भाजपा – SAMACHARPACHEESA.COM https://samacharpacheesa.com Wed, 06 Dec 2023 06:32:09 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.3 बड़ी चुनौतियों के साथ भाजपा की वापसी https://samacharpacheesa.com/?p=9211 Wed, 06 Dec 2023 06:32:08 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=9211 छतीसगढ़ में पहली बार हिदुत्व की राजनैतिक स्थापना कवर्धा व साजा विधानसभा सीट पर साफ साफ देखी गई। अब यह सनातनी धारा इस धरा पर और तेजी से बहेगी यह दिखाई देने लगा है। इन क्षेत्रों के साथ अब यह सुगबुगाहट सम्पूर्ण छतीसगढ़ में चल पड़ेगी इसकी पूरी संभावना बन गई है। अगले चुनाव के पहले बल्कि यूं कहें कि लोक सभा के चुनाव में सनातन धर्म का जागरण तेजी से स्थानीय सनातनियों को जगा देगा तो अतिशियोक्ति नहीं होगी। कवर्धा की घटना के बाद बेमेतरा के साजा विधानसभा क्षेत्र में भूवनेश्वर साहू की हत्या को सांप्रदायिक रंग में देखा गया,इसका असर बेमेतरा ,नवागढ़ की विधानसभा के साथ छतीसगढ़ के अन्य कुछ विधानसभाओं में भी दिखाई दिया है। इस बार इस विधा को पुराने विधायक पूर्व मंत्री रहे बृजमोहन अग्रवाल ने भी एक मौके में तब्दील कर बेहतर ढंग से भुनाया और अभूतपूर्व सफलता हासिल भी की। पहले माना ये जाता था कि इस शांति के टापू पर सीधे सादे लोग रहते हैं ,उनके बीच नफरत व विभेद की व जातिभेद की राजनीति असर नहीं करती और हर चुनाव में यह दिखाई भी देता था। लेकिन इस बार कवर्धा व साजा बेमेतरा के रास्ते भाजपा का हिन्दू कार्ड प्रभाव डाल गया है। लगता था धर्मांतरण,हिदुत्व का एजेंडा नहीं चलेगा लेकिन ना सिर्फ चल गया बल्कि दिखने लगा है कि स्थापित होने लगा है। आगामी चुनाव में यह मुद्दा अब बडा मुद्दा रहेगा यह भी स्पष्ट संभावना बन गई है।
देश के दिग्गज बुद्धिजीवियों को भी भाजपा की यह आंतरिक मारक रणनीति समझ नहीं आई। सभी का आंकलन था कि कमोबेश कांग्रेस सत्ता पर लौट आएगी,सरकार बचा लेगी। क्या खुफिया विभाग ,क्या बुद्धिजीवी,क्या पत्रकार सभी परिणाम से चकित हैं। अब यही लोग कहते हैं कि शायद अपनी ग्रामीण योजनाओं के प्रभाव को असरदार मान कर कांग्रेस के मुखिया आत्ममुग्ध हो गए। वे अपने प्रदेश के अन्य शीर्ष नेताओं के मिजाज को व उनकी आंतरिक नाराजी को समझ नहीं पाए या समझना नहीं चाहा। इससे हुआ यह कि सभी सिर्फ अपने अपने विधानसभा क्षेत्रों में ही सिमट गये। सारा भार मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने ऊपर ले लिया। लोगों को साफ समझ आ गया कि नेतागण एक नहीं है। हमारा भला कर पाएंगे या आपसी द्वंद इनमें बढ़ेगा। बस यहीं जनता असहज हो गई और विकल्प खोजने लगी ,अच्छा विकल्प भाजपा ही नजर आया। मोदी की व्यक्तिगत गारंटी भूपेश बघेल के सामूहिक घोषणा पत्र पर भारी पड़ गई। रही सही कसर महतारी वंदन योजना में 1000 प्रति शादीशुदा देने के लिए भरवाए गए लाखों फॉर्म ने पूरी कर दी। जैसे जैसे फॉर्म भरवाए गए वैसे वैसे वोट प्रतिशत भाजपा के खाते में बढ़ते गया,परिणाम में सुनामी दिखाई दे गई।बड़ी संख्या में महिलाओं ने कांग्रेस का साथ छोड़ दिया। युवाओं की भी नाराजी वोटों के रुझान में दिखाई दे रही हैं,किसानों ने जरूर कांग्रेस कहें या भूपेश पर भरोसा जताया है यह दिख रहा है,लेकिन इसमें भी मोदी की गारंटी में किसानों के लिए किए 20 वायदों ने सेंध मारी है, यह दिख रहा है। कुल जमा 35 सीटों में से धमतरी व भिलाईनगर के अतिरिक्त सभी सीट ग्रामीण इलाके की ही जीती है। जहां जहां स्थानीय प्रशासन में कांग्रेस के मेयर हैं लगभग सभी जगह मात मिली है। यानी यह दर्शाता है कि निगम के कार्य व वहां का नेतृत्व करने वाले नेताओं से लोगों की नाराजी रही। खास कर नजर डालें तो रायपुर ही देख लें , सातों सीटों पर पहली बार भाजपा काबिज हुई है। कांग्रेस के मेयर रहते शहर में यह स्थिति क्यों बनी इसके कारण जानने समझने की जरूरत है। बहरहाल भाजपा ने बहुमत की सरकार बनाने का रास्ता तैयार कर लिया है। आजकल में मुख्यमंत्री कौन होगा यह स्पष्ट हो जाएगा। भारी भरकम योजनाओं को पूरा करने की जिम्मेदारी अब भाजपा पर आ गई है। पहले ही महीने धान खरीदी का अपने ही कार्यकाल का दो साल का बकाया बोनस 25 दिसम्बर को ही देने का वायदा पूरा करना है। साथ ही इसीमाह से महतारी वंदन योजना की तहत प्रति शादीशुदा महिला को 1000 रुपये उनके खाते में डालने का वायदा हर हाल में पूरा करना है।धान की खरीदी 3100 में 21 क्विंटल प्रति एकड़ करनी है। एकमुश्त भुगतान करना है। यह तत्काल करने योग्य वायदे हैं। लोगों की नजर इन्हीं विषयों पर है कि यह वायदा सही तरीके से पूरा होता है या नहीं ? बाकी वायदों में समय सीमा तय नहीं है। इसके लिए समय का इन्तजार करने जनता तैयार भी होगी।

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भरोसे का संकट बनाम भरोसा बरकरार https://samacharpacheesa.com/?p=8816 Thu, 09 Nov 2023 06:40:35 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=8816 एक दिन की आड़ में दोनों प्रमुख दलों का चुनावी घोषणा पत्र सामने आ गया है। कांग्रेस ने भरोसे का घोषणापत्र दिया तो घोषणा पत्र की जगह भाजपा ने मोदी की गारंटी का पत्र जारी किया। एक में पार्टी ने अपनी घोषणा की दूसरी तरफ पार्टी की जगह प्रधान मंत्री पद पर विराजमान नरेंद्र मोदी ने गारंटी दी। एक पार्टी और एक व्यक्ति , जनता सोच रही है किसकी मानें किस पर विश्वास व्यक्त करें ? पार्टी की घोषणा पर या व्यक्ति की गारंटी पर किस पर करें ? भारतीय जनता पार्टी के एक कट्टर समर्थक से किसी ने यह प्रश्न पूछ लिया तो फट से जवाब आया क्या बकवास बात कर रहे हो। इंडिया इज इंदिरा-इंदिरा इज इंडिया की तर्ज पर झट से कह दिया कि मोदी ही भाजपा है ,भाजपा ही मोदी है , अच्छी तरह समझ लो आगे कभी यह वाहियात सवाल दोबारा नहीं करना। अन्यथा फिर सोच लेना। मोदी की गारंटी का मतलब ही भाजपा की गारंटी है। पूछने वाले ने भक्त से डरते-डरते फिर दूसरा सवाल पूछ लिया , यार आप ही लोग तो कहते थे, कांग्रेस में व्यक्तिवाद है परिवार वाद है। आप लोग भी व्यक्तिवाद पर उतर आए हो। मोदी कैसे भाजपा हो जाएंगे वे तो स्वयं ही अपने आप को एक कार्यकर्ता मानते हैं। ऐसा इतने दिनों में क्या हो गया कि वे ही पार्टी हो गए। गारंटी देने लगे। लगता है सभी राज्यों का काम अब वे स्वयं ही सम्हालेंगे। ये उसी की शुरुवात है उद्घाटन उन्होनें छतीसगढ़ से कर दिया है। कह दिया हम ही सवारेंगें,यहां हमने ही बनाया का संवाद नहीं किया जा सकता था क्योंकि सभी जानते हैं कि अटलबिहारी बाजपेई ने छतीसगढ़ बनाया था,अन्यथा …? अगर मेहनत रंग लाई और भाजपा की सरकार बन गई और गारंटी पूरी नहीं हुई तो गुहार लगाने मोदी जी के पास जाना होगा। शायद ऐसा ना हो तो भी स्थानीय सरकार जवाबदेही से मुकर जाए तो क्या किया जा सकेगा। गारंटी देने वाले दिल्ली में और राज्य चलेगा छतीसगढ़ में कैसे होगा यह आम जनता सोच रही है। वैसे गारंटियों में दम तो है,पूरी हो जाये तो छतीसगढ़ तो स्वर्ग बन जायेगा लोग खुशहाल होंगें। पर विश्वाश का संकट पर बात हो रही है,कैसे विश्वास करें 15 लाख आज तक आये नहीं, दो करोड़ नौकरियों का पता नहीँ,महंगाई खत्म जुमला साबित हो गया है। अब राज्य में विश्वास कैसे करें। लोगों में इस बात की भी चर्चा है। उधर कांग्रेस स्वयं ही अपने आप के लिए घोषित कर रही है कि हम भरोसे की सरकार हैं। इसीलिए हम दे रहे हैं भरोसे का घोषणापत्र। जनता क्या कह रही है यह जाने बगैर कहा जा रहा है कि जनता हम पर भरोसा करती है। सरकार व पार्टी कह रही है , पर जनता ने कहीं कहा हो यह रिकॉर्ड में नहीं है। अप्रमाणित भ्रष्टाचार के भारी भरकम आरोपों के बाद भी जनता की भरोसे की सरकार ? प्रमाण देने के प्रयास में कहा कि हमने किसानों का कर्ज दो घंटें में माफ किया, बिजली बिल हाफ किया ,2500 में रास्ता निकाल कर धान खरीदा, तेंदूपत्ता में 4000 दिया ,बोनस भी दिया। बिना मांगें आत्मानंद स्कूल खोले,गांव गौठान की योजना दी , और तो और हमने लोहंडीगुड़ा में किसानों की जमीन भाजपा सरकार ने उद्योगपति को दे दी थी उसे मुक्त करवा कर किसानों को वापस की। यहां तक कि बेकार समझे जाने वाला गोबर को धन में परिवर्तित कर जेब में पैसा डाला। इन कारणों से हमारे घोषणा पर जनता भरोसा करेगी। तर्क में दम तो है। अब यह भी कह दिया कि कर्ज फिर माफ कर देंगे हमारी सरकार फिर बनवा दो। अपील में भी दम है,पहले भी दो घंटे में किया तो था,शायद फिर कर ही देंगें। 16 और भी वायदे इसी दम पर किये हैं कि हम पर जनता भरोसा करेंगी भाजपा पर नहीं करेगी। दोनों दलों के वायदे लोक लुभावन हैं इसमें किसी को कोई संदेह नहीं है। मामला सिर्फ विश्वास का है। राज्यों के चुनावों में जनता जनार्दन किस पर विश्वास जताती है यह महत्वपूर्ण है। कांग्रेस पार्टी के घोषणा पत्र पर या मोदी की गारंटी पर यह भविष्य के गर्भ में है। फैसला मतदानों के रुझानों से समझ में आने लगेगा। अंतिम मोहर तीन दिसम्बर को लग ही जाएगी।

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महापौर ढेबर को रायपुर दक्षिण से टिकट देने की मांग, हजारों की तादात में सड़क पर बैठे समर्थक https://samacharpacheesa.com/?p=8182 Fri, 20 Oct 2023 01:07:22 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=8182

छत्तीसगढ़ में चुनाव की तारीखों का ऐलान होने के बाद से राजनितिक हलचल तेज हो गई है। भाजपा ने 86 सीटों पर अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है। तो वहीँ कांग्रेस ने 83 सीटों पर प्रत्याशियों का ऐलान कर दिया है।

वहीँ नामों के ऐलान के बाद से ही दोनों ही पार्टियों में विरोध भी देखने को मिल रहा है, रायपुर दक्षिण से महंत राम सुंदर दास टिकट मिला है, जिसके बाद से महापौर एजाज ढेबर को रायपुर दक्षिण से टिकट नहीं मिलने पर उनके समर्थकों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है, हजारों की संख्या में समर्थक सुभाष स्टेडियम में एकत्रित हुए है।

उसके बाद समर्थक आकाशवाणी चौक में सड़क पर बैठकर विरोध जता रहे है और महापौर ढेबर को रायपुर दक्षिण से टिकट देने की मांग को लेकर अड़े हुए है।

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चुनौती खड़ी करती भाजपा, सतर्क कांग्रेस https://samacharpacheesa.com/?p=8149 Wed, 11 Oct 2023 06:41:57 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=8149 चुनावी प्रचार प्रसार के बीच आचार संहिता अब लागू हो गई।राष्ट्रीय चुनाव आयोग ने पांच राज्यों में चुनाव तिथियों की घोषणा की औपचारिकता पूरी कर दी है। छतीसगढ़ में 7 व 17 नवंबर को मतदान होगा। 11 नवम्बर से 20 नवम्बर नामांकन भरे जाएंगे। भाजपा ने अब तक दो चरणों में प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी है। दूसरी सूची वही आई जो लीक हुई थी। इसे लेकर अरुण साव से लेकर छोटे बड़े नेता साफ झूठ बोल रहे थे कि कोई सूची बनी ही नहीं है तो लीक का क्या सवाल ? आखिर बगैर एक शब्द इधर उधर हुए वही की वही लिस्ट फिर से अखबारों में इस तरह छपी मानों कोई नई सूची आ गई हो। दूसरी सूची 64 प्रत्याशियों की निकली जिसमें पूरी ईमानदारी से 23 नए नाम सामने आए हैं। पहली सूची 21 प्रत्याशियों की आई थी उसमें 19 नए चेहरे होने का दावा था। यानी कुल 85 सीटों में 42 नए नामों को जगह दी गई है। इनमें वे कोई भी चेहरे नहीं हैं जिनकी हवा में चर्चा हो रही थी। जिन्हें लोग बड़े प्यार से दूसरी लाइन के नेता कहते थे। उनकी जगह दरी उठाने वाले कार्यकर्ताओं को तवज्जो दी गई है। कहते हैं जीतने वाले प्रत्याशी को टिकट दी गई है। यह कैसे पहचान की गई कि ये लोग जीताऊ प्रत्याशी साबित होंगे ? यह कोई भी समझ नहीं पा रहा है। शायद यही नाराजी सूची लीक होने का कारण भी बनी होगी ,सबको यही आशंका है। लोग कहते हैं कि भाजपा कब से इतनी कमजोर पड़ गई है कि सूची लीक के दोषियों पर कुछ भी कर पाने में अक्षम दिखाई दे रही है।
खैर यह तो एक बात हुई कि अनेक लोग इस सूची से भीतर ही भीतर अब भी उबल रहे है यह उबाल बाहर आ पायेगा या हमेशा की तरह सब शांत जाएगा। यह देखना होगा। दूसरी बात यह भी है कि सूची देख कर कांग्रेस सकते में है जो सोचा था वह नहीं हुआ। 42 नए अनजान चेहरे ने उनके लिए नई तरह की चुनौती खड़ी कर दी है। लगभग सारी सूची में नाम तय होने के बाद फिर से कवायद करनी पड़ेगी कि कौन किसके सामने कमजोर पड़ सकता है ? कौन मजबूत होगा ? कांग्रेस के सामने यह चुनौती तो भाजपा ने खड़ी कर ही दी। अब कांग्रेस कवायद करने में जुट गई है। पहले तो मन बना था कि पितृपक्ष के बाद सूची दी जाए लेकिन वर्तमान स्थिति में एक दो दिन में सूची जारी करने की मजबूरी बन गई है। वह भी संशोधनों के साथ। सुना गया था कि इस बार अपने वर्तमान 71 विधायकों में से 63 विधायकों को पुन: टिकट दिया जाए वही चेहरे रीपीट किये जायें,यह विचार किया गया था। 71 सीटों की गिनती में यह 85 प्रतिशत हो रहा है। यानी मौजूद विधायकों में 85 प्रतिशत को फिर रीपीट किया जाए। अब भाजपा की दूसरी सूची के बाद कुछ फिर से विचार की स्थिति बन गई है। आज मंथन भी शुरू हो गया। लाभ हानि का आंकलन हो रहा है। चुन लिए गए नामों में फेर बदल की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। कांग्रेस की सूची में किसको बदल दिया गया यह खबर तो पता नहीं चल पायेगी। क्योंकि अब तक सूची आंतरिक रूप से बनी हुई थी। अब बाहर आएगी वही सही नाम माने जायेंगें। यह हल्ला नहीं हो सकेगा कि मेरा नाम था काट दिया गया। फिर भी सूची आने के बाद डैमेज कंट्रोल की जरूरत जरूर पड़ेगी,यह तय माना जा रहा है। जहां भाजपा में दूसरी लाइन के नामधारी नेता मायूस हुए हैं , वैसे ही जिन लोगों को टिकट की पूरी आशा बन गई है वे कांग्रेसी क्या रंग दिखाएंगें , यह देखने वाली बात होगी। विरोध दोनों ही दलों में होगा । यह है भी स्वाभाविक प्रक्रिया। लोगों को बड़ी बेसब्री से कांग्रेस की लिस्ट का इंतजार है। यह मान रहे हैं कि 8-9 मौजूदा विधायकों का टिकट कटना तय माना जा रहा था। अब की परिस्तिथि में कितने बदलते हैं या 63 मौजूद विधायक टिकट पा लेंगे। कटती है तो किसकी कटती है। यह जानने लोग उत्सुक हैं। जिन पांच विधानसभाओं की टिकट भाजपा ने रोकी हैं, उनमें जिन लोगों को टिकट का वायदा देकर भाजपा में लाया गया है उनका सपना पूरा होता है या नहीं ? यह देखना भी अभी बाकी है।

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भाजपा की परिवर्तन यात्रा 20 सितंबर को जीपीएम जिले में करेगी प्रवेश https://samacharpacheesa.com/?p=8048 Tue, 19 Sep 2023 09:10:24 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=8048 गौरेला पेंड्रा मरवाही। छत्तीसगढ़ में चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है। भाजपा की परिवर्तन यात्रा का दूसरा चरण 15 सितंबर को प्रारंभ हुआ। परिवर्तन यात्रा को जशपुर से भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगतप्रकाश नड्डा ने हरी झंडी दिखाई। दूसरे चरण की परिवर्तन यात्रा नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल के नेतृत्व में की जा रही है। 15 को सितंबर प्रारंभ हुई यह परिवर्न यात्रा 20 सितंबर को मनेंद्रगढ़ के रास्ते मध्यप्रदेश के गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले के बरौर में प्रवेश करेगी। इसके बाद यह यात्रा मरवाही के लिये रवाना होगी।
मरवाही के दुर्गा पंडाल में विशाल आमसभा का आयोजन किया गया है, जिसमें मुख्य वक्ता के रूप में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर व केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण, खेल, युवा कल्याण मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर, नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल, पूर्व प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णुदेव साय, पूर्व सांसद रामविचार नामदेव, प्रदेश प्रवक्ता अनुराग सिंहदेव आमसभा को संबोधित करेंगे. इसके बाद परिवर्तन यात्रा मरवाही में रात्रि विश्राम करेंगी।
21 सितंबर सुबह नौ बजे मरवाही के श्री राधकृष्ण मंदिर में दर्शन के बाद यात्रा सुबह 10 बजे प्रारंभ होंगी। कोटमी में सुबह 10:30 बजे भाजपा कार्यकर्ताओं एवं आम जनता द्वारा परिवर्तन यात्रा का स्वागत किया जायेगा और कोटमी से यात्रा कोरबा जिले के पसान होते हुये कटघोरा की ओर रवाना हो जाएगी। परिवर्तन यात्रा और आमसभा को सफल व ऐतिहासिक बनाने के लिये भाजपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता लगातार गांव-गांव में संपर्क कर रहें हैं।

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छग-मप्र के उम्मीदवारों का एलान https://samacharpacheesa.com/?p=7841 Fri, 18 Aug 2023 06:52:29 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=7841 मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा ने अपने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है। मध्य प्रदेश की 39 और छत्तीसगढ़ की 21 विधानसभा सीटों पर पार्टी ने प्रत्याशी घोषित कर दिए गए है। केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक के एक दिन बाद ही सूची जारी कर भाजपा ने इन विधानसभा चुनाव में बढ़त बनाने की कोशिश की है। पार्टी ने उन सीटों पर उम्मीदवार घोषित किए हैं जहां कांग्रेस के कद्दावर नेताओं का कब्जा है। इसमें भी ज्यादातर वो सीटें हैं, जहां भाजपा लगातार दो या तीन बार चुनाव हार रही है। ऐसा पहली बार हुआ है कि भाजपा ने चुनाव की घोषणा से पहले ही उम्मीदवारों का एलान किया है। मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ की ये सभी वो सीटें हैं जहां वर्तमान में कांग्रेस का कब्जा है। आंतरिक सर्वे में भी इन सीटों पर पार्टी की स्थिति ठीक नहीं पाई गई थी। पार्टी की कोशिश है कि उम्मीदवारों के नामों का एलान पहले करने से उन्हें तैयारी करने का मौका मिलेगा। इससे इन सीटों पर जीतने की संभावना बढ़ सकती है। कांग्रेस के गढ़ कहे जाने वाली इन सीटों को भाजपा ने आकांक्षी सीट नाम दिया है। मध्य प्रदेश की पहली सूची में 2018 में चुनाव हारे 14 चेहरे को फिर से मौका दिया गया है। इनमें चार मंत्री ललिता यादव, लालसिंह आर्य, ओम प्रकाश धुर्वे और नाना भाऊ मोहोड़ शामिल है। एमपी की पहली सूची में सिंधिया के साथ कांग्रेस छोड़कर एक पूर्व विधायक रणवीर जाटव का टिकट कट गया है। जाटव 2018 में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीते थे। उपचुनाव में वे भाजपा से चुनाव लड़े थे। लेकिन वे हार गए थे। छत्तीसगढ़ की 21 सीटों में 10 सीटें अनुसूचित जनजाति की है। एक सीट अनुसूचित जाति वर्ग को दी गई है। पाटन सीट से सांसद विजय सिंह बघेल को मैदान में उतारा गया है। इस सीट से प्रदेश के सीएम भूपेश बघेल विधायक है। दोनों नेताओं के बीच भतीजे-काका का रिश्ता है। पार्टी ने अपनी पहली सूची में पांच महिला उम्मीदवारों को मौका दिया है। मध्य प्रदेश में कुल 103 आकांक्षी सीटें हैं जहां पिछली बार बीजेपी चुनाव हार गई थी। इसके अलावा 22 ऐसी सीटें हैं, जिस पर पार्टी का जीत का मार्जिन एक हजार से कम था। जबकि छत्तीसगढ़ की 25 आकांक्षी सीट है। जहां कांग्रेस की स्थिति मजबूत है। इन सीटों पर हर बार भाजपा को हार का मुंह देखना पड़ता है। चर्चा में पार्टी के वरिष्ठ नेता कहा कि, इन हारी हुई सीटों को जीतने के लिए भाजपा ने फरवरी माह से रणनीति बनाना शुरु कर दिया था। संगठन ने इन सीटों पर हारे हुए बूथों को जीतने से लेकर प्रत्याशियों के चयन की एक्सरसाइज पूरे छह माह तक की। फिर इसकी विस्तृत रिपोर्ट तैयार की गई। इसमें क्षेत्रीय और जातिगत समीकरणों को ध्यान में रखते हुए उम्मीदवार चयन किया गया। दोनों राज्यों के संगठनों ने यह अपनी अपनी रिपोर्ट बुधवार को केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में रखी थी। इसके बाद यह पहली सूची गुरुवार को जारी की गई।
आकांक्षी सीटों पर जीत के लिए ये है प्लान
दोनों राज्यों में कांग्रेस के प्रभाव वाली सीटों को जीतने के लिए बीजेपी गुजरात फॉर्मूला यानी हर बूथ पर 51 फीसदी वोट शेयर प्राप्त करने और उत्तर प्रदेश के फॉर्मूले और योजनाओं के जरिए जनता से कनेक्ट होने पर काम कर रही है, जिससे इन सीटों पर बीजेपी को जीत मिल सके। जिस तरीके से साल 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान बीजेपी ने अमेठी में राहुल गांधी को हराया था। उसी तर्ज पर अब मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ की आकांक्षी सीटों पर बीजेपी कुछ कांग्रेस के दिग्गजों को हराने की रणनीति पर काम कर रही है। इन सीटों पर बीजेपी कई दिग्गज नेता उतारकर कांग्रेस को टक्कर देने के लिए माहौल तैयार करेगी। साथ ही, कांग्रेस नेताओं ने विकास के लिए क्या काम किए हैं, इस तरह के विषय पर स्पेशल कैंपेन चलाएगी।

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छत्तीसगढ़ में भाजपा की हालत बहुत खराब: भूपेश https://samacharpacheesa.com/?p=7780 Thu, 10 Aug 2023 09:27:13 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=7780 रायपुर। छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल ने प्रदेश के सांसदों और राष्ट्रीय पदाधिकारियों की दिल्ली में पीएम नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के साथ हुई बैठक को लेकर तंज कसा है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी इतने दिनों तक छत्तीसगढ़ के सांसदों से नहीं मिले। अब चुनाव आ रहा है, तो मिल रहे हैं। छत्तीसगढ़ में बीजेपी की हालत बहुत खराब है। भाजपा में रमन सिंह के हावी होने के सवाल पर कहा कि बीजेपी में जब तक रमन सिंह रहेंगे, तब तक विधायक बृजमोहन अग्रवाल, प्रेम प्रकाश पांडेय, राज्यसभा सांसद सरोज पांडेय, महामंत्री केदार कश्यप की दाल गलने वाली नहीं है।
संसद में केंद्रीय महिला और बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी के सवाल पर कहा कि बीजेपी इंडिया के नाम पर परेशान हैं। जब से 26 दलों का गठबंधन हुआ है, उसका नाम इंडिया दिया गया है, तब से स्मृति ईरानी, गृहमंत्री अमित शाह, पीएम मोदी सब परेशान हैं। बीजेपी का हर नेता परेशान हैं। जिस दिन बेंगलुरु में बैठक हो रही थी, उस दिन 38 दलों के साथ बैठक हुई। इसका मतलब यह है कि जब से इंडिया टीम बनी है। उससे बीजेपी घबराई हुई हैं। राहुल गांधी से घबराई हुई है। राहुल गांधी को सदन से बाहर करने के सारे प्रयास किए। बंगला खाली कराने का प्रयास किए, लेकिन राहुल तो राहुल हैं। वह फिर से वापस आ गए हैं और दहाड़ रहे हैं।
सीएम भूपेश ने कहा कि नक्सलवाद देश में सिमट रहा है। यह सबसे ज्यादा छत्तीसगढ़ में ही था, यह बात बिल्कुल सही है, लेकिन अब छत्तीसगढ़ में भी सिमट गया है। बहुत कम क्षेत्र में रहा गया है। यह धीरे-धीरे ही खत्म होगा क्योंकि दूसरे राज्यों की अपेक्षा यहां की जो भौगोलिक स्थिति है, वह दूसरे किस्म की है और इसी कारण से उसका लाभ नक्सली उठाते हैं। छत्तीसगढ़ तीन-चार राज्यों से घिरा हुआ है। ओडिशा, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश सभी तरफ से घिरा हुआ है। यहां से जब कार्रवाई होती है तो नक्सली वहां भाग जाते हैं। वहां से कार्रवाई होती तो यहां भाग आते हैं। केवल छत्तीसगढ़ में ही नहीं बल्कि जो सीमावर्ती राज्य वहां भी नक्सलियों की उपस्थिति है।
सीएम भूपेश ने आरोप लगाते हुए कहा कि बीजेपी हमेशा आदिवासियों के विरोध में रही है। उन्हें नक्सली बताकर जेल में ठूंसते रहे हैं। उनके साथ मारपीट, फर्जी एनकाउंटर किए, गोलियों से भूने और उनकी जमीनें छीनी। बीजेपी ने 15 साल में उनके अधिकार छीनने का काम किया है। यह ऑन द रिकॉर्ड में है। कांग्रेस सरकार लगातार आदिवासियों को ताकतवर बनाने में लगी है।

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ओमप्रकाश देवांगन भाजपा में शामिल https://samacharpacheesa.com/?p=7659 Wed, 02 Aug 2023 09:56:33 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=7659 रायपुर। बिरगांव के पूर्व नपा अध्यक्ष श्री ओम प्रकाश देवांगन, पूर्व शिक्षा अधिकारी श्री जी आर चंद्राकर, पूर्व नेता प्रतिपक्ष, 5 पार्षद, 35 छाया पार्षद सहित पिछड़ा वर्ग समाज के सैकड़ों लोग आज भाजपा में शामिल हो गए। इस अवसर पर भाजपा प्रदेश प्रभारी श्री ओम माथुर, सह प्रभारी नितिन नबीन, प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरम लाल कौशिक, प्रदेश महामंत्री केदार कश्यप ,रायपुर संभाग प्रभारी सौरभ सिंह, जिलाध्यक्ष जयंती पटेल मौजूद थे। 2018 में वे रायपुर ग्रामीण विधानसभा का चुनाव भी लड़ चुके हैं। जातिगत समीकरण के लिहाज से देखें तो वे इस बार चुनाव में भाजपा से प्रत्याशी भी हो सकते हैं।
ये हुए भाजपा में शामिल
बिरगाँव के पूर्व महापौर डॉ. ओमप्रकाश देवांगन, एवज देवांगन, डिगेश्वरी एवज देवांगन, बेदराम साहू, अश्वनी चान्द्रे (सभी पार्षद), पूर्व नेता प्रतिपक्ष द्वय भीखम देवांगन व कल्पना पाटिल, पूर्व पार्षद/सभापति द्वय राधेश्याम देवांगन व मन्नू बंजारे, मजदूर नेता (जिला अध्यक्ष) नन्हू दीवान, छाया पार्षदगण निशा सिंह, बल्लू बंजारे, रजत साहू, ओमप्रकाश साहू, धन्नू साहू, जोहन चतुर्वेदी, मोतिनबाई चतुर्वेदी, डॉ. हरीश मेहेर, जगदीश ध्रुव, गोदावरी मानिकपुरी, टिकेश्वर साहू, लक्ष्मीनारायण साहू, डॉ. ज्वालाप्रसाद धृतलहरे, जीवन यादव, रिकेश साहू, नीरज विश्वकर्मा, डॉ. मनोज पटवा, उमा चौधरी, कोमल साहू, भीखम देवांगन, सोमती धृतलहरे, रमेश नाग, मज़हर इमाम, डोमेश देवांगन, विश्राम देवांगन, कांति वर्मा, पंचवती साहू, ओमप्रकाश साहू, सुनील सिन्हा, खुशबू साहू, सुशीला गोपाल साहू, सुनीता दीनदयाल साहू, एससी जेसीसीजे के प्रदेश अध्यक्ष अनिलकुमार भारती, पूर्व जिला महामंत्री द्वय चतुर्भुज पवार व महेंद्र पांडे, पूर्व जिला उपाध्यक्ष द्वय विपिन चौबे व नथेला ध्रुव सहित काफी संख्या में युवा नेताओं, समाज प्रमुखों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, समाजसेवियों ने अपने एक हजार समर्थकों के साथ भाजपा की सदस्यता ग्रहण की।

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चुनाव: भरोसा भूपेश पर या भाजपा के आरोपों पर https://samacharpacheesa.com/?p=7652 Wed, 02 Aug 2023 07:13:23 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=7652 जन चर्चाओं में तो फिर कांग्रेस की सरकार बन रही है। भाजपा कार्यकर्ताओं का उत्साह और बयान बाजी कुछ अलग ही चुनावी दृश्य पैदा कर रही है। कहा जा रहा है कि इस बार फिर से भाजपा सरकार। पूछा जा रहा है कि आधार क्या तो कुछ स्पष्ट नहीं , पर कहते हैं, चुनाव के पहले देखना भाजपा बड़ा धमाका करने जा रही है। धमाका क्या है पूछने पर कहा जाता है कि देखते जाओ। सवाल का जवाब देने के ढंग से साफ पता चल जाता है,कि इनको भी कुछ नहीं पता। बड़े किसी नेताओं से पूछो तो वे भी कहते हैं कि सरकार तो हमारी बनेगी बस देखते जाओ। अब क्या समझ जाएं यही किसी के समझ में नहीँ आ रहा है। ऐसा क्या चमत्कार होने वाला है कि उसके बाद वर्तमान सरकार की सारी योजनाएं व रणनीति धरी रह जायेगी। बस देखते जाइये कहने की शैली से लोग अनुमान के भंवरजाल में गोता लगाने लग रहे हैं। भाजपा के समर्थन के लिए यहां ईडी,आईटी,सीबीआई सब हैं ना तैयार यह अनुमान भी लगाया जाता है। भले ही इसका सर पैर हो या नहीं लेकिन अल्प शिक्षित ग्रामीण जनता इस बात को सच ही मानती है और केंद्र सरकार के साथ स्थानीय भाजपा नेताओं को कोसने भी लगती है।
कांग्रेस ने केंद्रीय एजेंसियों पर लगाए अपने आरोपों को धरातल पर प्रतिष्ठा दिलाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी है। असर भी दिखाई दिया है। आंशिक ही सही गांव के लोगों के बीच बात पहुंची है। चर्चा चल पड़ी है कि वर्तमान सरकार तो हमको धान का बोनस देना चाहती थी। अड़ंगा तो केंद्र सरकार ने लगाया था कि अगर बोनस दिया तो समर्थन मूल्य में खरीदे धान का चावल हम नहीं खरीदेंगे। राज्य सरकार देना चाहती है, केन्द्र अड़ंगा लगा रही है। एक नजर में ग्रामीण जनता इस मामले में भूपेश बघेल के पक्ष में खड़ी दिखाई देती है। ग्रामीण जनता के बीच तो यही चर्चा है कि धान खरीदी के मामले में भूपेश बघेल ने जो कहा था वो किया है। कहा था 2500 दूंगा माने दूंगा, दिया , कैसे दिया किस तरह का रास्ता निकाला। अब सब सार्वजनिक तथ्य है। किसी से छुपा नहीं है। 2500 की जगह समर्थन मूल्य बढ़ा तो बिना प्रचार के उसे मिलाकर 2640 दिया। अब ग्रामीण जनता को भाजपा समझा रही है कि जो भी राज्य सरकार ने धान खरीदा वह हमारे पैसे से खरीदा है, सारा पैसा हम देते हैं। कहते हैं कि हम चावल खरीदने के लिए हामी सहमति नहीं देते तो राज्य धान इतनी मात्रा में खरीद पाते। ये सही भी है कि एक साल केंद्र ने कम मात्रा में चावल खरीदा तो धान हाथियों को खिलाना पड़ा था। बड़ी मात्रा में बर्बाद भी हुआ था। लोग प्रक्रिया पर चर्चा करते हैं कि धान खरीदने सरकार ऋ ण लेती है और धान खरीदती है। धान की मिलिंग करती है। चावल बनवाती है। मिलिंग का खर्चा उठाती है। उसके बाद केंद्र उस चावल को ही पैसा देकर खरीदती है। पैसा आने पर कर्ज पटाया जाता है। कुछ नुकसान भी उठाना पड़ता है। भरपाई सरकार के खजाने से होती है। पैसा केंद्र ने चावल खरीदी के एवज में दिया तो वह धान की खरीदी के लिए दिया कैसे कह सकती है? केंद्र सरकार यह जरूर कह सकती है कि हम अगर चावल नहीं खरीदें तो आप धान खरीद कर करोगे क्या? बुद्धिजीवियों के एक बड़े वर्ग का कहना कि यह कहना संघीय लोकतंत्र की तय व्यवस्थाओं के विरुद्ध होगा। बावजूद इसके केंद्र व राज्य के भाजपाई नेता ऐसा कहने से नहीं चूकते। किस गणित से कहते हैं किसी को बताते भी नहीं। कांग्रेस के किसान नेताओं का कहना है कि इस चुनाव में कुछ चले या नहीं चले धान खरीदी का जादू सर चढ कर जरूर बोलेगा। यह भी कि लोगों की नजर चुनाव के पहले ईडी-आईटी-सीबीआई व अन्य केंद्रीय एजेंसियों की चाही -अनचाही कार्यवाहियों पर भी है। वो कौन सा चमत्कार करती हैं? राज्य व केंद्र के नेता कौन सा चमत्कार करने वाले हैं? प्रदेश के भाग्य खोलने के लिए किस तरह की भाजपाई घोषणाएं सामने आती हैं। अंतिम फैसला तो दोनों दलों का घोषणा पत्र ही करेगा। देखें भाजपा या कांग्रेस अथवा आप किसकी घोषणाओं पर जनता का भरोसा होगा? या फिर भूपेश है तो भरोसा है के नारे पर जनता भरोसा करती है। इसका सबको इंतजार है।

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शिक्षक भर्ती परीक्षा में नहीं हुई गड़बड़ी, भाजपा के आरोपों को कांग्रेस ने बताया बेबुनियाद https://samacharpacheesa.com/?p=7603 Sat, 29 Jul 2023 10:01:13 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=7603 रायपुर । छत्तीसगढ़ में बीजेपी शिक्षक भर्ती परीक्षा को लेकर सरकार को घेर रही है। बीजेपी के मुताबिक शिक्षक भर्ती परीक्षा में जमकर धांधली की गई है।अपने चहेतों का सिलेक्शन कराने के लिए नियम बदल दिए गए। जिन विषयों के अभ्यर्थी नहीं हैं। उनसे भी परीक्षा दिलवाई गई।वहीं जब परिणाम घोषित हुए तो नियमों में संशोधन कर दिया गया।किसी भी राज्य के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है।लेकिन बीजेपी के इन आरोपों का कांग्रेस ने एक सिरे से खंडन किया है।
शिक्षक भर्ती परीक्षा को लेकर कांग्रेस ने प्रतिक्रिया दी है।धनंजय सिंह ठाकुर के मुताबिक शिक्षक भर्ती घोटाला की बात कहने वाली बीजेपी गलत आरोप लगा रही है।क्योंकि अभी शिक्षक भर्ती प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है।और जब भर्ती ही नहीं हुई तो घोटाला कैसा।
धनंजय ठाकुर ने कहा शिक्षक भर्ती परीक्षा में घोटाला नहीं हुआ है।क्योंकि इस परीक्षा की भर्ती अभी तक चल रही है।ऐसे में जब तक भर्ती प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती ऐसे आरोप लगाना निरर्थक है।बीजेपी दिन में सपने देखती है और फिर गलत आरोप लगाती है।वहीं शाम में जब कांग्रेस तथ्यों के साथ बीजेपी के गलत आरोपों का जवाब देती है तो बोलती बंद हो जाती है।
क्या हैं बीजेपी के आरोप : बीजेपी सरगुजा प्रभारी संजय श्रीवास्तव की माने तो प्रदेश के आदिवासी बाहुल्य बस्तर और सरगुजा संभाग के युवाओं को भर्ती के नियमों की छूट का लाभ नहीं दिया गया। आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र के लिए 12।489 शिक्षकों की भर्ती के लिए 4 मई 2023 को विज्ञापन निकाला गया। यह विज्ञापन बस्तर और सरगुजा के लिए निकला था। इन भर्ती परीक्षाओं के विषयों को समाप्त कर दिया गया। इस तरह विज्ञान विषय के लिए कला संकाय का अभ्यर्थी भी आवेदन कर सकता था।जब विज्ञापन जारी हुआ तब इस तरह का कोई व्यवस्था या नियम नहीं था कि विषय की बाध्यता समाप्त कर दी जाए।सरकार इस तरह युवाओं के साथ खेल कर रही है।
संजय श्रीवास्तव ने कहा 12,489 पदों के लिए परीक्षाएं 10 जून को हुई और 2 जुलाई को परीक्षा परिणाम घोषित हुए तब तक विषय वार व्यवस्था थी। लेकिन 6 जुलाई को मंत्रिपरिषद ने विषयवार व्यवस्था को समाप्त करने का निर्णय लिया। ऐसा यह पहली बार हुआ यह निर्णय 11 जुलाई को राजपत्र में प्रकाशित हुआ। जब यह परीक्षा हुई उसमें 1,46,176 परीक्षार्थी सम्मिलित हुए। परिणाम घोषित हुए तो यह संख्या 1,46 275 हो गई। 99 अधिक परीक्षार्थियों का परिणाम घोषित हुआ। आखिर ये 99 परीक्षार्थी कौन है? क्या ये वहीं हैं जो सरकार के चहेते हैं।जिनका चयन होना था।
बीजेपी ने आरोप लगाए हैं कि परीक्षा में जितने प्रश्न पूछे गए थे उसकी तो आंसर शीट घोषित हुई। इसमें 15 से 20 प्रश्नों का उत्तर ही गलत पाया गया। इससे जिस परीक्षार्थी ने प्रश्न पत्र सही हल किया उसे इस आंसर शीट के आधार पर गलत बताकर मूल्यांकन किया गया और परिणाम प्रभावित हुआ। सरकार युवाओं को अवसर नहीं दे पाई, युवाओं को रोजगार नहीं दे पाई, वह सरकार अब पात्र और योग्य अभ्यर्थियों के साथ मजाक कर रही है।

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