बिहार – SAMACHARPACHEESA.COM https://samacharpacheesa.com Wed, 05 Jul 2023 07:00:35 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.3 नीतीश का नंबर भी आयेगा https://samacharpacheesa.com/?p=7195 Wed, 05 Jul 2023 07:00:28 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=7195 महाराष्ट्र में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अंदर मची उठापटक के बाद उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी, बिहार में जनता दल युनाइटेड और झारखंड में झारखंड मुक्ति मोर्चा को पार्टी में टूट का खतरा सताने लगा है। ऐसा ही डर कुछ और छोटी पार्टियों को भी है। लेकिन सबसे ज्यादा घबराहट जनता दल युनाइटेड खेमे में देखी जा रही है। जनता दल युनाइटेड की यह घबराहट स्वाभाविक भी है क्योंकि उसने भाजपा को जो धोखा दिया था उसका जवाब अब तक नहीं दिया है। दरअसल महाराष्ट्र में जो कुछ हुआ उसका एक बड़ा कारण यह भी है कि 2019 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के दौरान तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष रहे अमित शाह को चुनाव परिणाम बाद उद्धव ठाकरे ने धोखा दे दिया था। यही नहीं, हाल ही में शरद पवार भी यह बात स्वीकार कर चुके हैं कि चुनाव परिणाम के बाद वह भाजपा के साथ सरकार बनाने को राजी हो गये थे हालांकि तीन-चार दिनों में ही उन्होंने पलटी मार ली थी। इस तरह से शरद पवार ने भी अमित शाह को धोखा दिया था। सही समय आने पर शरद पवार की पार्टी में बगावत हो गयी। स्थिति यह हो गयी है कि अब राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के संस्थापक शरद पवार भाजपा से लड़ाई लडऩे की बजाय अपनी पूरी शक्ति अपनी पार्टी पर कब्जा बनाये रखने में लगाते रहेंगे। इसलिए महाराष्ट्र के घटनाक्रम को देखते हुए अब बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लग रहा है कि उन्हें भी राजनीतिक सबक सिखाये जाने का समय आ चुका है। हम आपको याद दिला दें कि साल 2020 के बिहार विधानसभा चुनावों के दौरान जनता के बीच नीतीश कुमार के खिलाफ माहौल होने के बावजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नीतीश के नेतृत्व में सरकार बनाने के लिए वोट मांगा था। यही नहीं, प्रधानमंत्री की दी गयी जुबान की लाज रखते हुए ही भाजपा ने अपनी पार्टी के ज्यादा विधायक होने के बावजूद नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री बना दिया था। लेकिन नीतीश कुमार ने जब पिछले साल भाजपा को सरकार से बाहर कर विपक्षी राष्ट्रीय जनता दल से हाथ मिला लिया था तबसे वह राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा के खिलाफ महागठबंधन बनाने की कोशिशों में जुटे हुए हैं। देखा जाये तो नीतीश कुमार ने केंद्र की सत्ता से मोदी सरकार को हटाने के लिए पूरी जान लगा रखी है। हालांकि जबसे नीतीश साथ छोड़ कर गये हैं तबसे प्रधानमंत्री ने उनके खिलाफ कुछ नहीं कहा है। लेकिन अब माना जा रहा है कि भाजपा जदयू को कोई बड़ा राजनीतिक सबक सिखा सकती है। दरअसल इसका मौका खुद जदयू ही भाजपा को दे रही है। लोकसभा चुनाव जैसे-जैसे पास आ रहे हैं, वैसे-वैसे मोदी के नाम पर पिछला चुनाव जीते जदयू सांसदों की धड़कनें बढ़ती जा रही हैं और वह पाला बदलने की कोशिशों में लगे हैं। इसके साथ ही जिस तरह नीतीश ने पिछले दिनों तेजस्वी यादव को भविष्य का नेता बताया था उसको देखते हुए जदयू के कई विधायकों के मन में भी बेचैनी है। इसीलिए पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी कह रहे हैं कि जदयू में बिखराव होने वाला है। हालांकि जदयू अध्यक्ष ललन सिंह कह रहे हैं कि हमारी पार्टी एकजुट है और बिहार में ऑपरेशन लोटस सफल नहीं हो सकता। देखना होगा कि बिहार में आने वाले दिनों में राजनीतिक घटनाक्रम क्या रहता है? यह भी देखना होगा कि क्या विपक्ष की अगली बैठक से पहले ही जनता दल युनाइटेड में बगावत का बिगुल बजता है। इस बात की आशंका इसलिए है क्योंकि विपक्ष की पिछली बैठक से पहले जीतन राम मांझी की पार्टी ने बिहार में सत्तारुढ़ महागठबंधन को झटका देते हुए सरकार से अलग होकर एनडीए का दामन थाम लिया था। बहरहाल, अब खबर है कि लोकसभा चुनाव के मद्देनजर भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ विपक्षी एकजुटता की कवायद को गति देने के लिए प्रमुख विपक्षी पार्टियों की आगामी बैठक 17 और 18 जुलाई को बेंगलुरु में होगी। हम आपको याद दिला दें कि कांग्रेस समेत 15 से अधिक विपक्षी दलों ने गत 23 जून को पटना में बैठक की थी जिसमें उन्होंने भाजपा के खिलाफ एकजुट होकर चुनाव लडऩे और आगे बढऩे को लेकर प्रतिबद्धता जताई थी। विपक्षी दलों की अगली बैठक ऐसे समय होने जा रही है जब महाराष्ट्र में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी दो फाड़ हो गई है।

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नीतीश कुमार ने सुधाकर सिंह पर किया तीखा हमला https://samacharpacheesa.com/?p=6315 Fri, 17 Feb 2023 10:15:44 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=6315 पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पूर्व कृषि मंत्री और राजद के विधायक सुधाकर सिंह पर तीखा हमला किया है। उन्होंने कहा कि सुधाकर सिंह क्या बोलते हैं नहीं बोलते हैं, उससे मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता है। राज्य में कृषि के क्षेत्र में बहुत काम हुआ है। सब लोगों को मालुम है। हमारी सरकार किसानों के लिए समर्पित है। हमलोग हमेशा किसानों के लिए ही काम करते रहे हैं। जिसको पता नहीं है वो कुछ भी बोलते रहे। शहद और बाजार के क्षेत्र में काफी काम हुआ। पूरे गांव में कहीं कोई मकान दिखता था, आज देखिए। लोग बोलेंगें तो ही हमारे काम को वैल्यू मिलेगा।
मुझे परवाह नहीं कौन क्या बोल रहा है
सीएम ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि कोई कुछ भी बोल रहा है तो उसे बोलने दीजिए। मुझे इस बात की थोड़ी सी भी परवाह नहीं है कि कौन क्या बोलता है। उनकों सरकार के द्वारा किए गए कार्यों को अभी अच्छी तरह से जानने की जरूरत है। समाधान यात्रा में मैंने देखा है कि बिहार के गांवों में विकास हो रहा है।राज्य ने बिना किसी से मदद लिए अपने बल पर विकास किया है। उन्होंने विरोधियों पर हमला करते हुए कहा कि मेरे खिलाफ बोलने वालों को पार्टी नेता बनाती है। मगर जनता सब देख रही है। वो उन्हें नेता स्वीकार नहीं करेगी। बिहार का विकास करना ही केवल मेरा काम है।
केवल गांधी जी की बातों को सुनें
मुख्यमंत्री ने भाजपा पर बड़ा हमला करते हुए कहा कि भाजपा 2024 से पहले भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने की सोच रही है। ये उसकी भूल है। हमलोग महात्मा गांधी के संकल्पों को आगे बढ़ाने में लगे हुए हैं। उनके संकल्पों को बढ़ाकर ही देश और राज्य का विकास संभव है। हम सब भी केवल गांधी जी के बातों को सुने।
बीबीसी को पूरी दुनिया देख रही है
बीबीसी पर हुए आयकर विभाग के रेड पर नीतीश कुमार ने भाजपा को आड़े हाथ लेते हुए कि हम सभी बीबीसी की खबरों को देखते हैं। इसकी खबरों पर भरोसा करतें है। इस तरह की रेड क्या है हम सभी जानते हैं। क्या हो रहा है यह सभी लोग जानते हैं।

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अमित शाह 25 को बिहार दौर पर रहेंगे https://samacharpacheesa.com/?p=6187 Thu, 09 Feb 2023 07:38:40 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=6187 नईदिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 25 फरवरी को बिहार दौरे पर रहेंगे। इस बार अमित शाह एक ही दिन में दो अलग-अलग जिलों में सभा को संबोधित करेंगे। पटना में किसान मजदूर समागम तो पश्चिमी चंपारण के वाल्मीकिनगर लोकसभा क्षेत्र में भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे। बिहार में बदले सियासी समीकरण के बाद अब भाजपा के निशाने पर जदयू की सीटें हैं। वाल्मीकिनगर लोकसभा सीट पर दो दशक से अधिक एनडीए का कब्जा रहा है। अब भाजपा इस सीट को जदयू से छीनने के लिए पूरी ताकत झोंकती नजर आ रही है।
लोकसभा चुनाव 2024 को लेकर सभी पार्टियां अब तैयारी तेज कर चुकी है। एक ओर जहां महागठबंधन अपनी तैयारी में है तो वहीं भाजपा अब आक्रमक होकर इस ओर जुट रही है। गृह मंत्री अमित शाह लगातार बिहार का दौरा कर रहे हैं। इस बार वो 25 फरवरी को वाल्मीकिनगर लोकसभा क्षेत्र पहुंच रहे हैं। इस सीट को जदयू से छीनने के प्रयास में भाजपा लगेगी। दरअसल, पिछले दो दशकों से ये सीट एनडीए के ही खाते में गयी लेकिन इसपर जदयू उम्मीदवार जीत दर्ज करते रहे।
वाल्मीकिनगर सीट 2008 में अस्तित्व में आया। इससे पहले यह बगहा संसदीय क्षेत्र के नाम से जाना जाता था। करीब 17 लाख मतदाताओं वाली इस सीट के अंदर 6 विधानसभा है। 75 प्रतिशत से अधिक यहां हिंदू मतदाता हैं। यहां 1984 के बाद कांग्रेस को जीत नहीं नसीब हुई है। 1999 से लेकर 2019 तक के लोकसभा चुनाव में 4 बार जदयू तो एक बार भाजपा ने जीत दर्ज की है। 20 साल से एनडीए को ही यहां समर्थन मिला।
बता दें कि जब पहली बार 2014 में नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री उम्मीदवार बने तो ये सीट भाजपा की झोली में गयी और बीजेपी ने यहां जीत दर्ज की। पहली बार यहां भाजपा को जीत मिली थी। लोकसभा चुनाव 2019 में जदयू के बैजनाथ प्रसाद महतो यहां से जीते। साढ़े तीन लाख वोटों से अधिक के अंतर से वो जीते थे।
लेकिन 2020 में बैजनाथ प्रसाद महतो का निधन हो गया। इस सीट पर जब उपचुनाव हुआ तो जदयू के सुनील कुमार ने कांग्रेस प्रत्याशी को हराया था। अब भाजपा इस सीट पर अपनी जीत तय करने के लिए मैदान सजाने में लगी है।

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ना जेडीयू कमजोर हुई, ना ही कोई भाजपा से संपर्क में: नीतीश कुमार https://samacharpacheesa.com/?p=5910 Wed, 25 Jan 2023 08:17:18 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=5910 पटना। बिहार में जदयू के अंदर चल रहे घमासान से सियासी पारा चढ़ा हुआ है। पार्टी के संसदीय बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने मंगलवार को प्रेस कांफ्रेंस करके अपनी ही पार्टी के नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए। नीतीश कुमार को कमजोर करने की साजिश के साथ-साथ उन्होंने जदयू के कमजोर होने की बात कही। वहीं बुधवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उपेंद्र कुशवाहा के दावों पर खुलकर जवाब दिया।
नीतीश कुमार ने उपेंद्र कुशवाहा के आरोपों को खारिज किया
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उपेंद्र कुशवाहा के दावों और आरोपों को खारिज कर दिया। सीएम ने कहा कि जदयू कहीं से कमजोर नहीं हुई है। बल्कि पहले से मजबूत ही हुई है। पहले की तुलना में सदस्य बढ़े हैं। पहले 43 से 44 लाख सदस्य थे और अब ये संख्या 75 लाख हो चुकी है। कहा कि जो लोग कहते हैं कि पार्टी कमजोर हुइ है वो खूब खुशियां मनाएं।
कोई नेता भाजपा से संपर्क में नहीं- नीतीश कुमार
नीतीश कुमार ने उपेंद्र कुशवाहा के उन दावों को भी खारिज किया कि जदयू के बड़े नेता भाजपा से संपर्क में हैं। सीएम ने कहा कि कुछ भी बोलते रहते हैं। उन्होंने कहा कि आप नाम दीजिए कि कौन लोग भाजपा के संपर्क में है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग खुद संपर्क में जाना चाहते हैं वही ऐसी बात करते हैं।
मंत्री जयंत राज भी बरसे
वहीं जदयू कोटे से मंत्री जयंत राज ने बड़ा बयान दिया है। कहा है कि उपेंद्र कुशवाहा की महत्वकांक्षा पूरा नहीं हो रही है इसलिए वह इस तरह का बयान दे रहे हैं। बता दें कि उपेंद्र कुशवाहा ने आरोप लगाया था कि नीतीश कुमार को कमजोर करने की साजिश चल रही है इसलिए उपेंद्र कुशवाहा को किनारे किया जा रहा है।

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मुझे कमजोर करने की हो रही साजिश : उपेंद्र कुशवाहा https://samacharpacheesa.com/?p=5878 Tue, 24 Jan 2023 09:18:31 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=5878 पटना। बिहार की राजनीति एक बार फिर से करवट लेती हुई दिखाई दे रही है। बिहार में 2020 विधानसभा चुनाव के बाद उपेंद्र कुशवाहा और नीतीश कुमार एक साथ हुए थे। इसको लेकर जातीय समीकरण को साधने की कोशिश हुई थी। लेकिन अब एक बार फिर से उपेंद्र कुशवाहा और नीतीश कुमार के बीच दूरी साफ तौर पर दिखाई दे रही है। उपेंद्र कुशवाहा ने आज साफ तौर पर स्वीकार किया कि मुझे कमजोर करने की साजिश हो रही है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा है कि नीतीश कुमार कमजोर हुए हैं। जदयू भी कमजोर हुई है। राजद के लोग आजकल डील की बात कर रहे हैं। मैं राजद के डील को समझना चाहता हूं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जदयू के कार्यक्रम से मुझे अलग करने की भी कोशिश हो रही है।
उपेंद्र कुशवाहा ने यह भी कहा है कि नीतीश कुमार से में मुलाकात करूंगा और उसको सब कुछ बताऊंगा मेरा और नीतीश कुमार का दर्द एक ही है। दूसरी ओर इसको लेकर नीतीश कुमार से सवाल पूछा गया। नीतीश कुमार ने साफ तौर पर कहा कि उनको बोलने के लिए छोड़ दीजिए। कुशवाहा पर हमारी पार्टी से कोई भी कुछ नहीं बोलेगा। हालांकि, बताया जा रहा है कि नीतीश कुमार और उपेंद्र कुशवाहा के बीच दूरी काफी गहरी हो गई है। पिछले दिनों उपेंद्र कुशवाहा के उप मुख्यमंत्री बनने की चर्चा थी। हालांकि, नीतीश कुमार ने इसे पूरी तरीके से खारिज कर दिया था। अब खबर है कि उपेंद्र कुशवाहा अगले महीने तक जदयू का दामन छोड़ सकते हैं और अपनी पुरानी पार्टी राष्ट्रीय लोक समता पार्टी को पुनर्जीवित करेंगे।
2021 में जदयू और आरएलएसपी का विलय हुआ था। माना जा रहा है कि रालोसपा को पुनर्जीवित करने के बाद कुशवाहा भाजपा के साथ गठबंधन कर आगे की रणनीति तय करेंगे। हाल में ही उपेंद्र कुशवाहा दिल्ली आए हुए थे। दिल्ली एम्स में वह भर्ती भी रहे थे। हालांकि, इसी दौरान बिहार भाजपा के कई नेताओं से उनकी मुलाकात भी हुई है। इसको लेकर उपेंद्र कुशवाहा से जब सवाल पूछा गया तो उन्होंने इस मुद्दे पर बहुत ज्यादा नहीं बोला। लेकिन कुशवाहा ने यह जरूर कहा कि मैं अकेले ही अपना फैसला ले सकता हूं।

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रामचरितमानस विवाद पर नीतीश ने तोड़ी चुप्पी, मंत्री को नसीहत देते हुए कहा- धर्म में हस्तक्षेप ठीक नहीं https://samacharpacheesa.com/?p=5756 Tue, 17 Jan 2023 10:04:08 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=5756 पटना। बिहार के शिक्षा मंत्री डॉ चंद्रशेखर के रामचरितमानस को लेकर की गई टिप्पणी को लेकर राज्य में राजनीतिक बवाल लगातार जारी है। डॉ चंद्रशेखर राजद कोटे से नीतीश कैबिनेट में शामिल हैं। हालांकि, उनके बयान को लेकर राजद भी बैकफुट पर नजर आ रही है। दूसरी ओर गठबंधन में शामिल जदयू लगातार चंद्रशेखर से माफी की मांग कर रही है। इन सब के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज पहली बार इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि किसी भी धर्म के बारे में इस तरह का बयान देना, उस पर टिप्पणी करना बिल्कुल गलत है और ऐसा नहीं होना चाहिए। इसका मतलब साफ है कि नीतीश कुमार कहीं ना कहीं अपने मंत्री के इस बयान से सहमत नहीं है।
दरअसल, नीतीश कुमार से चंद्रशेखर के बयान पर सवाल पूछा गया था। उन्होंने कहा कि धर्म के मामले में किसी को हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। सब अपने तरीके से धर्म का पालन करते हैं। सभी धर्मों को इज्जत मिलनी चाहिए। जिसको जिनकी पूजा करनी है, वह करें। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अब तो डिप्टी सीएम ने भी कह दिया है। आपको बता दें कि चंद्रशेखर के बयान को लेकर भाजपा जबरदस्त तरीके से राज्य और नीतीश सरकार पर हमलावर है। वहीं, दूसरी ओर जदयू का आरोप है कि चंद्रशेखर के इस बयान से भाजपा को फायदा होगा। यही कारण है कि ज्योति उन्हें भी चंद्रशेखर से उनके बयान पर माफी की मांग कर दी है।
हालांकि, चंद्रशेखर के बयान पर बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने कहा कि संविधान देश की सबसे पवित्र किताब है। देश संविधान से चलता है। संविधान में क्या है? संविधान में हर धर्म का सम्मान करने के बारे में बताया गया है। हम सभी धर्मों का सम्मान करते हैं। बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव अपनी पार्टी राजद और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के दल जदयू के नेताओं के बीच हाल में हुए वाकयुद्ध के बारे में पत्रकारों के सवालों पर भड़क गये। उन्होंने सोमवार को उल्टे पत्रकारों से ही पूछ लिया कि उनके संगठनों में संपादक चीजों को तय करते हैं या संवाददाता संपादकों को बताते हैं कि क्या करना है।

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नीतीश कुमार को बनाने में शरद यादव की रही खास भूमिका https://samacharpacheesa.com/?p=5720 Fri, 13 Jan 2023 10:14:34 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=5720 पटना। वरिष्ठ समाजवादी नेता शरद यादव का 75 साल की उम्र में गुरुवार देर रात निधन हो गया। शरद यादव का जन्म मध्यप्रदेश के जबलपुर में हुआ। लेकिन राजनीति में उनकी कर्मस्थली बिहार बनी। शरद यादव के नाम एक और खास रिकॉर्ड दर्ज है। वह यह है कि वह ऐसे नेता रहे हैं जो 3 राज्यों से सांसद बने। बिहार के मधेपुरा सीट से वह 4 बार सांसद चुने गए। इमरजेंसी के दौरान राजनीति में कद्दावर नेता के तौर पर उभरने वाले शरद यादव अपनी बात को मजबूती से कहने के लिए जाने जाते रहे हैं। सड़क से लेकर संसद तक वह आम जनता की आवाज को उठाते रहे। बिहार की राजनीति में काफी लंबा समय देने वाले शरद यादव और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जोड़ी भी खूब सुर्खियों में रही। हालांकि एक वक्त यह भी आया कि जब नीतीश कुमार और शरद यादव के रास्ते अलग-अलग हो गए। शरद यादव ने नीतीश कुमार का साथ छोड़कर लोकतांत्रिक जनता दल बना लिया था। लेकिन यह टकराव की स्थिति क्यों आई, यह हम आज आपको बताएंगे।
शरद यादव राजनीति में काफी लंबे समय तक सक्रिय रहे। सियासत की बुलंदियों तक पहुंचने वाले शरद यादव की लोकप्रियता इतनी थी कि कभी उनसे मिलने के लिए बड़े-बड़े नेताओं तक तो समय लेना पड़ता था। शरद यादव लोकदल और जनता पार्टी से अलग होकर बने पार्टियों में लंबे समय तक रहे। इन्हीं पार्टियों में से एक है जनता दल यूनाइटेड जो फिलहाल नीतीश कुमार की वजह से जानी जाती है। शरद यादव काफी लंबे समय तक जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे। नीतीश कुमार के सियासी कामयाबी में शरद यादव का भी अहम योगदान रहा है। लालू के सामने नीतीश को खड़ा करने में भी शरद यादव की भूमिका अहम रही। शरद यादव ने तो 1999 में मधेपुरा लोकसभा क्षेत्र से लालू यादव को भी हराने में कामयाबी हासिल की थी। इतना ही नहीं, शरद यादव 2013 तक भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए के संयोजक भी रहे।
लेकिन 2013 के बाद शरद यादव के लिए स्थितियां बदलने लगी। 2013 में नीतीश कुमार ने भाजपा से संबंध तोड़ने का फैसला लिया। उस वक्त शरद यादव नीतीश कुमार के फैसले से खुश नहीं थे। बाद में 2015 में शरद यादव और नीतीश कुमार ने लालू यादव के साथ महागठबंधन में हिस्सा बनना स्वीकार किया। यह वह वक्त था जब जदयू 2014 के लोकसभा चुनाव में बुरी तरह हार चुकी थी। लेकिन 2017 में एक बार फिर से नीतीश कुमार भाजपा के साथ चले गए। तब नीतीश के इस फैसले का विरोध शरद यादव ने खुलकर किया। इसी के बाद शरद यादव को जदयू से अलग होना पड़ा। शरद यादव को राज्यसभा से अयोग्य घोषित कर दिया गया था। इसके लिए खुद जदयू की ओर से पत्र लिखा गया था।
हालांकि इसके बाद एक 2 वर्षों तक वह विपक्षी दलों के मंच पर दिखाई देते रहें। लेकिन उनकी स्वास्थ्य लगातार खराब होते जा रही थी। उन्होंने लोकतांत्रिक जनता दल बनाई। लेकिन बिहार में इसे उतनी अच्छी सफलता नहीं मिल पाई। बाद में लालू यादव शरद यादव के साथ खड़े हुए। लोकतांत्रिक जनता दल का आरजेडी में विलय हुआ। आखिरी दौर में लालू यादव और नीतीश कुमार दोनों ने ही शरद यादव का बखूबी सहयोग किया। लालू यादव फिलहाल सिंगापुर में इलाज रत हैं। बावजूद इसके उन्होंने एक वीडियो के जरिए शरद यादव को श्रद्धांजलि दी है।

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देश के लिए काम नहीं करती भाजपा, इसीलिए हमारी पार्टी ने उनसे तोड़ा गठबंधन : नीतीश कुमार https://samacharpacheesa.com/?p=5611 Tue, 03 Jan 2023 11:22:56 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=5611 पटना। बिहार में भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए राज्य की महागठबंधन पर जबरदस्त तरीके से निशाना साधा। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने भाजपा से गठबंधन तोड़ कर जनादेश का अपमान किया है। वक्त आने पर प्रजातांत्रिक तरीके से इसका जवाब दिया जाएगा। भाजपा अध्यक्ष के इसी बयान पर नीतीश कुमार ने पलटवार किया है। नीतीश कुमार ने साफ तौर पर भाजपा पर खुद के लिए काम करने का आरोप लगाया। अपने बयान में नीतीश कुमार ने कहा कि सभी दलों को यात्रा करने का अधिकार है, वे (बीजेपी) देश के लिए काम नहीं करते हैं, वे अपने लिए काम करते हैं और इसीलिए हमारी पार्टी ने उनसे गठबंधन तोड़ा।
दूसरी ओर बिहार दौरे पर गए जेपी नड्डा ने कहा कि आज हजारों करोड़ रुपये के पुल बिहार में बन रहे हैं… ये बिहार की तस्वीर और तकदीर, दोनों को बदल डालेंगे। ये सब काम शुरू हुए मोदी जी के नेतृत्व में… लेकिन अब एक समस्या है, हम ऊपर से तो लक्ष्मी भेज देंगे लेकिन अगर नीचे जंगलराज हो तो काम नहीं हो पाता। विकास थम जाता है। नड्डा ने नीतीश कुमार पर हमला करते हुए कहा कि उन्होंने जो फैसला लिया वो उनको मुबारक, लेकिन उन्होंने बिहार की जनता को धोखा दिया है, जनादेश का अनादर किया है। उनको प्रजातांत्रिक तरीके से इसका जवाब दिया जाएगा। हम कुर्सी पर बैठने के लिए नहीं, बिहार का विकास करने के लिए सत्ता में थे।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मजाक उड़ा रहे थे कि देश का प्रधानमंत्री लाल किले से शौचालय की बात कर रहा है। कांग्रेसी इसलिए मजाक उड़ा रहे थे क्योंकि उन्होंने गरीबी देखी ही नहीं थी। आज 12 करोड़ बहनों को इज्जत घर नरेंद्र मोदी ने दिया है। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रचार में मैंने आगाह किया था तेजस्वी की सरकार आ जाएगी तो जंगलराज आ जाएगा। आज मैं कह सकता हूँ कि बिहार में जंगलराज आ चुका है। अगस्त महीने में ही कितनी हत्याएं हुई। लोग बंधक बनाए गए, महिलाओं के साथ अत्याचार बढ़ गए हैं। कानून व्यवस्था ध्वस्त हो चुका है।

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नीतीश कुमार ने जनादेश का अनादर किया, प्रजातांत्रिक तरीके से दिया जाएगा जवाब : जेपी नड्डा https://samacharpacheesa.com/?p=5608 Tue, 03 Jan 2023 11:18:55 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=5608 पटना। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा आज बिहार के मुजफ्फरपुर पहुंचे हैं। मुजफ्फरपुर में उन्होंने एक जनसभा को संबोधित भी किया। इस दौरान नड्डा ने कहा कि राज्य की महागठबंधन की सरकार पर जमकर निशाना साधा। साथ ही साथ नड्डा में बिहार में मोदी सरकार द्वारा किए जा रहे कामों को गिनाया। उन्होंने कहा कि वैशाली की धरती को मेरा सादर नमन। उन्होंने कहा कि यहां उपस्थित भीड़ ये स्पष्ट रूप से बता रही है कि बिहार बदलाव चाहता है और नई उमंग के साथ चाहता है। जो संकल्प आपने लिया है वही भारतीय जनता पार्टी का भी है। नड्डा ने साफ तौर पर कहा कि तमाम विपरीत परिस्थितियों में भी भारत को बढ़ाने का काम किया है तो प्रधानमंत्री मोदी जी ने किया है।
भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि अमेरिका और यूरोप में भी कोरोना टीकाकरण पूरा नहीं हो पाया है जबकि भारत में 220 करोड़ से अधिक टीके लग चुके हैं। मोदी जी के कारण ही ये कवच भारत की जनता को मिला है। उन्होंने कहा कि आज हजारों करोड़ रुपये के पुल बिहार में बन रहे हैं… ये बिहार की तस्वीर और तकदीर, दोनों को बदल डालेंगे। ये सब काम शुरू हुए मोदी जी के नेतृत्व में… लेकिन अब एक समस्या है, हम ऊपर से तो लक्ष्मी भेज देंगे लेकिन अगर नीचे जंगलराज हो तो काम नहीं हो पाता। विकास थम जाता है। नड्डा ने नीतीश कुमार पर हमला करते हुए कहा कि उन्होंने जो फैसला लिया वो उनको मुबारक, लेकिन उन्होंने बिहार की जनता को धोखा दिया है, जनादेश का अनादर किया है। उनको प्रजातांत्रिक तरीके से इसका जवाब दिया जाएगा। हम कुर्सी पर बैठने के लिए नहीं, बिहार का विकास करने के लिए सत्ता में थे।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मजाक उड़ा रहे थे कि देश का प्रधानमंत्री लाल किले से शौचालय की बात कर रहा है। कांग्रेसी इसलिए मजाक उड़ा रहे थे क्योंकि उन्होंने गरीबी देखी ही नहीं थी। आज 12 करोड़ बहनों को इज्जत घर नरेंद्र मोदी ने दिया है। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रचार में मैंने आगाह किया था तेजस्वी की सरकार आ जाएगी तो जंगलराज आ जाएगा। आज मैं कह सकता हूँ कि बिहार में जंगलराज आ चुका है। अगस्त महीने में ही कितनी हत्याएं हुई। लोग बंधक बनाए गए, महिलाओं के साथ अत्याचार बढ़ गए हैं। कानून व्यवस्था ध्वस्त हो चुका है। उन्होंने कहा कि मोदी जी ने पुतिन और जेलेंस्की से बातचीत करके यूक्रेन का युद्ध रूकवाया और एक साथ 25000 हजार विद्यार्थी को सुरक्षित निकालकर लाएं। यूक्रेन में भारत के ही विद्यार्थी ही नहीं, बल्कि दूसरे देशों के भी छात्र तिरंगा लेकर सुरक्षित वहाँ से निकल गए।

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महागठबंधन के लिए बड़ा संदेश दे गया बिहार का नगर निकाय चुनाव https://samacharpacheesa.com/?p=5570 Sat, 31 Dec 2022 10:14:52 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=5570 नई दिल्ली। बिहार के 17 नगर-निगमों में महापौर, उप महापौर और पार्षदों के परिणाम आ गए हैं। इन नतीजों ने हर किसी को हैरान कर दिया है। ये भले ही दलगत चुनाव नहीं थे, लेकिन इन नतीजों से खासतौर पर बिहार की सत्ता में काबिज महागठबंधन को बड़ा सियासी संदेश मिला है। नतीजों पर नजर डालें तो गया को छोड़कर 16 शहरों में महिलाएं महापौर बनी हैं। वह भी तब, जब केवल सात सीटें ही महिलाओं के लिए आरक्षित थीं। मतलब इस बार नगर निकाय चुनाव में महिलाओं का डंका बजा है। 17 में से छह नगर निगम में भारतीय जनता पार्टी समर्थित महापौर चुना गया है, जबकि छह पर ही महाठबंधन समर्थित प्रत्याशियों को जीत मिली है। समस्तीपुर से कांग्रेस समर्थित अनीता राम मेयर चुनी गईं हैं। चार अन्य पर निर्दलीय प्रत्याशियों ने परचम लहराया। यह नतीजे बिहार की सियासत के लिए काफी अहम माने जा रहे हैं, क्योंकि तीन महीने पहले ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भाजपा के साथ गठबंधन तोड़कर महागठबंधन की सरकार बना ली थी। ऐसे में इन नतीजों को आगामी लोकसभा और फिर विधानसभा चुनाव के लिए एक बड़ा संदेश माना जा रहा है।

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