नीतीश कुमार – SAMACHARPACHEESA.COM https://samacharpacheesa.com Wed, 30 Aug 2023 06:48:36 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.3 नीतीश कुमार पर जोरदार तंज https://samacharpacheesa.com/?p=7911 Wed, 30 Aug 2023 06:48:35 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=7911 मुंबई में विपक्षी गठबंधन इंडिया की बैठक से पहले बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि वह इस गठबंधन का संयोजक नहीं बनना चाहते। उन्होंने कहा है कि उनकी कोई व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा नहीं है और वह सबको एकजुट करना चाहते हैं। विपक्ष को एकजुट वह कर सकता है जिसकी पार्टी मजूबत हो। नीतीश कुमार खुद अपने राज्य में कमजोर हैं ऐसे में वह क्या राष्ट्रीय स्तर पर विपक्ष को एकजुट करेंगे। गठबंधन में सबसे बड़ी पार्टी कांग्रेस है, उसके बाद तृणमूल कांग्रेस और फिर द्रमुक है। विपक्षी गठबंधन में शामिल बड़े दलों के नेता अपने अपने राज्य में बीस से 25 सांसद लेकर बैठे हुए हैं जबकि बिहार में सत्ताधारी जनता दल युनाइटेड का अपने बलबूते कोई सांसद नहीं है क्योंकि उसके सभी सांसद राजग के बैनर तले चुनाव जीते थे। इसके अलावा राष्ट्रीय जनता दल का एक भी सांसद नहीं है लेकिन मीडिया इस दल को बढ़ा-चढ़ाकर दिखा रहा है। बिहार में जो महागठबंधन बना था उसकी सफलता देश में या किसी और राज्य में नहीं दोहराई जा सकती। जहां तक मुंबई में चल रही इंडिया गठबंधन की बैठक से जुड़ी खबरों की बात है तो आपको बता दें कि कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी भी इस बैठक में शामिल होंगी। सोनिया गांधी बेंगलुरु की बैठक में भी शामिल हुई थीं। हालांकि वह गठबंधन की पहली बैठक जोकि पटना में हुई थी, वहां नहीं गयी थीं। बताया जा रहा है कि मुंबई में होने वाली बैठक में भाजपा चले जाओ का नारा दिया जाएगा। इस बैठक में विपक्ष के गठबंधन ‘इंडियाÓ का ‘लोगोÓ भी जारी किया जाएगा। बताया जा रहा है कि बैठक के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को इंडिया गठबंधन का संयोजक चुना जायेगा। भाजपा विरोधी गठबंधन के प्रमुख नेता 31 अगस्त और एक सितंबर को मुंबई के उपनगर में एक आलीशान होटल में जुटेंगे। ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंसÓ (इंडिया) में 26 दल शामिल हैं। पटना में जून में पहली बार एक साझा मंच पर एकत्र होने के बाद से विपक्षी दलों की यह तीसरी बैठक होगी। मुंबई में आयोजित होने वाली बैठक में कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी, पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और आधा दर्जन राज्यों के मुख्यमंत्री समेत अन्य लोग शामिल होंगे। बैठक के दौरान गठबंधन का आधिकारिक ‘लोगोÓ जारी किया जाएगा और विपक्षी दलों के नेता 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले अपने एजेंडा पर भी चर्चा करेंगे। बैठक में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की उस आशंका पर भी चर्चा होगी जिसके तहत उन्होंने देश में समय से पूर्व लोकसभा चुनाव कराये जाने की बात कही है। ममता बनर्जी ने कहा है कि भाजपा इस साल दिसंबर में ही लोकसभा चुनाव करा सकती है।

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फंसेगा विपक्षी एकता का पेंच https://samacharpacheesa.com/?p=7136 Sat, 24 Jun 2023 08:36:36 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=7136 भाजपा के खिलाफ 15 से ज्यादा दल इका होने की मुहिम में शामिल हुए हैं। हालांकि, इनमें से ज्यादातर राजनीतिक दल वे हैं जिन्होंने कांग्रेस के खिलाफ लड़ाई लड़ कर अपने अस्तित्व को खड़ा किया है। चाहें इस बैठक की मेजबानी कर रहे नीतीश कुमार की पार्टी जदयू हो या फिर लालू यादव की पार्टी राजद, अखिलेश यादव की पार्टी समाजवादी पार्टी या फिर अन्य दल हो। 2024 चुनाव को लेकर अभी से ही सभी पार्टियों ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। हालांकि, ऐसा लग रहा है कि आगामी 2024 का चुनाव भाजपा के लिए एक चुनौती भरा हो सकता है। इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि 15 से अधिक दलों की बिहार की राजधानी पटना में एक बड़ी बैठक हुई। इस बैठक में भाजपा को हराने की रणनीति पर चर्चा हुई। साथ ही साथ भाजपा के खिलाफ सभी दल एकजुट होकर कैसे काम कर सके, इस पर भी रणनीति बनी। हालांकि, यह बात भी सच है कि सभी दलों के अपने-अपने एजेंडे हैं और सभी उन्हीं पर आगे बढऩा चाहते हैं। बड़ा सवाल यह है कि 2024 के लिए सभी दल एक प्लेटफार्म पर तो आ गए हैं लेकिन क्या यह उतना एकजुट रह पाएंगे जितना ये तस्वीरों में दिख रहे हैं? भाजपा के खिलाफ 15 से ज्यादा दल इका होने की मुहिम में शामिल हुए हैं। हालांकि, इनमें से ज्यादातर राजनीतिक दल वे हैं जिन्होंने कांग्रेस के खिलाफ लड़ाई लड़ कर अपने अस्तित्व को खड़ा किया है। चाहें इस बैठक की मेजबानी कर रहे नीतीश कुमार की पार्टी जदयू हो या फिर लालू यादव की पार्टी राजद, अखिलेश यादव की पार्टी समाजवादी पार्टी या फिर अन्य दल हो। आज की बैठक में कुछ ऐसे दल भी शामिल हुए हैं जो शुरू से ही कांग्रेस के लगातार विरोधी रहे हैं जिसमें उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री की नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस शामिल है। सभी पार्टियों के एक दूसरे से मतभेद है। लेकिन सभी भाजपा के खिलाफ एकजुट होने की पहल में शामिल हो रहे हैं। जानकारी के मुताबिक बैठक में साझा कार्यक्रम पर भी जोड़ दिया गया है। हाल के दिनों में देखें तो राजनीतिक दंगल विपक्षी दलों के बीच भी जारी है। पश्चिम बंगाल में कांग्रेस ममता बनर्जी और उनकी सरकार पर जबरदस्त तरीके से हमलावर है। इतना ही नहीं, पश्चिम बंगाल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी ममता सरकार के खिलाफ धरने पर ही बैठ गए हैं। बैठक में ममता बनर्जी ने इस पर नाराजगी भी जताई। कांग्रेस पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की सरकार पर लगातार हिंसा के आरोप लगा रही है। वहीं, हाल में ही अरविंद केजरीवाल ने राजस्थान में एक चुनावी जनसभा के दौरान कांग्रेस पर निशाना साधते हुए अशोक गहलोत की सरकार को भ्रष्टाचार में डूबा हुआ बता दिया। दिल्ली में अध्यादेश को लेकर केजरीवाल लगातार कांग्रेस पर हमलावर है। उमर अब्दुल्ला कह रहे हैं कि जब हमें 370 पर कई दलों से समर्थन चाहिए था, तब कुछ दल खुशी मना रहे थे। सवाल यह भी है कि 15 से ज्यादा राजनीतिक दल एक साथ तो हुए हैं लेकिन क्या इनके वोट बैंक एक दूसरे को ट्रांसफर होंगे?

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दिल्ली की गद्दी का रास्ता यूपी से होकर जायेगा https://samacharpacheesa.com/?p=7060 Sat, 10 Jun 2023 08:16:14 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=7060 बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने वो काम कर दिखाया है जो इससे पहले विपक्ष के तमाम नेता नहीं कर पाये थे। देश में सबसे बड़े मोदी विरोधी के रूप में अपनी पहचान बनाने को आतुर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उन तमाम विपक्षी पार्टियों के नेताओं को एक मंच पर लाने में सफलता हासिल कर ली है जो इससे पहले तक तरह-तरह के कारणों के चलते एक साथ और एक मंच पर नहीं आते थे। लेकिन नीतीश ने विपक्षी नेताओं को एक करने के लिए जो देश भ्रमण अभियान शुरू किया था उसके अपेक्षित परिणाम सामने आये हैं। बिहार में सत्तारुढ़ महागठबंधन की ओर से बताया गया है कि राहुल गांधी, ममता बनर्जी, अरविंद केजरीवाल, मल्लिकार्जुन खरगे, एमके स्टालिन, हेमंत सोरेन, अखिलेश यादव, शरद पवार और उद्धव ठाकरे आदि सभी बड़े विपक्षी नेता 23 जून को पटना में होने वाली बैठक में शामिल होंगे। इसके अलावा नीतीश कुमार, लालू यादव और वामदलों के नेता तो इस बैठक में मेजबान की भूमिका में रहेंगे ही। विपक्षी दलों के बीच इस बात पर लगभग सहमति बन गयी है कि देश की 543 संसदीय सीटों में से 450 पर विपक्षी दलों का संयुक्त उम्मीदवार भाजपा उम्मीदवार से टक्कर लेगा। विपक्ष का पूरा प्रयास है कि भाजपा विरोधी मतों का बंटवारा किसी भी हालत में नहीं होने पाये इसके लिए किसी दल को यदि कुछ त्याग भी करना पड़े तो वह भी किया जायेगा। बताया जा रहा है कि कांग्रेस की ओर से कम से कम 350 संसदीय सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने की बात पर अड़े रहने की वजह से विपक्षी एकता में दिक्कत आ रही थी लेकिन अब कांग्रेस भी कुछ और त्याग करने के लिए राजी हो गयी है। अभी हाल ही में अपने अमेरिकी दौरे के दौरान राहुल गांधी ने एक सवाल के जवाब में स्पष्ट कर दिया था कि भाजपा और आरएसएस को हराने के लिए कांग्रेस को और बड़ा त्याग करना होगा तो वह करेगी। वर्तमान में भाजपा के पास अकेले दम पर लोकसभा में 301 सीटें हैं। विपक्ष का प्रयास है कि अगली लोकसभा में 450 सीटें जीत कर भाजपा को विपक्ष का दर्जा हासिल करने लायक भी नहीं छोड़ा जाये। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी एकता के लिए यह फॉर्मूला पहले ही दे चुकी हैं कि जिस राज्य में जो दल मजबूत है उसको बाकी विपक्षी दल अपना पूरा समर्थन दें ताकि भाजपा का पूरी ताकत के साथ मुकाबला किया जा सके। लेकिन इस फॉर्मूले से सबसे ज्यादा दिक्कत कांग्रेस को ही है। दरअसल कांग्रेस का राष्ट्रीय स्तर पर आधार है और कई राज्यों में उससे क्षेत्रीय दलों ने ही सत्ता छीन ली है। ऐसे में कांग्रेस के लिए यह बड़ा मुश्किल हो रहा है कि कैसे वह दिल्ली और पंजाब में आम आदमी पार्टी के समक्ष समर्पण कर दे, कैसे वह तेलंगाना में बीआरएस, आंध्र प्रदेश में वाईएसआर कांग्रेस, बंगाल में तृणमूल कांग्रेस, उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी, झारखंड में झारखंड मुक्ति मोर्चा, बिहार में जनता दल युनाइटेड और राष्ट्रीय जनता दल और तमिलनाडु में द्रमुक आदि के समक्ष समर्पण कर दे। वैसे कांग्रेस की केंद्रीय इकाई भले इस समर्पण के लिए राजी हो गयी है लेकिन उसकी प्रांतीय इकाइयां ऐसे किसी समझौते के विरोध में हैं।

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नीतीश कुमार की दुर्गति होनी तय, उन्हें छोड़ देना चाहिए राजपाट : गिरीराज सिंह https://samacharpacheesa.com/?p=6417 Thu, 23 Feb 2023 08:25:08 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=6417 पटना। बिहार में राजद की ओर से तेजस्वी यादव की ताजपोशी की मांग तेज कर दी गई है। इतना ही नहीं, राजद के कुछ नेताओं ने तो साफ तौर पर कह दिया है कि तेजस्वी यादव होली के बाद मुख्यमंत्री बन जाएंगे। उनकी ताजपोशी खुद नीतीश कुमार करेंगे। यही कारण है कि अब भाजपा भी नीतीश कुमार पर जबरदस्त तरीके से तंज कस रही है। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने नीतीश कुमार पर हमला बोलते हुए साफ तौर पर कहा कि उनकी दुर्गति होनी तय है। इसलिए उन्हें राजपाट छोड़ देना चाहिए। न्यूज़ एजेंसी एएनआई के मुताबिक गिरिराज सिंह ने कहा कि आज JDU में जो चल रहा है कि 2025 के बाद विधायक तय करेगा और अब लालू जी भी स्वस्थ हो गए हैं तो नीतीश जी की आत्मा अब कह रही होगी कि बजट के साथ ही उन्हें तीर्थ यात्रा पर निकल जाना चाहिए था।
भाजपा नेता ने साफ तौर पर कहा कि नीतीश कुमार को जल्दी ही राजपाट छोड़ देना चाहिए। उन्होंने कहा कि उन्हें राजपाट इसलिए छोड़ देना चाहिए क्योंकि उनकी दुर्गति होना तय है। इनकी राजनीतिक विश्वसनीयता नहीं बची है। वहीं, राज्य के पूर्व उप-मुख्य मंत्री एवं सांसद सुशील कुमार मोदी ने कहा था कि नीतीश कुमार फिर एक बार राजद को धोखा देने की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि पहले स्वयं तेजस्वी को अपना उत्तराधिकारी घोषित कर दिया और अब पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह से बयान दिलवा रहे हैं कि ऐसा कोई फैसला नहीं हुआ है। 2025 में निर्णय होगा। वहीं केसी त्यागी कह रहे हैं कि 2030 में भी नीतीश कुमार ही मुख्य मंत्री रहेंगे। राजद के विधायक एक स्वर से होली बाद तेजस्वी की ताजपोशी की घोषणा कर रहे हैं।
मोदी ने कहा कि इन विरोधाभासी बयानों से राज्य में नौकरशाही पेशोपेश में पड़ गई है। विकास कार्य ठप्प हो गए हैं। राजनैतिक अस्थिरता का खतरा पैदा हो गया। सत्ता परिवर्तन की आहट से जनता संशकित है। नीतीश कुमार को हस्तक्षेप कर सारी स्थिति को स्पष्ट कर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता को यह जानने का अधिकार है कि किसका बयान सच है। यदि कोई समझौता हुआ है तो जल्द से जल्द तेजस्वी की ताजपोशी कर देनी चाहिए अन्यथा घोषणा कर देना चाहिए कि 2025 में मी नीतीश कुमार महागठबन्धन के मुख्य मंत्री के दावेदार होंगे। ऐसी स्थिति में लालू प्रसाद को अपनी चुप्पी तोड़नी चाहिए। 2024 में नरेन्द्र मोदी का प्रधानमंत्री और 2025 में भाजपा का मुख्य मंत्री बनना तय है।

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नीतीश कुमार ने सुधाकर सिंह पर किया तीखा हमला https://samacharpacheesa.com/?p=6315 Fri, 17 Feb 2023 10:15:44 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=6315 पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पूर्व कृषि मंत्री और राजद के विधायक सुधाकर सिंह पर तीखा हमला किया है। उन्होंने कहा कि सुधाकर सिंह क्या बोलते हैं नहीं बोलते हैं, उससे मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता है। राज्य में कृषि के क्षेत्र में बहुत काम हुआ है। सब लोगों को मालुम है। हमारी सरकार किसानों के लिए समर्पित है। हमलोग हमेशा किसानों के लिए ही काम करते रहे हैं। जिसको पता नहीं है वो कुछ भी बोलते रहे। शहद और बाजार के क्षेत्र में काफी काम हुआ। पूरे गांव में कहीं कोई मकान दिखता था, आज देखिए। लोग बोलेंगें तो ही हमारे काम को वैल्यू मिलेगा।
मुझे परवाह नहीं कौन क्या बोल रहा है
सीएम ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि कोई कुछ भी बोल रहा है तो उसे बोलने दीजिए। मुझे इस बात की थोड़ी सी भी परवाह नहीं है कि कौन क्या बोलता है। उनकों सरकार के द्वारा किए गए कार्यों को अभी अच्छी तरह से जानने की जरूरत है। समाधान यात्रा में मैंने देखा है कि बिहार के गांवों में विकास हो रहा है।राज्य ने बिना किसी से मदद लिए अपने बल पर विकास किया है। उन्होंने विरोधियों पर हमला करते हुए कहा कि मेरे खिलाफ बोलने वालों को पार्टी नेता बनाती है। मगर जनता सब देख रही है। वो उन्हें नेता स्वीकार नहीं करेगी। बिहार का विकास करना ही केवल मेरा काम है।
केवल गांधी जी की बातों को सुनें
मुख्यमंत्री ने भाजपा पर बड़ा हमला करते हुए कहा कि भाजपा 2024 से पहले भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने की सोच रही है। ये उसकी भूल है। हमलोग महात्मा गांधी के संकल्पों को आगे बढ़ाने में लगे हुए हैं। उनके संकल्पों को बढ़ाकर ही देश और राज्य का विकास संभव है। हम सब भी केवल गांधी जी के बातों को सुने।
बीबीसी को पूरी दुनिया देख रही है
बीबीसी पर हुए आयकर विभाग के रेड पर नीतीश कुमार ने भाजपा को आड़े हाथ लेते हुए कि हम सभी बीबीसी की खबरों को देखते हैं। इसकी खबरों पर भरोसा करतें है। इस तरह की रेड क्या है हम सभी जानते हैं। क्या हो रहा है यह सभी लोग जानते हैं।

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ना जेडीयू कमजोर हुई, ना ही कोई भाजपा से संपर्क में: नीतीश कुमार https://samacharpacheesa.com/?p=5910 Wed, 25 Jan 2023 08:17:18 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=5910 पटना। बिहार में जदयू के अंदर चल रहे घमासान से सियासी पारा चढ़ा हुआ है। पार्टी के संसदीय बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने मंगलवार को प्रेस कांफ्रेंस करके अपनी ही पार्टी के नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए। नीतीश कुमार को कमजोर करने की साजिश के साथ-साथ उन्होंने जदयू के कमजोर होने की बात कही। वहीं बुधवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उपेंद्र कुशवाहा के दावों पर खुलकर जवाब दिया।
नीतीश कुमार ने उपेंद्र कुशवाहा के आरोपों को खारिज किया
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उपेंद्र कुशवाहा के दावों और आरोपों को खारिज कर दिया। सीएम ने कहा कि जदयू कहीं से कमजोर नहीं हुई है। बल्कि पहले से मजबूत ही हुई है। पहले की तुलना में सदस्य बढ़े हैं। पहले 43 से 44 लाख सदस्य थे और अब ये संख्या 75 लाख हो चुकी है। कहा कि जो लोग कहते हैं कि पार्टी कमजोर हुइ है वो खूब खुशियां मनाएं।
कोई नेता भाजपा से संपर्क में नहीं- नीतीश कुमार
नीतीश कुमार ने उपेंद्र कुशवाहा के उन दावों को भी खारिज किया कि जदयू के बड़े नेता भाजपा से संपर्क में हैं। सीएम ने कहा कि कुछ भी बोलते रहते हैं। उन्होंने कहा कि आप नाम दीजिए कि कौन लोग भाजपा के संपर्क में है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग खुद संपर्क में जाना चाहते हैं वही ऐसी बात करते हैं।
मंत्री जयंत राज भी बरसे
वहीं जदयू कोटे से मंत्री जयंत राज ने बड़ा बयान दिया है। कहा है कि उपेंद्र कुशवाहा की महत्वकांक्षा पूरा नहीं हो रही है इसलिए वह इस तरह का बयान दे रहे हैं। बता दें कि उपेंद्र कुशवाहा ने आरोप लगाया था कि नीतीश कुमार को कमजोर करने की साजिश चल रही है इसलिए उपेंद्र कुशवाहा को किनारे किया जा रहा है।

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मुझे कमजोर करने की हो रही साजिश : उपेंद्र कुशवाहा https://samacharpacheesa.com/?p=5878 Tue, 24 Jan 2023 09:18:31 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=5878 पटना। बिहार की राजनीति एक बार फिर से करवट लेती हुई दिखाई दे रही है। बिहार में 2020 विधानसभा चुनाव के बाद उपेंद्र कुशवाहा और नीतीश कुमार एक साथ हुए थे। इसको लेकर जातीय समीकरण को साधने की कोशिश हुई थी। लेकिन अब एक बार फिर से उपेंद्र कुशवाहा और नीतीश कुमार के बीच दूरी साफ तौर पर दिखाई दे रही है। उपेंद्र कुशवाहा ने आज साफ तौर पर स्वीकार किया कि मुझे कमजोर करने की साजिश हो रही है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा है कि नीतीश कुमार कमजोर हुए हैं। जदयू भी कमजोर हुई है। राजद के लोग आजकल डील की बात कर रहे हैं। मैं राजद के डील को समझना चाहता हूं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जदयू के कार्यक्रम से मुझे अलग करने की भी कोशिश हो रही है।
उपेंद्र कुशवाहा ने यह भी कहा है कि नीतीश कुमार से में मुलाकात करूंगा और उसको सब कुछ बताऊंगा मेरा और नीतीश कुमार का दर्द एक ही है। दूसरी ओर इसको लेकर नीतीश कुमार से सवाल पूछा गया। नीतीश कुमार ने साफ तौर पर कहा कि उनको बोलने के लिए छोड़ दीजिए। कुशवाहा पर हमारी पार्टी से कोई भी कुछ नहीं बोलेगा। हालांकि, बताया जा रहा है कि नीतीश कुमार और उपेंद्र कुशवाहा के बीच दूरी काफी गहरी हो गई है। पिछले दिनों उपेंद्र कुशवाहा के उप मुख्यमंत्री बनने की चर्चा थी। हालांकि, नीतीश कुमार ने इसे पूरी तरीके से खारिज कर दिया था। अब खबर है कि उपेंद्र कुशवाहा अगले महीने तक जदयू का दामन छोड़ सकते हैं और अपनी पुरानी पार्टी राष्ट्रीय लोक समता पार्टी को पुनर्जीवित करेंगे।
2021 में जदयू और आरएलएसपी का विलय हुआ था। माना जा रहा है कि रालोसपा को पुनर्जीवित करने के बाद कुशवाहा भाजपा के साथ गठबंधन कर आगे की रणनीति तय करेंगे। हाल में ही उपेंद्र कुशवाहा दिल्ली आए हुए थे। दिल्ली एम्स में वह भर्ती भी रहे थे। हालांकि, इसी दौरान बिहार भाजपा के कई नेताओं से उनकी मुलाकात भी हुई है। इसको लेकर उपेंद्र कुशवाहा से जब सवाल पूछा गया तो उन्होंने इस मुद्दे पर बहुत ज्यादा नहीं बोला। लेकिन कुशवाहा ने यह जरूर कहा कि मैं अकेले ही अपना फैसला ले सकता हूं।

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नीतीश कुमार को बनाने में शरद यादव की रही खास भूमिका https://samacharpacheesa.com/?p=5720 Fri, 13 Jan 2023 10:14:34 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=5720 पटना। वरिष्ठ समाजवादी नेता शरद यादव का 75 साल की उम्र में गुरुवार देर रात निधन हो गया। शरद यादव का जन्म मध्यप्रदेश के जबलपुर में हुआ। लेकिन राजनीति में उनकी कर्मस्थली बिहार बनी। शरद यादव के नाम एक और खास रिकॉर्ड दर्ज है। वह यह है कि वह ऐसे नेता रहे हैं जो 3 राज्यों से सांसद बने। बिहार के मधेपुरा सीट से वह 4 बार सांसद चुने गए। इमरजेंसी के दौरान राजनीति में कद्दावर नेता के तौर पर उभरने वाले शरद यादव अपनी बात को मजबूती से कहने के लिए जाने जाते रहे हैं। सड़क से लेकर संसद तक वह आम जनता की आवाज को उठाते रहे। बिहार की राजनीति में काफी लंबा समय देने वाले शरद यादव और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जोड़ी भी खूब सुर्खियों में रही। हालांकि एक वक्त यह भी आया कि जब नीतीश कुमार और शरद यादव के रास्ते अलग-अलग हो गए। शरद यादव ने नीतीश कुमार का साथ छोड़कर लोकतांत्रिक जनता दल बना लिया था। लेकिन यह टकराव की स्थिति क्यों आई, यह हम आज आपको बताएंगे।
शरद यादव राजनीति में काफी लंबे समय तक सक्रिय रहे। सियासत की बुलंदियों तक पहुंचने वाले शरद यादव की लोकप्रियता इतनी थी कि कभी उनसे मिलने के लिए बड़े-बड़े नेताओं तक तो समय लेना पड़ता था। शरद यादव लोकदल और जनता पार्टी से अलग होकर बने पार्टियों में लंबे समय तक रहे। इन्हीं पार्टियों में से एक है जनता दल यूनाइटेड जो फिलहाल नीतीश कुमार की वजह से जानी जाती है। शरद यादव काफी लंबे समय तक जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे। नीतीश कुमार के सियासी कामयाबी में शरद यादव का भी अहम योगदान रहा है। लालू के सामने नीतीश को खड़ा करने में भी शरद यादव की भूमिका अहम रही। शरद यादव ने तो 1999 में मधेपुरा लोकसभा क्षेत्र से लालू यादव को भी हराने में कामयाबी हासिल की थी। इतना ही नहीं, शरद यादव 2013 तक भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए के संयोजक भी रहे।
लेकिन 2013 के बाद शरद यादव के लिए स्थितियां बदलने लगी। 2013 में नीतीश कुमार ने भाजपा से संबंध तोड़ने का फैसला लिया। उस वक्त शरद यादव नीतीश कुमार के फैसले से खुश नहीं थे। बाद में 2015 में शरद यादव और नीतीश कुमार ने लालू यादव के साथ महागठबंधन में हिस्सा बनना स्वीकार किया। यह वह वक्त था जब जदयू 2014 के लोकसभा चुनाव में बुरी तरह हार चुकी थी। लेकिन 2017 में एक बार फिर से नीतीश कुमार भाजपा के साथ चले गए। तब नीतीश के इस फैसले का विरोध शरद यादव ने खुलकर किया। इसी के बाद शरद यादव को जदयू से अलग होना पड़ा। शरद यादव को राज्यसभा से अयोग्य घोषित कर दिया गया था। इसके लिए खुद जदयू की ओर से पत्र लिखा गया था।
हालांकि इसके बाद एक 2 वर्षों तक वह विपक्षी दलों के मंच पर दिखाई देते रहें। लेकिन उनकी स्वास्थ्य लगातार खराब होते जा रही थी। उन्होंने लोकतांत्रिक जनता दल बनाई। लेकिन बिहार में इसे उतनी अच्छी सफलता नहीं मिल पाई। बाद में लालू यादव शरद यादव के साथ खड़े हुए। लोकतांत्रिक जनता दल का आरजेडी में विलय हुआ। आखिरी दौर में लालू यादव और नीतीश कुमार दोनों ने ही शरद यादव का बखूबी सहयोग किया। लालू यादव फिलहाल सिंगापुर में इलाज रत हैं। बावजूद इसके उन्होंने एक वीडियो के जरिए शरद यादव को श्रद्धांजलि दी है।

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देश के लिए काम नहीं करती भाजपा, इसीलिए हमारी पार्टी ने उनसे तोड़ा गठबंधन : नीतीश कुमार https://samacharpacheesa.com/?p=5611 Tue, 03 Jan 2023 11:22:56 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=5611 पटना। बिहार में भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए राज्य की महागठबंधन पर जबरदस्त तरीके से निशाना साधा। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने भाजपा से गठबंधन तोड़ कर जनादेश का अपमान किया है। वक्त आने पर प्रजातांत्रिक तरीके से इसका जवाब दिया जाएगा। भाजपा अध्यक्ष के इसी बयान पर नीतीश कुमार ने पलटवार किया है। नीतीश कुमार ने साफ तौर पर भाजपा पर खुद के लिए काम करने का आरोप लगाया। अपने बयान में नीतीश कुमार ने कहा कि सभी दलों को यात्रा करने का अधिकार है, वे (बीजेपी) देश के लिए काम नहीं करते हैं, वे अपने लिए काम करते हैं और इसीलिए हमारी पार्टी ने उनसे गठबंधन तोड़ा।
दूसरी ओर बिहार दौरे पर गए जेपी नड्डा ने कहा कि आज हजारों करोड़ रुपये के पुल बिहार में बन रहे हैं… ये बिहार की तस्वीर और तकदीर, दोनों को बदल डालेंगे। ये सब काम शुरू हुए मोदी जी के नेतृत्व में… लेकिन अब एक समस्या है, हम ऊपर से तो लक्ष्मी भेज देंगे लेकिन अगर नीचे जंगलराज हो तो काम नहीं हो पाता। विकास थम जाता है। नड्डा ने नीतीश कुमार पर हमला करते हुए कहा कि उन्होंने जो फैसला लिया वो उनको मुबारक, लेकिन उन्होंने बिहार की जनता को धोखा दिया है, जनादेश का अनादर किया है। उनको प्रजातांत्रिक तरीके से इसका जवाब दिया जाएगा। हम कुर्सी पर बैठने के लिए नहीं, बिहार का विकास करने के लिए सत्ता में थे।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मजाक उड़ा रहे थे कि देश का प्रधानमंत्री लाल किले से शौचालय की बात कर रहा है। कांग्रेसी इसलिए मजाक उड़ा रहे थे क्योंकि उन्होंने गरीबी देखी ही नहीं थी। आज 12 करोड़ बहनों को इज्जत घर नरेंद्र मोदी ने दिया है। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रचार में मैंने आगाह किया था तेजस्वी की सरकार आ जाएगी तो जंगलराज आ जाएगा। आज मैं कह सकता हूँ कि बिहार में जंगलराज आ चुका है। अगस्त महीने में ही कितनी हत्याएं हुई। लोग बंधक बनाए गए, महिलाओं के साथ अत्याचार बढ़ गए हैं। कानून व्यवस्था ध्वस्त हो चुका है।

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नीतीश कुमार ने जनादेश का अनादर किया, प्रजातांत्रिक तरीके से दिया जाएगा जवाब : जेपी नड्डा https://samacharpacheesa.com/?p=5608 Tue, 03 Jan 2023 11:18:55 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=5608 पटना। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा आज बिहार के मुजफ्फरपुर पहुंचे हैं। मुजफ्फरपुर में उन्होंने एक जनसभा को संबोधित भी किया। इस दौरान नड्डा ने कहा कि राज्य की महागठबंधन की सरकार पर जमकर निशाना साधा। साथ ही साथ नड्डा में बिहार में मोदी सरकार द्वारा किए जा रहे कामों को गिनाया। उन्होंने कहा कि वैशाली की धरती को मेरा सादर नमन। उन्होंने कहा कि यहां उपस्थित भीड़ ये स्पष्ट रूप से बता रही है कि बिहार बदलाव चाहता है और नई उमंग के साथ चाहता है। जो संकल्प आपने लिया है वही भारतीय जनता पार्टी का भी है। नड्डा ने साफ तौर पर कहा कि तमाम विपरीत परिस्थितियों में भी भारत को बढ़ाने का काम किया है तो प्रधानमंत्री मोदी जी ने किया है।
भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि अमेरिका और यूरोप में भी कोरोना टीकाकरण पूरा नहीं हो पाया है जबकि भारत में 220 करोड़ से अधिक टीके लग चुके हैं। मोदी जी के कारण ही ये कवच भारत की जनता को मिला है। उन्होंने कहा कि आज हजारों करोड़ रुपये के पुल बिहार में बन रहे हैं… ये बिहार की तस्वीर और तकदीर, दोनों को बदल डालेंगे। ये सब काम शुरू हुए मोदी जी के नेतृत्व में… लेकिन अब एक समस्या है, हम ऊपर से तो लक्ष्मी भेज देंगे लेकिन अगर नीचे जंगलराज हो तो काम नहीं हो पाता। विकास थम जाता है। नड्डा ने नीतीश कुमार पर हमला करते हुए कहा कि उन्होंने जो फैसला लिया वो उनको मुबारक, लेकिन उन्होंने बिहार की जनता को धोखा दिया है, जनादेश का अनादर किया है। उनको प्रजातांत्रिक तरीके से इसका जवाब दिया जाएगा। हम कुर्सी पर बैठने के लिए नहीं, बिहार का विकास करने के लिए सत्ता में थे।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मजाक उड़ा रहे थे कि देश का प्रधानमंत्री लाल किले से शौचालय की बात कर रहा है। कांग्रेसी इसलिए मजाक उड़ा रहे थे क्योंकि उन्होंने गरीबी देखी ही नहीं थी। आज 12 करोड़ बहनों को इज्जत घर नरेंद्र मोदी ने दिया है। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रचार में मैंने आगाह किया था तेजस्वी की सरकार आ जाएगी तो जंगलराज आ जाएगा। आज मैं कह सकता हूँ कि बिहार में जंगलराज आ चुका है। अगस्त महीने में ही कितनी हत्याएं हुई। लोग बंधक बनाए गए, महिलाओं के साथ अत्याचार बढ़ गए हैं। कानून व्यवस्था ध्वस्त हो चुका है। उन्होंने कहा कि मोदी जी ने पुतिन और जेलेंस्की से बातचीत करके यूक्रेन का युद्ध रूकवाया और एक साथ 25000 हजार विद्यार्थी को सुरक्षित निकालकर लाएं। यूक्रेन में भारत के ही विद्यार्थी ही नहीं, बल्कि दूसरे देशों के भी छात्र तिरंगा लेकर सुरक्षित वहाँ से निकल गए।

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