राज्यसभा – SAMACHARPACHEESA.COM https://samacharpacheesa.com Wed, 08 Feb 2023 08:22:49 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.3 राज्यसभा में शायराना अंदाज में दिखे खरगे-धनखड़ https://samacharpacheesa.com/?p=6163 Wed, 08 Feb 2023 08:22:43 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=6163 नई दिल्ली। संसद में विपक्ष अदाणी के मुद्दे पर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है। जिसके चलते संसद के दोनों सदनों में काफी हंगामा हो रहा है। हालांकि इस हंगामे के बीच कुछ ऐसे पल भी आए, जब विपक्ष के नेता की बात पर प्रधानमंत्री मोदी समेत सदन के सभी सदस्य खूब हंसे। बता दें कि राज्यसभा में राष्ट्रपति के धन्यवाद प्रस्ताव पर बोलते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े ने शिकायती लहजे में कहा कि प्रधानमंत्री सदन में कम दिखाई देते हैं। जब संसद चलती है तो वह इधर ज्यादा ध्यान दें तो अच्छा रहेगा।
खरगे ने कहा कि प्रधानमंत्री हमेशा चुनावी मोड में होते हैं। इधर संसद चल रही है और उधर मेरे संसदीय क्षेत्र कलबुर्गा में चले गए। खरगे ने कहा कि अरे भई मेरा एक ही संसदीय क्षेत्र है और आपको वही मिल रहा है। और संसदीय क्षेत्र में एक भी नहीं दो-दो मीटिंग कर रहे हैं! खरगे के इतना कहते ही सदन में हंसी के ठहाके गूंज उठे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी खरगे की बात पर हंस पड़े। इस पर मल्लिकार्जुन खडग़े ने प्रधानमंत्री की तरफ देखते हुए कहा कि मोदी साहब पहली बार हंस रहे हैं।
राज्यसभा में अदाणी मामले पर सरकार को घेरते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े थोड़े शायराना भी हो गए और बोले कि ‘नजर नहीं है नजारों की बात करते हैं, जमीं पर चांद सितारों की बात करतें हैं, वो हाथ जोड़कर बस्ती को लूटने वाले, भरी सभा में सुधारों की बात करते हैं! बड़ा हसीन हैं उनकी जबान का जादू, लगा के आग बहारों की बात करते हैं, मिली कमान तो अटकी नजर खजानों पर, नदी सुखाकर किनारों की बात करते हैं! गरीब बनाते हैं आम लोगों को, वही नसीब के मारों की बात करते हैं। अपने भाषण के अंत में मल्लिकार्जुन खडग़े ने अदाणी मामले की जांच के लिए जॉइंट पार्लियामेंट कमेटी (जेपीसी) का गठन कर जांच कराने की बात कही। वहीं मल्लिकार्जुन खडग़े की इस शायरी पर राज्यसभा सभापति जगदीप धनखड़ ने कहा कि खडग़े जी की बात सुनकर मेरे अंदर भी शायर जाग गया है। उन्होंने कहा उम्र भर गालिब यही भूल करता रहा, धूल चेहरे पर थी, आईना साफ करता रहा।

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खरगे ने राज्यसभा में उठाया अनुसूचित जाति के लोगों का मुद्दा https://samacharpacheesa.com/?p=6152 Wed, 08 Feb 2023 07:52:36 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=6152 नईदिल्ली। संसद का बजट सत्र शुरू से ही मुख्य रूप से अडानी-हिंडनबर्ग विवाद की वजह से हंगामेदार  रहा है। आज लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देंगे। उनका संबोधन कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी द्वारा राष्ट्रपति मुर्मू के धन्यवाद प्रस्ताव पर बोलने के एक दिन बाद आएगा। राहुल ने चर्चा के दौरान अडानी के उत्थान के लिए केंद्र पर सवाल उठाया था। इसके बाद महुआ मोइत्रा ने कहा कि एक प्रसिद्ध व्यक्ति जिसका नाम ‘ए’ से शुरू होता है और ‘आई’ के साथ समाप्त होता है, जिसमें क्रोनी कैपिटलिज्म की बू आती है, उसने सभी को ठगा है। विपक्ष अडानी समूह पर हिंडनबर्ग फर्म द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच की मांग कर रहा है।
राज्यसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि कई सासंद-मंत्री सिर्फ हिंदू मुस्लिम करते हैं, क्या बात करने के लिए कोई और मुद्दा नहीं है। दूसरी तरफ कोई अनुसूचित जाति के लोग मंदिर जाते हैं तो उन्हें मारते हैं, उनकी सुनवाई नहीं होती है। अनुसूचित जाति को तो हम हिंदू समझते हैं ना तब उन्हें मंदिर जाने से क्यों रोकते हैं अगर समझते हैं तो उन्हें बराबरी का स्थान क्यों नहीं देते।कई मंत्री दिखावे के लिए उनके घर जाकर खाना खाते हैं और तस्वीर खींचवा कर बताते हैं कि हमने उनके घर खाना खाया।
कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद मल्लिकार्जुन खरगे ने दलितों को मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि कुछ सांसद सिर्फ धर्म की बात करते हैं। धर्म-जाति के नाम पर नफरत की बात करना ठीक नहीं है। दलितों का सियासी इस्तेमाल करना ठीक नहीं है। अनुसूचित जाति को तो हम हिंदू समझते हैं ना तब उन्हें मंदिर जाने से क्यों रोकते हैं अगर समझते हैं तो उन्हें बराबरी का स्थान क्यों नहीं देते। कई मंत्री दिखावे के लिए उनके घर जाकर खाना खाते हैं और तस्वीर खींचवा कर बताते हैं कि हमने उनके घर खाना खाया है।

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कांग्रेस के तीन राज्यसभा सदस्यों ने कार्यस्थगन के नोटिस दिए https://samacharpacheesa.com/?p=6112 Mon, 06 Feb 2023 06:53:24 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=6112 नयी दिल्ली। कांग्रेस के तीन राज्यसभा सदस्यों ने अडाणी समूह के खिलाफ हिंडनबर्ग रिसर्च द्वारा लगाए गए आरोपों से जुड़े मामले पर चर्चा की मांग करते हुए सोमवार को कार्यस्थगन के नोटिस दिए। राज्यसभा सदस्यों प्रमोद तिवारी, सैयद नासिर हुसैन और अमी याग्निक ने नियम 267 के तहत प्रश्नकाल और दूसरे विधायी कार्यों को स्थगित करके चर्चा की मांग की है। नोटिस में कहा गया है कि बाजार में पूंजी गंवाती कंपनियों में भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी), सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और वित्तीय संस्थाओं के निवेश के मुद्दे पर चर्चा कराई जाए।
इस विषय पर गत सप्ताह दोनों सदनों में विपक्षी सदस्यों ने जेपीसी गठित करने और चर्चा की मांग को लेकर हंगामा किया था जिस कारण कार्यवाही बाधित हुई थी। कांग्रेस के लोकसभा सदस्य मनीष तिवारी ने सदन में चीन पर चर्चा की मांग करते हुए कार्यस्थगन का नोटिस दिया है।

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समय से पहले ही खत्म हुआ संसद का शीतकालीन सत्र https://samacharpacheesa.com/?p=5400 Fri, 23 Dec 2022 07:34:36 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=5400 नईदिल्ली। संसद का शीतकालीन सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गया है। हालांकि, संसद का शीतकालीन सत्र पहले 29 दिसंबर तक प्रस्तावित था। लेकिन आज 23 दिसंबर शुक्रवार को ही संसद का शीतकालीन सत्र स्थगित कर दिया गया। दोनों सदनों में इस शीतकालीन सत्र के दौरान कई बड़े काम हुए हैं। हालांकि, हो-हल्ला की भी स्थिति उत्पन्न हुई थी। लोकसभा की बात करें तो इसकी कार्य उत्पादकता लगभग 97% रही। लोकसभा की 13 बैठकों में 68 घंटे 42 मिनट तक कामकाज हुआ है। वहीं, राज्यसभा में 102% कामकाज हुआ। अपने संबोधन में राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने कहा कि संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान उच्च सदन में 63 घंटे 20 मिनट का कामकाज निर्धारित हुआ था जबकि यह 64 घंटे 50 मिनट तक चला है। दोनों ही सदनों में महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा की गई और कई को पारित किया गया।
हालांकि, संसद के शीतकालीन सत्र में चीन के मुद्दे को लेकर विपक्ष जबरदस्त तरीके से सरकार पर हमलावर रहा। तवांग में 9 दिसंबर को चीन के साथ हुई थी। झड़प को लेकर विपक्ष लगातार चर्चा की मांग कर रहा था। हालांकि, चर्चा नहीं हो सकी। दूसरी ओर संसद के दोनों सदनों में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चीन के मुद्दे पर साफ तौर पर कहा था कि चीनी सेना एलएसी पर एकतरफा स्थिति को बदलने की कोशिश कर रही थी। भारतीय सेना ने उन्हें खदेड़ भेजा। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने निचले सदन में कहा कि 17वीं लोकसभा का 10वां सत्र समाप्त हो रहा है। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि सत्र में नव निर्वाचित सदस्य के रूप में समाजवादी पार्टी की डिंपल यादव ने शपथ ली।
इस दौरान लोकसभा ने वित्त वर्ष 2022-23 के लिए 3.25 लाख करोड़ रुपये की अनुदान की अनुपूरक मांगों और 2019-20 के लिए अनुदान की अतिरिक्त मांगों को मंजूरी दी। इस पर 10 घंटे 53 मिनट चर्चा हुई। सत्र के दौरान 9 सरकारी विधेयक पेश किये गए और सात विधेयक को सदन ने पारित किया। इसके अलावा, सदस्यों ने शून्यकाल के दौरान लोक महत्व के 374 विषय उठाये। साथ ही नियम 377 के तहत सदस्यों ने 298 मुद्दे उठाये। सत्र में स्थायी समितियों के 36 प्रतिवेदन रखे गए और मंत्रियों ने महत्वपूर्ण विषयों पर 23 वक्तव्य रखे। अध्यक्ष ने कहा कि शीतकालीन सत्र के दौरान 56 तारांकित प्रश्नों के उत्तर दिये गए। लोकसभा में तमिलनाडु की दो जनजातियों को अनुसूचित जनजाति (एसटी) सूची में डालने के प्रावधान वाले ‘संविधान (अनुसूचित जनजातियां) आदेश (दूसरा संशोधन) विधेयक, 2022’ को मंजूरी दी गई। इसमें तमिलनाडु की नारीकोरवन और कुरुविक्करन पहाड़ी जनजातियों को अनुसूचित जनजाति की सूची में शामिल करने का प्रावधान है। ‘संविधान (अनुसूचित जनजातियां) आदेश (तीसरा संशोधन) विधेयक, 2022’को भी सदन ने मंजूरी दे दी, जिसमें हिमाचल प्रदेश के हाटी समुदाय को अनुसूचित जनजाति (एसटी) की श्रेणी में शामिल करने का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा, सदन ने ‘संविधान (अनुसूचित जनजातियां) आदेश (पांचवां संशोधन) विधेयक, 2022’ को मंजूरी दी जिसमें छत्तीसगढ़ राज्य से संबंधित 12 समुदायों को जनजातीय सूची में शामिल करने का प्रावधान है। साथ ही,‘संविधान (अनुसूचित जनजातियां) आदेश (चौथा संशोधन) विधेयक, 2022’ को मंजूरी मिली जिसमें कर्नाटक की दो आदिवासी जातियों को अनुसूचित जनजाति (एसटी) की श्रेणी में लाने का प्रावधान है। निचले सदन ने समुद्री मार्ग पर जहाजों को लूटने वाले दस्युओं पर शिकंजा कसने और महासागरों के माध्यम से व्यापार को प्रभावी एवं सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से प्रस्तुत ‘समुद्री जलदस्युता रोधी विधेयक 2022’ को भी मंजूरी दी।
राज्यसभा के कामकाज
सदन में कई महत्वपूर्ण विधेयकों को चर्चा कर पारित किया गया और कई जरूरी मामलों पर सदन में चर्चा हुई। सत्र के दौरान धनखड़ ने बतौर सभापति पहली बार सदन की कार्यवाही का संचालन किया। राज्यसभा में तमिलनाडु तथा कुछ अन्य राज्यों की विभिन्न जातियों को अनुसूचित जनजाति में डालने संबंधी विधेयकों, समुद्री मार्ग पर जहाजों को लूटने वाले दस्युओं पर शिकंजा कसने और महासागरों के माध्यम से व्यापार को प्रभावी एवं सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से प्रस्तुत ‘समुद्री जलदस्युता रोधी विधेयक 2022’ को भी मंजूरी दी गई। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर में भारत और चीन के सैनिकों के बीच झड़प के मुद्दे पर तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री मनसुख मांडविया ने कोविड महामारी के संबंध में बयान दिया। सत्र के दौरान उच्च सदन ने वर्तमान वित्त वर्ष के लिए अनुदान की अनुपूरक मांगों को चर्चा कर लोकसभा को लौटा दिया। लोकसभा इन्हें पहले ही पारित कर चुकी थी।

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राज्यसभा में टीटी, आरएनटी, आरएएमएल, डीडीयू पर जतायी गयी चिंता, महापुरुषों का पूरा नाम हो इस्तेमाल https://samacharpacheesa.com/?p=5383 Thu, 22 Dec 2022 07:32:39 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=5383 नयी दिल्ली। राज्यसभा में भारतीय जनता पार्टी की एक सदस्य ने महापुरुषों के नाम पर रखे गए भवनों, संस्थानों, सड़कों आदि के नामों को संक्षिप्त रूप में बोलने के चलन पर चिंता जताते हुए कहा कि इससे वह उद्देश्य बाधित हो रहा है जिसके लिए भवनों, संस्थानों, सड़कों आदि के नाम महापुरुषों के नाम पर रखे गए थे। शून्यकाल में भारतीय जनता पार्टी की कविता पाटीदार ने यह मुद्दा उठाया। कविता ने कहा कि आने वाली पीढ़ी महापुरुषों के कार्यों से प्रेरणा ले, इसके लिए कई भवनों, संस्थानों, सड़कों का नाम महापुरुषों के नाम पर रखा गया है। उन्होंने कहा ‘‘लेकिन आज नामों को संक्षिप्त रूप में बोलने के चलन के कारण डॉ राम मनोहर लोहिया अस्पताल को आरएमएल, देवी अहिल्या बाई विश्वविद्यालय को डीएवीवी, रवींद्रनाथ टैगोर मार्ग को आरएनटी मार्ग, दीनदयाल उपाध्याय मार्ग को डीडीयू मार्ग तथा तात्या टोपे नगर को टीटी नगर कहा जाता है।’’
उन्होंने कहा कि आज स्थिति यह है कि टैक्सी चालक को अगर जगह का पूर्ण नाम बताया जाए तो वह समझ ही नहीं पाता लेकिन संक्षिप्त नाम बताने पर वह उस जगह पर पहुंचा देता है। उन्होंने महापुरुषों के नाम को पूरा बोलने, पढ़ने और लिखने का अनुरोध किया ताकि इसके उद्देश्य को पूरा किया जा सके और युवा पीढ़ी इनसे प्रेरणा लेकर देश का बेहतर भविष्य बना सके। टीआरएस सदस्य के आर सुरेश रेड्डी ने शून्यकाल में कहा कि 2022-23 के अकादमिक वर्ष के मध्य में सरकार ने अन्य पिछड़ा वर्ग के अल्पसंख्यकों को दी जाने वाली प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति बंद किए जाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इससे इन छात्रों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि सरकार ‘‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’’ की बात कहती है। उन्होंने कहा कि सरकार को यह समझना होगा कि अन्य पिछड़ा वर्ग भी समाज का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा ‘‘छात्रवृत्ति इस वर्ग के छात्रों को स्कूल लाने में, उन्हें पढ़ने तथा पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रेरित करने में मददगार थी और इसे जारी रखना चाहिए।’’ भाजपा के डॉ सिकंदर कुमार ने हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले की पांगी घाटी की सड़कों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि 40 बरस पहले वहां सड़कें बनाई गई थीं और आज तक वह वैसी ही हैं। उन्हें न तो पक्का किया गया, न चौड़ा किया गया।
उन्होंने कहा कि पांगी घाटी की सड़कों को पक्का और चौडा़ किया जाना चाहिए ताकि वहां के लोगों को आवागमन में दिक्कत न हो। भाजपा के समीर उरांव ने झारखंड में कथित धर्मांतरण को लेकर एक युवक की हत्या करने, उसके शव के टुकड़े टुकड़े किए जाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि राज्य की सरकार ऐसी घटनाओं को रोकने के विफल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि वहां बांग्लादेशी घुसपैठिये भी रह रहे हैं। तमिल मनीला कांग्रेस के जी के वासन तथा माकपा सदस्य वी शिवदासन ने भी शून्यकाल के दौरान अपने अपने मुद्दे उठाए।

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कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े के बयान पर राज्यसभा में हंगामा, पीयूष गोयल ने की माफी मांगने की मांग https://samacharpacheesa.com/?p=5325 Tue, 20 Dec 2022 07:52:05 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=5325 नईदिल्ली। कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े द्वारा जान दिए जाने वाले बयान पर अब हंगामा बढऩे लगा है। 20 दिसंबर को ये मामला राज्यसभा में भी गूंजा। यहां पीयूष गोयल ने मल्लिकार्जुन खडग़े के बायन की निंदा की है। राज्यसभा में सदन के नेता पीयूष गोयल ने कहा कि मल्लिकार्जुन खडग़े को अपने बयान पर माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने अपने पीएम का अपमान किया है।
उन्होंने कहा कि खडग़े ने अमर्यादित भाषा का उपयोग किया है। कांग्रेस ने बाबा साहेब का अपमान किया है। कांग्रेस के समय देश की जमीन पर कब्जा किया है। खडग़े ने अभद्र भाषा का प्रयोग किया है। इस तरह का बयान देने के बाद उन्हें सदन में रहने का अधिकार नहीं है।
उन्होंने कहा कि अलवर में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खडग़े ने अभद्र भाषण दिया था. जिस भाषा का प्रयोग किया गया है वह दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने जिस तरह से अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया, निराधार बातें कही और देश के सामने झूठ पेश करने की कोशिश की, मैं उसकी निंदा करता हूं। मैं उनसे माफी की मांग करता हूं।
उन्होंने कहा कि मल्लिकार्जुन खडग़े को भाजपा, संसद और इस देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए जिन्होंने पूर्ण बहुमत से भाजपा की सरकार बनाई। आजादी के बाद महात्मा गांधी ने कहा कि कांग्रेस को भंग कर देना चाहिए। खडग़े जी इसका जीता जागता उदाहरण हैं और देश को दिखा रहे हैं कि गांधी जी ने जो कहा वह सच था और वह एक ऐसे राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं जो बोलना नहीं जानते। जब तक वह माफी नहीं मांगते, उन्हें यहां रहने का कोई अधिकार नहीं है।
वहीं इस मामले पर खड़से ने कहा कि ये बयान सदन के बाहर दिया गया है ऐसे में सदन के अंदर इस बयान पर माफी मांगने का सवाल नहीं उठता है। सदन के बाहर दिए गए बयान की चर्चा की जरुरत नही है। उन्होंने सवाल किया कि भाजपा ने देश के लिए क्या किया है। कांग्रेस के राजीव गांधी, इंदिरा गांधी ने देश के लिए जान दी थी। उन्होंने कहा जो लोग देश की आजादी के लिए लड़े हैं उन्हें डरने की आवश्यकता नहीं है।
ये दिया था बयान
बता दें कि मल्लिकार्जुन खड़से ने बयान दिया था कि हमने देश को आज़ादी दिलाई और देश की एकता के लिए इंदिरा और राजीव गांधी ने अपनी जान की क़ुर्बानी दी। हमारे पार्टी के नेताओं ने अपनी जान दी, आपने क्या किया? आपके घर में कोई देश के लिए कुत्ता तक मरा है? क्या किसी ने कोई क़ुर्बानी दी है? इस बयान के बाद से ही भाजपा हमलावर हो गई है।

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तवांग झड़प पर राज्यसभा से विपक्ष का वॉकआउट, कहा- चीन ने किया भारतीय जमीन पर कब्जा, चर्चा की मांग https://samacharpacheesa.com/?p=5299 Mon, 19 Dec 2022 08:33:44 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=5299 नईदिल्ली। तवांग में भारत और चीनी सैनिकों के बीच झड़प को लेकर विपक्ष सड़क से लेकर संसद तक सरकार हमलावर है. अरुणाचल प्रदेश के तवांग में चीनी अतिक्रमण और वास्तविक नियंत्रण रेखा पर वस्तुस्थिति के बारे में कार्यस्थगन नोटिस के जरिए चर्चा कराने की मांग को लेकर विपक्ष ने राज्यसभा से वॉकआउट किया.
चीनी झड़प पर चर्चा को आसन ने किया खारिज, विपक्ष का हंगामा
विपक्ष की ओर से राज्यसभा में लगातार भारत-चीनी सैनिकों के बीच झड़प और भारतीय जमीन पर कब्जा को लेकर चर्चा की मांग होती रही. हालांकि विपक्ष की मांग आसन द्वारा खारिज कर दिया गया. जिसके बाद विपक्षी दल के सदस्य विरोध करते हुए सदन से बाहर चले गये. कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, चीन हमारी जमीन पर कब्जा कर रहा है. इस मुद्दे पर हम चर्चा नहीं करेंगे तो और क्या चर्चा करेंगे? हम सदन में इस मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार हैं.
सभापति जगदीप धनखड़ ने विपक्ष की मांग को नियम के अनुरूप नहीं बताया
सुबह उच्च सदन की कार्यवाही शुरू होने पर सभापति जगदीप धनखड़ ने आवश्यक दस्तावेज सदन के पटल पर रखवाए. उन्होंने कहा कि नौ सदस्यों ने विभिन्न मुद्दों पर चर्चा के लिए नियम 267 के तहत नोटिस दिए हैं. उन्होंने कहा कि इनमें से कोई भी नोटिस नियमों के अनुरूप नहीं है. धनखड़ ने कहा कि उन्होंने आठ दिसंबर को सदस्यों से कहा था कि कामकाज के निलंबन के लिए वह अपने नोटिस में आवश्यक नियम का उल्लेख करें लेकिन किसी भी नोटिस में नियम का कोई उल्लेख नहीं है. उन्होंने कहा कि इसके बावजूद 13, 15 और 16 दिसंबर को इसी प्रकार के नोटिस के जरिए कार्यस्थगन के तहत चर्चा कराने की मांग को लेकर हंगामा किया गया जिससे करदाताओं के पैसे और सदन के कीमती समय की बर्बादी हुई.
समाजवादी पार्टी के जावेद अली खान ने व्यवस्था पर उठाया सवाल
समाजवादी पार्टी के जावेद अली खान ने व्यवस्था का प्रश्न उठाते हुए कहा कि पिछले सत्र में उनके द्वारा पूछे गए 10 प्रश्न हटा दिए गए और इस बार भी बगैर किसी कारण के तीन प्रश्न हटाए गए हैं. उन्होंने सभापति से इस मामले में संरक्षण का अनुरोध किया.

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राज्यसभा में विपक्षी व सत्ताधारी भाजपा सदस्यों के हंगामे की भेंट चढ़ा शून्यकाल https://samacharpacheesa.com/?p=5241 Thu, 15 Dec 2022 08:15:15 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=5241 नयी दिल्ली। राज्यसभा में बृहस्पतिवार को शून्यकाल विभिन्न मुद्दों पर कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों और सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सदस्यों के हंगामे की भेंट चढ़ गया। हंगामे की वजह से शून्यकाल के दौरान सदन की कार्यवाही दो बार 15-15 मिनट के लिए और एक बार दो मिनट के स्थगित करनी पड़ी। कांग्रेस, शिव सेना और तृणमूल कांग्रेस के सदस्य उच्च अदालतों की नियुक्तियों में सरकार के कथित हस्तक्षेप और केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग सहित कुछ अन्य मुद्दों पर चर्चा की मांग कर रहे थे।
हालांकि, उपसभापति हरिवंश ने इस संबंध में विपक्षी सदस्यों के नियम 267 के तहत दिए गए कार्यस्थगन के नोटिस खारिज कर दिए। आम आदमी पार्टी के राघव चड्ढा, कांग्रेस के प्रमोद तिवारी, अखिलेश प्रसाद सिंह, एल हनुमंथैया, जेबी मेथर और सैयद नासिर हुसैन तथा शिव सेना की प्रियंका चतुर्वेदी ने उच्च अदालतों की नियुक्तियों में सरकार के कथित हस्तक्षेप, केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और प्रर्वतन निदेशालय (ईडी) और अन्य केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग, किसानों के आंदोलन से उत्पन्न स्थिति सहित अन्य मुद्दों पर चर्चा के लिए नोटिस दिए थे। नोटिस अस्वीकार किए जाने के बाद विपक्षी सदस्य हंगामा करने लगे।
इस दौरान सत्ताधारी दल के कुछ सदस्यों ने भी अपने स्थानों पर खड़े होकर कुछ कहने का प्रयास किया। भाजपा सदस्य पूर्ण शराबबंदी लागू कर चुके बिहार राज्य के सारण जिले में कथित रूप से जहरीली शराब पीने से हुई लोगों की मौत का मुद्दा उठाना चाह रहे थे। हंगामे के बीच ही उपसभापति ने भाजपा के विप्लब कुमार देब का नाम पुकारा। शून्यकाल के तहत देब को भारत-बांग्लादेश सीमा से संबंधित मुद्दा उठाना था लेकिन उन्होंने आसन से आग्रह किया कि बिहार के सदस्य किसी मुद्दे पर अपनी बात रखना चाहते हैं, लिहाजा पहले उन्हें बोलने का मौका दिया जाए। हरिवंश ने उनसे कहा कि वह अपने मुद्दे पर अपनी बात रखें। उन्होंने हंगामा कर रहे सदस्यों से शांत रहने की अपील की। सदन में व्यवस्था बनते न देख उन्होंने 11 बजकर 18 मिनट पर सदन की कार्यवाही 15 मिनट के लिए 11 बजकर 33 मिनट तक स्थगित कर दी। इसके बाद जब दोबारा बैठक शुरू हुई तो सदन में वही स्थिति थी।
विपक्षी सदस्य अपने अपने मुद्दों पर चर्चा कराने की मांग को लेकर हंगामा कर रहे थे वहीं बिहार से भाजपा के सदस्य जहरीली शराब से लोगों की मौत के मुद्दे को उठाने देने की मांग कर रहे थे। हरिवंश ने सदस्यों से कहा कि शून्यकाल बहुत महत्वपूर्ण हैं और इसे चलने दिया जाए। अपनी बात का कोई असर न होता देख उन्होंने दूसरी बार 11 बजकर 36 मिनट पर बैठक पुन: 15 मिनट के लिए स्थगित कर दी। इसके बाद जब 11 बजकर 50 मिनट पर तीसरी बार कार्यवाही आरंभ हुई तब भीसदन में हंगामा जारी था। हंगामे के बीच ही देब ने कहा कि बिहार में जहरीली शराब से कई लोगों की मौत हो गई है।
उन्होंने कहा, ‘‘यह बहुत महत्वपूर्ण मुद्दा है। इस पर बोलने का मौका दिया जाना चाहिए।’’ आसन पर मौजूद पीठासीन अध्यक्ष भुवनेश्वर कालिता ने देब से कहा कि वे नोटिस के अनुसार ही अपना मुद्दा उठाएं। उन्होंने बिहार का मुद्दा उठाने की अनुमति नहीं दी। इसी बीच, विपक्षी सदस्य आसन के निकट आकर हंगामा करने लगे जिसके बाद कालिता ने सदन की कार्यवाही तीसरी बार 11 बजकर 58 मिनट पर दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

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