रोजगार – SAMACHARPACHEESA.COM https://samacharpacheesa.com Sat, 15 Jul 2023 08:00:28 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.3 गोधन न्याय योजना से बढ़े आय और रोजगार के अवसर : मुख्यमंत्री बघेल https://samacharpacheesa.com/?p=7344 Sat, 15 Jul 2023 08:00:27 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=7344 रायपुर। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल से यहां उनके निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ झेरिया यादव समाज के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री से प्रतिनिधिमंडल ने सामाजिक विषयों पर चर्चा की और सभी वर्गों के लोगों के उत्थान के लिए राज्य में संचालित जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के लिए उनका आभार जताया।
मुख्यमंत्री श्री बघेल ने प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के दौरान अवगत कराया कि छत्तीसगढ़ में यादव समाज खेती-किसानी के साथ-साथ पशुपालन से भी जुड़े हुए है। राज्य में हमारी सरकार द्वारा गोधन न्याय योजना संचालित की जा रही है। इससे सभी गौपालकों सहित यादव समाज के जीवन में काफी बदलाव आ रहा है। छत्तीसगढ़ में गोधन न्याय योजना को हम एक मिशन के रूप में संचालित कर रहे है। योजना के तहत हमने गांव-गांव में भूमि को आरक्षित कर गौठानों का निर्माण किया। साथ ही अब गौठानों को ग्रामीण औद्योगिक पार्क के रूप में उन्नत किया जा रहा है। इससे गांवों में आय के साथ-साथ रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं।
इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल में श्री गणेश गौ सेवक, श्री लोमश यदु, श्री मन्नू लाल यादव, श्री सूरज यादव तथा श्री शिवराम यादव आदि उपस्थित थे।

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तकनीकी शिक्षा में गिरावट और रोजगार https://samacharpacheesa.com/?p=6273 Wed, 15 Feb 2023 05:37:25 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=6273 विगत दो-ढाई वर्षों से छत्तीसगढ़ सरकार यह प्रचारित कर रही है कि प्रदेश में बेरोजगारी की दर देश भर में सबसे कम है। यहां तक कि पिछले कुछ माह से छत्तीसगढ़ में बेरोजगारी दर शून्य के करीब है। दूसरी ओर 26 जनवरी गणतंत्र दिवस परेड के अवसर पर जनता को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने प्रदेश के बेरोजगारों को ढाई हजार रुपए प्रतिमाह बेरोजगारी भत्ता देने की घोषणा की है। अभी कितने बेरोजगारों को भत्ता मिलेगा, संख्या तय नहीं है। हालांकि रोजगार कार्यालयों में दर्ज बेरोजगारों की संख्या 19 लाख के करीब है। प्रदेश में 2 करोड़ 90 लाख के आसपास की जनसंख्या वाले राज्य में अगर 19 लाख रोजगार कार्यालय में दर्ज है तो प्रदेश में बेरोजगारी की दर लगभग शून्य कैसे है यह समझ से परे है। प्रदेश में एक और नई समस्या देखने को मिल रही है पिछले 5-6 वर्षों से प्रदेश में स्थापित इंजीनियरिंग महाविद्यालय बंद हो रहे है और जो चल रहे है वहां पर भी छात्र प्रवेश नहीं ले रहे है। इस शैक्षणिक वर्ष में प्रदेश में कुल 11 हजार 500 के करीब इंजीनियरिंग की सीट थी। जबकि केवल 35 सौ छात्रों ने प्रवेश लिया। 7 हजार 900 इंजीनियरिंग के डिग्री लेने वाली सीटें रिक्त रह गई। यही हाल प्रदेश में पॉलिटेक्निक संस्थाओं का है। इस वर्ष छत्तीसगढ़ की कुल पॉलिटेक्निक की सीटें 8664 में केवल 19 सौ सीटें ही भर पाई। याने 75 प्रतिशत इंजीनियर और पॉलिटेक्निक की सीटें भर नहीं पा रही। इस कारण कॉलेज और संस्थाएं बंद हो रही है। सीटें नहीं भरने का कारण तो अनेक है जिसमें पहला महाविद्यालयों में रोजगारपरक गुणवत्तायुक्त शिक्षा का अभाव है, कुकुरमुत्ते की तरह खुले निजी इंजीनियरिंग कॉलेज में न तो पढ़ाने वाले योग्य शिक्षक है और न ही प्रयोग करने की सुविधाएं। दूसरा महत्वपूर्ण पहलू यह है कि प्रदेश में इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक की डिग्री और डिप्लोमा करके निकले विद्यार्थियों को नौकरी नहीं मिल रही है। छत्तीसगढ़ के उद्योगों में लाखों रुपए खर्च कर डिग्री लेने वाले इंजीनियरों को 10-12 हजार की नौकरी मिलती है और मेहनत 12 घंटे की। 2017-18 के बाद देश और दुनिया की अर्थव्यवस्था कभी यह असर रहा कि प्रदेश में बड़े उद्योग नहीं लग पा रहे है, जो है वह भी जैसे-तैसे चल रहा है। उद्योगों का विकास नहीं होने से इंजीनियरों की मांग कम हो गई है। शासन भले ही औद्योगिक नीति बना ले लेकिन उद्योगों को प्रदेश में आकर्षित करने के लिए स्वच्छ प्रशासन और सुविधापूर्ण औद्योगिक क्षेत्रों को बढ़ाने के साथ औद्योगिक संस्थानों में राजनीतिक हस्तक्षेप को कम करना होगा। प्रदेश का विकास सही अर्थों में तभी होगा जब यहां उद्योग खुलेंगे, व्यवसाय बढ़ेगा और प्रदेश के युवाओं को अधिकाधिक नौकरी मिलेगी।

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बेरोजगारों को भत्ता और रोजगार https://samacharpacheesa.com/?p=5969 Tue, 31 Jan 2023 05:54:20 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=5969 गणतंत्र दिवस के अवसर पर जगदलपुर में परेड की सलामी लेने के बाद जनता के नाम अपने संदेश में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य के बेरोजगारों युवकों को महंगाई भत्ता देने की घोषणा की। इधर मुख्यमंत्री ने अपनी घोषणा में 2 बातों का उल्लेख नहीं किया है। एक प्रत्येक माह बेरोजगारों को भत्ते के रुप में कितनी राशि दी जाएगी और दूसरी बात कि कितने बेरोजगारों को यह भत्ता दिया जाएगा। प्रदेश भर में जगह-जगह होर्डिंग लगे है जिसमें लिखा है कि प्रदेश में बेरोजगारी दर शून्य के करीब है। यह बात सही भी है क्योंकि एक निजी संस्था ने पिछले महीने प्रदेश में बेरोजगारी दर को 0.1 प्रतिशत बताया था। जबकि जिला रोजगार केंद्रों में जो पंजी में दर्ज रोजगार चाहने वालों की संख्या 2021-22 में लगभग 19 लाख थी। अब इस मामले में विरोधाभास है कि यह लगभग 19 लाख रोजगार चाहने वाले युवा कौन है? अगर ये बेरोजगार है तो प्रदेश में 18 वर्ष से 35 वर्ष की आयु के युवा लगभग 35 प्रतिशत के आधार पर लगभग 1 करोड़ होंगे। अब इन 1 करोड़ में लगभग 19 लाख रोजगार के इच्छुक है तो बेरोजगारी दर प्रदेश की 19 प्रतिशत हो जाती है। या तो सीएमआई का बेरोजगारी नापने की प्रक्रिया और इकाई गलत है या तो फिर प्रदेश के रोजगार केंद्रों में दर्ज रोजगार चाहने वालों की संख्या में कुछ गड़बड़ी है। अब सवाल यह उठता है कि अगर सरकार ढाई हजार रुपए प्रतिमाह की दर से युवाओं को देगी तो साल में प्रत्येक युवा 30 हजार बनते है। और 19 लाख युवाओं को साल में 30 हजार रुपए देने पड़े तो सरकार के खजाने पर 5 हजार 700 करोड़ रुपए का भार आएगा। अब मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी इस बात की मांग कर रही है कि सरकार को पिछले 4 साल के हिसाब से बेरोजगारों को भत्ता देना चाहिए। यह बात इसलिए हो रही है क्योंकि कांग्रेस पार्टी ने चुनाव के पहले अपने संकल्प पत्र में यह वादा किया था कि अगर कांग्रेस पार्टी की सरकार बनी तो 10 लाख बेरोजगार युवाओं को ढाई हजार रुपए प्रतिमाह दिए जाएंगे। हालांकि कांग्रेस पार्टी के नेता पिछले कुछ माह से यह कहते सुने जा रहे है कि संकल्प पत्र में बेरोजगार युवकों को ढाई हजार रुपए देने का वादा नहीं किया गया था। इसका मतलब है कि अब अगले कुछ महीने तक बेरोजगारी भत्ते को लेकर जमकर राजनीति होगी। चुनाव को देखते हुए सरकार ने घोषणा तो कर दी लेकिन इस घोषणा के बाद कितने युवा भत्ते के लिए आवेदन करते है और कितनों को यह भत्ता मिलेगा यह देखने वाली बात होगी। उम्मीद रखने वाला बेरोजगार युवक को अगर भत्ता नहीं मिला, तो वह नरााज होगा।

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