मांग – SAMACHARPACHEESA.COM https://samacharpacheesa.com Sat, 15 Jul 2023 08:05:23 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.3 संविदा, अनियमित, दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों की मांग को घोषणा पत्र में शामिल करेगी बीजेपी : अरुण साव https://samacharpacheesa.com/?p=7347 Sat, 15 Jul 2023 08:05:22 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=7347 रायपुर। छत्तीसगढ़ बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव ने बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने नवा रायपुर के धरना स्थल तूता में बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि संविदा, अनियमित, दैनिक वेतन भोगी और अस्थाई कर्मचारियों की मांग को बीजेपी अपने घोषणा पत्र में शामिल करेगी। इतना ही नहीं सरकार बनते ही बीजेपी इस वादे को पूरा करेगी। भाजपा जो कहती है, वह करके भी दिखाती है। साव ने प्रदेश महामंत्री ओपी चौधरी, विजय शर्मा और केदार कश्यप सहित भाजपा नेताओं के साथ शुक्रवार को सर्व विभागीय संविदा कर्मचारी महासंघ के बैनरतले तूता में आंदोलित कर्मचारियों से आंदोलन स्थल पर पहुंचकर अपना पूरा समर्थन दिया। उन्हें विश्वास दिलाया कि भाजपा की सरकार बनते ही कर्मचारियों की न्यायसंगत मांगें पूरी की जाएंगीं।
कांग्रेस ने की वादाखिलाफी
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि धूप, गर्मी, ऊमस और बारिश के बावजूद अपने अधिकारों के लिए लड़ रहे कर्मचारियों के हजारों परिवार की चिंता करने के बजाय प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल एक खानदान, एक परिवार की सेवा-चाकरी और चिंता कर रहे हैं। कांग्रेस ने अपने पिछले चुनावी घोषणा पत्र में वादा किया था कि सत्ता में आते ही 10 दिन में संविदा कर्मियों का नियमितीकरण किया जाएगा, लेकिन सरकार वादा पूरा करने में टाल-मटोल करती रही, बहानेबाजी करती रही। प्रदेश सरकार ने कर्मचारियों के साथ वादाखिलाफी करके हजारों कर्मचारियों को आंदोलन के लिए बाध्य किया है। प्रदेश सरकार ने हर वर्ग के साथ-साथ कर्मचारियों को भी बार-बार धोखा दिया है।
भाजपा करेगी लाखों कर्मचारियों के भविष्य की चिंता
साव ने कहा कि कर्मचारियों के साथ ही पूरे प्रदेश ने अब वादाखिलाफी करने वाली सरकार को सबक सिखाने का निश्चय कर लिया है। उन्होंने आश्वस्त किया कि लाखों कर्मचारियों का दु:ख-दर्द भाजपा परिवार का दु:ख-दर्द है। प्रदेश के मुख्यमंत्री को छत्तीसगढ़ की तीन करोड़ जनता की कोई फिक्र नहीं है। अब इस प्रदेश सरकार का हिसाब नवम्बर में चुकता करने का मौका कर्मचारियों को मिल रहा है। ऐसी तानाशाह सरकार को उखाड़ फेंकें और आज से लाखो कर्मचारी अपने भविष्य की चिंता छोड़ दे, उनकी चिंता अब भाजपा करेगी।

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अब रोजगार सहायकों की हड़ताल, नियमितीकरण की मांग को लेकर निकाली रैली https://samacharpacheesa.com/?p=7299 Thu, 13 Jul 2023 08:31:20 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=7299 कबीरधाम। छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले के ग्राम रोजगार सहायक अब अपनी मांग को लेकर लामबंद हो गए है। इन सहायकों ने बुधवार से हड़ताल शुरू कर दी है। इनकी दो सूत्रीय मांग है, जिसमें ग्रेड -पे निर्धारण करते हुए नियमितिकरण किया जाए और नियमितिकरण होने तक ग्राम रोजगार सहायकों का सिविल सेवा आचरण पंचायती राज अधिनियम 1966 पंचायत कर्मी नियमावली को लागू की जाए। अब अपनी मांगों को लेकर रोजगार सहायकों ने रैली निकालकर प्रदर्शन किया और कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।
पूरे जिले में करीब 450 से अधिक ग्राम पंचायतों में रोजगार सहायक तैनात है। इनके हड़ताल में चले जाने से पंचायत के सभी प्रकार के कामों पर असर होना शुरू हो गया है। छत्तीसगढ़ ग्राम रोजगार सहायक संघ के जिला अध्यक्ष राजाराम वर्मा, उपाध्यक्ष रामदास साहू, सचिव गोपाल चन्द्रवंशी ने बताया कि वे मांगों को करीब वर्ष से समय-समय पर शासन के समक्ष रखते आ रहे है। आज दिनांक तक किसी भी प्रकार की हमारे मांग को लेकर उचित निर्णय नहीं लिया गया है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 में पूरे प्रदेश के रोजगार सहायकों ने हड़ताल की थी। इसके बाद शासन की ओर मांग पूरी किए जाने का आश्वासन जरूर मिला। करीब 66 दिन हड़ताल बाद 9540 रुपए देने की घोषणा की गई। लेकिन, वर्तमान में यह मानदेय नहीं मिल रहा है। रोजगार सहायकों ने कहा कि देश के अन्य राज्य मध्यप्रदेश, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान की तरह हमारी मांगों को पूरी किया जाए।

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विपक्षी दलों की बैठक में अडाणी समूह के मामले पर चर्चा और जांच की मांग पर दिया गया जोर https://samacharpacheesa.com/?p=6054 Fri, 03 Feb 2023 07:51:05 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=6054 नयी दिल्ली। कांग्रेस और 15 अन्य विपक्षी दलों के नेताओं ने शुक्रवार को बैठक की जिसमें अडाणी समूह के खिलाफ ‘हिंडनबर्ग रिसर्च’ द्वारा लगाए गए आरोपों से जुड़े मामले पर चर्चा और जांच की मांग संसद के दोनों सदनों में उठाते रहने पर जोर दिया गया। राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के संसद भवन स्थित कक्ष में हुई इस बैठक में कांग्रेस, द्रमुक, आम आदमी पार्टी, भारत राष्ट्र समिति, समाजवादी पार्टी, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, जनता दल (यूनाइटेड) और कई अन्य दलों के नेता शामिल हुए। सूत्रों ने बताया किविपक्षी दलों ने अडाणी समूह से जुड़े मामले पर चर्चा और आरोपों की जांच की मांग संसद के दोनों सदनों में उठाते रहने पर जोर दिया। कांग्रेस और कुछ अन्य विपक्षी दलों की मांग है कि पूरे मामले की संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) द्वारा या फिर उच्चतम न्यायालय की निगरानी में जांच हो।
इस विषय पर चर्चा कराने तथा इसकी जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) गठित किए जाने की मांग को लेकर बृहस्पतिवार को संसद के दोनों सदनों में विपक्षी सदस्यों ने हंगामा किया था जिसके कारण कार्यवाही बाधित हुई और एक एक बार के स्थगन के बाद दोनों सदनों की बैठक दोपहर दो बजे पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई। गौरतलब है कि अडानी एंटरप्राइजेज़ ने बुधवार को अपने 20 हजार करोड़ रुपये के अनुवर्ती सार्वजनिक निर्गम (एफपीओ) को वापस लेने और निवेशकों का पैसा लौटाने की घोषणा की थी। हालांकि, कंपनी के एफपीओ को मंगलवार को पूर्ण अभिदान मिल गया था। समझा जाता है कि अडानी एंटरप्राइजेज ने यह कदम अमेरिका की शॉर्टसेलिंग कंपनी हिंडनबर्ग की रिपोर्ट के बाद उठाया है। अडाणी समूह ने रिपोर्ट को निराधार बताया था।

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