सोशल मीडिया – SAMACHARPACHEESA.COM https://samacharpacheesa.com Mon, 24 Jul 2023 09:20:26 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.3 कांग्रेस नेताओं पर लगा फर्जी खबर के जरिए छवि खराब करने का आरोप, आदिवासी समाज ने की कार्रवाई की मांग https://samacharpacheesa.com/?p=7509 Mon, 24 Jul 2023 09:20:25 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=7509 कांकेर। कांग्रेस के इंटक नेताओं पर सोशल मीडिया के माध्यम से कृषि विभाग के दो आदिवासी अधिकारियों पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाकर छवि खराब करने का आरोप लगा है। इससे समाज के नाराज आदिवासी संगठन सर्व आदिवासी समाज के पदाधिकारियों ने पुलिस अधीक्षक व अजाक्स थाने में कार्रवाई करने की मांग को लेकर आवेदन दिया है। वहीं, कार्रवाई नहीं किए जाने पर उग्र आंदोलन की बात कही है।
आदिवासी समाज के पदाधिकरी प्रकाश भंडारी ने कहा कि कृषि विभाग के उपसंचालक नरेन्द्र कुमार नागेश व कृषि विभाग में पदस्थ सहायक भूमि संरक्षण अधिकारी सरजूराम शोरी पर भ्रष्टाचार करने संबंधी भ्रामक खबर सोशल मीडिया में 20 जुलाई को वायरल किया गया था, जिसमें इंटक नेता तबरेज खान व गणेश तिवारी के द्वारा खबर को सोशल मीडिया में एक दैनिक अखबार के हवाले से फर्जी तरीके से वायरल समाचार पत्र में प्रकाशित किया गया है, वो समाचार पत्र कांकेर में वितरित नहीं होता है।
समाचार पत्र की विश्वसनीयता की भी जांच करने की मांग की गई है। सर्व समाज व आदिवासी समाज द्वारा दिए गए ज्ञापन में कहा गया है कि गणेश तिवारी हमेशा आदिवासी समाज के अधिकारियों पर झूठा आरोप लगा उन्हें मानसिक रूप से प्रताडि़त कर ब्लैकमेल करता है, ऐसे अपराधिक प्रवृति के लोगों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
पीडि़त अधिकारी सरजू राम शोरी ने कहा है कि दोनो इंटक नेता सोशल मीडिया में भ्रष्टाचार का आरोप लगाकर दुष्प्रचार करते रहते है, जिस समाचार पत्र की प्रेस विज्ञप्ति प्रकाशन बताया जाता है, वो पूरी तरह से फर्जी है, उसकी भी जांच किया जाए।

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प्रदेश में फेक न्यूज फैलाया तो खैर नहीं, कड़ी नजर रखेगी पुलिस https://samacharpacheesa.com/?p=7468 Fri, 21 Jul 2023 08:41:02 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=7468  रायपुर। कुछ ना कुछ ऐसी बातें सोशल मीडिया पर वायरल होती रहती है। इसका सच्चाई से कोई वास्ता नहीं होता, बल्कि वो समाज में जहर घोलने का काम करती है। सोशल मीडिया में ऐसे दुष्प्रचार को लेकर अब छत्तीसगढ़ पुलिस सतर्क हो गई है। विधानसभा चुनाव की करीब है। ऐसे वक्त में सोशल मीडिया में हेट स्पीच, अफवाह, फेक न्यूज की बाढ़ आ जाती है। लिहाजा अब रायपुर के रेंज आईजी ने सभी पुलिस अधीक्षकों को पत्र जारी कर सोशल मीडिया पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं।
रायपुर आईजी अजय यादव ने सभी एसपी को निर्देश जारी कर कहा कि सोशल मीडिया में प्रचारित अफवाहों या आपत्तिजनक पोस्ट से कानून व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न होती है। शांति व्यवस्था को लेकर सोशल मीडिया पर मॉनिटरिंग भी जरूरी है। सभी जिलों में इसे लेकर सोशल मीडिया सेल का गठन किया गया है, जिसे और सशक्त बनाने के आईजी ने निर्देश दिए हैं।
आईजी ने कहा कि वैसे पोस्ट जिससे समाज में तनाव पैदा हो सकता है, आपत्तिजनक पोस्ट हो, समाज का माहौल खराब कर सकते हैं। ऐसे पोस्ट पर नजर रखें। ऐसे पोस्ट, अफवाह को प्रचारित होने वाले सामिग्री को रोकने के साथ-साथ इससे प्रचारित करने वालों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाए।

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जहरीले लोग! https://samacharpacheesa.com/?p=7188 Tue, 04 Jul 2023 06:52:40 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=7188 जहर केवल साँपों में नहीं होता। कुछ मनुष्यों के भीतर भी भरा होता है। मगर वे समझ नहीं पाते कि यह ज़हर है। पहले लोग अपनी कुंठा कहीं उगल नहीं पाते थे। लेकिन उनकी निराशा, हताशा, कुंठा को उगलने का एक माध्यम उपलब्ध हो गया है, जिसे वे फेसबुक कहते हैं। या सोशल मीडिया। कुछ के लिए फेसबुक मानवता को आगे बढ़ाने का माध्यम है। कोई धर्म, जाति, संप्रदाय कैसे मिलजुल कर रहे, इस की कोशिश में रचनात्मक टिप्पणियां करते रहते हैं, महापुरुषों के वचन भी कुछ लोग पोस्ट करते हैं। अनेक बन्धुओं की बातें सकारात्मक बोध से भरी होती हैं। लेकिन कुछ लोगों को टिप्पणियां हमेशा नकारात्मक नजर आती है। मैं समझ पाता कि उनमें इतनी नकारात्मक कैसे आ गई? क्या इसलिए कि जिस कार्यालय में वे काम कर रहे हैं, वहॉं काम का दबाव अधिक है, या उनका अधिकारी उनको हर वक्त फटकारता रहता है? या पत्नी से झगड़ा होता रहता है। जो भी, मगर जैसे ही वे फेसबुक खोलते हैं, दिन भर की सारी कुंठाएं यही उतार देते हैं। उनकी बातों से लगता है कि वे विश्व के महानतम क्रांतिकारी हैं। जबकि उनका जीवन हम देखते हैं, तो पता चलता है कि वे किसी बड़े भ्रांतिकारी से कम नहीं। बेहद डरपोक,कायर, बॉस के आगे दुम हिलाने वाले।
अगर आप कोई भली बात भी कह दी तोये क्रांति बनाम भ्रान्तिकारी आपका समर्थन नहीं करेंगे, उल्टे कुछ ऐसा कहेंगे, गोया आपने बहुत ही गंदी बात कह दी । मान लो आपने लिख दिया कि गौ मांस नहीं खाना चाहिए, गौ हत्या बुरी बात है। मांसाहार स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं, बस देखिए, आपकी कैसी फजीहत करेंगे। कुछ अच्छी टिप्पणियों से आपके विचार स्वागत होगा कि आपने बड़ी अच्छी बात कही। लेकिन कुछ खास पंथ के पथिक आप पर पिल पड़ेंगे। बहुत चलताऊ जुमला पेश करेंगे कि कोई क्या खाए, क्या पहने, इससे आपको क्या लेना देना। कोई कहेगा आप सांप्रदायिकता फैला रहे हैं। मैं समझ नहीं पाता कि मांसाहार से रोकने की बात करना कहा की सांप्रदायिकता है ।गाय तो विश्व की माता कही जाती है ।उसकी हत्या का विरोध करना कैसे हो गई सांप्रदायिकता? क्या गाय को काटना किसी संप्रदाय विशेष का धार्मिक अनुष्ठान है? अगर यह धार्मिक अनुष्ठान है, तो ऐसे धर्म के बारे में हमें सोचना चाहिए,जो हिंसा की वकालत करता है। मैं समझता हूं दुनिया का कोई भी धर्म कभी भी हिंसा की बात नहीं करेगा। वह हर मनुष्य के भीतर करुणा, सद्भाव, प्रेम, भाईचारे की भावना जगाने की ही बात करेगा। अगर किसी धर्म में अलगाववाद है, वह हिंसा के लिए प्रेरित करता है तो इससे बड़ा दुर्भाग्य और कुछ नहीं हो सकता। कभी आपने भूल से भी प्रधानमंत्री की तारीफ कर दी कि देखिए उनके कारण दुनिया में भारत का कितना नाम रोशन हो रहा है, कोई राष्ट्राध्यक्ष उनके पैर छू रहा है, कोई उनको बॉस कह रहा है तो लगी मिर्ची। पडऩे लगी गाली। जो दूसरी विचारधारा के हैं, चिढ़ जाएंगे और बोलेंगे, प्रधानमंत्री ने अँग्रेज़ी के एक शब्द का गलत उच्चारण किया था, या भीड़ प्रायोजित थी। ये दो उदाहरण दिए हैं। कुण्ठा ग्रस्त आदमी केवल गाली देगा। विरोध करते हुए बड़ी गंदी और कड़वी बातें कहेगा। लिखने में संकोच नहीं करेगा। ऐसे नकारात्मक बोध वाले बढ़ते जा रहे हैं। तब मुझे कहना पड़ता है ,
बात मोहब्बत की कुछ करते,
कुछ बस घृणा बढ़ाते हैं।
जिसके जीवन में जो है,
वो लोगों तक पहुँचाते हैं।

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