मायावती – SAMACHARPACHEESA.COM https://samacharpacheesa.com Wed, 09 Aug 2023 09:17:47 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.3 छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के लिए बसपा ने नौ उम्मीदवारों की सूची जारी की https://samacharpacheesa.com/?p=7761 Wed, 09 Aug 2023 09:17:46 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=7761 रायपुर। मायावती के नेतृत्व वाली बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने आगामी छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के लिए दो मौजूदा विधायकों समेत नौ उम्मीदवारों की अपनी पहली सूची जारी की है। पार्टी के एक पदाधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी। छत्तीसगढ़ में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं। राज्य में 2018 से कांग्रेस का शासन है। बसपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत पोयाम ने बताया कि बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के निर्देश पर आगामी विधानसभा चुनाव के लिए नौ उम्मीदवारों की सूची मंगलवार देर रात जारी की गई, जिसमें एक महिला विधायक समेत दो मौजूदा विधायक शामिल हैं।
पोयाम ने बताया कि वर्तमान विधायक केशव प्रसाद चंद्रा जो जैजैपुर (सक्ती जिला) और इंदु बंजारे जो अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित पामगढ़ (जांजगीर-चांपा जिला) विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं, उन्हें उनके संबंधित क्षेत्रों से चुनाव मैदान में उतारा गया है। सूची के अनुसार वरिष्ठ नेता दाऊराम रत्नाकर (मस्तूरी सीट-अनुसूचित जाति के लिए सुरक्षित), ओमप्रकाश बाचपेयी (नवागढ़- अनुसूचित जाति के लिए सुरक्षित), राधेश्याम सूर्यवंशी (जांजगीर-चांपा), डॉक्टर विनोद शर्मा (अकलतरा), श्याम टंडन (बिलाईगढ़- अनुसूचित जाति के लिए सुरक्षित), रामकुमार सूर्यवंशी (बेलतरा) और आनंद तिग्गा (सामरी-अनुसूचित जनजाति के लिए सुरक्षित) को पार्टी ने चुनाव मैदान में उतारने का फैसला किया है।
2018 के विधानसभा चुनाव में बसपा ने जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ा था। पिछले चुनाव में बसपा ने 4.27 प्रतिशत वोट प्राप्त किया था तथा दो सीटें- जैजैपुर और पामगढ़ में जीत हासिल की थी, जबकि उसके गठबंधन सहयोगी जेसीसी (जे) को 7.6 प्रतिशत वोट मिले थे। पार्टी ने पांच सीटें हासिल की थीं। इस बार के चुनाव में इनमें से किसी भी दल ने अब तक गठबंधन की घोषणा नहीं की है।

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कानपुर देहात की घटना को लेकर भाजपा पर हमलवार हुईं मायावती https://samacharpacheesa.com/?p=6289 Wed, 15 Feb 2023 07:59:22 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=6289 लखनऊ। कानपुर देहात जिले में अतिक्रमण हटाये जाने के दौरान मां-बेटी की मौत पर उत्तर प्रदेश सरकार को घेरते हुए बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की सुप्रीमो मायावती ने बुधवार को कहा कि यह घटना राज्य सरकार की विज्ञापित वैश्विक निवेशक सम्मेलन से ज्यादा चर्चा में है, ऐसे में प्रदेश का जनहितकारी भला कैसे संभव है।
बसपा नेता ने बुधवार को ट्वीट किया, देश एवं खासकर उत्तर प्रदेश जैसे गरीबी, बेरोजगारी, महंगाई, पिछड़ेपन आदि से त्रस्त विशाल राज्य में भाजपा सरकार की लोगों को अति-लाचार एवं आतंकित करने वाली बुल्डोजर राजनीति से अब निर्दोष गरीबों की जान भी जाने लगी है, जो अति-दुखद एवं निन्दनीय है। सरकार अपना जनविरोधी रवैया बदले।
उन्होंने कहा,कानपुर देहात जिले में अतिक्रमण हटाने के नाम पर हुई ज्यादती एवं आगजनी की घटना के दौरान झोपड़ी में रहने वाली मां-बेटी की मौत तथा 24 घण्टे बाद उनके शव उठने की घटना उत्तर प्रदेश सरकार के विज्ञापित वैश्विक निवेशक सम्मेलन से ज्यादा चर्चा में है, ऐसे में उत्तर प्रदेश का जनहितकारी भला कैसे संभव है?
गौरतलब है कि सोमवार शाम को कानपुर देहात जिले में रूरा थानाक्षेत्र के मडौली गांव में अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान सोमवार को एक अधेड़ उम्र की महिला और उसकी बेटी ने कथित तौर पर अपनी झोपड़ी में खुद को आग लगा ली, जिससे दोनों की मौत हो गयी थी।

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कमजोर का ग्रंथ रामचरितमानस नहीं बल्कि भारतीय संविधान है, मायावती का अखिलेश पर हमला https://samacharpacheesa.com/?p=6051 Fri, 03 Feb 2023 07:45:26 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=6051 लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनीति में रामचरितमानस पर दिए गए बयान के बाद से विवाद लगातार गहराता जा रहा है। अब बसपा सुप्रीमो मायावती ने रामचरितमानस प्रकरण को लेकर हमला बोला है। मायावती भी अब इस मुद्दे पर प्रहार करने से पीछे नहीं हटी है। उन्होंने कहा कि देश में कमजोर और उपेक्षित वर्गों के लिए रामचरित मानस व मनुस्मृति ग्रंथ नहीं है। उनके लिए ग्रंथ भारतीय संविधान है।
उन्होंने आगे कहा कि बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर ने इनको शूद्रों की नहीं बल्कि एससी, एसटी व ओबीसी की संज्ञा दी है। अतः इन्हें शूद्र कहकर सपा इनका अपमान न करे तथा न ही संविधान की अवहेलना करे। उन्होंने कहा कि इतना ही नहीं, देश के अन्य राज्यों की तरह यूपी में भी दलितों, आदिवासियों व ओबीसी समाज के शोषण, अन्याय, नाइन्साफी तथा इन वर्गों में जन्मे महान संतों, गुरुओं व महापुरुषों आदि की उपेक्षा एवं तिरस्कार के मामले में कांग्रेस, भाजपा व समाजवादी पार्टी भी कोई किसी से कम नहीं।
किया गेस्ट हाउस घटना का जिक्र
मायावती ने समाजवादी प्रमुख अखिलेश यादव द्वारा इनकी वकालत करने से पहले उन्हें लखनऊ स्टेट गेस्ट हाउस के दिनांक 2 जून सन् 1995 की घटना को भी याद कर अपने गिरेबान में जरूर झाँककर देखना चाहिए, जब सीएम बनने जा रही एक दलित की बेटी पर सपा सरकार में जानलेवा हमला कराया गया था।
विपक्ष पर साधा निशाना
उन्होंने कहा कि यह जगज़ाहिर है कि देश में एससी, एसटी, ओबीसी, मुस्लिम व अन्य धार्मिक अल्पसंख्यकों आदि के आत्म-सम्मान एवं स्वाभिमान की क़द्र बीएसपी में ही हमेशा से निहित व सुरक्षित है, जबकि बाकी पार्टियाँ इनके वोटों के स्वार्थ की खातिर किस्म-किस्म की नाटकबाजी ही ज्यादा करती रहती हैं।
बता दें कि समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने शूद्र विधानसभा में सीएम योगी से सवाल पूछने की बात कही थी। अखिलेश यादव ने कहा था कि हमारे सीएम एक ऐसी संस्था से आए हैं जिसका एक इतिहास रहा है। रामचरितमानस और शूद्र के बारे में वो सदन में बताएं। ये धार्मिक लोगों का सवाल है। उन्होंने कहा था कि हम तो भगवान विष्णु के सभी अवतारों को मानते है। जिस शब्द को लेकर बवाल मचा है उसे लेकर सभी को बोलना चाहिए। इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का भी जवाब आया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि जवाब उन्हें देना चाहिए जो जवाब को समझ सकें। जो अराजकता पैदा करना चाहते हैं उन्हें जवाब देना संभव नहीं है।

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आगामी चुनावों को हिंदू-मुस्लिम उन्माद पर पोलराइज करने के लिए सपा-भाजपा की मिलीभगत : मायावती https://samacharpacheesa.com/?p=5951 Mon, 30 Jan 2023 06:50:56 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=5951 लखनऊ। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय महासचिव स्‍वामी प्रसाद मौर्य के श्रीरामचरितमानस पर विवादित बयान को लेकर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के आक्रामक रुख के बीच बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने सोमवार को भाजपा और सपा पर निशाना साधा। मायावती ने कहा कि भाजपा की प्रतिक्रिया के बावजूद सपा नेतृत्व की चुप्पी से स्पष्ट है कि इसमें दोनों पार्टियों की मिलीभगत है, ताकि आगामी चुनावों में हिंदू-मुस्लिम उन्माद पर ध्रुवीकरण किया जा सके। बसपा प्रमुख ने सोमवार को ट्वीट किया, “संकीर्ण राजनीति और चुनावी स्वार्थ के लिए नए-नए विवाद खड़े करने, जातीय-धार्मिक द्वेष फैलाने, उन्माद पैदा करने तथा धर्मांतरण का सहारा लेने की भाजपा की राजनीतिक पहचान सर्वविदित है, लेकिन रामचरितमानस की आड़ में सपा का ऐसा ही राजनीतिक रंग-रूप दुखद एवं दुर्भाग्यपूर्ण है।”
उन्होंने आगे कहा, “रामचरितमानस के खिलाफ सपा नेता की टिप्पणी पर उठे विवाद और फिर उसे लेकर भाजपा की प्रतिक्रियाओं के बावजूद सपा नेतृत्व की चुप्पी से स्पष्ट है कि इसमें दोनों पार्टियों की मिलीभगत है, ताकि आगामी चुनावों को जनता के ज्वलंत मुद्दों के बजाय हिंदू-मुस्लिम उन्माद पर ‘पोलराइज’ किया जा सके।” एक अन्य ट्वीट में मायावती ने कहा, “उत्तर प्रदेश में हुए पिछले विधानसभा चुनावों को भी सपा-भाजपा ने षड्यंत्र के तहत मिलीभगत करके धार्मिक उन्माद के जरिये घोर सांप्रदायिक बनाकर एक-दूसरे के पूरक के रूप में काम किया। इसी की वजह से भाजपा दोबारा यहां सत्ता में आ गई। ऐसी घृणित राजनीति का शिकार होने से बचना जरूरी है।”
स्वामी प्रसाद मौर्य ने 22 जनवरी को एक बयान में श्रीरामचरितमानस की एक चौपाई का जिक्र करते हुए इसे महिलाओं तथा पिछड़ों के प्रति अपमानजनक करार दिया था और इस पर पाबंदी लगाने की मांग की थी। उनके इस बयान पर खासा विवाद उत्पन्न हो गया था। संत समाज और हिन्दूवादी संगठनों ने भी इसका कड़ा विरोध किया था। इस मामले में मौर्य के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज हुआ है। सपा ने रविवार को अपनी 62 सदस्यीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी की घोषणा की थी, जिसमें स्‍वामी प्रसाद मौर्य को राष्‍ट्रीय महासचिव का दायित्व सौंपा गया। इसके बाद भाजपा का रुख और आक्रामक हो गया है। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी समेत कई प्रमुख नेताओं ने सपा प्रमुख पर हिंदुओं की आस्था का अपमान करने का आरोप लगाया है।

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राहुल गांधी ने भाजपा और आरएसएस को बताया अपना गुरु, कहा- दे रहे अच्छी ट्रेनिंग https://samacharpacheesa.com/?p=5564 Sat, 31 Dec 2022 10:09:44 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=5564 नईदिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने भारतीय जनता पार्टी और आरएसएस को अपना गुरु बताया। उन्होंने कहा, मैं उनको अपना गुरु मानता हूं कि वह मुझे रास्ता दिखा रहे हैं कि क्या करना चाहिए और क्या नहीं और अच्छी ट्रेनिंग दे रहे हैं। राहुल ने आगे कहा, मैं खासतौर से आरएसएस और भाजपा के लोगों को धन्यवाद करता हूं क्योंकि जितना वे आक्रमण करते हैं उतना हमें सुधार करने का मौका मिलता है। मैं चाहता हूं कि वे और जोर से करें जिससे कांग्रेस पार्टी को अपनी विचारधारा अच्छे से समझ आए।
भारत जोड़ो के दरवाजे सबके लिए खुले : राहुल गांधी
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा, विपक्ष के नेता हमारे साथ खड़े हैं और यह हमें मालूम हैं। भारत जोड़ो के दरवाजे उन सबके लिए खुले हैं जो भी भारत को जोडऩा चाहता है। हम भारत जोड़ो यात्रा में आने के लिए किसी को नहीं रोकेंगे। मायावती जी और अखिलेश जी हिंदुस्तान में मोहब्बत चाहते हैं, नफरत नहीं।
सुरक्षा घेरा तोडऩे के आरोप पर राहुल ने दिया जवाब
राहुल गांधी ने सुरक्षा घेरा तोडऩे की खबर पर जवाब देते हुए कहा, जब उनके वरिष्ठ नेता बुलेट प्रुफ गाड़ी से बाहर आते हैं तो कोई चि_ी नहीं जाती। उनके नेताओं ने रोड शो किए, खुली जीप में गए जो प्रोटोकॉल के ख़िलाफ है। उनके लिए प्रोटोकॉल अलग, मेरे लिए अलग। सीआरपीएफ जानती है कि मेरे लिए क्या करना चाहिए क्या नहीं। दरअसल कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने गृह मंत्री अमित शाह को राहुल गांधी की सुरक्षा को लेकर एक चि_ी लिखी थी, जिसमें भारत जोड़ो यात्रा में राहुल की सुरक्षा में चूक की शिकायत की थी और सुरक्षा कड़ी करने की मांग की थी। जिसमें केंद्र ने जवाब दिया था कि राहुल गांधी 2020 से अबतब 113 बार सुरक्षा घेरा तोड़ चुके हैं।
बीजेपी के खिलाफ देश में गुस्सा
राहुल गांधी ने बीजेपी और आरएसएस पर निशाना साधते हुए कहा, देश भर में बीजेपी को लेकर लोगों में गुस्सा है। उन्होंने कहा भारत जोड़ो यात्रा के दौरान उन्हें यह देखने को मिला। राहुल ने कहा, भारत जोड़ो यात्रा से बहुत कुछ सीखने को मिला।
टी-शर्ट पर किये जा रहे हमले पर दिया जवाब
राहुल गांधी ने टी-शर्ट पहनने को लेकर किये जा रहे हमले पर कहा, जिसको ठंड लगती है, वे स्वेटर पहनते हैं, मुझे अबतक ठंड नहीं लगी है। जिस दिन लगेगी, टी-शर्ट उतार दूंगा। उन्होंने कहा, टी-शर्ट को लेकर इतना बवाल क्यों है? मैं स्वेटर नहीं पहनता क्योंकि मुझे सर्दी से डर नहीं लगता। ठंड लगने के बाद मैं स्वेटर पहनने की सोच रहा हूं। दरअसल दिल्ली में कड़ाके की ठंड के बीच राहुल गांधी टी-शर्ट पहने नजर आये। जिसके बाद बीजेपी ने हमला करते हुए कहा था कि राहुल गांधी बतायें कि क्या खाते हैं कि उन्हें ठंड क्यों नहीं लगती है।

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