मध्य प्रदेश – SAMACHARPACHEESA.COM https://samacharpacheesa.com Fri, 18 Aug 2023 06:52:30 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.3 छग-मप्र के उम्मीदवारों का एलान https://samacharpacheesa.com/?p=7841 Fri, 18 Aug 2023 06:52:29 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=7841 मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा ने अपने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है। मध्य प्रदेश की 39 और छत्तीसगढ़ की 21 विधानसभा सीटों पर पार्टी ने प्रत्याशी घोषित कर दिए गए है। केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक के एक दिन बाद ही सूची जारी कर भाजपा ने इन विधानसभा चुनाव में बढ़त बनाने की कोशिश की है। पार्टी ने उन सीटों पर उम्मीदवार घोषित किए हैं जहां कांग्रेस के कद्दावर नेताओं का कब्जा है। इसमें भी ज्यादातर वो सीटें हैं, जहां भाजपा लगातार दो या तीन बार चुनाव हार रही है। ऐसा पहली बार हुआ है कि भाजपा ने चुनाव की घोषणा से पहले ही उम्मीदवारों का एलान किया है। मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ की ये सभी वो सीटें हैं जहां वर्तमान में कांग्रेस का कब्जा है। आंतरिक सर्वे में भी इन सीटों पर पार्टी की स्थिति ठीक नहीं पाई गई थी। पार्टी की कोशिश है कि उम्मीदवारों के नामों का एलान पहले करने से उन्हें तैयारी करने का मौका मिलेगा। इससे इन सीटों पर जीतने की संभावना बढ़ सकती है। कांग्रेस के गढ़ कहे जाने वाली इन सीटों को भाजपा ने आकांक्षी सीट नाम दिया है। मध्य प्रदेश की पहली सूची में 2018 में चुनाव हारे 14 चेहरे को फिर से मौका दिया गया है। इनमें चार मंत्री ललिता यादव, लालसिंह आर्य, ओम प्रकाश धुर्वे और नाना भाऊ मोहोड़ शामिल है। एमपी की पहली सूची में सिंधिया के साथ कांग्रेस छोड़कर एक पूर्व विधायक रणवीर जाटव का टिकट कट गया है। जाटव 2018 में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीते थे। उपचुनाव में वे भाजपा से चुनाव लड़े थे। लेकिन वे हार गए थे। छत्तीसगढ़ की 21 सीटों में 10 सीटें अनुसूचित जनजाति की है। एक सीट अनुसूचित जाति वर्ग को दी गई है। पाटन सीट से सांसद विजय सिंह बघेल को मैदान में उतारा गया है। इस सीट से प्रदेश के सीएम भूपेश बघेल विधायक है। दोनों नेताओं के बीच भतीजे-काका का रिश्ता है। पार्टी ने अपनी पहली सूची में पांच महिला उम्मीदवारों को मौका दिया है। मध्य प्रदेश में कुल 103 आकांक्षी सीटें हैं जहां पिछली बार बीजेपी चुनाव हार गई थी। इसके अलावा 22 ऐसी सीटें हैं, जिस पर पार्टी का जीत का मार्जिन एक हजार से कम था। जबकि छत्तीसगढ़ की 25 आकांक्षी सीट है। जहां कांग्रेस की स्थिति मजबूत है। इन सीटों पर हर बार भाजपा को हार का मुंह देखना पड़ता है। चर्चा में पार्टी के वरिष्ठ नेता कहा कि, इन हारी हुई सीटों को जीतने के लिए भाजपा ने फरवरी माह से रणनीति बनाना शुरु कर दिया था। संगठन ने इन सीटों पर हारे हुए बूथों को जीतने से लेकर प्रत्याशियों के चयन की एक्सरसाइज पूरे छह माह तक की। फिर इसकी विस्तृत रिपोर्ट तैयार की गई। इसमें क्षेत्रीय और जातिगत समीकरणों को ध्यान में रखते हुए उम्मीदवार चयन किया गया। दोनों राज्यों के संगठनों ने यह अपनी अपनी रिपोर्ट बुधवार को केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में रखी थी। इसके बाद यह पहली सूची गुरुवार को जारी की गई।
आकांक्षी सीटों पर जीत के लिए ये है प्लान
दोनों राज्यों में कांग्रेस के प्रभाव वाली सीटों को जीतने के लिए बीजेपी गुजरात फॉर्मूला यानी हर बूथ पर 51 फीसदी वोट शेयर प्राप्त करने और उत्तर प्रदेश के फॉर्मूले और योजनाओं के जरिए जनता से कनेक्ट होने पर काम कर रही है, जिससे इन सीटों पर बीजेपी को जीत मिल सके। जिस तरीके से साल 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान बीजेपी ने अमेठी में राहुल गांधी को हराया था। उसी तर्ज पर अब मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ की आकांक्षी सीटों पर बीजेपी कुछ कांग्रेस के दिग्गजों को हराने की रणनीति पर काम कर रही है। इन सीटों पर बीजेपी कई दिग्गज नेता उतारकर कांग्रेस को टक्कर देने के लिए माहौल तैयार करेगी। साथ ही, कांग्रेस नेताओं ने विकास के लिए क्या काम किए हैं, इस तरह के विषय पर स्पेशल कैंपेन चलाएगी।

]]>
छत्तीसगढ़-मप्र में हिंदुत्व की राह पर कांग्रेस https://samacharpacheesa.com/?p=7080 Wed, 14 Jun 2023 08:13:23 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=7080 अविभाजित मध्य प्रदेश को आमतौर पर भाजपा के हिंदुत्व की काट के रूप में अब इसी मध्य प्रदेश और इससे अलग होकर बने छत्तीसगढ़ को कांग्रेस अपने सॉफ्ट हिंदुत्व की प्रयोगशाला बनाने का प्रयास कर रही है। 2018 में कांग्रेस के विधानसभा चुनाव जीतने के बाद गांधी परिवार के आशीर्वाद से छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री बने भूपेश बघेल ने बहुत जल्द ही यह भांप लिया कि अगर छत्तीसगढ़ में निर्बाध रूप से सरकार चलानी है तो हिंदुत्व के रास्ते पर चलना होगा और उसके बाद लोगों ने देखा किस तरह से बघेल ने एक-एक कर राज्य भाजपा से हिंदुत्व से जुड़े मुद्दों को छीनना शुरू कर दिया। छत्तीसगढ़ में होने वाले विधानसभा चुनाव 2023 के लिए भाजपा और कांग्रेस में हिंदुत्ववादी राजनीति करने की होड़ लगी हुई है। इस बार दोनों पार्टियां हिंदुत्व को मुद्दा बनाकर चुनावी प्रचार कर रही है। दोनों पार्टियों में होड़ लगी है कि कौन-सी पार्टी हिंदुत्व की राजनीति में आगे निकलती है। गोबर योजना से लेकर, राम वन गमन परिपथ, रामायण प्रतियोगिता, हनुमान चालीसा का पाठ और गोधन न्याय योजना जैसी परियोजनाओं को अपना कर, घोषणाएं करके छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार राज्य के हिंदू मतदाताओं को पुरजोर तरीके से और लगातार लुभाने का प्रयास कर रही है। मध्य प्रदेश में 2018 में चुनाव जीतकर गांधी परिवार के आशीर्वाद से मुख्यमंत्री बनने वाले कमलनाथ को जल्द ही भाजपा ने ज्योतिरादित्य सिंधिया की बगावत की मदद से कुर्सी से हटा कर अपने शिवराज सिंह चौहान को फिर से राज्य का मुख्यमंत्री बना दिया लेकिन इसके बाद पूरे प्रदेश में भ्रमण कर रहे कमलनाथ और दिग्विजय सिंह की जोड़ी को जल्द ही हिंदुत्व की राजनीति की अहमियत का भी अहसास हो गया और इसके बाद कांग्रेस ने मध्य प्रदेश में भी हिंदुत्व की राजनीति पर ही चलने का फैसला कर लिया। इसके बाद ही कांग्रेस में मुख्यमंत्री पद के फिलहाल सबसे बड़े और एकमात्र दावेदार नजर आ रहे कमलनाथ ने अपनी पूजा करती तस्वीरों को सार्वजनिक रूप से शेयर करना शुरू कर दिया, बजरंग सेना का कांग्रेस में विलय कराया और सबसे खास बात यह है कि किसानों, बेरोजगारों, हड़तालों और आदिवासियों सहित तमाम मुद्दों पर शिवराज सरकार को घेरने वाले कमलनाथ बहुत ही जोर-शोर से और प्रमुखता से उज्जैन के महाकाल में गिरी देव प्रतिमाओं का भी मुद्दा उठाकर हिंदू मतदाताओं को खास संदेश देने का प्रयास कर रहे हैं। यहां तक कि राज्य में चुनावी अभियान का श्रीगणेश करने के लिए मध्य प्रदेश पहुंची प्रियंका गांधी ने भी पहले मां नर्मदा की पूजा अर्चना और आरती कर अपने इरादों को पूरी तरह से स्पष्ट कर दिया। प्रियंका गांधी ने आरोप लगाते हुए यहां तक कह डाला कि भाजपा की सरकार ने तो घोटालों के मामले में मां नर्मदा और महादेव के महाकाल कॉरिडोर तक नहीं छोड़ा। साफ-साफ दिखाई दे रहा है कि भाजपा से लगातार चुनाव हारने वाली कांग्रेस ने अब भाजपा की हिंदुत्व वाली पिच पर ही खेलकर उसे हराने का मंसूबा बना लिया है और इस साल का विधानसभा चुनाव कांग्रेस की रणनीति का एक टेस्ट केस माना जा सकता है।

]]>
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिले शिवराज सिंह चौहान, प्रवासी भारतीय दिवस और इंवेस्टर्स समिट को लेकर हुई चर्चा https://samacharpacheesa.com/?p=5438 Mon, 26 Dec 2022 08:02:11 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=5438 नईदिल्ली। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की है। मुलाकात के बाद शिवराज सिंह चौहान ने खुद इस बात की जानकारी दी है। मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि प्रवासी भारतीय दिवस और इन्वेस्टर्स समिट को लेकर चर्चा हुई है। अपने बयान में शिवराज ने कहा कि आज प्रधानमंत्री के साथ मुलाकात हुई, कई विषयों पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में 8, 9 और 10 जनवरी को प्रवासी भारतीय कार्यक्रम होने वाला है। इसमें मध्य प्रदेश की परंपराओं और कई कार्यक्रम किए जाएंगे। आपको बता दें कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले महीने मध्य प्रदेश के इंदौर में होने वाले ‘प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन’ में शिरकत करेंगे।
सम्मेलन की थीम ‘‘प्रवासी : अमृत काल में भारत की प्रगति के लिए विश्वसनीय भागीदार’’ तय की गई है। इसी तरह प्रदर्शनी की थीम ‘‘आजादी का अमृत महोत्सव- भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में प्रवासियों का योगदान’’ निर्धारित की गई है। प्रवासी भारतीय दिवस के मुख्य अतिथि गुयाना के राष्ट्रपति श्री मोहम्मद इरफान अली होंगे। वहीं, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि 11-12 जनवरी को ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट है जिसमें कई देशों के नेता, व्यवसायी, एंबेसडर, डेलिगेशन आएंगे। प्रधानमंत्री इस समिट का उद्घाटन करेंगे। इसके साथ उन्होंने कहा कि PM के साथ G20 पर भी चर्चा हुई। खेलो इंडिया को लेकर बात हुई जिसका आज लोगो भी लांच किया जाएगा।

]]>