पलटवार – SAMACHARPACHEESA.COM https://samacharpacheesa.com Fri, 20 Jan 2023 10:32:14 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.3 उपराज्यपाल होता कौन है, कहां से आया? वाले बयान पर आया वीके सक्सेना का जवाब https://samacharpacheesa.com/?p=5819 Fri, 20 Jan 2023 10:32:14 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=5819 नईदिल्ली। दिल्ली में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपराज्यपाल विनय सक्सेना के बीच चल रही अधिकार की लड़ाई लगातार तेज होती नजर आ रही है। दिल्ली सीएम के विधानसभा में दिए कौन हैं एलजी वाले बयान पर विनय सक्सेना का पलटवार सामने आया है। एलजी वीके सक्सेना ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को पत्र लिखकर उन पर भ्रामक और अपमानजनक टिप्पणी करने और स्तरहीन बातचीत करने का आरोप लगाया है। एलजी ने पत्र में कहा कि लिखकर कहा कि जब उन्होंने केजरीवाल और उनके डिप्टी मनीष सिसोदिया को बातचीत के लिए आमंत्रित किया, तो उन्होंने 80 लोगों के साथ आने का फैसला किया। एलजी सक्सेना ने कहा कि वास्तव में, सीएम केजरीवाल और डिप्टी सीएम सिसोदिया आएंगे तो दोनों नेताओं को “प्यार” करेंगे, और “दोपहर का भोजन भी परोसेंगे।
एलजी ने कहा कि एक साथ 70 से 80 लोगों के साथ बैठक करना संभव नहीं होता और न ही इससे कोई ठोस उद्देश्य पूरा होता। केजरीवाल पर लोगों को मिसलीड करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि राजनैतिक दिखावे के लिए आपने प्रचार किया कि एलजी ने मुझसे मिलने के इनकार कर दिया। दो दिन पहले विधानसभा में केजरीवाल द्वारा उन पर किए गए हमले का जिक्र करते हुए सक्सेना ने कहा कि ‘उपराज्यपाल कौन है’ और ‘वह कहां से आए’ का जवाब दिया जा सकता है, अगर आप सरसरी तौर पर भारत के संविधान का हवाला दें, अन्य उत्तर के पात्र नहीं हैं, क्योंकि वे स्पष्ट रूप से बहुत निम्न स्तर की बातें हैं। दिल्ली के मुख्यमंत्री को उनको हेडमास्टर कहने पर उन्होंने कहा कि मैं हेडमास्टर के रूप में कार्य नहीं कर रहा हूं। मैं लोगों की आवाज के रूप में काम कर रहा हूं।
इस बीच, केजरीवाल ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि एलजी शहर की कानून-व्यवस्था की स्थिति में सुधार के लिए कदम उठाने के बजाय गंदी राजनीति कर रहे हैं। केजरीवाल ने विधानसभा में कहा था कि केजरीवाल के एलजी हाउस मार्च करने, एलजी को विधानसभा में ‘कौन है एलजी’, ‘कहां से आ गया एलजी।

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देश के लिए काम नहीं करती भाजपा, इसीलिए हमारी पार्टी ने उनसे तोड़ा गठबंधन : नीतीश कुमार https://samacharpacheesa.com/?p=5611 Tue, 03 Jan 2023 11:22:56 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=5611 पटना। बिहार में भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए राज्य की महागठबंधन पर जबरदस्त तरीके से निशाना साधा। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने भाजपा से गठबंधन तोड़ कर जनादेश का अपमान किया है। वक्त आने पर प्रजातांत्रिक तरीके से इसका जवाब दिया जाएगा। भाजपा अध्यक्ष के इसी बयान पर नीतीश कुमार ने पलटवार किया है। नीतीश कुमार ने साफ तौर पर भाजपा पर खुद के लिए काम करने का आरोप लगाया। अपने बयान में नीतीश कुमार ने कहा कि सभी दलों को यात्रा करने का अधिकार है, वे (बीजेपी) देश के लिए काम नहीं करते हैं, वे अपने लिए काम करते हैं और इसीलिए हमारी पार्टी ने उनसे गठबंधन तोड़ा।
दूसरी ओर बिहार दौरे पर गए जेपी नड्डा ने कहा कि आज हजारों करोड़ रुपये के पुल बिहार में बन रहे हैं… ये बिहार की तस्वीर और तकदीर, दोनों को बदल डालेंगे। ये सब काम शुरू हुए मोदी जी के नेतृत्व में… लेकिन अब एक समस्या है, हम ऊपर से तो लक्ष्मी भेज देंगे लेकिन अगर नीचे जंगलराज हो तो काम नहीं हो पाता। विकास थम जाता है। नड्डा ने नीतीश कुमार पर हमला करते हुए कहा कि उन्होंने जो फैसला लिया वो उनको मुबारक, लेकिन उन्होंने बिहार की जनता को धोखा दिया है, जनादेश का अनादर किया है। उनको प्रजातांत्रिक तरीके से इसका जवाब दिया जाएगा। हम कुर्सी पर बैठने के लिए नहीं, बिहार का विकास करने के लिए सत्ता में थे।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मजाक उड़ा रहे थे कि देश का प्रधानमंत्री लाल किले से शौचालय की बात कर रहा है। कांग्रेसी इसलिए मजाक उड़ा रहे थे क्योंकि उन्होंने गरीबी देखी ही नहीं थी। आज 12 करोड़ बहनों को इज्जत घर नरेंद्र मोदी ने दिया है। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रचार में मैंने आगाह किया था तेजस्वी की सरकार आ जाएगी तो जंगलराज आ जाएगा। आज मैं कह सकता हूँ कि बिहार में जंगलराज आ चुका है। अगस्त महीने में ही कितनी हत्याएं हुई। लोग बंधक बनाए गए, महिलाओं के साथ अत्याचार बढ़ गए हैं। कानून व्यवस्था ध्वस्त हो चुका है।

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भारत जोड़ो यात्रा के दिल्ली पहुँचते ही आरएसएस पर राहुल गांधी ने हमले किये तेज, भाजपा ने किया तगड़ा पलटवार https://samacharpacheesa.com/?p=5424 Sat, 24 Dec 2022 07:46:51 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=5424 नई दिल्ली। सितंबर महीने में कन्याकुमारी से शुरू हुई कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा आज राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली पहुँच गयी। कांग्रेस कार्यकर्ताओं की ओर से दिल्ली के प्रवेश द्वारों पर कांग्रेस पार्टी के झंडे, बैनर बड़ी संख्या में लगाकर राहुल का भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान सड़कों के दोनों ओर कांग्रेस के झंडे के रंग वाले गुब्बारे भी लगा कर पूरे क्षेत्र को सजाया गया था। अपने स्वागत से खुश हुए कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने इस दौरान भाजपा और आरएसएस पर देश में डर और नफरत फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा है कि उनकी पार्टी के लोग मोहब्बत फैला रहे हैं। ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के दिल्ली में प्रवेश करने के मौके पर उन्होंने कहा, “इस यात्रा में अमीर गरीब, किसान, मजदूर, हर धर्म और भाषा के लोग शामिल हैं। इस यात्रा में आपको नफरत नहीं दिखाई देगी। यहां सभी लोगों को मोहब्बत और इज्जत दी जाती है।” उन्होंने कहा, “यह यात्रा, महंगाई, बेरोजगारी, डर और नफरत के खिलाफ है।”
राहुल गांधी ने भाजपा और आरएसएस पर निशाना साधा और आरोप लगाया, “इनकी नीति डर फैलाने की है। ये चाहते हैं कि किसान युवा और सभी लोगों के दिल में डर पैदा हो क्योंकि ये लोग उसी डर को नफरत में बदलते हैं।” उन्होंने कहा, “आरएसएस के लोग डर फैलाते हैं और फिर उस डर को नफरत में बदलते हैं। हम कहते हैं डरो मत। हम मोहब्बत फैलाते हैं। हम एक हिंदुस्तानी को दूसरे हिंदुस्तानी से गले मिलवाते हैं।” राहुल गांधी ने कहा कि करीब तीन हजार किलोमीटर पदयात्रा करने के बाद भी उन्हें थकान नहीं है। उन्होंने कहा, “क्या आपको मेरा चेहरा देखकर लग रहा है कि मैं थका हूं? नहीं। मैं नहीं थका क्योंकि आपने मुझे अपनी शक्ति दी। हम आपके प्यार और शक्ति का उपयोग करके चलते हैं।”
हम आपको बता दें कि राहुल गांधी की अगुवाई में ‘भारत जोड़ो यात्रा’ शनिवार सुबह दिल्ली में प्रवेश कर गयी जिससे शहर के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में यातायात प्रभावित रहा। यातायात पुलिस ने उन मार्गों को लेकर परामर्श भी जारी किया है जहां ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के कारण यातायात अवरुद्ध होने की आशंका है। इस बीच, कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी दिल्ली में ‘भारत जोड़ो यात्रा’ में शामिल हुईं और थोड़ी दूर तक राहुल गांधी के साथ चलीं। उल्लेखनीय है कि यह दूसरी बार है जब पार्टी की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कन्याकुमारी से सितंबर में शुरू हुई इस पदयात्रा में हिस्सा लिया है। वह इससे पहले अक्टूबर में कर्नाटक में ‘भारत जोड़ो यात्रा’ में शामिल हुई थीं। सुबह में विश्राम के लिए यात्रा के आश्रम चौक पहुंचने से पहले सोनिया गांधी ने चेहरे पर मास्क लगाकर अपने बेटे राहुल गांधी और बेटी प्रियंका गांधी वाड्रा के साथ कुछ मिनट तक चहलकदमी की।
इस बीच, केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने राहुल गांधी के बयान पर पलटवार करते हुए कहा है कि जो देश का नामोनिशान मिटाने की सोचते हों वो भारत जोड़ने की बात कैसे कर सकते हैं। उन्होंने कहा है कि जिनकी यात्रा में नफरत का बीज बोने वाले हों वो मोहब्बत की दुकान खोलने की बात ही कैसे कर सकते हैं। केंद्रीय सूचना और प्रसारण तथा खेल एवं युवा मामलों के मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि राहुल गांधी के लिए देश हित नहीं परिवार हित पहले है।

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राहुल गांधी पर भाजपा का पलटवार, जी किशन रेड्डी बोले- आप जिंदगी भर पदयात्रा करो हमें कुछ नहीं होगा https://samacharpacheesa.com/?p=5412 Fri, 23 Dec 2022 09:47:24 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=5412 नईदिल्ली। भाजपा राहुल गांधी पर जबरदस्त तरीके से हमलावर है। कांग्रेस की ओर से भारत जोड़ो यात्रा निकाली जा रही है। इसका नेतृत्व राहुल गांधी कर रहे हैं। हालांकि देश में बढ़ते कोरोना वायरस के खतरों को देखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने कांग्रेस और राहुल गांधी को एक पत्र लिखा था। इसमें कहा गया था कि भारत जोड़ो यात्रा में कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन किया जाए। साथ ही साथ स्वास्थ्य मंत्री की ओर से यह भी कहा गया था कि अगर संभव हो तो इस यात्रा को स्थगित कर दी जाए। इसको लेकर राहुल गांधी की ओर से भाजपा पर पलटवार किया गया था। राहुल गांधी ने साफ तौर पर कहा था कि भाजपा भारत जोड़ो यात्रा से डर गई है और वह इस यात्रा को रोकने के लिए अलग-अलग बहाने बना रही है।
अब इसी को लेकर भाजपा की ओर से भी राहुल गांधी और कांग्रेस पर पलटवार किया जा रहा है। केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी ने तंज कसते हुए कहा कि आप जिस-जिस जगह भारत जोड़ो यात्रा कर रहे हैं उस राज्य में लोग कांग्रेस छोड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि आप पहले अपनी पार्टी को जोड़ो भारत जोड़ने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि हम किसी से नहीं डरते। आप(राहुल गांधी) खुद अपनी पार्टी से डर रहे हैं। भाजपा नेता ने कहा कि आप गुजरात चुनाव में नहीं गए, हिमाचल प्रदेश में प्रचार करने नहीं गए। आप जिंदगी भर पदयात्रा करो हमें कुछ नहीं होगा।
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि मैं चाहता हूं राहुल गांधी यात्रा जारी रखें। वे जहां भी जाते हैं कांग्रेस हार जाती है ये पुराना रिकॉर्ड रहा है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि जो भी स्वास्थ्य मंत्री ने कहा है मैं उम्मीद करता हूं कि उन्हें उसका पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमने कोविड की स्थिति को लेकर गाइडलाइन जारी की है। देश के एक नागरिक के नाते उसका पालन करना है या नहीं करना, ये कांग्रेस पार्टी अगर जिम्मेदार पार्टी है तो निर्णय करे। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि भारत जोड़ो यात्रा एक महीने से ज्यादा समय से चल रही थी। कौन इससे जुड़ रहा था इससे हमें कोई मतलब नहीं था। अगर एक बार फिर दुनियाभर में कोविड का संकट आया है और भारत सरकार ने उचित कदम उठाए हैं तो इसका कांग्रेस पार्टी विरोध क्यों कर रही है?

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प्रधानमंत्री की ड्रेस पर कीर्ति आजाद ने कसा तंज, भाजपा का पलटवार https://samacharpacheesa.com/?p=5377 Thu, 22 Dec 2022 07:16:13 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=5377 नईदिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हाल में ही हाल में ही पूर्वोत्तर के दौरे पर गए थे। इस दौरान उन्होंने वहां की संस्कृति के रूप में ढलने की कोशिश भी की थी। इसी कड़ी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आदिवासी पोशाक भी धारण किया था। अब इसी को लेकर तृणमूल कांग्रेस के नेता कीर्ति आजाद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मजाक उड़ाया है। दरअसल, कीर्ति आजाद ने अपने ट्विटर हैंडल पर दो तस्वीरों को साझा किया है। इसमें उन्होंने यह दिखाने की कोशिश की है कि जिस तरीके का कपड़ा प्रधानमंत्री ने पहना है, वैसा ही एक महिला मॉडल ने भी पहन रखा है। इसके साथ ही उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यह ना तो मेल है और ना ही फीमेल, यह सिर्फ फैशन का पुजारी है।
कीर्ति आजाद के इस ट्वीट पर असर के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने पलटवार किया है। हिमंत बिस्वा सरमा ने अपने ट्वीट में लिखा कि यह देखकर दुख होता है कि कीर्ति आजाद किस तरह मेघालय की संस्कृति का अनादर कर रहे हैं और हमारे आदिवासी पहनावे का मजाक उड़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि टीएमसी को तत्काल स्पष्ट करना चाहिए कि क्या वे उनके विचारों का समर्थन करते हैं। उनकी चुप्पी मौन समर्थन के बराबर होगी और इस तरह लोगों द्वारा उन्हें माफ नहीं किया जाएगा। हालांकि, इसके सफाई में आजाद ने कहा कि मैंने इसका अनादर नहीं किया है, मुझे यह पसंद है। मैं कोशिश कर रहा हूं, व्यक्त करें कि हमारे प्रधान मंत्री को फैशन स्टेटमेंट बनाना पसंद है। कोई अवसर नहीं चूकते।
अरुणाचल के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने भी कीर्ति आजाद पर निशाना साधा है। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा कि प्रिय कीर्ति आज़ाद, आपका मेघालय की समृद्ध आदिवासी परंपराओं और हमारी समृद्ध आदिवासी विरासत का उपहास करना तिरस्कारपूर्ण और घृणित है। आपकी भाषा दयनीय है और नारीत्व की गरिमा पर आघात है। मैं इसकी निंदा करता हूं। उन्होंने अपना ट्वीट ममता बनर्जी को भी टैग किया है। भाजपा सांसद समीर ओरांव ने लिखा कि ये आदिवासी समाज का अपमान है जो हिंदुस्तान का जनजाति समाज कतई बर्दास्त नहीं करेगा, बतमीज़ कीर्ति आजाद अगर जानकारी ना हो तो थोड़ा ज्ञान प्राप्त कर लो यह मेघालय का आदिवासी पहनावा है जिसे पहनकर आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी सम्मान कर रहे हैं।

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लटके-झटके वाले बयान पर स्मृति ईरानी का पलटवार https://samacharpacheesa.com/?p=5331 Tue, 20 Dec 2022 07:57:39 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=5331 नईदिल्ली। केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कांग्रेस नेता की टिप्पणियों को लेकर पलटवार किया है। बीजेपी नेता ने राहुल गांधी की चुप्पी पर भी सवाल उठाए हैं। स्मृति ईरानी ने राहुल गांधी को टैग करते हुए कहा, मैंने आपके एक प्रांतीय नेता को सुना, जिन्होंने अभद्र तरीके से घोषणा की है कि आप 2024 में अमेठी से चुनाव लड़ें। क्या यह तय है कि आप अमेठी से चुनाव लड़ेंगे? आप दूसरी सीट से नहीं भागेंगे? आप डरेंगे नहीं? स्मृति ईरानी ने ट्वीट करते हुए कहा कि आपको और आपकी मम्मी जी को अपने महिला विरोधी गुंडों को एक नया भाषण लेखक लाने की जरूरत है।
केंद्रीय मंत्री ईरानी का इशारा यूपी कांग्रेस नेता अजय राय की ओर इशारा था। अजय राय ने बीते दिनों कहा था कि अमेठी का प्रतिनिधित्व करने वाली स्मृति ईरानी केवल अपने निर्वाचन क्षेत्र में ‘लटका’ और ‘झटका’ दिखाने आती हैं। राय ने एक डांस मूव के संदर्भ में यह बात कही। यह पूछे जाने पर कि क्या राहुल गांधी फिर से अमेठी से चुनाव लड़ेंगे, राय ने हां में जवाब दिया। राहुल गांधी 2019 में हुए पिछले चुनाव में स्मृति ईरानी से हार गए थे। उन्होंने हालांकि केरल के वायनाड की सीट पर जीत दर्ज की थी।
राय ने कहा कि अमेठी गांधी परिवार की सीट रही है। राय ने कहा कि राहुल गांधी वहां से लोकसभा सांसद रहे हैं और उनके पिता राजीव गांधी और चाचा संजय गांधी भी हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने निर्वाचन क्षेत्र की सेवा की है। उन्होंने कहा कि अमेठी की ती फैक्ट्रियां बंद होने के कगार पर हैं, उन्होंने कहा कि जगदीशपुर औद्योगिक क्षेत्र में आधी फैक्ट्रियां बंद हैं। स्मृति ईरानी केवल आती हैं और लटकता-झटका दिखाती हैं और फिर चली जाती हैं।

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भाजपा को उखाड़ फेंकूंगा : नीतीश , सुशील मोदी ने किया पलटवार https://samacharpacheesa.com/?p=5161 Mon, 12 Dec 2022 08:04:19 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=5161 पटना। नीतीश कुमार बरसों तक भाजपा के साथ रहे। भाजपा ने उन्हें केंद्र में मंत्री बनाया, बार-बार बिहार का मुख्यमंत्री बनाया लेकिन नीतीश कुमार ने बार-बार भाजपा का साथ छोड़ा और अब तो उन्होंने संकल्प लिया है कि साल 2024 के लोकसभा चुनावों में भाजपा को केंद्र की सत्ता से हटाना है। नीतीश कुमार ने जनता दल युनाइटेड के अधिवेशन को संबोधित करते हुए कहा कि हम सारी विपक्षी पार्टियों को एकजुट करेंगे और मिलकर भाजपा को हरायेंगे। अब नीतीश ने भाजपा को हटाने का संकल्प तो ले लिया है लेकिन उन्हें पता होना चाहिए कि ऐसा ही संकल्प पिछली बार ऐन चुनावों के समय भाजपा का साथ छोड़ कर आंध्र प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने लिया था। लेकिन चुनावों में उनकी खुद की जमीन ऐसी खिसकी कि वह कहीं के नहीं रहे।
बहरहाल, हम आपको बता दें कि पार्टी का यह अधिवेशन ऐसे समय हुआ है जब सत्तारुढ़ पार्टी महीने भर के अंदर दो विधानसभा उपचुनाव हार गयी है। नीतीश कुमार को इस अधिवेशन में पार्टी को आगे बढ़ाने की बात करनी चाहिए थी लेकिन वह अतीत की बातों को उठाते दिखे। अतीत की भी वह बातें उठाईं गईं जिनके कोई सुबूत नहीं हैं। मसलन नीतीश कुमार ने आरोप लगाया कि भाजपा ने 2020 के विधानसभा चुनाव में गठबंधन में होने के बावजूद जनता दल-यूनाइटेड के खिलाफ काम किया और कोशिश की कि उसके उम्मीदवारों की हार हो।
बिहार विधानसभा के 2020 में हुए चुनावों में जदयू के खराब प्रदर्शन का जिक्र करते हुए, उन्होंने कहा कि भाजपा ने इससे पहले “हमसे ज्यादा सीटें कभी नहीं जीतीं थी, चाहे 2005 हो या 2010। हमारे सभी उम्मीदवारों, चाहे वे जीते हों या हारे हों, उन्होंने बाद में मुझसे शिकायत की कि भाजपा ने हमारी हार सुनिश्चित करने की कोशिश की।”
गौरतलब है कि जदयू आरोप लगाती रही है कि भाजपा ने तब लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) प्रमुख चिराग पासवान की मदद से विधानसभा चुनाव में बढ़त हासिल करने के लिए साज़िश रची थी। पासवान ने मुख्यमंत्री के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। कुमार ने कहा कि वह फिर से मुख्यमंत्री नहीं बनना चाहते थे, लेकिन भाजपा के आग्रह पर पद स्वीकार करने पर सहमत हुए थे। हाल में हुए कुढ़नी विधासभा उपचुनाव में भाजपा के हाथों शिकस्त खाने का परोक्ष हवाला देते हुए बिहार के मुख्यमंत्री ने कहा, ”ऐसा लगता है कि वे उस एक जीत से बेहद खुश हैं। उन्हें पहले की दो हार और दूसरे राज्यों में मिली पराजय क्यों याद नहीं है?” वह इस साल के शुरू में हुए बोचहां और मोकामा उपचुनाव में भाजपा की हार का जिक्र कर रहे थे।
कुमार ने कहा, ”उनको 2024 में पता चलेगा।” उन्होंने यह भी दोहराया कि “उनका (भाजपा का) विरोध करने वाले सभी दल साथ आ जाएं। अगर उनमें से अधिकतर एक साथ आ जाएं तो भी प्रचंड बहुमत की गारंटी होगी। विचार किसी तथाकथित तीसरे मोर्चे का नहीं है। यह मुख्य मोर्चा होगा।” कुमार ने यह भी कहा कि नरेंद्र मोदी की सरकार ने बिहार को विशेष दर्जा देने की उनकी मांग पर कोई ध्यान नहीं दिया और कहा कि मोदी ऐसे राज्य (गुजरात) से आते हैं जो ब्रिटिश शासन के वक्त से ही समृद्ध है।
समारोह में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन, संसदीय बोर्ड के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा और प्रधान राष्ट्रीय महासचिव केसी त्यागी सहित अन्य नेता शामिल हुए। ललन ने आरोप लगाया कि देश में मौजूदा शासन ने आपातकाल के दौरान “अधिनायकवाद” (तानाशाही) और संवैधानिक संस्थानों के खुले दुरुपयोग की याद दिला दी। उन्होंने देश के अन्य हिस्सों, खासकर पूर्वोत्तरी राज्य नगालैंड के पार्टी कार्यकर्ताओं से जदयू को “राष्ट्रीय पार्टी” बनाने की दिशा में काम करने का आह्वान किया। ललन ने कहा, ”हमें राष्ट्रीय पार्टी बनने के लिए सिर्फ एक और राज्य में पहचान बनाने की जरूरत है। हम पिछली बार नगालैंड में महज 0.4 फीसदी से पीछे रह गए थे। हमें अगले साल की शुरुआत में होने वाले चुनावों में जरूरी कदम उठाने चाहिए।”
कुशवाहा ने कॉलेजियम प्रणाली के खिलाफ आवाज उठाई और आरोप लगाया कि न्यायाधीशों के परिवार के सदस्यों को पीठ में नियुक्त किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वह उच्च न्यायपालिका में आरक्षण देने के प्रबल पक्षधर हैं। उन्होंने 2024 में नीतीश कुमार के प्रधानमंत्री बनने और लाल किले पर तिरंगा फहराने की उम्मीद भी जताई। त्यागी ने कुमार को “देश का एकमात्र नेता बताया जो सीबीआई या ईडी से डरे बिना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आंखों में आंखें डालकर देख सकता है।” त्यागी ने कहा, “अगर नीतीश कुमार दिल्ली जाते हैं, तो वे केवल छह महीने में वह हासिल कर लेंगे जो दूसरे कई सालों में नहीं कर पाए।”
उधर, नीतीश कुमार पर पलटवार करते हुए बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी ने कहा है कि भारत भाजपा मुक्त तो नहीं होगा, परंतु बिहार अवश्य 2024 आते-आते जदयू मुक्त हो जाएगा। उन्होंने कहा कि नीतीश की लोकप्रियता घटने से जदयू की दुर्गति हुई ना कि भाजपा ने कोई साजिश की। सुशील कुमार मोदी ने कहा कि अपनी पार्टी की हार का ठीकरा हम पर नहीं फोड़ें मुख्यमंत्री। सुशील कुमार मोदी ने कहा कि कुढ़नी, गोपालगंज ही नहीं, दिल्ली के बिहारियों ने भी जदयू को नकार दिया है। उन्होंने कहा कि विपक्षी एकता नीतीश के बूते से बाहर है क्योंकि वे जेपी नहीं हैं।

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