महागठबंधन – SAMACHARPACHEESA.COM https://samacharpacheesa.com Sat, 10 Jun 2023 08:16:14 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.3 दिल्ली की गद्दी का रास्ता यूपी से होकर जायेगा https://samacharpacheesa.com/?p=7060 Sat, 10 Jun 2023 08:16:14 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=7060 बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने वो काम कर दिखाया है जो इससे पहले विपक्ष के तमाम नेता नहीं कर पाये थे। देश में सबसे बड़े मोदी विरोधी के रूप में अपनी पहचान बनाने को आतुर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उन तमाम विपक्षी पार्टियों के नेताओं को एक मंच पर लाने में सफलता हासिल कर ली है जो इससे पहले तक तरह-तरह के कारणों के चलते एक साथ और एक मंच पर नहीं आते थे। लेकिन नीतीश ने विपक्षी नेताओं को एक करने के लिए जो देश भ्रमण अभियान शुरू किया था उसके अपेक्षित परिणाम सामने आये हैं। बिहार में सत्तारुढ़ महागठबंधन की ओर से बताया गया है कि राहुल गांधी, ममता बनर्जी, अरविंद केजरीवाल, मल्लिकार्जुन खरगे, एमके स्टालिन, हेमंत सोरेन, अखिलेश यादव, शरद पवार और उद्धव ठाकरे आदि सभी बड़े विपक्षी नेता 23 जून को पटना में होने वाली बैठक में शामिल होंगे। इसके अलावा नीतीश कुमार, लालू यादव और वामदलों के नेता तो इस बैठक में मेजबान की भूमिका में रहेंगे ही। विपक्षी दलों के बीच इस बात पर लगभग सहमति बन गयी है कि देश की 543 संसदीय सीटों में से 450 पर विपक्षी दलों का संयुक्त उम्मीदवार भाजपा उम्मीदवार से टक्कर लेगा। विपक्ष का पूरा प्रयास है कि भाजपा विरोधी मतों का बंटवारा किसी भी हालत में नहीं होने पाये इसके लिए किसी दल को यदि कुछ त्याग भी करना पड़े तो वह भी किया जायेगा। बताया जा रहा है कि कांग्रेस की ओर से कम से कम 350 संसदीय सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने की बात पर अड़े रहने की वजह से विपक्षी एकता में दिक्कत आ रही थी लेकिन अब कांग्रेस भी कुछ और त्याग करने के लिए राजी हो गयी है। अभी हाल ही में अपने अमेरिकी दौरे के दौरान राहुल गांधी ने एक सवाल के जवाब में स्पष्ट कर दिया था कि भाजपा और आरएसएस को हराने के लिए कांग्रेस को और बड़ा त्याग करना होगा तो वह करेगी। वर्तमान में भाजपा के पास अकेले दम पर लोकसभा में 301 सीटें हैं। विपक्ष का प्रयास है कि अगली लोकसभा में 450 सीटें जीत कर भाजपा को विपक्ष का दर्जा हासिल करने लायक भी नहीं छोड़ा जाये। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी एकता के लिए यह फॉर्मूला पहले ही दे चुकी हैं कि जिस राज्य में जो दल मजबूत है उसको बाकी विपक्षी दल अपना पूरा समर्थन दें ताकि भाजपा का पूरी ताकत के साथ मुकाबला किया जा सके। लेकिन इस फॉर्मूले से सबसे ज्यादा दिक्कत कांग्रेस को ही है। दरअसल कांग्रेस का राष्ट्रीय स्तर पर आधार है और कई राज्यों में उससे क्षेत्रीय दलों ने ही सत्ता छीन ली है। ऐसे में कांग्रेस के लिए यह बड़ा मुश्किल हो रहा है कि कैसे वह दिल्ली और पंजाब में आम आदमी पार्टी के समक्ष समर्पण कर दे, कैसे वह तेलंगाना में बीआरएस, आंध्र प्रदेश में वाईएसआर कांग्रेस, बंगाल में तृणमूल कांग्रेस, उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी, झारखंड में झारखंड मुक्ति मोर्चा, बिहार में जनता दल युनाइटेड और राष्ट्रीय जनता दल और तमिलनाडु में द्रमुक आदि के समक्ष समर्पण कर दे। वैसे कांग्रेस की केंद्रीय इकाई भले इस समर्पण के लिए राजी हो गयी है लेकिन उसकी प्रांतीय इकाइयां ऐसे किसी समझौते के विरोध में हैं।

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महागठबंधन के लिए बड़ा संदेश दे गया बिहार का नगर निकाय चुनाव https://samacharpacheesa.com/?p=5570 Sat, 31 Dec 2022 10:14:52 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=5570 नई दिल्ली। बिहार के 17 नगर-निगमों में महापौर, उप महापौर और पार्षदों के परिणाम आ गए हैं। इन नतीजों ने हर किसी को हैरान कर दिया है। ये भले ही दलगत चुनाव नहीं थे, लेकिन इन नतीजों से खासतौर पर बिहार की सत्ता में काबिज महागठबंधन को बड़ा सियासी संदेश मिला है। नतीजों पर नजर डालें तो गया को छोड़कर 16 शहरों में महिलाएं महापौर बनी हैं। वह भी तब, जब केवल सात सीटें ही महिलाओं के लिए आरक्षित थीं। मतलब इस बार नगर निकाय चुनाव में महिलाओं का डंका बजा है। 17 में से छह नगर निगम में भारतीय जनता पार्टी समर्थित महापौर चुना गया है, जबकि छह पर ही महाठबंधन समर्थित प्रत्याशियों को जीत मिली है। समस्तीपुर से कांग्रेस समर्थित अनीता राम मेयर चुनी गईं हैं। चार अन्य पर निर्दलीय प्रत्याशियों ने परचम लहराया। यह नतीजे बिहार की सियासत के लिए काफी अहम माने जा रहे हैं, क्योंकि तीन महीने पहले ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भाजपा के साथ गठबंधन तोड़कर महागठबंधन की सरकार बना ली थी। ऐसे में इन नतीजों को आगामी लोकसभा और फिर विधानसभा चुनाव के लिए एक बड़ा संदेश माना जा रहा है।

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कुढऩी में हार के लिए नीतीश जिम्मेदार : अनिल साहनी https://samacharpacheesa.com/?p=5099 Fri, 09 Dec 2022 08:26:25 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=5099 पटना। बिहार के कुढ़नी विधानसभा सीट पर उपचुनाव हुए थे। इस उपचुनाव में महागठबंधन और भाजपा के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। हालांकि, चुनावी नतीजे भाजपा के पक्ष में रहे। भाजपा में जबरदस्त उत्साह है। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुढ़नी के चुनावी नतीजों पर कहा कि यह आने वाले दिनों के स्पष्ट संकेत है। दूसरी ओर महागठबंधन में तकरार शुरू हो गया है। आरजेडी नेता ने कुढ़नी के नतीजों पर साफ तौर पर नीतीश कुमार को जिम्मेदार बता दिया। कुढ़नी के पूर्व राजद विधायक अनिल साहनी ने साफ तौर पर कहा कि यह हार नीतीश कुमार की है। अपने बयान में उन्होंने कहा कि यह महागठबंधन की हार नहीं है, यह सीएम नीतीश कुमार की हार है क्योंकि गैर-ईबीसी उम्मीदवार को ईबीसी (अत्यंत पिछड़ा वर्ग) सीट के लिए चुना गया था।
अनिल साहनी ने आगे कहा कि हमें जो वोट मिला वह उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के कारण था। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि जिस तरह से तेजस्वी यादव ने पार्टी सिंबल (उपचुनाव के लिए) का त्याग किया, उसी तरह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को महागठबंधन को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना चाहिए और तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री बनाना चाहिए। फिलहाल कुढ़नी के चुनावी नतीजों को लेकर जदयू में खामोशी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की जीत पर बधाई दे दी। मैनपुरी में डिंपल यादव के जीत पर अखिलेश यादव को बधाई दे दी। लेकिन कुढ़नी की हार पर अब तक उन्होंने कुछ नहीं कहा है। दूसरी ओर अब भाजपा जबरदस्त तरीके से नीतीश कुमार पर हमलावर हो गई है।
कभी नीतीश कुमार के बेहद करीबी माने जाने वाले और भाजपा के सांसद सुशील मोदी ने साफ तौर पर उनका इस्तीफा मांग लिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा को धोखा देकर जदयू के राजद से हाथ मिलाने को जनता ने नकार दिया है, इसलिए गोपालगंज और कुढनी में हार के बाद नीतीश कुमार को इस्तीफा दे देना चाहिए। मोदी ने कहा कि तीन में दो उपचुनावों में भाजपा की जीत से साफ है कि अतिपिछड़ा वोट पूरी तरह भाजपा के साथ आ गया है। बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय जायसवाल ने कहा कि सात दलों का था दलदल, बिहार ने खिलाया कमल! कुढ़नी की समस्त सम्मानित जनता द्वारा भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार श्री केदार प्रसाद गुप्ता जी पर विश्वास जताने के लिए और आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व को और अधिक मजबूत करने पर बहुत-बहुत धन्यवाद और बधाई।

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