विकास – SAMACHARPACHEESA.COM https://samacharpacheesa.com Thu, 23 Mar 2023 06:09:28 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.3 वनवासी या आदिवासी विकास तो हो https://samacharpacheesa.com/?p=6618 Thu, 23 Mar 2023 06:09:28 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=6618 विधानसभा में जनजातीय विकास से जुड़े कुछ मामले चर्चा में आए। पहला विषय तेंदूपत्ता संग्राहकों को मिलने वाले लाभ से संबंधित था। भारतीय जनता पार्टी ने एक स्थगन प्रस्ताव प्रस्तुत किया, जिसमें वन क्षेत्रों में तेंदूपत्ता तोडऩे वाले श्रमिकों को समय पर मजदूरी नहीं मिलने का मुद्दा उठाया गया। इस मामले में यह भी जानकारी आई कि वर्तमान भूपेश सरकार ने तेंदूपत्ता तोड़ाई का पारिश्रमिक 2500 रुपए प्रति मानक बोरा से बढ़ाकर 4000 रुपए कर दिया है। लेकिन उससे तेंदूपत्ता तोडऩे वालों को जो लाभ मिलता था, वह कम हो गया है। विधानसभा में डॉ. रमन सिंह ने बताया कि 2017 में 17 लाख मानक बोरे तेंदूपत्ता का संग्रहण होता था और पारिश्रमिक व बोनस को मिलाकर 2017 में एक हजार 117 करोड़ रुपए का भुगतान हुआ, वहीं भूपेश सरकार ने वर्ष 2021 में 13 लाख मानक बोरा का संग्रहण किया और पारिश्रमिक व बोनस मिलाकर कुल 630 करोड़ रुपए का भुगतान किया। इस हिसाब से पारिश्रमिक बढ़ाने के बावजूद तेंदूपत्ता तोडऩे वालों को ज्यादा पैसा नहीं मिल रहा है। पिछले 4 वर्षों से प्रदेश की अर्थव्यवस्था की दूरी जनता के जेबों में अधिकाधिक पैसा डालने पर टिकी हुई है। भूपेश सरकार मानती है कि प्रति क्विंटल धान का पैसा राजीव गांधी न्याय योजना के तहत किसानों की जेब में जा रहा है, गोबर खरीदने का पैसा भी गांव के लोगों की जेब में जा रहा है, यह पैसा प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए लाभकारी है। दुनिया के एक बड़े अर्थशास्त्री थे कीन्स जिन्होंने लोगों के हाथों पैसा पहुंचाकर अर्थव्यवस्था बढ़ाने का सिद्धांत 1920 के दशक में दिया था। अब 2020 के दशक में यह सिद्धांत छत्तीसगढ़ में लागू हो रहा है। सवाल उठता है कि तेंदूपत्ता तोडऩे वालों की जेब में ज्यादा पैसा क्यों नहीं जा रहा है। विधानसभा में चर्चा के दौरान मंत्री कवासी लखमा ने इस बात पर आपत्ति की कि जनजातीय समुदाय के लिए वनवासी शब्द का प्रयोग किया जा रहा है। हालांकि विधायक धर्मजीत सिंह ने स्पष्ट किया कि सरकार ने अपने जवाब में भी वनवासी शब्द का उल्लेख कर रही है। यह विषय जनजातीय समाज के बीच में बहुत तेजी से चर्चा में है कि उनके लिए वनवासी शब्द का प्रयोग न किया जाए। यही प्रश्न संविधान सभा में भी चर्चा के दौरान उठा था और आखिर में यह तय हुआ कि अनुसूचित जनजातीय शब्द का प्रयोग किया जाएगा। तब से लेकर आज तक शब्द भले ही बदल गए हों, लेकिन वन क्षेत्रों में रहने वाले वनवासी हो या आदिवासी या जनजातीय इनकी आर्थिक स्थिति सुधर नहीं पाई है। शब्द बदल लेने से आर्थिक और सामाजिक स्थिति नहीं बदलती उस समाज को मुख्यधारा में जोडऩे के लिए संबंधित प्रयास की आवश्यकता है।

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सरकार हरित ऊर्जा के क्षेत्र में सतत विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध: मोदी https://samacharpacheesa.com/?p=6420 Thu, 23 Feb 2023 08:28:20 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=6420 नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बृहस्पतिवार को कहा कि सरकार हरित ऊर्जा के क्षेत्र में सतत विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मोदी केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री महेंद्र नाथ पांडे के एक ट्वीट का जवाब दे रहे थे, जिसमें उन्होंने कहा था कि फेम-2 योजना के तहत इलेक्ट्रिक वाहनों के जरिए 22.9 करोड़ लीटर ईंधन की बचत होने के साथ-साथ 33.9 करोड़ किलोग्राम कार्बन डाई ऑक्साइड में भी कमी आई है। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘हमारी सरकार हरित ऊर्जा के क्षेत्र में सतत विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।’’
प्रधानमंत्री मोदी आम बजट 2023-24 में की गई विभिन्न घोषणाओं पर विभिन्न पक्षों को वेबिनार के माध्यम से संबोधित करने वाले हैं। इसकी शुरुआत बृहस्पतिवार को हरित वृद्धि पर एक वेबिनार से हुई। हरित वृद्धि पर वेबिनार में छह सत्र होंगे, जिसमें हरित वृद्धि के ऊर्जा और गैर-ऊर्जा, दोनों घटकों को शामिल किया जाएगा।
हरित विकास केंद्रीय बजट 2023-24 की सात शीर्ष प्राथमिकताओं में से एक है, जिसका उद्देश्य देश के हरित औद्योगिक और आर्थिक बदलाव, पर्यावरण के अनुकूल कृषि और टिकाऊ ऊर्जा की शुरुआत करना है। प्रधानमंत्री बजट-पश्चात 12 वेबिनार को संबोधित करेंगे। इनका आयोजन 23 फरवरी से 11 मार्च के बीच किया जाएगा।

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मोदी के नेतृत्व में शांति के साथ विकास के रास्ते पर बढ़ रहा : अमित शाह https://samacharpacheesa.com/?p=6377 Tue, 21 Feb 2023 11:58:41 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=6377 कोहिमा।  नागालैंड विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा पूरी तैयारी में जुटी हुई है। नागालैंड में भाजपा अपना दमखम लगा रही है। इन सब के बीच केंद्रीय गृह मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता अमित शाह ने आज नागालैंड में एक चुनावी जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने साफ तौर पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नागालैंड शांति के साथ विकास के रास्ते पर बढ़ रहा है। अपने संबोधन में शाह ने कहा कि मैं आज यहां पर 2014 के पहले के नागालैंड की याद दिलाना चाहता हूं, गोलीबारी, बम धमाको से नागालैंड त्रस्त था। मोदी जी ने प्रधानमंत्री बनने के बाद शांति समझौता साइन करके नागा शांति वार्ता को आगे बढ़ाया। आज नागालैंड विकास की दिशा में आगे बढ़ा है।
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि चुनाव से पहले ईएनपीओ ने पूर्वी नगालैंड के लोगों की समस्याओं को उठाते हुए चुनावों के बहिष्कार का आह्वान किया था। हमने ईएनपीओ के साथ चर्चा की है और समझौता अपने अंतिम चरण में है। मैं वादा करता हूं कि चुनाव के बाद पूर्वी नगालैंड के सभी मुद्दे सुलझा लिए जाएंगे। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि नागालैंड की इस धरती पर आप सभी ने मेरा पारंपरिक तरीके से स्वागत किया, इसके लिए मैं आप सभी का धन्यवाद करता हूं। मैं आज नागालैंड के सभी लोगों से अपील करना चाहता हूं कि अपनी भाषा को महत्व दीजिए और बच्चों को अच्छे तरीके से सिखाइए। उन्होंने दावा किया कि पीएम मोदी ने पिछले 9 साल में क्षेत्र में शांति बहाल करने के लिए कई फैसले लिए हैं।
शाह ने कहा कि मोदी के फैसलों की वजह से हिंसक घटनाओं में 70% की कमी आई है, सुरक्षा कर्मियों के हताहत होने में 60% की कमी आई है, और क्षेत्र को सुरक्षित बनाने वाले नागरिक मौतों में 83% की कमी आई है। उन्होंने कहा कि हमने जनजातियों के लिए बजटीय आवंटन 2014 में 21,000 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2023 में 86,000 करोड़ रुपये कर दिया है। अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी का उपयोग करके हमने नागालैंड सहित 13 क्षेत्रों में फैली 100 से अधिक विकासात्मक परियोजनाओं को अंतिम रूप दिया है।

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मेघालय को समृद्ध करने का नहीं हुआ काम, भाजपा करेगी विकास : अमित शाह https://samacharpacheesa.com/?p=6324 Fri, 17 Feb 2023 10:24:38 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=6324 शिलांग। मेघालय चुनाव को लेकर प्रचार जारी है। मेघालय में भाजपा अपनी ताकत लगा रही है। आज राज्य में प्रचार के लिए गृह मंत्री अमित शाह पहुंचे थे। उन्होंने मेघायल मे मुख्यमंत्री पर निशाना साधा। शाह ने साफ तौर पर कहा कि पूर्वोत्तर का समृद्ध बनने के लिए मेघालय में सभी चीजें मौजूद हैं मगर यहां पर जो भी मुख्यमंत्री बना उसने मेघालय को समृद्ध करने के लिए काम नहीं किया। उन्होंने कहा कि गरीबों के लिए काम नहीं किया गया, उसने अपने परिवार के लिए काम किया। शाह ने आगे कहा कि असम में 8 साल से भाजपा की सरकार है और असम में देखिए कि कैसे विकास होता है। ऐसा ही विकास मेघालय में करना है तो भाजपा को वोट देकर क्करू मोदी के नेतृत्व में सरकार बनानी पड़ेगी।
अमित शाह ने कहा कि मेघालय में मैंने अब तक भाजपा की यह सबसे बड़ी रैली देखी है, और लोगों की ऊर्जा ने मुझे आश्वस्त किया है कि राज्य में भाजपा की भारी जीत होने जा रही है। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी ने मेघालय के हर घर में नल से जल कनेक्शन के लिए 24,000 करोड़ रुपये दिए। लेकिन उसके बाद भी घरों में जलापूर्ति नहीं की गई। यह पैसा सत्ता में बैठे लोगों ने राज्य से लूटा। उन्होंने कहा कि असम में भाजपा की सरकार है और वहां किसी भी गरीब को अपना इलाज कराने के लिए जेब से पैसा नहीं देना होता है। ‘आयुष्मान भारत योजना’ के तहत पांच लाख तक का इलाज मुफ्त में होता है। मेघालय में कमल के निशान पर वोट कीजिए भाजपा की सरकार बनाइए और पांच लाख रुपये तक का इलाज मुफ्त हो जाएगा।
भाजपा नेता ने कहा कि मोदी जी द्वारा गरीबों के लिए पक्के घर बनाने के लिए पैसे देने के बाद भी लोगों को घर नहीं दिया गया है। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि राज्य सरकार ने गरीबों के लिए घर बनाने के लिए रखे गए पैसों को लूट लिया। बीजेपी को वोट दो, 2025 से पहले हर गरीब को पक्का घर मिलेगा। उन्होंने दावा किया कि भाजपा ने जहां-जहां सरकार बनाई, सरकारी नौकरियों में भ्रष्टाचार समाप्त किया। लेकिन यहां पर मुकुल संगमा आते हैं तो अपने परिवार वालों को नौकरी दे देते हैं, कोनराड संगमा आते हैं तो अपने परिवार वालों और पहचान वालों को नौकरी देते हैं। अपना हमला जारी रखते हुए उन्होंने कहा कि अभी ये मुकुल संगमा अपना नाम बदल कर आ गए हैं। पहले कांग्रेस में थे अब टीएमसी में आ गए हैं। टीएमसी जब बंगाल और वहां के गरीबों की हालत ठीक नहीं कर पाई है तो मेघालय का भला कैसे करेगी?

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