परिणाम – SAMACHARPACHEESA.COM https://samacharpacheesa.com Tue, 16 May 2023 07:35:08 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.3 कर्नाटक के नतीजों से सबक https://samacharpacheesa.com/?p=6889 Tue, 16 May 2023 07:35:07 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=6889 कर्नाटक विधानसभा चुनाव के परिणाम ने किसी को चौंकाया नहीं, यहां तक कि एग्जिट पोल के नतीजे भी बता रहे थे कांग्रेस की बढ़त है। यह बात जरूर है की कांग्रेस को 136 सीटें मिल जायेंगी ऐसा नहीं लग रहा था। कर्नाटक में सरकार बनाने के लिए 113 का आंकड़ा बहुमत के लिए चाहिए। पिछले चुनाव में भाजपा ने 104 सीटें जीतकर भी सरकार नहीं बना पाई थी। जद एस और कांग्रेस ने मिलकर भाजपा से सत्ता छीन ली थी लेकिन कुछ समय बाद 16 कांग्रेस और जद एस के विधायकों ने इस्तीफा दे दिया और भाजपा की सरकार बन गई। इस बार भाजपा को बड़ा नुकसान हुआ और कांग्रेस को बड़ा फायदा हुआ और जनता दल एस को जनता ने नकार दिया। इस चुनाव के परिणाम ने कई सबक राजनेताओं को सिखाया है। पहला तो यह कि जनता के मुद्दों को छोड़कर अगर इधर उधर की बात करेंगे तो मीडिया में स्थान भले ही मिल जाय, वोट नहीं मिलेंगे। इस चुनाव में जिन 16 विधायकों ने इस्तीफा देकर भाजपा की सरकार बनने में मदद की थी, जनता ने उनको भी हरा दिया। इस प्रकार दलबदल का खेल करने वालों को सबक मिलेगी। कांग्रेस को जो ज्यादा सीटें मिली या भाजपा केवल 65 पर सिमट गई इसके पीछे जनता दल का कमजोर प्रदर्शन रहा। ऐसा लगता है बजरंग दल पर प्रतिबंध लगाने की बात कांग्रेस पार्टी के घोषणा पत्र में आने के बाद चुनाव में बजरंगबली प्रचार के केंद्र में आ गए थे। इस मुद्दा के गरमाने से अल्पसंख्यक मतों का ध्रुवीकरण हुआ, जेडीएस का अल्पसंख्यक वोट कांग्रेस की ओर चला गया जिसके कारण परिणाम एकतरफा कांग्रेस के पक्ष में चला गया। यह भाजपा की उम्मीदों के विपरीत रहा। इस चुनाव में भाजपा सरकार के कुशासन और भ्रष्टाचार को मुद्दा बनाया गया, 40त्न कमीशन वाली सरकार के नाम से कांग्रेस आने प्रचार किया। अब मुद्दों को देखें तो छह माह बाद छत्तीसगढ़ में भी चुनाव होने हैं, ऐसे में भ्रष्टाचार यहां भी मुद्दा बना तो कांग्रेस को जवाब देना मुश्किल होगा। कर्नाटक चुनाव में भी जनता को अधिकाधिक रेवड़ी बांटने की घोषणा की गई थी, यह भी निश्चित तौर पर चुनाव में मतदाताओं में प्रभावी रहा। कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ में जो घोषणाओं की थी और आगामी चुनाव में किसान, धान और गोबर का मुद्दा भी चलेगा। इन मुद्दों पर भाजपा को भी गौर करना होगा।

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विधानसभा चुनाव के परिणाम आज https://samacharpacheesa.com/?p=5066 Thu, 08 Dec 2022 07:12:11 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=5066 जिस प्रकार विद्यार्थियों की परीक्षा होती है और उसके बाद परिणाम आने के दिन बेहद उत्सुकता बनी रहती है। कुछ इसी तरह संसदीय लोकतंत्र में राजनीतिक दलों के लिए चुनाव का परिणाम आने के दिन होता है। आजकल विभिन्न मीडिया समूह और सर्वे करने वाली एजेंसियां एक्जिट पोल के जरिए संभावित परिणाम बता देते है। गुजरात और हिमाचल में हुए विधानसभा चुनाव में भी एक्जिट पोल के जरिए एक संभावित परिणाम सामने है। गुजरात में माना जा रहा है कि भाजपा को स्पष्ट बहुमत मिलेगा और हिमाचल प्रदेश में मुकाबला कांटे की टक्कर का है। गुजरात में आम आदमी पार्टी की मजबूत उपस्थिति से कांग्रेस पार्टी को नुकसान और भाजपा को फायदा होने की संभावना है। हिमाचल प्रदेश में पिछले चुनावों का इतिहास देखें तो कांग्रेस और भाजपा बारी-बारी पांच साल के लिए जीतकर आते हैं। इस स्थिति के अनुसार आज के परिणाम में कांग्रेस पार्टी को सरकार बनाने का मौका मिल सकता है। हालांकि पिछले कुछ वर्षों में इस मिथक को जनता ने तोड़ा है। छत्तीसगढ़ में भी भानुप्रतापपुर विधानसभा में उपचुनाव का परिणाम घोषित होगा। वैसे तो सत्तारुढ़ दल की जीत की संभावना ज्यादा होती है लेकिन भानुप्रतापपुर क्षेत्र के चुनाव में सर्व आदिवासी समाज के उम्मीदवार के खड़े होने से समीकरण के बिगडऩे की संभावना है। भानुप्रतापपुर उपचुनाव में 71 प्रतिशत से अधिक का मतदान हुआ है। जबकि 2018 के चुनाव में इस सीट पर 77.68 प्रतिशत मतदाताओं ने वोट डाले थे। इसका मतलब है कि उपचुनाव में पिछले चुनाव के मुकाबले लगभग 6 प्रतिशत मतदान कम हुआ है। उपरोक्त दोनों कारणों का प्रभाव चुनाव के परिणाम दिखेगा। भानुप्रतापपुर में उपचुनाव वहां से निर्वाचित विधायक मनोज मंडावी के असामयिक निधन के कारण हो रहा है। कांग्रेस पार्टी ने उनकी पत्नी श्रीमती सावित्री मंडावी को अपना उम्मीदवार बनाया है। उम्मीद थी कि शोक के कारण श्रीमती मंडावी को सहानुभूति का लाभ चुनाव में मिलेगा। मतदान के प्रतिशत के अनुसार महिला मतदाताओं ने पुरुषों की अपेक्षा कम मतदान किया है। वहीं सुदूर जनजाति क्षेत्रों में सर्व आदिवासी समाज के उम्मीदवार के प्रति जनता का रुझान ज्यादा देखने को मिला। इस कारण चुनाव के परिणाम की सभी राजनीतिक दलों को बेसब्री से इंतजार रहेगा। उपचुनाव की घोषणा होने के बाद जनजाति समाज के आरक्षण में कटौती एक प्रमुख मुद्दा बनी। इसके लिए प्रदेश सरकार ने विधानसभा में आरक्षण विधेयक पारित करवा लिया। दूसरी ओर भाजपा प्रत्याशी ब्रह्मानंद नेताम पर एक यौन शोषण का आरोप लगा व बात गिरफ्तारी तक पहुंच गई। अब इन दोनों विषयों पर जनता ने अपना क्या मत दिया है ? यह आज पता चलेगा।

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