देश – SAMACHARPACHEESA.COM https://samacharpacheesa.com Thu, 27 Jul 2023 10:19:15 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.3 नीति आयोग की डेल्टा रैंकिंग में राजनांदगांव जिले ने मारी बाजी, देश में तीसरे स्थान पर https://samacharpacheesa.com/?p=7570 Thu, 27 Jul 2023 10:19:14 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=7570 रायपुर। भारत सरकार के नीति आयोग द्वारा आकांक्षी जिला अंतर्गत कृषि एवं जल संसाधन के क्षेत्र के लिए जारी डेल्टा रैंकिंग में राजनांदगांव जिले को देश में तीसरा स्थान मिला है। नीति आयोग द्वारा इस उपलब्धि के लिए चैम्पियन ऑफ चेंज के तौर पर जिले की सराहना की गई है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बधेल ने जिला प्रशासन और पंचायत, कृषि एवं जल संसाधन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी है। उन्होंने कहा कि कृषि एवं जल संसाधन के क्षेत्र में जिले में उत्कृष्ट कार्य हुए है। नीति आयोग द्वारा जारी इंडिकेटर्स जैसे माईक्रो इरिगेशन से रकबे में वृद्धि, मनरेगा अंतर्गत तैयार जल स्रोत, पशुओं के टीकाकरण, कृत्रिम गर्भाधान तथा कृषि उत्पादकता में बढ़ोत्तरी कर राजनांदगांव जिले ने यह सफलता हासिल की है।
उल्लेखनीय है कि मई 2023 में जारी डेल्टा रैंकिंग में देश के सबसे विकसित आकांक्षी जिलों में राजनांदगांव जिले ने तीसरा स्थान हासिल किया है। राज्य सरकार की किसान हितैषी योजनाओं जैसे- सुराजी गांव योजना, गोधन न्याय योजना, राजीव गांधी किसान न्याय योजना एवं अन्य योजनाओं से जिले में कृषि एवं नवीनतम तकनीक से किसानों में खुशहाली आयी है। वहीं जल प्रबंधन के क्षेत्र में भी नवाचारी पहल से अच्छे परिणाम प्राप्त हुए है।

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देश में जातिवादी राजनीति का नया दौर https://samacharpacheesa.com/?p=6333 Sat, 18 Feb 2023 06:04:02 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=6333 सपा ने धर्म के खिलाफ जातियों को खड़ा करने का जो राजनितिक दांव चला था उसका परिणाम भी सामने आ गया जब बुधवार को अयोध्या के एक संत महंत राजूदास और और स्वामी प्रसाद मौर्य एक दूसरे से भिड़ गये। लखनऊ में एक निजी टीवी चैनल के कार्यक्रम में दोनों ने एक दूसरे से हाथापाई शुरु कर दी। स्वामी प्रसाद मौर्य ने जब रामचरित मानस की निंदा की थी तब महंत राजूदास ने स्वामी प्रसाद मौर्य को दंड देने का ऐलान किया था। वैसे तो दोनों जुबानी जमा खर्च कर रहे थे लेकिन जब दोनों का आमना सामना हुआ तो हाथापाई पर उतर आये। यही तो सपा की सारी योजना का हिस्सा था कि धर्म के खिलाफ जातीय नेता लड़ते हुए दिखें, और वैसा हो भी गया। समाजवादी पार्टी सत्ता से बाहर है। उसका यादव प्लस मुस्लिम वाला फार्मूला दो चुनाव से सफल नहीं हो पा रहा है। वह इसलिए क्योंकि भाजपा की हिन्दुत्ववादी राजनीति के कारण पिछड़े वर्ग की जातीय गोलबंदी भी कुछ हद तक टूटी है। ऐसे में सपा की रणनीति ये है कि अगर जातियों को धार्मिकता के खिलाफ खड़ा कर दिया जाए तो उसकी स्थिति मजबूत हो सकती है। इस मुहिम की शुरुआत यूपी में बसपा, भाजपा होते हुए सपा में पहुंचे स्वामी प्रसाद मौर्य ने की। उन्होंने हिन्दुओं के पवित्र ग्रंथ रामचरित मानस को जातीय वैमनस्य पैदा करनेवाला बताया। एक तरफ समाजवादी पार्टी ने स्वामी के बयान को निजी बताकर पल्ला झाड़ लिया, दूसरी ओर उन्हें खुली छूट दी गई कि वह रामचरित मानस की चौपाई के जरिए जातीय भेद को हवा देते रहें, ताकि गैर-यादव पिछड़े एवं गैर-जाटव दलित अस्मिता के नाम पर सपा से जुड़ें। वहीं भाजपा में भी जल्द ही सांगठनिक फेरबदल होने वाला है। यहां भी पिछड़े एवं दलितों को प्रमुखता दिये जाने की तैयारी है। भाजपा ने जाट समुदाय से आने वाले भूपेंद्र चौधरी को अध्यक्ष बनाकर पहले ही बिसात बिछा दी है। बीते चार लोकसभा चुनाव पर नजर डालें तो भाजपा ब्राह्मण अध्यक्ष के चेहरे के साथ मैदान में उतरती रही है, लेकिन इस बार पिछड़े पर दांव खेला है। ऐसा करने के एवज में अखिलेश यादव ने स्वामी प्रसाद मौर्य को राष्ट्रीय महासचिव बनाकर पुरस्कार भी दे दिया है। दूसरी तरफ, भाजपा अपनी किलेबंदी मजबूत करने के लिये पार्टी में होने वाले न्यूनतम बदलावों में पिछड़े एवं दलित वर्ग को प्रमुखता देने की तैयारी में है। इसी क्रम में सुभासपा को भी साथ लाने की तैयारी है। भाजपा नेतृत्व की बात ओम प्रकाश राजभर से चल रही है, जो विधानसभा चुनाव में खास रणनीति के तहत सपा गठबंधन में चले गये थे। संभावना है कि लोकसभा चुनाव से पहले ओम प्रकाश राजभर भाजपा खेमे में चले आयेंगे।
सपा भी भाजपा की रणनीति का जवाब देने के लिये मंडल के दौर के जातीय विभाजन को हवा दे रही है, जिसका नेतृत्व कर रहे हैं स्वामी प्रसाद मौर्य, जो नवबौद्ध बन चुके हैं। मौर्या अब हिंदू धर्म से दूर हो चुके हैं, लिहाजा सपा जरूरत पडऩे पर उन्हें बौद्ध बताकर किनारा करने का विकल्प भी खुला रखेगी। सपा के भविष्य की सियासत की झलक अखिलेश ने राष्ट्रीय कार्यकारिणी गठन में ही जाहिर कर दी थी। राष्?ट्रीय कार्यकारिणी में पिछड़े-दलित एवं मुसलमानों का प्रतिनिधित्व बढ़ाने के साथ सवर्णों की संख्या सीमित कर अलिखेश ने नई रणनीति के संकेत दे दिये थे। यह अलग बात है कि कुछ दबावों के बाद ओमप्रकाश सिंह एवं अरविंद सिंह गोप को शामिल करना पड़ा।

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तकनीकी शिक्षा में गिरावट और रोजगार https://samacharpacheesa.com/?p=6273 Wed, 15 Feb 2023 05:37:25 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=6273 विगत दो-ढाई वर्षों से छत्तीसगढ़ सरकार यह प्रचारित कर रही है कि प्रदेश में बेरोजगारी की दर देश भर में सबसे कम है। यहां तक कि पिछले कुछ माह से छत्तीसगढ़ में बेरोजगारी दर शून्य के करीब है। दूसरी ओर 26 जनवरी गणतंत्र दिवस परेड के अवसर पर जनता को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने प्रदेश के बेरोजगारों को ढाई हजार रुपए प्रतिमाह बेरोजगारी भत्ता देने की घोषणा की है। अभी कितने बेरोजगारों को भत्ता मिलेगा, संख्या तय नहीं है। हालांकि रोजगार कार्यालयों में दर्ज बेरोजगारों की संख्या 19 लाख के करीब है। प्रदेश में 2 करोड़ 90 लाख के आसपास की जनसंख्या वाले राज्य में अगर 19 लाख रोजगार कार्यालय में दर्ज है तो प्रदेश में बेरोजगारी की दर लगभग शून्य कैसे है यह समझ से परे है। प्रदेश में एक और नई समस्या देखने को मिल रही है पिछले 5-6 वर्षों से प्रदेश में स्थापित इंजीनियरिंग महाविद्यालय बंद हो रहे है और जो चल रहे है वहां पर भी छात्र प्रवेश नहीं ले रहे है। इस शैक्षणिक वर्ष में प्रदेश में कुल 11 हजार 500 के करीब इंजीनियरिंग की सीट थी। जबकि केवल 35 सौ छात्रों ने प्रवेश लिया। 7 हजार 900 इंजीनियरिंग के डिग्री लेने वाली सीटें रिक्त रह गई। यही हाल प्रदेश में पॉलिटेक्निक संस्थाओं का है। इस वर्ष छत्तीसगढ़ की कुल पॉलिटेक्निक की सीटें 8664 में केवल 19 सौ सीटें ही भर पाई। याने 75 प्रतिशत इंजीनियर और पॉलिटेक्निक की सीटें भर नहीं पा रही। इस कारण कॉलेज और संस्थाएं बंद हो रही है। सीटें नहीं भरने का कारण तो अनेक है जिसमें पहला महाविद्यालयों में रोजगारपरक गुणवत्तायुक्त शिक्षा का अभाव है, कुकुरमुत्ते की तरह खुले निजी इंजीनियरिंग कॉलेज में न तो पढ़ाने वाले योग्य शिक्षक है और न ही प्रयोग करने की सुविधाएं। दूसरा महत्वपूर्ण पहलू यह है कि प्रदेश में इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक की डिग्री और डिप्लोमा करके निकले विद्यार्थियों को नौकरी नहीं मिल रही है। छत्तीसगढ़ के उद्योगों में लाखों रुपए खर्च कर डिग्री लेने वाले इंजीनियरों को 10-12 हजार की नौकरी मिलती है और मेहनत 12 घंटे की। 2017-18 के बाद देश और दुनिया की अर्थव्यवस्था कभी यह असर रहा कि प्रदेश में बड़े उद्योग नहीं लग पा रहे है, जो है वह भी जैसे-तैसे चल रहा है। उद्योगों का विकास नहीं होने से इंजीनियरों की मांग कम हो गई है। शासन भले ही औद्योगिक नीति बना ले लेकिन उद्योगों को प्रदेश में आकर्षित करने के लिए स्वच्छ प्रशासन और सुविधापूर्ण औद्योगिक क्षेत्रों को बढ़ाने के साथ औद्योगिक संस्थानों में राजनीतिक हस्तक्षेप को कम करना होगा। प्रदेश का विकास सही अर्थों में तभी होगा जब यहां उद्योग खुलेंगे, व्यवसाय बढ़ेगा और प्रदेश के युवाओं को अधिकाधिक नौकरी मिलेगी।

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चाहे जितनी एजेंसियां ​​हमारे पीछे लगा दो लेकिन देश को एक रहने दो : ममता बनर्जी https://samacharpacheesa.com/?p=5856 Mon, 23 Jan 2023 11:14:43 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=5856 कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक बार फिर से केंद्र सरकार पर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र की सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि कई लोग हैं जो एजेंसियों के डर से भाग जाते हैं। लेकिन हम नहीं। उन्होंने कहा कि जो कुछ कर सकते हो करो, हमारा सब कुछ ले लो लेकिन देश को मत बेचो। तृणमूल प्रमुख ने साफ तौर पर कहा कि चाहे जितनी एजेंसी हमारे पीछे लगा दो लेकिन देश को एक ही रहने दो। ममता बनर्जी ने कहा कि संविधान का उल्लंघन करने वालों का मतलब लोगों के अधिकारों का उल्लंघन करना है।
कोलकाता में एक कार्यक्रम में ममता ने कहा कि कुछ लोगों ने अंडमान में द्वीपों के नाम बदले हैं, लेकिन वह नेताजी थे जिन्होंने शहीद और स्वराज द्वीप का नाम रखा था। उन्होंने कहा कि केंद्र ने नेताजी द्वारा परिकल्पित योजना आयोग को खत्म कर दिया है। आपको बता दें कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जन्‍मदिन 23 जनवरी को पराक्रम दिवस के तौर पर मनाया जाता है। इस अवसर पर अण्‍डमान और निकोबार द्वीप समूह के 21 सबसे बड़े द्वीपों का नामकरण परमवीर चक्र विजेताओं के नाम पर करने के बाद अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने यह आरोप भी लगाया कि आजादी के बाद देश के स्वाधीनता आंदोलन के इतने बड़े नायक को भुला देने का प्रयास हुआ।

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देश में बढ़ता व्हीआईपी अभिमान https://samacharpacheesa.com/?p=5531 Fri, 30 Dec 2022 05:51:00 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=5531 हमारे देश में जनता जिसे सिर पर चढ़ाती है उसके लिए सब कुछ न्यौछावर करने के लिए तैयार रहती है। ऐसे लोगों की एक झलक देखने के लिए लोगों का हुजूम निकल पड़ता है। राजनीति के क्षेत्र में महात्मा गांधी और पं. जवाहर लाल नेहरु कभी देश के हीरो हुआ करते थे। लेकिन धीरे-धीरे राजनीति में वह स्टारडम खत्म होने लगा। अब समाज के हीरो फिल्म अभिनेता और अभिनेत्रियां या तो क्रिकेट के सफल खिलाड़ी बन गए है। इसके बावजूद आजकल के नेता अपने आप को व्हीआईपी से कम नहीं समझते। किसी कार्यक्रम में अगर उन्हें मुख्यअतिथि न बनाए और सामान्य निमंत्रण भेज दें तो कार्यक्रम कितना ही महत्वपूर्ण क्यों न हो वहां जाना उन्हें अपमानजनक लगता है। वैसे कार्यक्रमों में व्हीआईपी बनाकर नेताओं को बुलाने की भी परंपरा हो गयी है। आजकल मंदिरों और धार्मिक आयोजनों में भी व्हीआईपी के लिए अलग स्थान होता है। जिन्होंने जीवन में कुछ हासिल किया है उन्हें विशेष दर्जा देकर समाज सम्मानित करे तो समझ में भी आता है। लेकिन आजकल हर व्यक्ति अपने आप को व्हीआईपी समझकर विशेष रियायतें चाहता है। खासकर जहां सुरक्षाकर्मी तलाशी लेकर अपनी ड्यूटी निभाना चाहते है वहां लोगों का अभिमान आ जाता है, जबकि वह सुरक्षाकर्मी अपनी ड्यूटी निभा रहा होता है। राजमार्गों पर बने टोल नाकों पर से बिना टोल टैक्स दिए गुजरने को भी व्हीआईपी अभिमान से जोड़कर देखा जा सकता है। भले ही 20-25 रुपए टोल टैक्स देना पड़ता हो लेकिन लाखों रुपए की गाड़ी चलाने वाला व्यक्ति चाहता है कि व्हीआईपी के लिए मिली छूट उसे हासिल हो जाए। अगर टोल प्लाजा के कर्मचारी उनसे पैसे मांग ले तो उनके अभिमान पर चोट लग जाती है। ऐसी कितनी ही घटनाएं पूरे देशभर में सामने आती है। ताजा घटना कोरबा जिले में 70 रुपए टोल टैक्स नहीं देने की जिद में टोल कर्मचारी के ऊपर अपनी मोटर गाड़ी चढ़ा देने की है। इस घटना में कर्मचारी घायल है और गाड़ी चलाने वाले युवकों को गिरफ्तार कर लिया गया है। रायपुर-भिलाई रोड पर सांसद, मंत्री और विधायकों के समर्थकों ने टोल चार्ज नहीं पटाने की जिद पर कितनी बार तोडफ़ोड़ और मारपीट की है। ऐसा नहीं है कि टोल टैक्स देने के पैसे नहीं होते लेकिन व्हीआईपी होने का अभिमान उनको अपनी जेब से पैसे निकालने में रोकता है। इस तरह की घटनाएँ होती रहती है लेकिन जिन नेताओं के समर्थक ऐसी घटना को अंजाम देते है उनके खिलाफ न तो प्रशासन और न ही राजनीतिक पार्टियां कोई कार्रवाई।

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कट्टर बेईमान कौन है देश जान गया : भाजपा https://samacharpacheesa.com/?p=5462 Tue, 27 Dec 2022 08:08:00 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=5462 नईदिल्ली। रॉबर्ट वाड्रा को लेकर एक बार फिर से भाजपा जबरदस्त तरीके से कांग्रेस पर हमलावर हो गई है। भाजपा की ओर से राजस्थान सरकार पर रॉबर्ट वाड्रा को जमीन देने का आरोप लगाया गया है। भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कहा कि हरियाणा में जब कांग्रेस की सरकार थी तब भी किसानों की जमीन हड़पी गई। इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि राजस्थान में कांग्रेस सरकार के दौरान भी किसानों की जमीन हड़पी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि 2008-13 के बीच में राजस्थान में कांग्रेस की सरकार थी, जिस दौरान 125 बीघा जमीन किसानों से हड़पी गई। भाजपा ने साफ तौर पर कहा है कि किसानों की जमीन रॉबर्ट वाड्रा को दी गई है। उन्होंने कहा कि यह पूरा घोटाला 1000 बीघा जमीन का है और गांधी परिवार ने भ्रष्टाचार किया है।
गौरव भाटिया ने कहा कि जब भाजपा की सरकार राजस्थान में आई तब FIR दर्ज हुई। उन्होने कहा कि पुलिस और ईडी ने जांच की तब पता चला कि अशोक गहलोत सरकार ने ‘कांग्रेस परिवार’ के आदेश पर एक ऐसे व्यक्ति को जमीन दी, जो वास्तव में था ही नहीं। भाजपा नेना ने कहा कि भ्रष्टाचारी गांधी परिवार ये सोचता है कि उन तक कानून नहीं पहुंचेगा। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईमानदारी और जांच एजेंसियों के जज्बे से कोई भ्रष्टाचारी बच नहीं सकता। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि कट्टर बेईमान कौन है देश जान गया है।
भाटिया ने कहा कि भारत में एक ‘कट्टर पापी परिवार’ है। इनका काम किसानों की जमीन हड़पना और अपने दामाद रॉबर्ट वाड्रा को सौंपना है। 2008-13 तक राजस्थान में कांग्रेस सरकार के दौरान, 125 बीघा जमीन किसानों से खरीदी गई और 2 लोगों को हरिराम और नाथाराम को आवंटित की गई। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि जांच के दौरान पता चला कि ये दोनों व्यक्ति मौजूद नहीं हैं और फर्जी हैं। उक्त जमीन को बाद में स्काईलाइन हॉस्पिटैलिटी को बेच दिया गया जिसमें रॉबर्ट वाड्रा और उनकी मां भागीदार हैं।

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ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा देश कोरोना वायरस की स्थिति से निटपने के लिए पूरी तरह तैयार https://samacharpacheesa.com/?p=5409 Fri, 23 Dec 2022 08:17:14 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=5409 नयी दिल्ली। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शुक्रवार को कहा कि देश कोरोना वायरस की स्थिति से निटपने के लिए पूरी तरह तैयार है। चीन और कुछ अन्य देशों में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के आलोक में सरकार इस संक्रमण के संभावित प्रसार को रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के औचक परीक्षण समेत कई कदम उठा रही है। नागर विमानन तथा इस्पात मंत्रालयों का प्रभार संभाल रहे सिंधिया ने कहा कि देश कोरोना वायरस की स्थिति से निटपने के लिए पूरी तरह तैयार है।
2014 से भाजपा नीत केंद्र सरकार द्वारा की गयी स्वास्थ्य पहलों का पत्रकारों के सामने जिक्र करते हुए उन्होंने यह विश्वास भी व्यक्त किया कि देश सार्वभौमिक स्वास्थ्य देखभाल कवरेज हासिल करेगा। मंत्री के अनुसार दवाइयां सस्ती हो गयी हैं तथा दवाइयों का खर्च घट गया है। उनके मुताबिक इलाज के लिए कुल स्वास्थ्य खर्च के संदर्भ उपभोक्ता पर पड़ने वाला बोझ 2013-14 के 64 .2 प्रतिशत से घटकर 2018-19 में 48.2 फीसद रह गया है। उन्होंने कहा कि सरकार के स्वास्थ्य देखभाल कार्यक्रम के प्रमुख स्तंभ सुगमता, किफायत, गुणवत्ता और डिजिटल प्रदाय हैं।

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