रॉबर्ट वाड्रा – SAMACHARPACHEESA.COM https://samacharpacheesa.com Tue, 27 Dec 2022 08:08:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.3 कट्टर बेईमान कौन है देश जान गया : भाजपा https://samacharpacheesa.com/?p=5462 Tue, 27 Dec 2022 08:08:00 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=5462 नईदिल्ली। रॉबर्ट वाड्रा को लेकर एक बार फिर से भाजपा जबरदस्त तरीके से कांग्रेस पर हमलावर हो गई है। भाजपा की ओर से राजस्थान सरकार पर रॉबर्ट वाड्रा को जमीन देने का आरोप लगाया गया है। भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कहा कि हरियाणा में जब कांग्रेस की सरकार थी तब भी किसानों की जमीन हड़पी गई। इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि राजस्थान में कांग्रेस सरकार के दौरान भी किसानों की जमीन हड़पी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि 2008-13 के बीच में राजस्थान में कांग्रेस की सरकार थी, जिस दौरान 125 बीघा जमीन किसानों से हड़पी गई। भाजपा ने साफ तौर पर कहा है कि किसानों की जमीन रॉबर्ट वाड्रा को दी गई है। उन्होंने कहा कि यह पूरा घोटाला 1000 बीघा जमीन का है और गांधी परिवार ने भ्रष्टाचार किया है।
गौरव भाटिया ने कहा कि जब भाजपा की सरकार राजस्थान में आई तब FIR दर्ज हुई। उन्होने कहा कि पुलिस और ईडी ने जांच की तब पता चला कि अशोक गहलोत सरकार ने ‘कांग्रेस परिवार’ के आदेश पर एक ऐसे व्यक्ति को जमीन दी, जो वास्तव में था ही नहीं। भाजपा नेना ने कहा कि भ्रष्टाचारी गांधी परिवार ये सोचता है कि उन तक कानून नहीं पहुंचेगा। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईमानदारी और जांच एजेंसियों के जज्बे से कोई भ्रष्टाचारी बच नहीं सकता। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि कट्टर बेईमान कौन है देश जान गया है।
भाटिया ने कहा कि भारत में एक ‘कट्टर पापी परिवार’ है। इनका काम किसानों की जमीन हड़पना और अपने दामाद रॉबर्ट वाड्रा को सौंपना है। 2008-13 तक राजस्थान में कांग्रेस सरकार के दौरान, 125 बीघा जमीन किसानों से खरीदी गई और 2 लोगों को हरिराम और नाथाराम को आवंटित की गई। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि जांच के दौरान पता चला कि ये दोनों व्यक्ति मौजूद नहीं हैं और फर्जी हैं। उक्त जमीन को बाद में स्काईलाइन हॉस्पिटैलिटी को बेच दिया गया जिसमें रॉबर्ट वाड्रा और उनकी मां भागीदार हैं।

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जमीन हड़पने के मामले में रॉबर्ट वाड्रा, उनकी मां की हो सकती है गिरफ्तारी, हाईकोर्ट में याचिका खारिज https://samacharpacheesa.com/?p=5389 Thu, 22 Dec 2022 07:46:44 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=5389 जयपुर। सोनिया गांधी के दामाद और प्रियंका गांधी के पति रॉबर्ट वाड्रा और उनकी मां मौरीन वाड्रा की मुसीबतें बढ़ने वाली हैं। राजस्थान हाईकोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी है। हालांकि, दो हफ्ते तक अपील की इजाजत देकर उनकी गिरफ्तारी में राहत दी गई है। मामला बीकानेर में जमीन की खरीद-फरोख्त में हुई कथित धोखाधड़ी से जुड़ा हुआ है।
राजस्थान हाईकोर्ट के जस्टिस पुष्पेंद्र सिंह की बेंच ने साफ कहा है कि रॉबर्ट और उनकी मां को इस मामले में ईडी की जांच में सहयोग करना होगा। दो हफ्ते में अपील की मोहलत दी गई है। तब तक गिरफ्तारी पर रोक कायम रहेगी। मामला बीकानेर में सरकारी जमीन की खरीद-फरोख्त में हुई धोखाधड़ी से जुड़ा है। इस मामले में रॉबर्ट और उनकी मां मौरीन की गिरफ्तारी पर पहले भी रोक लगा रखी थी।
बीकानेर के कोलायत में जमीन की खरीद-फरोख्त के मामले में रॉबर्ट वाड्रा और उनकी मां मौरीन वाड्रा की कंपनी स्काइलाइट हॉस्पिटैलिटी के खिलाफ फर्जीवाड़ा होने के आरोप होने के चलते ईडी ने कार्यवाही शुरू की थी। 2018 में हाईकोर्ट में वाड्रा ने याचिका लगाकर ईडी की कार्यवाही पर रोक लगाने की मांग की थी। इस मामले में 80 से अधिक सुनवाई के बाद सिंगल बेंच ने ईडी की करवाई पर रोक लगाने से इंकार कर दिया है। इसके बाद ईडी किसी भी समय रॉबर्ट वाड्रा को पूछताछ के लिए नोटिस जारी कर सकती है।
क्या है मामला
यह मामला 2018 में बीकानेर के कोलायत में सरकारी जमीन की खरीद-फरोख्त से जुड़ा हुआ है। पुलिस ने कोलायत में सरकारी जमीन फर्जीवाड़े के मामले में एफआईआर दर्ज की थी। इसके बाद सीबीआई ने इस मामले की जांच अपने हाथ में ली। सरकारी जमीन के फर्जीवाड़े को देखते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने एक ईसीआर दर्ज की थी। स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी एलएलपी कंपनी के साझेदारों के खिलाफ ईडी ने साक्ष्य एकत्रित किए हैं। ईडी ने रॉबर्ट और उनकी मां मौरीन की गिरफ्तारी के लिए भी याचिका लगाई थी, जिस पर कोर्ट ने रोक लगा रखी है। बीकानेर के कोलायत क्षेत्र स्थित जमीन खसरा नंबर 711/499 , 710/499 की 120 बीघा जमीन की अधिकृत प्रतिनिधि के रूप में खरीद कर वर्ष 2010 में रजिस्ट्री करवाई गई। इसके लिए रॉबर्ट वाड्रा और मां मौरीन वाड्रा ने एक चेक दिया था। इस चेक द्वारा बिचौलिए महेश नागर ने अपने ड्राइवर के नाम जमीन खरीदकर पूरे घोटाले को अंजाम दिया था। मामले में 2014 में एफआईआर दर्ज हुई थी। इसमें 12.65 हैक्टेयर सरकारी जमीन के लिए सरकारी कर्मचारी व अधिकारी व भू-माफिया से सांठगांठ कर दस्तावेज बनाकर खरीद-फरोख्त कर सरकारी जमीन हड़पने के मामले में कोलायत के तत्कालीन थानाधिकारी बूटा सिंह ने धारा 420, 467, 468, 471, 120B में मामले की जांच कर रिपोर्ट पेश की हैं।

 

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