राज्य सरकार – SAMACHARPACHEESA.COM https://samacharpacheesa.com Fri, 28 Jul 2023 09:04:31 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.3 नियमितिकरण का रास्ता साफ होता नजर आ रहा,मंत्री चौबे से मिले संकेत https://samacharpacheesa.com/?p=7585 Fri, 28 Jul 2023 09:04:30 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=7585 रायपुर। अनियमित कर्मचारियों के नियमितिकरण का रास्ता साफ होता नजर आ रहा है। राज्य सरकार के प्रवक्ता और मंत्री रविंद्र चौबे ने कहा कि कर्मचारियों को नियमित करने के बारे में कैबिनेट की बैठक में चर्चा हुई है। विभागवार जानकारी मंगाई गई है। जल्द ही सरकार इस पर निर्णय लेने वाली है।
कांग्रेस ने चुनावी घोषणा पत्र में अनियमित कर्मचारियों को नियमित करने का वादा किया था। इसके पूरा नहीं होने पर प्रदेश के करीब 45 हजार कर्मचारी धरना-प्रदर्शन कर रहे थे। इसके बाद सरकार ने अनियमित कर्मचारियों के वेतन में एकमुश्त 27 प्रतिशत की बढ़ोतरी की थी। इसके बावजूद कर्मचारी धरने पर बैठे हुए हैं।
सामान्य प्रशासन विभाग ने प्रदेशभर में कार्यरत अनियमित कर्मचारियों की भर्ती के बारे में विभागों से जानकारी मंगाई है। विभागों को एक सप्ताह में जानकारी भेजने का निर्देश दिया गया है। संविदा कर्मियों के साथ ही दैनिक वेतन भोगी, अनियमित दैनिक श्रमिकों की जानकारी मांगी गई है।
सामान्य प्रशासन विभाग जीएडी के अवर सचिव एसके सिंह की ओर से जारी आदेश के अनुसार, वर्ष 2004 से 2018 और 2019 से 2023 तक सीधी भर्ती के पदों पर नियुक्ति और संविदा, अनियमित और दैनिक वेतन पर कार्यरत अधिकारी-कर्मचारियों की अलग-अलग जानकारी मांगी गई है।
जीएडी ने एक प्रोफार्मा भी भेजा है, जिसमें भर्ती के दौरान आरक्षण नियमों का पालन, रिक्त पदों की तुलना में भर्ती सहित अन्य विषयों की जानकारी मांगी गई है। उच्च प्रशासनिक सूत्रों की मानें तो जिन अनियमित कर्मचारियों की भर्ती रोस्टर के आधार पर नियुक्ति हुई होगी, सरकार उनको नियमित कर सकती है।

]]>
विधानसभा में विपक्ष द्वारा प्रस्तुत अविश्वास प्रस्ताव ध्वनिमत से अस्वीकृत https://samacharpacheesa.com/?p=7478 Sat, 22 Jul 2023 07:36:29 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=7478 रायपुर।  छत्तीसगढ़ विधानसभा में राज्य सरकार के खिलाफ विपक्ष की ओर से प्रस्तुत अविश्वास प्रस्ताव ध्वनिमत से अस्वीकृत कर दिया गया। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने अविश्वास प्रस्ताव के विरोध में चर्चा के दौरान जवाब में कहा कि जब हमारी सरकार बनी तो हमने ‘गढ़बो नवा छत्तीसगढ़Ó की बात की और इसे साकार करने की दिशा में हमारी सरकार निरंतर कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा में कहा कि विपक्ष द्वारा प्रस्तुत अविश्वास प्रस्ताव के मुद्दों में कोई तथ्य नहीं है। प्रजातंत्र में विपक्ष का अधिकार होता है कि वे अविश्वास करे। सत्ता पक्ष के पास भी मौका होता है कि अपनी बात रखें। इन्होंने 109 आरोप लगाए पर कोई तथ्य नहीं दिए। पहले जब अविश्वास प्रस्ताव आता था तब नक्सली समस्या पर पहले बात होती थी। इस बार सदस्यों ने नही की। ये हमारी उपलब्धि है।
आप इंद्रावती के उस पार गए क्या ये संभव था। ये इसलिए हुआ कि इस समस्या पर काम हुआ। अभी भेंट मुलाकात में बस्तर में रात रुका, सभी से मिला। जो सबसे बड़ा कमेंट मिला जिसने मेरे दिल को छू लिया। जैन समाज के लोगों से मैंने पूछा कि इन चार सालों में क्या फर्क आया। उन्होंने कहा कि रिश्ता करने में बस्तर में अब दिक्कत नहीं होती है। आसानी से लोग रिश्ता दे देते हैं क्योंकि बस्तर बदल गया है। पहले बस्तर में सड़कें काट दी जाती थी आज सड़के काटी नहीं जाती, ये परिवर्तन बस्तर में देखने को मिला है। पिछली सरकार ने जो स्कूल बंद करा दिए थे, उसे हमने आरम्भ कर दिया। राशन पहुंचाना भी पहले टेढ़ी खीर थी। अब कितना आसान हो गया है। ये बदलाव आया है। जब हमारी सरकार बनी तो हमने गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ की बात की। उन महापुरुषों को, कलाकारों और राजनीतिक दलों के लोगों को नमन करता हूँ जिन्होंने छत्तीसगढ़ निर्माण में अपना योगदान दिया। परिवर्तन केवल सत्ता के लिए नहीं होना चाहिए। यह लोगों के जीवन मे होना चाहिए इसलिए परिवर्तन की मशाल लेकर हमारे नेता परिवर्तन यात्रा में निकले थे। आज हमने किसानों की जिंदगी बदली है। बस्तर, सरगुजा में परिवर्तन हुआ है। महिलाओं के जीवन मे बदलाव आया है। जब बच्चे फर्राटेदार इंग्लिश में बोलते हैं तब संतोष होता है। आरडी तिवारी स्कूल में पहले 56 बच्चे पढ़ रहे थे। अब हजार बच्चे पढ़ रहे हैं। अब ऐसे स्कूल नहीं चल रहे जो गुणवत्ता नही देते, लोग स्वामी आत्मानंद स्कूल में अपने बच्चों को प्रवेश दिला रहे हैं। बस्तर के बच्चों को शिक्षित कर दीजिए, सुपोषित कर दीजिए, वे अपनी जिंदगी स्वयं संवार लेंगे। 20 हजार करोड़ रुपये की इनपुट सब्सिडी हमने किसानों को दी। हमारे प्रदेश का किसान आज बहुत खुशहाल है।
मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि अब मैं डीएमएफ के बारे में जानकारी देता हूं। मुख्यमंत्री बनने के बाद मैंने मीटिंग ली। सभी खदान आदिवासी अंचल में थी। मैंने पूछा कि आदिवासियों के जीवन मे क्या परिवर्तन आया। उन्होंने कहा कि नहीं आया। हमने कहा कि यह होना चाहिए। हमने कहा कि इससे स्कूल बनाओ, सड़क बनाओ। डीएमएफ का तभी सही उपयोग होगा। मलेरिया में हमने बड़ा काम किया और यह काफी घट गया। उल्टी दस्त का एक भी प्रश्न विधानसभा में बस्तर से नहीं लगा। बस्तर में आज डॉक्टर है, नर्स हैं। ब्लड बैंक बनवाये गए हैं।
मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ का संकल्प लेकर जब हम निकले, कितनी बाधा आई। कोरोना आया। सबकी मदद से हमने अपना संकल्प पूरा किया। सबने इसके लिए सहयोग किया। पांच साल में आये परिवर्तन के बारे में उन्होंने बताया। आज जिले 33 हो गए। तहसील भी बढ़ गए। प्रति व्यक्ति आय बढ़ गई। धान खरीदी 56 लाख से 110 लाख मीट्रिक टन हो गई। रकबा भी बढ़ गया। धान खरीदी केंद्र 2400 हो गए। राजीव गांधी न्याय योजना, भूमिहीन ग्रामीण श्रमिक योजना, गोधन न्याय योजना हमने आरम्भ की। 10 हजार से अधिक गौठान बनाये। उर्जिकृत पंप 4 लाख हो गए। एकल बत्ती कनेक्शन 15 लाख से 17 लाख हो गए। आपके समय तो 105 करोड रुपए का ऋण माफ हुआ था, हमने तो 9500 सौ करोड़ का ऋण माफ किया है। केसीसी आपके समय में 14 लाख दिए गए। वह अब बढ़कर 21 लाख हो गए हैं। 245 करोड़ का गोबर खरीदा और 291 करोड़ की सामग्री बेचा, यह घाटे का सौदा नहीं है। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि यह कबीर की भूमि है। बाबा गुरु घासीदास की भूमि है। शांति का टापू है। अपनी संस्कृति के लिए हम काम कर रहे हैं।

]]>