लोकसभा – SAMACHARPACHEESA.COM https://samacharpacheesa.com Fri, 11 Aug 2023 06:52:46 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.3 एक सुनार की सौ लुहार की https://samacharpacheesa.com/?p=7791 Fri, 11 Aug 2023 06:52:45 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=7791 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देते हुए जिस तरह से राहुल गांधी और विपक्ष पर हमला बोला, उससे एक पुरानी कहावत बदलती नजर आई। सही कहावत तो यह है कि सौ सुनार की, एक लुहार की, मगर पीएम मोदी ने जिस तरीके से विपक्ष को जवाब दिया, उससे यह कहावत एक सुनार की, सौ लुहार की में बदलती नजर आई। राहुल गांधी ने बुधवार को अविश्वास प्रस्ताव पर बोलते हुए एक लुहार की, कुछ ऐसे अंदाज में केंद्र सरकार पर हमला बोला था। उन्होंने कहा था, मणिपुर में हिन्दुस्तान का मर्डर किया गया है। भारत एक आवाज है। उस आवाज की हत्या मणिपुर में की गई है। भारत माता को मणिपुर में मारा गया है। पीएम मोदी ने इस मुद्दे पर बोला तो उन्होंने सौ लुहार की, इस अंदाज में विपक्ष को करारा जवाब दे दिया। पीएम ने अप्रत्यक्ष तौर से राहुल और विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। विपक्षी दल, प्रमुख तौर पर मणिपुर की घटना को लेकर अविश्वास प्रस्ताव लेकर आए थे। कांग्रेस पार्टी सहित दूसरे दलों का आरोप था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मणिपुर पर चुप हैं। उन्हें सदन में मणिपुर की स्थिति पर बोलना चाहिए। हालांकि, बुधवार शाम को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मणिपुर पर खुलकर विपक्ष को जवाब दिया। लोकसभा सदस्यता बहाल होने के बाद राहुल गांधी ने अविश्वास प्रस्ताव पर बोलते हुए मोदी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने भाजपा के नरेटिव पर हमला कर दिया। राहुल ने कहा, मणिपुर में हिन्दुस्तान का मर्डर किया गया है। भारत माता को मणिपुर में मारा गया है। प्रधानमंत्री मणिपुर में नहीं जा रहे। उन्होंने भाजपा को भारत माता की हत्या के बयान पर ही घेरने की कोशिश की। इसके बाद भाजपा की तरफ से राहुल गांधी की कड़ी आलोचना की गई। ये अलग बात रही कि इंडिया गठबंधन के सहयोगी दलों ने सदन में राहुल गांधी का भरपूर सहयोग किया। उस वक्त लग रहा था कि राहुल गांधी ने मणिपुर में भारत माता की हत्या की बात कह कर एक लुहार की, कहावत को चरितार्थ करने का प्रयास किया। मीडिया में भी राहुल गांधी का यह बयान खूब चलाया गया। पीएम मोदी ने जब अविश्वास प्रस्ताव पर जवाब देना शुरु किया तो उन्होंने भी एक लुहार की, सौ सुनार की कहावत को बदलने का प्रयास किया। मोदी, जिस तरह से विपक्ष पर एक के बाद एक हमला बोले जा रहे थे, उससे वह कहावत सौ लुहार की के अंदाज में आ गई। मोदी ने विपक्षी दलों पर जमकर हमला बोलते हुए कहा, विपक्ष का इरादा मणिपुर पर कुछ भी गंभीरता से सुनने का नहीं था। उनके पेट में पाप था, दर्द था। नतीजा, वे अपना सिर फोड़ रहे थे। अमित शाह ने राजनीति से परे हटकर मणिपुर से जुड़े सारे विषय को समझाया। उन्होंने जनता को जागरूक करने का संदेश भी दिया। समस्या के रास्ते खोजने का प्रयास किया, मगर विपक्ष उन्हें सुनने के लिए तैयार नहीं हुआ।

]]>
विपक्ष के नेताओं को खुद पर ही विश्वास नजर नहीं आ रहा है? https://samacharpacheesa.com/?p=7733 Tue, 08 Aug 2023 06:44:01 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=7733 अब सबकी निगाहें 8 अगस्त को चर्चा की शुरुआत होने से ज्यादा इस बात पर टिकी होंगी कि सरकार के विरोध में सदन के अंदर तीखे भाषण देने वाले ये विपक्षी दल 10 अगस्त को सदन में अपने ही द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग करवा कर अपनी ताकत दिखाएंगे या नहीं ? केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ लोकसभा में विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर सदन में मंगलवार से चर्चा शुरू होनी है। मंगलवार यानी 8 अगस्त से अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा की शुरुआत होगी। मंगलवार, बुधवार और गुरुवार यानी 10 अगस्त तक लोकसभा में सरकार के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा होगी। 10 अगस्त को ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अविश्वास प्रस्ताव पर हुई चर्चा का लोकसभा में जवाब देंगे। प्रधानमंत्री के जवाब के बाद अगर विपक्षी दल की तरफ से डिवीजन की मांग की जाएगी तो सदन में वोटिंग भी उसी दिन होगी। लोकसभा के सदस्य संख्या के आधार पर देखा जाए तो सरकार को विपक्ष द्वारा लाए गए इस अविश्वास प्रस्ताव के कारण फिलहाल कोई खतरा बिल्कुल नजर नहीं आ रहा है। लोकसभा में बीजेपी के पास अपने दम पर बहुमत है। भाजपा के पास 301 सांसद हैं जो विपक्षी दलों द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव को गिराने के लिए काफी हैं। अगर इसमें एनडीए के सहयोगी दलों के सांसदों का आंकड़ा जोड़ दिया जाए तो यह आंकड़ा 331 को भी पार कर जाता है। जैसा कि आप जानते हैं कि बीजू जनता दल और वाईएसआर कांग्रेस- इन दोनों राजनीतिक दलों ने भी विपक्षी द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव के खिलाफ मोदी सरकार का साथ देने का फैसला किया है। लोकसभा में बीजू जनता दल के फिलहाल 12 सांसद हैं वहीं वाईएसआर कांग्रेस के सांसदों की संख्या 22 है। बीजू जनता दल और वाईएसआर कांग्रेस के सांसदों की संख्या मिलाने के बाद सरकार के समर्थक सांसदों का आंकड़ा बढ़कर 365 तक पहुंच जाता है और यह विपक्षी दलों की गोलबंदी की तुलना में कहीं ज्यादा है। ऐसे में पहला सवाल तो यही खड़ा हो रहा है की आंकड़ा पक्ष में नहीं होने के बावजूद विपक्षी दल मोदी सरकार के खिलाफ यह अविश्वास प्रस्ताव क्यों लेकर आए हैं ? विपक्षी दल एकजुट होकर आईएनडीआईए नाम से गठबंधन तो बना चुके हैं लेकिन नंबर के आधार पर जब इस गठबंधन की ताकत को दिखाने का असली समय आया तो विपक्षी दलों ने वोटिंग करवाने की बजाय वॉकआउट करना ज्यादा बेहतर समझा। दिल्ली सरकार के अधिकार को लेकर लोक सभा में बिल पास होने के दौरान विपक्षी दल चाहते तो डिवीजऩ की मांग कर सदन में वोटिंग करवा कर अपनी ताकत दिखा सकते थे लेकिन उन्होंने उस समय ऐसा नहीं किया।

]]>
अविश्वास प्रस्ताव पर भाजपा का ईरानी दांव https://samacharpacheesa.com/?p=7557 Thu, 27 Jul 2023 06:53:00 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=7557 मणिपुर हिंसा को लेकर लोकसभा में सरकार के खिलाफ विपक्ष द्वारा अविश्वास प्रस्ताव लाए जाने को मंजूरी मिल गई है। सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों खेमे इसे अपने-अपने नजरिए से देख रहे हैं। यूं भी कह सकते हैं कि एनडीए और इंडिया, दोनों को इसमें अपना सियासी फायदा नजर आ रहा है। अविश्वास प्रस्ताव पर भाजपा को मोदी के ईरानी दांव पर भरोसा है, तो वहीं विपक्ष इस हार के सौदे में अपनी जीत मानकर चल रहा है। मणिपुर हिंसा पर, विपक्षी दल लंबे समय से प्रधानमंत्री द्वारा बयान देने की मांग कर रहे थे। सत्ता पक्ष ने प्रधानमंत्री की जगह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से बयान दिलाने की बात कही, जिसके लिए विपक्ष तैयार नहीं हुआ। अविश्वास प्रस्ताव लाने वाले कांग्रेस पार्टी के सांसद गौरव गोगोई कहते हैं, देखिये, ये हार जीत का सवाल नहीं है। यह विपक्ष का संवैधानिक दायित्व है। ये इंसाफ की लड़ाई है। विपक्षी दलों का गठबंधन इंडिया चाहता है लोकतंत्र जीवित रहे। दरअसल, मणिपुर को लेकर अविश्वास प्रस्ताव की स्क्रिप्ट कई दिनों से लिखी जा रही थी। सत्ताधारी पार्टी यह बात जानती थी कि विपक्ष, सदन में प्रधानमंत्री से बयान दिलवाने की जिद से पीछे नहीं हटेगा। मंगलवार को प्रधानमंत्री मोदी ने भाजपा संसदीय बोर्ड की बैठक में मणिपुर को लेकर बहुत कुछ क्लीयर कर दिया था। उसमें भाजपा सांसदों को यह संदेश दिया गया था कि वे मणिपुर हिंसा पर विपक्ष को करारा जवाब दें। उसी बैठक में पीएम की तरफ से ऐसा इशारा भी हुआ था कि जल्द ही विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव को मंजूरी मिल सकती है। भाजपा सांसदों से कहा गया कि अपने अपने क्षेत्रों में लोगों को मणिपुर का सच बताएं। बैठक में मौजूद हरियाणा के एक सांसद का कहना था। अविश्वास प्रस्ताव से भाजपा को डरने की कोई जरूरत नहीं है। पहलवानी में कई तरह के दांव होते हैं। उसमें से एक ईरानी दांव भी होता है, जिसमें बड़े कद काठी वाले पहलवान को फायदा मिलता है। वजह, बड़े कद वाला पहलवान, हल्के पहलवान को आसानी से उठा सकता है। अगर सामने वाले पहलवान का वजन भी कुछ कम है, तो उसे उठाकर पीठ के बल पटका जा सकता है। इससे बड़े कद वाला पहलवान जीत जाता है। पीएम मोदी के साथ भी कुछ वैसा ही है। अविश्वास प्रस्ताव पर हार से विपक्ष के दो मकसद पूरे होंगे। एक तो इंडिया की एकता का टेस्ट होगा और दूसरा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मणिपुर हिंसा पर बोलने के लिए बाध्य करने के बाद लोगों को बताया जाएगा कि ये विपक्षी दलों की जीत है। अविश्वास प्रस्ताव की चर्चा में पीएम मोदी भाग लेते हैं तो इसे विपक्षी खेमा अपने लिए एक मजबूत कदम के तौर पर देख रहा है। दूसरा, विपक्षी दलों को यह शिकायत रही है कि उन्हें सदन में बोलने का पर्याप्त समय नहीं मिलता।

]]>
अडाणी समूह के मुद्दे पर विपक्ष का लोकसभा में हंगामा, कार्यवाही दो बजे तक स्थगित https://samacharpacheesa.com/?p=6103 Mon, 06 Feb 2023 06:39:28 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=6103 नयी दिल्ली। लोकसभा में कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों के सदस्यों ने सोमवार को अडाणी समूह से जुड़े मामले पर चर्चा कराने और संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के गठन की मांग करते हुए नारेबाजी की जिस वजह से सदन की कार्यवाही आरंभ होने के करीब पांच मिनट बाद अपराह्न दो बजे तक स्थगित कर दी गई। सदन की कार्यवाही आरंभ होने पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भूटान के संसदीय प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया और उसके भारत दौरे के लिए शुभकामनाएं दीं। भूटानी शिष्टमंडल के सदस्य सदन की विशेष दीर्घा में बैठे थे। इसके बाद उन्होंने जैसे ही प्रश्नकाल शुरू कराया तो विपक्षी सदस्य नारेबाजी करने लगे। उन्होंने ‘वी वांट जेपीसी’ (हम चाहते हैं जेपीसी) के नारे लगाए।
बिरला ने श्रम मंत्रालय से संबंधित पूरक प्रश्न के लिए कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर का नाम पुकारा, हालांकि विपक्षी सदस्यों की नारेबाजी जारी रही। लोकसभा अध्यक्ष ने विपक्षी सदस्यों से नारेबाजी बंद करने और सदन चलने देने की अपील की। उन्होंने कहा, ‘‘आज मजूदरों से जुड़ा प्रश्न है…यह सदन की दिशा तय करता है। आपको किसी विषय पर चर्चा करनी है तो बातचीत करें। आप बिना बातचीत के, केवल नियोजित तरीके से सदन को स्थगित कराएं, यह उचित नहीं है। आप मेरे कक्ष में आएं, बातचीत करें, किसी भी विषय पर चर्चा के लिए पर्याप्त समय दूंगा।’’ बिरला ने कहा, ‘‘नारेबाजी करना जनता के हित में नहीं है।
जनता ने आपको चुनकर भेजा है। मजदूरों से जुड़ा सवाल उठाने दीजिए। आपने (कांग्रेस) लंबे समय तकराज किया है। आप इतनी पुरानी पार्टी हैं, यह व्यवहार उचित नहीं है।’’ हंगामा नहीं थमने पर लोकसभा अध्यक्ष ने करीब 11 बजकर पांच मिनट पर सदन की कार्यवाही अपराह्न दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी। इसी विषय पर गत सप्ताह भी विपक्षी सदस्यों ने अदाणी समूह पर हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट और शेयर बाजार में उससे जुड़े घटनाक्रम के मुद्दे पर जांच के लिए जेपीसी गठित करने तथा इस मुद्दे पर संसद में चर्चा कराए जाने की मांग को लेकर हंगामा किया था जिस कारण सदन की कार्यवाही बाधित हुई थी।

]]>
जी20 की अध्यक्षता के दौरान भारत ‘ग्लोबल साउथ’ की चिंताओं को रखेगा : जयशंकर https://samacharpacheesa.com/?p=6067 Fri, 03 Feb 2023 09:01:54 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=6067 नयी दिल्ली। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शुक्रवार को लोकसभा को बताया कि जी20 समूह की अध्यक्षता के दौरान यह उम्मीद की जाती है कि भारत ‘ग्लोबल साउथ’ की चिंताओं को सामने रखेगा और समकालीन अंतरराष्ट्रीय राजनीति में ध्रुवीकरण के मुद्दे पर आम-सहमति बनाने में सहयोग करेगा। लोकसभा में टी आर बालू के प्रश्न के लिखित उत्तर में विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि जी20 समूह की भारत की अध्यक्षता के दौरान देशभर में 50 से अधिक शहरों में लगभग 200 बैठकें आयोजित होंगी। उन्होंने कहा कि इसमें 30 विभिन्न कार्यसमूह वार्ता सत्र आयोजित करेंगे जिनमें शेरपा ट्रैक कार्य समूह, फाइनांस ट्रैक कार्य समूह, और सहभागिता समूह के सत्र समेत मंत्रालयी बैठकें शामिल हैं।
जयशंकर ने बताया, ‘‘जी20 समूह के नेताओं के शिखर सम्मेलन का आयोजन 9-10 सितंबर, 2023 को नई दिल्ली में करना निर्धारित किया गया है।’’ उन्होंने कहा कि सरकार का मानना है कि जी20 की अध्यक्षता भारत की उपलब्धियों, क्षमताओं और विविधता को प्रदर्शित करने का एक विशेष अवसर है। विदेश मंत्री ने कहा कि इस गौरवपूर्ण अवसर को एक राष्ट्रीय अवसर के रूप में मनाया जा रहा है, स्वाभाविक रूप से इन्हें विभिन्न राज्य सरकारों के परामर्श से आयोजित किया जा रहा है और विभिन्न राजनीतिक दलों को भी तैयारी की प्रक्रिया से जोड़ा गया है। जयशंकर ने कहा, ‘‘यह समग्र प्रयास सहकारी संघवाद के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।’’
उन्होंने कहा कि हमारी जी20 समूह की अध्यक्षता के दौरान उच्च प्राथमिकता वाले क्षेत्रों से संबंधित महत्वपूर्ण विचार विमर्श में, समावेशी और अनुकूल विकास, टिकाऊ विकास लक्ष्य (एसडीजी) संबंधी प्रगति, हरित विकास एवं पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली (मिशन लाइफ), प्रौद्योगिकी परिवर्तन और सार्वजनिक डिजिटल आधारभूत ढांचा, बहुपक्षीय संस्थानों में सुधार, महिलाओं के नेतृत्व में विकास एवं अंतरराष्ट्रीय शांति और सद्भाव शामिल हैं। विदेश मंत्री ने कहा कि जी20 की हमारी अध्यक्षता के दौरान होने वाले विचार-विमर्श के फलस्वरूप इन क्षेत्रों से संबंधित परिणाम सामने आयेंगे।

]]>
समय से पहले ही खत्म हुआ संसद का शीतकालीन सत्र https://samacharpacheesa.com/?p=5400 Fri, 23 Dec 2022 07:34:36 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=5400 नईदिल्ली। संसद का शीतकालीन सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गया है। हालांकि, संसद का शीतकालीन सत्र पहले 29 दिसंबर तक प्रस्तावित था। लेकिन आज 23 दिसंबर शुक्रवार को ही संसद का शीतकालीन सत्र स्थगित कर दिया गया। दोनों सदनों में इस शीतकालीन सत्र के दौरान कई बड़े काम हुए हैं। हालांकि, हो-हल्ला की भी स्थिति उत्पन्न हुई थी। लोकसभा की बात करें तो इसकी कार्य उत्पादकता लगभग 97% रही। लोकसभा की 13 बैठकों में 68 घंटे 42 मिनट तक कामकाज हुआ है। वहीं, राज्यसभा में 102% कामकाज हुआ। अपने संबोधन में राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने कहा कि संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान उच्च सदन में 63 घंटे 20 मिनट का कामकाज निर्धारित हुआ था जबकि यह 64 घंटे 50 मिनट तक चला है। दोनों ही सदनों में महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा की गई और कई को पारित किया गया।
हालांकि, संसद के शीतकालीन सत्र में चीन के मुद्दे को लेकर विपक्ष जबरदस्त तरीके से सरकार पर हमलावर रहा। तवांग में 9 दिसंबर को चीन के साथ हुई थी। झड़प को लेकर विपक्ष लगातार चर्चा की मांग कर रहा था। हालांकि, चर्चा नहीं हो सकी। दूसरी ओर संसद के दोनों सदनों में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चीन के मुद्दे पर साफ तौर पर कहा था कि चीनी सेना एलएसी पर एकतरफा स्थिति को बदलने की कोशिश कर रही थी। भारतीय सेना ने उन्हें खदेड़ भेजा। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने निचले सदन में कहा कि 17वीं लोकसभा का 10वां सत्र समाप्त हो रहा है। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि सत्र में नव निर्वाचित सदस्य के रूप में समाजवादी पार्टी की डिंपल यादव ने शपथ ली।
इस दौरान लोकसभा ने वित्त वर्ष 2022-23 के लिए 3.25 लाख करोड़ रुपये की अनुदान की अनुपूरक मांगों और 2019-20 के लिए अनुदान की अतिरिक्त मांगों को मंजूरी दी। इस पर 10 घंटे 53 मिनट चर्चा हुई। सत्र के दौरान 9 सरकारी विधेयक पेश किये गए और सात विधेयक को सदन ने पारित किया। इसके अलावा, सदस्यों ने शून्यकाल के दौरान लोक महत्व के 374 विषय उठाये। साथ ही नियम 377 के तहत सदस्यों ने 298 मुद्दे उठाये। सत्र में स्थायी समितियों के 36 प्रतिवेदन रखे गए और मंत्रियों ने महत्वपूर्ण विषयों पर 23 वक्तव्य रखे। अध्यक्ष ने कहा कि शीतकालीन सत्र के दौरान 56 तारांकित प्रश्नों के उत्तर दिये गए। लोकसभा में तमिलनाडु की दो जनजातियों को अनुसूचित जनजाति (एसटी) सूची में डालने के प्रावधान वाले ‘संविधान (अनुसूचित जनजातियां) आदेश (दूसरा संशोधन) विधेयक, 2022’ को मंजूरी दी गई। इसमें तमिलनाडु की नारीकोरवन और कुरुविक्करन पहाड़ी जनजातियों को अनुसूचित जनजाति की सूची में शामिल करने का प्रावधान है। ‘संविधान (अनुसूचित जनजातियां) आदेश (तीसरा संशोधन) विधेयक, 2022’को भी सदन ने मंजूरी दे दी, जिसमें हिमाचल प्रदेश के हाटी समुदाय को अनुसूचित जनजाति (एसटी) की श्रेणी में शामिल करने का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा, सदन ने ‘संविधान (अनुसूचित जनजातियां) आदेश (पांचवां संशोधन) विधेयक, 2022’ को मंजूरी दी जिसमें छत्तीसगढ़ राज्य से संबंधित 12 समुदायों को जनजातीय सूची में शामिल करने का प्रावधान है। साथ ही,‘संविधान (अनुसूचित जनजातियां) आदेश (चौथा संशोधन) विधेयक, 2022’ को मंजूरी मिली जिसमें कर्नाटक की दो आदिवासी जातियों को अनुसूचित जनजाति (एसटी) की श्रेणी में लाने का प्रावधान है। निचले सदन ने समुद्री मार्ग पर जहाजों को लूटने वाले दस्युओं पर शिकंजा कसने और महासागरों के माध्यम से व्यापार को प्रभावी एवं सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से प्रस्तुत ‘समुद्री जलदस्युता रोधी विधेयक 2022’ को भी मंजूरी दी।
राज्यसभा के कामकाज
सदन में कई महत्वपूर्ण विधेयकों को चर्चा कर पारित किया गया और कई जरूरी मामलों पर सदन में चर्चा हुई। सत्र के दौरान धनखड़ ने बतौर सभापति पहली बार सदन की कार्यवाही का संचालन किया। राज्यसभा में तमिलनाडु तथा कुछ अन्य राज्यों की विभिन्न जातियों को अनुसूचित जनजाति में डालने संबंधी विधेयकों, समुद्री मार्ग पर जहाजों को लूटने वाले दस्युओं पर शिकंजा कसने और महासागरों के माध्यम से व्यापार को प्रभावी एवं सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से प्रस्तुत ‘समुद्री जलदस्युता रोधी विधेयक 2022’ को भी मंजूरी दी गई। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर में भारत और चीन के सैनिकों के बीच झड़प के मुद्दे पर तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री मनसुख मांडविया ने कोविड महामारी के संबंध में बयान दिया। सत्र के दौरान उच्च सदन ने वर्तमान वित्त वर्ष के लिए अनुदान की अनुपूरक मांगों को चर्चा कर लोकसभा को लौटा दिया। लोकसभा इन्हें पहले ही पारित कर चुकी थी।

]]>
लोकसभा में विपक्षी दलों ने प्रश्नकाल में सदन से वॉकआउट किया https://samacharpacheesa.com/?p=5217 Wed, 14 Dec 2022 08:32:19 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=5217 नयी दिल्ली। लोकसभा में बुधवार को कांग्रेस, द्रमुक सहित कुछ विपक्षी दलों के सदस्यों ने प्रश्नकाल के दौरान कई मुद्दे उठाने का प्रयास किया और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से इसकी अनुमति नहीं मिलने पर सदन से वॉकआउट किया। आज सुबह सदन की कार्यवाही शुरू होने पर कांग्रेस के अधीर रंजन चौधरी और द्रमुक के टी आर बालू को कुछ मुद्दों को उठाने का प्रयास करते देखा गया। हालांकि शोर-शराबे में उनकी आवाज नहीं सुनी जा सकी। एक सदस्य को ‘जस्टिस फॉर स्टेन स्वामी’ लिखी तख्ती प्रदर्शित करते देखा गया। इस पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा, ‘‘ प्रश्नकाल सभी सदस्यों का है। क्या विपक्ष प्रश्नकाल नहीं चलने देना चाहता है। प्रश्नकाल में रोज हंगामा करना अच्छी बात नहीं है।’’
उन्होंने कहा कि सरकार से सवाल पूछना और जवाब लेना विपक्ष का अधिकार है। क्या अपने ही अधिकारों से विपक्ष वंचित होना चाहता है? सदन में कुछ सदस्यों के तख्तियां दिखाने पर बिरला ने कहा कि तख्तियां लाना छोड़ दें, यह ठीक नहीं है। लोकसभा अध्यक्ष ने द्रमुक सदस्य टी आर बालू से कहा कि वह सदस्यों को सभी महत्वपूर्ण मुद्दों पर बोलने का पूरा मौका देते हैं। इसके बाद कांग्रेस, द्रमुक, राकांपा और नेशनल कॉन्फ्रेंस के सदस्यों ने प्रश्नकाल के दौरान सदन से वॉकआउट किया। इनमें से कुछ सदस्य ‘नहीं चलेगा, नहीं चलेगा’ नारे लगा रहे थे। हालांकि, थोड़ी देर बाद कुछ विपक्षी सदस्य सदन में लौट आए।

]]>
कांग्रेस ने तवांग की झड़प पर लोकसभा में चर्चा की मांग की https://samacharpacheesa.com/?p=5211 Wed, 14 Dec 2022 08:22:44 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=5211 नयी दिल्ली। लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने अरुणाचल प्रदेश में भारत और चीन के सैनिकों के बीच झड़प के मुद्दे पर बुधवार को सदन में चर्चा की मांग की। उन्होंने शून्यकाल के दौरान इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि सदन में चर्चा होनी चाहिए। चौधरी ने कहा, ‘‘1962 में युद्ध के समय संसद में चर्चा हुई थी। तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू जी ने 165 सांसदों को बोलने का मौका दिया था। हम चाहते हैं कि (तवांग में झड़प पर) यहां चर्चा हो।’’ इसके बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि इस विषय पर कार्य मंत्रणा समिति (बीएसी) की बैठक में फैसला होगा।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को लोकसभा को बताया था कि चीन के सैनिकों ने नौ दिसंबर को तवांग सेक्टर में यांग्त्से क्षेत्र में यथास्थिति बदलने का एकतरफा प्रयास किया जिसका भारत के जवानों ने दृढ़ता से जवाब दिया और उन्हें लौटने के लिए मजबूर किया। रक्षा मंत्री ने यह भी सूचना दी थी कि इस झड़प में किसी भी सैनिक की मृत्यु नहीं हुई है और न ही कोई गंभीर रूप से घायल हुआ है। उन्होंने कहा था कि इस मुद्दे को चीनी पक्ष के साथ कूटनीतिक स्तर पर भी उठाया गया है और इस तरह की कार्रवाई के लिये मना किया गया है।
उल्लेखनीय है कि भारतीय सेना ने सोमवार को बताया था कि भारतीय और चीनी सैनिकों की तवांग सेक्टर में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के निकट एक स्थान पर नौ दिसंबर को झड़प हुई, जिसमें ‘‘दोनों पक्षों के कुछ जवान मामूली रूप से घायल हो गए।’’ पूर्वी लद्दाख में दोनों पक्षों के बीच 30 महीने से अधिक समय से जारी सीमा गतिरोध के बीच गत शुक्रवार को इस संवेदनशील सेक्टर (तवांग) में एलएसी पर यांग्त्से के पास झड़प हुई।

]]>