पश्चिम बंगाल – SAMACHARPACHEESA.COM https://samacharpacheesa.com Tue, 11 Jul 2023 06:44:02 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.3 बम, बंदूक, बवाल और बंगाल https://samacharpacheesa.com/?p=7247 Tue, 11 Jul 2023 06:44:01 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=7247 पश्चिम बंगाल पंचायत चुनावों में हिंसा की घटनाओं से राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल उठे हैं। बंगाल में राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं की सरेआम हत्या, हिंसा, आगजनी, बमबाजी की बढ़ती घटनाएं और राज्यपाल का अपमान तथा उनके आदेशों की अवमानना की खबरें आम बात हो गयी है जोकि चिंताजनक स्थिति है। इसके अलावा, एक टीवी समाचार चैनल के स्टिंग में बंगाल में बमों के जिस कारोबार को दिखाया गया है उससे सवाल उठता है कि क्या पुलिस प्रशासन आंखें मूंदे बैठा है? यही नहीं, विभिन्न अदालतें कई बार बंगाल में राजनीतिक हिंसा की स्थिति पर चिंता जता चुकी हैं लेकिन इसके बावजूद स्थिति में सुधार नहीं आना इस आरोप को बल प्रदान करता है कि हिंसक तत्वों को सत्ता का समर्थन प्राप्त है। पंचायत चुनाव के लिए मतदान वाले दिन बंगाल में कोई बैलेट बॉक्स लेकर भागता दिखा तो किसी ने बैलेट बॉक्स को आग के हवाले कर दिया तो किसी ने पोलिंग स्टेशन पर तोडफ़ोड़ की तो किसी ने दूसरे दलों के कार्यकर्ताओं से मारपीट की। कहीं बम फटे, कहीं गोली चली और खबरों के मुताबिक इस चुनावी हिंसा में अब तक राजनीतिक दलों के 15 कार्यकर्ताओं की हत्या हो चुकी है। क्या यही वह शोनार बांग्ला है जिसकी कल्पना रविन्द्र नाथ टैगोर ने की थी? क्या यही वह लोकतंत्र है जिसके लिए सुभाष चंद्र बोस ने आजादी की लड़ाई लड़ी थी? पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को प्रधानमंत्री पद की सबसे बढिय़ा उम्मीदवार बताने वाले क्या देश को बताएंगे कि आज जो बंगाल में हो रहा है क्या ऐसी ही बम और बंदूक की संस्कृति वह पूरे देश में लाना चाहते हैं? इसके अलावा, हिंसा के इस माहौल को देखकर भी अवार्ड वापसी गैंग जिस तरह चुप्पी साधे हुए है उसको देखते हुए मानवाधिकारों और अभिव्यक्ति की आजादी के प्रति उनका दोगलापन एक बार फिर देश के सामने आ गया है। पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेन्दु अधिकारी ने अगर राज्य में राष्ट्रपति शासन की मांग की है तो इसमें कुछ भी गलत नहीं है क्योंकि यदि निर्वाचित सरकार से हालात नहीं संभल रहे तो लोगों को यूं ही मरने और हिंसा में घायल होने के लिए नहीं छोड़ा जा सकता। हालिया इतिहास पर गौर करें तो यह देखने को मिलता है कि पश्चिम बंगाल में चुनावों के ऐलान के साथ ही शुरू होने वाला हिंसा का दौर परिणाम बाद तक जारी रहता है। राज्य विधानसभा चुनावों के दौरान लगभग महीने भर जो हिंसा हुई थी उसमें पीडि़तों को आज तक न्याय नहीं मिला। विधानसभा चुनावों के दौरान हुई राजनीतिक हिंसा में भी कई लोग मारे गये थे, किसी को जला कर मारा गया था, किसी को बम से उड़ाया गया था, किसी को फंदे पर लटकाया गया था तो किसी को अन्य निर्मम तरीके से मौत के घाट उतारा गया था। यही नहीं, महिलाओं के साथ दुराचार और दुर्व्यवहार हुआ था, घरों और संपत्तियों को नुकसान पहुँचाया गया था, हालात यह हो गये थे कि बड़ी संख्या में लोग विस्थापित हो गये थे। दुखद है कि आज भी उनमें से अधिकांश लोग न्याय की बाट जोह रहे हैं। बहरहाल, बंगाल में पंचायत चुनावों का जब ऐलान हुआ उसके बाद से राज्य में हिंसा का तांडव जारी है मगर राज्य सरकार ऑल इज वेल’ के दावे पर अडिग है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बात तो लोकतंत्र की करती हैं लेकिन उनके अपने राज्य में लोकतंत्र का हाल यह है कि सैंकड़ों की संख्या में विपक्षी दलों के उम्मीदवारों ने पंचायत चुनावों से अपने नाम वापस ले लिये क्योंकि नामांकन दाखिल करने के बाद से उन्हें धमकियां मिल रही थीं। चुनाव को लोकतंत्र का उत्सव माना गया है लेकिन आज के बंगाल का सच यह है कि कोई भी चुनाव आने पर जनता के मन में अपनी सुरक्षा को लेकर डर बैठ जाता है। तृणमूल कांग्रेस ने माँ, माटी और मानुष के नाम पर वोट माँगे थे इसलिए उसे मंथन करना चाहिए कि पार्टी अपने वादे पर कितनी खरी उतरी है?

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वंदे भारत को हरी झंडी दिखाने के कार्यक्रम में ममता बनर्जी ने मंच पर बैठने से किया इनकार, लगे जय श्रीराम के नारे https://samacharpacheesa.com/?p=5544 Fri, 30 Dec 2022 08:23:28 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=5544 कोलकाता। पश्चिम बंगाल के हावड़ा स्टेशन में शुक्रवार को वंदे भारत एक्सप्रेस के हरी झंडी दिखाने के कार्यक्रम में काफी परेशानी की स्थिति उत्पन्न हो गई। इस दौरान बीजेपी के कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम स्थल पर पहुंची मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को देखकर जय श्री राम के नारे लगाने शुरू कर दिए। इन नारों के कारण कार्यक्रम का माहौल काफी तंग हो गया था।
इसी बीच नाराज दिख रहीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंच पर बैठने से इनकार कर दिया, जहां से न्यू जलपाईगुड़ी के लिए वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाई जानी थी। रेलवे स्टेशन पर आई भीड़ और बीजेपी कार्यकर्ताओं द्वारा की गई जोरदार नारेबाजी से बनर्जी परेशान दिखीं। नारेबाजी के बाद मुख्यमंत्री बनर्जी वहीं खड़ी रहीं। वो मंच पर भी नहीं चढ़ी। लगभग 10 मिनट तक ममता को मनाने की कवायद जारी रही।
इस दौरान उनके साथ रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और राज्यपाल सी. वी. आनंद बोस भी मौजूद रहे। बनर्जी को शांत करने के राज्यपाल सी. वी. आनंद बोस ने कई प्रयास किए जो विफल रहे। हालांकि बाद में मुख्यमंत्री मंच के सामने कुर्सी पर बैठ गईं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार कोहावड़ा और पूर्वोत्तर के प्रवेश द्वार न्यू जलपाईगुड़ी को जोड़ने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस को डिजिटल माध्यम से हरी झंडी दिखाई और विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया।
बता दें कि वंदे भारत ट्रेन हावड़ा स्टेशन से सुबह 05.55 बजे चलेगी। रास्ते में यह न्यू फरक्का 09.56 बजे पहुंच कर 09.57 बजे चल देगी। यह ट्रेन सुबह 10.40 बजे मालदा टाउन पहुंच जाएगी। वहां पांच मिनट आराम कर ट्रेन 10.45 में रवाना हो कर 13.45 बजे न्यू जलपाईगुड़ी पहुंच जाएगी। वापसी में यह न्यू जलपाईगुड़ी से 14.50 बजे रवाना होकर 17.45 बजे मालदह टाउन पहुंचेगी। वहां पांच मिनट ठहर कर 17.50 बजे रवाना होगी। यह हावड़ा रात में 22.40 बजे पहुंच जाएगी।
पीएम मोदी ने भी लिया कार्यक्रम में हिस्सा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां के निधन के बाद उन्होंने अपने कर्तव्य का पालन किया है। उन्होंने पश्चिम बंगाल को 7800 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की सौगात दी और वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। पीएम नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया था। मां के निधन के बाद भी पीएम मोदी अपने कर्तव्यों का पालन करते दिखे। उन्होंने अपने कार्यक्रमों को रद्द नहीं किया और सभी तय कार्यक्रमों में हिस्सा लिया।

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मां को अंतिम विदाई देने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वंदे भारत एक्सप्रेस को दिखाई हरी झंडी https://samacharpacheesa.com/?p=5541 Fri, 30 Dec 2022 08:17:33 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=5541 नईदिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां के निधन के बाद उन्होंने अपने कर्तव्य का पालन किया है। उन्होंने पश्चिम बंगाल को 7800 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की सौगात दी और वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। पीएम नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया था। मां के निधन के बाद भी पीएम मोदी अपने कर्तव्यों का पालन करते दिखे। उन्होंने अपने कार्यक्रमों को रद्द नहीं किया और सभी तय कार्यक्रमों में हिस्सा लिया।
रेलवे परियोजनाओं के उद्घाटन समारोह के दौरान उन्होंने कहा कि मुझे पश्चिम बंगाल आना था, लेकिन निजी कारणों से मैं वहां नहीं आ सका। मैं बंगाल के लोगों से माफी मांगता हूं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण के लिए रिकॉर्ड निवेश कर रही है। अब भारत में वंदे भारत एक्सप्रेस, तेजस एक्सप्रेस, हमसफर एक्सप्रेस जैसी आधुनिक ट्रेनें बन रही है। अगले आठ वर्षों में रेलवे को आधुनिकीकरण की नई यात्रा दिखेगी।
उन्होंने कहा कि देश की आजादी के ‘अमृत महोत्सव’ में देश ने 475 ‘वंदे भारत ट्रेन’ शुरू करने का संकल्प लिया था। आज इसी में से एक हावड़ा को न्यू जलपाईगुड़ी से जोड़ने वाली ‘वंदे भारत’ शुरू हुई है। बंगाल के कण-कण में आजादी के आंदोलन का इतिहास समाहित है। जिस धरती से ‘वंदे मातरम्’ का जयघोष हुआ, वहां आज ‘वंदे भारत’ ट्रेन को हरी झंडी दिखाई गई है।
30 दिसंबर का किया खास जिक्र
पीएम मोदी ने 30 दिसंबर का खास जिक्र करते हुए कहा कि आज की तारीख का भी इतिहास में अपना बहुत महत्व है। 30 दिसंबर, 1943 के दिन ही नेताजी सुभाष ने अंडमान में तिरंगा फहराकर भारत की आजादी का बिगुल फूंका था। इस घटना के 75 वर्ष होने पर साल 2018 में, मैं अंडमान गया था, नेताजी के नाम पर एक द्वीप का नामकरण भी किया था।
उन्होंने कहा कि हम लोग अक्सर Preventive Healthcare की बात करते हैं, कहते हैं कि दिनचर्या वो होनी चाहिए कि बीमारी की नौबत ही ना आए। ठीक इसी तरह नदी की गंदगी को साफ करने के साथ ही केंद्र सरकार Prevention पर बहुत जोर दे रही है। इस Prevention का सबसे बड़ा और आधुनिक तरीका है, ज्यादा से ज्यादा आधुनिक Sewage  Treatment प्लांट। आने वाले 10-15 साल बाद की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए देश में आज आधुनिक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लगवाए जा रहे हैं। आज केंद्र सरकार, भारतीय रेलवे को आधुनिक बनाने के लिए और रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाने के लिए रिकॉर्ड इनवेस्टमेंट कर रही है।
उन्होंने बताया कि रेलवे स्टेशनों को भी एयरपोर्ट्स की तरह विकसित किया जा रहा है। न्यू जलपाईगुड़ी स्टेशन भी इसी लिस्ट में शामिल है। आज देश में भारतीय रेलवे के कायाकल्प का राष्ट्रव्यापी अभियान चल रहा है। विस्टाडोम कोच रेल यात्रियों को नया अनुभव करा रहे हैं। सुरक्षित व आधुनिक कोच की संख्या में रिकॉर्ड वृद्धि हो रही है।

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माकपा, कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल से कोई सबक नहीं लिया : मुख्यमंत्री माणिक साहा https://samacharpacheesa.com/?p=5511 Thu, 29 Dec 2022 07:24:58 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=5511 अगरतला। त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने दावा किया है कि राज्य में विधानसभा चुनाव से पहले लोग मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और कांग्रेस की नजदीकी पसंद नहीं कर रहे हैं और उन्होंने दोहराया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) इन दोनों पार्टियों पर बढ़त हासिल करेगी। साहा का यह बयान माकपा और कांग्रेस सहित छह विपक्षी दलों द्वारा एक संयुक्त बयान जारी करने के एक दिन बाद आया है, जिसमें पूर्वोत्तर राज्य के ‘‘शांतिप्रिय’’ लोगों से लोकतंत्र की बहाली, कानून के शासन की फिर से स्थापना तथा स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के पक्ष में आवाज उठाने को कहा गया है।
भाजपा-आईपीएफटी (इंडिजिनस पीपुल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा) गठबंधन ने 2018 के विधानसभा चुनावों में 60 सदस्यीय सदन में दो-तिहाई बहुमत हासिल कर राज्य में 25 साल के वाम शासन को समाप्त कर दिया था। साहा ने बुधवार को कहा, ‘‘यह एक अवसरवादी मेल है। पहले दोनों पार्टियों (माकपा और कांग्रेस) के बीच गुपचुप संबंध था और अब यह सामने आ गया है। लोग इसे सकारात्मक रूप से नहीं ले रहे हैं।’’ उन्होंने कहा कि माकपा और कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल से कोई सबक नहीं लिया है जहां उन्होंने मिलकर तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ चुनाव लड़ा था लेकिन कुछ खास नहीं कर पाए थे। वाम दलों माकपा, फॉरवर्ड ब्लॉक, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई), रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी (आरएसपी) और भाकपा (माले) तथा कांग्रेस के नेताओं ने एक संयुक्त बयान पर हस्ताक्षर किया है।
माकपा के प्रदेश महासचिव जितेंद्र चौधरी ने दावा किया था कि टिपरा मोथा के अध्यक्ष प्रद्योत किशोर माणिक्य ने संयुक्त बयान में व्यक्त किए गए विचारों का व्यापक रूप से समर्थन किया है, लेकिन वह इस पर हस्ताक्षर नहीं कर सके क्योंकि वह अभी राज्य से बाहर हैं। साहा ने कहा, ‘‘चुनाव में लोग अवसरवादी विचार को खारिज कर देंगे।’’ अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) महासचिव अजय कुमार यहां बुधवार को पहुंचे। उन्होंने दावा किया कि लोग भाजपा से तंग आ चुके हैं।

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शुक्रवार को बंगाल में एनजीसी की बैठक की अध्यक्षता करेंगे, वंदे भारत को दिखाएंगे हरी झंडी https://samacharpacheesa.com/?p=5504 Thu, 29 Dec 2022 07:12:35 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=5504 नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शुक्रवार को पश्चिम बंगाल का दौरा करेंगे जहां वे राष्ट्रीय गंगा परिषद की दूसरी बैठक की अध्यक्षता करने के अलावा हावड़ा को न्यू जलपाईगुड़ी से जोड़ने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाएंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की ओर से बृहस्पतिवार को जारी एक बयान में यह जानकारी दी गई। इसके मुताबिक, प्रधानमंत्री कोलकाता मेट्रो की पर्पल लाइन के जोका-तारातला खंड का भी उद्घाटन करेंगे और विभिन्न रेलवे परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे और कुछ का लोकार्पण करेंगे। पीएमओ के मुताबिक, दोपहर 12 बजे प्रधानमंत्री नौसेना के बेस ‘‘आईएनएस नेताजी सुभाष’’ पहुंचेंगे और वहां नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगे।
वे श्यामा प्रसाद मुखर्जी राष्ट्रीय जल और स्वच्छता संस्थान (डीएसपीएम-निवास) का उद्घाटन करेंगे। इसके अलावा वह राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के तहत पश्चिम बंगाल के लिए कई सीवरेज बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे और कुछ का लोकार्पण करेंगे। पीएमओ ने कहा कि प्रधानमंत्री दोपहर करीब 12 बजकर 25 मिनट पर राष्ट्रीय गंगा परिषद की दूसरी बैठक की अध्यक्षता करेंगे। पीएमओ ने कहा, ‘‘देश में सहकारी संघवाद को बढ़ावा देने के एक और कदम के तहत प्रधानमंत्री 30 दिसंबर को कोलकाता में राष्ट्रीय गंगा परिषद की दूसरी बैठक की अध्यक्षता करेंगे।’’ बैठक में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री, राष्ट्रीय गंगा परिषद के सदस्य अन्य केंद्रीय मंत्री और उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शामिल होंगे। राष्ट्रीय गंगा परिषद को गंगा नदी और उसकी सहायक नदियों के प्रदूषण निवारण और कायाकल्प के अधीक्षण की समग्र जिम्मेदारी दी गई है।
प्रधानमंत्री 990 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी) के तहत विकसित 7 सीवरेज बुनियादी ढांचा परियोजनाओं (20 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और 612 किलोमीटर नेटवर्क) का उद्घाटन करेंगे। इन परियोजनाओं से नबद्वीप, कचरापाड़ा, हलीशर, बज-बज, बैरकपुर, चंदन नगर, बांसबेरिया, उत्तरापाड़ा कोटरुंग, बैद्यबती, भद्रेश्वर, नैहाटी, गरुलिया, टीटागढ़ और पानीहाटी की नगरपालिकाओं को लाभ होगा। पीएमओ ने कहा कि इन परियोजनाओं से पश्चिम बंगाल में 200 एमएलडी से अधिक की सीवेज शोधन क्षमता में वृद्धि होगी।
प्रधानमंत्री 1585 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी) के तहत विकसित की जाने वाली 5 सीवरेज बुनियादी ढांचा परियोजनाओं (8 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और 80 किलोमीटर नेटवर्क) की आधारशिला भी रखेंगे। इन परियोजनाओं से पश्चिम बंगाल में 190 एमएलडी नई एसटीपी क्षमता बढ़ेगी। इन परियोजनाओं से उत्तरी बैरकपुर, हुगली-चिनसुरा, कोलकाता केएमसी क्षेत्र- गार्डन रीच और आदि गंगा (टॉली नाला) और महेस्तला शहर के क्षेत्रों को लाभ होगा। डीएसपीएम-निवास को लगभग 100 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से कोलकाता के डायमंड हार्बर रोड स्थित जोका में विकसित किया गया है। प्रधानमंत्री हावड़ा रेलवे स्टेशन पर वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाएंगे। पीएमओ ने कहा कि अत्याधुनिक सेमी हाई स्पीड ट्रेन अत्याधुनिक यात्री सुविधाओं से लैस है। यह ट्रेन रास्ते में मालदा टाउन, बारसोई और किशनगंज स्टेशनों पर दोनों दिशाओं में रुकेगी। प्रधानमंत्री जोका-एस्प्लेनेड मेट्रो परियोजना (पर्पल लाइन) के जोका-तारातला खंड का उद्घाटन करेंगे।
जोका, ठाकुरपुकुर, सखेर बाजार, बेहाला चौरास्ता, बेहाला बाजार और तारातला जैसे 6 स्टेशनों वाले 6.5 किलोमीटर के खंड का निर्माण 2475 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से किया गया है। कोलकाता शहर के दक्षिणी हिस्सों जैसे सरसुना, डाकघर, मुचिपारा और दक्षिण 24 परगना के यात्रियों को इस परियोजना के उद्घाटन से बेहद फायदा होगा। इस कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री चार रेल परियोजनाओं को भी राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इनमें बोइंची-शक्तिगढ़ तीसरी लाइन, दानकुनी-चंदनपुर चौथी लाइन, निमतिता- न्यू फरक्का डबल लाइन और अम्बारी फालाकाटा-न्यू मयनागुड़ी-गुमानीहाट दोहरीकरण परियोजना शामिल है। पीएमओ ने कहा कि प्रधानमंत्री 335 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विकसित किए जाने वाले न्यू जलपाईगुड़ी रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास की आधारशिला भी रखेंगे।

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