सजा – SAMACHARPACHEESA.COM https://samacharpacheesa.com Fri, 28 Jul 2023 09:07:42 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.3 कोयला घोटाला मामले में पूर्व सांसद विजय दर्डा समेत तीन को मिली जमानत, चार साल की सुनाई जा चुकी है सजा https://samacharpacheesa.com/?p=7588 Fri, 28 Jul 2023 09:07:41 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=7588 दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने कोयला घोटाला मामले में पूर्व सांसद विजय दर्डा और उनके बेटे देवेंद्र दर्डा के अलावा व्यवसायी मनोज कुमार जायसवाल को अंतरिम जमानत दे दी है। इससे पहले उन्हें चार साल की जेल की सजा सुनाई गई थी। इससे पहले दिल्ली की विशेष अदालत ने छत्तीसगढ़ में कोयला खदानों के आवंटन में अनियमितता के मामले में पूर्व सांसद विजय दर्डा उनके बेटे देवेंद्र दर्डा और यवतमाल एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक मनोज कुमार जायसवाल को भी चार साल कैद की सजा सुनाई गई थी। इसी मामले में अदालत ने पूर्व कोयला सचिव एचसी गुप्ता, दो वरिष्ठ लोक सेवकों केएस क्रोफा और केसी सामरिया को तीन साल जेल की सजा सुना चुकी है।

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राहुल गांधी को सजा अदालत ने सुनाई है https://samacharpacheesa.com/?p=6634 Sat, 25 Mar 2023 05:50:37 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=6634 राहुल गांधी को दोषी मानते हुए उनके संसद में सदस्यता खत्म कर दी गई है। क्या आपने कभी देखा है कि अदालत अगर किसी व्यक्ति को किसी मामले में दोषी पाते हुए उसे सजा सुना दे तो दोषी व्यक्ति या उसका समुदाय सड़कों पर हंगामा करने लगे, क्या आपने कभी देखा है कि यदि कोई जाँच एजेंसी या पुलिस किसी व्यक्ति को पूछताछ के लिए बुलाये या जाँच एजेंसी किसी के पास पूछताछ के लिए जाये तो वह व्यक्ति या उसका परिवार सड़क पर हंगामा करने लगता है? नहीं ना। जब देश का आम व्यक्ति कानून का पालन करता है। नोटिस मिलने पर जांच एजेंसी के समक्ष हाजिर होता है। सजा सुनाये जाने पर जेल जाता है या उस फैसले को चुनौती देता है तो वीआईपी व्यक्ति ऐसा क्यों नहीं करता? देश में दशकों तक राज करने वाले गांधी परिवार के राजनीतिक वारिस राहुल गांधी को आपराधिक मानहानि के मामले में अदालत ने सजा सुनाई तो कांग्रेस देशभर में सड़कों पर हंगामा कर रही है। कांग्रेस को समझ क्यों नहीं आ रहा है कि सजा मोदी सरकार ने नहीं सूरत की एक कोर्ट ने सुनाई है। यही नहीं, जब नेशनल हेराल्ड मामले में सोनिया गांधी और राहुल गांधी को पटियाला हाउस कोर्ट जाना पड़ा था तब भी कांग्रेस ने ड्रामा कर पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह समेत पार्टी के आला नेताओं का सड़कों पर मार्च करा दिया था। सोनिया गांधी और राहुल गांधी को ईडी ने पूछताछ के लिए बुलाया तो कांग्रेसियों ने सड़कों पर जमकर हंगामा काटा। आज जिस तरह से कांग्रेस और कुछ अन्य विपक्षी दलों के नेता मार्च निकालते हुए विजय चौक तक पहुँचे और राष्ट्रपति से मुलाकात तथा आगामी विरोध प्रदर्शन कार्यक्रमों का ऐलान करते हुए मोदी सरकार को कोसा उससे सवाल उठता है कि क्यों कांग्रेस के नेता राहुल गांधी को देश के कानून से ऊपर मानते हैं। जब दो साल की सजा सुनाये जाने पर कई अन्य सांसदों और विधायकों को संबंधित सदनों की सदस्यता गंवानी पड़ी तो राहुल गांधी को क्यों छूट मिलनी चाहिए? दूसरी ओर, मोदी उपनाम के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी मामले में राहुल गांधी को अदालत ने सजा सुनाई तो कांग्रेस ने कह दिया कि हमें पहले से पता था यही होगा। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया है कि राहुल गांधी की आवाज दबाने की साजिश हो रही है। क्या कांग्रेस को पता नहीं है कि अदालतों में साजिश नहीं होती बल्कि सुबूतों के आधार पर फैसला सुनाया जाता है। अभी दो दिन पहले कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा था कि सुप्रीम कोर्ट ने अडाणी मामले में जो जांच कमेटी बनाई है वह क्लीन चिट कमेटी है। क्या कांग्रेस को सुप्रीम कोर्ट पर भी विश्वास नहीं है? कांग्रेस नेता जिस तरह भारत के लोकतंत्र, भारत की संसद, जांच एजेंसियों, न्यायपालिका, संवैधानिक संस्थानों और मीडिया पर सवाल उठा कर उन्हें संदेह के घेरे में लाना चाह रहे हैं वह गांधी परिवार की सत्ता लोलुपता को दर्शाता है। लोकसभा चुनाव महज एक साल दूर है इसलिए विपक्ष की बेसब्री बढ़ती जा रही है। कुछ विदेशी एजेंसियों की भारत विरोधी रिपोर्टों को हवा देकर भारत में भुखमरी या हालात खराब होने की बात को प्रचारित किया जा रहा है, विदेशी मीडिया में भारत विरोधी खबरें छपवाई जा रही हैं, विदेशी मंचों पर भारत विरोधी बातें की जा रही हैं।यही नहीं, अब तो विपक्ष एक बार फिर ईवीएम के खिलाफ आवाज बुलंद करने जा रहा है। इस क्रम में शरद पवार के घर पर विपक्ष की बैठक में आगे की रणनीति बनी। देखा जाये तो देश में एक चलन-सा बनता जा रहा है कि चुनाव हार जाओ तो ईवीएम पर ठीकरा फोड़ दो जबकि जो भी दल ईवीएम पर सवाल उठाते हैं वह ईवीएम के जरिये ही चुनाव जीतते रहे हैं। विपक्ष को चाहिए कि अपनी नाकामियों के लिए वह देश के तंत्र को दोषी ठहराने की बजाय अपनी कमियों को ईमानदारी से ढूँढ़े और आगे बढ़े। कांग्रेस समेत समूचे विपक्ष को यह भी समझना होगा कि सत्ता के लिए शॉर्टकट रास्ता सफलता नहीं दिलायेगा बल्कि सत्ता से और दूर ले जायेगा।

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रामगढ़ की कांग्रेस विधायक ममता देवी को अब कल सुनायी जा सकती है सजा https://samacharpacheesa.com/?p=5164 Mon, 12 Dec 2022 08:11:26 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=5164 रांची। झारखंड  के रामगढ़ जिला की कांग्रेस विधायक ममता देवी  की सजा पर सोमवार को सुनवाई टल गयी है. एक वकील के निधन की वजह से हजारीबाग व्यवहार न्यायालय स्थित एमपी-एमएलए कोर्ट  में सोमवार को सुनवाई नहीं हुई. फलस्वरूप रामगढ़ की कांग्रेस विधायक ममता देवी की सजा का ऐलान भी नहीं हो सका. अब मंगलवार यानी 13 दिसंबर को ममता देवी समेत 13 लोगों को सजा सुनायी जा सकती है.
8 दिसंबर को एमपी-एमएलए कोर्ट हजारीबाग ने दिया था दोषी करार
मामला रामगढ़ जिला के गोला स्थित इनलैंड पावर लिमिटेड (आईपीएल) में 29 अगस्त 2016 को विरोध-प्रदर्शन के दौरान पुलिस की गोली से दो लोगों की मौत से जुड़ा है. रजरप्पा के तत्कालीन बीडीओ ने ममता देवी समेत अन्य लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करवायी थी. 8 दिसंबर को एमपी-एमएलए कोर्ट ने ममता देवी समेत 13 लोगों को दोषी करार दिया था. 12 दिसंबर को सजा का ऐलान होना था, लेकिन सुनवाई टल गयी है.
आईपीएल गोलीकांड: क्या है पूरा मामला
दरअसल, झारखंड की राजधानी रांची से सटे रामगढ़ जिला के गोला प्रखंड में एक फैक्ट्री है. इनलैंड पावर लिमिटेड. लोग इसे आईपीएल के नाम से जानते हैं. रामगढ़ की तत्कालीन जिला परिषद सदस्य ममता देवी ने इस फैक्ट्री में मजदूरों के शोषण के खिलाफ आंदोलन की अगुवाई की थी. सैकड़ों लोगों ने आईपीएल के गेट को जाम कर दिया था. आंदोलन कर रहे लोग उग्र हो गये और उन्होंने पथराव शुरू कर दिया. लोगों को शांत करने के लिए पुलिस को गोली चलानी पड़ी. 47 राउंड फायरिंग के बाद स्थिति नियंत्रित हुई. फायरिंग में दो आंदोलनकारियों की मौत हो गयी. पुलिस ने ममता देवी के साथ-साथ राजीव जायसवाल को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था.
ममता समेत 13 आरोपी हैं हजारीबाग सेंट्रल जेल में बंद
ज्ञात हो कि 8 दिसंबर को इस मामले में एमपी-एमएलए कोर्ट में सुनवाई हुई. कोर्ट ने ममता देवी समेत 13 लोगों को दोषी करार दिया और सभी को उसी दिन जेल भेज दिया. सुनवाई के दौरान कोर्ट में 47 लोगों की गवाही हुई. इस वक्त ममता देवी और दोषी करार दिये गये अन्य 12 लोग हजारीबाग सेंट्रल जेल में बंद हैं.
इन लोगों को कोर्ट ने दिया है दोषी करार
कांग्रेस विधायक ममता देवी, भाजपा नेता राजीव जायसवाल, कुंवर महतो, दिलदार अंसारी, भावेश्वर भगत, यदु महतो, मनोज पुजहर, कालेश्वर महतो, लाल बहादुर महतो, वासुदेव प्रसाद, आदिल इनामी, अभिषेक कुमार सोनी और सुभाष महतो.

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