रणनीति – SAMACHARPACHEESA.COM https://samacharpacheesa.com Mon, 31 Jul 2023 09:22:37 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.3 भाजपा अजा मोर्चा की बैठक कल, छत्तीसगढ़ चुनाव को लेकर बनेगी रणनीति, जुटेंगे 35 मोर्चा प्रदेश प्रभारी https://samacharpacheesa.com/?p=7618 Mon, 31 Jul 2023 09:22:36 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=7618 रायपुर। छत्तीसगढ़ भाजपा पूरी तरह से चुनावी मोड में है। इस क्रम में भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा की कल मंगलवार को बैठक होगी। इसमें शामिल होने के लिए बीजेपी संगठन के नेताओं का रायपुर में जमावड़ा लग रहा है। बड़ी संख्या में बीजेपी के नेता रायपुर आएंगे। मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालसिंह आर्य 31 जुलाई को रात 8 बजे राजधानी रायपुर पहुंचेंगे। वहीं राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष, राष्ट्रीय संगठक वी सतीश, भाजपा राष्ट्रीय महामंत्री और मोर्चा प्रभारी सीटी रवि 1 अगस्त की सुबह में रायपुर आएंगे।
इसके अलावा इस बैठक में मोर्चा के राष्ट्रीय पदाधिकारी, 35 संगठन राज्यों के मोर्चा प्रदेश प्रभारी, सहप्रभारी और प्रदेश अध्यक्ष भी शिरकत करेंगे। मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व विधायक नवीन मार्कण्डेय ने बताया कि बैठक में संगठनात्मक विषयों के साथ ही महासंपर्क अभियान की रिपोर्ट पर भी चर्चा की जाएगी। बैठक में केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की ओर से पिछले 9 वर्षों के शासनकाल में अजा वर्ग के कल्याण की दृष्टि से कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। इसमें सामाजिक न्याय और राजनीतिक सहभागिता की दिशा में क्रांतिकारी पहल हुई है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से शुरू हुए कल्याणकारी कार्यक्रमों और योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने की योजना पर बैठक में चर्चा की जाएगी। साथ ही छत्तीसगढ़ और राजस्थान में दलितों, विशेषकर दलित महिलाओं पर बढ़ी अत्याचार की घटनाओं को लेकर दोनों प्रदेश की कांग्रेस सरकार के खिलाफ जनमत जागृत करने की योजना बनाई जाएगी।

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विधानसभा चुनाव का माहौल बनने लगा https://samacharpacheesa.com/?p=6668 Wed, 29 Mar 2023 05:53:06 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=6668 छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के बाद प्रदेश में चुनावी माहौल बनने लगा है। वैसे तो प्रदेश भर में पिछले कुछ महीनों के दौरान कांग्रेस-भाजपा और अन्य राजनीतिक दलों के संभावित दावेदार दीवारों पर अपने नाम की पेटिंग करना प्रारंभ कर चुके हैं। राजनीतिक पार्टियां भी अपनी रणनीति बनाने में जुट गई है। कांग्रेस पार्टी की प्रभारी कुमारी शैलजा प्रदेश कार्यसमिति की बैठक लेने प्रदेश आई हुई हैं, वहीं भाजपा भी अब सड़क की लड़ाई लडऩे की तैयारी कर रही है। जैसे-जैसे चुनाव करीब आता है, अगली सरकार किसकी बनेगी, इसकी कयास लगाने का सिलसिला भी शुरु हो जाता है। साथ ही साथ मीडिया हाउस ओपनियन पोल करवाकर माहौल को और गर्म करते हैं। अभी एक इलेक्ट्रानिक मीडिया ने अपने ओपनियन पोल में बताया कि विधानसभा चुनाव में एक बार फिर कांग्रेस पार्टी को जीत मिल सकती है। अपने ओपनियन पोल के जरिए उक्त समाचार चैनल का मानना है कि कांग्रेस पार्टी को 49 से 54 सीटें मिल सकती है और भाजपा को 37 से 42 सीटें मिलने की संभावना है। इस ओपनियन पोल में सबसे महत्वपूर्ण आंकड़ा यह बताया गया कि कांग्रेस का मत प्रतिशत 44 होगा और भाजपा का मत प्रतिशत 43 होगा। 2018 के चुनाव से अगर तुलना करें तो भाजपा को 32.97 प्रतिशत वोट मिले थे और कांग्रेस पार्टी को 43.04 वोट मिले थे। इस प्रकार वोट का अंतर 10 प्रतिशत से अधिक था। अगर इसे संख्या में ले तो भाजपा और कांग्रेस के बीच में 14 लाख 37 हजार मतों का अंतर है। इस स्थिति में भाजपा के पास अभी 14 विधायक हैं और कांग्रेस के पास 71। इसका मतलब है कि अगर भाजपा ओपनियन पोल के मुताबिक 43 प्रतिशत मत पा सकती है तो यह भाजपा के लिए अच्छी खबर हैं। वहीं, दूसरी ओर कांग्रेस पार्टी का मत भी 1 प्रतिशत बढ़ रहा है। इसका दूसरा मायने यह है कि इस आगामी चुनाव में जनता ने अपनी राय केवल भाजपा और कांग्रेस को ध्यान में रखकर दी है। पिछले चुनाव में जोगी कांग्रेस-बसपा के साथ मिलकर चुनाव लड़ी थी और अकेले जोगी कांग्रेस ने 10 लाख 86 हजार मत प्राप्त किए थे। यही वोट कांग्रेस और भाजपा के बीच में बट रहा है। भाजपा-कांग्रेस के बीच में अगर मतों को अंतर कम हुआ है तो इसका मतलब भाजपा के परंपरागत वोटर फिर से एकजुट हुए हैं। वहीं, कांग्रेस सरकार के मंत्री एवं जनप्रतिनिधि के खिलाफ भी जनमत तैयार हुआ होगा। वैसे तो ओपनियन पोल कुछ हजार लोगों से बातचीत करके तैयार किए जाते हैं, लेकिन प्रदेश में जो राजनीतिक वातावरण दिख रहा है, उससे अगले चुनाव में रोचक होना की संभावना बढ़ गई है। अगले कुछ महीनों में राजनीतिक सरगर्मी और बढ़ेगी।

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वैश्विक विनिर्माण को भारत लाने के लिए रणनीति बनाए उद्योग : सीतारमण https://samacharpacheesa.com/?p=5252 Fri, 16 Dec 2022 07:20:30 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=5252 नयी दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारतीय उद्योग जगत का आह्वान किया है कि वह पश्चिम में मंदी की आशंका के बीच ऐसी रणनीति बनाए जिससे विकसित देशों में परिचालन कर रही कंपनियां भारत को एक उत्पादन या खरीद केंद्र के रूप में देख सकें। वित्त मंत्री ने शुक्रवार को यहां एक कार्यक्रम में कहा कि भारत ने विदेशी निवेश को आकर्षित करने के लिए काफी सुविधाएं दी हैं और नियमों में बदलाव किया है। इसके अलावा हम उन उद्योगों से भी जुड़ रहे हैं जो भारत आना चाहते हैं। सीतारमण ने कहा, ‘‘आप खुद को पश्चिमी देशों और विकसित दुनिया में मंदी के लिए तैयार कर रहे हैं। मुझे लगता है कि यह आपके लिए वहां काम कर रहे विनिर्माताओं को भारत लाने की रणनीति बनाने को सबसे अच्छा समय है।’
वित्त मंत्री ने कहा, ‘‘भले ही उनका मुख्यालय वहां है, लेकिन उनके लिए यह उपयोगी हो सकता है कि वे यहां से कई चीजें खरीदें। कम से कम दुनिया के इस हिस्से के बाजारों के लिए यहां से उत्पादन करें।’’ उन्होंने कहा कि संभावित मंदी का असर यूरोप पर भी पड़ेगा। इसका सिर्फ भारतीय कंपनियों के निर्यात पर असर नहीं होगा। उन्होंने कहा, ‘‘यह वहां के कई तरह के निवेश को अपने यहां लाने का अवसर देता है। अब वे ऐसे अलग स्थानों की तलाश कर रहे हैं जहां से वे अपनी गतिविधियों को चालू रख सकें।’’ सीतारमण ने उद्योग से स्टार्टअप इकाइयों के नवोन्मेषण को देखने और उन्हें बढ़ाने के तरीकों पर विचार करने को कहा। वित्त मंत्री ने कहा कि भारत विनिर्माण और सेवाओं के नए क्षेत्रों पर ध्यान देता रहेगा।
सीतारमण ने कहा कि दुनिया स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में बदलाव की ओर है, ऐसे में घरेलू उद्योग को विकसित देशों द्वारा ऊंचे शुल्क का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने उद्योग जगत से कहा कि वह सरकार को बताए कि जलवायु परिवर्तन उन्हें कैसे प्रभावित कर रहा है। साथ ही वे उनकी लागत पर पड़ रहे बोझ को कम करने के उपाय भी सुझाएं। वित्त मंत्री ने कहा कि उद्योग को जलवायु परिवर्तन के नाम पर कुछ देशों द्वारा खड़ी की जाने वाले शुल्क की दीवारों के लिए खुद को तैयार करना चाहिए। आगामी बजट पर उन्होंने कहा कि यह अगले 25 साल के लिए भारत को तैयार करने के पिछले कुछ बजट की भावनाओं के अनुरूप होगा।

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