भाजपा नेताओं – SAMACHARPACHEESA.COM https://samacharpacheesa.com Tue, 01 Aug 2023 10:07:08 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.3 कांग्रेस विधायक की मौजदूगी में भाजपा नेताओं की हत्या की धमकी, छत्तीसगढ़ को हिंसा में झोंकने सरकार की तैयारी: साव https://samacharpacheesa.com/?p=7637 Tue, 01 Aug 2023 10:07:07 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=7637 रायपुर। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव ने मोहला-मानपुर जिले में खुलेआम भाजपा नेताओं की हत्या की धमकी देने के मामले में कड़ी प्रतिक्रिया दी है। साव ने कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में बीजेपी कार्यकर्ताओं को टारगेट कर उनकी हत्या की जा रही है। अब खुलेआम मारने काटने की धमकी दी जा रही है। छत्तीसगढ़ में अब ऐसे लोगों को कोई भय नहीं है। सोशल मीडिया का जमाना है। तमाम तरह के न्यूज चैनल हैं इसके बावजूद कांग्रेसी विधायक की उपस्थिति में इस प्रकार की धमकी दी जा रही है। यह प्रदेशवासियों के लिए बेहद चिंतनीय है।
साव ने कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में सरजू टेकाम कांग्रेसी विधायक की उपस्थिति में भाजपा नेताओं व कार्यकर्ताओं मारने-काटने की धमकी दे रहे हैं। यह बताता है कि प्रदेश में कानून व्यवस्था किस प्रकार मृत्यु शय्या पर है। साव ने कहा कि छत्तीसगढ़ से कांग्रेस की सरकार जाने वाली है। हमारे कार्यकर्ता गांव- गांव जा कर भूपेश बघेल की नाकामी, वादाखिलाफी, भ्रष्टाचार को बताने का काम कर रहे हैं। जिससे आज राज्य में भूपेश बघेल की सरकार भाजपा कार्यकर्ताओं से डरी हुई है। भारतीय जनता पार्टी के नेताओं, पूर्व विधायकों की सुरक्षा हटाई जा रही है। वहीं दूसरी ओर खुलेमंच से धमकी दी जा रही है। इस प्रकार छत्तीसगढ़ की शांति व्यवस्था में खलल डालने का काम, हिंसा की आग में डालने का काम भूपेश बघेल की सरकार कर रही है। अब इस सरकार के तीन माह ही शेष हैं। इस प्रकार के कृत्य से स्पष्ट है यह कांग्रेस की सरकार अब सदा के लिए प्रदेश से जाने वाली है।

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टिकट की चाह में ठगा गए भाजपाई, दे दिए लाखों रूपए https://samacharpacheesa.com/?p=7272 Wed, 12 Jul 2023 07:24:49 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=7272 रायपुर। विधानसभा चुनाव लडऩे के इच्छुक भाजपा नेताओं के साथ ठगी का मामला सामने आने से पार्टी में खलबली मच गई है कि ऐसा भी होने लगा है लेकिन इसमें पार्टी का कोई लेना देना नहीं हैं। अनजान लोगों के चक्कर में वे लोग फंसे जो ऐन-केन सर्वे सूची में नाम जुड़वाकर अपनी ब्रांडिंग दिल्ली में करना चाहते हैं। कुछ लोगों ने लाखों रूपए दे दिए अब उन्हे पता चला कि वे ठगा गए तो होश उड़ गए,पार्टी के अंदर बाहर किरकिरी हो रही है सो अलग। पार्टी नेताओं ने मामले से पल्ला झाड लिया है।
मामला यह है कि केंद्रीय मंत्री अमित शाह के सर्वे में नाम जुड़वाने के नाम पर नेताओं से लाखों रुपये वसूल लिए गए। भाजपा के उच्च पदस्थ सूत्रों की मानें तो दिल्ली के कुछ युवाओं ने फेसबुक पर अमित शाह और उनके पीए के साथ तस्वीर दिखाई। उसके बाद उन युवाओं ने अपना खेल शुरू किया। सर्वे सूची में नाम शामिल करने के लिए किसी से पांच लाख तो किसी से आठ लाख रुपये वसूल लिए।
ठगी के शिकार वह नेता हुए हैं, जिनकी सक्रियता इंटरनेट मीडिया पर ही नजर आती है। क्षेत्र में पार्टी के कार्यक्रम और अन्य अभियान में उनकी उपस्थिति शून्य रहती है। इसमें राजधानी रायपुर के दो युवा नेता हैं। एक जिला पंचायत सदस्य हैं, जबकि एक युवा मोर्चा की जिला कार्यकार्यकारिणी में है। एक नेता कांकेर जिले के हैं, जो पेशे से इंजीनियर हैं और पार्टी के बड़े नेताओं के इर्द-गिर्द अक्सर पाए जाते हैं। ऐसे ही गरियाबंद, महासमुंद और धमतरी के एक-एक नेता का नाम सामने आ रहा है, जिनसे पैसे वसूले गए हैं। भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से इस तरह की ठगी को लेकर सवाल किया गया तो उन्होने पूरी तरह से पल्ला झाड़ लिया।

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बस्तर में हत्या की जांच एनआईए को https://samacharpacheesa.com/?p=6307 Fri, 17 Feb 2023 06:39:43 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=6307 पिछले दो सप्ताह के भीतर भारतीय जनता पार्टी के 4 नेताओं की हत्या बस्तर संभाग के अलग-अलग जिलों में हुई है। इन हत्याओं को लेकर भाजपा कांग्रेस की सरकार पर हमलावर रुख अपनाए हुए है। पार्टी के अध्यक्ष अरुण साव ने आरोप ने लगाया है कि भाजपा कार्यकर्ताओं में दहशत फैलाने के लिए सरकार की शह पर टारगेट किलिंग याने भाजपाईयों को निशाना बनाकर हत्या कराई जा रही है। लोकतांत्रिक राजनीति में कोई पार्टी सत्ता पक्ष पर यह आरोप लगाए तो यह अत्यंत गंभीर है। छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में माओवादी हिंसा और भय के दम पर देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को समाप्त करने का पिछले 2-3 दशकों से देख रहे है। कांग्रेस पार्टी नक्सलवाद और माओवाद को लेकर शुरु से भ्रमित रही है। उनके अनेक नेता नक्सलियों और माओवादियों को सामाजिक आर्थिक मुद्दों को लेकर संघर्ष करने वाले क्रांतिकारी तक मानते है। पिछले चुनाव के पहले कांग्रेस पार्टी के तब नेता रहे राजबब्बर ने उन्हें क्रांतिकारी ही कहा था। लेकिन कांग्रेस पार्टी और भारत की राजनीति में झीरम घाटी हत्याकांड एक गंभीर जख्म है। पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह ने भी माओवाद को देश का सबसे बड़ा आंतरिक समस्या माना था, तब छत्तीसगढ़ में शासन कर रही भाजपा की सरकार स्थानीय आदिवासियों के साथ माओवाद के खिलाफ में संघर्ष छेड़े हुई थी। यह बात सही है कि भाजपा सरकार के समय ही माओवाद को एक राष्ट्रीय समस्या के रुप में सामने लाने का कार्य किया गया था। कांग्रेस पार्टी भी विधानसभा चुनाव के पहले माओवाद की समस्या को सुलझाने का वादा की थी। लेकिन 4 वर्ष के बाद भी माओवादियों के साथ किसी भी तरह की बातचीत के संकेत नहीं मिले है। इस बीच प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के बस्तर संभाग से एकमात्र विधायक भीमा मंडावी की हत्या हुई और उसके बाद लगातार भाजपा के कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया गया। इन घटनाओं के बाद भाजपा के आरोप के चलते अब प्रदेश सरकार ने मामले की जांच करने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को पत्र लिखा है। इसका मतलब है कि सरकार अब इन हत्याओं को आतंकी घटनाएं मान रही है। चुनाव जब करीब हो तो इस तरह की घटनाएं कई सवाल खड़े करती है। ऐसे मामले में सरकार और राजनीतिक दलों को गंभीर होना चाहिए। लेकिन प्रदेश में सत्तारुढ़ कांग्रेस पार्टी और सरकार दोनों ने जिस प्रकार की बयानबाजी की है उससे गंभीरता नहीं झलकती है। मुख्यमंत्री यह कहें कि भाजपा इसकी जांच केंद्रीय एजेंसी से करा ले तो यह काम प्रदेश सरकार का है, जैसा कि गुरुवार को किया गया है। कांग्रेस के प्रवक्ता भी इस प्रकरण में जिस प्रकार के बयान दे रहे हैं वह किसी दृष्टि से उचित नहीं है। माओवाद से निपटने के विषय में सभी दलों को एकमत होना चाहिए।

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