दिल्ली – SAMACHARPACHEESA.COM https://samacharpacheesa.com Sat, 10 Jun 2023 08:16:14 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.3 दिल्ली की गद्दी का रास्ता यूपी से होकर जायेगा https://samacharpacheesa.com/?p=7060 Sat, 10 Jun 2023 08:16:14 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=7060 बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने वो काम कर दिखाया है जो इससे पहले विपक्ष के तमाम नेता नहीं कर पाये थे। देश में सबसे बड़े मोदी विरोधी के रूप में अपनी पहचान बनाने को आतुर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उन तमाम विपक्षी पार्टियों के नेताओं को एक मंच पर लाने में सफलता हासिल कर ली है जो इससे पहले तक तरह-तरह के कारणों के चलते एक साथ और एक मंच पर नहीं आते थे। लेकिन नीतीश ने विपक्षी नेताओं को एक करने के लिए जो देश भ्रमण अभियान शुरू किया था उसके अपेक्षित परिणाम सामने आये हैं। बिहार में सत्तारुढ़ महागठबंधन की ओर से बताया गया है कि राहुल गांधी, ममता बनर्जी, अरविंद केजरीवाल, मल्लिकार्जुन खरगे, एमके स्टालिन, हेमंत सोरेन, अखिलेश यादव, शरद पवार और उद्धव ठाकरे आदि सभी बड़े विपक्षी नेता 23 जून को पटना में होने वाली बैठक में शामिल होंगे। इसके अलावा नीतीश कुमार, लालू यादव और वामदलों के नेता तो इस बैठक में मेजबान की भूमिका में रहेंगे ही। विपक्षी दलों के बीच इस बात पर लगभग सहमति बन गयी है कि देश की 543 संसदीय सीटों में से 450 पर विपक्षी दलों का संयुक्त उम्मीदवार भाजपा उम्मीदवार से टक्कर लेगा। विपक्ष का पूरा प्रयास है कि भाजपा विरोधी मतों का बंटवारा किसी भी हालत में नहीं होने पाये इसके लिए किसी दल को यदि कुछ त्याग भी करना पड़े तो वह भी किया जायेगा। बताया जा रहा है कि कांग्रेस की ओर से कम से कम 350 संसदीय सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने की बात पर अड़े रहने की वजह से विपक्षी एकता में दिक्कत आ रही थी लेकिन अब कांग्रेस भी कुछ और त्याग करने के लिए राजी हो गयी है। अभी हाल ही में अपने अमेरिकी दौरे के दौरान राहुल गांधी ने एक सवाल के जवाब में स्पष्ट कर दिया था कि भाजपा और आरएसएस को हराने के लिए कांग्रेस को और बड़ा त्याग करना होगा तो वह करेगी। वर्तमान में भाजपा के पास अकेले दम पर लोकसभा में 301 सीटें हैं। विपक्ष का प्रयास है कि अगली लोकसभा में 450 सीटें जीत कर भाजपा को विपक्ष का दर्जा हासिल करने लायक भी नहीं छोड़ा जाये। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी एकता के लिए यह फॉर्मूला पहले ही दे चुकी हैं कि जिस राज्य में जो दल मजबूत है उसको बाकी विपक्षी दल अपना पूरा समर्थन दें ताकि भाजपा का पूरी ताकत के साथ मुकाबला किया जा सके। लेकिन इस फॉर्मूले से सबसे ज्यादा दिक्कत कांग्रेस को ही है। दरअसल कांग्रेस का राष्ट्रीय स्तर पर आधार है और कई राज्यों में उससे क्षेत्रीय दलों ने ही सत्ता छीन ली है। ऐसे में कांग्रेस के लिए यह बड़ा मुश्किल हो रहा है कि कैसे वह दिल्ली और पंजाब में आम आदमी पार्टी के समक्ष समर्पण कर दे, कैसे वह तेलंगाना में बीआरएस, आंध्र प्रदेश में वाईएसआर कांग्रेस, बंगाल में तृणमूल कांग्रेस, उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी, झारखंड में झारखंड मुक्ति मोर्चा, बिहार में जनता दल युनाइटेड और राष्ट्रीय जनता दल और तमिलनाडु में द्रमुक आदि के समक्ष समर्पण कर दे। वैसे कांग्रेस की केंद्रीय इकाई भले इस समर्पण के लिए राजी हो गयी है लेकिन उसकी प्रांतीय इकाइयां ऐसे किसी समझौते के विरोध में हैं।

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लेफ्टिनेंट-गवर्नर और केजरीवाल की लड़ाई बिजली तक आई https://samacharpacheesa.com/?p=6229 Sat, 11 Feb 2023 08:31:39 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=6229 नईदिल्ली। दिल्ली के लेफ्टिनेंट-गवर्नर विनय कुमार सक्सेना ने निजी बिजली वितरण कंपनी (डिस्कॉम) के बोर्ड में आम आदमी पार्टी (आप) के उम्मीदवारों को वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के साथ रिप्लेस कर दिया है। एलजी सक्सेना की तरफ से ये कदम उनके चयन को ‘घोर अवैध’ करार देने के कुछ दिनों बाद उठाया गया है। आप प्रवक्ता जैस्मीन शाह और आप सांसद एनडी गुप्ता के बेटे नवीन एनडी गुप्ता को निजी डिस्कॉम बोर्ड से हटा दिया गया है और उनकी जगह वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों को नियुक्त किया गया है। उन्होंने अनिल अंबानी के स्वामित्व वाली डिस्कॉम के बोर्डों पर निजी प्रतिनिधियों के साथ सहयोग किया और सार्वजनिक खजाने की कीमत पर उन्हें 8,000 करोड़ रुपये का लाभ पहुंचाया।
वित्त सचिव, बिजली सचिव और दिल्ली ट्रांसको के एमडी अब इन डिस्कॉम पर सरकार का प्रतिनिधित्व करेंगे, जिसमें अनिल अंबानी के स्वामित्व वाली बीएसईएस (बॉम्बे सबअर्बन इलेक्ट्रिक सप्लाई) यमुना पावर लिमिटेड (बीवाईपीएल) और बोंगाईगांव रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड (बीआरपीएल) शामिल हैं। मुख्यमंत्री के रूप में शीला दीक्षित के कार्यकाल के बाद से नियमित अभ्यास के अनुसार जब ये डिस्कॉम अस्तित्व में आए। बता दें कि दिल्ली में प्राइवेट डिस्कॉम कंपनियां अनिल अंबानी की बीवाईपीएल, बीआरपीएल, टाटा की एनडीपीडीसीएल बिजली वितरण करती है।

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ईडी की बड़ी कार्रवाई, वाईएसआर सांसद श्रीनिवासुलु रेड्डी के बेटे को किया गया गिरफ्तार https://samacharpacheesa.com/?p=6220 Sat, 11 Feb 2023 08:16:11 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=6220 नईदिल्ली। दिल्ली के आबकारी नीति घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने दिल्ली आबकारी नीति धनशोधन मामले में वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के सांसद मगुंटा श्रीनिवासुलु रेड्डी के बेटे राघव मगुंटा को गिरफ्तार किया है। ईडी के अधिकारी ने इस गिरफ़्तारी की जानकारी देते हुए कहा कि दिल्ली आबकारी धनशोधन मामले में सांठगांठ होने के कारण इन्हें गिरफ्तार किया गया है।
राघव को दिल्ली शराब नीति घोटाले में गिरफ्तार किया गया
वाईएसआर कांग्रेस के ओंगोले सांसद मगुनता श्रीनिवासुलु रेड्डी के बेटे राघव को दिल्ली शराब नीति घोटाले में गिरफ्तार किया गया। एक पखवाड़े पहले अपनी दूसरी चार्जशीट में, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कथित तौर पर कहा था कि तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव की बेटी के कविता के साथ रेड्डी इंडोस्पिरिट पर वास्तविक मालिक हैं। कथित तौर पर कविता ने शराब व्यवसायी अरुण रामचंद्र पिल्लई के माध्यम से हिस्सेदारी नियंत्रित की। उनके साथ व्यवसायी विजय नायर, अभिषेक बोइनपल्ली ऊथा गौतम और समीर महेंद्रू के साथ सीबीआई ने पिछले साल चार्जशीट किया था।
अरुण पिल्लई ने अपने बयान में खुलासा किया था
चार्जशीट में, ईडी ने कहा कि अरुण पिल्लई ने 12 नवंबर, 2022 को अपने बयान में खुलासा किया कि कविता और अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली आप के बीच एक डील हुई थी। 100 करोड़ रुपये की रिश्वत के बदले में, कविता को दिल्ली के शराब कारोबार तक पहुंच मिली। अरुण पिल्लई इंडोस्पिरिट में कविता का प्रतिनिधित्व कर रहे थे और उनकी ओर से भागीदार भी बने।
जानिए क्या है मामला ?
टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट में ईडी के हवाले से आरोप लगाया गया है, समीर के साथ बातचीत के दौरान, उसे यह स्पष्ट कर दिया गया था कि उसके कारोबार में 65त्न हिस्सेदारी का अंतिम नियंत्रण मगुन्टा और कविता के पास था। पिल्लई ने यह भी पुष्टि की कि उन्होंने कविता और समीर के साथ फेसटाइम वीडियो कॉल की व्यवस्था की थी। उन्होंने समीर और कविता की उनके हैदराबाद आवास पर एक बैठक भी आयोजित की, जहाँ उन्होंने समीर से इंडोस्पिरिट के व्यवसाय के बारे में अपडेट लिया।

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दिल्ली के मेयर का चुनाव आज भी नहीं हो सका, हंगामे के बाद सदन अनिश्चिकाल के लिए स्थगित https://samacharpacheesa.com/?p=6123 Mon, 06 Feb 2023 07:25:58 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=6123 नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली में नगर निगम चुनाव नतीजों के बाद सोमवार को तीसरी बार मेयर चुनाव का आयोजन किया गया है। इसमें बीजेपी और आम आदमी पार्टी के सभी पार्षद मौजूद है। पिछली दो बैठकों के हंगामे के बाद आज उम्मीद जताई जा रही थी कि दिल्ली नगर निगम में मेयर के चुनाव से पहले ही सदन में पार्षदों ने जबरदस्त हंगामा कर दिया, जिसके बाद पीठासीन अधिकारी सत्य शर्मा ने सदन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया है।
मनीष सिसोदिया ने बीजेपी पर साधा निशाना
इससे पहले दो बार मेयर चुनाव में पार्षदों के हंगामे के बाद पीठासीन अधिकारी ने सदन की कार्यवाही को स्थागित कर दिया था। इसके कारण मेयर चुनाव अभी तक नहीं पाया है। ऐसे में सोमवार को तीसरी बार सदन में बैठक बुलाई गई है लेकिन कार्यवाही शुरू होने से पहले ही दोनों पार्टियों के बीच एक बार फिर से बयानबाजी शुरू हो गई है।
आप के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने सोमवार को ट्वीट करते हुए भारतीय जनता पार्टी पर बड़ा आरोप लगया है। उन्होंने कहा, बीजेपी ने अपने पार्षदों को आज फिर से एमसीडी बैठक में मेयर चुनाव न होने के लिए निर्देश दिए हैं।
उपमुख्यमंत्री सिसोदिया का कहना है कि बीजेपी अपने पार्षदों से कह चुकी है कि सदन शुरू होते ही किसी बहाने से हंगामा कर देना, जिसके बाद पीठासीन अधिकारी पिछली बार की तरह फिर अनिश्चितकाल के लिए सदन स्थगित कर देंगी। सदन के स्थगित होने के बाद एक बार दिल्ली के उपराज्यपाल 20 दिन बाद की तारीख देंगे।
आप के आरोपों पर बीजेपी का पलटवार
उपराज्यपाल मनीष सिसोदिया के आरोपों पर बीजेपी ने तीखी टिप्पणी की है। बीजेपी के कार्यकारिणी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने ट्वीट कर लिखा कि असलियत यह है कि आम आदमी पार्टी को नगर निगम में अपने नेताओं पर भरोसा नहीं है, उनको अपने नेतृत्व पर भरोसा नहीं है और वह छटपटाहट साफ दिखाई दे रही है।
वहीं, वीरेंद्र सचदेवा ने आम आदमी पार्टी पर ये आरोप भी लगाया है कि वह उनकी पार्टी के पार्षदों को खरीदने की कोशिश कर रही है लेकिन उनके पार्षद ईमानदार है।
4 दिसंबर को हुए थे एमसीडी चुनाव
गौरतलब है कि पिछले साल 4 दिसंबर को एमसीडी चुनाव हुए थे। इसके बाद 6 जनवरी और 24 जनवरी को आयोजित पहले दो सत्रों में ‘आप’ और बीजेपी के पार्षदों को हंगामे के बाद महापौर चुने बिना ही कार्यवाही को स्थगित कर दिया गया था। इस दौरान दोनों पार्टियों के बीच तीखी नोकझोंक देखी गई थी।

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बीजेपी ने अपने पार्षदों को एमसीडी चुनाव बाधित करने का दिया निर्देश : मनीष सिसोदिया https://samacharpacheesa.com/?p=6120 Mon, 06 Feb 2023 07:17:29 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=6120 नयी दिल्ली। दिल्ली में नगर निगम शहर के लिए एक मेयर का चुनाव करने के लिए तैयार है। दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने आरोप लगाया है कि भाजपा ने अपने पार्षदों से एमसीडी मेयर चुनाव में व्यवधान सुनिश्चित करने के लिए कहा है। सिसोदिया ने दावा किया कि पिछली बार की तरह पीठासीन अधिकारी सदन को स्थगित कर देंगे। एलजी एक और तारीख (मेयर चुनाव के लिए) अधिसूचित करेंगे, जो 20 दिन बाद होगी। डिप्टी सीएम सिसोदिया ने ट्वीट करते हुए कहा कि बीजेपी ने अपने पार्षदों को आज फिर एमसीडी बैठक में मेयर चुनाव न होने देने के निर्देश दिए हैं। बीजेपी पार्षदों को कहा गया है सदन शुरू होते ही किसी बहाने से हंगामा कर देना.पीठासीन अधिकारी पिछली बार की तरह फिर अनिश्चितकाल के लिए सदन स्थगित कर देंगी। एलजी फिर से 20 दिन बाद की तारीख़ देंगे।
4 दिसंबर को हुए उच्च-दांव वाले नगरपालिका चुनावों के बाद यह तीसरा सत्र होगा। 6 जनवरी और 24 जनवरी को आयोजित पहले दो सत्रों को पीठासीन अधिकारी ने महापौर चुने बिना स्थगित कर दिया था क्योंकि सत्रों में भाजपा और आम आदमी पार्टी के सदस्यों के बीच हंगामे और तीखी नोकझोंक हुई थी। डीएमसी अधिनियम 1957 के अनुसार, महापौर और उप महापौर पहले सदन में चुने जाते हैं जो निकाय चुनाव के बाद आयोजित होते हैं। बहरहाल, नगर निकाय चुनाव हुए दो महीने हो चुके हैं और दिल्ली को अभी मेयर मिलना बाकी है।

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आम आदमी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी ने लगाए एक दूसरे पर आरोप, एल्डरमैन को मिला वोटिंग का अधिकार, आप भड़की https://samacharpacheesa.com/?p=6109 Mon, 06 Feb 2023 06:48:22 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=6109 नयी दिल्ली। दिल्ली के महापौर को चुनने के लिए नगर निगम (एमसीडी) सदन की बैठक सोमवार को आयोजित हो रही है। इससे पहले दो बार महापौर चुनने की नाकाम कोशिश की जा चुकी है। इस बैठक में महापौर और उपमहापौर को चुनने की प्रक्रिया होनी है। 250 सदस्यों वाले सदन में महापौर चुनने के लिए तीसरी बार बैठक बुलाई गई है।
संभावना है कि महापौर चुने जाने के लिए बुलाई गई बैठक में तीसरी बार भी जबरदस्त हंगामा हो सकता है। बता दें कि पिछली दो बार से बैठक में हंगामा होने के बाद ये मामला सुप्रीम कोर्ट भी पहुंचा था। यहां सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले पर सुनवाई करने से इंकार कर दिया था। इस मामले पर आम आदमी पार्टी की महापौर उम्मीदवार शैली ओबेरॉय ने अपनी याचिका वापस ली थी।
इस बैठक में पीठासीन अधिकारी सत्या शर्मा ने कहा कि महापौर, उपमहापौर और स्टैंडिंग कमेटी के चुनाव के लिए मनोनित सदस्यों को भी मतदान करने का अधिकार है। सत्या शर्मा ने इस घोषणा के साथ ही सदन में सदस्यों का स्वागत किया और बैठक शुरू की। उन्होंने सभी सदस्यों से अपील की कि चुनाव कराने में मदद करें।
बैठक में लगाए खरीद फरोख्त के आरोप
इस बैठक को लेकर आम आदमी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी के सदस्य एक दूसरे पर लगातार आरोप लगा रहे है। इस संबंध में बीजेपी के पार्षद धर्मवीर का कहना है कि आम आदमी पार्टी के नेता सचिन शर्मा ने उनसे बातचीत की थी और उन्हें 2 करोड़ रुपये का ऑफर दिया था, जिसे बाद में बढ़ा कर चार करोड़ रुपये किया गया था। बीजेपी के पार्षदों ने आम आदमी पार्टी पर खरीद फरोख्त करने का आरोप लगाया है।
वहीं बीजेपी ने आरोप लगाया है कि आप आदमी पार्टी के नेताओं ने बीजेपी के पार्षदों को कई तरह के प्रलोभन दिए है। आप पार्टी को नगर निगम में अपने नेतृत्व पर विश्वास नहीं है। पार्टी के नेता सिर्फ सत्ता हासिल करना चाहते है।
आप नेता आतिशी का जवाब
इस मामले पर आप नेता आतिशी ने कहा कि बीजेपी चुनाव हारने के बाद पीछे के दरवाजे से सत्ता हासिल करने की कोशिश करती है। कई राज्यों में पार्टी ये कर चुकी है। बीते दो महीनों से ऐसा ही बीजेपी दिल्ली नगर निगम में भी करना चाहती है। बीजेपी आप पर झूठे आरोप लगा रही है। दिल्ली की जनता की चुनी हुई पार्टी को सत्ता से हटाने में जुटी है। इसी बीच आम आदमी पार्टी के पार्षदों ने प्रोटेम स्पीकर सत्या शर्मा को अपील की है कि मनोनित सदस्यों को वोटिंग करने के अधिकार ना दिए जाए।
पहले भी दो बैठकों में हुआ है हंगामा
बता दें कि महापौर चुनने के लिए तीसरी बार बैठक का आयोजन हो रहा है। मनोनित सदस्यों के वोटिंग राइट्स को लेकर सदन की बैठक में हंगामा हो सकता है। इससे पहले महापौर चुनने के लिए 6 जनवरी और 24 जनवरी को नगर निगम की बैठक के कारण हंगामा हुआ था। सभी पार्षदों ने 24 जनवरी को जोरदार हंगामे के बीच शपथ ली थी।

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लोकसभा चुनावों में जीत के लिए भाजपा के निशाने पर होंगे केजरीवाल https://samacharpacheesa.com/?p=5943 Sat, 28 Jan 2023 07:43:50 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=5943 नईदिल्ली। लोकसभा चुनाव 2019 में दिल्ली की सभी सातों सीटों पर भाजपा की लड़ाई कांग्रेस से हुई थी। दिल्ली विधानसभा चुनावों में लगातार दो बार (2015 और 2020 में) शून्य पर सिमट गई कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव 2019 में गजब की वापसी की थी और वह सभी सीटों पर नंबर दो पर रही थी। लेकिन इस चुनाव परिणाम को एक तरफ रखते हुए भाजपा मान रही है कि अगले लोकसभा चुनाव में उसका मुख्य सामना आम आदमी पार्टी से होगा। इसे ध्यान रखते हुए पार्टी ने अब अरविंद केजरीवाल सरकार पर हमला करने की रणनीति बनाई है।
दिल्ली भाजपा के पंत मार्ग स्थित कार्यालय पर दो दिवसीय कार्यकारिणी की बैठक में पार्टी के शीर्ष नेताओं ने कार्यकर्ताओं को बताया कि किस प्रकार उन्हें नगर निगम चुनावों में आम आदमी पार्टी के सामने मिली मजबूती को बनाए रखना है और उन्हें बूथ स्तर तक केजरीवाल पर हमला करना है। इसके लिए दिल्ली सरकार की नाकामियों को जनता के बीच रखना है। साथ ही केंद्र सरकार के कार्यों को हर एक व्यक्ति तक पहुंचाना है। इसके लिए हर बूथ स्तर पर पन्ना प्रमुखों के नेतृत्व में व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर केंद्र सरकार के कार्यों की जानकारी लोगों तक पहुंचाने की बात कही गई है।
बैठक में उपस्थित भाजपा के एक नेता ने  बताया कि पार्टी यह मानती है कि अगले लोकसभा में उसका मुकाबला कांग्रेस से नहीं, बल्कि आम आदमी पार्टी से हो सकता है। इसका बड़ा कारण है कि इस बार कांग्रेस के पास शीला दीक्षित जैसा करिश्माई और चुंबकीय चेहरा मौजूद नहीं होगा, जिसका लाभ उसे 2019 के चुनावों के दौरान मिला था।
पार्टी नेता मानते हैं कि नगर निगम चुनाव के दौरान बड़ी संख्या में मुस्लिम मतदाता आम आदमी पार्टी से टूटकर कांग्रेस की तरफ गए हैं। कांग्रेस को उम्मीद है कि वह अपने इस कोर वोट बैंक के सहारे दिल्ली में वापसी कर सकती है, लेकिन भाजपा नेताओं का मानना है कि जब मुस्लिम मतदाताओं के सामने भाजपा को हराने की क्षमता में कौन उम्मीदवार या पार्टी है, यह प्रश्न आएगा तो मुस्लिम मतदाता आम आदमी पार्टी की ओर लौट सकता है। इससे आम आदमी पार्टी एक बार फिर मुकाबले में मजबूत हो सकती है।
कार्यकर्ता नहीं, कार्य प्रमुख
दिल्ली भाजपा प्रभारी बैजयंत पांडा ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा है कि जनता का वोट कार्यकर्ताओं के कारण कम और जनता के लाभ के लिए किए गए कार्यों के कारण ज्यादा आता है। लिहाजा कार्यकर्ताओं को केंद्र सरकार के कार्यों की जानकारी ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचानी चाहिए।
हर मतदाता तक पहुंचें कार्यकर्ता
दिल्ली भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा है कि कार्यकर्ता दिल्ली के हर एक मतदाता तक पहुंचें। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शब्दों को ध्यान में रखते हुए पार्टी कार्यकर्ता हर समुदाय, हर वर्ग के हर मतदाता तक पहुंचें। चाहे वे भाजपा को वोट देते हों, या नहीं।
इसके लिए विशेष अभियान चलाकर दिल्ली के हर वार्ड के हर मतदाता तक पहुंचने की योजना बनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य दिल्ली की सभी सातों सीटों पर जीत दर्ज करना मात्र नहीं है, बल्कि वे जीत के अंतर को बढ़ाने के लिए काम करेंगे। भाजपा ने पिछली बार दिल्ली की सभी सीटों पर आधे से ज्यादा वोट शेयर हासिल कर एकतरफा जीत हासिल की थी।

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‘आप’ के विरोध के बावजूद पहले ली मनोनीत पार्षदों ने शपथ https://samacharpacheesa.com/?p=5881 Tue, 24 Jan 2023 09:28:08 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=5881 नई दिल्ली। आप के पार्षदों के विरोध के बाद भी पहले मनोनीत पार्षदों को शपथ दिलाई गई। सबसे पहले मनोनीत पार्षद विनोद फिर लक्ष्मण ने शपथ ली। इसके बाद बाकी मनोनीत सदस्यों मुकेश मान, सुनील चौहान, राजकुमार भाटिया, संजय त्यागी ने शपथ ग्रहण किया। मनोज कुमार जैन, रोहताश कुमार, श्वेता कमल खत्री के बाद वार्ड संख्या एक से चुनाव जीतकर आए पार्षदों का शपथ ग्रहण शुरू हुआ।
बॉबी किन्नर ने शपथ लिया तो उन्हें सबसे ज्यादा अटेंशन मिला। दिल्ली में पहली बार कोई ट्रांसजेंडर चुनाव जीतकर सदन में पहुंचा है। बॉबी किन्नर ने सुल्तानपुरी वार्ड से चुनाव जीता है और आज पार्षद के रूप में शपथ ग्रहण किया है। इसके बाद भाजपा की मेयर प्रत्याशी रेखा गुप्ता ने शपथ ग्रहण किया।
आम आदमी पार्टी व भाजपा में एमसीडी में पार्षद मनोनीत करने के मामले में चल रहे टकराव के बीच दिल्ली की मिनी सरकार को मंगलवार को ‘बिग बॉस’ मिल सकता है। आज नगर निगम के सदन में पार्षदों को शपथ दिलाई जाएगी। इसके बाद मेयर, डिप्टी मेयर व स्टैंडिंग काउंसिल के सदस्यों का चुनाव होगा।
वहीं सदन की कार्रवाई शुरू होने से पहले भारी मात्रा में सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं ताकि पिछली बार जैसा हंगामा न हो। इसे लेकर आम आदमी पार्टी ने भाजपा पर आरोप लगाए हैं। आप विधायक सौरभ भारद्वाज ने ट्वीट किया है, भाजपा आज नगर निगम में कब्जा करने के लिए लाठी डंडों के साथ फोर्स लाई है । क्या किसी सदन में ये देखा है ?

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राजनीति छोड़कर कानून व्यवस्था पर ध्यान दें उपराज्यपाल : अरविंद केजरीवाल https://samacharpacheesa.com/?p=5822 Fri, 20 Jan 2023 10:36:33 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=5822 नईदिल्ली। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को उपराज्यपाल वीके सक्सेना से राजनीति छोड़कर राष्ट्रीय राजधानी में कानून व्यवस्था की स्थिति पर ध्यान देने की नसीहत दी है। DCW प्रमुख स्वाति मालीवाल को परेशान करने और कथित तौर पर एक कार द्वारा घसीटे जाने के बाद यह घटनाक्रम सामने आया है।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि “दिल्ली में कानून और व्यवस्था की स्थिति का क्या हुआ? गुंडों का हौसला इतना बढ़ गया है कि महिला आयोग की अध्यक्ष भी सुरक्षित नहीं है। संविधान ने एलजी साहब को केवल यही काम दिया है। एलजी साहब से गुजारिश है कि कुछ दिनों के लिए राजनीति छोड़कर कानून व्यवस्था पर ध्यान दें। हम उनका पूरा सहयोग करेंगे।
डीसीडब्ल्यू प्रमुख स्वाति मालीवाल का गुरुवार तड़के करीब 3 बजे कार की खिड़की में हाथ फंस जाने के बाद नशे में धुत ड्राइवर ने कथित तौर पर छेड़छाड़ की और 10-15 मीटर तक घसीटा। दिल्ली महिला आयोग (DCW) की प्रमुख स्वाति मालीवाल के साथ छेड़छाड़ करने और उन्हें घसीटने के आरोप में दिल्ली पुलिस द्वारा गुरुवार को गिरफ्तार किए गए हरीश चंद्र को दिल्ली की एक अदालत ने गुरुवार को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। उनकी कार भी सीज कर दी गई।
डीसीपी साउथ, चंदन चौधरी ने कहा- चालक हरीश चंद्र ने अचानक कांच की खिड़की को बंद  कर लिया, जब मालीवाल उसे अपनी कार में बैठने के लिए कह रही थी। “लगभग 3.00 बजे, हमें सूचना मिली कि एम्स के पीछे की तरफ एक कैब ड्राइवर ने एक महिला से छेड़छाड़ की है। 20 मिनट में पीसीआर मौके पर पहुंची, उसके बाद सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) आए। आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और मेडिकल रिपोर्ट से पता चलता है कि वे शराब के नशे में थे। स्वाति मालीवाल सुरक्षित हैं”। दिल्ली पुलिस सूत्रों के मुताबिक पीसीआर कर्मी स्वाति मालीवाल को नहीं पहचानते थे। अकेली महिला को देखकर पीसीआर कर्मियों ने उसकी गाड़ी रोक दी और पूछा कि वह अकेली क्यों है और कोई परेशानी तो नहीं है।
यह मामला कंझावला हिट-एंड-ड्रैग केस के कुछ हफ्तों बाद आया है, जहां 20 वर्षीय अंजलि सिंह को एक कार द्वारा 12 किलोमीटर तक घसीटा गया था। कंझावला हत्याकांड का जिक्र करते हुए, स्वाति मालीवाल ने कहा कि उनका भी अंजलि जैसा ही हश्र होता, जिसकी 1 जनवरी को एक कार द्वारा कथित रूप से टक्कर मारने और घसीटने के बाद मौत हो गई थी। उन्होंने कहा कि वह भाग्यशाली थीं कि वह बाल-बाल बच गईं।
मालीवाल ने कहा मैं निरीक्षण कर रही थी कि रात के समय दिल्ली महिलाओं के लिए कितनी सुरक्षित है। सफेद बलेनो चला रहा व्यक्ति नशे में था, भद्दे कमेंट्स करता था और आपत्तिजनक इशारे करता था। जब मैंने उसे पकड़ने की कोशिश की, तो उसने ड्राइवर की सीट का शीशा बंद कर दिया और मेरा हाथ में फँस गया। मुझे कई मीटर तक घसीटा गया। मैं भाग्यशाली थी, नहीं तो मेरा भी अंजलि जैसा हश्र होता।
मामला क्या है?
पुलिस के अनुसार, हरीश चंद्र के रूप में पहचाने जाने वाले चालक ने अचानक कांच की खिड़की को बंद कर लिया, जब मालीवाल उसे अपनी कार में बैठने के लिए कह रही थी। वह आदमी चला गया लेकिन फिर यू-टर्न लिया और संकरी समानांतर लेन लेते हुए वापस लौट आया। जब उसने उसे जबरदस्ती कार में बिठाने की कोशिश की तो वह उसे पकड़ने के लिए खिड़की तक पहुंच गई। हालांकि, उसने कथित तौर पर अपना हाथ फंसाते हुए खिड़की को बंद कर लिया।

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उपराज्यपाल होता कौन है, कहां से आया? वाले बयान पर आया वीके सक्सेना का जवाब https://samacharpacheesa.com/?p=5819 Fri, 20 Jan 2023 10:32:14 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=5819 नईदिल्ली। दिल्ली में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपराज्यपाल विनय सक्सेना के बीच चल रही अधिकार की लड़ाई लगातार तेज होती नजर आ रही है। दिल्ली सीएम के विधानसभा में दिए कौन हैं एलजी वाले बयान पर विनय सक्सेना का पलटवार सामने आया है। एलजी वीके सक्सेना ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को पत्र लिखकर उन पर भ्रामक और अपमानजनक टिप्पणी करने और स्तरहीन बातचीत करने का आरोप लगाया है। एलजी ने पत्र में कहा कि लिखकर कहा कि जब उन्होंने केजरीवाल और उनके डिप्टी मनीष सिसोदिया को बातचीत के लिए आमंत्रित किया, तो उन्होंने 80 लोगों के साथ आने का फैसला किया। एलजी सक्सेना ने कहा कि वास्तव में, सीएम केजरीवाल और डिप्टी सीएम सिसोदिया आएंगे तो दोनों नेताओं को “प्यार” करेंगे, और “दोपहर का भोजन भी परोसेंगे।
एलजी ने कहा कि एक साथ 70 से 80 लोगों के साथ बैठक करना संभव नहीं होता और न ही इससे कोई ठोस उद्देश्य पूरा होता। केजरीवाल पर लोगों को मिसलीड करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि राजनैतिक दिखावे के लिए आपने प्रचार किया कि एलजी ने मुझसे मिलने के इनकार कर दिया। दो दिन पहले विधानसभा में केजरीवाल द्वारा उन पर किए गए हमले का जिक्र करते हुए सक्सेना ने कहा कि ‘उपराज्यपाल कौन है’ और ‘वह कहां से आए’ का जवाब दिया जा सकता है, अगर आप सरसरी तौर पर भारत के संविधान का हवाला दें, अन्य उत्तर के पात्र नहीं हैं, क्योंकि वे स्पष्ट रूप से बहुत निम्न स्तर की बातें हैं। दिल्ली के मुख्यमंत्री को उनको हेडमास्टर कहने पर उन्होंने कहा कि मैं हेडमास्टर के रूप में कार्य नहीं कर रहा हूं। मैं लोगों की आवाज के रूप में काम कर रहा हूं।
इस बीच, केजरीवाल ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि एलजी शहर की कानून-व्यवस्था की स्थिति में सुधार के लिए कदम उठाने के बजाय गंदी राजनीति कर रहे हैं। केजरीवाल ने विधानसभा में कहा था कि केजरीवाल के एलजी हाउस मार्च करने, एलजी को विधानसभा में ‘कौन है एलजी’, ‘कहां से आ गया एलजी।

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