राष्ट्रपति – SAMACHARPACHEESA.COM https://samacharpacheesa.com Tue, 18 Jul 2023 08:25:31 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.3 छत्तीसगढ़ को राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मू के हाथों मिला भूमि सम्मान https://samacharpacheesa.com/?p=7404 Tue, 18 Jul 2023 08:25:31 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=7404 रायपुर। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू के हाथों आज नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ को भूमि सम्मान से नवाजा गया। उसके साथ ही प्रदेश के दो जिलों सरगुजा और बेमेतरा को भी भूमि प्रबंधन और प्रशासन के लिए भूमि सम्मान प्लेटिनम सर्टिफिकेट से सम्मानित किया गया।
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कहा कि प्रदेश को भूमि प्रबंधन के लिए सम्मान मिलना पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव की बात है। उन्होंने प्रदेश के राजस्व विभाग और सरगुजा तथा बेमेतरा जिला प्रशासन को इस उपलब्धि के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल इंडिया लैण्ड रिकार्ड मॉडर्नाईजेशन प्रोग्राम (डीआईएलआरएमपी) अंतर्गत प्रदेश में बेहतर काम हुए है, जिससे आम लोगों को भूमि संबंधी जानकारियां मिलना आसान हुआ है।
गौरतलब है कि डिजिटल इंडिया लैण्ड रिकार्ड मॉर्डनाईजेशन प्रोग्राम (डीआईएलआरएमपी) अंतर्गत प्रदेश में भूमि प्रबंधन से जुड़े 95 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुके हैं। इसी तरह भूमि प्रबंधन से जुड़े चार घटकों, लैण्ड रिकार्ड का डिजिटाइजेशन, पंजीयन कार्यालय से समन्वय, मॉडल रिकार्ड रूम की स्थापना में प्रदेश के सरगुजा और बेमेतरा जिले में शतप्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुके हैं। ये जिले भूमि प्रबंधन में देश के शीर्ष जिलों में शामिल हैं।
नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में राज्य स्तर में नीलम नामदेव एक्का सचिव राजस्व विभाग, किरण कौशल महानिरीक्षक पंजीयन एवं अधीक्षक मुद्रांक, रमेश शर्मा संचालक भू-अभिलेख ने राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मू के हाथों लैंड गवर्नेंस और प्रशासन में छत्तीसगढ़ को मिला भूमि सम्मान ग्रहण किया। इसी प्रकार बेमेतरा कलेक्टर पीएस एल्मा और सरगुजा कलेक्टर कुंदन कुमार ने राष्ट्रपति के हाथों भूमि सम्मान ग्रहण किया।

]]>
भारत को 2047 तक आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य : राष्ट्रपति मुर्मू https://samacharpacheesa.com/?p=5976 Tue, 31 Jan 2023 06:52:32 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=5976 नयी दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार को 2047 तक देश को आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य रखते हुए कहा कि तब तक ऐसे राष्ट्र का निर्माण करना है जो अतीत के गौरव से जुड़ा हो और जिसमें आधुनिकता का हर स्वर्णिम अध्याय हो। राष्ट्रपति ने यह बात आज बजट सत्र के पहले दिन ऐतिहासिक केंद्रीय कक्ष में संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए अपने पारंपरिक अभिभाषण में कही। उन्होंने कहा, ‘‘हमें ऐसा भारत बनाना है जो आत्मनिर्भर हो और जो अपने मानवीय दायित्वों को पूरा करने में समर्थ हो। ’’
उन्होंने कहा, ‘‘हमें 2047 तक ऐसे राष्ट्र का निर्माण करना है जो अतीत के गौरव से जुड़ा हो और जिसमें आधुनिकता का हर स्वर्णिम अध्याय हो।’’ उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार के करीब नौ वर्षों के शासनकाल में भारत के लोगों ने कई सकारात्मक बदलाव पहली बार देखे हैं। उन्होंने कहा कि अमृत काल की 25 साल की अवधि आजादी का स्वर्णिम काल और विकसित भारत के निर्माण का समय है। मुर्मू ने कहा कि आज सबसे बड़ा बदलाव यह हुआ है कि हर भारतीय का आत्मविश्वास शीर्ष पर है एवं भारत के प्रति विश्व का नजरिया बदला है।
राष्ट्रपति के अभिभाषण के दौरान संसद के केंद्रीय कक्ष में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, राज्यसभा के उप सभापति हरिवंश, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके मंत्रिमंडल के विभिन्न मंत्री, संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी, राज्यसभा में नेता सदन पीयूष गोयल और विभिन्न पार्टियों के नेता एवं सांसद मौजूद थे। राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे, कांग्रेस पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी एवं पार्टी के कुछ अन्य नेता श्रीनगर में खराब मौसम के कारण उड़ानों में विलंब के चलते राष्ट्रपति अभिभाषण शुरू होने के समय केंद्रीय कक्ष में नहीं पहुंच पाये।

]]>