सीधा मुकाबला – SAMACHARPACHEESA.COM https://samacharpacheesa.com Mon, 19 Dec 2022 11:40:58 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.3 दिल्ली में भाजपा से सीधा मुकाबला करने की तैयारी में आम आदमी पार्टी https://samacharpacheesa.com/?p=5313 Mon, 19 Dec 2022 11:40:58 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=5313 नईदिल्ली। अरविंद केजरीवाल की पार्टी आम आदमी पार्टी अब 2024 के लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुट गई है। इसको लेकर पार्टी के नेता अपनी तैयारियों को अंतिम रूप दे रहे हैं। पार्टी सूत्रों ने बताया है कि आम आदमी पार्टी की राष्ट्रीय परिषद की बैठक के में 2024 चुनाव को लेकर नेताओं के समक्ष एक रणनीति पेश की गई है। इस रणनीति के तहत अब आम आदमी पार्टी के नेता राष्ट्रीय मुद्दों पर काफी आक्रमक रहेंगे और भाजपा पर सवाल खड़े करेंगे। दरअसल, आम आदमी पार्टी का मुख्य उद्देश्य 2024 में दिल्ली में भाजपा और आप के बीच मुकाबला बनाना है। आम आदमी पार्टी अब सीधे तौर पर भाजपा को चुनौती देने की कोशिश करेगी। ऐसे में कांग्रेस के लिए कहीं ना कहीं खतरे की स्थिति जरूर होगी। दिल्ली में 2019 के लोकसभा चुनाव को देखें तो त्रिकोणीय मुकाबला हुआ था। लेकिन इस बार आम आदमी पार्टी का जोर इसे भाजपा बनाम आप करने पर है और पार्टी की ओर से इसकी तैयारी शुरू हो चुकी है।
पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने यह भी बताया है कि आम आदमी पार्टी के दिल्ली के नेताओं की ओर से अब राष्ट्रीय मुद्दों को उठाया जाएगा। विशेष रूप से सुरक्षा, बेरोजगारी और विदेश नीति इसमें शामिल हैं। आम आदमी पार्टी के नेता इन मुद्दों पर मुखर रहेंगे और इसे राष्ट्रीय मुद्दा बनाने की कोशिश करेंगे। पार्टी भाजपा पर आक्रामक होकर यह दिखाने की कोशिश करेगी कि हम ही मुख्य विपक्षी दल है और फिर चुनाव आप बनाम भाजपा आसानी से हो सकता है। दिल्ली में आप बनाम भाजपा होने के साथ ही कांग्रेस मुकाबले से बाहर हो जाएगी और ऐसे में आम आदमी पार्टी को फायदा हो सकता है। आम आदमी पार्टी को इस बात की उम्मीद है कि दिल्ली में जो कांग्रेस का वोट है, वह उसकी तरफ शिफ्ट हो सकता है। बताया जा रहा है कि आम आदमी पार्टी की बैठक में देश की सुरक्षा, महंगाई को नियंत्रित करने और रोजगार नीति तैयार करने के प्रस्ताव को भी पारित किया गया है।
इसका मतलब साफ है कि आम आदमी पार्टी आने वाले दिनों में सुरक्षा, महंगाई और रोजगार को बड़ा मुद्दा बनाने जा रही है और इन्हीं मुद्दों पर केंद्र की मोदी सरकार को घेरेगी। लोकसभा चुनाव की बात करें तो 2014 और 2019 में भाजपा ने दिल्ली के सभी सातों सीटों पर अपना कब्जा जमाया था। भाजपा के पक्ष में लगभग 56% से ज्यादा वोट पड़े जबकि कांग्रेस दूसरे स्थान पर 22.5% वोट के साथ रही। वहीं, विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी के पक्ष में 50% से ज्यादा वोट हो जाते हैं। यही कारण है कि आम आदमी पार्टी अब लोकसभा चुनाव को लेकर भी अपनी रणनीति बनाने लगी है। इसके अलावा आम आदमी पार्टी की नजर हिंदी भाषी क्षेत्रों में भी है। माना जा रहा है कि आम आदमी पार्टी दिल्ली के अलावा कुछ और राज्यों में चुनाव लड़ सकती है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पार्टी के नेताओं को अन्य राज्यों में भी दिल्ली मॉडल के लिए पिच तैयार करने को कहा है ताकि वहां चुनाव प्रचार के दौरान जिक्र किया जा सके।

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