर आप टेरर फंडिंग में कन्विक्शन रेट देखें तो यह 94 फीसदी है।
अनुराग ठाकुर ने कहा कि यह सिर्फ अपनाई गई नीतियों और बनाए गए नए कानूनों और भारत में आयोजित अन्य अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलनों के कारण है। बिलावल भुट्टो का बयान और पाक मंत्री की धमकी आतंकवाद पर भारत के सख्त कार्रवाइयों और जांच के दबाव को दिखाती है। पाकिस्तान को आतंकवाद और टेरर फंडिंग को समर्थन देना बंद करना चाहिए नहीं तो उसे खुद ही इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।

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तवांग झड़प पर राज्यसभा से विपक्ष का वॉकआउट, कहा- चीन ने किया भारतीय जमीन पर कब्जा, चर्चा की मांग https://samacharpacheesa.com/?p=5299 Mon, 19 Dec 2022 08:33:44 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=5299 नईदिल्ली। तवांग में भारत और चीनी सैनिकों के बीच झड़प को लेकर विपक्ष सड़क से लेकर संसद तक सरकार हमलावर है. अरुणाचल प्रदेश के तवांग में चीनी अतिक्रमण और वास्तविक नियंत्रण रेखा पर वस्तुस्थिति के बारे में कार्यस्थगन नोटिस के जरिए चर्चा कराने की मांग को लेकर विपक्ष ने राज्यसभा से वॉकआउट किया.
चीनी झड़प पर चर्चा को आसन ने किया खारिज, विपक्ष का हंगामा
विपक्ष की ओर से राज्यसभा में लगातार भारत-चीनी सैनिकों के बीच झड़प और भारतीय जमीन पर कब्जा को लेकर चर्चा की मांग होती रही. हालांकि विपक्ष की मांग आसन द्वारा खारिज कर दिया गया. जिसके बाद विपक्षी दल के सदस्य विरोध करते हुए सदन से बाहर चले गये. कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, चीन हमारी जमीन पर कब्जा कर रहा है. इस मुद्दे पर हम चर्चा नहीं करेंगे तो और क्या चर्चा करेंगे? हम सदन में इस मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार हैं.
सभापति जगदीप धनखड़ ने विपक्ष की मांग को नियम के अनुरूप नहीं बताया
सुबह उच्च सदन की कार्यवाही शुरू होने पर सभापति जगदीप धनखड़ ने आवश्यक दस्तावेज सदन के पटल पर रखवाए. उन्होंने कहा कि नौ सदस्यों ने विभिन्न मुद्दों पर चर्चा के लिए नियम 267 के तहत नोटिस दिए हैं. उन्होंने कहा कि इनमें से कोई भी नोटिस नियमों के अनुरूप नहीं है. धनखड़ ने कहा कि उन्होंने आठ दिसंबर को सदस्यों से कहा था कि कामकाज के निलंबन के लिए वह अपने नोटिस में आवश्यक नियम का उल्लेख करें लेकिन किसी भी नोटिस में नियम का कोई उल्लेख नहीं है. उन्होंने कहा कि इसके बावजूद 13, 15 और 16 दिसंबर को इसी प्रकार के नोटिस के जरिए कार्यस्थगन के तहत चर्चा कराने की मांग को लेकर हंगामा किया गया जिससे करदाताओं के पैसे और सदन के कीमती समय की बर्बादी हुई.
समाजवादी पार्टी के जावेद अली खान ने व्यवस्था पर उठाया सवाल
समाजवादी पार्टी के जावेद अली खान ने व्यवस्था का प्रश्न उठाते हुए कहा कि पिछले सत्र में उनके द्वारा पूछे गए 10 प्रश्न हटा दिए गए और इस बार भी बगैर किसी कारण के तीन प्रश्न हटाए गए हैं. उन्होंने सभापति से इस मामले में संरक्षण का अनुरोध किया.

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भारत-चीन झड़प को लेकर मोदी सरकार पर फिर हमलावर हुए खडग़े https://samacharpacheesa.com/?p=5248 Thu, 15 Dec 2022 08:34:09 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=5248 नई दिल्ली। अरुणाचल प्रदेश के तवांग में चीन के अतिक्रमण को लेकर जारी राजनीतिक विवाद अभी भी जारी है। इस बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े ने गुरुवार को मोदी सरकार पर एक बार फिर हमला बोला। खडग़े ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के उपहास का अनुसरण करते हुए कहा, ऐसा लगता है कि मोदी सरकार की लाल आंख चीनी चश्मे से ढकी हुई है…क्या हम संसद में चीन के खिलाफ नहीं बोल सकते?
भारत-चीन सीमा मुद्दे पर सरकार पर बहस को रोकने का आरोप लगाने के बाद बुधवार को कांग्रेस और अन्य दलों ने संसद से बहिर्गमन किया। सोनिया गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस और तृणमूल के सांसद लोकसभा से बाहर चले गए और उन दो और जनता दल (यूनाइटेड), तेलुगु देशम पार्टी और उद्धव ठाकरे की शिवसेना सहित 17 राज्यसभा से बाहर चले गए।
बताते चलें कि 9 दिसंबर को तवांग सेक्टर में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच झड़प हुई थी। इसपर के केंद्र सरकार ने कहा था कि भारत ने दृढ़ तरीके से जवाब दिया और चीन को पीछे हटने को मजबूर किया। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि जून 2020 में गालवान के विपरीत कोई घातक घटना नहीं हुई और भारतीय सैनिकों को कोई गंभीर चोट नहीं आई।

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भारतीय सीमा की रक्षा की जिम्मेदारी https://samacharpacheesa.com/?p=5230 Thu, 15 Dec 2022 06:26:07 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=5230 9 दिसम्बर की रात चीनी सैनिकों ने भारत के अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर की सीमा को पार कर भारत की सीमा में घुस आए। वैसे तो इस बात की जानकारी अगर सेना किसी को नहीं देती तो शायद किसी को पता ही नहीं चलता। लेकिन यह एक महत्वपूर्ण घटना थी इसलिए सेना ने इस संबंध में एक बयान जारी कर वस्तुस्थिति की जानकारी दी। जानकारी के अनुसार लगभग 200 चीनी सैनिक लाठी और कुछ नुकीले हथियारों के साथ भारतीय सेना में घुस आए थे। यह घुसपैठ अरुणाचल प्रदेश की सीमा पर 1700 हजार फुट ऊंची चोटी पर पहुंचने के लिए किया था। यह चोटी सामरिक दृष्टि से भारत और चीन के लिए महत्वपूर्ण है। यह घटना लगभग उसी तरह की जिस प्रकार 1999 में पाकिस्तान ने चोरी छिपे कारगिल की पहाडिय़ों पर घुसपैठ कर कब्जा कर लिया था। अच्छी बात यह रही कि आधी रात को भारतीय सैनिकों को इस घुसपैठ की खबर मिल गयी और उन्होंने मुंहतोड़ जवाब देते हुए चीनी सैनिकों को खदेड़ दिया। इस बात के लिए भारतीय सैनिकों की पीठ थपथपाई जाना चाहिए थी। लेकिन देश में जिस तरह के बयान आ रहे है या मीडिया में जिस तरह की रिपोर्टिंग हो रही है उससे लगता है कि देश के जिम्मेदार लोगों को अपनी सेना पर भरोसा नहीं रहा। संसद का शीतकालीन सत्र चल रहा है। स्वाभाविक है चीन जैसे महत्वपूर्ण पड़ोसी देश की सीमा पर सेना के जवान आपस में भिड़ गए तो इस संबंध में सरकार को स्पष्टीकरण देना चाहिए। यह संसदीय परिपाटी भी है और इसके तहत रक्षामंत्री को संसद में अपना बयान देना था। लेकिन विपक्ष सरकार पर इस तरह आक्रमण कर बैठी मानो भारत अपनी सीमा की रक्षा करने में फेल हो गया। प्रश्नकाल तक चलने नहीं दिया गया। कई बार समझ में नहीं आता कि भारत राष्ट्र की रक्षा करने की जिम्मेदारी क्या केवल केंद्र में शासन करने वाली सरकार की है या केवल सेना की या सभी नागरिकों की? यह समझ से परे है कि राष्ट्रहित के विषयों पर खासकर जिसमें सेना का कोई पक्ष हो और उसकी सफलता की कोई घटना हो उस पर विपक्ष सवाल क्यों उठाता है? बेहतर होता कि संसद में सरकार के साथ विपक्ष बैठकर चर्चा करती और चीनी सैनिकों की इस कार्यवाही की एक स्वर में निंदा करती। देश पर कोई संकट हो तो पूरे देश को एक हो जाना चाहिए। कई बार राजनीति में विरोधी का विरोध करते-करते देश का विरोध करने लगते है। ऐसा पहली बार नहीं हुआ है डोकलाम हो, गलवान हो या सर्जिकल स्ट्राइक। सेना को कटघरे में खड़े करना एक विपक्ष की आदत बनती जा रही है।

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कांग्रेस ने तवांग की झड़प पर लोकसभा में चर्चा की मांग की https://samacharpacheesa.com/?p=5211 Wed, 14 Dec 2022 08:22:44 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=5211 नयी दिल्ली। लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने अरुणाचल प्रदेश में भारत और चीन के सैनिकों के बीच झड़प के मुद्दे पर बुधवार को सदन में चर्चा की मांग की। उन्होंने शून्यकाल के दौरान इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि सदन में चर्चा होनी चाहिए। चौधरी ने कहा, ‘‘1962 में युद्ध के समय संसद में चर्चा हुई थी। तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू जी ने 165 सांसदों को बोलने का मौका दिया था। हम चाहते हैं कि (तवांग में झड़प पर) यहां चर्चा हो।’’ इसके बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि इस विषय पर कार्य मंत्रणा समिति (बीएसी) की बैठक में फैसला होगा।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को लोकसभा को बताया था कि चीन के सैनिकों ने नौ दिसंबर को तवांग सेक्टर में यांग्त्से क्षेत्र में यथास्थिति बदलने का एकतरफा प्रयास किया जिसका भारत के जवानों ने दृढ़ता से जवाब दिया और उन्हें लौटने के लिए मजबूर किया। रक्षा मंत्री ने यह भी सूचना दी थी कि इस झड़प में किसी भी सैनिक की मृत्यु नहीं हुई है और न ही कोई गंभीर रूप से घायल हुआ है। उन्होंने कहा था कि इस मुद्दे को चीनी पक्ष के साथ कूटनीतिक स्तर पर भी उठाया गया है और इस तरह की कार्रवाई के लिये मना किया गया है।
उल्लेखनीय है कि भारतीय सेना ने सोमवार को बताया था कि भारतीय और चीनी सैनिकों की तवांग सेक्टर में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के निकट एक स्थान पर नौ दिसंबर को झड़प हुई, जिसमें ‘‘दोनों पक्षों के कुछ जवान मामूली रूप से घायल हो गए।’’ पूर्वी लद्दाख में दोनों पक्षों के बीच 30 महीने से अधिक समय से जारी सीमा गतिरोध के बीच गत शुक्रवार को इस संवेदनशील सेक्टर (तवांग) में एलएसी पर यांग्त्से के पास झड़प हुई।

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तवांग में हुई झड़प को लेकर विपक्ष ने केंद्र सरकार से मांगा स्पष्टीकरण, सदन से किया वॉकआउट https://samacharpacheesa.com/?p=5181 Tue, 13 Dec 2022 09:15:11 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=5181 नई दिल्ली। अरुणाचल प्रदेश के तवांग क्षेत्र में हुई भारत-चीन की झड़प को लेकर विपक्ष ने मंगलवार को केंद्र सरकार से स्पष्टीकरण मांगा है। इस मुद्दे को लेकर विपक्ष ने सदन से वॉक आउट भी किया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े ने कहा, हमें सदन के नेता और राज्यसभा के उपसभापति ने कहा कि हमें स्पष्टीकरण का एक मौका दिया जाएगा लेकिन उन्होंने नहीं दिया और हमारी बात सुनने को तैयार नहीं थे। यह देश के लिए अच्छा नहीं है।
राज्यसभा में विपक्ष के नेता ने कहा, जब उन्होंने हमें स्पष्टीकरण नहीं दिया तो विपक्षी दलों के सभी नेताओं ने वॉकआउट करने का फैसला किया। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, हम अपने देश की एकता और अखंडता के लिए एक साथ खड़े हैं, हम अपने सैनिकों के साथ हैं। खडग़े ने कहा, उन्होंने (रक्षा मंत्री) अपना बयान पढ़ा और बाहर चले गए। वह किसी स्पष्टीकरण या चर्चा के लिए तैयार नहीं थे। इसका (राजीव गांधी फाउंडेशन एफसीआरए लाइसेंस रद्द करने का मुद्दा) कोई संबंध नहीं है।
वहीं इस मुद्दे पर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलमीन (एआईएमआईएम) पार्टी के अध्यक्ष और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने सीधे प्रधानमंत्री मोदी पर सवाल किया। उन्होंने कहा, पीएम राजनीतिक नेतृत्व दिखाने में नाकाम रहे हैं। झड़प 9 दिसंबर को हुई थी और आप आज बयान दे रहे हैं। अगर मीडिया ने रिपोर्ट नहीं की होती, तो आप नहीं बोलते। सभी पक्षों को संघर्ष स्थल पर ले जाएं। एआईएमआईएम प्रमुख ने कहा, पीएम चीन का नाम लेने से डर रहे हैं, उनकी सरकार चीन के बारे में बोलने से डर रही है।
इससे पहले तवांग क्षेत्र में हुए भारतीय सेना और पीएलए के बीच झड़प को लेकर केंद्र सरकार की तरफ से केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने जवाब दिया। उन्होंने कहा कि अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर में भारतीय सैनिकों के साथ आमना-सामना के दौरान चीन द्वारा भारत की एक इंच जमीन पर भी कब्जा नहीं किया गया है। भारतीय सैनिकों ने झड़प के दौरान अपार बहादुरी दिखाई और कुछ ही देर में चीनी सैनिकों को मुंहतोड़ जवाब दिया।

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