त्रिपुरा – SAMACHARPACHEESA.COM https://samacharpacheesa.com Fri, 03 Mar 2023 06:32:37 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.3 भाजपा की छोटी जीत का बड़ा संदेश https://samacharpacheesa.com/?p=6529 Fri, 03 Mar 2023 06:32:37 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=6529 पूर्वोत्तर के 3 राज्यों त्रिपुरा, नगालैंड और मेघालय के विधानसभा चुनाव के परिणाम लगभग साफ़ हो गए हैं। चुनाव परिणाम वैसे ही आए हैं जैसी उम्मीद थी। त्रिपुरा और नगालैंड में भाजपा की वापसी तय हो गई है। मेघालय में मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा की एनपीपी सबसे बड़ी पार्टी बन गई है। त्रिपुरा में शाही वंशज प्रद्योत देवबर्मा के नेतृत्व में टिपरा मोथा ने बेहतर प्रदर्शन किया है। टिपरा मोथा 13 सीटें जीतने में सफल रही। टिपरा मोथा ने त्रिपुरा में भाजपा के सहयोगी दल को भारी नुकसान पहुंचाया लेकिन भाजपा को सत्ता में आने से नहीं रोक पाई। तीनों राज्यों के मुख्यमंत्री अपनी सीटों पर जीत गए है। त्रिपुरा में माणिक साहा ने पश्चिम त्रिपुरा की नगर बरदोवाली, मेघालय में कॉनराड संगमा ने वेस्ट गारो हिल्स की दक्षिण तुरा (एसटी) सीट से और नगालैंड में नेफ्यू रियो को कोहिमा की नॉर्दन अंगामी एसटी सीट पर जीत मिली। इस चुनाव की एक महत्वपूर्ण बात यह भी है कि नागालैंड में पहली बार कोई महिला चुनाव जीती है। हेकानी जाखालू दीमापुर सीट जीतकर नगालैंड की पहली महिला विधायक बन गई हैं। 1963 में नगालैंड राज्य बना, तब से अब तक कोई महिला विधानसभा चुनाव नहीं जीती थी। नार्थ ईस्ट के राज्यों में मोदी और शाह के उदय के बाद भाजपा ने जिस तरह से पसीना बहाया है वह बताता है कि मोदी और शाह के लिए कोई भी राज्य छोटा नहीं है। मोदी और शाह जैसे रणनीतिकार छोटे राज्यों से भी बड़ा फायदा निकालने में माहिर है। यही कारण है कि हर चुनाव को जीवन मरण का प्रश्न मानने वाली भाजपा ने इन तीनों राज्यों में पूरी पार्टी उतार कर ताकत से चुनाव लड़ा। भाजपा यह संदेश देना चाहती थी कि वह सिर्फ हिंदीभाषी राज्यों की पार्टी नहीं है। देशभर में उसके कार्यकर्ता हैं। लंबे समय से जिन राज्यों में वामदलों और कांग्रेस की सरकार थी, वहां अपनी लगातार दूसरी बार सरकार बनाना इसी बात की ओर इशारा करता है। भाजपा ने यह साफ कर दिया है कि विपक्ष उसे सिर्फ हिंदू बाहुल्य वाले क्षेत्र की पार्टी समझने की भूल न करें। क्रिश्चियन बाहुल्य नार्थ ईस्ट के इन राज्यों में भाजपा की जीत का यही संकेत है। फरवरी महीने में ही प्रधानमंत्री ने तीन बार इन राज्यों का दौरा किया था। गृहमंत्री अमित शाह, और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा समेत कई बड़े नेता लगातार यहां जाते रहे हैं। प्रधानमंत्री 2017 के बाद से 47 बार नार्थ-ईस्ट जा चुके हैं। चुनाव से पहले उन्होंने त्रिपुरा, नगालैंड और मेघालय में 3 बड़ी रैलियां कीं। नार्थ-ईस्ट के 8 राज्यों में हर 15 दिन में कोई न कोई केंद्रीय मंत्री जरूर पहुंचता है।
अरुणाचल प्रदेश में 2003 के एक अपवाद को छोड़ दें, तो 2016 तक नार्थ ईस्ट के किसी राज्य में भाजपा सत्ता में नहीं रही। 2003 में कुछ महीनों के लिए गेगोंग अपांग भाजपा में शामिल हो गए थे। तब वे अरुणाचल के मुख्यमंत्री थे।
इससे उलट आज यहां के 8 में से 6 राज्यों में भाजपा सत्ता में है। असम, त्रिपुरा, अरुणाचल और मणिपुर में भाजपा के मुख्यमंत्री हैं। नगालैंड और मेघालय में भाजपा सत्ताधारी गठबंधन में शामिल हैं। मिजोरम और सिक्किम में तनाव है, लेकिन इन दोनों राज्यों में सरकार चला रहीं पार्टियां भाजपा की अगुआई वाले नार्थ ईस्ट डेमोक्रेटिक अलायंस में शामिल हैं। पिछले दो लोकसभा चुनावों के नतीजों से भी जाहिर है कि नार्थ ईस्ट में एक केंद्रीय राजनीतिक शक्ति के रूप में भाजपा ने कांग्रेस और वाम दलों को अप्रासंगिक बनाकर उनकी जगह ले ली है। 2014 में भाजपा को नार्थ ईस्ट की 32त्न सीटों पर कामयाबी मिली थी। 2019 में यह आंकड़ा 56त्न हो गया। एक बात गौर करने लायक़ है कि नार्थ ईस्ट के 8 राज्यों में कुल 25 लोकसभा सीटें हैं। भाजपा के पास इनमें से 14 सीटें हैं। अगले साल लोकसभा के चुनाव होने हैं। अगर हिंदी भाषी राज्यों में भाजपा की कुछ सीटें कम होती हैं, तो वह इन राज्यों में ज्यादा से ज्यादा सीटें जीतकर उसकी भरपाई करना चाहेगी। राज्यसभा में भी नार्थ ईस्ट के इन राज्यों से 14 सीटें हैं। इनमें से 8 भाजपा के पास हैं। विधानसभा चुनाव में भाजपा का बेहतर प्रदर्शन भी उसे राज्यसभा में मज़बूती देगा।

 

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त्रिपुरा में जरूरी है डबल इंजन की सरकार : माणिक साहा https://samacharpacheesa.com/?p=6254 Mon, 13 Feb 2023 07:19:57 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=6254 अगरतला। त्रिपुरा विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार अपने आखिरी चरण में है। सत्तारूढ़ भाजपा के अलावा विपक्षी दल भी लगातार चुनाव प्रचार में अपना दम दिखाने की कोशिश कर रहे हैं। दोबारा सत्ता में वापसी के लिए भाजपा पूरी मेहनत भी कर रही है। इन सब के बीच त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने न्बातचीत में बताया है कि आखिर राज्य में डबल इंजन की सरकार की जरूरत क्यों है। अपने बयान में माणिक साहा ने कहा कि अगर एक ही पार्टी की सरकार होती है तो कुछ भी चीज़ मांगने में आसानी हो जाती है।
इसके साथ ही साहा ने कहा कि मैंने पहले भी देखा था कि केंद्रीय मंत्रियों से मिलने में बहुत मुश्किल होती थी। अगर एक ही सरकार होगी तो समय भी तुरंत मिल जाता है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि ऐसा पहले कभी नहीं था और जनता इसको समझती भी है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि कम्युनिस्ट (सरकार) को लोकतांत्रिक तरीके से हटाना भारत के इतिहास में ऐसा शायद पहली बार हुआ है। इस वजह से भी त्रिपुरा जरूरी है। इतने लोगों को अपने जीवन का बलिदान देना पड़ा और ऐसा फिर से न हो इसलिए हमारे पार्टी के नेता भी चिंतित रहते हैं।
ग्रेटर टिपरालैंड को लेकर पूछे गए सवाल पर भी उन्होंने बड़ी बात कही है। त्रिपुरा के ष्टरू ने कहा कि मैंने बार-बार कहा कि ग्रेटर टिपरालैंड की सीमा कहां है? कभी बोलते हैं कि यह बांग्लादेश में है, कभी बोलते हैं कि असम, मिज़ोरम में कुछ हिस्सा है। अगर हम इसपर बात करना चाहते हैं तो कहा जाता है कि यह भाषाई और सांस्कृतिक पर है। वे ठीक से इसको परिभाषित नहीं कर पा रहे हैं। विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि यह लोग (कांग्रेस, वाम दल) पारंपरिक राजनीति कर रहे हैं लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरी राजनीति ही बदल दी है। किन लोगों के साथ रहने से कितने मतदान मिलेंगे यह लोग उसी में लगे हैं, लेकिन क्चछ्वक्क सबके लिए काम करती है।

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सत्ता में आने पर वाम-कांग्रेस सरकार त्रिपुरा में पुरानी पेंशन योजना लागू करेगी : करात https://samacharpacheesa.com/?p=6251 Mon, 13 Feb 2023 07:10:32 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=6251 अगरतला। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के वरिष्ठ नेता प्रकाश करात ने कहा है कि त्रिपुरा में सत्ता में आने पर वाम-कांग्रेस गठबंधन सरकार सबसे पहले पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने के बारे में फैसला करेगी। पश्चिम त्रिपुरा जिले के खयेरपुर में रविवार को एक रैली को संबोधित करते हुये करात ने कहा, ”त्रिपुरा में जब तक वाम मोर्चा की सरकार सत्ता में थी, प्रदेश में नयी पेंशन योजना लागू नहीं की गयी। उन्होंने कहा, ”यह भाजपा ही थी, जिसने 2018 में सत्ता में आने पर राज्य में नयी पेंशन योजना को लागू किया। माकपा पोलित ब्यूरो के सदस्य ने कहा कि सत्ता में आने के बाद पुरानी पेंशन योजना बहाल करने के बारे में वाम-कांग्रेस गठबंधन सरकार पहला फैसला लेगी।
उन्होंने कहा, ”हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की जीत हुयी और उसने जैसा वादा किया था, राज्य में कर्मचारियों के लिये पुरानी पेंशन योजना को दोबारा बहाल कर दिया। त्रिपुरा में अगर वाम-कांग्रेस गठबंधन की अगली सरकार बनती है तो यहां भी ऐसा ही किया जाएगा। वाम मोर्चा और कांग्रेस ने त्रिपुरा में राज्य सरकार के 1.88 लाख कर्मचारियों को अपनी तरफ आकर्षित करने के लिये पुरानी पेंशन योजना को फिर से बहाल करने का वादा किया है। करात ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी पूर्वोत्तर राज्य में विफल रही है।
उन्होंने कहा, ”प्रदेश में कानून व्यवस्था बेहद खराब हो गयी है, जनवरी 2020 और दिसंबर 2022 के बीच बलात्कार के 707 मामले सामने आये हैं। महिलाओं के खिलाफ अपराध में राज्य का नाम बेहद खराब है। माकपा नेता ने आरोप लगाया कि चुनाव जीतने के लिये भाजपा बड़े पैमाने पर धन खर्च कर रही है। उन्होंने कहा, ”भाजपा जिस तरह से पैसा खर्च कर रही है, उससे लोगों को सतर्क रहना चाहिए। हमें राज्य में लोकतंत्र को धूमिल करने की चाल को नाकाम करना चाहिए।

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पहले त्रिपुरा में एक ही शब्द सुनने को मिलता था चंदा : मोदी https://samacharpacheesa.com/?p=6237 Sat, 11 Feb 2023 08:56:17 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=6237 अगरतला। शनिवार को त्रिपुरा की एक जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने विपक्ष पर जमकर हमला बोला है। इस दौरान उन्होंने कहा है कि राज्य को भाजपा की सरकार में हिंसा और चंदे से मुक्ति मिली है। उनके अनुसार, त्रिपुरा में पहले एक ही पार्टी का झंडा फहराया जाता था, लेकिन उनकी सरकार के आने के बाद यह बदला है।
यही नहीं उन्होंने यह भी कहा है कि राज्य में पिछले पांच साल में तेजी से विकास हुआ है और आने वाले समय में भाजपा की यहां सरकार बनेगी। आपको बता दें कि इस जनसभा में मुख्यमंत्री माणिक साहा भी शामिल थे जिन्होंने ने भी कांग्रेस और सीपीएम पर जमकर निशाना साधा है।
दरअसल, त्रिपुरा के अमबासा में बीजेपी की एक विजय संकल्प रैली का आज आयोजन हुआ है। इस रैली को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा है कि त्रिपुरा चुनाव की यह उनकी पहली रैली है और जिस तरीके से लोगों ने इस रैली में हिस्सा लिया है, उससे यह लगता है कि आने वाले समय में यहां भाजपा की डबल इंजन वाली सरकार बनेगी।
ऐसे में रैली को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, पहले त्रिपुरा में एक ही शब्द सुनने को मिलता था चंदा। इन्होंने तीन दशक तक चंदे के नाम पर लोगों को लूटने का लाइसेंस देकर रखा था। हमने त्रिपुरा के लोगों को चंदा-चंदा करने वालों से मुक्त कर दिया है।

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भाजपा के खिलाफ ‘‘वोटों की सुनामी’’ आएगी, लोग हिंसा से परेशान: कांग्रेस https://samacharpacheesa.com/?p=6202 Fri, 10 Feb 2023 07:56:28 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=6202 अगरतला। त्रिपुरा में विधानसभा चुनाव लड़ रहे कांग्रेस-वाम गठबंधन का मानना है कि सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खिलाफ ‘‘वोटों की सुनामी’’ आएगी क्योंकि लोग सीमावर्ती राज्य में पांच साल से जारी ‘‘राजनीतिक हिंसा’’ से ‘‘निराश’’ हैं। कांग्रेस की त्रिपुरा इकाई के नेता सुदीप राय बर्मन ने ‘पीटीआई-भाषा’ को दिए वीडियो साक्षात्कार में कहा कि गठबंधन प्रस्तावित ‘ग्रेटर टिपरालैंड’ राज्य की मांग का समर्थन नहीं करता। उन्होंने कहा कि उनको लगता है कि चुनाव के बाद के परिदृश्य में टिपरा मोथा का एक ‘‘व्यावहारिक दृष्टिकोण’’ होगा। उन्होंने कहा, ‘‘ भाजपा के खिलाफ वोटों की सुनामी आएगी। लोग निरंतर हिंसा से तंग आ चुके हैं, जिसकी आड़ में सत्ताधारी पार्टी द्वारा किए गए कोई भी विकास कार्य नजर नहीं आते।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ भाजपा सरकार ने हमें जंगलराज की तरह पेश किया, विपक्ष की आवाज का गला घोंटा,कानून का कोई शासन नहीं है… मेरी भविष्यवाणी है कि कांग्रेस-वाम गठबंधन चुनाव में जीत हासिल करेगा।’’ पांच बार के विधायक एवं राज्य के एक लोकप्रिय पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे बर्मन 2016 में छह कांग्रेस विधायकों के साथ तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए थे। हालांकि ममत बनर्जी नीत पार्टी के राज्य पर अधिक ध्यान न देने का हवाला देते हुए वह एक साल बाद ही भाजपा में शामिल हो गए। ऐसा माना जाता है कि उनके समर्थकों के साथ उनके दलबदल ने 2018 विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। राय राज्य में भाजपा नीत सरकार में स्वास्थ्य मंत्री भी रह चुके हैं। पिछले साल फरवरी में वह कांग्रेस में शामिल हो गए थे।
उन्होंने कहा, ‘‘ हमारा मानना है कि इतनी अधिक संख्या में वोट हमारे पक्ष में पड़ेंगे कि अगर चुनाव में धांधली की कोशिश भी की जाए, तो भी कोई फायदा नहीं होगा। यहां तक कि अगर वे (भाजपा) किसी पार्टी (के विधायकों को) को तोड़ने में कामयाब भी हो जाते हैं, तो भी कोई फायदा नहीं होगा क्योंकि उनके पास संख्याबल होने की संभावना नहीं है… खरीद-फरोख्त यहां मुश्किल होगी, यहां के लोग राजनीतिक रूप से बहुत जागरूक हैं। ’’ त्रिपुरा के पूर्व शाही परिवार के वारिस द्वारा एक साल पहले शुरू की गई टिपरा मोथा पार्टी की ‘ग्रेटर टिपरालैंड’ की मांग पर बर्मन ने कहा, ‘‘ यह एक व्यावहारिक मांग नहीं है क्योंकि त्रिपुरा की सीमा तीन ओर से बांग्लादेश से लगती हैं, हम इस मांग का समर्थन नहीं करते हैं।’’ प्रस्तावित ‘ग्रेटर टिपरालैंड’ राज्य में विभिन्न राज्यों के हिस्से और यहां तक कि बांग्लादेश का एक हिस्सा भी शामिल है।
बर्मन ने कहा कि स्वदेशी समुदाय के नेतृत्व को मांग करने का अधिकार है, हालांकि आदिवासी क्षेत्रों में अधिक विकास की मांग पूरी करने के कई तरीके हैं। उन्होंने कहा, ‘‘ हमारे स्वदेशी लोगों में उन क्षेत्रों में विकास की रफ्तार को लेकर नाराजगी है जहां वे रहते हैं … हमें लगता है कि संवैधानिक परिवर्तनों की जरूरत है।’’ बर्मन ने कहा कि संसद में लंबित 125वें संशोधन विधेयक के पारित होने से इस दिशा में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा, ‘‘ इसके पारित होने का मतलब त्रिपुरा जनजातीय क्षेत्र स्वायत्त जिला परिषद (टीटीएएडीसी) को अधिक धन मिलेगा, त्रि-स्तरीय पंचायत प्रणाली, अधिक कार्यकारी शक्तियां सुनिश्चित होंगी और हम उन उपायों का समर्थन करने के लिए तैयार हैं।’’ राय प्रतिष्ठित अगरतला निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे हैं। त्रिपुरा की 60 सदस्यीय विधानसभा के लिए 16 फरवरी को मतदान होगा और मतगणना दो मार्च को होगी। राज्य में कांग्रेस और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने मिलकर विधानसभा चुनाव लड़ने का फैसला किया है।

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त्रिपुरा विधानसभा चुनाव: शाह और ममता आज रहेंगे राज्य के दौरे पर https://samacharpacheesa.com/?p=6114 Mon, 06 Feb 2023 07:11:07 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=6114 अगरतला। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह दो चुनावी रैलियों को संबोधित करने के लिए आज यानी सोमवार को त्रिपुरा पहुंचेंगे और राज्य में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अभियान को गति देने के लिए एक रोड शो में शामिल होंगे। पार्टी के एक नेता ने यह जानकारी दी। त्रिपुरा की 60 सदस्यीय विधानसभा के लिए 16 फरवरी को मतदान होगा। मतगणना दो मार्च को होगी। उन्होंने कहा, ‘‘दौरे पर अमित शाह जी दक्षिण त्रिपुरा संतिरबाजार तथा खोवाई में ‘विजय संकल्प’ रैली को संबोधित करेंगे और अगरतला के बनामलीपुर निर्वाचन क्षेत्र में एक रोड शो में हिस्सा लेंगे।’’ पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को बताया कि केंद्रीय मंत्री के दौरे के मद्देनजर पूर्वोत्तर राज्य में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
शाह ने विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा के अभियान की शुरुआत करते हुए पिछले महीने त्रिपुरा में दो रथ यात्राओं में हिस्सा लिया था। तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख एवं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी सोमवार को राज्य में पहुंच रही हैं। उनका मंगलवार को एक रोड शो करने और एक जनसभा को संबोधित करने का कार्यक्रम है। तृणमूल के राज्य प्रभारी राजीब बनर्जी ने कहा, ‘‘ वह सोमवार शाम को पहुंचेंगी और उदयपुर में त्रिपुरेश्वरी मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगी। बनर्जी मंगलवार को अगरतला में रोड शो करेंगी और रवींद्र भवन में एक रैली को संबोधित करेंगी।’’ ममता बनर्जी के साथ पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी भी मौजूद रहेंगे।

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त्रिपुरा की रैली में गरजे असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा https://samacharpacheesa.com/?p=6087 Sat, 04 Feb 2023 07:45:27 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=6087 अगरतला। त्रिपुरा में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी के नेताओं की रैली लगातार जारी है। इसी क्रम में आज बनमालीपुर में जनसभा को संबोधित करने के लिए असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पहुंचे। यहां उन्होंने कांग्रेस के साथ-साथ मुगल शासकों पर भी खूब बरसे। उन्होंने कहा कि हमने संकल्प लिया था कि अगर हमारी सरकार सत्ता में आई तो राम जन्मभूमि पर राम मंदिर का निर्माण करेंगे। बाबर ने उस भूमि पर कब्जा कर लिया था जहां भगवान राम का जन्म हुआ था। आज हमने बाबर को हटा दिया और एक भव्य राम मंदिर का निर्माण शुरू किया।
राम मंदिर बनाने पर कोई  सांप्रदायिक विवाद नहीं हुआ
उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को लगता था कि राम मंदिर बनाएंगे तो सांप्रदायिक विवाद होगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ क्योंकि हिंदू-मुस्लिम भाईचारा बढ़ा है। लेकिन मोदी जी की तरफ देखिए, राम मंदिर भी बन रहा है और हिंदू-मुस्लिम के बीच सौहार्द भी नहीं बिगड़ा। राम मंदिर बनने के साथ-साथ देश तरक्की के रास्ते पर जा रहा है। 500 साल तक राम जन्मभूमि पर बाबर का कब्जा कर लिया था। आज हमने बाबर को हटाया और राम के भव्य मंदिर के निर्माण का काम शुरू किया।

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डबल इंजन सरकार ने बदली त्रिपुरा की तस्वीर और तकदीर : जेपी नड्डा https://samacharpacheesa.com/?p=6064 Fri, 03 Feb 2023 08:57:23 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=6064 अगरतला। त्रिपुरा में विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा ने पूरी तरह से कमर कस ली है। जीत के लिए भाजपा ने अपने वरिष्ठ नेताओं, केंद्रीय मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों को मैदान में उतारना शुरू कर दिया है। इसकी शुरुआत आज से हो गई है। भाजपा अध्यक्ष जेपी. नड्डा ने अगरतला में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि डबल इंजन की सरकार ने त्रिपुरा की तकदीर और तस्वीर को बदल दिया है। इस रैली में भारी संख्या में आपका जुटना ये संदेश दे रहा है कि त्रिपुरा विकास के पथ पर आगे बढ़ चुका है और अब ये नहीं रुकेगा। 9 साल पहले भारत कैसा था? घुटने टेकने वाला भारत था, फैसला नहीं लेने वाला भारत था, भ्रष्टाचारी देशों में शामिल था, आए दिन भ्रष्टाचार हुआ करते थे लेकिन पिछले 9 साल में ये आकांक्षाओं का भारत बन गया है। भारत अब दुनिया में खुद को स्थापित करते हुए मज़बूत राष्ट्र दिखता है।
जेपी नड्डा ने कहा कि यह अब पुराना त्रिपुरा नहीं रहा, आकांक्षाओं और उपलब्धियों से भरा ‘नया त्रिपुरा’ है। डबल इंजन की सरकार ने वाकई राज्य की तस्वीर बदल दी है। नरेंद्र मोदी जी नॉर्थ-ईस्ट के संरक्षक रहे हैं और वे हमेशा इस क्षेत्र के विकास के लिए चिंतित रहे हैं। भाजपा के राज में त्रिपुरा समृद्ध हुआ है; यात्रा जारी रहेगी और राज्य अब अधिक से अधिक समृद्धि को गले लगाएगा। केंद्रीय बजट 2023-24, भारत के विकास का खाका है ‘अमृत काल’ का पहला बजट; यह देश की अर्थव्यवस्था को वास्तव में समावेशी और सशक्त बनाने की आकांक्षाओं और ढांचे से भरा है। यह बजट महिला सशक्तिकरण के लिए, युवाओं को अवसर प्रदान करने के लिए, समाज के कमजोर वर्गों को मजबूत करने के लिए एक आधार प्रदान करता है; यह लोगों की जरूरतों का ख्याल रखने वाला बजट है, जिसमें ‘किसी को पीछे न छूटने’ की दिशा में आगे बढ़ाया गया है।

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त्रिपुरा में भाजपा की आज 30 से अधिक रैलियां, जेपी नड्डा भी शामिल होंगे https://samacharpacheesa.com/?p=6061 Fri, 03 Feb 2023 08:28:07 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=6061 अगरतला। त्रिपुरा में विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा ने पूरी तरह से कमर कस ली है। जीत के लिए भाजपा ने अपने वरिष्ठ नेताओं, केंद्रीय मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों को मैदान में उतारना शुरू कर दिया है। इसकी शुरुआत शुक्रवार से हो रही है। शुक्रवार को भाजपा करीब 31 जनसभाएं आयोजित करने जा रही है। शुक्रवार को दो रैलियों को भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा संबोधित करेंगे। इसके साथ ही आगामी दिनों में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी त्रिपुरा आएंगे।
भाजपा ने अपने पूर्व निर्धारित रणनीति के तहत चुनावी बिगुल फूंक दिया है। शुक्रवार को भाजपा 31 रैलियां करने जा रही है। शुक्रवार दोपहर को भाजपा अध्यक्ष अमरपुर और पबिआछारा में विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे। शुक्रवार को ही असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा तीन, वरिष्ठ भाजपा नेता मिथुन चक्रवर्ती तीन, केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी दो, प्रतिमा भौमिक दो, बंगाल भाजपा के वरिष्ठ नेता शुभेंदु दो, केंद्रीय मंत्री शांतनु ठाकुर दो, सांसद रेवती त्रिपुरा दो, वरिष्ठ भाजपा नेता समीर ओरांग दो, बंगाल से भाजपा सांसद लॉकेट चटर्जी तीन, त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री व राज्यसभा सांसद बिप्लव कुमार देव दो और बंगाल से भाजपा सांसद दीलिप घोष दो रैलियों को संबोधित करेंगे। इसके अलावा भी त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा और भाजपा प्रदेशाध्यक्ष राजीव भट्टाचार्य भी रैलियों को संबोधित करेंगे।
पूर्व मुख्यमंत्री देव ने कहा कि भाजपा अध्यक्ष की रैली में उनाकोटि जिले से भाजपा के सभी प्रत्याशी मंच पर मौजूद रहेंगे। जेपी नड्डा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार और राज्य सरकार के विकास कार्यों पर प्रकाश डालते हुए सभा को संबोधित करेंगे। उन्होंने कहा कि अगर सब कुछ सही रहा तो छह को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आ रहे हैं और साथ ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सात फरवरी को राज्य में आने की उम्मीद है।

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नागालैंड, त्रिपुरा और मेघालय में चुनावी तारीखों का ऐलान, 2 मार्च को आएंगे नतीजे https://samacharpacheesa.com/?p=5777 Wed, 18 Jan 2023 10:59:40 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=5777 नईदिल्ली। पूर्वोत्तर के 3 राज्य मेघालय, त्रिपुरा और नागालैंड में चुनाव की तारीखों का ऐलान हो गया है। तीनों ही राज्यों में 60-60 सीटें हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने चुनावी तारीखों का ऐलान किया है। गौरतलब है कि तीनों राज्यों में कार्यकाल मार्च में खत्म हो रहा है। तीनों ही राज्यों में आचार संहिता लागू हो गया। नागालैंड और मेघालय में एक चरण में चुनाव होंगे। मेघालय और नगालैंड में 27 फरवरी को चुनाव होंगे। वहीं, त्रिपुरा में 16 फरवरी को वोट डाले जाएंगे। चुनाव के नतीजे 2 मार्च को आएंगे।
कुमार ने बताया कि त्रिपुरा विधानसभा चुनाव के लिए अधिसूचना 21 जनवरी को जारी होगी और नामांकन की आखिरी तारीख 30 जनवरी होगी। उन्होंने कहा कि नामांकन वापस लेने की आखिरी तारीख दो फरवरी होगी और मतदान 16 फरवरी को होगा। नागालैंड और मेघालय विधानसभा चुनाव के लिए अधिसूचना 31 जनवरी को जारी होगी और नामांकन की आखिरी तारीख 7 फरवरी होगी। नामांकन वापस लेने की आखिरी तारीख 10 फरवरी होगी और मतदान 27 फरवरी को होगा।
राजीव कुमार ने बताया कि तीनों ही राज्यों में महिला वोटर की भागीदारी ज्यादा है। तीनों राज्यों में चुनाव आयोग निष्पक्ष चुनाव कराने को लेकर प्रतिबद्ध है। नागालैंड, मेघालय और त्रिपुरा में संयुक्त रूप से 62.8 लाख से अधिक मतदाता हैं, जिनमें महिला मतदाताओं की संख्या 31.47 लाख और विकलांग मतदाताओं की संख्या 31,700 शामिल हैं। पहली बार 3 राज्यों में चुनाव में 1.76 लाख से अधिक मतदाता होंगे। त्रिपुरा में जहां भाजपा की सरकार है, वहीं नगालैंड में नेशनलिस्ट डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी सत्ता में है। मेघालय में नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) की सरकार है। एनपीपी पूर्वोत्तर की एकमात्र पार्टी है जिसे राष्ट्रीय दल के तौर पर मान्यता हासिल है।

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