सत्ता पक्ष – SAMACHARPACHEESA.COM https://samacharpacheesa.com Sat, 31 Dec 2022 06:05:55 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.3 प्रदेश में बढ़ता अपराध https://samacharpacheesa.com/?p=5554 Sat, 31 Dec 2022 06:05:55 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=5554 जब भी विपक्ष सत्ता पक्ष पर प्रदेश में बढ़ते अपराध को लेकर आरोप लगाता है तो सत्ता पक्ष उसे नकारता है और पिछले वर्षों के आंकड़े दिखाकर अपराध कम होने के दावा करता है। आंकड़े अपनी जगह है लेकिन समाचार पत्रों और अन्य माध्यमों से जो समाचार मिलते है उससे आम आदमी जब भयभीत होने लगे तो समझ लेना चाहिए कि अपराध का ग्राफ बढ़ रहा है। एक परिपाटी है कि साल के अंत आते-आते सभी जिला केंद्रों पर पुलिस विभाग अपराधिक आंकड़े जारी करता है। राजधानी रायपुर में 1 जनवरी से 30 नवम्बर तक के आंकड़े जारी किए गए। इस अवधि में राजधानी में ही 70 हत्याएं हुई है याने हर पांचवें दिन एक हत्या प्रदेश में हो रही है। यह हत्याएं आवेश में आकर होने वाली घटनाएं नहीं है बल्कि योजनाबद्ध तरीके से लूटपाट करने के लिए की जाने वाली हत्याएं है। इसी के साथ एक दूसरा महत्वपूर्ण आंकड़ा है हत्या के प्रयास। हत्या के प्रयास के 115 घटनाएं 11 महीनों में हुई, जबकि लूट की 98 घटनाएं इसी दौरान घटी है। यह 3 ऐसे अपराध है जो आम जनता को भयभीत करते है। किसी राज्य में कल्याण और विकास से भी पहले नागरिकों को सुरक्षा सरकार की प्रमुख जिम्मेदारी है। इसे मौलिक अधिकार प्राप्त है। कानून बनाकर अपराध को नहीं रोका जा सकता है। अपराध को रोकने के दो ही तरीके हो सकते है- एक पुलिस की सतर्कता और उसकी कठोरता इतनी हो कि अपराध करने से पहले व्यक्ति बार-बार सोचे और दूसरा तरीका यह हो सकता है कि समाज में ऐसे कारणों का पता लगाकर समाधान किए जाएं जो अपराध के लिए प्रेरित करते है। हाल-फिलहाल जो हत्या, लूट की वारदातें हो रही है उसके पीछे आपसी रंजिश और बेरोजगारी मुख्य कारण हो सकते है। किसी निजी कंपनी के आंकड़े को आधार मानकर सरकार भले दावा करे कि प्रदेश में 0.1 प्रतिशत बेरोजगारी है लेकिन गांव से लेकर शहर तक गली चौराहों पर बेरोजगार युवकों की भीड़ नजर आती है। पढ़े-लिखे युवा जब व्हाट्एप और फेसबुक पर दूसरों की प्रगति देखते है तो उन्हें मानसिक पीड़ा होती है। धीरे-धीरे उनके मन में समाज और व्यवस्था के प्रति आक्रोश पनपता है। भारत के पास युवाओं की फौज है, इनकी ऊर्जा को देश और समाज के लिए उपयोगी बनाई जाए तो यह वर्ग चमत्कार कर सकता है। जो योग्य है वे अपने बलबूते अपना लक्ष्य हासिल कर लेते है। समाज और व्यवस्था को उन पर विशेष ध्यान देना चाहिए जिनमें शिक्षा और कौशल का अभाव है। यही वर्ग अपराध की ओर कदम बढ़ाता है।

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प्रधानमंत्री मोदी की मां के निधन पर सत्ता पक्ष, विपक्ष के नेताओं ने जताया शोक https://samacharpacheesa.com/?p=5538 Fri, 30 Dec 2022 08:05:50 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=5538 लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां हीराबेन मोदी के निधन पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, भारतीय जनता पार्टी के तथा विपक्षी दलों के विभिन्न नेताओं ने शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री के दुख के साथ स्वयं को संबद्ध करते हुए शुक्रवार को एक ट्वीट में कहा एक पुत्र के लिए माँ पूरी दुनिया होती है। माँ का निधन पुत्र के लिए असहनीय और अपूरणीय क्षति होती है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पूज्य माता जी का निधन अत्यंत दुःखद है। प्रभु श्री राम दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्री चरणों में स्थान प्रदान करें। ॐ शांति!
समाजवादी पार्टी (सपा) ने भी अपने आधिकारिक हैंडल से ट्वीट कर प्रधानमंत्री की माता के निधन पर दुख व्यक्त किया है। ट्वीट में कहा गया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की माताजी श्रीमती हीराबेन मोदी जी का देहावसान, अत्यंत दुखद! ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दें। शोक संतप्त परिवार के प्रति गहन संवेदना। भावभीनी श्रद्धांजलि! बहुजन समाजवादी पार्टी की मुखिया मायावती ने ट्वीट के माध्यम से प्रधानमंत्री मोदी की माता के निधन पर संवेदना प्रकट की। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की माता जी श्रीमती हीराबेन के निधन की खबर अति-दुःखद। उनके पूरे परिवार के प्रति मेरी गहरी संवेदना। कुदरत उन्हें एवं उनके सभी चाहने वालों को इस दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करे।
कांग्रेस महासचिव और पार्टी की उत्तर प्रदेश प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी ट्वीट किया। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की माता जी के निधन का दुखद समाचार मिला। ईश्वर दिवंगत पुण्यात्मा को श्रीचरणों में स्थान दें एवं मोदी जी और उनके परिवार के समस्त सदस्यों को पीड़ा के इन क्षणों में साहस दें। ॐ शांति! गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मां हीराबेन का शुक्रवार को तड़के अहमदाबाद के एक अस्पताल में निधन हो गया। वह 99 वर्ष की थीं। हीराबेन को स्वास्थ्य संबंधी कुछ परेशानियों के चलते बुधवार को सुबह अहमदाबाद के ‘यू एन मेहता इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी एंड रिसर्च सेंटर’ में भर्ती कराया गया था।
अस्पताल ने अपने बुलेटिन में बताया, ‘‘ हीराबेन मोदी का यू एन मेहता हार्ट हॉस्पिटल में इलाज के दौरान 30 दिसंबर 2012 को तड़के करीब साढ़े तीन बजे निधन हो गया। ’’ प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी मां को श्रद्धांजलि देते हुए कहा, ‘‘शानदार शताब्दी का ईश्वर चरणों में विराम… मां में मैंने हमेशा उस त्रिमूर्ति की अनुभूति की है, जिसमें एक तपस्वी की यात्रा, निष्काम कर्मयोगी का प्रतीक और मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध जीवन समाहित रहा है।

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